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भजनलाल सरकार सख्त, सरकारी विदेश यात्राओं पर रोक और पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध हटाने का निर्णय

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और खर्चों में कटौती को लेकर बड़ा फैसला लिया है. शनिवार को इस संबंध में वित्त विभाग ने एक विस्तृत आदेश जारी किया गया है. सरकार ने सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा, पेट्रोल-डीजल से चलने वाली सभी सरकारी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का फैसला लिया है. इसके अलावा मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अनावश्यक वाहनों के उपयोग कम करने की सलाह दी गई है.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है        राजस्थान सरकार के अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने और सीमित संख्या में वाहन रखने की सलाह दी गई है.       सरकार ने पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का भी निर्णय लिया है और संविदा पर लिए जाने वाले वाहनों में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.       इसके अलावा, एक ही गंतव्य पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है ताकि ईंधन की बचत हो सके और खर्चों में कमी आए.        सरकारी खर्चों में नियंत्रण के तहत सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया गया है. ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने कई पहल की हैं. वित्त विभाग के आदेश के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी.        साथ ही राजकीय कार्यालयों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे बिजली खर्च में कमी लाई जा सके.       कृषि क्षेत्र में भी सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं, जहां उर्वरकों के संतुलित और आवश्यकता अनुसार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत सस्टेनेबल, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की लागत भी कम हो सके. इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई बड़े प्रस्तावों पर मंजूरी दी, जिसमें पेंशन नियमों में बदलाव से लेकर नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 पर मुहर लगाना शामिल है. राजस्थान सरकार ने पेंशन नियमों (1996) में तीन बड़े बदलाव किए हैं. पेंशन को लेकर नए नियम के तहत दिव्यांग बच्चों को हर 3 साल में विकलांगता प्रमाण पत्र देने की बाध्यता खत्म कर दी गई है. अब केवल एक बार ही यह सर्टिफिकेट देना होगा. पेंशनर्स को अब मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से सालाना जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) देने की छूट होगी.

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत बड़ी पहल, जैसलमेर की आर्टिफिशियल झील का जल्द होगा उद्घाटन

जयपुर  भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान केरेगिस्तानी जिले जैसलमेर में कृत्रिम झील (आर्टिफिशियलझील) बनकर तैयार हुई है। इस झील को गड़ीसर झील भी कहा जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र के दो जिलों के करीब 50 लाख लोगोंएवं मवेशियां की प्यास बुझाने के लिए 242 करोड़ रूपए की लागत से बनकर तैयार हुई इस कृत्रिम झील का उद्धाटन जुलाई में होने की उम्मीद है। झील जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई है। रेगिस्तान की मिट्टी झील के पानी को सोंख नहीं ले,इसके लिए इसमें नीचे (बेस एरिया में) तीन सौ माइक्रोन कीविशेष प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। इस प्लास्टिक पर ढ़ाई फीट मिट्टी की परत बिछाई गई है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि यह एक सौ साल तक खराब नहीं होगी। करीब 28 किलोमीटर लंबी और 33 फीट गहरी झील में 141 करोड़ लीटर पानी का भराव हो सकेगा। कृत्रिम झील इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरी जाएगी। दरअसल, प्रतिवर्ष मानसून से पहले इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत के समय आम लोगों एवं मवेशियों को पानी को लेकर होने वाली परेशानी से बचाने के लिए यह नहर तैयार की गई है। इंदिरा गांधी नहर का पानी इस नहर में भरा जाएगा और फिर फिल्टर प्लांट से जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलोंके घरों में पहुंचाया जाएगा। इस कारण हुआ नहर का निर्माण जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिवर्ष मानसून से पहले एक माह के लिए इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत की जाती है,जिसे नहरबंदी कहा जाता है। इस दौरान नहर में पंजाब की तरफ से बहकर आने वाले पानी को रोक दिया जाता है। नहरबंदी के दौरान जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलों के लोगों को प्रतिवर्ष परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए इस झील का निर्माण हुआ है। नहरबंदी से पहले इंदिरा गांधी नहर से पानी कृत्रिम नहर में भरा जाएगा।जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया कि कृत्रिम नहर का निर्माण साल,2024 से शुरू हुआथा,अब बनकर तैयार हुई है। पंजाब से श्रीगंगानगर होते हुए आने वाली इंदिरा गांधी गांधी नहर से इस झील को जोड़ा गया है।उन्होंने बताया कि मानसून के दिनों में जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होती है तो इंदिरा गांधी नहर में क्षमता सेअधिक पानी आ जाता है। बारिश के दिनों में खेतों में भी पानी भर जाता है। ऐसे में किसानों को भी सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं रहती है। इस दौरान नहर के अतिरिक्त बहने वाले पानी को मोड़कर इसमें भरा जाएगा। इसके लिए एकस्क्रेप चैनल बनाया गया है।इसके दो गेट हैं,जिसमें एक गेट इंदिरा गांधी नहर से पानी आने के लिए और दूसरा झील में पानी डालने के लिए खोला जाएगा। इसलिए कहा जाता है कृत्रिम नहर इस झील को कृत्रिम झील इसलिए कहा जाता है,क्योंकि यह प्रकृति द्वारा नहीं बनाई गई,बल्कि यह मानव निर्मित है। उल्लेखनीय है कि 127 किलोमीटर लंबी इंदिरा गांधी नहर पंजाब के हरिके बैराज से शुरू होकर हरियाणा के उत्तर-पश्चिमी भाग से थोड़ी दूरी तक बहती है और पश्चिमी राजस्थान में सीमावर्ती गड़रा रोड़ के पास स्थित रेगिस्तान में समाप्त हो जाती है।  

राजस्थान पुलिस की चेतावनी: एक लापरवाही से हैक हो सकता है बैंकिंग डेटा और पर्सनल चैट

जयपुर आज के डिजिटल दौर में वॉट्सऐप (WhatsApp) हमारी जिंदगी का एक बेहद जरूरी हिस्सा बन चुका है. लेकिन इसी के साथ वॉट्सऐप पर डिजिटल फ्रॉड और हैकिंग का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने आम नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. हैकर्स उड़ा सकते हैं आपकी पर्सनल फोटो और बैंकिंग डेटा साइबर क्राइम ADG वी.के. सिंह ने शुक्रवार को बताया कि हमारी एक छोटी सी लापरवाही या अवेयरनेस की कमी का फायदा उठाकर हैकर्स पर्सनल चैट, प्राइवेट तस्वीरें, वीडियो और बैंक अकाउंट की खुफिया डिटेल्स चोरी कर सकते हैं. साइबर ठगों के इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने वॉट्सऐप पर कुछ खास प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स को तुरंत चालू करने की सलाह दी है. साइबर पुलिस की इन गाइडलाइंस का तुरंत करें पालन सबसे पहले वॉट्सऐप के Settings > Account > Two-Step Verification में जाकर एक सीक्रेट पिन (PIN) जरूर सेट करें. इससे अगर कोई आपका सिम कार्ड क्लोन भी कर लेगा, तो भी बिना पिन के आपका व्हाट्सएप नहीं खोल पाएगा. फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर वॉट्सऐप पर वायरस या मालवेयर वाली APK और PDF फाइलें भेजते हैं. अगर फोन में मीडिया ऑटो-डाउनलोड चालू है, तो ये फाइलें खुद डाउनलोड होकर बैकग्राउंड में आपका बैंकिंग डेटा चुरा सकती हैं. इसलिए Storage and Data सेटिंग्स में जाकर ऑटो-डाउनलोड को पूरी तरह बंद कर दें. अपनी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस और ग्रुप सेटिंग्स को हमेशा केवल 'My Contacts' पर ही सेट रखें. इससे कोई अनजान व्यक्ति आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और न ही आपको किसी फ्रॉड ग्रुप में जोड़ सकेगा. वॉट्सऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर 'Silence Unknown Callers' फीचर को ऑन करें ताकि इंटरनेशनल स्कैम कॉल्स और स्पैम कॉल्स से बचा जा सके. इसके अलावा 'Protect IP Address in Calls' को भी ऑन रखें, जिससे आपकी सही लोकेशन किसी को पता नहीं चलेगी.  समय-समय पर अपने वॉट्सऐप में जाकर चेक करें कि आपका अकाउंट किसी अनजान कंप्यूटर या लैपटॉप पर तो नहीं चल रहा है. कोई भी संदिग्ध डिवाइस दिखने पर तुरंत लॉगआउट करें. फ्रॉड होने पर यहां करें शिकायत अगर आपके साथ किसी भी तरह की डिजिटल ठगी या साइबर फ्रॉड हो जाता है, तो बिना देर किए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं. इसके अलावा आप सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर जाकर या तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

ईंधन की कीमतों में उछाल: जयपुर में पेट्रोल 109 रुपये के पार, डीजल भी हुआ महंगा

जयपुर देशभर में शनिवार (23 मई) सुबह पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. राजधानी जयपुर में पेट्रोल 93 पैसे प्रति लीटर और डीजल 92 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. पेट्रोल 109.87 रुपये और डीजल 95.09 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है. इससे पहले भी मंगलवार (19 मई) को जयपुर में पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ. वहीं, पिछले शुक्रवार 15 मई को 3.25 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और 3.02 रुपए प्रति लीटर डीजल के दाम बढ़े थे. 10 दिन के भीतर तीसरी बार बढ़े दाम खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच पेट्रोल और डीजल को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है. इसी बीच पेट्रोल और डीजल के दामों में 10 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, इससे पहले 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी नहीं देश के कई शहरों में सीएनजी की कीमत में एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है. 8 दिन में सीएनजी के दाम में भी कुल 4 रुपया प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन जयपुर में सीएनजी के भाव स्थिर बने हुए हैं. राजस्थान राजधानी में कीमत 94.41 रुपये है.   ईवी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर वहीं, लगातार पेट्रोल और डीजल को लेकर चल रही चिंता के बीच मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. कैबिनेट बैठक में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर दिया गया. सभी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को लोगों से मितव्ययिता से पेट्रोल डीजल का उपयोग करने की अपील करने के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ोतरी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. प्रदेश में 262 स्थान पर 591 नई इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाने की घोषणा की गई है.

तेज आंधी और बारिश से मिली राहत, लेकिन कल से फिर बढ़ेगी राजस्थान में गर्मी

जयपुर राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.   कई हिस्सों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है. 3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है. कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट! चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

जैसलमेर-अहमदाबाद नई रेल सेवा का शुभारंभ, स्वर्णनगरी में बढ़ी कनेक्टिविटी

 जैसलमेर राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर को रेलवे की ओर से बड़ी दोहरी सौगात मिली है. जिसमें एक है कि स्वर्णनगरी में रेलवे स्टेशन पर करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' का उद्घाटन किया गया है और साथ ही जैसलमेर-अहमदाबाद नई रेल सेवा की भी शुरुआत हुई है. जैसलमेर में ही होगा ट्रेनों का रखरखाव अब तक तकनीकी रखरखाव और सफाई के लिए ट्रेनों को अन्य बड़े स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब जैसलमेर में ही अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' के शुरू होने से ट्रेनों का रखरखाव, तकनीकी जांच और सफाई जैसलमेर में ही संभव हो सकेगी. इससे न केवल ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी. अहमदाबाद तक अब सीधी रेल सेवा इसके अलावा जैसलमेर को अहमदाबाद से जोड़ने वाली नई रेल सेवा का भी शुभारंभ किया गया है. स्थानीय विधायक छोटूसिंह भाटी ने हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया. कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने वर्चुअली हिस्सा लिया. इस नई रेल सेवा से सीमावर्ती जिले के लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी. अब गुजरात आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा. इस सौगात से जैसलमेर के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है. विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि यह सुविधा हर तबके के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.

‘एक पौधा मां के नाम’ से प्रेरित राजस्थान: 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य फिर दोहराया गया

जोधपुर  राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा शुक्रवार दोपहर जोधपुर दौरे (Sanjay Sharma Jodhpur Visit) पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. मीडिया से बातचीत करते हुए वन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 'एक पौधा मां के नाम' अभियान का आह्वान पूरे देश के लिए प्रेरणादायक रहा है. इसी प्रेरणा से मुख्यमंत्री ने राजस्थान में 50 करोड़ पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया है. 'इस साल भी लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे' उन्होंने बताया कि पिछले साल राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वन विभाग, अन्य सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ के सहयोग से 11 करोड़ 55 लाख पौधों का रोपण किया गया. इस साल भी 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है और पूरा विश्वास है कि सरकार आमजन के सहयोग से इस लक्ष्य को भी पार करेगी. प्रदेश में विकसित होंगे चंदन के जंगल वन मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से राजस्थान के 4 जिलों में 'चंदन वन' विकसित किए जाएंगे. इन स्थानों पर 11-11 हजार चंदन के पौधों का रोपण कर उनका संरक्षण किया जाएगा. विलुप्ति की कगार से बाहर आया गोडावण इस दौरान वन मंत्री ने राजस्थान के राजकीय पक्षी गोडावण के संरक्षण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि गोडावण विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका था, लेकिन अब सरकार, वन विभाग, वैज्ञानिकों, एनजीओ और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से इसकी संख्या बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विश्व में पाए जाने वाले लगभग 150 गोडावण में से करीब 120 राजस्थान में पाए जाते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी गोडावण संरक्षण का उल्लेख किया था, जिससे संरक्षण कार्यों को नई ऊर्जा मिली. 21 मई को मनाया गया पहला 'राज्य गोडावण दिवस' मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2025 में 21 मई को पूरे राजस्थान में 'राज्य गोडावण दिवस' मनाने की घोषणा की थी, जिसके तहत जैसलमेर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. उन्होंने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 130 गोडावण प्राकृतिक आवास में जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि सम और रामदेवरा स्थित ब्रीडिंग सेंटरों में 87 गोडावणों का संरक्षण किया जा रहा है. आने वाले समय में इन ब्रीडिंग सेंटरों में गोडावणों की संख्या 100 के पार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: बूंदी बनेगा पर्यटन और व्यापार का नया केंद्र

बूंदी बूंदी को अब सिर्फ पुरानी यादों या इतिहास के एक प्रतीक के रूप में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भविष्य की नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में आगे बढ़ना होगा. इसी सोच के साथ शहर की सूरत बदलने और इसे हर क्षेत्र में सबसे आगे ले जाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है. यह मेगा प्लान आने वाले सालों में बूंदी की तकदीर और तस्वीर दोनों को पूरी तरह बदल कर रख देगा, जिससे यहां की लोकल इकोनॉमी और टूरिज्म को एक नया पंख मिलेगा. कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बदलेगी किस्मत इस भारी-भरकम प्लान में सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी पर है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नया और आधुनिक रेलवे स्टेशन और आने वाला कोटा-बूंदी एयरपोर्ट इस इलाके के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहे हैं. इन सब बड़े प्रोजेक्ट्स के आने से बूंदी देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों और पर्यटन नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगा. जब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा, तो सीधे तौर पर यहां का बिजनेस बढ़ेगा और दुनिया भर में बूंदी की एक नई व मजबूत पहचान बनेगी. वैसे भी तालेड़ा इलाके में पहले ही हजारों करोड़ रुपये का बिजनेस आ चुका है, जो इस बात का बड़ा सबूत है. संसदीय क्षेत्र के बून्दी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही “बून्दी विकास मंथन” कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों और नागरिकों के साथ बून्दी में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। हमारा संकल्प है कि बून्दी ऐतिहासिक विरासत के साथ… रात में रोशनी से जगमगाएंगी ऐतिहासिक बावड़ियां-किले इस पूरे प्लान की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें बूंदी की पुरानी पहचान और आधुनिकता का एक बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा. शहर के पुराने दरवाजों, ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ियों, छतरियों, किले की दीवारों और दूसरी पुरानी धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ उन्हें नया रूप दिया जाएगा. शाम और रात के समय पर्यटकों को लुभाने के लिए इन सभी पुरानी इमारतों पर शानदार फसाड लाइटिंग की जाएगी और पैदल घूमने के लिए हेरिटेज वॉकवे बनाए जाएंगे. इसका फायदा यह होगा कि शाम ढलते ही बूंदी रोशनी से नहाई हुई एक बेहद खूबसूरत और जिंदादिल हेरिटेज सिटी की तरह दिखाई देगी. अंडरग्राउंड बिजली लाइन, चौपाटी और भूमिगत पार्किंग की सौगात पुरानी पहचान को संभालने के साथ-साथ आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाने वाली सुविधाओं को भी इस प्लान में पूरी तरह शामिल किया गया है. इसके लिए शहर की मुख्य सड़कों को चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा. सड़कों पर फैले बिजली के नंगे तारों के जंजाल को हमेशा के लिए खत्म करके सारी लाइनें अंडरग्राउंड डाली जाएंगी. गंदे पानी के निकास के लिए पूरे ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा. इसके अलावा लोगों के घूमने-फिरने और सुकून के पल बिताने के लिए नए सुंदर पार्क और एक शानदार चौपाटी बनाई जाएगी. शहर को रोज-रोज के सिरदर्द बन चुके ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए छुड़ाने के लिए जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड पार्किंग की भी व्यवस्था होगी. नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हॉस्टल्स का तोहफा इस महाप्लान में युवाओं के भविष्य को भी उतनी ही तरजीह दी गई है. स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को देश और दुनिया के बड़े मंचों पर आगे बढ़ने का मौका देने के लिए बूंदी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बिल्कुल नई और आधुनिक खेल सुविधाओं से सजाया जाएगा, ताकि वे इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें. इसके साथ ही, युवाओं और महिलाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए कई बड़े तोहफे जमीन पर उतारे जा रहे हैं. इनमें एक यूथ हॉस्टल, कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग रहने के हॉस्टल्स, बूंदी-दलेलपुरा सड़क का काम और एक नया व आधुनिक आयुष अस्पताल शामिल हैं. 'बूंदी विकास मंथन' में रखी गई इन बड़े कामों की नींव शहर की सूरत बदलने वाले इस पूरे 500 करोड़ रुपये के ब्लूप्रिंट और रूपरेखा को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनता के सामने रखा. अपने बूंदी दौरे के दौरान ओम बिरला टाउन हॉल में आयोजित 'बूंदी विकास मंथन' कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इसी कार्यक्रम में उन्होंने करीब 49 करोड़ रुपये की लागत वाले इन सभी नए हॉस्टल्स, सड़कों और आयुष अस्पताल जैसे जरूरी कामों की शुरुआत और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने शहर के समझदार लोगों, जनप्रतिनिधियों और अलग-अलग समाज के लोगों से बूंदी के भविष्य को लेकर उनके मन की बात और सुझाव भी जाने. इस बड़े मौके पर स्थानीय विधायक हरिमोहन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सरोज अग्रवाल और जिला कलेक्टर हरफूल यादव सहित शहर के कई जाने-माने लोग मौजूद रहे.

भाजयुमो संगठन में बड़ा फेरबदल: प्रदेशभर के जिलों और वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

जयपुर राजस्थान बीजेपी युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है. भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने लिस्ट 63 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की. इसमें 7 प्रदेश उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 9 मंत्री, 1-1 कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया प्रभारी, आईटी संयोजक, प्रशिक्षण प्रभारी और 20 प्रदेश प्रवक्ता बनाए गए हैं. कार्यकारिणी में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. लंबे वक्त से इस पर मंथन जारी थी, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं को भी इंतजार था.   निकाय-पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम संगठन ने आगामी राजनीतिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखा है. माना जा रहा है कि निकाय-पंचायत चुनाव के मद्देनजर भी लिस्ट पर अंतिम मुहर लगी है. जितेन्द्र सिंह राठौड़, दीनदयाल गुर्जर, राकेश कटारिया, शिवराज सिंह, राकेश पंवार, सुदर्शन गौतम, आशीष कुल्हरी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. वहीं, ऋषिकेश मीणा, लोकेन्द्र सिंह, आदित्य पुजारी को महामंत्री बनाया गया है. हर्ष शर्मा कार्यालय प्रभारी, 9 प्रदेश मंत्री नियुक्त प्रदेश मंत्री पद पर धीरज शर्मा, रघुनाथ बिश्नोई, राहुल लेघा, रमेश गुर्जर, कृष्णपाल सिंह चूंडावत, दिनेश राणा, दिव्यांश भारद्वाज, वीके कुशवाह और आदित्य सिंघानिया को नियुक्त किया गया है. जिज्ञासु जैन को प्रदेश कोषाध्यक्ष और राहुल देवड़ा को सह कोषाध्यक्ष बनाया है.  भरतपुर के हर्ष शर्मा को कार्यालय प्रभारी, अमित कुमावत और आशीष शर्मा को भी कार्यालय सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. मीडिया प्रभारी हर्षित को बनाया गया है. मन की बात और ट्रेनिंग के लिए भी दिया जिम्मा खास बात यह है कि कार्यकारिणी में प्रशिक्षण, नीति एवं शोध, मन की बात जैसे कई कार्यक्रमों के प्रभारी भी बनाए गए हैं. सदस्यता अभियान, बूथ स्तर तक संगठन विस्तार, सोशल मीडिया कैंपेन और युवा संपर्क कार्यक्रमों को गति देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

चौरासी और कुशलगढ़ में रात्रि चौपाल: सीएम ने लाभार्थियों से किया संवाद, विकास योजनाओं की समीक्षा

वागड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो दिन (20-21 मई) वागड़ दौरे पर रहे. सीएम ने कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) और चौरासी (डूंगरपुर) में रात्रि चौपाल की. मुख्यमंत्री चौरासी के धम्बोला गांव में 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना में गैस सिलेंडर और हर घर नल से जल योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ पहुंचा रही है. बालिकाओं को अच्छी शिक्षा के लिए स्कूटी और साइकिलों का वितरण भी किया गया है.   महिलाएं बोलीं- सीएम ने बेटा बनकर तीर्थ करवाया इस दौरान कई योजनाओं के लाभार्थियों से भी सीएम ने बात की. स्थानीय निवासी रमिला परमार ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से जरूरतमंद किसानों को ट्रैक्टर की सुविधा मिल सकेगी. इससे हमारे क्लस्टर की आय भी बढ़ेगी और समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी. गंगा देवी पाटीदार ने कहा कि बेटा तो हमें तीर्थ यात्रा नहीं करवा पाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने बेटा बनकर तीर्थ का सपना पूरा कर दिया. 1.35 लाख पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है. प्रदेश में युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादा किया था. अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं. 1.25 लाख पदों पर भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है. जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाएं भी प्रक्रियाधीन हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हुई हैं. निजी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक रोजगार उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी अब तक 3 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं है. युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की पहल की.