samacharsecretary.com

हाईवे बना आग का दरिया: तेल टैंकर हादसे के बाद 200 मीटर तक फैली लपटें, एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत

जालौर जालौर जिले के सांचौर क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर एक बड़ा हादसा सामने आया, जब तेल से भरा टैंकर पलटने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि हाईवे पर करीब 200 मीटर तक लपटें फैल गईं। इस घटना में टैंकर में सवार एक व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, टैंकर बाड़मेर से सांचौर की ओर जा रहा था। यह हादसा जैसलमेर-जामनगर मार्ग पर सिंवाड़ा ओवरब्रिज के पास हुआ, जहां टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें भरा ज्वलनशील पदार्थ सड़क पर फैल गया और कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।   प्रशासन और राहत कार्य हादसे के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई और सुरक्षा के लिहाज से एक तरफ का यातायात तुरंत बंद कर दिया गया। सूचना मिलते ही सांचौर उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार और सिंवाड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। सांचौर से दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए।   टैंकर और जांच की स्थिति बताया जा रहा है कि यह टैंकर भारत पेट्रोलियम का था और यह पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। चितलवाना थानाधिकारी भंवरलाल गुड़ियासर के अनुसार फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टैंकर में कौनसा ज्वलनशील पदार्थ भरा हुआ था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

Highway Construction Ban: राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, 75 मीटर तक बिल्डिंग पर रोक से निवेशकों को झटका

दौसा. सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और हाईवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई गाइडलाइन के तहत नेशनल और स्टेट हाइवे की सेंटर लाइन से दोनों ओर 75-75 मीटर तक किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सरकार के इस फैसले का सीधा असर हाइवे किनारे हो रहे निर्माण और प्रॉपर्टी निवेश पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमों की अनदेखी कर खरीदे गए प्लॉट भविष्य में बेकार साबित हो सकते हैं, क्योंकि ऐसे भूखंडों पर निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। निवेशकों की पूंजी फंसने की आशंका दौसा जिले से गुजर रहे मनोहरपुर-कौथून हाइवे और जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मार्गों के किनारे पहले से होटल, ढाबे और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश के उद्देश्य से प्लॉट भी खरीद रखे हैं। गाइडलाइन सख्ती से लागू होने पर इन निवेशकों की पूंजी फंसने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार ने दिखाई सख्ती ग्रामीण सड़कों पर भी सरकार ने सख्ती दिखाई है। नई व्यवस्था के अनुसार ग्रामीण मार्गों की सेंटर लाइन से करीब 15.5 मीटर तक निर्माण नहीं किया जा सकेगा। गांवों में सड़क किनारे अनियोजित निर्माण के कारण भविष्य में चौड़ाईकरण के दौरान अतिक्रमण हटाने में दिक्कत आती है। अब सड़क के दोनों ओर पर्याप्त खाली स्थान सुरक्षित रहने से यातायात सुगम होगा और विकास कार्यों में बाधा नहीं आएगी। मास्टर प्लान के अनुसार होगा हाईवे किनारे निर्माण शहरी क्षेत्रों में हाईवे किनारे निर्माण मास्टर प्लान के अनुसार ही होगा। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि कितनी दूरी छोड़कर निर्माण किया जा सकता है और कहां पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कई मामलों में प्रॉपर्टी डीलर पूरी जानकारी नहीं देते, जिससे खरीदार बाद में अनुमति के लिए भटकते हैं। नई गाइडलाइन ऐसे मामलों में पारदर्शिता लाने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। नियमों की अवहेलना कर बनाए गए निर्माण अवैध सरकार ने साफ किया है कि नियमों की अवहेलना कर बनाए गए निर्माण को अवैध माना जाएगा और इन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। अनियोजित निर्माण के कारण अक्सर यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। नई व्यवस्था लागू होने से सड़क सुरक्षा बेहतर होने के साथ ही भविष्य में चौड़ाईकरण और अन्य विकास कार्य बिना बाधा पूरे किए जा सकेंगे।

RBSE 10th Result जारी होने वाला है, तुरंत चेक करें सबसे तेज अपडेट यहां

जयपुर राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट बहुत जल्द आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी कर दिया जाएगा। इस बार बोर्ड सेकेंडरी यानी 10वीं का रिजल्ट मार्च माह में ही जारी कर इतिहास रचने की तैयारी में है। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम 20 मार्च तक घोषित करने की तैयारी है। आंसरशीट चेक करने का काम अपने अंतिम चरण में हैं। जल्द ही रिजल्ट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अवकाश के दिन भी कॉपियां चेक की जा रही हैं। राजस्थान बोर्ड ने 10वीं की परीक्षाएं फरवरी माह से ही शुरू करवा दी थीं। इतिहास में कभी भी इतनी जल्दी राजस्थान बोर्ड ने परिणाम जारी नहीं किया। दरअसल इस बार राजस्थान सरकार 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करना चाहती है और अगले साल से 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी परीक्षा मई में होगी। बच्चों की पढ़ाई समय से शुरू हो सके, इसके लिए राजस्थान बोर्ड मार्च माह में ही 10वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी में है। ऐसे में कुछ दिनों में 10 लाख स्टूडेंट्स का परिणाम का इंतजार खत्म होने वाला है। बोर्ड सचिव ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार परिणाम जल्द जारी करने की तैयारी की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में समय मिल सके। आरबीएसई 10वीं परीक्षा के लिए 1068078 स्टूडेंट्स परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। 12वीं में 909087, प्रवेशिका परीक्षा में 7811 और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 4122 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। वर्तमान में लगभग 30 हजार 915 शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे हुए हैं। बोर्ड का प्रयास है कि सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर 20 मार्च तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। आरबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026 यहां कर सकेंगे चेक, Direct Link RBSE Rajasthan Board 10th Result 2026 FAQs : राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट पर अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न RBSE 10th Result 2026: वेबसाइट पर कैसे चेक करे राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम – सबसे पहले rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं। – Secondary Exam Result 2026 के लिंक पर क्लिक करें। – रिजल्ट पेज खुलने पर अपना रोल नंबर डालें। सब्मिट करें। – आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा। इसका प्रिंट आउट लेना न भूलें। RBSE 10th Result 2026 – SMS से कैसे चेक करें राजस्थान बोर्ड 10वीं के स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in के अलावा लाइव हिन्दुस्तान www.livehindustan.com पर भी चेक कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि रिजल्ट जारी होते ही आपके मोबाइल पर SMS आए तो इसके लिए आप www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं। जानें कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन स्टेप 1- www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर जाएं। स्टेप 2 – अपना रोल नंबर, ईमेल, फोन नंबर आदि डिटेल्स भरें। सब्मिट करें। स्टेप 3- रिजल्ट आते ही आपके मोबाइल पर रिजल्ट का SMS आएगा। स्टेप 4 – SMS में दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप अपना परिणाम चेक कर सकेंगे। सबसे पहले राजस्थान बोर्ड 10वीं Live Hindustan पर देख सकेंगे, जानें कैसे RBSE 10th Result 2026 कब आएगा? राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 20 मार्च तक जारी होने की उम्मीद है। RBSE 10th Result 2026 कहां देखें? राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट rajeduboard.rajasthan.gov.in और https://www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर चेक किया जा सकेगा। RBSE 10th Result देखने के लिए क्या चाहिए? राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट रोल नंबर डालकर चेक कर सकेंगे। विद्यार्थियों का रोल नंबर उनके एडमिट कार्ड में दिया गया होगा। राजस्थान बोर्ड 10वीं में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए? राजस्थान बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स को पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक हासिल करने होते हैं। एग्रीगेट मार्क्स भी कम से कम 33 प्रतिशत होने चाहिए। राजस्थान बोर्ड परीक्षा में 1 या 2 विषयों में 33 से कम अंक आने पर स्टूडेंट्स को सप्लीमेंट्री परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बारिश-ओलों की मार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से रविवार को कई जिलों में मौसम बदला और हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। अलवर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में करीब 3 डिग्री तक गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखने को मिली। अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित टपूकड़ा में रविवार सुबह करीब 10 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। वहीं हनुमानगढ़ के संगरिया में भी ओलावृष्टि हुई। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 14 मार्च के मुकाबले 3.7 डिग्री गिरकर 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा। इसके अलावा चूरू में 34.4, बीकानेर में 34.6, जैसलमेर में 35.2, सीकर में 33, अलवर में 31.4, करौली में 33, फतेहपुर (सीकर) में 34, नागौर में 33.5 और झुंझुनूं में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रविवार को सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जयपुर में मौसम साफ रहा और दिनभर तेज धूप रही। हल्की हवा चलने के बावजूद अधिकतम तापमान बढ़कर 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जयपुर के पास दौसा में 35.5, वनस्थली (टोंक) में 36.3 और अजमेर में 34.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 16 से 17 मार्च तक राज्य में मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 18 मार्च की शाम से एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 18 मार्च से प्रदेश में एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर 18 से 21 मार्च के बीच राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के रूप में देखने को मिल सकता है। 18 मार्च को 12 जिलों के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।

राजस्थान में अवैध शराब तस्करी पर प्रहार: नाथद्वारा पुलिस ने ट्रक सहित 25 लाख की शराब पकड़ी

राजसमंद राजसमंद जिले के नाथद्वारा थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने एक ट्रक से 252 पेटियां अवैध शराब बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक तथा डीएसपी नाथद्वारा शिप्रा राजावत के निर्देशन में की गई। थानाधिकारी कमलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि 14 मार्च की रात गुंजोल में नाकाबंदी के दौरान ट्रक नंबर RJ 25 GA 6466 को रुकवाया गया। ट्रक के ऊपर काले रंग का तिरपाल बंधा हुआ था। चालक से ट्रक में रखे सामान के बारे में पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में सफेद रंग का पाउडर भरा हुआ मिला, जिसके आगे काले प्लास्टिक में पैक कार्टन रखे हुए थे। जांच में 142 कार्टन ग्रीन लेबल व्हिस्की, 99 कार्टन व्हाइट लेस वोडका और 11 कार्टन ऑल सीजन व्हिस्की बरामद हुई। पुलिस ने सभी शराब को जब्त कर आबकारी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पहले गैंगस्टर का नाम लेकर डराया, अब RDX के साथ पकड़ा गया अली अकबर

अजमेर हरियाणा के अंबाला में 2 किलो आरडीएक्स और आईईडी के साथ गिरफ्तार किए गए अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू का आपराधिक रिकॉर्ड पहले भी सामने आ चुका है। करीब चार साल पहले उसने अजमेर के एक गेस्ट हाउस मालिक को लॉरेंस गैंग का नाम लेकर धमकी दी थी। उस समय पीसांगन थाना पुलिस ने उसे शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर पाबंद किया था। बुधवाड़ा निवासी गेस्ट हाउस मालिक इकबाल अहमद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में अपना गेस्ट हाउस अली अकबर के भाई को लीज पर दिया था। दो-तीन महीने का किराया बकाया रहने पर उन्होंने गेस्ट हाउस खाली करवा लिया। इसके बाद अली अकबर का फोन आया और उसने धमकाते हुए कहा, “तू मुझे जानता नहीं है, मैं लॉरेंस गैंग से जुड़ा हूं। इतने में ही समझ जाना, वरना ठीक नहीं होगा।” इसके बाद उन्होंने पीसांगन थाने में मामला दर्ज कराया था। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने 13 मार्च को अंबाला से अली अकबर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर ड्रोन के जरिए अमृतसर (पंजाब) में आरडीएक्स और अन्य सामान भेजा गया था। आरोपियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम धमाका करने की थी। आईईडी वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन समय पर आरडीएक्स नहीं पहुंचने के कारण उनकी योजना नाकाम हो गई। इसके बाद आईईडी वापस मंगवा ली गई। आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई इलाकों की रेकी कर वीडियो भी भेजे, ताकि नया टारगेट तय किया जा सके। अजमेर के दिल्ली गेट लोंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर शहर में ऑटो चलाता था। उसके पिता मोहम्मद रमजान रोडवेज में कंडक्टर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। बड़ा भाई अली असगर एक गेस्ट हाउस में नौकरी करता है। अली अकबर की पत्नी और दो बच्चे हैं। अली अकबर के भाई अली असगर ने बताया कि 8 मार्च की सुबह करीब 6 बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि जयपुर होते हुए दिल्ली घूमने जा रहा है। 14 मार्च को न्यूज देखने के बाद ही परिवार को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली। अली असगर ने कहा कि देश जो भी सजा देगा, उन्हें मंजूर है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जांच में यह भी सामने लाया जाए कि उसे आतंकी गतिविधियों से किसने जोड़ा और किस तरह लालच देकर फंसाया गया। फिलहाल अदालत ने तीनों आरोपियों को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और एजेंसियां उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता  लगाने में जुटी हैं।

राजस्थान में बम ब्लास्ट की साजिश: पाकिस्तान से भेजा IED, 3 जगह धमाके की योजना

अजमेर  सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजे गए मौत के सामान (RDX) ने राजस्थान से लेकर हरियाणा तक खौफनाक साजिश का जाल बुना था। अंबाला में करीब 2 किलो विस्फोटक के साथ पकड़े गए तीन आतंकियों ने जो खुलासे किए हैं, उसने राजस्थान पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस साजिश का मुख्य सिरा अजमेर के लौंगिया मोहल्ला से जुड़ा है, जहां का निवासी अली अकबर उर्फ बाबू इस आतंकी नेटवर्क का अहम मोहरा निकला। हनुमानगढ़ था 'टारगेट नंबर-1' पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आतंकियों की पहली पसंद अंबाला नहीं, बल्कि राजस्थान का हनुमानगढ़ था। साजिश के मुताबिक, हनुमानगढ़ में बम धमाका करने के लिए आईईडी (IED) तो वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर पाकिस्तान से आरडीएक्स की खेप नहीं पहुंच पाई। इस 'सप्लाई फेलियर' की वजह से राजस्थान एक बड़े धमाके से बाल-बाल बच गया। योजना विफल होने पर चार दिन बाद आईईडी को वापस मंगा लिया गया था। अजमेर के 'बाबू' ने भेजी थी लोकेशंस की वीडियो गिरफ्तार आरोपी अली अकबर उर्फ बाबू ने कुबूला है कि उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी की थी। इन जगहों के वीडियो बनाकर बाकायदा व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे गए थे, ताकि बड़े टारगेट चुने जा सकें। अंबाला में 'एक्टिव बम' के साथ पकड़े गए हनुमानगढ़ का प्लान फेल होने के बाद आतंकियों ने अंबाला के सैन्य ठिकानों और माता बाला सुंदरी मंदिर को निशाने पर लिया। आरोपी पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर टिफिन बम लेकर जा रहे थे, जो पूरी तरह एक्टिव था। एसटीएफ ने समय रहते इन्हें दबोच लिया, वरना 2 किलो आरडीएक्स 200 मीटर के दायरे में तबाही मचाने और लगभग 250 लोगों की जान लेने के लिए काफी था। NIA की एंट्री, राजस्थान में अलर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस केस को अपने हाथ में ले सकती है। चूंकि एक आरोपी अजमेर का है और हनुमानगढ़ को निशाना बनाने की कोशिश हुई थी, इसलिए राजस्थान के सुरक्षा घेरे को और कड़ा कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी 7 दिन के रिमांड पर हैं, जिनसे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘विकसित राजस्थान रन 2026’ को दी हरी झंडी, युवाओं का उमड़ा उत्साह

जयपुर  राजस्थान सरकार ने राजस्थान दिवस से पहले युवाओं के लिए सार्वजनिक भागीदारी वाली मैराथन 'विकसित राजस्थान रन 2026' का आयोजन किया। राज्य खेल परिषद द्वारा आयोजित 'विकसित राजस्थान रन 2026' को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रविवार की सुबह हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। इस मैराथन में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के विद्यार्थी, एनएसएस के स्वयंसेवक, एनसीसी के कैडेट, भारत स्काउट एंड गाइड, हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड, एनवाईकेएस सदस्य के इसके अलावा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के युवा और खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मैराथन में पहुंचे भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "'विकसित राजस्थान 2047' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत राजस्थान के विकास की यात्रा का प्रतीक है, जो राज्य के ऐतिहासिक नेताओं के प्रयासों और विरासत को प्रतिबिंबित करता है।" इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "आपका हौसला, आपकी उमंग निश्चित रूप से विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करेगी। फिट इंडिया अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री ने स्वस्थ रहने का संदेश दिया है। हमारे देश में चार जातियां हैं, युवा, महिला, किसान और मजदूर। अगर ये आगे बढ़ेंगे तो देश प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "पिछली सरकार ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया। हमारी सरकार ने लोगों को जेल भेजने का काम किया है। सवा दो साल में सवा लाख की वेकेंसी निकालने का काम हमारी सरकार ने किया है। इस दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। आप सपनों की उड़ान के लिए तैयार रहिए, राजस्थान सरकार आपके साथ है। प्रदेश में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। युवा नीति के जरिए युवाओं को काम का अवसर दिया जा रहा है।" गौरतलब है कि राजस्थान दिवस के अवसर पर इस बार राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में कई सांस्कृतिक, सामाजिक और खेलकूद से जुड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इसके तहत 14 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्कृति, विकास और युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

स्कूल में बेटियों की टॉपिंग पर प्रिंसिपल ने अपनी जेब से कराई हेलिकॉप्टर की सवारी

  डीडवाना-कुचामन राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय स्कूल में एक अनोखी और प्रेरणादायक घटना घटी है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है. यहां के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं खुशी मेघवाल, रंजना नायक और ज्योति के सबसे बड़े सपने को पूरा कर दिया. ये तीनों छात्राएं आठवीं कक्षा की हैं और बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल में आयोजित एक विशेष टेस्ट में उन्होंने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया था। 'सर, हमें हेलिकॉप्टर से  उड़ान भरनी है' प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने टेस्ट के बाद इन मेधावी छात्राओं से बातचीत की और पूछा कि वे इनाम में क्या चाहती हैं. ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन बच्चियों ने शायद मजाक-मजाक या सपने की तरह कहा, 'सर, हमें हेलिकॉप्टर में बैठकर उड़ान भरनी है.' यह सुनकर अधिकांश लोग इसे हल्के में ले लेते, लेकिन प्रिंसिपल ढाका ने इसे गंभीर चुनौती के रूप में लिया. उन्होंने छात्राओं से वादा किया कि यदि वे परीक्षा में अच्छे अंक लाती हैं, तो उनका यह सपना जरूर पूरा होगा। छात्राओं ने भी इस वादे को चुनौती मानकर पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई की. नतीजा यह निकला कि परीक्षा में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. अपने वादे को निभाते हुए प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने अपने निजी खर्च पर करीब एक लाख रुपये में तीनों छात्राओं को हेलिकॉप्टर राइड की व्यवस्था की. पहले नागौर में अनुमति नहीं मिलने पर जयपुर के पास चौमू में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने क्या कहा? शुक्रवार को चौमू हेलीपैड पर तीनों छात्राएं हेलिकॉप्टर में सवार हुईं. लगभग 30 मिनट की इस यादगार उड़ान में उन्होंने आसमान से जयपुर और आसपास के इलाकों को देखा. हेलिकॉप्टर के खिड़की से नीचे की दुनिया को देखते हुए उनके चेहरों पर खुशी, उत्साह और आश्चर्य साफ झलक रहा था. पहली बार आसमान की सैर करने वाली इन ग्रामीण बेटियों के लिए यह पल जीवन भर याद रहने वाला बन गया. छात्राओं ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'यह सपना सच होने जैसा लग रहा है. सर ने हमारा इतना बड़ा ख्वाब पूरा कर दिया। प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने बताया कि इस पहल का मकसद सिर्फ इनाम देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह जगाना और उन्हें बड़े सपने देखने की हिम्मत देना है. उन्होंने कहा, 'अगर बच्चे मेहनत करें और सपने देखें, तो उन्हें पूरा करने का रास्ता निकल आता है. यह 'सपनों की उड़ान' पहल अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.' इस अनूठी पहल का पूरा खर्च और प्रबंधन उन्होंने खुद संभाला, जिससे यह और भी खास हो गया। क्या बोले ग्रामीण? पूरे क्षेत्र में इस घटना की जोरदार सराहना हो रही है. लोग कह रहे हैं कि ऐसे शिक्षक ही समाज को बदल सकते हैं. ग्रामीण इलाकों में जहां संसाधन सीमित होते हैं, वहां शिक्षकों का ऐसा व्यक्तिगत योगदान बच्चों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. यह कहानी न केवल तीन छात्राओं की है, बल्कि मेहनत, लगन और प्रोत्साहन से सपनों को हकीकत में बदलने की मिसाल है। ऐसी पहलें शिक्षा व्यवस्था में नई जान फूंक सकती हैं, जहां बच्चे सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि बड़े सपने भी देखें और उन्हें हासिल करने की हिम्मत रखें. प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका जैसे शिक्षकों की बदौलत ग्रामीण भारत की बेटियां भी आसमान छूने की तैयारी कर रही हैं।

31 मार्च तक छुट्टियां रद्द: वित्तीय वर्ष समाप्ति तक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी टले

जयपुर राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को देखते हुए राज्य के सभी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश व प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर अस्थायी रोक लगा दी है।मुख्य सचिव वी श्री निवास की ओर से जारी आदेश के अनुसार 31 मार्च 2026 तक राज्य के समस्त शासकीय विभागों, कार्यालयों और अधीनस्थ संस्थानों में अवकाश या प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय कार्यालयी कार्यों के समयबद्ध और सुचारु निपटान को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। आदेश में कहा गया है कि केवल अत्यावश्यक या आपातकालीन परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों को पहले से अवकाश स्वीकृत है, उन्हें भी आवश्यकता होने पर ही उसका उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले लंबित कार्यों का समय पर निस्तारण किया जा सके। राजस्थान के सरकारी विश्राम गृहों की दरें बढ़ीं सरकार ने अपने विश्राम गृहों को आधुनिक सुविधाओं और लक्जरी लुक देने के बाद अब वहां ठहरने की दरों में भी बड़ा इजाफा कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए नई श्रेणियां निर्धारित की हैं और कई पुरानी दरों को संशोधित किया है। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के सरकारी विश्राम गृहों और दिल्ली स्थित राजस्थान हाउस में निजी रूप से ठहरने के लिए अब लोगों को पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा। विभाग ने डी श्रेणी के विश्राम गृहों सहित विभिन्न श्रेणियों में कमरों की दरों में वृद्धि की है। दर बढ़ोतरी के तहत अलग-अलग श्रेणियों में 800 रुपये से लेकर 4500 रुपये तक का इजाफा किया गया है। इसमें 800, 1300, 1400, 2300, 2700, 2800, 3300, 3700 और 4500 रुपये तक की वृद्धि शामिल है। सरकार का कहना है कि विश्राम गृहों में बेहतर सुविधाएं और उन्नत व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के मद्देनजर यह संशोधन किया गया है।