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शीतलहर से राजस्थान कांपा, सीकर में बर्फबारी जैसे हालात; 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

 जयपुर  राजस्थान में सर्दी ने एक बार फिर तीखा तेवर दिखाया है। प्रदेश में शीतलहर का असर तेज हो गया है और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 3 से 4 दिनों तक कड़ाके की ठंड बने रहने की चेतावनी जारी करते हुए उत्तर-पूर्वी राजस्थान के 11 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया है। शुक्रवार सुबह जयपुर सहित आसपास के जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के चलते सुबह और शाम गलन बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में तापमान गिरने से पाला जमने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। सीकर, जयपुर, नागौर और अलवर समेत कई जिलों में बीते दो दिनों में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। सीकर और अलवर के कुछ इलाकों में खेतों पर बर्फ की पतली परत जमने की खबर है। वहीं फतेहपुर में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अलवर में करीब 18 दिन बाद न्यूनतम तापमान फिर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले 19 दिसंबर को प्रदेश का सबसे कम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया था। जैसलमेर में सुबह और शाम घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, चूरू, झुंझुनूं, साथ ही नागौर, अलवर, करौली, धौलपुर और भरतपुर में शीतलहर का असर सबसे ज्यादा है। इन इलाकों में दिन में भी ठंडी हवाएं चलती रहीं। गुरुवार को कई शहरों में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई।जयपुर में न्यूनतम तापमान 8.8°C, नागौर 1.9°C, सीकर 3°C, कोटा 8.2°C, बारां 5.8°C, फतेहपुर 1.6°C और करौली में 4.6°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने, गर्म कपड़े पहनने और किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी है।

उदयपुर गैंगरेप मामला: चलती कार में वारदात, आईटी कंपनी के CEO समेत 3 की गिरफ्तारी

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में एक निजी आईटी कंपनी की मैनेजर के साथ कथित कॉर्पोरेट गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि जांच की ज़िम्मेदारी एडिशनल एसपी माधुरी वर्मा को सौंपी गई है. एसपी गोयल के अनुसार, पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की गई. मेडिकल जांच में चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया गैंगरेप की पुष्टि होती दिखाई दे रही है. पुलिस को जांच में एक अहम सुराग भी हाथ लगा है. आरोपियों की कार में लगे डैशकैम के ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, जिसमें घटना के दौरान की आवाजें कैद होने की बात सामने आई है.  तीन आरोपी अरेस्ट पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें आईटी कंपनी का सीईओ जितेश, उसकी सहकर्मी महिला एग्जीक्यूटिव हेड शिल्पा और उसका पति गौरव शामिल हैं. तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. आरोपी सीईओ जितेश सिसौदिया आईआईटीयन है. पुलिस के मुताबिक, 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी उदयपुर के शोभागपुरा इलाके के एक होटल में आयोजित की गई थी. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची थी, जो देर रात 1:30 बजे तक चली. पार्टी के बाद जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी तो कुछ लोग उन्हें घर छोड़ने की बात कर रहे थे, लेकिन महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने उन्हें आफ्टर पार्टी के लिए साथ चलने का प्रस्ताव दिया. गैंगरेप के बाद पीड़िता को घर छोड़ा गया इसके बाद रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बैठाया गया, जिसमें पहले से सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव का पति मौजूद था. रास्ते में एक दुकान से स्मोकिंग सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी स्मोक कराया गया, जिससे वह बेहोशी की हालत में चली गई. होश में आने पर पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ छेड़छाड़ और सामूहिक बलात्कार किया गया. सुबह करीब 5 बजे पीड़िता को घर छोड़ा गया. होश आने पर उसे अपने कान की बाली, मोज़े और अंडरगारमेंट्स गायब मिले और निजी अंगों पर चोट के निशान थे. बाद में जब कार के डैशकैम की जांच की गई तो घटना से जुड़े अहम सबूत रिकॉर्डिंग में पाए गए.

अजमेर दरगाह पहुंचे राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, ख्वाजा साहब के दर पर चादर चढ़ाई

जयपुर  राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की ओर से गुरुवार को अजमेर में गरीब नवाज ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर पेश की गई। लोक भवन में पदस्थापित राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नियंत्रक हाउस होल्ड शरद तिवारी ने दरगाह  पहुंचकर राज्यपाल की ओर से जियारत कर चादर चढ़ाई।  सालाना उर्स के अवसर पर राज्यपाल बागडे का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। अपने संदेश में हरिभाऊ बागडे ने महान सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के अमन और शांति के पैगाम को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब का उर्स "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की सर्वधर्म सद्भाव की हमारी संस्कृति से जुड़ा है। उन्होंने  पीर पैगम्बरों के उदात्त जीवन, उनके मनुर्भव के चिंतन से जुड़ी भारतीय संस्कृति को महान बताते हुए ख्वाजा साहब की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने अपने संदेश में ख़्वाजा साहब को गरीब नवाज बताते हुए कहा कि वंचित और गरीब वर्ग का कल्याण ही हम सबकी प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के वार्षिक उर्स की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए प्रदेशवासियों के खुशहाल जीवन के लिए भी प्रार्थना की है। इससे पहले लोकभवन में राज्यपाल बागडे ने अजमेर के लिए चादर पेश करने के लिए सौंपी। 

सुरक्षित आज, सशक्त कल: राजस्थान पुलिस की पहल से छात्राओं को मिले आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा के गुर

जयपुर राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसी कड़ी में IIS (मानित विश्वविद्यालय) के इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ़ गर्ल्स में आयोजित एनएसएस कैंप के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव का सघन प्रशिक्षण दिया गया। डरना नहीं, डटकर मुकाबला करना सीखें  कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कम्युनिटी पुलिसिंग सुनीता मीना ने छात्राओं को व्यावहारिक आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाईं। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय अपनी शारीरिक क्षमताओं और आस-पास मौजूद संसाधनों का उपयोग कर कैसे सुरक्षित निकला जा सकता है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना रहा। ​साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी  वर्तमान दौर में बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए सत्र में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के जोखिम, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और साइबर बुलिंग जैसे खतरों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में राजस्थान पुलिस की हेल्पलाइन सेवाओं और राजकोप सिटीजन ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश  इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता मीना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवतियों की सुरक्षा केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।   जिज्ञासाओं का समाधान और सकारात्मक पहल  कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने सुरक्षा से जुड़े अपने सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कॉलेज प्रशासन और एनएसएस इकाई ने राजस्थान पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के सर्वांगीण विकास और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल बताया।  

डोबड़ा बना ग्राम पंचायत, विकास की नई शुरुआत; मंत्री मदन दिलावर का ऐतिहासिक स्वागत, 51 फीट साफा बना आकर्षण

कोटा राजस्थान की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विकास रथ लेकर गांव-गांव घूम रहे मदन दिलावर ने आज रथ यात्रा के कारवें की शुरुआत नवगठित ग्राम पंचायत डोबड़ा से की | ग्राम पंचायत बनने के बाद पहली बार डोबड़ा गांव पहुंचे शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का ग्राम वासियों ने जबरदस्त स्वागत किया| ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्प वर्षा कर पूरे गांव में दिलावर के विकास रथ को घुमाया गया| सभा स्थल पर पहुंचने पर मंच पर ग्रामीणों ने 51 फीट लंबा साफा पहनकर दिलावर के प्रति कृतज्ञ और आभार प्रकट किया| गांव के युवाओं की ओर से दिलावर को 51 किलो पुष्प से बना भारी भरकम हार पहनाया गया|  कार्यक्रम में स्वागत भाषण करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा से की मुलाकात है इसी गांव के रहने वाले हैं ने डोबड़ा गांव को ग्राम पंचायत बनाए जाने पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि कि हमारे विधायक और राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री के कारण ही ग्राम डोबड़ा आज पंचायत बन गया है| हम सब इस गांव के निवासी मदन दिलावर के सदैव ऋणी रहेंगे| भाजपा नेता मोतीलाल मीणा ने एक-एक कर मदन दिलावर द्वारा दो वर्षों में गांव के विकास के लिए कराए गए कामों को गिनाया| मोतीलाल मीणा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस गांव से हमेशा भारतीय जनता पार्टी चुनाव हारती है उसके बावजूद विधायक और सरकार के मंत्री मदन दिलावर ने जितना दिल खोलकर विकास का काम किया है उतना कोई नेता नहीं कर सकता| गांव के लोगों को यह सोचना चाहिए केवल बीजेपी के नेता और सरकार ही है जो लगातार उनका भला कर रही है| शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि डोबड़ा वासियों को बधाई देता हूं अब आपका गांव ग्राम पंचायत बन गया है| अब आपको अपने कामों के लिए ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी नहीं जाना पड़ेगा| सरपंच भी आपका अपना होगा और विकास अधिकारी भी अब यही बैठेगा तो आपके सारे काम यही गांव में ही हो जाएंगे| मदन दिलावर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आपकी ग्राम पंचायत में 750 परिवारों को निःशुल्क खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं देते हैं और 850 लोगों को 1250 रूपये पेंशन हर महीने मिलती है| मदन दिलावर ने कालिया खेड़ी से डोबड़ा तक सड़क निर्माण से लेकर गांव में इंटरलॉकिंग, श्मशान घाट का विकास, स्कूल में मरम्मत के कार्य,सामुदायिक भवन में निर्माण सहित 2 वर्षों में गांव में कराए गए विकास कार्यों की सूची बताई| विकास रथ यात्रा के साथ भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा,कोटा जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, मंडाना मंडल भाजपा अध्यक्ष नंदलाल मेघवाल, युवा मोर्चा के देहात जिला अध्यक्ष युधिष्ठिर खटाना, ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी की सरपंच बजरंगी भाई मीणा,पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश हाडा पूर्व मंडल अध्यक्ष हुकम चंद शर्मा,पूर्व मंडल महामंत्री तेजस शर्मा, दरा के सरपंच रामगोपाल सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता और नेता शामिल थे |

ग्राम पंचायत बना डोबड़ा, विकास रथ पर सवार मंत्री मदन दिलावर का 51 फीट साफा और फूलों की बारिश से स्वागत

रामगंजमंडी (कोटा) राजस्थान की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विकास रथ लेकर गांव-गांव घूम रहे मदन दिलावर ने आज रथ यात्रा के कारवें की शुरुआत नवगठित ग्राम पंचायत डोबड़ा से की | ग्राम पंचायत बनने के बाद पहली बार डोबड़ा गांव पहुंचे शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का ग्राम वासियों ने जबरदस्त स्वागत किया| ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्प वर्षा कर पूरे गांव में दिलावर के विकास रथ को घुमाया गया| सभा स्थल पर पहुंचने पर मंच पर ग्रामीणों ने 51 फीट लंबा साफा पहनकर दिलावर के प्रति कृतज्ञ और आभार प्रकट किया| गांव के युवाओं की ओर से दिलावर को 51 किलो पुष्प से बना भारी भरकम हार पहनाया गया| कार्यक्रम में स्वागत भाषण करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा से की मुलाकात है इसी गांव के रहने वाले हैं ने डोबड़ा गांव को ग्राम पंचायत बनाए जाने पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि कि हमारे विधायक और राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री के कारण ही ग्राम डोबड़ा आज पंचायत बन गया है| हम सब इस गांव के निवासी मदन दिलावर के सदैव ऋणी रहेंगे| भाजपा नेता मोतीलाल मीणा ने एक-एक कर मदन दिलावर द्वारा दो वर्षों में गांव के विकास के लिए कराए गए कामों को गिनाया| मोतीलाल मीणा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस गांव से हमेशा भारतीय जनता पार्टी चुनाव हारती है उसके बावजूद विधायक और सरकार के मंत्री मदन दिलावर ने जितना दिल खोलकर विकास का काम किया है उतना कोई नेता नहीं कर सकता| गांव के लोगों को यह सोचना चाहिए केवल बीजेपी के नेता और सरकार ही है जो लगातार उनका भला कर रही है| शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि डोबड़ा वासियों को बधाई देता हूं अब आपका गांव ग्राम पंचायत बन गया है| अब आपको अपने कामों के लिए ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी नहीं जाना पड़ेगा| सरपंच भी आपका अपना होगा और विकास अधिकारी भी अब यही बैठेगा तो आपके सारे काम यही गांव में ही हो जाएंगे| मदन दिलावर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आपकी ग्राम पंचायत में 750 परिवारों को निःशुल्क खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं देते हैं और 850 लोगों को 1250 रूपये पेंशन हर महीने मिलती है| मदन दिलावर ने कालिया खेड़ी से डोबड़ा तक सड़क निर्माण से लेकर गांव में इंटरलॉकिंग, श्मशान घाट का विकास, स्कूल में मरम्मत के कार्य,सामुदायिक भवन में निर्माण सहित 2 वर्षों में गांव में कराए गए विकास कार्यों की सूची बताई| विकास रथ यात्रा के साथ भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा,कोटा जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, मंडाना मंडल भाजपा अध्यक्ष नंदलाल मेघवाल, युवा मोर्चा के देहात जिला अध्यक्ष युधिष्ठिर खटाना, ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी की सरपंच बजरंगी भाई मीणा,पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश हाडा पूर्व मंडल अध्यक्ष हुकम चंद शर्मा,पूर्व मंडल महामंत्री तेजस शर्मा, दरा के सरपंच रामगोपाल सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता और नेता शामिल थे |  

कड़ाके की सर्दी ने बढ़ाई परेशानी, राजस्थान में पारा 7 डिग्री तक गिरा

जयपुर उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही राजस्थान में एक बार फिर उत्तरी हवाएं सक्रिय हो गई हैं। बुधवार को सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। सीकर, फतेहपुर और माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के कारण ओस की बूंदें जम गईं। मौसम विभाग ने चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नागौर जिलों के लिए अगले दो दिनों तक कोल्ड-वेव की चेतावनी जारी की है। हालांकि बुधवार को घने कोहरे से राहत रही और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहा, जिससे दिन में तेज धूप खिली। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटे में फतेहपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री दर्ज हुआ। नागौर में 3.4, माउंट आबू में 4 और सीकर में 5 डिग्री तापमान रहा। वहीं सिरोही में बुधवार को प्रदेश का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान केवल 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और सर्द हवाओं के चलते ठंड का असर बना रहेगा। अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और गिरावट आने की संभावना है। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (24 दिसंबर): अजमेर अधिकतम 24.3 व न्यूनतम 12.2 डिग्री, भीलवाड़ा अधिकतम 24.4 व न्यूनतम 10.5, अलवर अधिकतम 22 व न्यूनतम 8.6, जयपुर अधिकतम 22.3 व न्यूनतम 11, पिलानी अधिकतम 24.8 व न्यूनतम 7.2, सीकर अधिकतम 20.5 व न्यूनतम 5, कोटा अधिकतम 23.3 व न्यूनतम 12.2, चित्तौड़गढ़ अधिकतम 27 व न्यूनतम 11.6, उदयपुर अधिकतम 25 व न्यूनतम 11.6, बाड़मेर अधिकतम 27.9 व न्यूनतम 13, जैसलमेर अधिकतम 25.4 व न्यूनतम 8.8, जोधपुर अधिकतम 25.7 व न्यूनतम 11.5, बीकानेर अधिकतम 23.8 व न्यूनतम 8.8, चूरू अधिकतम 23.6 व न्यूनतम 5.8, श्रीगंगानगर अधिकतम 23.5 व न्यूनतम 10.3, नागौर अधिकतम 24.4 व न्यूनतम 3.4, बारां अधिकतम 22.6 व न्यूनतम 10.5, जालोर अधिकतम 25.7 व न्यूनतम 12.8, सिरोही अधिकतम 19.5 व न्यूनतम 9.3, फतेहपुर अधिकतम 22.6 व न्यूनतम 2.6, करौली अधिकतम 22.7 व न्यूनतम 6.9, दौसा अधिकतम 23.8 व न्यूनतम 8.1, प्रतापगढ़ अधिकतम 25.3 व न्यूनतम 14.1, झुंझुनूं अधिकतम 22.8 व न्यूनतम 6.8, पाली अधिकतम 24.9 व न्यूनतम 6.8 डिग्री सेल्सियस।

विक्रम भट्ट को बड़ा झटका: 30 करोड़ की ठगी केस में दूसरी बार भी नहीं मिली जमानत

उदयपुर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को एक बार फिर अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। उदयपुर की महिला उत्पीड़न कोर्ट ने बुधवार को भट्ट दंपती की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि मामले में अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनसे अहम पूछताछ बाकी है। ऐसे में इस स्तर पर आरोपियों को जमानत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट का यह आदेश बुधवार को जारी किया गया। उदयपुर की दोनों निचली अदालतों से राहत न मिलने के बाद अब भट्ट दंपती को जमानत के लिए राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर बेंच का रुख करना पड़ेगा। हालांकि, हाईकोर्ट में अवकाश के चलते उन्हें नए साल के बाद तक भी जेल में रहना पड़ सकता है। भट्ट दंपती के अधिवक्ता कमलेश दवे ने बताया कि इससे पहले एसीजेएम कोर्ट-4 ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद सत्र न्यायालय में याचिका दायर की गई, लेकिन जज के अवकाश पर होने के कारण लगातार तीन बार सुनवाई टलती रही। अंततः मंगलवार को महिला उत्पीड़न कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद याचिका खारिज कर दी गई। एसीजेएम कोर्ट-4 ने अपने आदेश में कहा था कि यदि जमानत दी जाती है तो गवाहों के प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही, मामला बीएनएस की धारा 338 के तहत गैर-जमानती होने के कारण भी जमानत देने से इनकार किया गया। 42 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट में धोखाधड़ी का आरोप मामले में इंदिरा ग्रुप कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फिल्म निर्माण के लिए विक्रम भट्ट से 42 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट किया था। बाद में उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ, जिसके बाद 17 नवंबर को विक्रम भट्ट सहित 8 लोगों के खिलाफ उदयपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई। इस केस में उदयपुर पुलिस पहले ही भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से गिरफ्तार कर चुकी है। 7 दिसंबर को मुंबई से हुई थी गिरफ्तारी विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 7 दिसंबर को मुंबई स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 दिसंबर को दोनों को उदयपुर कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले 9 दिसंबर को राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर बेंच) में विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी पर रोक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई थी। उस दौरान हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी में जल्दबाजी को लेकर आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। फिलहाल, दूसरी जमानत याचिका भी खारिज होने के बाद भट्ट दंपती की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, और अब उनकी उम्मीदें राजस्थान हाईकोर्ट पर टिकी हुई हैं।

कड़ाके की सर्दी से कांपा राजस्थान, सिरोही सबसे ठंडा; शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर कड़ाके की सर्दी का असर तेज हो गया है। उत्तर भारत से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के खत्म होने के बाद ठंडी उत्तरी हवाओं के चलने से प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा है। बुधवार को शेखावाटी क्षेत्र सहित कई जिलों में सुबह-शाम तेज ठंड महसूस की गई। चार शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि सिरोही प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नागौर जिलों में शीतलहर (कोल्ड-वेव) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, बुधवार को घने कोहरे से कुछ राहत रही और अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा, जिससे दिन में तेज धूप देखने को मिली। शेखावाटी अंचल में कड़ाके की ठंड के चलते खेतों में ओस की बूंदें जम गईं। कोटा सहित कई जिलों में फसलों पर जमी ओस साफ नजर आई। सबसे कम तापमान दर्जपिछले 24 घंटों में फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा—नागौर: 3.4°C, माउंट आबू: 4.0°C, सीकर: 5.0°C, लूणकरणसर: 5.4°C, चूरू: 5.8°C, झुंझुनूं व पाली: 6.8°C, करौली: 6.9°C, पिलानी: 7.2°C, दौसा: 8.1°C, बीकानेर व जैसलमेर: 8.8°C, अलवर: 8.6°C, सिरोही: 9.3°C। दिन का तापमान भी गिरा : बुधवार को प्रदेश के सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा दिन सिरोही में रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।अन्य शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा— बारां 22.6, करौली 22.7, जयपुर 22.3, अलवर 22, झुंझुनूं 22.8, दौसा 23.8, गंगानगर 23.5, चूरू 23.6, बीकानेर 23.8, कोटा 23.3, अजमेर 24.3, भीलवाड़ा 24.4, पिलानी 24.8, नागौर 24.4 और पाली 24.9 डिग्री सेल्सियस। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अगले दो दिन प्रदेश में सर्द हवाओं का असर और बढ़ेगा, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

पतंगबाजी पर सख्ती: मकर संक्रांति पर झालावाड़ में चाइनीज मांझा बैन, आदेश 2026 तक लागू

झालावाड़ मकर संक्रांति पर्व के दौरान जिले में पतंगबाजी के लिए चाइनीज मांझे के उपयोग पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए धातु, नायलोन एवं प्लास्टिक से निर्मित मांझे के निर्माण, विपणन और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि इस प्रकार का मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से तैयार किया जाता है, जो अत्यंत धारदार होने के साथ-साथ विद्युत का सुचालक भी होता है। इससे दुपहिया वाहन चालकों, आम नागरिकों और पक्षियों को गंभीर चोट लगने के साथ जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा यदि विद्युत तारों के संपर्क में आ जाए तो करंट फैलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति बाधित होने की संभावना रहती है। लोक स्वास्थ्य, निर्बाध विद्युत संचालन और पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धातु निर्मित मांझा, पक्का धागा, नायलोन, प्लास्टिक एवं सिंथेटिक या टॉक्सिक सामग्री जैसे आयरन पाउडर और ग्लास पाउडर से बने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा पक्षियों को होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक तथा सायं 5 बजे से 7 बजे तक पतंगबाजी पर भी रोक रहेगी। यह आदेश आज मध्यरात्रि से प्रभावी होकर 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा। आदेश की अवहेलना या उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।