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शहादत को नमन: फतेहगढ़ साहिब पहुंचेंगे सीएम नायब सिंह सैनी, करेंगे मत्था टेक

बरनाला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंजाब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब पहुंचेंगे, जहां वे साहिबजादों की शहादत की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नतमस्तक होंगे। मुख्यमंत्री के साथ भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा भी मौजूद रहेंगे। दोनों नेता गुरुद्वारे में मत्था टेक कर सिख इतिहास के महान बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह दौरा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है और साथ ही राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा पंजाब में अपनी सक्रियता को और बढ़ा रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

किसानों के करोड़ों रुपये के बीमा क्लेम लंबित, सरकार की लापरवाही से बढ़ा संकट : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़ सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मिलने वाला मुआवजा अब तक नहीं मिल पाना अत्यंत गंभीर विषय है। किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में करोड़ों रुपए के बीमा क्लेम वर्षों से लंबित हैं, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक संकट में हैं। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं, लेकिन उस समय न तो पर्याप्त प्रशासनिक सहायता मिली और न ही समय पर सर्वे किए गए। अब मुआवज़े के समय फसल कटाई प्रयोग, तकनीकी आपत्तियों और बीमा कंपनियों की प्रक्रियाओं के नाम पर किसानों को उनके हक़ से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के अनुसार भिवानी, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसानों के बीमा दावे लंबित हैं। कई किसानों ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया गया और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान किसी प्रकार की रियायत नहीं, बल्कि अपने वैध अधिकार की मांग कर रहा है। प्राकृतिक आपदा किसान के नियंत्रण से बाहर होती है, ऐसे में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह संवेदनशीलता के साथ राहत पहुंचाए। सांसद ने प्रशासन से मांग की कि लंबित फसल बीमा क्लेम की तत्काल समीक्षा की जाए, तकनीकी कारणों से रोके गए मामलों को सरल प्रक्रिया के तहत निपटाया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।

रेलवे का तोहफा: हरियाणा में दो ट्रेनों का नया ठहराव, यात्रियों को फायदा

हरियाणा  हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर आई है। मंडी आदमपुर क्षेत्र और सिवानी इलाके की सालों पुरानी मांग को रेलवे ने स्वीकार कर लिया है। अब इन दोनों क्षेत्रों को लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव मिलने जा रहा है, जिससे यात्रियों की कनेक्टिविटी और सुविधाएं काफी बेहतर होंगी। रेलवे ने गाड़ी संख्या 12555 और 12556 गोरखधाम एक्सप्रेस का ठहराव मंडी आदमपुर रेलवे स्टेशन पर स्वीकृत कर दिया है। वहीं गाड़ी संख्या 14717 और 14718 बीकानेर–हरिद्वार एक्सप्रेस को सिवानी स्टेशन पर ठहराव देने की मंजूरी दी गई है। इस संबंध में रेल मंत्रालय की ओर से मंगलवार को आधिकारिक स्वीकृति जारी की गई। बीकानेर–हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14717 और 14718 बीकानेर जंक्शन से हरिद्वार के बीच संचालित होती है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार चलती है। यह रात में बीकानेर से प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर तक हरिद्वार पहुंचती है। मार्ग में इसका ठहराव हिसार, भिवानी, पानीपत और अंबाला जैसे प्रमुख स्टेशनों पर पहले से है, और अब इसमें सिवानी भी शामिल हो गया है।

जलभराव पर लगाम लगाने की तैयारी: हरियाणा सरकार ने 528 करोड़ का विशेष एक्शन प्लान किया लागू

चंडीगढ़  हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को 528 करोड़ रुपये की लागत वाली 328 बाढ़ नियंत्रण प्राथमिक योजनाओं की तत्काल समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर पहले आबादी क्षेत्र (आबादी देह) की सुरक्षा और उसके बाद कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा तीन दिनों के भीतर मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपी जाए। ये निर्देश उन्होंने 55वीं "हरियाणा स्टेट टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन फ्लड्स" (HSTAC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य आगामी मानसून से पहले पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को फील्ड स्तर पर कार्यों की सख्त निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और समय-सीमा के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वित्त आयुक्त ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सभी डी-वॉटरिंग पंपों की सूची तैयार करें और यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह कार्यशील हों, ताकि उन्हें केंद्रीकृत और रणनीतिक तरीके से तैनात किया जा सके। इससे प्रत्येक जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पंपिंग क्षमता उपलब्ध रहेगी और भारी वर्षा तथा जलभराव की स्थिति में समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि डी-वॉटरिंग मशीनरी की पूरी सूची पहले से तैयार रखी जाए। बैठक में मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 642 करोड़ रुपये की लागत वाली 378 बाढ़ सुरक्षा योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। वर्तमान में 231 योजनाएं क्रियान्वयन की अवस्था में हैं, जबकि 48 योजनाओं का कार्य अभी शुरू होना बाकी है।   बैठक में शहरी बाढ़ नियंत्रण उपायों की भी समीक्षा की गई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बताया कि 525.95 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 30 स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियोजनाएं फिलहाल निर्माणाधीन हैं, जबकि पिछले वर्ष 23 परियोजनाएं पूरी की गई थीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान करना है। डॉ. मिश्रा ने पिछले वर्ष चिन्हित संवेदनशील बिंदुओं की गहन समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ से संबंधित कार्यों के लिए, पूरक प्रावधानों सहित 460 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। चालू वर्ष में अब तक लगभग 395 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। उपायुक्तों को विशेष रूप से नदी संरक्षण और तटबंध संबंधी कार्यों का नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान वित्त आयुक्त ने हरियाणा इंटीग्रेटेड फ्लड मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (IFMIS) के विकास की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि अगली बोर्ड बैठक से पहले इस प्रणाली को पूरी तरह क्रियाशील किया जाए।  

अमित शाह का पंचकुला दौरा: सहकारी सम्मेलन में हरियाणा को मिलीं नई सौगातें, नायब सैनी की जमकर तारीफ

पंचकुला केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पंचकुला आगमन पर हरियाणा को एक साथ कई सौगातें दी हैं। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित थे। शाह सहकारी सम्मेलन में पहुंचे थे। इस अवसर पर सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि अमित शाह ने जिला भिवानी में दूध शीतकरण केंद्र सलेमपुर प्लांट , जिला रेवाड़ी के हैफेड आटा मिल जाटूसाना तथा सहकारिता मंत्रालय द्वारा तैयार आईवाईसी के पोर्टल का पंचकुला से रिमोट द्वारा ई -लोकार्पण किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने इसी अवसर पर हरियाणा राज्य सहकारी बैंकों के 5 लाभार्थियों को रुपे -प्लैटिनम डेबिट कार्ड तथा हरियाणा में कृभको द्वारा बनाए गए 2 एम-पैक्स के अध्यक्षों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र का वितरण किया। उन्होंने कृभको द्वारा तैयार आईवाईसी के समारोहों पर आधारित वर्ष पुस्तिका का विमोचन भी किया। इससे पूर्व कृभको कॉर्पोरेट फिल्म का प्रदर्शन किया गया इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण , सहकारिता मंत्री अरविन्द शर्मा , कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, खेल मंत्री गौरव गौतम, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अलावा कृभको के अध्यक्ष श्री वी सुधाकर चौधरी , प्रबंध निदेशक एस एस यादव भी उपस्थित थे।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में आयोजित 'सहकार से समृद्धि' कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा आज देश में किसान कल्याण, पारदर्शी शासन और तेज़ निर्णय क्षमता का आदर्श बन चुका है। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वह कर दिखाया है, जिसकी हिम्मत बहुत कम सरकारें कर पाती हैं। चुनावी घोषणा पत्र के दौरान जब 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का प्रस्ताव सामने आया, तो उन्होंने रात को फोन करके इस घोषणा को पुनः कन्फर्म किया तो मुख्यमंत्री सैनी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि आप घोषणा करिए, खरीद की ज़िम्मेदारी मेरी है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहाँ 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल खरीद ही नहीं, बल्कि 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में फसलों का भुगतान करके हरियाणा सरकार ने एक नई प्रशासनिक क्रांति भी की है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को देश में सबसे अधिक मूल्य देने का काम भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया है, जिससे पूरे देश की सरकारों पर सकारात्मक दबाव बना है। अमित शाह ने हरियाणा सरकार की जल प्रबंधन और सिंचाई योजनाओं की भी विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि “पर ड्रॉप – मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत 85 प्रतिशत सब्सिडी, दशकों से वंचित क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुँचाना और 2088 अमृत सरोवरों का निर्माण, ये सभी कदम दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का छोटा राज्य होते हुए भी कृषि, दुग्ध उत्पादन, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान देता रहा है। आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह परंपरा और भी सशक्त हुई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हरियाणा का उद्योग, जीएसटी और आयकर में बड़ा योगदान है, लेकिन किसी भी सरकार की असली पहचान यह होती है कि उसका किसान खुश है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के किसान को मुस्कुराने का कारण दिया है और यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।” अमित शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के मंत्र पर चलते हुए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में और मजबूत स्थान दिलाएंगे।

इतिहास रचेगा पुलिस का सबसे बड़ा पासिंग-आउट परेड, शपथ दिलाएंगे गृहमंत्री अमित शाह : मुख्यमंत्री

पंचकूला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यवनिका पार्क से हरियाणा पुलिस के बैच संख्या-93 के जवानों द्वारा आयोजित अटल जनसेवा को समर्पित दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की स्मृति में आयोजित यह दौड़ एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रेरणास्पद प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आज सांय केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भारतीय पुलिस के इतिहास के सबसे बड़े पुलिस पासिंग-आउट बैच को सामूहिक शपथ दिलवाएंगे। इस ऐतिहासिक बैच में कुल 5,061 जवान शामिल हैं, जिनमें 4,191 पुरुष एवं 870 महिला जवान हैं। इस प्रकार, इस बैच में 20.75 प्रतिशत महिला भागीदारी सुनिश्चित हुई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में हरियाणा पुलिस में महिलाओं की भागीदारी मात्र 3 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 10 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। राज्य सरकार ने इसे आगामी वर्षों में 25 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि प्रदेश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान में हरियाणा पुलिस की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। नवप्रशिक्षित जवान इस अभियान के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।  उन्होंने कहा कि यह दौड़ 39 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रमाण है तथा पुलिसिंग और कर्मयोगी पाठ्यक्रम के उन मूल्यों को व्यवहार में उतारने की शुरुआत है, जिन्हें जवानों ने प्रशिक्षण के दौरान आत्मसात किया है। इस दौड़ में ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए 4,252 जवान तथा शहरी पृष्ठभूमि के 809 जवान एक साथ कदमताल कर रहे हैं, जो पूरे हरियाणा की सामाजिक एकता और समरसता का सशक्त संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैच की एक और उल्लेखनीय विशेषता यह है कि लगभग 85 प्रतिशत जवान स्नातक एवं स्नातकोत्तर हैं। इनमें से 2,390 जवान (50 प्रतिशत से अधिक) 26 वर्ष से कम आयु के हैं, जो हरियाणा पुलिस में नई ऊर्जा, आधुनिक दृष्टिकोण और कार्यकुशलता का संचार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह दौड़ केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि योग, पी.टी. एवं आत्मरक्षा जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विकसित आत्मबल और अनुशासन का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि इन जवानों ने 9 अप्रैल 2025 को उत्साहपूर्वक 1,356 यूनिट रक्तदान कर समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह, हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक डॉ अरशिंदर सिंह चावला, उपयुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक पंकज नैन, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष, बंतो कटारिया, ओम प्रकाश देवीनगर, दीपक शर्मा सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

खेती को बनाया मिशन: 10 वर्षों से कर रहे खास काम पर सिरसा के आशीष सम्मानित

हिसार चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को किसान दिवस पर प्रदेश के 42 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि एचएयू कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने सिरसा के गांव सुकेरा खेड़ा के आशीष मेहता को किसान रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया। उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र व 31 हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर प्रदान किए गए।   किसान रत्न अवॉर्ड से सम्मानित आशीष ने कहा कि दस साल से फसल अवशेष प्रबंधन कर रहा हूं। अपने खेत की मिट्टी को लेकर बेहद जागरूकता से काम करते हैं। इससे खेत में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ी है। किसानों का मिट्टी के प्रति संवदेनशील होना चाहिए। जैविक खेती अपनाने से किसानों को आर्थिक तौर के अलावा हेल्थ के रूप में भी फायदा होगा। प्रदेश के इन किसानों को किया गया सम्मानित  भिवानी के मंढाणा से श्याम सुंदर, धनासरी से कृष्णा, फतेहाबाद के बरसीन से राजेंद्र, कुलां से ममता को सम्मानित किया गया। सिरसा के गांव भड़ोल्यांवाली से जसविंदर सिंह, ओढ़ा से सर्वजीत कौर, हिसार के गांव खेड़ी बरकी से नरेश कुमार, सदलपुर से अरुणा देवी, हिसार से गांव चिड़ौद निवासी प्रदीप कुमार व फतेहाबाद के ढांड से मुकेश कुमार को सम्मानित किया गया।      

बेटी बचाओ अभियान को मिली सफलता: हरियाणा में गर्भपात घटा, लिंगानुपात 9 अंक बढ़ा

चंडीगढ़ हरियाणा पढ़ाओ अभियान को लेकर सरकार की सख्ती के चलते अवैध गर्भपात करवाने वाली महिलाओं में कमी आई है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत कम गर्भपात हुए हैं। इससे हजारों बेटियों की जान बची जिससे लड़कियों का लिंगानुपात गत वर्ष के 909 के मुकाबले इस वर्ष बढ़‌कर 918 तक जा पहुंचा है। अवैध लिंगानुपात की जांच एवं गर्भपात को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मंगलवार को लिंगानुपात में सुधार पर संतोष जताते हुए नया लक्ष्य निर्धारित किया गया। आरएस ढिल्लो ने एमटीपी किट की अवैध बिक्री तथा पीएनडीटी के मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन जिलों में पिछले वर्ष के मुकाबले में कम लिंगानुपात सामने आया है, उन जिलों के नोडल आफिसर अपने क्षेत्र में अवैध लिंग जांच तथा उसके बाद होने वाले गर्भपात के मामलों पर नजर रखें।  

फसल बीमा पर बड़ा सवाल: 116 करोड़ का क्लेम लंबित, किसान मुआवजे के लिए भटकने को मजबूर

चंडीगढ़ हरियाणा में प्रधानमंत्री फसार बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने वाले किसानों के 116 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों में फंस गए हैं। तीन साल से फसल खराबे के नुकसान की क्षति पूर्ति के लिए दावा (फ्लेग) कर यो इन किसानों को बीमा कंपनियां भुगतान नहीं कर रहीं। इससे भिवानी, सिरसा, मुंह और चरखी दादरी के किसान सर्वाधिक प्रभावित है। अधिकतर मामलों में फसल कटाई प्रयोगों पर विवाद है। बीमा कंपनियों को हठधर्मिता से नाराज प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अलैकलिस्ट करने की सिफारिश भी कर दी है।  हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने वाले किसानों के 116 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों में फंस गए हैं। तीन साल से फसल खराबे के नुकसान की क्षति पूर्ति के लिए दावा (क्लेम) कर रहे इन किसानों को बीमा कंपनियां भुगतान नहीं कर रहीं। इससे भिवानी, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी के किसान सर्वाधिक प्रभावित हैं। अधिकतर मामलों में फसल कटाई प्रयोगों पर विवाद है। हालांकि बीमा कंपनियों की हठधर्मिता से नाराज प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश भी कर दी है। डबवाली के इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सवाल उठाते हुए पूछा था कि राज्य में पिछले तीन वर्षों 2022-23, 2023-24 तथा 2024-25 के दौरान किसानों को हुए फसल नुकसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनियों के पास कुल कितनी मुआवजा राशि अभी बकाया है।   बकाया मुआवजे का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। क्या सरकार द्वारा भुगतान न करने या भुगतान में देरी करने वाली दोषी बीमा कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने माना कि तीन वर्षों से बीमा कंपनियों के पास 13 जिलों के किसानों के कुल 116 करोड़ 22 लाख रुपये बकाया हैं। इनमें अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और सोनीपत शामिल हैं। नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) के अस्वीकृत होने, बैंक खाते बंद होने और बीमित किसानों की मृत्यु के कारण 22 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि रबी 2023-24 के लिए सरसों, गेहूं और चना के लिए फसल कटाई प्रयोगों से संबंधित विवादों के कारण क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास 85 करोड़ 52 लाख रुपये लंबित हैं। जिला अटका हुआ क्लेम  भिवानी 64.55 करोड़ रुपये सिरसा 30.57 करोड़ रुपये 13.54 कारी इरुपये चरखी बदरी 7.36 करोड़ रुपये खरीफ 2024-25 के लिए क्यास के लिए इंश्योरेंस कंपनी के पास 30.47 करोड़ रुपये लंबित हैं। अब तक एग्रीकल्चर इंस्योरेंस कंपनी (एआइसी) ने सिरसा जिले में खरीफ 2014 के लिए, 79 करोड़ 4 लाख रुपये का भुगतान किया है। सिरसा के 44 गांवों से संबंधित लगभग 30 करोड़ 47 लाख रुपये के कालेम अब भी पेंडिंग हैं क्योंकि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ने जिल्ला स्तरीय निगरानी समिति के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की हुई है। यह प्रक्रियाधीन है। बीते तीन वितीय वर्षों में 223 किन्सानों को 14 लाख का क्लेम दिया गया है।

हाईकोर्ट का सख्त रुख: भूमि विस्थापितों के हक में फैसला, HSVP पर 3 लाख का जुर्माना

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भूमि विस्थापितों से बढ़ी हुई दरों पर प्लॉट की कीमत वसूलने के मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी सार्वजनिक प्राधिकरण अपनी ही लापरवाही और प्रशासनिक देरी का लाभ नहीं उठा सकता। अदालत ने HSVP द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया को मनमाना, अनुचित और कानून के खिलाफ बताया है। जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस दीपक मनचंदा की खंडपीठ ने 58 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए विवादित मूल्य निर्धारण से जुड़े प्रावधानों को रद्द कर दिया। इसके साथ ही नागरिकों को अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी में उलझाने के लिए HSVP पर 3 लाख रुपये का दंडात्मक जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने कहा कि जिन मामलों में प्लॉट के आवंटन में देरी पूरी तरह विकास प्राधिकरण की गलती से हुई हो, वहां विस्थापित व्यक्ति आवेदन की तारीख पर लागू दर के अनुसार ही भुगतान करने का हकदार होगा न कि वर्षों बाद बढ़ी हुई आरक्षित कीमत पर। न्यायालय ने दो टूक कहा कि प्रशासनिक देरी का बोझ नागरिकों पर नहीं डाला जा सकता। मामले में याचिकाकर्ता वे भूस्वामी थे, जिनकी जमीन शहरी विकास योजनाओं के तहत अधिग्रहित की गई थी। 2018 में जारी विज्ञापनों के अनुसार उन्होंने प्लॉट आवंटन के लिए आवेदन कर अग्रिम राशि जमा की थी, लेकिन HSVP ने छह से सात साल तक आवंटन पत्र जारी नहीं किए। जब 2025-26 में आवंटन किए गए, तो उनसे मौजूदा बढ़ी हुई दरों पर भुगतान की मांग की गई।   HSVP की इस दलील को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया कि 2018 के विज्ञापन में कीमत का उल्लेख नहीं था। कोर्ट ने कहा कि कीमत न बताना बाद में ज्यादा राशि वसूलने का आधार नहीं बन सकता। यह निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के शासन के सिद्धांतों के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने आवंटन पत्रों के विवादित खंडों को रद्द करते हुए HSVP को निर्देश दिया कि वह 2018 की नीति और पूर्व में दिए गए फैसलों के अनुरूप नई दरें तय करे। साथ ही सरकार को नसीहत दी कि समान परिस्थितियों वाले अन्य विस्थापितों को भी बिना भेदभाव समान लाभ दिया जाए, चाहे उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया हो या नहीं।