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कांग्रेस जिलाध्यक्षों से बोले हुड्डा- ‘जो वोट हमारा नहीं, उस पर फोकस करें’

कुरुक्षेत्र. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। उन्हें चुनाव लड़ने की बारीकियां बताईं। हुड्डा करीब चार बजे शिविर में पहुंचे और शाम छह बजे तक शिविर में रुके। हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर के छठे दिन उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों को धार्मिक स्थलों पर घूमने के लिए छुट्टी दी गई। उधर, शनिवार को शिविर में पहुंचे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का रुकने का कार्यक्रम था, लेकिन वे शनिवार देर सायं चले गए। इससे पहले वे मां भद्रकाली मंदिर में पूजा करने गए। भूपेंद्र हुड्डा ने शिविर में जिलाध्यक्षों को चुनाव लड़ने सहित मनरेगा, चुनाव के समय ग्राउंड रिपोर्ट कलेक्ट करना, अफवाहों से बचकर पार्टी प्रतिनिधि के चुनाव को ऊपर उठाना जैसे टिप्स दिए। हुड्डा ने कहा कि किसी भी चुनाव में उतरने से पहले उसकी ग्राउंड रिपोर्ट की जानकारी होना बेहद जरूरी है। जब हलके के तथ्य हमारे पास होते हैं तो एक-एक वोट का पता चल जाता है कि वह किसका है। जो वोट हमारा है, उस पर ज्यादा जोर लगाने के बजाय उस वोट पर फोकस करना चाहिए जो हमारा नहीं है। उन्होंने बताया कि किस-किस प्रकार इंटरनेट मीडिया के दौर में चुनाव में नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए चुनाव के दौरान बयान को देने से पहले क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं। उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों ने की धार्मिक स्थलों की सैर उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों ने धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उनके लिए एक बस की व्यवस्था की गई। ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर, नरकातारी भीष्म कुंड, भद्रकाली मंदिर जैसे स्थानों का भ्रमण किया। हरिद्वार से जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने बताया कि महाभारतकाल से जुड़े ऐसे स्थानों को देखकर मन प्रफुल्लित हो गया।

हरियाणा के कर्मचारियों को ‘जाब सुरक्षा’ आवेदन करने में हो रही दिक्कत

चंडीगढ़. हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में लगे हजारों कर्मचारियों को जाब सुरक्षा के लिए आवेदन करने में देरी हो रही है। इसकी वजह यह है कि अभी तक विभागीय पत्र जारी नहीं हुआ है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी नजदीक आ रही है। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन ने अभी तक पत्र जारी नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है। यूनियन के राज्य प्रधान ईश्वर शर्मा और राज्य महासचिव संदल सिंह राणा ने कहा कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी जाब सुरक्षा नियमों की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। फिर भी अभी तक कोई विभागीय पत्र जारी नहीं हुआ है, जिस कारण कर्मचारियों में अपनी जाब सुरक्षा को लेकर असमंजस और भय बना हुआ है। यूनियन के राज्य महासचिव संदल सिंह राणा ने बताया कि विभागीय देरी से होने वाले नुकसान पर चर्चा और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए 21 जनवरी को हरियाणा सयुंक्त कर्मचारी संघ ने रोहतक में राज्य प्रधान ईश्वर शर्मा की अध्यक्षता में बैठक बुलाई है। इस बैठक में हरियाणा कौशल रोजगार निगम, ट्रंप अप्वाइंटी, पंचायत के अधीन, दैनिक वेतन भोगी, कर्मचारियों को जाब सुरक्षा दिलाने के लिए, सभी ब्रांचों के सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराने और आगामी त्रिवार्षिक जिला कमेटी के चुनाव की तारीख निश्चित करने के प्रस्तावों पर फैसले लिए जाएंगे। सभी ट्रंप अप्वाइंटी कर्मचारियों के डाटा को कौशल रोजगार निगम पर अपलोड कर उन्हें जाब सुरक्षा दी जानी चाहिये। कोर्ट केस के बाद भी जाब सुरक्षा नहीं दी जा रही है। वर्ष 2020 से 2023 तक की बाकी एलटीसी अभी तक जिन कर्मचारियों को नहीं मिली है, वह भी देने की मांग इस बैठक में होगी। वित्त विभाग द्वारा इस वर्ष की एलटीसी को रद कर देने की सूचना आ रही है। यदि यह सूचना सही है तो फिर विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार कर उन्हें एलटीसी को बहाल करने के लिए तैयार किया जाएगा। संदल सिंह राणा ने बताया कि विभाग द्वारा रेगुलर कर्मचारियों के सर्कल स्तर पर पदों को बढ़ाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। उनको तीन महीने बीत जाने के बाद भी एचआरएमएस पर नहीं चढ़ाया गया है, जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति में रूकावट आ रही है। वाशिंग भत्ते की किस्त भी जारी नहीं की जा रही है। राज्य प्रभान ईश्वर सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से पांच वर्ष से ज्यादा समय वाले सभी कर्मचारियों को जाब सुरक्षा की गारंटी दी जानी चाहिए, जिसके लिए सरकार की ओर से 31 जनवरी तक सभी कर्मचारियों का डाटा अपलोड करवाना है, लेकिन कुछ दिन ही बाकी रह गए हैं, मगर अभी तक न तो कर्मचारियों के लागिन करने के लिए ओटीपी आ रहें हैं और न ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है। उनका डाटा आनलाइन नहीं हो रहा। आवेदन करने के लिए साफ दिशानिर्देश नहीं होने के कारण जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के हजारों कर्मचारी दुविधा की स्थिति में हैं।

‘काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका’: CM नायब सैनी

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीबी-जी रामजी योजना पर फैलाए जा रहे विपक्ष के भ्रम को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका की गारंटी इस योजना के मुख्य पहलू हैं। उन्होंने राज्य भर से आए श्रमिकों के साथ संवाद करते हुए उनकी बात सुनी और आशंकाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी- जी रामजी) मेहनतकश श्रमिकों के जीवन स्तर को उंचा उठाने की मजबूत नींव है। सीएजी (कैग) की रिपोर्टों से लेकर सामाजिक आडिट तक में बार-बार यह सामने आया कि मनरेगा योजना के रहते असली मजदूर काम करता रहा और जेबें औरों की भरती रहीं। वीबी-जी रामजी योजना में मजदूरों की आय बढ़ेगी तथा राज्य के हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। नायब सिंह सैनी पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में वीबी- जी रामजी पर राज्य स्तरीय सम्मेलन में उपस्थित श्रमिकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री ने लिया है, उसे गांवों और श्रमिकों के विकास के बिना पूरा नहीं किया सकता। विकसित भारत का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है। वीबी- जी रामजी केवल रोजगार देने की योजना नहीं है बल्कि मेहनतकश लोगों के जीवन को ऊंचा उठाने, उनको सम्मान देने और उनका स्वाभिमान बनाये रखने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नये कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। नये कानून में राज्यों को फसल बुवाई और कटाई के समय 60 दिन के लिए काम रोकने का अधिकार दिया गया है। इससे श्रमिकों को इन 60 दिनों का काम तो मिलेगा ही, विकसित भारत जी रामजी योजना के तहत भी 125 दिन का काम मिलेगा। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन सात हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। हरियाणा में प्रतिदिन देश में सर्वाधिक 400 रुपये की दर से न्यूनतम मजदूरी दी जाती है। इससे हर श्रमिक की वार्षिक आय कम से कम 50 हजार रुपये हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना में अब 15 दिन की जगह साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है, ताकि मजदूर को समय पर उसका पैसा मिल सके। अब न तो फर्जी मजदूर होंगे, न फर्जी काम होगा और न ही फर्जी भुगतान होगा। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था। मनरेगा के नाम पर देश के कई हिस्सों में भ्रष्टाचार, फर्जी जाब कार्ड, ठेकेदारों का वर्चस्व और मजदूरों के हक की लूट हुई थी। भाजपा ने किया पांच हजार करोड़ का भुगतान मुख्यमंत्री ने हरियाणा में भाजपा के अब तक के कार्यकाल और कांग्रेस के 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान मनरेगा के भुगतान की तुलना की। अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2025 तक श्रमिकों को भाजपा सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया, जबकि कांग्रेस के 10 वर्षों में यह आंकड़ा दो हजार करोड़ रुपये से भी कम था। नायब सैनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहिन हो चुकी है और जी रामजी योजना पर लोगों को भ्रमित करने के लिए हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस के नेताओ ने मनरेगा योजना को श्रमिकों की बजाय अपनी आजीविका का साधन बना रखा था। पंजाब सरकार नहीं कर रही भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आप सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब सरकार केवल वोट की राजनीति के लिए जी रामजी योजना का विरोध कर रही है। पंजाब में मनरेगा के तहत श्रमिकों के भुगतान में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद भी पंजाब सरकार दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि श्रमिकों के पसीने की हर बूंद में भारत के निर्माण की कहानी छिपी है, जिसे लंबे समय तक अनदेखा किया गया। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. साकेत कुमार ने कहा कि जी रामजी से श्रमिकों को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि हर स्तर पर पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा, कार्तिकेय शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया और हरियाणा मनरेगा मेट मजदूर संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार शामिल हुए।

गरीबी से करोड़पति बना ट्रैक्टर चालक, ₹10 करोड़ की लॉटरी से परिवार में जश्न

सिरसा  ट्रैक्टर चालक पृथ्वी सिंह ने कभी नहीं सोचा था कि एक ही रात में उसकी किस्मत बदल जाएगी. उसकी 10 करोड़ रुपये की लॉटरी लगी है. मामला हरियाणा के सिरसा का है, जहां पर ट्रक ड्राइवर ने लोहड़ी की लॉटरी में पहला इनाम जीता है. जानकारी के अनुसार, सिरसा जिला के रानियां में गाँव महम्दपुरिया में ट्रक चालक पृथ्वी सिंह ने पंजाब की लोहड़ी को लेकर लॉटरी टिकट खरीदा था. जैसे ही गांव में यह फैली तो ढोल-नगाड़ों के साथ लोग पहुंचे और परवार को बधाई दी. पृथ्वी सिंह दिहाड़ी पर ट्रैक्टर चलाने का काम करता है. बताया जा रहा है कि पृथ्वी सिंह ने सिरसा के डबवाली के साथ पंजाब के किलियाँवाली गाँव से लॉटरी खरीदी थी और उसे पंजाब स्टेट लोहडी मकर संक्रांति बंपर-2026 में 10 करोड़ का इनाम निकला. पृथ्वी सिंह के परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है. परिवार में खुशी का माहौल है. पृथ्वी सिंह की पत्नी स्कूल में स्वीपर का काम करती है. तीसरी बार खरीदा था टिकट पृथ्वी सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मैंने ये लॉटरी किलियांवाली गांव से ली थी और तीसरी बार मैंने ये लॉटरी खरीदी थी. वह बहुत खुश हैं औऱ इस पैसे से वह अपने सपने पूरे करेंगे और अपने बच्चों का भविष्य बनाऊंगा. पृथ्वी सिंह की पत्नी ने बताया कि मुझे बहुत ज्यादा खुशी है औ आज मेरे घर में सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है. मैंने कभी सोचा नहीं था कि इस तरह से हमारे घर में दस करोड़ रुपये की लॉटरी लगेगी. हम अपने बच्चों के सपने पूरा करेंगे. लॉटरी लगने पर लोगों ने पृथ्वी सिंह को मिठाई खिलाई. बताया जा रहा है कि पथ्वी सिंह ने 500, 200 और 100 रुपयों की तीन टिकट एजेंट से खरीदे थे और 500 रुपये की टिकट पर 10 करोड़ का ईनाम जीता है. अब पृथ्वी सिंह को लॉटरी टिकट और दस्तावेज चंडीगढ़ जाकर जमा करवाने होंगे और उसके बाद, 30 प्रतिशत टैक्स कटेगा औऱ सात करोड़ रुपये उसके खाते में आएंगे.

कुमारी सैलजा का सरकार पर हमला: लाडो लक्ष्मी योजना में संशोधन से महिलाओं का भरोसा टूटा

चंडीगढ़ कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सिरसा की सांसद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार द्वारा लाडो लक्ष्मी योजना में बार-बार किए जा रहे बदलावों को महिलाओं के साथ खुला धोखा बताया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने प्रदेश की सभी महिलाओं को 2100 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के लगभग एक वर्ष बाद भी सरकार अपने वादे से लगातार पीछे हटती जा रही है। पहले यह शर्त लगाई गई कि जिन महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके बाद तीन-तीन महीने की किस्तों में राशि डालने की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि इसके पश्चात सरकार ने योजना में फिर बदलाव करते हुए यह प्रावधान कर दिया कि केवल बीपीएल परिवारों से संबंधित महिलाओं को ही लाभ मिलेगा और वह भी तब, जब उनके बच्चे 10वीं व 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाएंगे। इस स्थिति में 1100 नकद और 1000 की एफडी कराने की बात कही गई। अब तीसरी बार योजना में परिवर्तन करते हुए सरकार ने सभी महिलाओं को मात्र 1100 देने और शेष 1000 की दीर्घकालीन एफडी करने की घोषणा कर दी है। कुमारी सैलजा ने कहा कि बार-बार नियम बदलना यह साबित करता है कि सरकार की नीयत महिलाओं को सशक्त करने की नहीं, बल्कि उन्हें भ्रमित करने की है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करना और बाद में शर्तों में उलझाकर लाभ से वंचित करना महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा सरकार बिना किसी शर्त के अपने मूल वादे को पूरा करे और प्रदेश की सभी महिलाओं को प्रतिमाह 2100 की राशि देना तुरंत शुरू करे। कांग्रेस पार्टी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए इस मुद्दे पर संघर्ष करती रहेगी। सांसद सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर नई दरें लागू करना जनविरोधी कदम है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब महंगाई पहले से ही आम आदमी की कमर तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुपचाप 1 अप्रैल 2025 से नई दरें लागू कर दीं, जिससे मध्यम वर्ग, गरीब परिवार, बुजुर्ग, किसान और छोटे दुकानदार सबसे अधिक प्रभावित होंगे। घरेलू श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के उपभोक्ताओं पर फिक्स्ड चार्ज और प्रति यूनिट दरों में की गई बढ़ोतरी पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनावों के समय सस्ती बिजली और राहत के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने जनता से किए अपने वादे भुला दिए। बिजली जैसी बुनियादी जरूरत को महंगा करना सीधे-सीधे जनता के साथ विश्वासघात है। कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि हरियाणा में पहले ही बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। ऐसे में बिजली बिल बढ़ाकर सरकार ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है। सरकार को चाहिए था कि वह बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली सुधारे, लाइन लॉस कम करे और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाए, न कि उसकी कीमत जनता से वसूले। उन्होंने मांग की कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ाई गई बिजली दरें तुरंत वापस ली जाएं। फिक्स्ड चार्ज समाप्त किया जाए। गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सब्सिडी बढ़ाई जाए।

2026 में हरियाणा के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, करोड़ों की योजना लागू

कुरुक्षेत्र नए वर्ष पर प्रदेशभर के 1019 राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन चमचमाते दिखेंगे। इन भवनों के लिए प्राथमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक की ओर से 20 करोड़ 10 लाख 42 हजार रुपये जारी किए हैं। इस राशि से इन विद्यालयों के भवनों पर नए सिरे से रंग-रोगन किया जाएगा। विद्यालय भवनों की साफ-सफाई होगी और यह नए लुक में नजर आएंगे। इनमें सबसे अधिक नूंह जिला के 340 विद्यालय और सबसे कम महेंद्रगढ़ जिला का एक विद्यालय शामिल हैं। इसमें कुरुक्षेत्र के भी 11 और करनाल के 58 प्राथमिक विद्यालय भवन शामिल हैं। गौरतलब है कि प्रदेशभर के विद्यालयों की ओर से विद्यालय भवनों की मरम्मत, रख-रखाव और अन्य जरूरतों को लेकर अपनी मांग भेजी थी। इसी को देखते हुए प्राथमिक शिक्षा विभाग महानिदेशालय की ओर से वार्षिक बजट में से 20.10 करोड़ रुपये की राशि विद्यालय भवनों पर सफेदी के लिए जारी की गई है।   सबसे अधिक नूंह के 340 और महेंद्रगढ़ का एक स्कूल शामिल इस सूची में सबसे अधिक नूंह जिला के 340 विद्यालयों को शामिल किया है, जबकि महेंद्रगढ़ जिला का एक ही विद्यालय शामिल किया है। इस सूची में अंबाला के आठ, फरीदाबाद के 72, गुरुग्राम के 92, करनाल के 58, पलवल के 78 और पानीपत के 64 विद्यालय शामिल हैं।  

लालकिला विस्फोट चार्जशीट: ED का दावा, डॉक्टरों की भूमिका सामने आई

नई दिल्ली फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 260 पेज की चार्जशीट दाखिल की है. जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. इसमें डॉक्टर्स की भर्ती मामले में भी बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ही नवंबर 2025 के 'लाल किला ब्लास्ट' से जुड़े संदिग्ध डॉक्टरों की भर्ती की थी. इनको रखने से पहले अल फलाह ने पुलिस वेरिफिकेशन ही नहीं करवाई थी। बता दें कि इन तीन डॉक्टरों में से दो को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा डॉक्टर वही सुसाइड बॉम्बर था, जिसने धमाके को अंजाम दिया था।    चार्जशीट में ये भी कहा गया है कि अल फलाह ने मेडिकल इंस्पेक्टर को बेवकूफ बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में नकली मरीजों को भर्ती किया, ताकि उनको ऐसा लगे कि बहुत मरीज और जरूरी सुविधाएं हैं,जिससे कि कॉलेज की डिग्री की मान्यता बनी रहे। ED ने यूनिवर्सिटी के 61 साल के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ PMLA के तहत दिल्ली की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. ईडी ने इस मामले में पहले ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी।जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी से जुड़े फंड्स को गलत तरीके से डायवर्ट किया गया और इनके असली स्रोत को छुपाया गया।

पानीपत के मरीज के लिए आर्टिफिशियल अंग: HC ने मेडिकल कॉर्पोरेशन को टेंडर जारी करने कहा

चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड पंचकूला को निर्देश दिए है कि वह रमन के लिए आर्टिफिशियल अंग खरीदने के लिए टेंडर आदि जारी करें। जानकारी के मुताबिक पानीपत के सनोली खुर्द गांव का रहने वाला रमन स्वामी 3 नवंबर 2011 को अपने घर की छत पर लटक रहे हाई-टेंशन बिजली के तार के संपर्क में आ गया था। जिसमें उसने अपने दोनों हाथ और बायां पैर गवां दिया। तब वह सिर्फ पांच साल का था। कोर्ट ने अगस्त 2025 में अंतरिम आदेश में हरियाणा के डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज को निर्देश दिया था कि लड़के के लिए ट्रांसप्लांट सर्जरी सहित सभी विकल्पों का पता लगाने के लिए ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाए। जस्टिस सुवीर सहगल ने आदेश में कहा कि अंतरिम आदेश के बाद याचिकाकर्ता की 6 अगस्त 2025 को जांच की गई और DGHS की ओर से 24 नवंबर, 2025 की तारीख का एक हलफनामा के साथ रिपोर्ट जमा की गई, जिसमें कहा गया है कि 17 साल के रमन की जांच मेडिकल बोर्ड के सदस्यों ने PGIMS रोहतक में क्लिनिकली और रेडियोलॉजिकली की। हाईकोर्ट ने कहा कि उपरोक्त पृष्ठभूमि और कोर्ट द्वारा पारित विभिन्न आदेशों को देखते हुए हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड पंचकूला को निर्देश दिया जाता है कि वह याचिकाकर्ता के लिए आर्टिफिशियल अंग खरीदने के लिए टेंडर आदि जारी करके कदम उठाए, जैसा कि 6 अगस्त, 2025 की रिपोर्ट में सलाह दी गई है, छह सप्ताह का समय दिया गया है।

कक्षा 1 में प्रवेश पर उम्र की नई सीमा लागू, 6 साल से छोटे बच्चों का दाखिला अब बंद

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक दूरगामी बदलाव करते हुए पहली कक्षा (Class 1) में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु सीमा को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में प्रवेश पाने के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष पूरी होना अनिवार्य होगी।   यह निर्णय 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के प्रावधानों और 'पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट' के हालिया निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब 5.5 साल के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला नहीं मिल सकेगा। क्यों बदला गया आयु का नियम? अब तक हरियाणा शिक्षा नियमावली 2011 के तहत, 5 साल 6 महीने की उम्र वाले बच्चों को भी पहली कक्षा में प्रवेश की अनुमति मिल जाती थी। हालांकि, केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने लंबे समय से सभी राज्यों को इसे 6 वर्ष करने का निर्देश दिया था। मानसिक और शारीरिक परिपक्वता: विशेषज्ञों का मानना है कि 6 वर्ष की आयु में बच्चा औपचारिक स्कूली शिक्षा के दबाव और पाठ्यक्रम को समझने के लिए मानसिक रूप से अधिक तैयार होता है। NEP 2020 का ढांचा: नई शिक्षा नीति का '5+3+3+4' मॉडल बुनियादी स्तर के पहले 3 साल प्री-स्कूल (आंगनवाड़ी/बालवाटिका) और अगले 2 साल कक्षा 1 व 2 के लिए निर्धारित करता है। कानूनी स्पष्टता: हाई कोर्ट ने 'दिविशा यादव बनाम हरियाणा राज्य' मामले में स्पष्ट किया था कि राज्य के नियम केंद्रीय कानून के अनुरूप होने चाहिए ताकि दाखिले के समय कोई भ्रम न रहे। अभिभावकों के लिए क्या बदलेगा? इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन अभिभावकों पर पड़ेगा जो अपने बच्चों का जल्दी स्कूल में दाखिला कराना चाहते थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि: बालवाटिका का विकल्प: जो बच्चे आयु सीमा पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें बालवाटिका कक्षाओं में भेजा जाएगा। peer group का लाभ: एक ही उम्र के बच्चों के साथ पढ़ने से छात्रों पर अनावश्यक प्रतिस्पर्धा का दबाव कम होगा। कोई छूट नहीं: 2026-27 सत्र से उम्र के नियमों में दी जाने वाली सभी प्रकार की रियायतें आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी जाएंगी। प्रशासन की तैयारी हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राइवेट स्कूलों को पत्र लिखकर इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश नोटिस में इस बदलाव को प्रमुखता से दर्शाएं ताकि अभिभावक समय रहते अपने बच्चों के दाखिले की योजना बना सकें।  

हरविन्द्र कल्याण का बयान: 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

चंडीगढ़  हरियाणा विधान सभा में  राजधानी युवा संसद संस्था के सहयोग से दो दिवसीय ‘हरियाणा युवा संवाद’ का दूसरा संस्करण शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में 13 राज्यों से 65 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस अवसर राष्ट्रगान का भी वादन हुआ। विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने लंबे समय तक गुलामी के कठिन दौर को झेला है, जिसके दौरान हमारी समृद्ध संस्कृति और मूल्यों को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। यह हमारे संविधान की शक्ति और देशवासियों की एकजुटता का प्रमाण है। संविधान हमें यह सिखाता है कि भारत की असली ताकत यहां के लोग हैं।  हम सभी को मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के विजन को साकार करना है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन इन सबके बीच एक साझा लक्ष्य है- राष्ट्र और प्रदेश की प्रगति। देश की विभिन्न विधानसभाओं में भले ही राज्यों की भाषाएं अलग हों, लेकिन सभी जनप्रतिनिधियों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग के लिए प्रभावी और कल्याणकारी योजनाएं बनाना होता है। जनता की कठिनाइयां दूर करना व उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति असली ध्येय है। कल्याण ने युवाओं को कहा कि आज वे उसी विधान सभा भवन में बैठे हैं, जहां से प्रदेश के अनेक दिग्गज विधायकों और नेताओं ने कानून निर्माण से लेकर हरियाणा के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां उपस्थित युवा भविष्य में जनप्रतिनिधि का अवसर पाकर लोकतांत्रिक परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे और सदन में सक्रिय व सार्थक चर्चाओं में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की विविधता स्वाभाविक है, लेकिन युवाओं को चाहिए कि वे सकारात्मक सोच के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ें, ताकि समाज और देश को नई दिशा मिल सके। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि देश को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत करना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया है। दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट के अपने अनुभव साझा करते हुए हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि वहां कई देशों के स्पीकर इस बात से हैरान थे कि भारत सैकड़ों भाषाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद इतनी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में विधायक पूजा चौधरी, हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव, हरियाणा युवा संवाद के सह-संस्थापक जय सैनी और ईशा कपूर ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए स्वाधीनता आंदोलन, संविधान सभा के अनुभव, लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और युवाओं की भूमिका पर विचार रखे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इसके बाद दो विशेष सत्र संपन्न हुए। पहले सत्र में ‘हरियाणा का सतत विकास : औद्योगिक विस्तार पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग’ विषय पर गहन चर्चा हुई। दूसरे सत्र में औद्योगिक विस्तार की आवश्यकता, इसके समक्ष चुनौतियां और विजन 2030 की प्राप्ति हेतु आवश्यक कदम के संदर्भ में हरियाणा औद्योगिक नीति-2025 पर विस्तार से चर्चा की गई।