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नाइट क्लब में चल रही थी रेव पार्टी, गुरुग्राम से 16 नाइजीरियाई समेत 18 अरेस्ट, महिलाओं की भी गिरफ्तारी

गुरुग्राम  गुरुग्राम पुलिस ने सोमवार को बेहल्पा गांव के एक फार्महाउस पर छापा मारकर 16 नाइजीरियाई नागरिकों समेत 18 लोगों को रेव पार्टी करते हुए गिरफ्तार कर लिया। ये लोग वहां बिना लाइसेंस के अवैध रूप से शराब परोस रहे थे और जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने मौके से करीब 5 लाख रुपये की महंगी शराब और 32 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पकड़े गए विदेशी दिल्ली और फरीदाबाद में रह रहे थे। मामले की विस्तृत जांच जारी है। गुरुग्राम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बेहल्पा गांव के पास स्थित 'एलिगेंट फार्म हाउस' में एक रेव पार्टी चल रही है। फार्म हाउस में बिना अनुमति के शराब परोसी जा रही है और जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने मौके पर छापा मारा जहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। पुलिस ने नाइजीरियाई मूल के 16 नागरिकों सहित कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। डीसीपी दक्षिण हितेश यादव ने बताया कि पार्टी में बिना किसी कानूनी लाइसेंस के महंगी विदेशी शराब परोसी जा रही थी। इसमें कई लोग जुए की मेज पर दांव लगा रहे थे। रेड के दौरान पुलिस ने मौके से करीब तीन लाख 20 हजार रुपये कैश बरामद किया। मौके से 24 पेटी महंगी विदेशी शराब और 16 पेटी बीयर जब्त की गई। इसकी कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है। छापे के दौरान ताश की गड्डियां और डीजे सिस्टम भी कब्जे में लिया गया है। महिलाओं समेत पकड़े गए विदेशी नागरिक दिल्ली के महरौली, साकेत और द्वारका जैसे इलाकों में रह रहे थे। वे अपने वैध पासपोर्ट और वीजा दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। पुलिस ने इनके खिलाफ विदेशी अधिनियम, आबकारी अधिनियम और जुआ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार विदेशियों को जल्द उनके देश डिपोर्ट कर दिया जाएगा। पकड़े गए अन्य आरोपियों में दो बाउंसर भी हैं। पुलिस फार्म हाउस के मालिक और मैनेजर की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि वह नए साल और क्रिसमस के मद्देनजर सभी फार्म हाउसों पर पैनी नजर रख रही है। पुलिस ने साफ किया कि अवैध शराब, नशीले पदार्थ या बिना अनुमति के होने वाली पार्टियों पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी।  

दर्दनाक हादसा: नूंह में अनियंत्रित कार की टक्कर से परिवार उजड़ा, 3 की जान गई

नूंह  फरीदाबाद से सटे नूंह जिले के होडल रोड पर सोमवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कार की टक्कर से बाइक सवार तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक फरार हो गया। मरने वाले तीनों लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा थाना सदर नूंह क्षेत्र में नायरा पेट्रोल पंप के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शाकिब (17), निजरवी (70) और यासनी (45) के रूप में हुई है। तीनों गांव अड़बर के निवासी बताए गए हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर सीएचसी नूंह के शवगृह में भिजवाया। हादसे के बाद कार चालक गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हादसे से गांव अड़बर सहित आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।  

एसपी के आदेश पर हरियाणा में तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित, 6 लाख रुपये बरामद

सिरसा  एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान की टीम द्वारा सिरसा की साइबर टीम से छह लाख रुपये बरामदगी मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने तीनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस मामले में पूरी तरह से जांच में राजस्थान की एसीबी की टीम जुटी हुई है। बता दें कि रविवार देर रात को मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया था। उसके बाद सुबह एसपी को मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया है। निलंबित होने वाले कर्मचारियों में पीएसओ  सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र व कांस्टेबल जगजीत सिंह शामिल हैं।  यह है मामला  राजस्थान में जांच के दोरान हरियाणा पुलिस की दो अलग-अलग टीमों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप रविवार को सामने आए थे।  इस मामले में सिरसा साइबर क्राइम टीम की गाड़ी से छह लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिसे साइबर क्राइम के नाम पर वसूली रिश्वत बताया जा रहा है।  जानकारी के मुताबिक राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो को  सूचना मिली थी कि कुछ पुलिस टीमें राजस्थान में साइबर फ्रॉड के मामलों में धमकाकर पैसे वसूल रही है। जब सिरसा थाने की पुलिस राजसमंद से लौट रही थी तभी कचामन सिटी थाना क्षेत्र में उन्हें रूकवाकर जांच की गई। जांच के दौरान गाड़ी से छह लाख रुपये की बरामदगी हुई। इस मामले में टीम द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसी आधार पर एसीबी की टीम मामले की जांच में जुट गई।

हरियाणा DGP का सख्त आदेश: पुलिसकर्मी ठगी या अपराध में पकड़े गए तो सीधे बर्खास्त

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार, ठगी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी ठगी या अपराध में रंगे हाथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच की औपचारिकता में समय बर्बाद नहीं किया जाएगा, बल्कि संविधान के आर्टिकल 311(2) के तहत सीधे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। डीजीपी ओपी सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर लिखा कि ठग और बदमाश चाहे पुलिस में हों या समाज में, पुलिस विभाग की नीति एकदम साफ है-कानून को जवाब देना होगा।  डीजीपी ने बताया कि उन्होंने सभी एसपी और सीपी को निर्देश दिए हैं कि जो भी पुलिसकर्मी आपराधिक गतिविधियों में रंगे हाथ पकड़ा जाए, उसके लिए अलग से जांच बैठाने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में संविधान द्वारा प्रदत्त असाधारण शक्तियों का उपयोग करते हुए तत्काल बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए। ओपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई चेतावनी मात्र नहीं है, बल्कि बीते दो महीनों में इस नीति के तहत कई मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। रंगे हाथ पकड़े गए पुलिसकर्मियों को सेवा से हटाया गया है और आगे भी यही नीति सख्ती से लागू रहेगी। डीजीपी का यह सख्त रुख पुलिस महकमे की छवि सुधारने और ईमानदार पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। संदेश साफ है कि वर्दी में अपराध बर्दाश्त नहीं, जैसी करनी वैसी भरनी। 

शीतकालीन सत्र में कांग्रेस ने किया वॉकआउट, इंदु राज नरवाल पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव मंजूर

चंडीगढ़  हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन की शुरुआत प्रश्न काल से हुई। प्रश्न काल के दौरान जल भराव व स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित सवाल पूछे गए। वहीं कॉलिंग अटेंशन व शॉर्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है  इसके बावजूद कोई काॅलिंग अटेंशन, शार्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किया गया। स्पीकर ने कहा कि आपका अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किया गया था, उसमें सभी मुद्दे शामिल किए गए थे। इसलिए विपक्ष का कॉलिंग अटेंशन व शॉर्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद कांग्रेस के विधायक सदन से वाकआउट कर गए।  विधायक शक्ति रानी शर्मा द्वारा कांग्रेस विधायक इंदु राज नरवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा गया, जिसको स्पीकर की अनुमति से संबंधित कमेटी को भेजा गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि 2014 से पहले हर साल केवल 700 एमबीबीएस डॉक्टर और 4 स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलते थे। हमारी सरकार में अब 2500 एमबीबीएस डॉक्टर और 200 के करीब स्पेशलिस्ट डॉक्टर हर साल मिलते हैं। पहले के वक्त में ये कभी विचार नहीं किया गया कि कैसे स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर की जा सकती हैं। हमारी सरकार के वक्त में 30 बेड के अस्पताल को 50 बेड, 50 बेड के अस्पताल को 100 बेड, 100 बेड के अस्पताल को 200 और 200 बेड के अस्पताल को 400 बेड तक अपग्रेड किया है। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है। हर जिले में एक अस्पताल ऐसा विकसित किया जा रहा है, जहां सभी प्रकार की सुविधाएं हो। अस्पताल में इलाज के साथ-साथ स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है।  

हरियाणा प्रशासन ने हांसी को नया जिला बनाया, अब राज्य में कुल 23 जिले होंगे

हांसी  हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने हांसी को आधिकारिक तौर पर नया जिला घोषित कर दिया है. हांसी अब हरियाणा का 23वां जिला है, जिसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. हांसी को हिसार से काटकर बनाया गया है.  बता दें, हिसार एक ऐसा जिला है, जिससे अब तक चार जिले बनाए जा चुके हैं. भिवानी, सिरसा फतेहाबाद और अब हांसी. इसके अलावा, भिवानी से काटकर चरखी दादरी को भी नया जिला बनाया गया है, तो काफी पहले हिसार का ही हिस्सा रहा है.  हांसी में दो उप मंडल, 3 तहसीलें और 3 ब्लॉक नए जिले में दो उपमंडल हैं, जिन्हें हिसार जिले से अलग किया गया है. इसके अलावा, हांसी जिले में तीन तहसीलें हैं- हांसी, नारनौंद और बास. वहीं, एक उप तहसील खेड़ी जालब को भी शामिल किया गया है. नए जिले हांसी में तीन ब्लॉक हांसी-1, हांसी-2 और नारनौंद भी होंगे.   हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी आज से हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी। वर्तमान में हिसार जिले में 6 तहसील और 3 उप-तहसील हैं। तहसील हिसार, हांसी, नारनौंद, बरवाला, बास और आदमपुर, बालसमंद, उकलाना और खेरी जालब उप-तहसील हैं। हांसी जिला बनने से 3 तहसील अलग हो जाएगी अब बास, नारनौंद, हांसी अलग जिले में गिनी जाएगी। हिसार में हिसार और बरवाला उपमंडल रह जाएगा। इसके अलावा हांसी में नारनौंद और हांसी दो उपमंडल गिने जाएंगे। हांसी में DC बैठेंगे, नई योजनाएं आएंगी हांसी के जिला बनने के बाद कई चीजें बदल जाएंगी। हांसी के लोगों को अब प्रशासनिक कामों और DC से मिलने के लिए हिसार नहीं आना होगा। हांसी में ही DC बैठेंगे। इसके साथ ही मुकदमों की पैरवी के लिए हिसार जिला कोर्ट भी नहीं आना पड़ेगा। हांसी में जिला एवं सत्र न्यायालय का गठन होगा। जिला न्यायाधीश भी बैठेंगे। इसके अलावा हांसी के जिला बनने से इलाके का विकास तेजी से हो सकेगा। सरकार जिले के विकास के लिए नई योजनाएं लाएगी, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जीवन स्तर में सुधार होगा। हरियाणा बनने के बाद यूं बंटता गया हिसार…     पहला बड़ा बंटवारा 1972: 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ और हरियाणा नया स्टेट बना। उस समय हिसार, एरिया वाइज हरियाणा का बड़ा जिला था और आज के कई जिले- जैसे भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद व चरखी-दादरी, उसी का पार्ट थे। हिसार का पहला विभाजन 22 दिसंबर 1972 को हुआ, जब भिवानी को अलग जिला बनाया गया।     दूसरा विभाजन वर्ष 1975: हिसार का दूसरा बंटवारा 1 सितंबर 1975 को हुआ जब सिरसा को नया जिला बनाया गया। हालांकि, व्यावहारिक रूप से सिरसा जिला 1979 में अस्तित्व में आया।     तीसरा विभाजन 1997: हिसार का तीसरा बंटवारा 15 जुलाई 1997 को हुआ, जब फतेहाबाद को जिला बनाया गया। फतेहाबाद उस समय तक हिसार जिले की एक तहसील होती थी। 22 जनवरी 2016 को किसी समय हिसार का हिस्सा रहे भिवानी जिले को तोड़कर चरखी-दादरी को जिला बनाया गया। चरखी-दादरी ऐतिहासिक रूप से पुराने हिसार मंडल का हिस्सा रहा।     अब चौथी बार हिसार का बंटवारा: सीएम नायब सैनी ने 16 दिसंबर 2025 को हांसी को अलग जिला बनाने का ऐलान किया। जिसका 22 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। हांसी की दूरी हिसार से 25 किलोमीटर संभवतः हांसी पहला ऐसा जिला है जिसकी दूसरे जिले से दूरी महज 25 किमी है। दूरी के मामले में चरखी दादरी दूसरे स्थान पर है, जिसकी भिवानी से दूरी करीब 27 किमी है। इसी तरह, हांसी तीसरा ऐसा जिला है जहां केवल दो विधानसभा सीटें होंगी, जिनमें हांसी और नारनौंद शामिल हैं। चरखी दादरी में भी दादरी और बाढ़डा विधानसभाएं हैं। वहीं पंचकूला में पंचकूला और कालका विधानसभाएं आती हैं। अब तक हिसार विधानसभा सीटों के मामले में पहले नंबर पर था, जहां 7 विधानसभा सीटें थीं। विभाजन के बाद हिसार में 5 सीटें रह गई हैं,, जिनमें आदमपुर, उकलाना, बरवाला, हिसार और नलवा शामिल हैं। हांसी और नारनौंद के 110 गांव शामिल हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों में आने वाले 110 गांव, जो अब हांसी में शामिल हो गए हैं, उनके नाम कुछ इस प्रकार हैं-  हांसी शहर, अनीपुरा, बडाला, बांडा हेडी, बाडा जग्गा, बड़छपर, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास ख़ुर्द बिजान, भकलाना, भैणी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रागडान, बीड हांसी, बुडाना, चानोत, डाटा, दयाल सिंह कॉलोनी, दैपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढंढेरी, ढाणी ब्राह्मणान माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंदु, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुन्दनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रागडान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज और खेड़ी श्योराण, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेडी, माढा, मैहंदा, महजद, माजरा, मामनपुरा, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोठ करनैल साहब, मोठ रांगडान, मुजादपुर, नाडा, नारनौंद, नारनौंद औंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी सकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजिमा, गामड़ा, घिराय, गुराना, हैबतपुर, हाजमपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जीतपुरा, कांगसर, कंवारी, कापड़ो, खाण्डा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खरकड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समैण, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंधर, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोला, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन, उमरा 5 लाख के करीब होगी हांसी की जनसंख्या प्रस्तावित जिला हांसी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1 लाख 34 हजार 976 हेक्टेयर है. इसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 5 लाख 40 हजार 994 होगी. गौरतलब है कि नागरिक-केंद्रित सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार तथा हांसी क्षेत्र के लोगों को सरकारी सेवाओं की प्रभावी और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हिसार के उपायुक्त द्वारा यह प्रस्ताव हिसार मंडल आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया था.

यात्रियों के लिए खुशखबरी: हरियाणा का यह रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

हिसार रेलवे प्रशासन ने हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी सुरक्षा में लाने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है और कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी। हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्गों से संभव होगा। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा कर्मियों के लिए निगरानी करना भी आसान हो जाएगा।

कुरुक्षेत्र से CM सैनी का बड़ा ऐलान, 7 हजार जरूरतमंद परिवारों को मिलेंगे 100 गज के प्लॉट

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र जिले के गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी में आयोजित धन्यवाद एवं जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 7 हजार भूमिहीन परिवारों को शीघ्र ही 100-100 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर मकान निर्माण में सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 15 हजार से अधिक परिवारों को पहले ही 30 गज के प्लॉट दिए जा चुके हैं और अब पात्र लाभार्थियों को दूसरी किस्त में भी प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही विभिन्न सरकारी विभागों में नई भर्तियां निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी के लिए 21-21 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। प्रहलादपुर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 47.46 लाख रुपये की पाइपलाइन योजना और बदरपुर में 43.31 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई। इसके अलावा सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए भी धनराशि मंजूर की गई। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब दिख 1.40 लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों की महिलाएं भी इस योजना में आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं और रोजाना हजारों नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।

चंडीगढ़ विवाद पर बड़ा खुलासा: रणदीप सुरजेवाला बोले– ₹1 लाख करोड़ मिले तो हरियाणा पीछे हटेगा

चंडीगढ़ हरियाणा-पंजाब के बीच चंडीगढ़ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बड़ा बयान दिया है।  उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड दे दे तो हरियाणा चंडीगढ़ पर दावा छोड़ने को तैयार है। सुरजेवाला ने यह बात सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में कही।   सुरजेवाला ने कहा कि चंडीगढ़ के मुद्दे पर हरियाणा की स्थिति पूरी तरह साफ है। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत चंडीगढ़ का बंटवारा 60:40 के अनुपात में पंजाब और हरियाणा के बीच किया गया था। ऐसे में हरियाणा का चंडीगढ़ पर 40 प्रतिशत कानूनी और सांविधानिक अधिकार बनता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अधिकार स्पष्ट रूप से मौजूद है, तो हरियाणा बिना किसी ठोस विकल्प के अपना हिस्सा क्यों छोड़े।  चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें तिवारी ने चंडीगढ़ को मूल रूप से पंजाब की राजधानी बताया था, सुरजेवाला ने कहा कि मनीष तिवारी अपने दृष्टिकोण से सही हो सकते हैं लेकिन हरियाणा का भी चंडीगढ़ में वैध हिस्सा है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर यह हिस्सा छोड़ने की बात होती है, तो हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।   नेशनल हेराल्ड मामले पर सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड आजादी की लड़ाई और स्वतंत्र पत्रकारिता का प्रतीक है जिसे मौजूदा सरकार बदले और नफरत की राजनीति के तहत खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय को राजनीतिक हथियार बनाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाया गया। सुरजेवाला ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 2014 से 2021 तक न तो सीबीआई और न ही ईडी को कोई आपराधिक या मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मिला। इसके बावजूद 2021 में जबरन केस दर्ज किया गया, जो कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और स्वतंत्र संस्थाओं पर सीधा हमला करार दिया।

नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख हड़पे, यूनिवर्सिटी का नकली ज्वॉइनिंग लेटर बना ठगी का हथियार

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने यूनिवर्सिटी में लैब क्लर्क की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर पीड़ित परिवार से मोटी रकम वसूल ली और बाद में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र जिले में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के एक गांव के युवक को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था। आरोपी विकास, जो पीड़ित परिवार की जान-पहचान का बताया जा रहा है, ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए यूनिवर्सिटी में लैब क्लर्क पद पर नियुक्ति कराने का भरोसा दिलाया। इसी विश्वास के चलते पीड़ित परिवार आरोपी के झांसे में आ गया। 10 लाख की मांग, 8 लाख लिए शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने नौकरी लगवाने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की। बातचीत पक्की होने के बाद परिवार ने 5 लाख रुपये नकद दिए, जबकि 3 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। कुछ दिनों बाद आरोपी ने पीड़ित युवक को ज्वाइनिंग लेटर सौंप दिया, जिसे देखकर परिवार को नौकरी लगने का यकीन हो गया।   जांच में फर्जी निकला ज्वाइनिंग लेटर  जब युवक ने नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जानकारी जुटाई तो संदेह हुआ। जांच कराने पर सामने आया कि दिया गया ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि आरोपी ने पहले तो टालमटोल की और फिर दूसरी जगह नौकरी लगवाने का नया आश्वासन देकर समय खींचता रहा, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही रकम वापस की गई।    पुलिस में शिकायत, FIR दर्ज   आखिरकार पीड़ित परिवार ने थाना बाबैन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  लोगों को सतर्क रहने की अपील  पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार के दलालों या निजी व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन से ही प्राप्त करें। इस तरह के मामलों में समय रहते शिकायत दर्ज कराना जरूरी है, ताकि ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके।