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फरीदाबाद: अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पुलिस का सर्च ऑपरेशन, जमातियों से पूछताछ

फरीदाबाद  फरीदाबाद में 2900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के सिलसिले में पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छापेमारी की है। यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाकों में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद राठर, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुजम्मिल शकील, और डॉ. शाहीन शाहिद का संबंध इसी यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है। गल्फ फंडिंग से जुड़ी यूनिवर्सिटी पर जांच की नजर मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी गल्फ देशों से मिलने वाली फंडिंग से संचालित होती है। विस्फोटक मिलने के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जांच में यह भी सामने आया है कि फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगा क्षेत्रों के दो घरों से बरामद विस्फोटक एक तथाकथित ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा बताया जा रहा है। 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' क्या है? सूत्रों के मुताबिक, इस मॉड्यूल में ऐसे शिक्षित और सम्मानित लोगों को शामिल किया जाता है, जिन पर सामान्यतः शक नहीं किया जा सकता। इसी रणनीति के तहत डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। 4 जमातियों को हिरासत में लिया गया पुलिस ने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव की मस्जिदों में भी तलाशी ली है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील नियमित रूप से तगा मस्जिद में नमाज पढ़ने आता था। इसके साथ ही पुलिस ने जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और नूंह से आए जमातियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान शक के आधार पर चार जमातियों को हिरासत में लिया गया है। उनके मोबाइल से मिली वॉट्सऐप चैट्स की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।  

पूर्व अग्निवीरों के लिए खुशखबरी! हरियाणा में भर्ती आयु सीमा में राहत का ऐलान

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब राज्य के स्थायी निवासी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के दौरान आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य उन युवाओं को प्रोत्साहित करना है जिन्होंने देश की सेवा ‘अग्निपथ योजना’ के तहत की और अब नागरिक जीवन में नए अवसर तलाश रहे हैं। हरियाणा सरकार का यह कदम उन अग्निवीरों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपना युवापन समर्पित किया। अब वे राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था में भी अपनी भूमिका निभा सकेंगे। सरकार का यह फैसला ‘देश सेवा से राज्य सेवा’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   तीन वर्ष की सामान्य छूट, पहले बैच को पांच वर्ष का लाभ मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी ग्रुप-‘बी’ और ग्रुप-‘सी’ पदों पर सीधी भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को तीन वर्ष की आयु सीमा छूट दी जाएगी। साथ ही, पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को अतिरिक्त पांच वर्ष की छूट का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से न केवल उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने का बेहतर अवसर मिलेगा, बल्कि उनकी सेवा भावना और अनुशासन का लाभ राज्य प्रशासन को भी प्राप्त होगा। सभी विभागों को जारी किए निर्देश मुख्य सचिव ने अपने पत्र में सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे इन आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह छूट पूर्व अग्निवीरों के सम्मान और पुनर्वास से जुड़ा कदम है, ताकि वे अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर सरकारी सेवाओं में योगदान दे सकें। पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार का नया अवसर राज्य सरकार का यह फैसला युवाओं में नई उम्मीद जगाने वाला माना जा रहा है। ‘अग्निवीर योजना’ के तहत देशभर में हजारों युवाओं ने सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी की है, जिसके बाद उन्हें पुनः रोजगार की तलाश रहती है। हरियाणा, जो देश में सबसे अधिक सैनिक देने वाले राज्यों में से एक है, अब इन युवाओं के लिए ‘सेवा से सम्मान तक’ की पहल कर रहा है।   रोजगार नीति में सकारात्मक बदलाव राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय हरियाणा सरकार की रोजगार नीति में एक सकारात्मक और व्यावहारिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल पूर्व सैनिकों को नागरिक क्षेत्र में अवसर मिलेगा, बल्कि सरकारी संस्थानों को भी अनुशासित, प्रशिक्षित और देशसेवा का अनुभव रखने वाले युवा कर्मचारी मिल सकेंगे।

ग्रुप-सी कर्मचारियों के लिए हरियाणा सरकार का निर्देश, 15 नवंबर तक मांगे जाएं आवेदन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे पूर्व अग्निवीरों के पदों को छोड़कर, ग्रुप-सी पदों की नई और वापस ली गई मांगों (रिक्विजिशन) को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पोर्टल पर 15 नवंबर, 2025 तक अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों/मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है।  पत्र में कहा गया है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा समूह-सी पदों के लिए समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) का आयोजन 26 और 27 जुलाई, 2025 को किया गया था। इसके उपरांत राज्य सरकार द्वारा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी की भर्ती प्रक्रिया) नियम, 2025 अधिसूचित किए गए। इन नियमों के तहत राज्य सरकार के अधीन सभी विभागों और संगठनों को संबंधित सेवा नियमों में निर्दिष्ट पात्रता मानदंडों का पालन करते हुए, अपने रिक्त ग्रुप-सी पदों की मांग आयोग को निर्धारित प्रारूप में भेजनी होती हैं। 

कॉमर्शियल बिजली बिल पर 1.21 रुपए का सरचार्ज, हरियाणा में उपभोक्ताओं को महंगा पड़ेगा ओपन एक्सेस

रोहतक  हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। अब बिजली उपभोक्ताओं के एक वर्ग को अधिक भुगतान करना होगा, क्योंकि बिजली विभाग ने बिजली वितरण कंपनियों के अलावा बिजली उत्पादकों या व्यापारियों से सीधे बिजली आपूर्ति प्राप्त करने वाले थोक उपभोक्ताओं पर एडिशनल सरचार्ज लगा दिया है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के चीफ इंजीनियर (कॉमर्शियल) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निगम ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के नियमों के अनुसार ओपन एक्सेस सिस्टम के तहत बिजली का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं से 1.21 रुपए प्रति किलोवाट घंटा (KWH) का एडिशनल सरचार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अधिभार सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा और यह केवल उन थोक उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो डिस्कॉम के अलावा अन्य स्रोतों से बिजली खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि ये थोक उपभोक्ता अपने खुदरा बिजली उपभोक्ताओं पर अधिभार का बोझ डाल सकते हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के चीफ इंजीनियर (कॉमर्शियल) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निगम ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के नियमों के अनुसार ओपन एक्सेस सिस्टम के तहत बिजली का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं से 1.21 रुपए प्रति किलोवाट घंटा (KWH) का एडिशनल सरचार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। 6 अगस्त से लागू होगा ये फैसला दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संशोधित अधिभार 6 अगस्त, 2025 से लागू होगा, जिस दिन एचईआरसी ने आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि नया अधिभार तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य सरकार द्वारा इसे संशोधित नहीं किया जाता। हालांकि सरकार की ओर से इसको लेकर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अधिभार सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा, और यह केवल उन थोक उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो डिस्कॉम के अलावा अन्य स्रोतों से बिजली खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि ये थोक उपभोक्ता अपने खुदरा बिजली उपभोक्ताओं पर अधिभार का बोझ डाल सकते हैं। ओपन एक्सेस सिस्टम का लेते हैं लाभ ओपन एक्सेस सिस्टम पात्र उपभोक्ताओं को, आम तौर पर 1 मेगावाट (MW) या उससे अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को, अपनी स्थानीय वितरण कंपनी तक सीमित रहने के बजाय सीधे जनरेटर या व्यापारियों से बिजली खरीदने की अनुमति देती है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रणाली उपभोक्ताओं को अपना बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने में सक्षम बनाकर प्रतिस्पर्धा और लचीलेपन को बढ़ावा देती है, जिससे लागत कम करने या नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। ओपन एक्सेस सिस्टम क्या है? ओपन एक्सेस सिस्टम, पात्र उपभोक्ताओं, विशेष रूप से मिनिमम 1 मेगावाट (MW) भार वाले उपभोक्ताओं को, अपनी स्थानीय वितरण कंपनी तक सीमित रहने के बजाय सीधे बिजली उत्पादकों या व्यापारियों से बिजली खरीदने की अनुमति देती है। यह प्रणाली उपभोक्ताओं को अपना बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने में सक्षम बनाकर प्रतिस्पर्धा और लचीलेपन को बढ़ावा देती है, जिससे लागत कम करने या नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। इस सिस्टम में विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से तीसरे पक्ष से खरीदी गई बिजली को ट्रांसमिटेड करने के लिए मौजूदा ट्रांसमिशन और सप्लाई नेटवर्क का उपयोग करना शामिल है, जिसमें उपभोक्ता पावर ग्रिड का उपयोग करने के लिए लागू शुल्क का भुगतान करते हैं।

परीक्षा के 101 दिन बाद एचटेट परिणाम जारी, सफलता दर मात्र 14%

चंडीगढ़  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट का परिणाम जारी कर दिया है। एचटेट परीक्षा में 14 फीसदी परीक्षार्थी ही सफल रहे हैं। एचटेट परीक्षा में तीन लाख 31 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की एचटेट परीक्षा में करीब 47 हजार परीक्षार्थी पास हुए हैं। लेवल- प्रथम का परीक्षा परिणाम 16.2, लेवल- द्वितीय का परीक्षा परिणाम 16.4 व लेवल- तृतीय का परीक्षा परिणाम 9.6 प्रतिशत रहा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 3.31 लाख परीक्षार्थियों ने 30 व 31 जुलाई को  एचटेट परीक्षा दी थी। शिक्षा बोर्ड ने एक महीने में परिणाम जारी करने की बात कही थी, लेकिन तीन महीने से ऊपर का समय बीत जाने के बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं हुआ था। अब परीक्षा के 101 दिन बाद परिणाम घोषित किया है।  पीजीटी लेवल-3 के लिए एक लाख 20 हजार 943 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था और परीक्षा कुल एक लाख 559 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। वहीं, टीजीटी लेवल-2 के लिए 2 लाख एक हजार 517 उम्मीदवारों ने आवेदन किया और परीक्षा एक लाख 67 हजार परीक्षार्थियों ने दी थी। पीआरटी लेवल-1 के लिए 82 हजार 917 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया और परीक्षा में 66 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी।  

फरीदाबाद में पुलिस का बड़ा खुलासा — डॉक्टर के ठिकाने से 2550 किलो विस्फोटक मिला

फरीदाबाद जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉक्टर मुज्जमिल शकील के दूसरे घर से भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। डॉक्टर मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातार यहां छापेमारी कर रही है। इसी छापेमारी के दौरान एक इमाम को गिरफ्तार करने की सूचना है। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल इस इमाम के सम्पर्क में था। रिपोर्ट के मुताबिक अब पुलिस को 2563 किलोग्राम विस्फोटक मिला है। ये घर भी डॉ मुज्जमिल ने किराय पर लिया हुआ था जो धोज से 4 किलोमीटर दूर फतेहपुर तागा गांव में स्थित है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक बरामद की गई सामग्री शायद अमोनियम नाइट्रेट है। फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस सुबह से ही इस घर पर छापेमारी कर रही है।फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज औरअस्पताल में कार्यरत शकील को हाल ही में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। 2 डॉक्टरों समेत 7 लोग गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएस) संगठनों के एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो डॉक्टरों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए इस अभियान में आईईडी बनाने की 2,900 किलोग्राम सामग्री के अलावा अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो डॉक्टर शामिल हैं। उनके पास से पहले हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। इनमें से एक चिकित्सक फरीदाबाद का है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने यहां कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह मॉड्यूल प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और एजीयूएच से जुड़ा था। इस अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में समन्वित छापेमारी के दौरान आतंकवादियों की गिरफ्तारी की गई और हथियारों, गोला-बारूद एवं विस्फोटकों का भारी जखीरा बरामद किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि 19 अक्टूबर को शहर के बनपोरा नौगाम इलाके में विभिन्न स्थानों पर जैश-ए-मोहम्मद के कई पोस्टर चिपके हुए पाए गए, जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकाने एवं डराने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि इसी के अनुसार पुलिस थाना नौगाम में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम) अधिनियम , बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। प्रवक्ता ने कहा, जांच से एक सफेदपोश आतंकवादी तंत्र का पता चला है जिसमें कट्टरपंथी पेशेवर और छात्र शामिल हैं। ये पाकिस्तान और अन्य देशों से काम कर रहे विदेशी आकाओं के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि यह समूह विचारधारा का प्रसार करने, समन्वय करने, धन का लेन देन करने और साजो-सामान की व्यवस्था के लिए ‘एन्क्रिप्टेड’ (गुप्त) माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक/धर्मार्थ कार्यों की आड़ में पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के जरिए धन जुटाया गया। आरोपी व्यक्ति लोगों को कट्टरपंथी बनाने, आतंकवादी संगठनों में भर्ती करने, धन जुटाने, साजो-सामान की व्यवस्था करने, हथियार/गोला-बारूद और आईईडी तैयार करने की सामग्री जुटाने में शामिल पाए गए। जांच के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवक्ता ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान श्रीनगर के नौगाम निवासियों आरिफ निसार डार उर्फ ​​साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ ​​शाहिद, शोपियां निवासी मौलवी इरफान अहमद (एक मस्जिद के इमाम), गंदेरबल में वकुरा इलाके के निवासी जमीर अहमद अहंगर उर्फ ​​मुतलशा, पुलवामा के कोइल इलाके के निवासी डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी उर्फ ​​मुसैब और कुलगाम में वानपोरा इलाके के निवासी डॉ. आदिल के रूप में की गई है। डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी के पास से लगभग 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया है। इस विस्फोटक के अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है। फरीदाबाद स्थित उसके किराए के मकान से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। गनी अल फलाह विश्वविद्यालय में शिक्षक है। इससे पहले, फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने चिकित्सक को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि यह चिकित्सक श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में भी वांछित था। श्रीनगर में पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कुछ और लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनका पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गंदेरबल और शोपियां जिलों में कई जगहों पर छापे मारे। उन्होंने बताया कि इसी तरह जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर सहारनपुर में भी छापे मारे। अब तक की जांच में आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, हथियार/गोला-बारूद और आईईडी बनाने की सामग्री बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि जो सामान बरामद हुआ है उनमें कारतूस के साथ एक चीनी स्टार पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, एके 56 राइफल, एके क्रिंकोव राइफल के अलावा विस्फोटक, रसायन, ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर और धातु की चादरों समेत आईईडी बनाने की 2,900 किलोग्राम सामग्री शामिल है। प्रवक्ता ने बताया कि धन के प्रवाह के संबंध में वित्तीय जांच जारी है और यह पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि इससे और कौन जुड़ा है।

4000 मौतों के बाद हरियाणा पुलिस ने कसा शिकंजा, शराब पीने वाले जाएंगे जेल

चंडीगढ़  हरियाणा के DGP ओपी सिंह चार्ज संभालने के बाद लगातार एक्शन मोड में हैं और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं। जिससे उनकी चर्चा भी खूब हो रही है। वहीं इसी के साथ ही अब DGP ने प्रदेश में सड़कों पर हादसों की वजह बनने वाले लोगों पर भी अपनी नजर गड़ा ली है। DGP ओपी सिंह ने हरियाणा पुलिस के सभी चौकी इंचार्ज, एसएचओ एवं डीएसपी और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों व कर्मियों को निर्देशित करते हुए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में डीजीपी ने प्रदेश में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 15 से 20 दिन जेल भेजने की बात कही है। साथ ही जो टक्कर मारकर भाग जाते हैं ऐसे गाड़ी चालकों को साल- 2 साल जेल की हवा खिलाने को कहा है। साथ ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल करने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि ओवरस्पीडिंग करने वालों को नाके लगाकर दबोचें और बेदर्दी से उनका चालान ठोंके। क्योंकि ऐसे सिरफिरों की वजह से सड़कें फायरिंग रेंज से भी ज़्यादा खतरनाक हो जाती हैं। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में हर साल हत्याओं से ज्यादा हादसों में लोग मारे जा रहे हैं और यह संख्या बहुत ज्यादा है। हरियाणा पुलिस को एडवाइजरी जारी करते हुए DGP ने लिखा है, ''इस साल जनवरी-अक्टूबर की अवधि में हरियाणा में लगभग 4,000 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। ये राज्य में इस अवधि में हत्या में हुईं 800 मौतों से पांच गुना ज्यादा हैं। मरने वाले ज्यादातर बीस-तीस साल के होते हैं, घर की रोटी कमा रहे होते हैं। इसके अलावा घायलों की संख्या इसे कहीं ज़्यादा है। उनके इलाज में लाखों खर्च होते हैं। कई तो पूरी उम्र के लिए अपाहिज हो जाते हैं।'' DGP ने आगे लिखा, ''मैं चाहूँगा कि हरियाणा पुलिस इसे एक मानव-निर्मित आपदा समझे जिसे प्रयास से कम किया जा सकता है। अपेक्षा है कि अपने इलाके में ब्लाइंडस्पॉट/एक्सीडेंट हॉटस्पॉट की पहचान की जाये। वहां हो रहे हादसे के कारणों का पता करें और यह तय करें कि वहां हादसों को रोका जा सके। साथ ही ये सुनिश्चित करें कि सड़क पर ख़राब होकर कोई गाड़ी खड़ी ना रहे। उसे सड़क से फौरन हटवायें। जब तक गाड़ी नहीं हटती, तब तक रिफ्लेक्टिव टैप वाले कोन लगायें, जिससे कि खड़ी गाड़ी दूर से दिखाई दे।'' DGP ओपी सिंह के नये आदेश में क्‍या-क्‍या कहा गया है, आइये जानते हैं… डीजीपी ने अपने संदेश में बताया कि जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच हरियाणा में करीब 4,000 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई, जो इसी अवधि में हुई हत्या की घटनाओं (लगभग 800 मौतें) से 5 गुना ज्यादा हैं. इनमें से ज्यादातर मृतक 20 से 30 वर्ष के युवाजन हैं- यानी वही लोग जो घर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान करें, शराबियों को जेल भेजें डीजीपी ओपी सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ब्लाइंड स्पॉट और एक्सीडेंट हॉटस्पॉट्स की पहचान करें और हादसों के कारणों को चिन्हित कर उन्हें दूर कराएं. उन्होंने कहा कि सड़क पर खराब वाहन नहीं रुकने चाहिए. अगर मजबूरी में कोई वाहन खड़ा है तो उसके आगे रिफ्लेक्टिव कोन लगाकर सुरक्षा सुनिश्चित करें. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 15 से 20 दिन जेल भेजें. ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए प्रभावी नाके लगाएं और बेदर्दी से चालान ठोंकें. ऐसे सिरफिरे सड़क को फायरिंग रेंज से भी ज्यादा खतरनाक बना देते हैं. डीजीपी ने आदेश दिया कि हाईवे के किनारे मौजूद शराब के ठेकों पर शाम के समय पुलिस ड्यूटी लगाई जाए, ताकि कोई भी ड्राइवर शराब पीकर वाहन न चलाए. ठेका संचालकों को आदेश दिया गया है कि वे “ड्रिंक एंड ड्राइव” के खिलाफ हिंदी में चेतावनी संदेश चलाएं. ट्रक ऑपरेटरों को चेतावनी, टू-व्हीलर और पैदल चलने वालों के लिए क्‍या कहा.. ओपी सिंह ने ट्रक ऑपरेटरों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कई ड्राइवर लगातार बिना आराम किए लंबी दूरी तय करते हैं, जिससे हादसे की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने आदेश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ड्राइवर प्रशिक्षित हों और पर्याप्त विश्राम लें. डीजीपी ने बताया कि हादसों में मरने वालों में अधिकांश पैदल यात्री और दोपहिया चालक हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे इलाकों में विशेष पुलिस ड्यूटी लगाई जाए और टक्कर मारकर भागने वाले ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई की जाए. दो साल तक की जेल और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए. सड़क निर्माण विभाग को भी जिम्मेदार ठहराया सड़क निर्माण विभाग को भी कटघरे में रखते हुए उन्होंने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करे कि सही साइनेज, रोड डिजाइन, और कट्स तय मानकों के अनुसार हों. किसी बड़ी दुर्घटना में अगर इंजीनियरिंग डिज़ाइन में गलती पाई गई, तो विभागीय इंजीनियरों की आपराधिक जिम्मेदारी तय की जाएगी. धुंध के मौसम को लेकर एक्टिव हो जाएं सर्दियों में बढ़ती धुंध को देखते हुए डीजीपी ने कहा कि सड़क पर खड़े वाहन मौत के जाल साबित हो सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर किसी क्षेत्र में ऐसी वजह से हादसा हुआ तो इसे पुलिस की लापरवाही माना जाएगा. उन्होंने पुलिस से अपेक्षा की कि किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आधे घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचाया जाए और अस्पतालों से लगातार संपर्क में रहकर सही इलाज सुनिश्चित किया जाए. डीजीपी ने कहा कि नवंबर-दिसंबर में पिछले वर्ष के मुकाबले सड़क हादसों की संख्या कम करने वालों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा और बड़ा खाना समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा. वहीं डीजीपी ने आगे कहा, ''शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पंद्रह-बीस दिन के लिए जेल जरूर भेजें। जहां ओवरस्पीडिंग की संभावना है वहां इफेक्टिव नाके लगायें, बेदर्दी से चालान ठोंके। ऐसे सिरफिरों की वजह से सड़कें फायरिंग रेंज से भी ज़्यादा खतरनाक हो जाती है। साथ ही ट्रक ऑपरेटरों से मिलकर ये तय करायें कि उनके ड्राइवर प्रशिक्षित हैं और उनके यहाँ ड्राइवरों को जरूरी आराम देने की प्रथा है। टारगेट टाइम पूरा करने के चक्कर में गाड़ियाँ चौबीसो घंटे चलती रहती है। ऐसे में दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्हें बतायें कि जाँच की आँच उन … Read more

हरियाणा में अपराधियों का डरावना ट्रेंड, DGP ने चालकों को सुरक्षा के लिए दी चेतावनी

चंडीगढ़  हरियाणा के DGP यानी पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने थार गाड़ी चलाने वालों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने थार चालकों के तार उनकी मानसिकता से जोड़े हैं और कहा है कि जो भी इस गाड़ी को चलाता है, उसका दिमाग 'घूमा हुआ' होगा। इस दौरान उन्होंने हरियाणा पुलिस अधिकारी के बेटे के थार वाहन से हुए हादसे का भी हवाला दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने कहा, 'अब थार गाड़ी है, उसे छोड़ने का क्या मतलब है, बुलेट मोटरसाइकिल है। सारे बदमाश इन पर ही चलते हैं। जिस तरह की गाड़ी की चॉइस है, ये आपका माइंडसेट दिखाता है। थार देखिए स्टंट करेंगे। हमारे एक एसीपी का बेटा है, उसने गाड़ी चढ़ा दी। अब वह घूम रहा है कि मेरे बेटे को छोड़ दो। अरे किसके नाम से थार है। हमारे नाम से तो फिर तू ही बदमाश है।' उन्होंने साफ कर दिया है कि दादागिरी करने वालों को पुलिस नहीं छोड़ेगी। डीजीपी ने कहा, 'अब लिस्ट निकालें पुलिस की तो कितने लोगों के पास थार होगी। जिसके पास भी थार होगी, दिमाग घूमा हुआ होगा उसका। वो एक स्टेटमेंट है। थार गाड़ी नहीं, एक स्टेटमेंट है कि हम ऐसे हैं। ठीक है फिर भुगतो। दोनों मजे थोड़ी होंगे। दादागिरी भी हो और फंसे भी न ऐसा कैसे होगा।' पुलिस को भी निर्देश शनिवार को सिंह ने ट्रैफिक नियमों के संबंध में उन्होंने कहा कि पुलिस को कभी अपनी शक्तियों का एकतरफा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि किसी वाहन चालक के पास वाहन से संबंधित चार आवश्यक दस्तावेज हैं, तो पांचवां दस्तावेज न होने पर उसे परेशान करने या चालान जारी करने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस आम जनता को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए है। गुरुग्राम क्षेत्र में सामान्य दुर्घटनाओं और नशे में वाहन चलाने के कारणों पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि पुलिस को यह स्वीकार करना चाहिए कि युवा आबादी वाले शहर में रात की जिंदगी और 'क्लबिंग' आम है। डीजीपी ने नशे में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जोर देकर कहा कि संबंधित प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय किया जाए ताकि ग्राहक घर जाने के लिए कैब बुक करें या समूह के साथ जाने वाले वाहन चालक को शराब न दी जाए।

पदयात्रा का चौथा दिन: बागेश्वर बाबा के साथ मेवाड़ के राजा लक्ष्यराज सिंह

पृथला  7 नवंबर से शुरू हुई बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 16 नवंबर तक चलेगी. यह यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर वृंदावन पहुंचकर समाप्त होगा. बागेश्वर बाबा की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सभी सनातनियों में एकता स्थापित करना है. 9 नवंबर को यह यात्रा हरियाणा पहुंची जहां कई राजनीतिक और सामाजिक लोग शामिल हुए. वही, आज 10 नवंबर को पृथला के बाघोंला अडानी पेट्रोल पंप से शुरू होगी और पलवल के गवर्नमेंट हाई स्कूल तक पहुंचकर रुकेगी. चौथे दिन राजा लक्ष्यराज सिंह हुए शामिल सनातन हिंदू एकता यात्रा के चतुर्थ दिवस पर 10 नवंबर को प्रातःकाल में मेवाड़ के राजा लक्ष्यराज सिंह जी भी हुए शामिल और बाबा बागेश्वर से मिलकर आशीर्वाद लिया. बाबा बागेश्वर की यह पदयात्रा 13 नवंबर को यूपी-हरियाणा बॉर्डर से होते हुए उत्तर प्रदेश के कोसीकलां (मथुरा) में प्रवेश करेगी. प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, मथुरा में करीब एक लाख श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं, जिसे देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. बांके बिहारी मंदिर पर होगी समाप्त 10 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा का समापन वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी के दर्शन के साथ होगा. प्रस्तावित रूट के मुताबिक, चौथे दिन 10 नवंबर को दोपहर भोजन विश्राम के लिए पृथला (बघोल के अड़ानी पेट्रो पंप के पास) यह यात्रा रुकेगी. इसके बाद बाघोंला अडानी पेट्रोल पंप से ही यात्रा शुरू की जाएगी और फिर रात्रि विश्राम के लिए पलवल के गर्वनमेंट सैकेंडरी स्कूल पर रुकेगी. यात्रा के संकल्प क्या हैं?     समाज में समरसता स्थापित करना.     भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना.     मां यमुना को स्वच्छ करना.     ब्रजधाम क्षेत्र को मांस ओर मदिरा से मुक्त बनाना.     गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और गौ अभयारण्य की स्थापना.     प्राचीन वृंदावन पुन: स्थापित हो.     श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण.  

शादीशुदा हैं? अब आपको ये काम ज़रूर करना होगा, हरियाणा सरकार ने जारी किया निर्देश

हरियाणा  हरियाणा सरकार की नई फैमिली ID नीति के तहत अब हर शादीशुदा व्यक्ति के लिए Marriage Certificate बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। चाहे शादी को कितने भी साल हो गए हों, अब बिना मैरिज सर्टिफिकेट के आप अपनी फैमिली ID में “Unmarried” से “Married” स्टेटस में बदलाव नहीं कर सकते। अगर मैरिज सर्टिफिकेट बना हुआ है तो करें ये ज़रूरी काम: 1. पत्नी को अपने घर की Family ID में जोड़ें 2. गलत बिजली बिल या पुरानी जानकारी हटवाएं 3. नाम के आगे माता-पिता का नाम सही करवाएं 4. Family ID में रिश्तों (Relations) को सही करवाएं क्यों जरूरी है मैरिज सर्टिफिकेट? मैरिज सर्टिफिकेट न केवल आपकी शादी का वैध सरकारी प्रमाण होता है, बल्कि यह फैमिली ID अपडेट , सरकारी योजनाओं का लाभ , और कानूनी दस्तावेजों में पहचान प्रमाण के लिए भी आवश्यक है। हरियाणा सरकार की विभिन्न सरकारी योजनाओं (₹71,000 तक) का लाभ लेने के लिए भी यह दस्तावेज़ जरूरी है। Marriage Certificate बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज़: 1. दूल्हा और दुल्हन के Aadhaar Card नंबर 2. दूल्हा और दुल्हन की 10वीं की मार्कशीट (उम्र प्रमाण के लिए) 3. दोनों की अलग-अलग पासपोर्ट साइज फोटो 4. कपल फोटो (साथ में खिंचवाई गई) 5. दो फोटो माला पहनाते या मांग भरते हुए 6. शादी का कार्ड (यदि उपलब्ध हो)   आवेदन कहां करें? मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन हरियाणा सरकार के Saral Portal ([https://saralharyana.gov.in](https://saralharyana.gov.in)) पर ऑनलाइन किया जा सकता है।इसके अलावा, आप अपने नज़दीकी CSC सेंटर (Common Service Center) या SDM ऑफिस जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।