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हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले, सरकारी सब्सिडी से बढ़ेगी आमदनी

पलवल कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पलवल के उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने बताया कि हरियाणा सरकार ने कपास की खेती के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं एकीकृत कीट प्रबंधन पर अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने कपास की फसल बोई है, उन्हें फसल में सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं कीट प्रबंधन के प्रयोग के लिए अधिकतम 2 एकड़ के लिए 2,000 रुपये प्रति एकड़ या 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान प्रदान किया जाएगा। मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसानों की सत्यापित फसल के आधार पर किसान द्वारा agriharyana.gov.in पोर्टल पर आवेदन करने के साथ-साथ कपास की फसल में प्रयोग किए गए सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं कीटनाशकों के बिल अपलोड करना भी अनिवार्य है।  जो किसान बिल अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन करने एवं बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के सभी कपास उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि तक आवेदन करें और योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवा लें, ताकि वे विभाग से संबंधित योजनाओं का लाभ उठा सकें। 

हरियाणा की बेटी कनक ने लहराया परचम, कजाकिस्तान से 2 गोल्ड जीतकर लौटी, रोहतक में धूमधाम

रोहतक  रोहतक जिले के सुनारिया गांव की कनक बुधवार ने 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त तक हो रही प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनक ने यूथ कैटेगरी में 10 मीटर शूटिंग में गोल्ड मैडल जीता है। गोल्ड मेडल जीतकर आज कनक रोहतक शहर में लौटी तो उनका भव्य स्वागत किया गया।  ढोल नगाड़ों के साथ वह अपने गोल्ड मेडल दिखाते हुए उस अकादमी में पहुंची जहां से उसने शूटिंग के गुर हासिल किए हैं। कनक ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच, अकादमी व परिवार के लोगों को दिया है। कनक का कहना है कि उनका लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक हासिल करना है। जिसके लिए वह अब तैयारी करेंगी।   हमें गर्व देश का झंडा ऊंचा किया- कोच कोच संदीप नेहरा ने बताया कि उन्हें गर्व है कि कनक ने कजाकिस्तान में देश का झंडा ऊंचा किया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कनक का कई प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन रहा है। एशियन चैंपियनशिप में दो पदक जीत कर कनक ने यह दिखा दिया है कि आने वाले ओलंपिक में शूटिंग में वह भारत के लिए पदक हासिल करने में सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे युवाओं से आह्वान करते हैं कि इधर-उधर की बातों को छोड़कर अपना समय पढ़ाई और खेल कूद में लगाए।

इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी का प्रस्ताव, गिफ्ट सिटी की तरह विकसित होगा हब

चंडीगढ़ गुजरात के गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को इस संबंध में एक आधिकारिक नोट भेज दिया है। इस हाईटेक फिनटेक हब के लिए प्रशासन ने कंसल्टेंट नियुक्त कर लिया गया है और 30 नवंबर तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आने वाले बजट में इसकी घोषणा हो सके। चंडीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में सिफ्ट सिटी (Chandigarh International Finance Tech City) बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है गुजरात के गांधीनगर में बने गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ इंटरनेशनल फाइनेंस-टेक (सिफ्ट) सिटी विकसित की जाएगी। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने भारत सरकार को औपचारिक रूप से एक नोट भेजा है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम शहर को नई दिशा देगा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख फाइनेंशियल व टेक्नोलॉजी हब के रूप में पहचान दिलाएगा। कुछ महीने पहले हुई नीति आयोग की बैठक में भी चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की गई थी। प्रशासन ने भारत सरकार को भेजे नोट में कहा है कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी जमीन उपलब्ध है, विशेषकर फेज-3 में बड़ी मात्रा में खाली जमीन पड़ी है। इस भूमि का उपयोग कर चंडीगढ़ को एक नई पहचान दिलाई जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि चंडीगढ़ की भौगोलिक स्थिति, उसका महत्व और इको सिटी की पहचान इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए मॉडल शहर है। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को मिलेगा न्योता इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चंडीगढ़ को ग्लोबल लेवल का फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी खाली जमीन है। खासकर फेज-3 में 153 एकड़ भूमि लगभग पूरी तरह खाली है, जिसे सिफ्ट सिटी के लिए विकसित किया जाएगा। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि शहर को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने माना कि बीते वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इसे तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। नवंबर से पहले पूरी होगी डीपीआर इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उद्योग सचिव निशांत कुमार यादव ने कहा है कि नवंबर तक इस प्रोजेक्ट की डीपीआर पूरी करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी बजट में भारत सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट की घोषणा हो सके। इसके लिए प्रशासन ने एक कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि रिपोर्ट में किसी भी तरह की कमी न रहे और योजना व्यावहारिक व निवेशकों को आकर्षित करने वाला बने। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को किया जाएगा आमंत्रित अधिकारियों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियां चंडीगढ़ में निवेश करेंगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। चंडीगढ़ को एक ग्लोबल स्टैंडर्ड का टेक्नोलॉजी व फाइनेंशियल हब बनाया जा सकेगा। साथ ही, प्रशासन की कोशिश है कि फेज-2 और फेज-3 की खाली जमीनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। विकास नगर के पास मौजूद फेज-3 अभी लगभग पूरा खाली पड़ा है। गुजरात मॉडल का लिया जाएगा सहाराः गुलाबचंद कटारिया इस प्रोजेक्ट पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। बीते कुछ वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इस दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। सिफ्ट सिटी में बिजनेस करने को मिलेंगी कई रियायतें -कई रेगुलेटरी छूट -बिल्डिंग अप्रूवल में आसानी – एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में लचीलापन -लेबर लॉज में राहत -कंपनियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम -इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और टैक्स इंसेंटिव एक नजर में चंडीगढ़ का इंडस्ट्रियल एरिया – फेज-1 में जमीन 776.14 एकड़ – फेज-2 में जमीन 486 एकड़ – फेज-1 और 2 में कुल 1966 प्लॉट – 5 मरला से लेकर 1 कनाल तक के क्षेत्र में छोटे प्लॉट सबसे ज्यादा फेज-1 में – फेज-2 में सभी छोटे इंडस्ट्रियल प्लॉट – फेज-3 में 153 एकड़ की जमीन 

रोजाना सफर आसान बनेगा, अंबाला से चंडीगढ़ तक नई ट्रेन पर विचार

हरियाणा  हरियाणा के कर्मचारी, विद्यार्थी और कारोबारियों को अंबाला छावनी से चंडीगढ़ तक जल्द ही नई यात्री रेलगाड़ी का तोहफा मिल सकता है। प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए ऑपरेशनल फिजिबिलिटी जांच शुरू कर दी गई है। अंबाला छावनी और चंडीगढ़ के बीच प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई, इलाज और व्यापार के सिलसिले में सफर करते हैं। फिलहाल इनकी निर्भरता बस सेवाओं और निजी वाहनों पर है। इससे समय भी ज्यादा लगता है और जेब पर भी बोझ पड़ता है। नई रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। अंबाला छावनी एक बड़ा सैन्य एवं औद्योगिक केंद्र है, जबकि चंडीगढ़ प्रशासनिक राजधानी है। दोनों शहरों को जोड़ने वाली सीधी रेल सेवा न केवल यात्रियों के लिए राहत साबित होगी बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार भी बढ़ाएगी। विज ने बताया कि पिछले माह उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन चलाने का आग्रह किया था।   रेल मंत्रालय ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए ऑपरेशनल फिज़िबिलिटी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होते ही अगली कार्रवाई शुरू होगी। मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और निकट भविष्य में हरियाणा के लोगों को नई रेल सेवा की सौगात मिलेगी।  

महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा: हरियाणा सरकार का स्टार्टअप मिशन, 60% महिलाओं की भागीदारी पर फोकस

हिसार  हरियाणा अब महिलाओं को स्टार्टअप इकोनॉमी की नई ताकत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं की भागीदारी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए न केवल हर जिले में उद्यमिता विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे, बल्कि नए इनक्यूबेशन सेंटर्स में भी महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चंडीगढ़ में स्टार्टअप पॉलिसी को लेकर आयोजित बैठक में सीएम ने कहा कि हरियाणा का भविष्य तभी मजबूत होगा जब हमारी बेटियां और बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। स्टार्टअप पॉलिसी में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई पर ले जाना इसी दिशा में एक ठोस कदम है। वर्तमान में हरियाणा के लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाएं चला रही हैं, जो देशभर में एक रिकॉर्ड है। अब लक्ष्य इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना है, ताकि हरियाणा महिला स्टार्टअप्स की राजधानी के रूप में उभरे। बैठक में बताया गया कि नए इनक्यूबेशन सेंटर्स में महिलाओं को मेंटॉरशिप, टेक्नोलॉजी सपोर्ट, फंडिंग और नेटवर्किंग की विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही, बूटकैंप्स और पिचिंग सत्रों में महिला उद्यमियों को प्राथमिकता मिलेगी। हरियाणा में पहले से ही 9,100 से अधिक स्टार्टअप्स कार्यरत हैं। इनमें से कई का संचालन महिलाएं कर रही हैं। देश के 117 यूनिकॉर्न में से 19 हरियाणा से हैं और इनमें महिला उद्यमियों की भी उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में हरियाणा की महिला नेतृत्व वाली स्टार्टअप्स देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएंगी। कृषि-टेक, आईटी, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर सेक्टर में महिला स्टार्टअप्स ने राज्य की रोजगार व नवाचार शक्ति को नई दिशा दी है। 

फरीदाबाद में छिपा बैठा था एल्विश यादव फायरिंग केस का आरोपी, पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार

 फरीदाबाद  फेमस यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विनर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर पर फायरिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार धर दबोचा है। फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक मुठभेड़ में इशांत उर्फ ​​ईशू गांधी नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसने 17 अगस्त को गुरुग्राम में एल्विश यादव के आवास के बाहर कथित तौर पर गोलीबारी की थी। पैर में गोली लगने के बाद आरोपी को अस्पताल ले जाया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस दल पर एक पिस्तौल से आधा दर्जन से ज्यादा राउंड फायरिंग की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली। इससे वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है। ये मुठभेड़ शुक्रवार सुबह 4 से 5 बजे के बीच ग्रेटर फरीदाबाद में गांव फरीदपुर-नीमका रोड पर हुई। आरोपी इशांत उर्फ इशू गांधी फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक इशांत गांधी पर कई मामले दर्ज हैं। दरअसल, 17 अगस्त को एल्विश के घर पर 24 राउंड फायरिंग हुई थी। घर के दरवाजों, खिड़की और छत की सीलिंग पर गोलियां लगी थीं। फायरिंग करते हुए आरोपियों का CCTV फुटेज सामने आया था। इसके बाद से ही पुलिस फायरिंग करने वालों की तलाश में जुटी थी। जिस दिन बदमाश एल्विश के घर पर फायरिंग कर रहे थे। उस समय पर वह घर पर नहीं थे। बता दें गोलियां घर के भूतल और पहली मंजिल पर लगी थी। हालांकि परिवार के अन्य सदस्य घर पर थे, लेकिन कोई भी इस फायरिंग में घायल नहीं हुआ था। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने लगे। राहुल फाजिलपुरिया केस से जुड़ा कनेक्शन दरअसल, एल्विश यादव भी हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया के करीबी हैं। इसलिए मामले को राहुल फाजिलपुरिया केस से जोड़कर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने राहुल फाजिलपुरिया पर भी फायरिंग की गई थी। सुनील सरधानिया ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। अब विस्तार से पढ़िए कैसे हुआ पुलिस एनकाउंटर     फरीदाबाद में छिपा था, सूचना मिलने पर घेरा: एल्विश यादव के घर पर फायरिंग के बाद से इंशात फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि इंशात फरीदाबाद के गांव फरीदपुर के पास छिपा हुआ। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 और क्राइम ब्रांच सेंट्रल ने उसे फरीदपुर गांव के पास शुक्रवार तड़के घेर लिया। वह बाइक पर सवार था     खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग की: खुद को घिरा देख इशांत ने पुलिस पर 4 राउंड फायरिंग की। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। इस दौरान उसे पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद टीम ने उसे काबू कर लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस की गाड़ी पर भी एक गोली लगी है।     घायल आरोपी फरीदाबाद के अस्पताल में भर्ती: आरोपी इशांत का इलाज फिलहाल फरीदाबाद सिविल अस्पताल में चल रहा है। उसकी निगरानी के लिए वार्ड में CIA के दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। हालत ठीक होने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए गुरुग्राम ले जाया जाएगा।  

भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण अधर में, हरियाणा में करोड़ों की कीमत वाले GPS रोवर बेकार पड़े

चंडीगढ़    हरियाणा सरकार की उन्नत रोवर-आधारित तकनीक से भूमि अभिलेखों को आधुनिक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, जबकि 2023 में लगभग 10 लाख रुपये प्रति रोवर की लागत से खरीदे गए लगभग 300 जीपीएस-सक्षम रोवर तहसील और उप-तहसील कार्यालयों में बिना इस्तेमाल के पड़े हैं।हरियाणा वृहद मानचित्रण कार्यक्रम का हिस्सा, यह पहल, भूमि सीमांकन के सदियों पुराने मैनुअल तरीकों, जैसे कि चेन या टेप माप – राजा टोडरमल के समय से चली आ रही तकनीकें – को बदलने के लिए थी, जिससे अक्सर गलतियाँ और भूमि विवाद होते थे।अधिकारी इस देरी के पीछे दो बड़ी बाधाएँ बताते हैं: ततिमा (बंटवारे) अभिलेखों का अद्यतन न होना और रोवर-आधारित मानचित्रण के लिए शुल्क का अंतिम रूप न दिया जाना।  राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "इसके तीन घटक हैं – सीओआरएस, रोवर और परिचालन डेटा। सरकार ने 19 सतत प्रचालन संदर्भ केंद्र (सीओआरएस) स्थापित किए हैं और 300 रोवर खरीदे हैं। लेकिन चूँकि बुनियादी टाटीमा डेटा अभी भी लंबित है, इसलिए इन रोवर्स का उपयोग नहीं किया जा रहा है।" अभी तक, पूरे हरियाणा में लगभग 18 लाख टाटीमा डेटा अधूरा है। इसके बावजूद, अधिकारियों का कहना है कि परियोजना अपने अंतिम चरण में है और अक्टूबर के अंत तक शुरू हो जाएगी। उच्च-परिशुद्धता जीपीएस तकनीक से लैस, ये रोवर सीओआरएस नेटवर्क के साथ तालमेल बिठाकर काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे भूमि अभिलेखों में बेजोड़ सटीकता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है। राजस्व विभाग के भूमि अभिलेख निदेशक डॉ. यशपाल यादव ने कहा, "जब कोई सर्वेक्षक रोवर को ज़मीन पर रखता है, तो उसका सटीक अक्षांश और देशांतर अंकित किया जाता है, जिससे सटीकता सुनिश्चित होती है।" वर्तमान में, इस प्रक्रिया में सर्वेक्षण पत्थरों और चेन या टेप माप जैसी जटिल प्रारंभिक तैयारियाँ शामिल हैं। नई प्रणाली भूमि प्रबंधन को कागज़ रहित और निर्बाध बनाएगी।  रीयल-टाइम डेटा एक्सेस के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पहले ही जारी की जा चुकी है, जिसमें अनिवार्य किया गया है कि भविष्य में सभी भूमि विभाजन और नवीनीकरण केवल रोवर्स की मदद से ही किए जाएँ। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग की मदद से फील्ड स्टाफ के लिए दो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और अतिरिक्त सत्रों के लिए अनुरोध किया गया है।डॉ. यादव ने आगे कहा, "रोवर का उपयोग करके प्रत्येक सीमांकन की दरों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है और सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है।" "एक बार लागू होने के बाद, यह प्रणाली त्रुटि-मुक्त सीमांकन सुनिश्चित करेगी, अतिव्यापी दावों को समाप्त करेगी और विवादों को कम करेगी।"

विधानसभा सत्र बढ़ा, विज का वार- कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी नहीं, अंदर ही अंदर खींचतान

चंडीगढ़  हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त यानी आज से शुरू हो गया है। सत्र की संभावित तारीख 22, 25 और 26 अगस्त तक होना था। लेकिन अब इसे एक दिन और बढ़ा दिया गया है। ऐसे में सेशन 27 अगस्त तक चलेगा। पहले दिन के सत्र के बाद हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा नहीं होती, सिर्फ यह तय होता है कि सदन की कार्यवाही कैसे और कितने समय तक चले। इसे एक दिन बढ़ाने का फैसला किया गया। इसमें सभी दलों के नेता मौजूद थे। यह (विधानसभा सत्र) 27 तारीख तक जारी रहेगा।  अनिल विज ने कहा कि सत्र के दौरान विपक्ष को मुद्दे उठाने की आजादी है, हमारे पास हर मुद्दे का जवाब है। इसके साथ ही विज ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जुबानी हमला भी किया। विज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक दल नहीं है। कांग्रेस में कोई किसी को नेता नहीं मानता, कोई किसी की सुनता नहीं है। यही वजह है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी वे विपक्ष के नेता पर फैसला नहीं कर पाए। शुक्रवार सुबह 11 बजे हरियाणा विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक विधानसभा सचिवालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने की। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, सीएम और सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री हिस्सा लिया। इसके साथ ही विपक्ष से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हुए। बैठक में ही तय हुआ कि सत्र का समय एक दिन बढ़ाया जाए।  हालांकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार शाम को ही भाजपा विधायकों के साथ बैठक कर सत्र की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। इस बार भी सैनी के अलावा संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा के पास विपक्ष के सवालों के जवाब देने की जिम्मेदारी रहने वाली है। कांग्रेस लाएगी काम रोको प्रस्ताव विपक्ष ने सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पूर्व स्पीकर व कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। आए दिन हत्याएं, रेप और रंगदारी की खबरें आ रही हैं। इसलिए सारे काम रोक कर सरकार से पहले कानून व्यवस्था पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे भाजपा सरकार की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में मंत्रियों व विधायकों की जिम्मेदारी पर भी चर्चा करेंगे। उनका कहना है कि सैनी सरकार संविधान के खिलाफ चल रही है। अभी तक दो विधेयक सूचीबद्ध और 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा ने बताया, सत्र के लिए अभी तक 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, एक अति आवश्यक प्रस्ताव आया है। जो बिल सूचीबद्ध किए गए हैं, उनमें पिछड़ा वर्ग आयोग की शक्तियां बढ़ाने और विधायकों का यात्रा भत्ता बढ़ाने का विधेयक सूचीबद्ध किया जा चुका है। इसके अलावा जनविश्वास बिल और हरियाणा सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग की शक्तियां बढ़ाने का विधेयक भी सूचीबद्ध किया जा सकता है। प्रश्नकाल के लिए 60 विधायकों के प्रश्न सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। इनेलो ने भी सरकार को घेरने की तैयारी, दिए 10 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव कांग्रेस के अलावा इनेलो ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयार की है। इनेलो की ओर से प्रदेश में खाद की कमी के बारे, शिक्षण संस्थानों के लिए आरक्षित की गई जमीन को आवंटित करने बारे, एसवाईएल नहर, कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में शिक्षकों के खाली पद, जमीन व प्लाटों के कलेक्टर रेट में वृद्धि, वायरस से धान व जीरी की बर्बाद फसल, बिजली की दरों में वृद्धि और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज संबंधी मुद्दे शामिल हैं। विधानसभा में ये मुद्दे इनेलो विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चौटाला उठाएंगे। सीएम की घोषणाओं व पुलिस भर्ती के पूछे गए हैं सवाल इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने राज्य की कानून व्यवस्था से संबंधित सवाल पूछा है। उन्होंने कॉल से धमकी, वसूली के मामले और अपराधियों की गिरफ्तारियों के बारे में पूछा है। मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा ने पूछा कि जुलाई तक सभी सड़कों की मरम्मत करने के आदेश दिया था, अब तक उनकी घोषणा में कितना अमल हुआ है। वहीं, कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सवाल लगाया कि 5600 पुलिसकर्मियों की भर्ती सरकार कब करेगी। कालांवाली से विधायक शीशपाल केहरवाला ने जनवरी 2024 से 31 जुलाई 2025 तक नए बीपीएल कार्डों की संख्या पूछी है।

जयपुर-कोटा जाने वालों को झटका, हरियाणा रोडवेज ने बस किराया बढ़ाया 40 रुपए तक

पलवल हरियाणा के यात्रियों को राजस्थान का सफर करने के लिए अब अपनी जेबें ज्यादा ढीली करनी पड़ रही हैं। इसकी वजह है कि राजस्थान परिवहन निगम की ओर से किराए में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। ऐसा होने के बाद रोजाना प्रदेश से राजस्थान जाने वाले हजारों लोगों पर इसका असर पड़ रहा है। उन्हें राजस्थान के विभिन्न शहरों में जाने के लिए 10 से लेकर 40 रुपए तक ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। खास बात ये है कि हरियाणा रोडवेज ने किराया नहीं बढ़ाया है, लेकिन जैसे राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेंगे तो किराया राजस्थान की बढ़ी हुई दरों के हिसाब से ही देना होगा। बता दें कि हरियाणा का सबसे बड़ा बॉर्डर राजस्थान से लगता है। प्रदेश के महेंद्रगढ़ जिले की 3 ओर की सीमाएं राजस्थान से टच हैं। इसके अलावा भिवानी, हिसार, सिरसा, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और गुरुग्राम की सीमा भी राजस्थान से लगती है। इसलिए रोजाना हजारों की संख्या में लोग राजस्थान की ओर सफर करते हैं, जिनमें जयपुर और कोटा जाने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। यहां जानिए हरियाणा के यात्रियों पर कैसे भारी पड़ रही बढ़ोतरी…     राजस्थान में 8 अगस्त से बढ़ गया था किराया: 8 अगस्त को राजस्थान परिवहन निगम की ओर से किराया बढ़ोतरी के आदेश जारी किए थे। हरियाणा रोडवेज की बस में राजस्थान की सीमा तक पहले की तरह किराए दर लागू है। जैसे ही हरियाणा रोडवेज राजस्थान में प्रवेश करेगी, साधारण बस में एक रुपया प्रति किलोमीटर किराया बढ़ जाएगा। वहीं, यात्रियों को राजस्थान से वापस आते समय प्रति किलोमीटर एक रुपए के हिसाब से किराया देना पड़ रहा है। इसके अलावा यात्रियों को राजस्थान रोडवेज की बसों में हरियाणा प्रदेश में प्रति किलोमीटर एक रुपए किराया देना होगा।     लग्जरी बसों के किराए में भी हुई बढ़ोतरी: साधारण बस में पहले प्रति किलोमीटर 85 पैसे किराया जाता था। अब बढ़ाकर प्रति किलोमीटर किराया 95 पैसे कर दिया गया है। एक्सप्रेस बसों का प्रति किलोमीटर किराया 90 पैसे से बढ़ाकर 100 पैसे कर दिया गया है। डीलक्स बस में प्रति किलोमीटर किराया 90 पैसे से बढ़ाकर 110 पैसे कर दिया गया है। नॉन एसी बस में किराया बढ़ाकर 110 से 125 पैसे कर दिया गया है। AC बस का किराया 165 पैसे से बढ़ाकर 180 पैसे प्रति किलोमीटर कर दिया है। AC सुपर लग्जरी बस में प्रति किलोमीटर किराया 190 से 210 पैसे कर दिया गया है।     उदाहरण से जानिए कैसे बढ़ेगा किराया: उदाहरण के लिए पहले नारनौल से राजस्थान के कोटपूतली तक का किराया 60 रुपए था, अब यात्रियों को 61 रुपए देने पड़ रहे। नारनौल से नांगल चौधरी जाते समय किराया 30 रुपए है, लेकिन वापसी पर 30 की बजाय 31 रुपए देना होगा। हरियाणा रोडवेज की बस जैसे ही राजस्थान सीमा में प्रवेश करती है, किराया एक रुपया बढ़ जाता है। कोटपूतली से नारनौल आने वाले यात्रियों को अपने बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त एक रुपए का भुगतान करना पड़ रहा। वहीं, नारनौल से कोटपूतली जाते समय यात्रियों को राजस्थान में प्रवेश करते ही एक रुपए अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा।     नारनौल से जयपुर के उदाहरण से समझिए: नारनौल अड्डा इंचार्ज ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि नारनौल से जयपुर की दूरी करीब 168 किलोमीटर है। अगर किसी को जयपुर जाना हो तो नारनौल से हरियाणा के बॉर्डर तक 35 किलोमीटर रायपुर तक का किराया 45 रुपए है। इसके बाद राजस्थान में प्रति किलोमीटर 95 पैसे का इजाफा हो जाएगा। ऐसे में बचे हुए 133 किलोमीटर का किराया 95 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से 126 रुपए लगेगा। इसमें टोल टैक्स अलग है। जयपुर, बालाजी और खाटूश्याम जाने वालों के लिए बस का सफर महंगा राजस्थान सरकार की तरफ से साधारण बसों के किराये में 10 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। पहले 85 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया लगता था। बढ़ोतरी होने से अब रेवाड़ी डिपो की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को पांच रुपये से लेकर 20 रुपये तक अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा। वहीं, खुल्ले पैसे को लेकर परिचालकों की भी परेशानी बढ़ी हुई है। रेवाड़ी जिले से प्रतिदिन जयपुर, सीकर, कोटा, कोटकासिम, खाटूश्याम जी के लिए सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है। वहीं इन रूटों पर हरियाणा रोडवेज को भी अच्छा राजस्व मिलता है। राजस्थान की सीमा में प्रवेश करते हुए लागू हो जाएगा बढ़ा हुआ किराया राजस्थान सरकार की तरफ से गत आठ अगस्त से बसों के किराये में बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए गए थे। हरियाणा रोडवेज की बसों में राजस्थान की सीमा तक पहले की तरह ही किराया देना होगा, लेकिन बस जैसे ही राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेगी बढ़ा हुआ किराया लागू हो जाएगा। यात्रियों को जहां जयपुर के लिए पहले 195 रुपये देने होते थे, लेकिन अब 215 रुपये किराया देना होगा। इसी प्रकार कोटकासिम, झुंझूनु, सिंघाना, सीकर, खाटूश्याम, कोटा आदि रूटों के लिए भी बढ़े हुए किराये के हिसाब से यात्रियों को भुगतान करना होगा। रेवाड़ी से कोटा के लिए 435 की जगह अब 480, खाटूश्याम के लिए 280 की जगह 300, झुंझूनु रूट पर 160 की जगह 170 रुपये तथा  कोटकासिम रूट पर 24 की जगह 26 रुपये यात्रियों को किराया चुकाने पड़ेगे। जयपुर रूट पर पहले का और वर्तमान किराया स्टाॅप     किराया पहले      किराया अब बहरोड़         55                           60 कोटपूतली     85                         90 पावटा         100                       105 शाहपुरा     125                       135 मनोहपुर     135                      145 चांदवाजी     145                     160 अचरोल     165                      175 जयपुर     195                           215 नोट: किराया रुपये में     पहले किराया राउंड फिगर में था, लेकिन … Read more

AC बस सेवा से फरीदाबाद से गोल्डन टेंपल पहुंचना अब और सुविधाजनक

हरियाणा  हरियाणा परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार नई सेवाएं शुरू कर रहा है। इसी कड़ी में रोडवेज विभाग ने फरीदाबाद से अमृतसर के लिए सीधी एसी बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया है। इस बस के शुरू होने के बाद बल्लभगढ़ से स्वर्ण मंदिर और वाघा बॉर्डर तक बिना किसी परेशानी के आसानी से पहुंच सकेंगे। एसी बस के चलने से यात्रियों का सफर न केवल आरामदायक होगा, बल्कि गर्मी के मौसम में भी उन्हें राहत मिलेगी।   13 एसी बसें हो रही संचालित फरीदाबाद रोडवेज डिपो में पहले से ही 13 एसी बसें संचालित हो रही हैं, जो चंडीगढ़, पंचकूला, शिमला, यमुनानगर, हरिद्वार, हिसार और भिवानी जैसे प्रमुख शहरों के लिए चलाई जा रही हैं। अब डिपो में 10 और नई एसी बसें जोड़ी गई हैं, जिनकी सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन रूटों पर चलाई जाएंगी बसें  फरीदाबाद रोडवेज डिपो के ट्रांसपोर्ट मैनेजर नवनीत बजाज के अनुसार, नई एसी बसों को अमृतसर, डबवाली, जयपुर और कैथल जैसे लंबे रूटों पर चलाने की योजना है। इन रूटों पर सीधी बस सेवा मिलने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी। अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं अब तक अमृतसर जाने के इच्छुक यात्रियों को दिल्ली जाकर बस पकड़नी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें बल्लभगढ़ बस डिपो से ही सीधी एसी बस सेवा मिल सकेगी। इन बसों में बेहतर सीटिंग अरेंजमेंट और आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यात्रियों को एक आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।