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सैलजा का दावा: हरियाणा में अपराधियों पर नियंत्रण खो गया, कानून-व्यवस्था ध्वस्त

सिरसा  सिरसा की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस की लापरवाही से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सैलजा ने कहा कि सोमवार को सोनीपत, पलवल, बहादुरगढ़ और पानीपत में हुई चार हत्याएं इस बात का सबूत हैं कि अपराध पर काबू पाने में सरकार पूरी तरह नाकाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव और शहर-शहर में फैला नशे का नेटवर्क युवाओं को बर्बाद कर रहा है और अपराध को बढ़ावा दे रहा है। यह कारोबार सरकार की शह पर फल-फूल रहा है। एसपीआई रिपोर्ट में हरियाणा असुरक्षित सैलजा ने कहा कि सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स (एसपीआई) रिपोर्ट ने हरियाणा को असुरक्षित राज्यों में गिना है। अपहरण, हत्या, लूट और महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। सांसद ने कहा कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में पंगु हो चुका है। अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि लापता लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भाजपा सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग सैलजा ने मांग की कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो, नशे के नेटवर्क को तोड़ा जाए और पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के 11 साल के शासनकाल में अपराध ही अपराध बढ़े हैं और जनता अब भय व असुरक्षा में नहीं जी सकती। कांग्रेस इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगी।

15 साल का इंतजार खत्म, हरियाणा ओलंपिक गेम्स नवंबर में धमाका करने को तैयार

चंडीगढ़  पंद्रह साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। इस नवंबर हरियाणा फिर खेलों का अखाड़ा बनेगा, जहां तालियों की गड़गड़ाहट गूंजेगी और खिलाड़ियों के नाम पुकारे जाएंगे। प्रदेश का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ भव्य अंदाज में लौट रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आयोजन को मंजूरी देते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक पल के गवाह वे खुद बनेंगे और गेम्स का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार को हरियाणा ओलंपिक संघ (एचओए) अध्यक्ष कप्तान जसविंद्र मीनू बेनीवाल और प्रधान महासचिव एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। फर्जीवाड़े पर सख्ती खेलों में गड़बड़ी रोकने के लिए एचओए ने कड़ा कदम उठाया है। अब खिलाड़ियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट पर माता-पिता का नाम, आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज होगी। इससे नकली खिलाड़ियों की एंट्री पूरी तरह बंद होगी और मेहनत करने वाले असली खिलाड़ियों को ही लाभ मिलेगा। सेवा पखवाड़ा से जुड़ा खेल अभियान बैठक में पंचायत मंत्री पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान 75 गांवों में व्यायामशालाएं और इंडोर स्टेडियम शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलेगा। सरकार का मानना है कि इन पहलों से गांवों में खेल संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वच्छता—तीनों को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा ने खेलों में अपनी पहचान बनाई : बेनीवाल ओलंपिक संघ अध्यक्ष मीनू बेनीवाल ने कहा कि हरियाणा ने हमेशा खेलों में अपनी पहचान बनाई है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक और एशियाई खेलों में देश को बार-बार मेडल दिलाए हैं। ऐसे में 15 साल बाद लौट रहे हरियाणा ओलंपिक गेम्स युवाओं में नया उत्साह भरेंगे। यह आयोजन न सिर्फ प्रतियोगिता का बड़ा मंच बनेगा, बल्कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में ‘खेलो हरियाणा – बढ़ो आगे’ के संदेश को भी मजबूत करेगा।

सागर हत्याकांड: एक बार फिर सुशील पहलवान पर जांच की तलवार, झज्जर पुलिस ने भेजा समन

झज्जर सागर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दिल्ली के पहलवान सुशील की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब झज्जर पुलिस ने उन पर एक और गंभीर आरोप की परतें खोली हैं। पुलिस का दावा है कि सुशील ने झज्जर के एक खिलाड़ी को हथियार उपलब्ध कराए थे। इसी सिलसिले में उन्हें प्रोटैक्शन वारंट पर लाने की तैयारी चल रही है। झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि हाल ही में अपराध शाखा ने छुछकवास के पास एक युवक को संदिग्ध हालत में पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से इटली निर्मित बराटा पिस्टल और आधा दर्जन जिंदा कारतूस बरामद हुए। युवक की पहचान विशाल उर्फ चोटीवाला निवासी बहरोड़, जिला झज्जर के रूप में हुई। कबूलनामे में आया सुशील का नाम पूछताछ के दौरान विशाल ने बताया कि वह अंडर-19 नेशनल में खेल चुका है और 2014 में छत्रशाल स्टेडियम में कुश्ती सीखते समय उसकी मुलाकात सुशील से हुई थी। रिश्तेदारी के चलते उसका सुशील के घर आना-जाना भी था। आरोपी ने कबूल किया कि मई माह में रोहिणी कोर्ट पेशी के दौरान सुशील ने उसे एक गाड़ी से पिस्टल और बीस कारतूस लाने को कहा था। हथियार लेकर वह गांव पहुंचा और हवाबाजी में दर्जनभर गोलियां भी चला दीं। शेष कारतूस और पिस्टल उसके पास से बरामद हुए। अदालत और जमानत विवाद गौरतलब है कि सुशील को दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 मार्च को जमानत दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त को रद्द कर दिया। इसी बीच कोर्ट पेशी के दौरान हथियार सौंपने का आरोप सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कमिश्नर डॉ. राजश्री के अनुसार, सुशील को प्रोटैक्शन वारंट पर लाने के बाद ही इस पूरे मामले की असलियत का खुलासा संभव हो सकेगा।

रैपिड मेट्रो संचालन की जिम्मेदारी GMRL को सौंपने की प्रक्रिया शुरू, अब तक 62 लाख यात्रियों ने किया सफर

गुरुग्राम हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) ने गुरुग्राम रैपिड मेट्रो को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल रैपिड मेट्रो का संचालन और रखरखाव डीएमआरसी और जीएमआरएल संयुक्त रूप से कर रहे हैं। प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए संयुक्त समितियों का गठन किया गया है और समय-सीमा तय कर दी गई है ताकि यात्रियों की सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान न आए और हस्तांतरण सुरक्षित रूप से पूरा हो। यात्रियों और प्रदर्शन का आंकड़ा सोमवार को एचएमआरटीसी की 62वीं बोर्ड बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम रैपिड मेट्रो ने अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच 62.49 लाख यात्रियों को सेवा दी। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 13.59 प्रतिशत अधिक है। किराया राजस्व में भी 11.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बताया कि परिचालन व्यय में 6.33 प्रतिशत की कमी आई, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत हुई। गैर-किराया स्रोतों से आय भी बढ़ी और 21.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल 15.56 करोड़ रुपये थी। वित्तीय और विज्ञापन आय में बढ़ोतरी मेट्रो वायाडक्ट और पिलर्स पर 22 विज्ञापन स्थलों की ई-नीलामी से 58.34 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व की उम्मीद है। इसमें एचएमआरटीसी का हिस्सा 35 करोड़ रुपये से अधिक रहेगा। बैठक में क्षेत्र में चल रही अन्य मेट्रो और रैपिड रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने दिल्ली-रोहतक और गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा/ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। भविष्य की परियोजनाएं और लागत दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर का विस्तार 103.02 किमी से बढ़ाकर 136.30 किमी किया गया है, जिसमें 17 स्टेशनों की बजाय अब 21 स्टेशन शामिल होंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 33,051.15 करोड़ रुपये है, जिसमें हरियाणा का हिस्सा लगभग 7,472.11 करोड़ रुपये है। यह निवेश प्रदेश के वित्तीय और आर्थिक लाभ को बढ़ाने में मदद करेगा। बैठक में परिवहन, नगर एवं ग्राम आयोजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और परियोजनाओं की समय पर प्रगति सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।

हरियाणा को मिल सकती है पहली इंटरनेशनल फ्लाइट, हिसार से दुबई तक सीधी कनेक्टिविटी की तैयारी

हिसार   हरियाणा के महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा हिसार से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं। दुबई के लिए कार्गो सेवा शुरू करने को लेकर हरियाणा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नागरिक उड्डयन विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दुबई के लिए प्रस्तावित उड़ान, हिसार हवाई अड्डे से हरियाणा की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान होगी। फिलहाल राज्य सरकार इस विषय पर केंद्र सरकार से दिल्ली में बातचीत कर रही है। गौरतलब है कि 12 सितंबर को हिसार से जयपुर के लिए घरेलू उड़ान सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा की गई थी।  इसी बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने भी नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में सक्रियता दिखाई है। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दिल्ली में एलायंस एयर के चेयरमैन अमित कुमार और सीईओ राजर्षि सेन से मुलाकात की है। एलायंस एयर वही कंपनी है, जिसने हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया हुआ है। 

कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर! हाई कोर्ट ने प्रमोशन और पेंशन लाभ का रास्ता किया साफ

कैथल  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कैथल जिले के पुलिस कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा आदेश सुनाते हुए रोहतक रेंज द्वारा जारी सीनियरिटी और प्रमोशन से जुड़े विवादित आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने साफ किया कि कैथल पुलिसकर्मियों की वरिष्ठता और प्रमोशन का निर्णय केवल करनाल रेंज कर सकता है। इस फैसले से कैथल के करीब 70 पुलिस कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिनमें एएसआई और एसआई रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी अब सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। मामला सब-इंस्पेक्टर मोहिंदर सिंह और अन्य कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कर्मवीर सिंह बनयाना ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल वर्ष 2004 से 2008 के बीच कैथल जिले में हेड कांस्टेबल के रूप में कन्फर्म हुए थे। जबकि उनके जूनियर साथियों को वर्ष 2009 से 2011 के बीच करनाल और पानीपत में कन्फर्म किया गया था। इसके बावजूद 2019 में रोहतक रेंज ने सीनियरिटी सूची बदलते हुए जूनियर्स को सीनियर बना दिया और उन्हें एंटीडेटेड प्रमोशन भी दे दिए। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि नियमों के मुताबिक हेड कांस्टेबल तक की सीनियरिटी जिला स्तर पर तय होती है, जबकि एएसआई और एसआई की सीनियरिटी रेंज स्तर पर होती है। ऐसे में कैथल, करनाल और पानीपत के कर्मचारियों की वरिष्ठता और प्रमोशन का फैसला केवल करनाल रेंज कर सकता था। रोहतक रेंज को इसमें हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं था क्योंकि 29-9-2011 में करनाल रेंज के गठन के बाद जिला करनाल, पानीपत और कैथल के पुलिस कर्मियों के बारे में कोई भी निर्णय लेने का अधिकार केवल करनाल रेंज के पास ही है रोहतक रेंज के पास नहीं है। न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि रोहतक रेंज का आदेश पूरी तरह गलत था। अदालत ने इस आदेश को रद्द करते हुए कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरियाणा स्वयं या किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त कर तीन माह में उचित आदेश जारी करें। इस फैसले से कैथल जिले के एएसआई और एसआई रैंक के लगभग 70 पुलिस कर्मचारियों को प्रमोशन, वेतनमान और पेंशन लाभ मिलेगा। चूंकि इनमें से कुछ कर्मचारी अब रिटायर हो चुके हैं, इसलिए उन्हें भी एरियर और पेंशन लाभ का फायदा मिल सकेगा। कैथल पुलिस लाइन और थानों में तैनात कर्मचारियों ने हाईकोर्ट के इस आदेश का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल वर्षों से लंबित उनके हक की बहाली है बल्कि इससे उनका मनोबल भी ऊँचा होगा। कर्मचारी संगठनों ने भी अदालत के इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए सरकार से अपील की है कि आदेश का पालन समय पर और बिना देरी के किया जाए। हाईकोर्ट का यह आदेश केवल कैथल पुलिसकर्मियों पर लागू होगा। इससे यह भी साफ हो गया है कि सीनियरिटी और प्रमोशन को लेकर भविष्य में किसी अन्य रेंज को कैथल के कर्मचारियों के मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होगा।

हरियाणा के रेसलर अमन सहरावत अयोग्य घोषित, वजन में गड़बड़ी के कारण नहीं लड़ पाएंगे वर्ल्ड चैंपियनशिप

हिसार   विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भाग ले रही भारतीय टीम को रविवार को बड़ा झटका लगा, जब ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत को अधिक वजन पाए जाने के कारण जगरेब में चल रही प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाले अमन का वजन पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में 1.7 किग्रा अधिक पाया गया। 2023 में जारी यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों के अनुसार, विश्व कप, यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दो किग्रा तक अधिक वजन की अनुमति है, लेकिन विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंटों में ऐसा प्रावधान नहीं है। बता दें कि इससे पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में महिला पहलवान विनेश फोगाट को 50 किग्रा वर्ग में थोड़े अधिक वजन के कारण प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था। 25 अगस्त को पहुंचे थे जगरेब  अमन सहरावत 25 अगस्त को अनुकूलन शिविर के लिए क्रोएशिया के जगरेब पहुंचे थे और उनके पास वजन कम करने का पर्याप्त समय था। छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले 22 वर्षीय अमन भारतीय टीम के प्रमुख पदक प्रत्याशियों में से एक माने जा रहे थे। बता दें अमन सहरावत हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कुश्ती में अपनी शुरुआती ट्रेनिंग और संघर्ष के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।   

हरियाणा के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: जल्द घोषित होंगे राज्य पुरस्कार, 15 साल अनुभव अनिवार्य

चंडीगढ़  हरियाणा के योग्य शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद खुशखबरी आने वाली है। पिछले दो वर्षों से राज्य शिक्षक पुरस्कार की घोषणा नहीं होने के कारण शिक्षकों में निराशा का माहौल था. लेकिन अब सरकार अक्टूबर के पहले हफ्ते में योग्य शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार देने पर विचार कर रही है। इसका ऐलान भी जल्द होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस विषय को लेकर सरकार और विभागीय अधिकारी गंभीर हैं और उन्होंने राज्य शिक्षक पुरस्कार देने संबंधी कई औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा कर लिया है।इससे शिक्षकों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने वाली है। दो साल से नहीं मिले पुरस्कार हरियाणा में शिक्षकों को दो साल से राज्य शिक्षक पुरस्कार नहीं मिले हैं। 2024 और 2025 के पुरस्कारों की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। पिछली बार 2023 में सरकार ने एक साथ 2022 और 2023 के पुरस्कार वितरित किए थे। लगातार दो साल से पुरस्कार का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इस बार मिलने की उम्मीद है। शिक्षक संगठन लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे कि समय पर पुरस्कार घोषित किए जाएं, ताकि शिक्षकों का मनोबल बढ़े और मेहनती व उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सही सम्मान मिले। 1 लाख रुपए नगद मिलते हैं हरियाणा में राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना के माध्यम से प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल प्रधानाध्यापक और उच्चतर माध्यमिक स्तर सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को ₹100,000 और प्रशस्ति पत्र सहित दस राज्य पुरस्कार दिए जाते हैं। आवेदन के लिए 15 साल का अनुभव जरूरी राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन करने के लिए कक्षा शिक्षकों के पास कम से कम 15 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव होना चाहिए। प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य जिनके पास 20 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव हो, जिसमें से कम से कम 5 वर्षों की सेवा, सीडीसी प्रभार सहित, प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य के रूप में हो। आवेदक शिक्षकों की पिछले दस वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR-APR) में ग्रेडिंग (+A/A) है। पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षा के परिणाम (10वीं और 12वीं कक्षा के) बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं हैं। संस्था प्रमुख के मामले में, पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षाओं (10वीं और 12वीं) के सामान्य स्कूल परिणाम बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं होने चाहिए।

हरियाणा से बॉलीवुड तक का सफर! दिविता जुनेजा की पहली फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ सिनेमाघरों में रिलीज

अंबाला  हरियाणा के अंबाला की बेटी दिविता जुनेजा ने बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में एंट्री मार ली है। दिविता जुनेजा ने अपनी पहली फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया है, जो हाल ही में देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई है। जूही चावला, मल्लिका शेरावत और परिणीति चोपड़ा जैसी कई मशहूर अभिनेत्रियों के बाद अब हरियाणा की यह बेटी भी बॉलीवुड की चमक-दमक में शामिल हो चुकी है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा दिविता जुनेजा का जन्म हरियाणा के अंबाला में हुआ था और उन्होंने अपनी शुरुआती परवरिश वहीं की। उनका परिवार आज भी अंबाला से जुड़ा हुआ है, जबकि वे वर्तमान में चंडीगढ़ में रहती हैं। दिविता के पिता संजीव जुनेजा अंबाला के एक प्रतिष्ठित बिजनेसमैन हैं। दिविता ने अपनी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के विवेका हाई स्कूल से पूरी की और इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने टैगोर थिएटर में कई नाटकों में भाग लेकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। अभिनय के प्रति लगाव और मुंबई में संघर्ष बचपन से ही दिविता को संगीत, नृत्य और अभिनय का गहरा शौक था। उन्होंने एक्टिंग को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिविता मुंबई पहुंचीं, जहां उन्होंने एक प्रतिष्ठित एक्टिंग स्कूल से अभिनय की बारीकियां सीखीं। मुंबई में रहते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर शॉर्ट फिल्में बनाना शुरू किया, जिससे उनके अभिनय कौशल में निखार आया। बॉलीवुड में पहला मौका – ‘हीर एक्सप्रेस’ दिविता की बुआ, राधिका चीमा के अनुसार, डायरेक्टर उमेश शुक्ला नए चेहरे की तलाश में थे। दिविता की भोली सादगी ने डायरेक्टर को प्रभावित किया और उन्हें ‘हीर एक्सप्रेस’ में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। दिविता के माता-पिता, तारा और संजीव जुनेजा, तथा भाई दिव्यम ने उनके सपनों को पूरा करने में हमेशा उनका समर्थन किया है। दिविता का सोशल मीडिया संदेश फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ के रिलीज के बाद दिविता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वे भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लेकर वृंदावन में माथा टेककर इस फिल्म की यात्रा शुरू करना चाहती थीं। उन्होंने फिल्म टीम की मेहनत, समर्पण और धैर्य की भी प्रशंसा की। फिल्म ‘हीर एक्सप्रेस’ की कहानी और सफलता ‘हीर एक्सप्रेस’ एक फैमिली कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है, जो रिश्तों, प्यार और परिवार के महत्व पर आधारित है। फिल्म में दिविता जुनेजा के अलावा प्रीत कामनी, आशुतोष राणा, गुलशन ग्रोवर और संजय मिश्रा जैसे अनुभवी कलाकार भी हैं। फिल्म की कहानी एक पंजाबी लड़की ‘हीर’ की है, जो लंदन में एक भारतीय रेस्तरां चलाती है। उसकी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, जो उसे परिवार के साथ जुड़ाव की अहमियत समझाते हैं। फिल्म की शूटिंग भारत से लेकर लंदन तक हुई है, जिसमें इमोशन, रोमांच और रिश्तों की गर्माहट का बेहतरीन मेल है। गृहनगर में उत्साह और प्रतिक्रिया अंबाला में फिल्म का पहला शो हाउसफुल रहा, जिसमें दिविता खुद मौजूद थीं और उन्होंने दर्शकों से सीधे उनके रिव्यू लिए। यह उनके गृहनगर के प्रति उनकी आत्मीयता और सम्मान को दर्शाता है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव: ABVP ने हरियाणा के वोटरों पर कसा फोकस, धनखड़ को उतारकर बनाई बड़ी रणनीति

बहादुरगढ़  दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में बीजेपी की छात्र इकाई ABVP की जीत सुनिश्चित करने के लिए 35 हजार हरियाणवी वोटरों पर खास फोकस किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत हरियाणा बीजेपी के दिग्गज नेताओं को प्रचार की कमान सौंपी गई है। 14 सितंबर की रात रामजस कॉलेज में ‘कुणबा’ नाम से कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें ABVP प्रत्याशियों के समर्थन में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम और कबड्डी प्लेयर व भाजपा नेता दीपक हुड्डा पहुंचे। प्रचार के दौरान ओपी धनखड़ ने कहा कि ABVP छात्रों में राष्ट्रभक्ति और व्यक्तित्व विकास पर जोर देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कभी दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष रह चुकीं हरियाणा की बेटी रेखा गुप्ता आज दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं, इससे बढ़कर व्यक्तित्व विकास का और क्या उदाहरण हो सकता है। कई राज्यों के मुख्यमंत्री ABVP से रहे ABVP देश का वह छात्र संगठन है, जिसने कई राज्यों को मुख्यमंत्री दिए हैं। केंद्र और राज्यों में कई मंत्री भी ABVP से निकले हैं। राष्ट्रप्रेम का उदाहरण देते हुए नेताओं ने कहा कि जब वे ABVP में थे तो जेपी नड्डा के साथ लाल चौक पर झंडा फहराने गए थे। उस समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। लेकिन आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने धारा 370 को खत्म कर दिया है और अब कश्मीर के लाल चौक पर शान से तिरंगा लहरा रहा है। हरियाणा से हैं अध्यक्ष व उपाध्यक्ष प्रत्याशी दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) में BJP की छात्र इकाई, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने प्रेजिडेंट के लिए हरियाणा के बहादुरगढ़ के आर्यन मान और उपाध्यक्ष पद के लिए सोहना से विधायक तेजपाल तंवर के पौत्र गोविंद तंवर को प्रत्याशी बनाया गया है। हरियाणा के छात्रों की संख्या को देखते हुए ही ABVP ने ऐसा फैसला किया है। प्रेजिडेंट पद के प्रत्याशी आर्यन मान के दादा स्व. श्रीचंद मान लोवा सत्रह खाप के कई साल तक प्रधान रहे। बॉर्डर जिलों से ज्यादा स्टूडेंट DUSU चुनाव में कुल वोटरों की बात करें तो इनकी संख्या सवा लाख से डेढ़ लाख के बीच रहती है। इनमें से 30 से 35 हजार वोटर अकेले हरियाणा के हैं। यहां पढ़ने वाले नौजवानों में सबसे ज्यादा स्टूडेंट बॉर्डर जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, रोहतक, सोनीपत और महेंद्रगढ़ जिले के हैं। DUSU में 3 बार प्रेजिडेंट रह चुके हरियाणवी दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) में अब तक हरियाणा से जुड़े तीन नेता अध्यक्ष रह चुके हैं। 2011 में बहादुरगढ़ के अजय छिक्कारा NSUI के उम्मीदवार के रूप में प्रेजिडेंट बने। इसके बाद 2012 में रोहतक के आसन गांव के अरुण हुड्डा ने यह पद संभाला। अरुण, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाते थे। 2019 में सोनीपत के अक्षित दहिया ABVP के प्रत्याशी के तौर पर DUSU अध्यक्ष बने। पिछले साल NSUI के रौनक खत्री ने जीत दर्ज की थी। इस बार ABVP ने मुकाबले के लिए हरियाणा से आने वाले आर्यन पर दांव लगाया है। 18 को वोटिंग, अगले दिन काउंटिंग आर्यन मान ने हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन की है और फिलहाल दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से लाइब्रेरी साइंस से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे हैं। डूसू चुनाव 18 सितंबर को होंगे और गिनती 19 सितंबर को होगी।