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खाली हो चुके स्कूलों में लौटी रौनक, एसडीएम के आदेश के बाद जनगणना ड्यूटी छोड़ क्लासरूम पहुंचे शिक्षक

  अंबाला स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई ठप नहीं होगी। जनगणना कार्य में जुटे शिक्षकों को वापस बुलाने का निर्णय लेते हुए विभाग ने अब केवल 50 प्रतिशत स्टाफ की ही ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। कई दिनों से जनगणना कार्य के चलते अधिकांश शिक्षक स्कूलों से नदारद थे। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। बोर्ड परीक्षाओं और वार्षिक सत्र की महत्ता को देखते हुए विभाग पर लगातार दबाव बना हुआ था। अब नए आदेशों के बाद शिक्षकों ने स्कूलों में कार्यभार संभाल लिया है। इससे रुकी हुई कक्षाएं दोबारा शुरू हो गई हैं शिक्षकों की वापसी से पिछड़ चुके पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों में अब विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। स्कूल खाली होने से जो अभिभावक परेशान थे, वे अब बच्चों को वापस भेजने के लिए उत्साहित हैं। खाली हो गए थे स्कूल जनगणना ड्यूटी के कारण जिले के लगभग 60 से अधिक स्कूल प्रभावित हो गए थे। इनमें से कुछ स्कूल पूरी तरह से शिक्षक के बिना रह गए थे। जिन प्राथमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक था, उसकी भी ड्यूटी लगा दी गई थी। इसके अलावा जहां 20 से 25 शिक्षक थे, उस स्कूल का पूरा स्टाफ भी जनगणना के कार्य में लगा दिया गया था। इस मामले पर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ व अन्य यूनियनों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 50-50 प्रतिशत फॉमूर्ला लागू करने का आग्रह किया था। वर्जन बच्चों की शिक्षा हमारी प्राथमिकता है। जनगणना कार्य भी अनिवार्य है इसलिए 50-50 प्रतिशत का फॉर्मूला निकाला गया है। – कनिका गोयल, एसडीएम, अंबाला  

ईस्ट-टु-वेस्ट कनेक्टिविटी और RRTS कॉरिडोर में तकनीकी टकराव, क्या एक ही पिलर पर चलेगी ट्रेन और गाड़ियां

फरीदाबाद  शहर की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई दो महत्वाकांक्षी परियोजनाएं, ईस्ट-टु-वेस्ट कनेक्टिविटी (बाटा रूट) और नमो भारत (RRTS) अब एक-दूसरे के सामने आ खड़ी हुई हैं। दोनों परियोजनाओं का रूट और अलाइनमेंट लगभग एक समान होने के कारण निर्माण से पहले ही तकनीकी टकराव की स्थिति बन गई है। इस चुनौती को सुलझाने के लिए फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA) और RRTS के अधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं। हालांकि, इस कारण परियोजनाओं में देरी की आशंका भी जताई जा रही है। ये आ रही दिक्कत ईस्ट-टू-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रॉजेक्ट के तहत बाटा चौक से एनआईटी होते हुए सैनिक कॉलोनी से फरीदाबाद गुरुग्राम रोड से कनेक्ट होगा। वहीं, गुरुग्राम से फरीदाबाद आने वाली नमो भारत ट्रेन का रूट भी इसी अलाइनमेंट से गुजर रहा है। आरआरटीएस कॉरिडोर सैनिक कॉलोनी से मस्जिद चौक, हार्डवेयर चौक और बाटा चौक होते हुए ग्रेटर फरीदाबाद की ओर जाएगा। दोनों परियोजनाओं के पिलर और ढांचा लगभग एक ही स्थान पर प्रस्तावित होने के कारण तकनीकी अड़चन सामने आई है। ईस्ट-टू-वेस्ट प्रॉजेक्ट एक नजर में यह परियोजना पश्चिम में एनआईटी फरीदाबाद को पूर्व में ग्रेटर फरीदाबाद से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट से शहर के अंदर का जाम कम होगा और ग्रेटर फरीदाबाद की गुरुग्राम से बेहतर कनेक्टिविटी बेहतर होगी। प्रारंभ: ग्रेटर फरीदाबाद के बीटीपी श्रेत्र से। रूट: नैशनल हाइे को पार करते हुए बाटा चौक, फिर, हार्डवेयर चौक, प्याली चौक, सब्जी मंडी औ अनाज गौदाम होते हुए मस्जित चौक से सैनिक कॉलोनी तक। समाधान की तलाश: पैरलल अलाइनमेंट? तकनीकि दिक्कत को दूर करने के लिए होगी मंथन कंबाइंड अलाइनमेंट: हो सकता है कि ईस्ट-वेस्ट एलिवेटेड रोड और नमो भारत का रूट एक साथ चलाया जाए। अलाइनमेंट री-डिजाइन: रूट में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है ताकि पिलर एक-दूसरे के काम में बाधा न डाले। संयुक्त पिलर तकनीक: क्या कुछ हिस्सों में एक ही पिलर पर ऊपर ट्रेन और नीचे सड़क संभव हैं? अधिकारी इस संभावना पर विचार कर सकते हैं। दोनों परियोजनाएं शहर के लिए बेहत जरूरी है। अधिकारियों का प्रयास है कि न्यूनतम बदलाव के साथ जल्द अंतिम अलाइनमेंट तय कर लिया जाए, ताकि फरीदाबाद को गुरुग्राम और नोएडा से जोड़ने की योजना समय पर साकार हो सके। देरी की आशंका से चिंता बढ़ी यदि अनाइनमेंट में बदलाव होता है तो नई ड्रॉइंग, डिजाइन और तकनीकी सर्वे की जरूरत पड़ेगी। इससे प्रॉजेक्ट की शुरुआत और समय सीमा प्रभावित हो सती है। पहले से ट्रैफिक के जाम से जूझ रहे शहरवासियों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। क्योंकि उन्हें इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के और इंतजार करना पड़ सकता है।

ईंधन संकट की मार अब निर्माण सामग्री पर, गुड़गांव में सीमेंट के दाम बढ़ने से बिगड़ा लोगों का बजट

गुरुग्राम  शहर में इन दिनों सीमेंट के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। घर बनाना अब पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, केवल अप्रैल माह में ही सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी करीब 10 से 20 रुपये तक का इजाफा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि आगे कीमतों को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि बाजार की स्थिति लगातार बदल रही है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतें एक बड़ा कारण हैं। डीजल और अन्य ईंधनों के महंगे होने से सीमेंट की पैकेजिंग, ढुलाई (ट्रांसपोर्ट) और अन्य खर्चों में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। बढ़े हुए रेट पर आ रहा सीमेंट दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों की ओर से ही बढ़े हुए रेट पर सीमेंट सप्लाई किया जा रहा है, जिससे वे मजबूरी में महंगे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। हर खेप पर बढ़े ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण खुदरा बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। घर बनवाने का बिगड़ा बजट     घर बनवा रहे लोगों ने बताया कि पहले जो बजट तय किया था, अब वह पूरी तरह बिगड़ चुका है।     सीमेंट के साथ-साथ अन्य निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़ने से कुल लागत में भारी इजाफा हुआ है।     कई लोगों ने बढ़ती लागत के चलते अपने निर्माण कार्य को धीमा कर दिया है या फिलहाल रोक दिया है। अभी और बढ़ सकती हैं कीमतें विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में निर्माण सामग्री के दाम और बढ़ सकते हैं। ऐसे में आम आदमी के लिए घर बनाना और ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का नया आदेश: अम्बाला अस्पतालों में CT स्कैन और X-Ray के नियम बदले

अंबाला. अंबाला के नागरिक अस्पतालों में अब सीटी स्कैन और एक्स-रे करवाना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नए आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद अब हर व्यक्ति सीधे अस्पताल आकर ये टेस्ट नहीं करवा सकेगा। दरअसल अब सीटी स्कैन और XRAY करवाने के लिए शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी कर दिया गया है। बता दें कि सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसे टेस्ट काफी महंगे होते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार की स्कीम के तहत अंबाला के नागरिक अस्पतालों में ये सुविधाएं मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसी वजह से अस्पतालों में अक्सर भारी भीड़ देखने को मिलती थी।हालात ये हो जाते थे कि जिन मरीजों को इन टेस्ट की वास्तव में जरूरत होती थी, उन्हें भी कई बार इंतजार करना पड़ता था या टेस्ट नहीं हो पाता था। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने और जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिकता देने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। नए आदेशों के मुताबिक अब किसी भी मरीज को सीटी स्कैन या एक्स-रे करवाने के लिए अस्पताल में शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी होगा। यानी अब बिना डॉक्टर की निगरानी और एडमिशन के ये टेस्ट नहीं किए जाएंगे।

हरियाणा के सिखों को मिला रिकॉर्ड संख्या में वीजा, ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब में नतमस्तक होंगे श्रद्धालु

  कुरुक्षेत्र धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से आज आस्था और उत्साह की एक विशेष तस्वीर सामने आई। पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन और बैसाखी पर्व मनाने के लिए 255 भारतीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज रवाना हुआ। कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 5 विशेष बसों में अमृतसर के लिए रवानगी श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए कुल 5 बसों की व्यवस्था की गई है। यह जत्था कुरुक्षेत्र से सीधा अमृतसर पहुँचेगा, जहाँ रात्रि विश्राम के बाद कल वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। यात्रियों में अपने पवित्र स्थलों के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बैसाखी और खालसा सृजन दिवस का संगम इस वर्ष पाकिस्तान में बैसाखी पर्व को खालसा सृजन दिवस के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु वहां ननकाना साहिब, पंजा साहब और करतारपुर साहिब सहित विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे। कई श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। रिकॉर्ड संख्या में वीजा मिलना बड़ी उपलब्धि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार, इस बार हरियाणा प्रदेश से रिकॉर्ड 255 यात्रियों को वीजा जारी किया गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अनुमति मिली है, जो सिख समाज के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। 10 दिनों की यात्रा के बाद 19 अप्रैल को होगी वापसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी श्रद्धालु पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुधामों में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। दर्शन और बैसाखी समारोह संपन्न करने के बाद, यह जत्था 19 अप्रैल को वापस भारत (वतन वापसी) लौटेगा। रवानगी के समय पूरा वातावरण 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से गूंज उठा।  

बैंक फ्रॉड मामला, हरियाणा में IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल

  चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने बुधवार रात 15 आई.ए.एस. अफसरों के तबादले करके कई अफसरों को सख्त संदेश दिया है। अहम यह है कि आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड के मामले में सी.बी. आई. जांच की मंजूरी से पहले 3 आई.ए.एस. अफसरों पर सरकार ने गाज गिरा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त प्रधान सचिव (ए.पी.एस.) आई.ए.एस. साकेत कुमार को उनके सभी पदों से हटाते हुए अभिलेखागार विभाग की जिम्मेदारी दे दी है। वहीं अजय कुमार को चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-11 (नया पद) बनाया गया है। इसी तरह सीनियर आई. ए. एस. पंकज अग्रवाल और डी.के. बेहरा को महत्वपूर्ण विभागों से पदमुक्त करते हुए साइड लाइन कर दिया गया है। पंकज अग्रवाल को आर्किटेक्चर विभाग का प्रधान सचिव वहीं डी. के. बेहरा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन का सचिव लगाया गया है। चर्चा है कि इन तीनों अफसर का नाम आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड में सामने आया है। ये सभी अफसर पूर्व में पंचायत विभाग में तैनात रह चुके हैं। चर्चा है कि ए.सी.बी. की ओर से इन अफसरों के खिलाफ 17ए की कार्रवाई शुरू करने के लिए मंजूरी मांगी गई है। वहीं अन्य तबादलों में विनीत गर्ग पहले हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन थे, अब अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग बनाए गए हैं। ए.सी.एस. अनुराग अग्रवाल पहले टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग और अर्बन एस्टेट्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, अब इसके अलावा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ-साथ हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के एडवाइजर भी होंगे। विजयेन्द्र कुमार कृषि एवं किसान कल्याण, पर्सनल, सैनिक कल्याण समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी होंगे। राजीव रंजन लेबर और यूथ एम्पावरमेंट विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी थे, अब सहकारिता विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। आई.ए.एस. सी.जी. राजिनी कान्थन फाइनैंस विभाग (हरियाणा-III) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी थे, अब माइंस एवं जियोलॉजी विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। जे. गणेशन- फूड, सिविल सप्लाइज, हाऊसिंग फॉर ऑल और हारट्रोन समेत कई पदों पर थे, अब हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन और पब्लिक हैल्थ इंजीनियरिंग विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। अतुल कुमार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर थे, अब फाइनेंस विभाग (हरियाणा-1) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। मनी राम शर्मा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार थे, अब स्वास्थ्य विभाग के सैक्रेटरी बनाए गए हैं। डॉ. आदित्य दहिया हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के एम.डी. थे, अब हरियाणा पावर जैनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एम.डी. भी होंगे। अजय कुमार गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर थे, अब चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-II (नया पद) बनाए गए हैं। उत्तम सिंह करनाल के डिप्टी कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. थे, अब गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर होंगे। आनंद कुमार शर्मा रोहतक के डिस्ट्रिक्ट म्यूनिसिपल कमिश्नर समेत कई पदों पर थे, अब करनाल के डिप्टी कमिश्नर और करनाल स्मार्ट सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाए गए हैं।

सीएम नायब सैनी की सख्त कार्रवाई, IAS राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार सस्पेंड, बैंक फ्रॉड से जुड़े तार

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में संलिप्तता के आरोपों के चलते दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में राम कुमार सिंह, आईएएस (एचवाई 2012) शामिल हैं, जो राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के साथ-साथ पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। सरकार के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान राम कुमार सिंह का मुख्यालय मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा) में निर्धारित किया गया है। इसी तरह, प्रदीप कुमार-1, आईएएस (एचवाई 2011), जो राज्य परिवहन विभाग में निदेशक और परिवहन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे, को भी निलंबित किया गया है। उनके निलंबन के दौरान मुख्यालय भी मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा), चंडीगढ़ में रहेगा। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर की गई है। सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

युवाओं के लिए बड़ी सौगात: हरियाणा में 1 लाख युवाओं को AI स्किल्स, 474 करोड़ की योजना मंजूर

चंडीगढ़. हरियाणा में प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की समीक्षा की अध्यक्षता की। लगभग 474 करोड़ की महत्वाकांक्षी पहल को विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पीपीपी माडल पर लागू किया जा रहा है। प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है। कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विश्व बैंक मिशन टीम ने छह एवं सात अप्रैल को पंचकूला में दौरा किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से एआई के संभावित उपयोग मामलों की पहचान करने को कहा गया है। इसमें विभागों को अपने सुझाव प्रस्तुत करने हेतु 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद प्राथमिकता वाले उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। राज्य सरकार एआई इनोवेशन सैंडबाक्स स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जो 'निवेश से पूर्व परीक्षण' प्लेटफार्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान की पहचान, सत्यापन एवं पायलट परीक्षण दिया जाएगा। यह सैंडबाक्स पूर्णतः विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सा टेक्नोलाजी पावर आफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

प्रतियोगी छात्रों के लिए खुशखबरी: UPSC और HPSC प्री क्लियर करने पर मिलेंगे ₹70,000

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार राज्य के यूपीएससी, एचपीएससी और ज्यूडिशरी के प्री-एग्जाम उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इन मेधावी युवाओं की कोचिंग के लिए खर्च होने वाली राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि 'मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना' के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को 25 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक वित्तीय मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा नव-चयनित हरियाणा के युवाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य के 77 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की है। यूपीएससी की परीक्षा में तृतीय स्थान पर रहने वाले एकांश ढुल हरियाणा के पंचकूला के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को सम्मानित किया और सरकारी सेवाओं में रहते हुए उन्हें दायित्व बोध से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने संकल्प पत्र में 'मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना' शुरू करने का संकल्प लिया था। उसी को धरातल पर उतारते हुए अब इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को यूपीएससी, एचपीएससी और ज्यूडिशरी के प्री-एग्जाम उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी। जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये है, उनके बच्चों को 70 हजार, 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों के बच्चों को 60 हजार, 1.80 लाख रुपये से लेकर तीन लाख तक आय वाले परिवार के बच्चों को 50 हजार तथा तीन से पांच लाख रुपये तक आय वाले परिवार के बच्चों को 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। नायब सैनी ने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में यूपीएससी और एचपीएससी एग्जाम की कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए सांध्यकालीन पारी में कक्षाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारी की सोच, उसकी योजनाएं और निर्णय भारत के भविष्य की दिशा तय करते हैं। यह सफलता आसान नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। सेवा में रहते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के निर्णय लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। जब भी आप किसी फाइल पर हस्ताक्षर करें, यह याद रखें कि उसके पीछे किसी गरीब की उम्मीद जुड़ी है। जब भी आप कोई नीति लागू करें, यह सोचें कि उसका प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक कैसे पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने 'बिना पर्ची, बिना खर्ची' के 1 लाख 80 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं, जो कि रिकार्ड है। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा केवल खिलाडियों के मामले में ही धाकड़ नहीं है, बल्कि बौद्धिक विकास में भी अग्रणी है। उन्होंने नये आइएएस अधिकारियों को प्रशासनिक दक्षता से देश की नीति निर्धारण करने वाला बताते हुए कहा कि राज्य को इनकी प्रतिभा का बहुत लाभ होगा। अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे रात को दो बजे तक लोगों से मिलने के बाद सुबह आठ बजे से फिर से जनसेवा में जुट जाते हैं। कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में देश में तीसरे स्थान पर आने वाले एकांश ढुल, छठे रैंक पर आई जिन्निया अरोड़ा, नितीश कुमार, शगुन मेहरा और शिखा ने अपने लक्ष्य तक पहुंचने की यात्रा सांझा की। समारोह में सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती एवं राकेश संधू, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासनिक) वर्षा खांगवाल और शहीद स्मारक अंबाला के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी प्रमुख रूप से शामिल हुए।

विश्व बैंक के सहयोग से हरियाणा बनेगा एआई का हब, गुरुग्राम और पंचकूला में स्थापित होंगे एडवांस्ड कंप्यूटिंग सेंटर

 चंडीगढ़  हरियाणा में प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की समीक्षा की अध्यक्षता की। लगभग 474 करोड़ की महत्वाकांक्षी पहल को विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पीपीपी माडल पर लागू किया जा रहा है। प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है। कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विश्व बैंक मिशन टीम ने छह एवं सात अप्रैल को पंचकूला में दौरा किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से एआई के संभावित उपयोग मामलों की पहचान करने को कहा गया है। इसमें विभागों को अपने सुझाव प्रस्तुत करने हेतु 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद प्राथमिकता वाले उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। राज्य सरकार एआई इनोवेशन सैंडबाक्स स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जो 'निवेश से पूर्व परीक्षण' प्लेटफार्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान की पहचान, सत्यापन एवं पायलट परीक्षण दिया जाएगा। यह सैंडबाक्स पूर्णतः विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सा टेक्नोलाजी पावर आफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।