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नायब सैनी कैबिनेट का बड़ा फैसला, न्यूनतम मजदूरी बढ़कर हुई ₹15,220 और राशन डिपो में महिलाओं को 33% कोटा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर तथा माइनिंग गार्ड में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। वहीं राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रमिक वर्ग के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15,220 रुपए प्रति माह करने का निर्णय लिया है। विधानसभा के बजट सत्र में उन्होंने घोषणा की थी कि एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने की सिफारिश की है। रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन, एफ.ए.आर. बढ़ाकर किया 3.0 बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 के अंतर्गत लाइसैंस प्रदान करके नियोजित रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी गई। ऐसा वृद्धजनों की आबादी को ध्यान में रखते हुए हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टी.डी. आर.) नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाऊसिंग कॉलोनियों के लिए अनुमत फ्लोर एरिया रेशियो (एफ.ए.आर.) में वृद्धि को मंजूरी दी है। टी.डी. आर. के माध्यम से अतिरिक्त एफ.ए. आर. को मौजूदा अनुमत एफ. ए. आर. 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। राशन डिपो की दुकानों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आबंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को मंजूरी दी। इनका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को इस प्रणाली में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके समावेशिता और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। उचित मूल्य की दुकान क लाइसैंस लेने के लिए 12वीं पास होना जरूरी उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं, साथ ही कम्प्यूटर का बेसिक ज्ञान होना आवश्यक होगा। आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है और आवेदकों के पास एक वैध परिवार पहचान पत्र होना तथा संबंधित क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा। पंजाब कोर्ट्स एक्ट, 1918 की धारा 30 में संशोधन, पुराने कानूनों की जगह इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लागू हरियाणा में लागू पंजाब कोर्टस एक्ट, 1918 की धारा-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य पुराने कानूनों के रैफरेंस को अपडेट करके मौजूदा कानूनी उलझनों को दूर करना है। वर्तमान एक्ट के सैक्शन 30 में इंडियन सक्सेशन एक्ट 1865 और प्रोबेट एंड एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट 1881 दोनों के स्थान पर इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लाया गया है। निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह से दिया जाएगा रास्ता बैठक में हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम, 1964 में संशोधन और निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह (सांझा भूमि) से होकर रास्ता देने की नीति को मंजूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा ग्राम सांझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 कहा जाएगा। यह नया रास्ता पंचायत के ही स्वामित्व में रहेगा और इसका उपयोग सभी लोग कर सकेंगे।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 20% आरक्षण, अग्निवीर नीति 2024 को कैबिनेट की मंजूरी

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में  यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड (पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग), वार्डर (कारागार विभाग) तथा माइनिंग गार्ड (खान एवं भूविज्ञान विभाग) में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूर्व में हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को कुछ ग्रुप ‘सी’ पदों, जिनमें फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड शामिल हैं, में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया हुआ था। इसके पश्चात, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न सेवाओं/पदों की भर्ती में, जहां उनके विशेष सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और फील्ड अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की सलाह दी थी। मंत्रिमंडल के इस निर्णय को सभी चालू तथा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों को आवश्यक संशोधन करने तथा संशोधित निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

AI की ओर कदम: हरियाणा विधानसभा होगी डिजिटल, पंचकूला में होगा टेक्निकल प्रशिक्षण

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा में अब विधायी कार्यों में भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए सभी प्रथम और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान के पंचकूला स्थित केंद्र में वीरवार को दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण शुरू होगा। यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के प्रयासों के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्रतिदिन लगभग चार घंटे की अवधि का होगा, जिसमें दो बैच बनाए गए हैं। पहला बैच सुबह 9:15 बजे और दूसरा बैच दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा। सभी प्रतिभागियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रथम बैच के लिए सुबह 9:00 बजे तथा द्वितीय बैच के लिए दोपहर 1:00 बजे निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। इस प्रशिक्षण का निर्णय हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण तथा हिपा महानिदेशक मनोज यादव की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रशिक्षण अवधि के दौरान बिना किसी अत्यावश्यक कारण के अवकाश न लें, क्योंकि यह प्रशिक्षण अनिवार्य है।  

चुनावी रोड शो, श्रीरामपुर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरे नायब सैनी और उमड़ा जनसैलाब

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में 'हरियाणा मॉडल' की धमक दिखाई है। मंगलवार को श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के अवसर पर आयोजित एक विशाल रोड शो के दौरान सैनी ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं से गरीबों के जीवन में बदलाव लाया है, वही बदलाव अब बंगाल की जनता चाहती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगाल की गलियों में इस समय परिवर्तन की स्पष्ट लहर है और जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है। ममता सरकार पर योजनाओं को रोकने का आरोप मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते राज्य के गरीबों का हक मारा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी केंद्र की अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं को बंगाल में केवल इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि वे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई थीं। इसका खामियाजा बंगाल की जनता गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के रूप में भुगत रही है। सैनी ने कहा कि लगातार शोषण और अत्याचार से त्रस्त होकर अब लोग इस सरकार से निजात पाना चाहते हैं। हरियाणा की तर्ज पर बंगाल के लिए वादों की झड़ी रोड शो में उमड़े भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए नायब सैनी ने हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गरीब महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और 'लाडली सुरक्षा योजना' के तहत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे पात्रों तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अब तक 27 लाख लोगों ने आयुष्मान योजना के तहत 4000 करोड़ रुपये का स्वास्थ्य लाभ लिया है। मुख्यमंत्री ने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा की तर्ज पर सभी जनहितैषी नीतियां लागू की जाएंगी, जिससे गरीबों को पक्के मकान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। भ्रष्टाचार और पलायन पर कड़ा प्रहार मुख्यमंत्री ने बंगाल की मौजूदा कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने घुसपैठियों को संरक्षण देकर राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल से उद्योगों का तेजी से पलायन हुआ है, जिसके कारण यहाँ का युवा दूसरे राज्यों में भटकने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भय के माहौल ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है। केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और अब विकसित भारत के साथ विकसित बंगाल का संकल्प पूरा करने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को छत मिल रही है और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। श्रीरामपुर में मुख्यमंत्री के इस रोड शो ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।

नया सिलेबस, गुरुग्राम के स्कूलों में अब एनसीईआरटी की किताबों से होगी पढ़ाई

गुरुग्राम  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) ने कक्षा दसवीं से बारहवीं तक कई विषयों की पाठ्यपुस्तकें बदल दी है। इस फैसले के बाद गुरुग्राम के सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश जारी दिए गए हैं कि वे नए सत्र से तय की गई किताबों को ही लागू करें। बोर्ड का मानना है कि इससे बच्चों को एक समान और बेहतर शिक्षा सामग्री मिल सकेगी और पढ़ाई का स्तर भी सुधरेगा। बोर्ड का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एक समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी पढ़ाई का स्तर बेहतर हो सके और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। बदलाव के तहत पंजाबी विषय में नई किताबें जोड़ी गई हैं, जबकि शारीरिक शिक्षा हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन और ललित कला फाइन आर्ट्स के लिए एनसीईआरटी की किताबों को लागू किया गया है। इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ने का मौका मिलेगा। वहीं 11वीं और 12वीं के सैन्य विज्ञान विषय में भी बदलाव किया गया है। वर्जन पाठ्यपुस्तकों में बदलाव छात्रों को बेहतर और अपडेटेड कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए किया गया है। इससे न केवल पढ़ाई का स्तर सुधरेगा, बल्कि सभी स्कूलों में एकरूपता भी आएगी।- इंदू बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी  

भारत पेट्रोलियम की नई सुविधा: 5KG गैस सिलेंडर कनेक्शन हुआ आसान

यमुना नगर. विश्व में युद्ध के हालात के बीच देश भर में गैस को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, कोई गैस की कमी बता रहा है तो कोई अनियमित सप्लाई बता रहा है। इसी बीच भारत पेट्रोलियम ने एक नई शुरुआत करके उन सब चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर, फास्ट फूड की रेहड़ी लगाने वाले लोगों को पिछले कुछ दिनों से गैस की दिक्कत आने लगी थी। उसी के चलते भारत पैट्रोलियम 5 किलो सिलेंडर कनेक्शन की ऐसी योजना लेकर आया है जिससे इन सभी वर्गों को भारी लाभ हो रहा है। 5 किलो सिलेंडर का नया कनेक्शन लेने के लिए सिर्फ आधार कार्ड चाहिए। 5 मिनट में कनेक्शन मिल जाएगा और इसकी सिक्योरिटी भी मात्र एक हजार पर रखी गई है, जबकि ₹600 सिलेंडर भराई का है। विद्या भारत गैस एजेंसी के मालिक प्रवेश कुमार का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार और भारत पेट्रोलियम के आभारी हैं, जो ऐसे हालत में यह स्कीम लाए हैं, जिससे फैक्ट्री में काम करने वाले, फास्ट फूड की रेडी लगाने वालों को भारी लाभ हो रहा है। लोगों ने इसके लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,भारत सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना से उन्हें अब गैस को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

ड्रग सिंडिकेट, पाकिस्तान सीमा से जुड़ी तस्करी की कड़ियां और ट्राइसिटी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पंचकूला नशे के काले कारोबार का कोई एक चेहरा नहीं होता, यह बात पंचकूला पुलिस के एक बड़े खुलासे ने साबित कर दी है। एक 23 साल का उच्च शिक्षित बीसीए ग्रेजुएट, जो चंडीगढ़ में किराए के कमरे में रहकर भविष्य के सपने बुनने का दिखावा कर रहा था, असल में ट्राइसिटी का एक बड़ा 'ड्रग डीलर' निकला। पंचकूला पुलिस ने इस युवक को 3 किलो 89 ग्राम हेरोइन और 15 लाख रुपये की 'ड्रग मनी' के साथ गिरफ्तार कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद हेरोइन की कीमत 6 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। शार्टकट से अमीर बनने की चाहत ने बनाया तस्कर डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे 'ऑपरेशन' की परतें खोली। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में एक अहम गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने सेक्टर-20, कुंडी गांव के पास से मुख्य आरोपी लवजोत सिंह को दबोचा। लवजोत मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद का रहने वाला है। वह बीसीए पास है, लेकिन उसने शार्टकट से अमीर बनने के लिए नशे का खतरनाक रास्ता चुना। उसने चंडीगढ़ को अपना सेफ हाउस बनाया हुआ था, जहां से वह पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था और ट्राइसिटी में नशे का जाल फैला रहा था। पाकिस्तान सीमा से जुड़े हैं तार, ट्राइसिटी था टारगेट इस मामले की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि करोड़ों रुपये की यह मादक खेप सीधे पाकिस्तान की सीमा से तस्करी कर लाई गई थी। मुख्य आरोपी लवजोत यह माल सीमा पार से जुड़े तस्करों से लेकर आया था। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि उसका इरादा इस पूरी खेप को महज एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली (ट्राइसिटी) के बाजार में खपाने का था। पुलिस की मुस्तैदी और समय पर की गई इस कार्रवाई ने ट्राइसिटी के युवाओं को इस नशे की गिरफ्त में आने से बचा लिया। साहिल से सतनाम और फिर मास्टरमाइंड लवजोत तक पहुंची पुलिस डीसीपी अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस सीधे मास्टरमाइंड लवजोत तक नहीं पहुंची, बल्कि यह कामयाबी एक के बाद एक जोड़े गए सुरागों का नतीजा है। इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां 3 अप्रैल को हुई एक अन्य गिरफ्तारी से जुड़ती हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 ने पहले गुप्त सूचना पर रायपुररानी के टाबर गांव से डेराबस्सी निवासी साहिल को 310 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जब साहिल से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपने फुफेरे भाई (बुआ के लड़के) सतनाम सिंह का नाम बताया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाकर 5 अप्रैल को सतनाम सिंह को भी दबोच लिया। सतनाम ने पुलिस के सामने राज उगला कि उसका मुख्य सप्लायर लवजोत सिंह है। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस लवजोत तक पहुंची और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड पर आरोपी, खुल सकते हैं कई राज डीसीपी ने दावा किया कि हरियाणा प्रदेश में इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की यह दूसरी बड़ी बरामदगी है। वहीं, पंचकूला जिला पुलिस के इतिहास में इसे अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी माना जा रहा है। पकड़े गए मुख्य आरोपी लवजोत सिंह के खिलाफ सेक्टर-20 थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे 6 अप्रैल को अदालत में पेश कर पुलिस ने उसका चार दिन का रिमांड हासिल किया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस को उम्मीद है कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य 'लोकल पेडलर्स' और पाकिस्तान से होने वाली सप्लाई चेन के कई और अहम राज बेनकाब होंगे।

संत रामपाल को हाईकोर्ट ने दी जमानत, साढ़े 11 साल बाद रिहा होंगे, भक्तों में उत्साह

चंडीगढ़ हरियाणा के हिसार के चर्चित सतलोक आश्रम प्रमुख संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. देशद्रोह के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को कोर्ट ने जमानत दे दी है. ऐसे में करीब 11 साल, 4 महीने और 20 दिन से वह हिसार की जेल में बंद है और अब जेल से बाहर आएगा।  जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट का जमानत आदेश संबंधित ट्रायल कोर्ट में पहुंचेगा. वहां बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आदेश जेल प्रशासन तक आएंगे और फिर रामपाल को रिहा किया जाएगा. उधर, संत राम पाल को बेल मिलने की खबर पर भक्तों में खुशी की लहर है।  संत रामपाल को 19 नवंबर 2014 को बरवाला सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया गया था. हाईकोर्ट ने उन्हें कोर्ट की अवमानना के मामले में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए. इसके बाद जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आश्रम पहुंची, तो समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस टकराव में 5 महिलाओं और एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी, जिससे मामला बेहद संवेदनशील बन गया.  हालांकि, अन्य मामलों में कानूनी स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।  रामपाल के वकील अर्जुन श्योराण ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ हिसार की स्पेशल कोर्ट में ट्रायल चल रहा था जो कि अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. इसके अलावा, उनके खिलाफ बाकी जितने भी मामले थे, उसमें वो या तो बरी हो चुके थे या जमानत मिल चुकी थी. अर्जुन ने बताया कि जमानत की शर्तों के मुताबिक, वो कोई इलीगल भीड़ जमा नहीं कर सकेंगे और हम पहले ही इसके बारे में कोर्ट को बता चुके है. लेकिन अपनी बात कहने या धर्म के प्रचार करने में कोई मनाही नहीं है. जैसे ही कोर्ट के आदेश की कॉपी और जमानत बॉन्ड भरेंगे, वो जेल से बाहर आएंगे।  क्या है पूरी कहानी साल 2006 से यह कहानी शुरू होती है. रोहतक के करौंथा आश्रम में स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक पर टिप्पणी के बाद आर्य समाज समर्थकों के साथ संघर्ष हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. इस विवाद में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ. हाईकोर्ट के बार-बार समन भेजने के बावजूद रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुए तो 2014 में उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया गया. इस पर हिसार के बरवाला आश्रम में नवंबर 2014 में गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच खूनी झड़प हुई, जिसके बाद उन पर हत्या और देशद्रोह के मामले दर्ज किए गए. बाद में हिसार की अदालत ने अक्टूबर 2018 में हत्या के दो मामलों में उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी और अब 11 साल बाद जमानत दी गई है। 

ट्रांसफर पॉलिसी में बड़ा बदलाव: हरियाणा के बिजली निगमों में अब सीमित होंगे तबादले

रोहतक. उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मंगलवार को नया आदेश जारी करते हुए तबादला नीति में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के तहत अब उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के बीच कर्मचारियों का आपसी तबादला पूरी तरह रोक दिया गया है। अब सामान्य परिस्थितियों में कोई भी कर्मचारी एक निगम से दूसरे निगम में नहीं जा सकेगा। जिन कर्मचारियों ने पहले से तबादले के लिए आवेदन किया हुआ है। उनके सभी लंबित आवेदन तुरंत प्रभाव से रद्द माने जाएंगे। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी नियम तोड़कर तबादला करवाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इन परिस्थितियों में छूट का प्रावधान   राष्ट्रीय आपदा, महामारी या किसी बड़ी आपात स्थिति में जरूरत पड़ने पर सीमित समय के लिए तबादला किया जा सकता है। इसके अलावा अदालत के आदेश या कर्मचारियों की आपसी सहमति से अस्थायी रूप से काम बदलने की अनुमति दी जा सकती है। यह नियम खास तौर पर तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों पर लागू होगा। किसी भी विशेष मामले में छूट के लिए उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी जरूरी होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कामकाज में पारदर्शिता आएगी और व्यवस्था मजबूत होगी।   

पानी-सीवरेज बिल पर राहत योजना: तय समय में भुगतान करने पर पेनल्टी खत्म

चंडीगढ़. पानी और सीवरेज का बिल नहीं चुका पा रहे उपभोक्तओं को सरकार ने राहत दी है। ऐसे परिवार अगर 31 मई तक पानी और सीवेज का बिल चुकाते हैं तो उनका पूरा ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। पानी, सीवरेज के बिल का समय पर भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर हर बार 10 प्रतिशत की दर से ब्याज और जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे में लाखों परिवारों पर बड़ी रकम बकाया खड़ी है। इन्हें राहत देते हुए व्यवस्था की गई है कि 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए बिलों के बकाया पर 100 प्रतिशत अधिभार की छूट दी जाएगी। करनाल नगर निगम में विशेष छूट करनाल नगर निगम ने पानी एवं सीवरेज के बकाया बिलों पर विशेष छूट योजना लागू कर दी है। योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित पानी एवं सीवरेज बिलों पर लगाए गए अधिभार (ब्याज/जुर्माना) को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि का ही भुगतान करना होगा। यदि उपभोक्ता 31 मई तक अपने बकाया बिलों का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत अधिभार माफी का लाभ मिलेगा। मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया किजिन उपभोक्ताओं के पास मीटर कनेक्शन नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। 31 मई के बाद बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की जल आपूर्ति बाधित की जा सकती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस छूट का सभी को लाभ उठाना चाहिए।