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नक्शा पास कराने में नहीं चलेगी अफसरों की मनमानी, एआई तकनीक से गुरुग्राम में आएगी पारदर्शिता

गुरुग्राम गुरुग्राम में मकान का नक्शा पास करने के लिए नगर निगम अब अपना खुद का पोर्टल बनाएगा। यह पोर्टल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस होगा। नए पोर्टल की खासियत होगी कि इसमें नक्शे और दस्तावेजों की जांच के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी नक्शे सख्ती के साथ हरियाणा बिल्डिंग कोड के निर्धारित नियमों के तहत ही पास किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि एआई आधारित पोर्टल के शुरू होने से पूरी प्रक्रिया आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगी। बिल्डिंग कोड की अनदेखी पड़ेगी भारी आवेदन आते ही एआई अपने आप सिस्टम में अपलोड किए गए सभी कागजातों की छंटनी करेगा और सबमिट किए गए नक्शे की बारीकी से जांच करेगा। यदि नक्शे में हरियाणा बिल्डिंग कोड के नियमों की कोई अनदेखी की गई होगी या कोई खामी होगी, तो एआई तुरंत उसकी पहचान कर लेगा और एक रिपोर्ट बनाकर संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे देगा। फिर अधिकारी इस पर ऐक्शन लेंगे। नहीं रहेगी अधिकारियों की दखलंदाजी इस पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों का मानवीय हस्तक्षेप न के बराबर रहेगा। एआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अधिकारी अंतिम रूप से नक्शा पास करने या उसे रद्द करने का फैसला लेंगे। गुरुग्राम के निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि निगम की तरफ से भवनों के नक्शे पास करने के लिए खुद का पोर्टल तैयार कर रहा है, जो एआई आधारित होगा। इसको लेकर टीम काम कर रही है। भारी परेशानी का करना पड़ रहा सामना गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के होब पास पोर्टल के माध्यम से ही भवनों के नक्शे पास किए जाते थे। पिछले करीब छह महीने से यह पोर्टल तकनीकी खामियों के चलते पूरी तरह से ठप पड़ा है। इस कारण अपना घर या भवन बनाने की चाह रखने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि फिलहाल मजबूरी में नगर निगम को अस्थायी तौर पर सरल पोर्टल के जरिए लोगों से नक्शा पास करने के आवेदन लेने पड़ रहे हैं। धड़ल्ले से बन रहे अवैध भवन नगर निगम के पास पूरे एक साल में नक्शा पास कराने के लिए बमुश्किल 500 के करीब ही आवेदन आते हैं। इसके विपरीत, नियमों की खुलेआम अनदेखी करके शहर में हर साल पांच हजार से ज्यादा अवैध भवनों का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। लंबी और जटिल प्रक्रिया से बचने के लिए लोग बिना नक्शा पास कराए ही अवैध निर्माण का रास्ता चुन लेते हैं। निगम को उम्मीद है कि नए एआई आधारित पोर्टल के शुरू होने से यह पूरी प्रक्रिया इतनी आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगी कि लोग खुद आगे नक्शा पास करवाएंगे।

हरियाणा में कर्मचारियों का दबाव बढ़ा, OPS और भत्तों को लेकर सरकार से करेंगे मांग

लुधियाना. कर्मचारियों की वित्तीय मांगों को हल करने से मना कर रही पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष के अगले पड़ाव की प्लानिंग के लिए पुराने स्केल, पेंशन एंड भत्ते बहाली मोर्चे लुधियाना की एक मीटिंग सुरिंदरपाल सिंह की चेयरमैनशिप में हुई। इस मौके पर 15 फरवरी 2026 को संगरूर में स्टेट रैली के बाद 5 मार्च को चीफ मिनिस्टर के जॉइंट सेक्रेटरी और फाइनेंस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मीटिंग में किए गए वादों और बाकी संघर्षों का रिव्यू किया और तय किया कि कर्मचारियों की वित्तीय मांगों के प्रति पंजाब की AAP सरकार की बेरुखी का बड़े संघर्षों के जरिए मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मीटिंग में 8 मार्च को चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहे कर्मचारियों और 12 मार्च को चंडीगढ़ में टीचरों पर पुलिस टॉर्चर की भी कड़ी निंदा की गई। फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल चीमा ने विधानसभा में 'पुरानी पेंशन बहाल करने में जल्दबाजी न दिखाने' के अपने बयान के ज़रिए अपनी ही सरकार के 4 साल पहले के कागजी नोटिफिकेशन को लागू करने से साफ इनकार करने की कड़ी निंदा की और पंजाब सरकार को कर्मचारियों के संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी। फ्रंट के नेताओं रमनजीत सिंह संधू, अरमिंदर सिंह, वीरपाल कौर, जसविंदर सिंह ऐतियाना, कुलदीप सिंह ने कहा कि नए केंद्रीय स्केल पर आधारित 17-7-2020 का नोटिफिकेशन शुरू से रद्द किया जाए और वेतन छठे पंजाब वेतन आयोग के अनुसार +15% बढ़ोतरी तय की जाए, डॉ. सौरव शर्मा और ऐसे ही अन्य अदालती मामलों में, सेवा नियमों के अनुसार सही मायने में पंजाब वेतनमान लागू करने, समग्र शिक्षा अभियान से शिक्षा विभाग में वेतन कटौती करते हुए वर्ष 2018 से नए स्केल में रेगुलर हुए नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को पंजाब वेतनमान के सभी लाभ बहाल करने, 1-1-2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों पर लागू कॉरपोरेट नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को रद्द करके पुरानी पेंशन प्रणाली (ओपीएस) को बहाल करने और कर्मचारियों से काटे गए 37 प्रकार के भत्ते लागू करने की मांगों को लेकर संघर्षों को गति देने के लिए राज्य कमेटी के फैसले अनुसार 21 अप्रैल 2026 को पेंशनर भवन लुधियाना में कन्वेंशन की जाएगी। जिसमें रूरल एरिया अलाउंस, बॉर्डर एरिया अलाउंस, ACP बेनिफिट और पेंडिंग 16% महंगाई भत्ता शामिल है। कन्वेंशन के बाद पेंशनर भवन लुधियाना में एक कन्वेंशन होगा और कन्वेंशन के बाद सैकड़ों कर्मचारियों के साथ कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर की तरफ मार्च निकाला जाएगा और वित्तीय मांगें न पूरी होने पर 'चेतावनी' पत्र दिया जाएगा। लेबर डे के मौके पर 1 मई को मुख्यमंत्री निवास चंडीगढ़ में बड़ा डेप्युटेशन के रूप में पहुंच कर 17 मई को राज्य रैली और विरोध मार्च का नोटिस देने और मांग पत्र देने और 17 मई को चंडीगढ़ रैली में लुधियाना जिले से सैकड़ों कर्मचारी शामिल होंगे। इस मौके पर रूपिंदर पाल सिंह गिल, हरप्रीत सिंह, राजवंत कौर, सुखविंदर सिंह लील, अवतार सिंह खालसा, कुलदीप सिंह, लखवीर सिंह, रोहित कंबोज, सुखचैन सिंह वालिया आदि भी मौजूद थे।

जाम और धूल से मिलेगी निजात,स्मार्ट सिग्नल और मल्टी-यूटिलिटी कॉरिडोर से लैस होंगी फरीदाबाद की सड़कें

फरीदाबाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की तरफ से एनआईटी की साढे़ सात किलोमीटर लंबी सड़कों को मॉडल सड़कों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन, पैदल यात्रियों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, जिससे लोगों को जाम से निजात मिलने के साथ जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। इस योजना पर लगभग 67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये सड़कें बनाई जाएंगी मॉडल रोड एनआईटी क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें फिलहाल जर्जर हालत में हैं। कई जगह गड्ढे, टूटी परत और उखड़ी सतह के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। धूल उड़ने से प्रदूषण भी बढ़ रहा है। अव्यवस्थित पार्किंग और फुटपाथों की कमी से जाम की स्थिति बनी रहती है। बारिश के दौरान पानी भरने से हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। इसे देखते हुए एफएमडीए ने व्यापार मंडल से टिकाना पार्क, टिकाना पार्क से ईएसआई चौक, ईएसआई से चिमनी बाई चौक, चिमनी बाई से मुल्ला होटल, चिमनी बाई से एसबीएस चौक, एसीपी ऑफिस से बीके चौक और बीके से हार्डवेयर चौक तक की सड़कों को मॉडल सड़क बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत इन सड़कों को न केवल चौड़ा किया जाएगा, बल्कि इन्हें पूरी तरह स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पैदल राहगीरों को तरजीह अक्सर देखा जाता है कि मुख्य सड़कों पर पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए कोई जगह नहीं बचती, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा हमेशा बना रहता है। इस मॉडल रोड के डिजाइन में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। स्मार्ट सिग्नलिंग होगी व्यस्त चौराहों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए आधुनिक सिग्नल को शामिल किया गया है। यह स्मार्ट सिस्टम ट्रैफिक के दबाव को भांपकर सिग्नल की टाइमिंग को खुद समायोजित करेगा। ये सुविधाएं मिलेंगी योजना के तहत इन सड़कों पर मल्टी-यूटिलिटी जोन बनाए जाएंगे, जहां बिजली, पानी, गैस, टेलीकॉम और अन्य सेवाओं की लाइनें सुव्यवस्थित तरीके से एक ही कॉरिडोर में डाली जाएंगी। इससे बार-बार सड़क खोदने की समस्या खत्म होगी और रखरखाव आसान होगा। पैदल यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए चौड़े और सुरक्षित फुटपाथ बनाए जाएंगे। आठ महीने का लक्ष्य एफएमडीए ने योजना पूरी करने के लिए 18 महीने की डेडलाइन तय की है। पहले चरण में सड़कों के बुनियादी ढांचे, मजबूतीकरण और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने पर जोर रहेगा, ताकि जलभराव की समस्या जड़ से खत्म हो।

हांसी जिला मुख्यालय में नया बस अड्डा, सुविधा और ट्रैफिक सुधार पर फोकस

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार द्वारा हांसी को नया जिला बनाए जाने के बाद अब क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और यातायात सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में हांसी में एक आधुनिक बस अड्डा बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। वर्तमान में हांसी में लगभग 6 एकड़ भूमि पर सब-डिपो संचालित हो रहा है, जहां से सीमित बस सेवाएं चलाई जाती हैं। लेकिन जिला बनने के बाद यात्रियों की संख्या और परिवहन की मांग में संभावित वृद्धि को देखते हुए बड़े बस अड्डे की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नए बस अड्डे के लिए 8 से 10 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इस बस अड्डे से भविष्य में 100 से अधिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों और अन्य जिलों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। परिवहन विभाग के निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को हांसी बाईपास के आसपास उपयुक्त भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों द्वारा जमीन की तलाश का काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही स्थान को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। नए बस अड्डे के निर्माण से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शहर में ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। साथ ही, यह परियोजना हांसी के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मौत का बुलाव,नौकरी के लालच में रूसी सेना में जबरन भर्ती हुआ था हरियाणा का लाल, आखिरी कॉल में मांगी थी जान की भीख

फतेहाबाद हरियाणा के फतेहाबाद जिले के कुम्हारिया गांव में मातम छाया हुआ है। 23 साल के अंकित जांगड़ा की अस्थियां और अवशेष शनिवार को जब उसके गांव पहुंचे, तो न केवल एक परिवार का सपना टूटा, बल्कि उन सैकड़ों भारतीय युवाओं की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया जो बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाकर युद्ध की आग में फंस गए हैं। अंकित ने आखिरी बार कहा था, "हमें बचा लीजिए… हमारी जान किसी भी पल खतरे में पड़ सकती है।" 'द ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 को अंकित जांगड़ा ने अपनी जान की भीख मांगी थी। वह रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी इलाके में फंसा हुआ था। उस कॉल के 24 घंटे के भीतर उससे संपर्क टूट गया। महीनों के इंतजार और प्रार्थनाओं के बाद, शुक्रवार को उसके परिवार को वह खबर मिली जिससे वे सबसे ज्यादा डरते थे। अंकित अब इस दुनिया में नहीं रहा। कैसे शुरू हुआ यह 'मौत का सफर'? अंकित जांगड़ा फरवरी 2025 में स्टडी वीजा पर मॉस्को गया था। वहां उसने एक कॉलेज में लैंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया और अपना खर्च चलाने के लिए एक रेस्टोरेंट में पार्ट-टाइम काम करना शुरू किया। अंकित और उसके दोस्त विजय पूनिया को एक महिला एजेंट ने ऊंचे वेतन वाली नौकरियों का लालच दिया। पढ़ाई और छोटी नौकरियों के बहाने गए इन युवाओं को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। अंकित के साथ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लगभग 15 अन्य युवक भी थे। वापसी का रास्ता सिर्फ मौत अंकित ने अपनी आखिरी बातचीत में जो खुलासे किए, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। उसने बताया कि उन्हें रूस से करीब 200-300 किमी दूर कब्जे वाले क्षेत्र सेलिडोव में रखा गया था। उन्हें 15 दिन की ट्रेनिंग के बाद 20 लाख रुपये और 1.5-2 लाख रुपये मासिक वेतन का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें कभी वहां से जाने नहीं दिया गया। ये युवा ब्रेड और जैम पर जिंदा थे। अंकित ने बताया था कि उनके समूह के 5 साथियों की पहले ही मौत हो चुकी थी। बंदूक की नोक पर भर्ती जब इन युवाओं ने वापस घर जाने की जिद की, तो रूसी अधिकारियों ने उन पर बंदूकें तान दीं। अधिकारियों का कहना था, "या तो यहां मरोगे या दुश्मन को मारोगे, वापस जाने का कोई रास्ता नहीं है।" परिवार की अंतहीन गुहार अंकित के बड़े भाई रघुवीर जांगड़ा और पूरे परिवार ने अपने बेटे को बचाने के लिए हर दरवाजा खटखटाया। परिवार ने दिल्ली और चंडीगढ़ के अधिकारियों, रूसी दूतावास, विदेश मंत्रालय (MEA) और रक्षा मंत्रालय से बार-बार गुहार लगाई। सिरसा सांसद कुमारी शैलजा और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी विदेश मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद, अंकित को जिंदा वापस नहीं लाया जा सका। अब परिवार की सबसे बड़ी चिंता अंकित के दोस्त विजय पूनिया को लेकर है, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। रूस में जबरन भर्ती का पैटर्न अंकित की कहानी कोई इकलौती घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां भारतीय युवाओं को हेल्पर या मल्टी-टास्किंग स्टाफ के नाम पर रूस बुलाया गया और फिर उन्हें अग्रिम मोर्चे पर लड़ने के लिए मजबूर किया गया। भारत में सक्रिय कई संदिग्ध एजेंट सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। भारत सरकार ने रूस से कई बार अनुरोध किया है कि धोखे से भर्ती किए गए भारतीयों को कार्यमुक्त किया जाए, लेकिन युद्ध की भीषणता के बीच यह प्रक्रिया बेहद जटिल और धीमी साबित हो रही है। गांव में पसरा सन्नाटा शनिवार को जब अंकित का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा और फिर उसके गांव कुम्हारिया ले जाया गया, तो वहां का माहौल हृदयविदारक था। गांव वाले आक्रोशित हैं और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनके कई सवाल हैं। उस महिला एजेंट पर कार्रवाई कब होगी जिसने इन युवाओं को मौत के मुंह में धकेला? विजय पूनिया कहां है? क्या सरकार अन्य लापता युवाओं को सुरक्षित वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी?

हरियाणा के पूर्व सीएम हुड्डा और AJL को क्लीन चिट, ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग केस भी हुआ बंद

चंडीगढ़ पंचकूला की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को पंचकूला में एक भूखंड के दोबारा आवंटन से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपमुक्त कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले को भी बंद कर दिया। यह आदेश पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के 25 फरवरी के एक फैसले के बाद आया है, जिसमें 2021 के उस आदेश को रद्द कर दिया गया था, जिसके तहत इस मामले में हुड्डा और अन्य लोगों पर आरोप तय किए गए थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुड्डा सुनवाई के दौरान खुद अदालत में पेश हुए। हुड्डा के वकील एस.पी.एस. परमार ने यहां पत्रकारों को बताया कि धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायाधीश राजीव गोयल ने ईडी की शिकायत को बंद कर दिया क्योंकि हुड्डा और 'नेशनल हेराल्ड' के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को सीबीआई की जांच वाले मुख्य मामले में पहले ही आरोपमुक्त किया जा चुका था। उच्च न्यायालय ने पंचकूला में एक भूखंड के दोबारा आवंटन के संबंध में हुड्डा और एजेएल के खिलाफ लगाए गए आपराधिक आरोपों को रद्द कर दिया था। न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की अध्यक्षता वाली उच्च न्यायालय की पीठ ने अप्रैल 2021 के विशेष सीबीआई अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपियों पर आरोप तय किए गए थे और उनकी आरोपमुक्त करने की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि रिकॉर्ड पर रखे गए दस्तावेजों से याचिकाकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए कथित अपराधों के आवश्यक तत्व प्रथम दृष्टया भी साबित नहीं होते हैं। अदालत ने माना कि इस मामले में उनके खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं। उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया, ''मुकदमे को जारी रखना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।'' यह मामला 1982 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) द्वारा एजेएल को पंचकूला के सेक्टर 6 में एक भूखंड के आवंटन से जुड़ा है। तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण 1992 में इस प्लॉट को वापस ले लिया गया था। हुडा ने 1995 और 1996 में एजेएल की अपीलें खारिज कर दी थीं। साल 2005 में हुड्डा के हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने के बाद, इस भूखंड को एजेएल को मूल दर पर दोबारा आवंटित कर दिया गया। हरियाणा में भाजपा के सत्ता में आने के बाद, 2016 में राज्य के सतर्कता ब्यूरो ने एक मामला दर्ज किया, जिसे बाद में सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया। आरोप लगाया गया था कि भूखंड के दोबारा आवंटन से सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान हुआ। अप्रैल 2021 में, विशेष सीबीआई अदालत ने हुड्डा और एजेएल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साज़िश) और 420 (धोखाधड़ी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। इसके बाद हुड्डा ने विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया। ईडी ने 2019 में इस मामले में अपना पहला आरोपपत्र दायर किया था।

हरियाणा के कई इलाकों में बारिश और ओले, 7-8 अप्रैल को फिर बदलेगा मौसम

हिसार. पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिसार, सिरसा व अन्य जिलों में दिनभर बादलों की लुकाछिपी जारी रही। दोपहर बाद सिरसा, फतेहाबाद, फरीदाबाद, यमुनानगर, महेंद्रगढ़, पलवल और झज्जर के साल्हावास क्षेत्र में तेज वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। सिरसा में वर्षा के साथ ओलावृष्टि होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में सक्रिय एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार रात को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बिखराव वाली वर्षा हो सकती है। वहीं रविवार को भी उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। इसके बाद यह मौसम प्रणाली हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली से आगे निकल जाएगी। 7-8 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय होगा। जिसके प्रभाव से एक बार फिर मौसम करवट लेगा। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में 7 से 9 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी की संभावना है। साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसका असर मैदानी राज्यों में भी देखने को मिलेगा। पंजाब, हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 7 और 8 अप्रैल को गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने हरियाणा और एनसीआर-दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस मौसम प्रणाली के गुजरने के बाद प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। जिससे गर्मी के बीच ठंड का अहसास हो सकता है। शनिवार को दिन व रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां रात का तापमान सामान्य से अधिक और दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे तेज हवाओं और ओलावृष्टि को देखते हुए कटाई कर खेतों में रखी फसलों का बचाव करें। तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला – न्यूनतम – अधिकतम     सोनीपत – 16.8 – 32.6     रोहतक – 17.1 – 32.2     अंबाला – 20.1 – 32.3     महेंद्रगढ़ – 18.5 – 31.6     हिसार – 17.9 – 32.6     करनाल – 17.8 – 32.6    शनिवार शाम तक के आंकड़े (मिलीमीटर में)     पानीपत – 15.5     गुरुग्राम – 9.5     करनाल – 6.0     भिवानी – 4.8     सिरसा – 4.5     सोनीपत – 4.0     जींद – 1.50

डिजिटल सुरक्षा पर फोकस: पंचकूला में जल्द बनेगा हरियाणा का साइबर सिक्योरिटी हब

चंडीगढ़. हरियाणा में साइबर हमले के किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए साइबर सुरक्षा केंद्र बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार जल्द ही हरियाणा डिजिटल कवच-साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने जा रही है। वर्तमान में पंचकूला में प्रदेश स्तरीय डायल 112 केंद्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा साइबर सिटी गुरुग्राम में कई विदेशी कंपनियों के काल सेंटर चल रहे हैं। भविष्य के संभावित खतरे से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। साइबर सुरक्षा के मद्देनजर हरियाणा डिजिटल कवच-साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह केंद्र सभी विभागों के लिए 24 घंटे सातों दिन थ्रेट इंटेलिजेंस, घटना होने की सूरत में तवरित प्रतिक्रिया देने, घटना न हो इसके लिए सुरक्षा मानक को पहले से लागू किया जाएगा। इस केंद्र की सबसे खास बात यह होगी कि इस केंद्र के माध्यम से संबंधित विभागों में नियमित रूप से सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा। प्रदेश सरकार आने वाले समय में 70 विभागों की 1000 योजनाओं तथा सेवाओं को मर्ज करने जा रही है। इनके संचालन के लिए वन स्टाप हेल्पलाइन शुरू किया जाएगा। इस योजनाओं को लागू करने में नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) की भूमिका अहम रहेगी। हालिया बजट में इन परियोजनाओं के लिए 423 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

5500 पदों के लिए दौड़ शुरू: 15 से फिजिकल टेस्ट, लाखों अभ्यर्थी आजमाएंगे दमखम

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस में कॉन्स्टेबल के 5500 पदों की भर्ती के लिए मैदान में पसीना बहा रहे युवाओं के लिए परीक्षा का समय आने वाला है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने शनिवार को संभावित शेड्यूल जारी करते हुए 15 अप्रैल से शारीरिक माप परीक्षण (पीएमटी) शुरू करने की सूचना दी है। प्रवेश पत्र जल्द ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। एचएसएससी चेयरमैन हिम्मत सिंह ने भी फेसबुक और एक्स पर इसकी जानकारी साझा की है। पीएमटी के बाद शारीरिक जांच परीक्षण (पीएसटी) किए जाएंगे। पीएमटी के लिए आयोग की ओर से पहले ही खेल निदेशक को पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बास्केटबॉल और वॉलीबॉल हाल को आरक्षित करने का अनुरोध किया जा चुका है। खेल विभाग से कोच भी मांगे गए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खेल विभाग की ओर से पीएमटी के लिए कितने कोच उपलब्ध कराए जाएंगे। तैयारियों को लेकर एचएसएससी चेयरमैन ने खेल विभाग के संयुक्त निदेशक अश्विनी मलिक के साथ बैठक भी की है, जिसमें स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा हुई। एचएसएससी की टीम ने खेल स्टेडियम में जाकर भी तैयारियों का जायजा लिया है। पीएमटी के लिए सीना और कद मापने की मशीनों के लिए अलग-अलग कंपनियों से टाईअप किया जाएगा। जल्द ही मशीनें आयोग के पास पहुंच सकती हैं। भर्ती में करीब दो लाख 70 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। ऐसे में लगातार कई दिन तक पीएमटी की प्रक्रिया चलेगी।

विकसित फरीदाबाद रैल,मुख्यमंत्री ने किया इंटरनेशनल स्विमिंग पूल और नेचर पार्क का ऐलान, नोएडा-गुरुग्राम मेट्रो पर भी बड़ा अपडेट

 फरीदाबाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज फरीदाबाद के सेक्टर-12 में हुई ''धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली'' में विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। इसमें सबसे अहम सेक्टर-8 में बहुमंजिला सुपरस्पेशलिटी सरकारी अस्पताल बनाने की घोषणा रही। इसके अलावा चौराहों का सौंदर्यीकरण, शिक्षा, खेल, पर्यावरण को लेकर भी शहर को काफी कुछ दिया। रैली का आयोजन राजस्व मंत्री विपुल गोयल की ओर से किया गया था। रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए अस्पताल में सभी प्रमुख बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल को बहुमंजिला इमारत में विकसित किया जाएगा। प्रमुख जंक्शनों में सुधार किया जाएगा ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर भी सरकार ने गंभीरता दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के प्रमुख जंक्शनों में सुधार किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में शहरवासियों को जाम से राहत मिलेगी। गंगा का पानी फरीदाबाद तक लाने की योजना पर होगा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए गंगा का पानी फरीदाबाद तक लाने की योजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए पहले विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में वह उत्तर प्रदेश सरकार से स्वयं बातचीत करेंगे, ताकि परियोजना को जल्द आगे बढ़ाया जा सके। ग्रेटर फरीदाबाद में नेचर पार्क बनेगा इसके अलावा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों, पार्कों और सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे वर्षा के पानी को सहेज कर भविष्य में उपयोग किया जा सकेगा। पर्यावरण संरक्षण के तहत ग्रेटर फरीदाबाद में नेचर पार्क विकसित करने की भी घोषणा की गई। सेक्टर-12 में मल्टीलेवल भवन बनाया जाएगा सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सेक्टर-12 में मल्टीलेवल भवन बनाया जाएगा, जिससे आम लोगों को कम खर्च में शादी और अन्य आयोजन करने की सुविधा मिल सकेगी। शिक्षा के क्षेत्र में ग्रेटर फरीदाबाद में केंद्रीय विद्यालय खोलने का ऐलान किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनेगा स्विमिंग पूल मनोरंजन के लिए चंदावली आईएमटी के पास मनोरंजन सिटी विकसित करने की योजना भी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-12 खेल परिसर के स्विमिंग पूल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। वहीं उन्होंने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए फरीदाबाद के रास्ते नोएडा तक ट्रेन चलाने की परियोजना पर तेजी से काम करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। रैली में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, खेल मंत्री गौरव गौतम, विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक धनेश अदलखा, विधायक सतीश फागना, मेयर प्रवीण जोशी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रैली के चलते शहर की रफ्तार थमी, जगह-जगह लगा जाम सेक्टर-12 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली के कारण शनिवार को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। नीलम चौक और नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लगा। भारी पुलिस तैनाती के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल सकी। फरीदाबाद के सेक्टर-12 में आयोजित धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली के कारण सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ने लगा। सुबह 8 बजे से ही रैली स्थल की ओर लोगों का आना शुरू हो गया था, जो दोपहर तक जारी रहा। अलग-अलग इलाकों से वाहन लगातार पहुंचते रहे, जिससे मुख्य मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। नीलम चौक, बाटा पुल और दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित रही। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन और व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को जाम से जूझना पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे मंचीय कार्यक्रम शुरू हुआ और करीब डेढ़ बजे तक रैली चली। मुख्यमंत्री का संबोधन अंत में हुआ। रैली के दौरान शहर के अन्य हिस्सों में भी ट्रैफिक का असर देखने को मिला। स्थानीय लोगों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी सिग्नल पॉइंट्स पर हुई, जहां लंबे समय तक वाहन फंसे रहे। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा।