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पिंक टॉयलेट से लेकर स्मार्ट सिटी तक: अंबाला के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

अंबाला भाजपा ने हरियाणा निकाय चुनाव के तहत अंबाला नगर निगम के लिए अपना 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के ध्येय के साथ पार्टी ने शहर के सर्वांगीण विकास, महिला सुरक्षा और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं को अपनी प्राथमिकता बताया है।   महिलाओं और झुग्गीवासियों के लिए विशेष घोषणाएं भाजपा ने वादा किया है कि सभी निकायों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जिनमें सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट देने का भी संकल्प लिया गया है। झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास के लिए गठित विकास बोर्ड को सशक्त कर आवास और बुनियादी सुविधाएं मिशन मोड में प्रदान की जाएंगी।   स्वामित्व योजना और करों में राहत संकल्प पत्र के अनुसार, 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को भूमि व मकान का वैध मालिकाना हक देकर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हाउस टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जाएगा और कृषि उपयोग वाले परिसरों को कर में विशेष राहत दी जाएगी। साथ ही, पानी और सीवरेज के नए कनेक्शनों पर शुल्क माफी की घोषणा भी की गई है।   अंबाला के लिए विशेष विकास परियोजनाएं     सीवरेज और जल प्रबंधन: 11 गांवों में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार और लगभग 170 करोड़ की लागत से नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर-24 में ₹40 करोड़ की लागत से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।       इन्फ्रास्ट्रक्चर: सेक्टर-10 में ₹60 करोड़ की लागत से 500 सीटों वाला अत्याधुनिक सभागार और सेक्टर-23 में ₹10 करोड़ की लागत से नया फायर स्टेशन बनाया जाएगा।       सफाई व्यवस्था: कूड़े से बिजली बनाने के लिए संयंत्र स्थापित किया जाएगा और सफाई कर्मचारियों व मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।       जल निकासी: सेक्टर-23 और 25 में ₹10 करोड़ की लागत से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि जलभराव से मुक्ति मिल सके।   सुरक्षा और स्मार्ट सिटी पहल शहर की सुरक्षा के लिए प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा । स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है । इसके अलावा, प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान जैसी नागरिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा ।    

अंबाला में जनता का मूड बदला, विकास नहीं तो वोट नहीं का रुख पानी निकासी और

अंबाला  हरियाणा में अंबाला नगर निगम चुनाव से पहले शहर का सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है. दरअसल आगामी 10 मई को मेयर और पार्षद पदों के लिए मतदान होना है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. सभी दल अपने-अपने वादों और योजनाओं के साथ जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बार शहर की जनता का रुख साफ तौर पर बदला हुआ नजर आ रहा है. बता दे कि स्थानीय स्तर पर किए गए सर्वे और लोगों से बातचीत से यह स्पष्ट हुआ है कि मतदाता अब केवल वादों पर भरोसा करने के बजाय बीते पांच वर्षों के कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं.वही अंबाला शहर के वार्ड नंबर 4 स्थित बलदेव नगर क्षेत्र में लोगों की प्रतिक्रियाएं इसी बदलाव की ओर इशारा करती हैं, क्योंकि यहां के कई निवासी पिछले कार्यकाल से असंतुष्ट दिखाई दिए और उन्होंने साफ कहा कि इस बार वोट केवल काम के आधार पर ही दिया जाएगा. पानी निकासी है सबसे बड़ा मुद्दा वही स्थानीय निवासी कस्तुरीलाल वर्मा ने लोकल 18 को बताया कि उनकी उम्र 80 साल की हो गई है लेकिन पानी की निकासी बलदेव नगर में काफी ज्यादा एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है. उन्होंने कहा कि जब भी बाढ़ आती है तो कोई भी नेता दिखाई नहीं देता है और वह उस समस्या से खुद ही जूझते हैं, जबकि पानी निकासी को सही ढंग से ठीक किया जाए तो यह समस्या बिल्कुल भी उत्पन्न नहीं होगी. उन्होंने बताया कि वह तो इस बार वोट पानी निकासी के मुद्दे को लेकर ही करेंगे और इस समस्या को हर उम्मीदवार के सामने रखेंगे. स्थानीय निवासी परमानंद ने बताया कि सफाई व्यवस्था उनके इलाके में काफी ज्यादा चरमराई हुई है ओर वह चाहते हैं कि जो भी पार्षद बने वह इन मुद्दों पर कार्य जरूर करें. उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में सड़के और लाइट की व्यवस्था तो ठीक रही है लेकिन जल निकासी काफी ज्यादा प्रभावित रही है. आवारा पशुओं का करें खास इंतजाम गौरव बख्शी ने कहा कि इस बार के निकाय चुनाव में लोगों की जो सबसे बड़ी मांग है वह आवारा पशुओं की सही जगह पर व्यवस्था करना हैं ओर साफ सफाई की सुचारू रूप से करवाना है. उन्होंने बताया कि पिछले 5 साल स्ट्रीट लाइट्स अगर खराब हो जाती थी तो उसे ठीक करने में काफी दोनों का समय लगता था,ऐसे में वह चाहते की इस बार जो भी उम्मीदवार इन लोगों की जरूरत पर काम करेगा, तो वह उसे ही चुनेंगे.क्योंकि चुनाव खत्म होने के बाद अक्सर स्थानीय नेता अपने वादे भूल जाते है ओर फिर आम जनता काफी दिनों तक परेशान रहती है. वहीं अमित कुमार ने बताया कि पिछले 5 सालों में जो वादे किए गए थे वह बिल्कुल भी पूरे नहीं हुए हैं. कहा कि जब लोगों को पार्षदों से कम होता है तो वह फोन तक नहीं उठाते हैं और फिर चुनावों में किए गए वादे अक्सर भूल जाते हैं. इसलिए वह चाहते हैं कि यह निकाय चुनावों में जिस मर्जी पार्टी का पार्षद बने,लेकिन लोगों से किए गए वादों पर बस खरा उतारे.वही कुछ ओर स्थानीय निवासियों ने बताया कि आवारा पशु सबसे बड़ा मुद्दा क्षेत्र के लिए बने हुए हैं क्योंकि आए दिन आम जनता घायल होती है,ओर बहुत से एक्सीडेंट होते हैं.कई बार बच्चों को कुत्ते काट लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन पिछले 5 सालों में इस पर किसी प्रकार का कोई काम नहीं हो पाया है जबकि शहर में लोग इन समस्याओं को लेकर काफी ज्यादा परेशान है.

सस्पेंशन खत्म, सतबीर कादियान को मिली नई पोस्टिंग; सिंचाई अनुसंधान संस्थान में जिम्मेदारी

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए निलंबित चल रहे वरिष्ठ अधिकारी सतबीर सिंह कादियान की सेवाएं बहाल कर दी हैं। कादियान, जो उस समय इंजीनियर-इन-चीफ (वाईडब्ल्यूएस नॉर्थ) के पद पर कार्यरत थे, को 15 अप्रैल 2026 को निलंबित किया गया था। जारी आदेश के अनुसार, राज्यपाल ने उनकी सेवा को तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल करने की मंजूरी दी है। हालांकि, उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। बहाली के साथ ही सतबीर सिंह कादियान का तबादला भी कर दिया गया है। अब उन्हें कुरुक्षेत्र स्थित हरियाणा सिंचाई अनुसंधान एवं प्रबंधन संस्थान (HIRMI) में हेड (स्पेशल) एवं प्रिंसिपल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति आंतरिक व्यवस्थाओं के तहत की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें नियमों के अनुसार टीए/डीए (यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता) दिया जाएगा। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा द्वारा जारी किया गया है।

दुष्यंत चौटाला–CIA टीम विवाद में नया मोड़, ADGP–JJP आमने-सामने) GJU

हिसार  हरियाणा के हिसार में दुष्यंत चौटाला और सीआईए टीम से जुड़े विवाद पर बड़ा अपडेट सामने आया है. हिसार रेंज के एडीजीपी केके राव ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराते हुए क्लीन चिट दे दी है. हालांकि, इस मुद्दे को लेकर अब एसपी और पूर्व डिप्टी सीएम के बीच वार पलटवार भी देखने को मिला है. सोमवार शाम 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी से उनके कार्यालय में मुलाकात की. इस दौरान हिसार की कमिश्नर भारती भी मौजूद रहीं. खास बात यह रही कि इस प्रतिनिधिमंडल के साथ दुष्यंत चौटाला भी बैठक में शामिल हुए. मुलाकात का करीब 50 सेकंड का वीडियो हिसार पुलिस द्वारा जारी किया गया, जिसमें बातचीत के कुछ अंश साझा किए गए हैं. वीडियो में क्या दिखा? जारी वीडियो में एडीजीपी केके राव पुलिस का पक्ष लेते नजर आए. उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की बारीकी से जांच की है और पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह सही है. एडीजीपी ने यह भी कहा कि पुलिस को सिविल एरिया में जाकर चेकिंग करने का अधिकार है. इस पर दुष्यंत चौटाला ने तंज कसते हुए कहा, “आप तो एसपी के भी गुरु बन गए.” इसके जवाब में ADGP ने कहा, “मैं एसपी का गुरु हूं, इसलिए यहां बैठा हूं.” दुष्यंत चौटाला ने सवाल उठाया कि कहीं भी यह नहीं लिखा कि पुलिस सादी वर्दी में जाकर रेड कर सकती है. इस पर एडीजीपी ने जवाब दिया कि पुलिस का मुख्य काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और न्याय दिलाना है. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई करना बंद कर दे, तो अपराध बढ़ सकते हैं. इस मामले में अभी तक जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. उधर, पुलिस को क्लीन चिट मिलने के बाद यह मामला फिलहाल शांत होता दिख रहा है, लेकिन राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है. महापंचायत में क्या हुआ उधऱ, हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) शुरु हुए इस विवाद को लेकर सोमवार को क्रांतिमान पार्क में जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से ‘छात्र हित महापंचायत’ आयोजित की गई. महापंचायत में कई अहम फैसले लिए गए और सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया. महापंचायत में तय किया गया कि 21 सदस्यीय कमेटी कमिश्नर और एडीजीपी से मुलाकात कर छात्रों और पार्टी का पक्ष रखेगी. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 5 दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को तेज किया जाएगा. महापंचायत की प्रमुख मांगें     महापंचायत में छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए. इस 21 सदस्यीय कमेटी में 10 छात्र ओर 11 खापों के प्रधान शामिल है.     मुख्य मांगों में सस्पेंड किए गए सभी छात्रों की तुरंत बहाली.     कुरुक्षेत्र और हिसार में छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी.     यूनिवर्सिटी परिसर में सभी छात्र संगठनों को कार्यक्रम करने की अनुमति शिक्षा शुल्क नियंत्रण के लिए रेगुलेटरी बोर्ड का गठन छात्रों के लिए एक्टिविटी सेंटर का निर्माण.     मेस के भोजन की गुणवत्ता की जांच, छात्र-पुलिस विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन. महापंचायत में पहुंचे पूर्णिया (बिहार) से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हरियाणा का यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने दुष्यंत चौटाला के समर्थन में कहा कि इस संघर्ष में “पूरा बिहार और देश साथ खड़ा है. उधर, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप लगाया कि परिसर में आरएएस और भाजपा की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है. गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में विवाद यह पूरा विवाद 15 अप्रैल को GJU में शुरू हुआ, जब कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में JJP कार्यकर्ताओं ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान तोड़फोड़ के आरोप में दिग्विजय समेत 8 नेताओं पर केस दर्ज हुआ और 6 को गिरफ्तार किया गया, हालांकि अगले दिन उन्हें जमानत मिल गई. 17 अप्रैल को एफआईआर के विरोध में दुष्यंत चौटाला गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तभी रास्ते में उनका सीआईए इंचार्ज पवन कुमार से विवाद हो गया. दुष्यंत ने आरोप लगाया कि उनका काफिला रोककर धमकाया गया, जबकि पुलिस अधिकारी का कहना था कि एस्कॉर्ट गाड़ी के ड्राइवर की लापरवाही के चलते उसे रोका गया. मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार को क्लीन चिट दे दी गई है. महापंचायत के अल्टीमेटम के बाद अब नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है. यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं होतीं, तो हरियाणा में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है.

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: हरियाणा के भिवानी और पलवल में नए PHC खोलने की तैयारी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने दो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने की मंजूरी दी है। इनमें एक पीएचसी पलवल जिला के गांव अमरपुर में और दूसरी पीएचसी भिवानी जिला के गांव सूई तथा खोली जाएगी। पलवल जिला के गांव अमरपुर में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 439.33 लाख रुपए और भिवानी जिला के गांव सूई में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 466.35 लाख रुपए खर्च होंगे। सिविल सर्जन डॉ. सतेन्द्र वशिष्ठ ने बताया कि हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने पलवल जिला के गांव अमरपुर में प्राथमिकता चिकित्सा केंद्र के लिए नई बिल्डिंग बनाने को मंजूरी प्रदान की गई है। यह नई बिल्डिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक ही दो एकड़ भूमि में बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की नई बिल्डिंग तैयार होने बाद न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार द्वारा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की नए बिल्डिंग के लिए सरकार ने बजट को मंजूरी प्रदान की गई है। इसके लिए सरकार का धन्यवाद करते है। नई बिल्डिंग में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होगी।

स्टिल्ट प्लस फोर केस: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक से इनकार

चंडीगढ़ स्टिल्ट प्लस फोर नीति को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला देते हुए लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्य न्यायधीश जस्टिस शील नागू व जस्टिस संजीव बैरी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि रोक का आदेश केवल गुरुग्राम तक सीमित है। अन्य जिलों पर यह लागू नहीं होगा। यानी हरियाणा सरकार की स्टिल्ट प्लस फोर नीति के तहत गुरुग्राम को छोड़कर बाकी हरियाणा में चार मंजिल से ज्यादा के भवन का निर्माण हो सकेगा। साथ ही पीठ ने गुरुग्राम समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण और निर्माण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर रोक से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है। जस्टिस नागू ने रोक हटाने की मांग को लेकर दायर अर्जी पर कहा-आप लोग गुरुग्राम में सुधार चाहते हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने यह आदेश दो अप्रैल को जारी किए गए अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गुरुग्राम की बिगड़ती शहरी स्थिति पर गंभीर चिंता भी जताई। कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण के कारण लोगों के पास चलने तक की जगह नहीं बची है। कोर्ट ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए टिप्पणी की कि वहां लोग कॉलोनियां छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें चलने के लिए जगह नहीं मिल रही। गुरुग्राम पहले ही बढ़ती आबादी के दबाव से चरमराने की कगार पर है इसलिए फिलहाल कोई राहत देना संभव नहीं है। सरकार की नीति की न्यायिक समीक्षा होगी हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की व्यापक नीति अभी भी न्यायिक समीक्षा के दायरे में रहेगी और मामले की सुनवाई जारी रहेगी। जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा कोर्ट जनहित याचिका में स्टिल्ट प्लस फोर नीति पर रोक लगाने की मांग की गई है। याची पक्ष ने तर्क दिया है कि विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों को दरकिनार करते हुए चार फ्लोर बनाने की अनुमति दे दी गई। सरकार को पहले विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करनी चाहिए थी। कोर्ट ने माना कि बिना पर्याप्त आधारभूत संरचना के अतिरिक्त मंजिलों की अनुमति देने से शहर पर बोझ बढ़ेगा। इससे सीवरेज, ड्रेनेज, ट्रैफिक, जलभराव व अन्य नागिरक समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।  

MSME टेक्नोलॉजी सेंटर से बिहार को नई रफ्तार, मांझी ने विपक्ष को घेरा

बिहटा/पटना. बिहटा के सिकंदरपुर में मंगलवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार के नए प्रौद्योगिकी केंद्र का शुभारंभ किया गया। मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी और विभागीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दीप प्रज्‍जवलन के बाद श‍िलापट का अनावरण किया। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में एक्सटेंशन सेंटर भी खोले गए।  बिहार के लाेगों के लिए होगा फायदेमंद उद्धाटन समारोह स्‍थल पर कई स्‍टॉल लगाए गए। सीएम और केंद्रीय मंत्री ने इनका निरीक्षण किया। इस केंद्र के बारे में बताया गया कि बिहार के युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी। खासकर एससी एवं एसटी वर्ग के लोगाें को अपने कारोबार को शुरू करने एवं बढ़ावा देने में इससे मदद मिलेगी। उन्‍हें सरकारी लाभ के बारे में भी जानकारी मिलेगी।  विपक्ष पर मांझी ने क‍िया जोरदार हमला  एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री मांझी ने इसकी सूचना साझा करते हुए विपक्ष पर तंज कसा था। अपने एक्‍स हैंडल पर उन्‍होंने लिखा, हमेशा अपने गया जी के लिए ख़ुशख़बरी सुनाते थे तो विरोधिया सब पूछता था बिहार को का मिला? लिजिए भाई अब बिहार के लिए भी खुशखबरी सुन लीजिए। 28 अप्रैल को दिन के 11 बजे, मतलब परसों सुबह 11 बजे पटना के बिहटा(सिकंदरपुर) में अपने मंत्रालय द्वारा अरबों की लागत से टेक्नॉलॉजी सेंटर का उदघाटन किया जा रहा है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और सीएम के विशेष आग्रह पर मुंगेर में बना एक्सटेंशन सेंटर का उद्घाटन किया जा रहा है। मांझी ने आम जन से अपील की क‍ि आप सब भी आईए आउर दोनों हाथ उठाकर कहिए, नरेंद्र मोदी संग चल पड़ा बिहार,जय हो मोदी सरकार।  

हरियाणा में अंगदान को लेकर युवाओं में उत्साह, 18-45 आयु वर्ग सबसे आगे

रोहतक. हरियाणा के युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल खेल मैदानों और सेना में ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में भी सबसे आगे हैं। प्रदेश में अंगदान के लिए सबसे ज्यादा पंजीकरण युवाओं ने कराया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों ने सबसे अधिक संख्या में अंगदान का संकल्प लिया है। इससे साफ है कि नई पीढ़ी अब सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए जीवन बचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हरियाणा के युवाओं ने यह संदेश दिया है कि म्हारे गाबरू बड़े दिलदार, केवल कहावत नहीं, बल्कि मानवता की मिसाल है। अब जरूरत है कि यह अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे, ताकि और ज्यादा लोग जीवनदान के इस महादान से जुड़ सकें। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (नोटो) के मुताबिक सोमवार तक हरियाणा में कुल 7,998 लोगों ने अंगदान के लिए पंजीकरण कराया है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रदेश में जागरूकता का संकेत मानी जा रही है। दिल, लीवर और फेफड़ों के लिए सबसे ज्यादा संकल्प हरियाणा के लोगों ने सबसे ज्यादा हृदय, लीवर और फेफड़ों के दान के लिए पंजीकरण कराया है। इससे स्पष्ट है कि लोग अब अंगदान के महत्व को समझ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले लोग अंगदान को लेकर भ्रांतियों और डर के कारण पीछे हटते थे, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। परिवार स्वयं जानकारी ले रहे हैं और अंगदान की प्रक्रिया समझना चाहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस विषय पर जागरूकता बढ़ी है। युवाओं ने दिखाई सबसे ज्यादा रुचि आंकड़ों के अनुसार 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग में सबसे अधिक 2,946 युवाओं ने अंगदान का संकल्प लिया है। वहीं 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 3,025 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसका अर्थ है कि कुल पंजीकरण का सबसे बड़ा हिस्सा युवाओं और मध्यम आयु वर्ग से है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में शिक्षा, इंटरनेट मीडिया जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी समझ बढ़ने से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है। हरियाणा में अंगदान पंजीकरण में पुरुषों की संख्या महिलाओं से काफी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार 5,225 पुरुषों ने अंगदान का संकल्प लिया है, जबकि 2,773 महिलाओं ने भी इसमें भागीदारी दिखाई है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यह संख्या और मजबूत होगी। अंग     पंजीकरण संख्या हृदय     6050 लीवर     6166 फेफड़े     5750 पैंक्रियाज     5373 आंत     5279 किडनी     2654 परिवार को अपनी इच्छा बताना भी जरूरी बतौर विशेषज्ञ पंडित भगवत दयाल शर्मा हेल्थ विवि के कुलपति डा. एचके अग्रवाल का कहना है कि एक अंगदाता 8 लोगों की जान बचा सकता है और कई अन्य लोगों को नई जिंदगी दे सकता है। यही कारण है कि युवाओं का बढ़ता रुझान आने वाले समय में हजारों मरीजों के लिए उम्मीद बन सकता है। एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद हृदय, लीवर, फेफड़े, किडनी सहित कई अंग जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होते हैं। विशेष बात यह है कि केवल पंजीकरण काफी नहीं है। परिवार को अपनी इच्छा बताना भी जरूरी है। कई बार मृत्यु के बाद अंतिम निर्णय परिवार की सहमति से होता है। इसलिए युवाओं को अपने माता-पिता और परिजनों से इस विषय पर खुलकर बातचीत करनी चाहिए। उम्रवार आंकड़ों से समझिये बढ़ती पंजीकरण की रफ्तार आयु वर्ग     पंजीकरण संख्या 18-30 वर्ष     2946 30-45 वर्ष     3025 45-60 वर्ष     1411 60 वर्ष से ऊपर     611 पंजीकरण में पुरुष सबसे आगे श्रेणी     पंजीकरण महिलाएं     2773 पुरुष     5225

10 मेडल के साथ हरियाणा चमका, 5वीं जूनियर एथलेटिक्स एशियन चैंपियनशिप में बनाई जगह

फतेहाबाद. एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया द्वारा आयोजित 24वीं नेशनल जूनियर फेडरेशन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक सहित कुल 10 पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। एथलेटिक्स हरियाणा के अध्यक्ष दिलबाग सिंह ने जानकारी दी कि इस प्रदर्शन के दम पर राज्य के पांच एथलीट खिलाड़ियों ने एशियन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है। इनमें मुस्कान (सोनीपत) ने 5 किलोमीटर दौड़, अमन (झज्जर) ने हैमर थ्रो, निश्चय (रोहतक) ने डिस्कस थ्रो, पूजा (फतेहाबाद) ने हाई जंप और सुमित राठी (झज्जर) ने 3000 मीटर स्टेपल चेज इवेंट में जगह बनाई है। वहीं योगिता (हिसार) ने 5 किलोमीटर रेस वाक में नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है, योगिता ने 2025 के भुवनेश्वर में बनाए गए राजस्थान की मनीषा का रिकार्ड तोड़ा। एशियन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन 28 से 31 मई तक हांगकांग (चीन) में किया जाएगा, जिसमें ये खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। महासचिव प्रदीप मलिक ने बताया कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन फतेहाबाद की पूजा ने हाई जंप में 1.80 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीतते हुए एशियन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। वहीं सुमित राठी ने 3000 मीटर स्टेपल चेज में 9:28.04 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा 800 मीटर दौड़ में गीतिका दहिया ने कांस्य पदक हासिल किया। मीडिया प्रभारी सत्यवीर धनखड़ ने बताया कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

दर्दनाक घटना: भिवानी की प्राइवेट बस में भीषण आग, कई घायल

 भिवानी हरियाणा के भिवानी जिले के गांव मिलकपुर में सोमवार को एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया. यहां भिवानी से हांसी की ओर जा रही एक प्राइवेट बस अचानक आग का गोला बन गई. इस दर्दनाक हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. अचानक लगी आग के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. यात्रियों की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने हादसे की जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी. सूचना मिलते ही आनन-फानन में मौके पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंच गई. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, निजी बस भिवानी से सवारियां लेकर हांसी की तरफ जा रही थी. जैसे ही बस मिलकपुर गांव के पास पहुंची, अचानक बस का टायर फट गया. बताया जा रहा है कि टायर का एक नुकीला टुकड़ा बस की तेल की टंकी (फ्यूल टैंक) से जा टकराया, जिससे टंकी फट गई और देखते ही देखते पूरी बस में भीषण आग लग गई. दो की मौत, घायलों का उपचार जारी आग इतनी तेजी से फैली कि बस के अंदर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. इस हादसे में दो लोगों की झुलसने के कारण मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से हांसी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान अभी बाकी हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. फिलहाल मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, पुलिस यात्रियों के सामान और अन्य माध्यमों से उनकी पहचान करने में जुटी है. मौके पर भारी भीड़ जमा है और बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी है.