samacharsecretary.com

प्यार का दिखावा, फिर हत्या की साजिश: गर्भवती पत्नी का गला घोंटने वाला CA गिरफ्तार

गुरुग्राम हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। पत्नी 5 महीने की गर्भवती भी थी। सामने आई जानकारी के मुताबित पति ने सोझी समझी साजिश के तहत इस खौफनाक कांड को अंजाम दिया। पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। दोनों की शादी कुछ महीने पहले सितंबर 2025 में हुई थी। पति पत्नी वैलेंटाइन डे मनाने के बाद हिसार से वापस गुरुग्राम लौट रहे थे, तभी पति ने झज्जर के बादली थाना क्षेत्र के पासौर गांव के पास पत्नी की धार दार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों की पहचान 27 साल की महक और अंशुल धवन के तौर पर हुई है। पुलिस को खुद किया फोन झज्जर पुलिस ने कहा कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन किया और मामले को लूट की वारदात के रूप में पेश करने की कोशिश की। हालांकि, जब बादली पुलिस उसे अपराध स्थल पर ले गई, तो वह घटनाक्रम और हमलावरों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो अंशुल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। महक के पिता कृष्ण कथूरिया, जो हांसी में सब्जी की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी सितंबर 2025 में हुई थी। उन्होंने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो महक का शव खेतों में पड़ा था और उसकी गर्दन पर चोट के गहरे निशान थे। पिता ने आरोप लगाया कि अंशुल ने पहले महक का गला घोंटा फिर धार दार हथियार से वार किया। पुलिस ने बताया कि रास्ते में दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता को भी गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि किसी ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत FIR) दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

सीवरेज सिस्टम का अब ठेकेदार ही करेंगे संचालन और रखरखाव

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े टेंडरों की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। अब इनके निर्माण के साथ-साथ लंबी अवधि तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों की होगी। नई व्यवस्था के तहत परियोजनाओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 40 एमएलडी तक के एसटीपी, 40 एमएलडी से बड़े एसटीपी और बिना ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) श्रेणी वाले एसटीपी शामिल हैं। हरियाणा सरकार ने नये नियमों में हर श्रेणी के लिए अलग लागत बंटवारा, डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP), आपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) अवधि तथा सुरक्षा राशि व परफार्मेंस बैंक गारंटी (PBG) की स्पष्ट शर्तें तय कर दी हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम प्लांटों की दीर्घकालिक कार्यक्षमता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। 40 एमएलडी तक की क्षमता वाले एसटीपी के लिए कुल परियोजना लागत का 80 प्रतिशत हिस्सा निर्माण (कैपिटल वर्क) और 20 प्रतिशत आपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए निर्धारित किया गया है। 80 प्रतिशत कैपिटल कास्ट में से 40 प्रतिशत पैसा सिविल वर्क और 40 प्रतिशत मैकेनिकल वर्क पर खर्च होगा। 20 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल व इंस्ट्रूमेंटेशन पर खर्च किया जाएगा। बिना आपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) श्रेणी वाले एसटीपी की श्रेणी में संबंधित एजेंसी या ठेकेदार को केवल सीवरेज नेटवर्क का निर्माण करना है। इसमें आपरेशन एंड मेंटेनेंस शामिल नहीं है। यानी तीन साल का डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड तय किया गया है। इसके तहत सिक्योरिटी राशि तीन चरणों में वापस दी जाएगी। पहले साल के बाद 30 प्रतिशत, दूसरे साल के बाद 30 और फिर तीसरे साल के बाद 40 प्रतिशत सिक्योरिटी राशि वापस मिलेगी। परफार्मेंस बैंक गारंटी (पीबीजी) का पांच प्रतिशत पैसा तीन साल पूरे होने के 45 दिन बाद जारी होगी। हरियाणा सरकार का तर्क है कि पहले कई परियोजनाओं में निर्माण तो हो जाता था, लेकिन रखरखाव में ढिलाई से प्लांट पूरी क्षमता से नहीं चल पाते थे। इससे सीवरेज ओवरफ्लो, प्रदूषण और सार्वजनिक शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। नई व्यवस्था में भुगतान का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक रोके जाने से ठेकेदार गुणवत्ता और संचालन पर ध्यान देने को मजबूर होंगे। हरियाणा सरकार ने 55 से अधिक विभागों के प्रशासनिक सचिवों को इस संदर्भ में पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि भविष्य के सभी संबंधित टेंडरों में इन संशोधित शर्तों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया से 1616 आपत्तिजनक लिंक हटाए

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध, आपत्तिजनक एवं भ्रामक गतिविधियों के विरुद्ध प्रारंभ किया गया विशेष अभियान एक माह सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के सहयोग से संचालित यह अभियान डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत प्रभावी एवं परिणामकारी सिद्ध हुआ है। सोशल मीडिया पर भ्रामक, उकसाने वाली तथा समाज में भ्रम या तनाव उत्पन्न करने वाली सामग्री की बढ़ती प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए यह सुनियोजित और सकारात्मक पहल शुरू की गई थी। पिछले लगभग एक माह के दौरान साइबर टीम द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग एवं त्वरित समन्वय के माध्यम से कुल 2052 लिंक एवं प्रोफाइल रिपोर्ट किए गए, जिनमें से 1616 आपत्तिजनक सामग्री को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा हटाया या ब्लॉक किया जा चुका है। शेष 436  लिंक विभिन्न समीक्षा चरणों में हैं और उन पर भी शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के अंतर्गत साइबर टीम प्रतिदिन सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, लिंक एवं प्रोफाइल की पहचान कर रही है जिनमें भ्रामक जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट पाया जाता है। ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तत्काल नोटिस जारी कर सामग्री हटाने की मांग की जाती है। पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी ढिलाई के संचालित की जा रही है। डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है और किसी भी प्रकार की उकसाने वाली सामग्री सामाजिक सौहार्द एवं शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश से पूर्व किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें, बिना पुष्टि के कोई भी संवेदनशील सामग्री साझा न करें तथा संदिग्ध पोस्ट या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

हार्ट सर्जरी के 24 दिन बाद नौकरी पर लौटे मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी हार्ट सर्जरी के 24 दिन बाद नियमित रूप से कामकाज संभालेंगे। वह सिविल सचिवालय की पांचवीं मंजिल स्थित अपने कार्यालय से सभी प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करेंगे। पिछले करीब 15–20 दिनों से वह वर्क फ्रॉम होम पर थे। 8 जनवरी की देर रात सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में मेजर हार्ट अटैक की पुष्टि हुई। अगले दिन सर्जन डॉ. टीपीएस महंत की देखरेख में उनकी सर्जरी की गई। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उन्होंने धीरे-धीरे कामकाज दोबारा शुरू किया। उन्होंने अपने ओएसडी के माध्यम से संदेश जारी कर फाइलों के निपटारे की व्यवस्था तय की। मुख्य सचिव स्तर की फाइलें संबंधित अधिकारी अपने स्तर पर निपटाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री को भेजी जाने वाली फाइलें सीधे प्रेषित की जाएंगी। 19 जनवरी को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक भी की। डिस्चार्ज के दिन आईएएस अधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश साझा कर उन्होंने जानकारी दी कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार वे 15 दिन घर से काम करेंगे। वर्क फ्रॉम होम के बाद अब वह नियमित रूप से सचिवालय पहुंचेंगे। शुक्रवार को भी वे कुछ समय के लिए कार्यालय आए थे और जरूरी फाइलों का निपटारा किया था। दूसरा कार्यकाल और एक्सटेंशन 1990 बैच के आईएएस अनुराग रस्तोगी ने जून 2025 में 60 वर्ष पूरे किए। वह हरियाणा के पहले ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें दो बार मुख्य सचिव बनने का अवसर मिला। केंद्र सरकार ने राज्य की सिफारिश पर उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार भी दिया है। मुख्य सचिव बनने से पहले वह वित्त आयुक्त, राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) के पद पर कार्यरत थे।

हरियाणा में 29 विभागों के कर्मचारियों का ऑनलाइन होगा ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा के 29 विभागों और बोर्ड-निगमों में कर्मचारियों के ऑनलाइन स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। कुल 271 काडर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पसंद के स्थान पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। सभी कर्मचारियों को 20 फरवरी तक अपनी प्रोफाइल का सत्यापन और अपडेट सुनिश्चित करने को कहा गया है। ऑनलाइन स्थानांतरण को लेकर संबंधित विभागों ने इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर कार्यरत नियमित कर्मचारियों के डाटा का प्रारंभिक अपडेट शुरू कर दिया है। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यूजर आईडी से लाग-इन कर अपने प्रोफाइल में दर्ज विवरण को ध्यानपूर्वक जांच लें। यदि किसी कर्मचारी की जानकारी में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत पोर्टल पर दर्शाए गए संबंधित प्राधिकारी/चेकर से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे, ताकि सही जानकारी दर्ज की जा सके। डाटा का सही और समय पर अपडेट होना जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर सेवा अवधि, मेरिट अंक और पात्रता निर्धारित की जाएंगी। कर्मचारी इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर Employee Login के बाद “Preliminary Updation of Data” विकल्प के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को न्यायालय के आदेश, मृत्यु प्रमाण पत्र, अधिकृत मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, यूडीआईडी प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज संबंधित चेकर को प्रस्तुत करने होंगे। कार्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन विजिटिंग पास हरियाणा के महाधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय कार्यालय में प्रवेश के लिए अब ऑनलाइन विजिटिंग पास लेना होगा। किसी भी आधिकारिक कार्य अथवा केस या सुनवाई के लिए आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों को एलएमएस पोर्टल (https://lmshry.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन विजिटिंग पास बनवाना पड़ेगा। आवेदक के पास अपना इंप्लाई आईडी कार्ड होना चाहिए। गेट पास के प्रिंटआउट को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता से सत्यापित करवाना होगा। पास जारी होने के उपरांत संबंधित कार्यालय से उसका सत्यापन करवाना आवश्यक रहेगा।

मंत्री विज के फिसलकर गिरने से दोनों पैर हुए फ्रैक्चर

अंबाला. प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज आपने आवास पर गिर गए हैं, जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। डक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है। चोट लगने के बावजूद विज 'चल री सजनी अब क्या सोचे' गुनगुनाते रहे। 20 फरवरी से विस सत्र शुरू होना है।  हर बार सदन में सुर्खियों में रहने वाले विज इस बार शायद सदन में नजर न आएं। डाक्टरों की सलाह को देखते हुए माना जा रहा है कि वे सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे। विधानसभा के बजट सत्र में विज की गैरमौजूदगी की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विज सदन में पहुंच पाएंगे या नहीं। अनिल विज विधानसभा सत्रों में कभी भी अनुपस्थित नहीं रहे। बता दें कि  जून 2020 में अनिल विज घर के बाथरूम में नहाते समय फिसलकर गिर गए थे. इससे उनके बाएं पैर की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया. उन्हें मोहाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मई-जून 2025 में अनिल विज को पैर के अंगूठे में चोट लगी। शुरू में उन्होंने इसे हल्के में लिया और पेनकिलर खाते रहे, लेकिन दर्द बढ़ने पर जून 2025 में एक्स-रे करवाया तो बाएं पैर के अंगूठे के पास फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।

निकिता मामले में विज की सख्ती के बाद हेड कॉन्स्टेबल पर हत्या का केस दर्ज

अंबाला. नशे में धुत्त हेड कांस्टेबल की कार चढ़ने से मारी गई 24 वर्षीय निकिता की मौत के मामले में पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपित अमित कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 यानी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अभी इस मामले में आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, इस मामले में पीड़ित परिवार को पड़ाव थाने में बुलाया गया था। मृतका के चचेरे भाई मयंक ने बताया कि वह थाने में गए थे, लेकिन उन्हें बताया गया कि आज कोई सड़क हादसा हो गया है। बाद में बुलाया जाएगा। बता दें कि दो दिन पहले पीड़ित परिवार ने मंत्री विज के पास जाकर न्याय की गुहार लगाई थी। साथ ही बताया था कि आरोपित पुलिस कर्मी के खिलाफ कमजोर धाराएं लगाई गई इसीलिए उसे जमानत मिल गई। इसपर विज ने एसपी अजीत सिंह को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। विज के आदेश के बाद ही आरोपित के खिलाफ 105 धारा लगाई गई। सवा लाख रुपये होनी थी निकिता की तनख्वाह निकिता गुरुग्राम की मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थी, करीब ढाई साल की उसकी ट्रेनिंग अब खत्म होने वाली थी। पिता यशपाल को किडनी की समस्या है। मां भी बीमार रहती हैं और कुछ दिन पहले भाई के सिर में भी चोट लगी थी। निकिता ही परिवार को संभाल रही थी, करीब 40 हजार रुपये वेतन उसे मिल रहा था। ट्रेनिंग पूरी होते ही सवा लाख रुपये वेतन होना था। लेकिन उससे पहले ही हेड कांस्टेबल की लापरवाही के चलते उसकी जान चली गई। बुधवार को हादसे से 15 मिनट पहले मां से बात हुई थी। निकिता ने अपनी मां से राजमा चावल बनाकर रखने की बात कही थी।

हरियाणा दहला: रोहतक में ताबड़तोड़ गोलियां, IG ऑफिस के नजदीक मर्डर से सनसनी

  रोहतक हरियाणा के रोहतक में शुक्रवार को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आईजी ऑफिस से कुछ ही दूरी पर दिल्ली बाईपास के पास अज्ञात हमलावरों ने दिनेश उर्फ गोगा पर 22 गोलियां दाग दीं. मौके पर ही उसकी मौत हो गई. बिजी रोड पर हुई इस वारदात से आसपास अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में दहशत फैल गई. मृतक दिनेश गोगा का भी आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है. मौके से मिले 28 से 30 राउंड गोलियां के खोल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर तेज रफ्तार वाहन में आए और एकाएक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें पहुंचीं और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस को मौके से करीब 28 से 30 राउंड हुए गोलियां के खोल मिले है. '2-4 कीड़े मकोड़े हैं इनका टाइम आ लिया है' घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसने मामले को और सनसनीखेज बना दिया. पोस्ट में 'जय भोले की' लिखते हुए दावा किया गया कि दिनेश गोगा की हत्या अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और मोस्ट वांटेड नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर कराई गई है. पोस्ट में आगे धमकी भरे लहजे में अन्य लोगों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है. लिखा है – बाकी ये और 2-4 कीड़े मकोड़े हैं इनका टाइम आ लिया है. साथ ही इसमें कुछ पुलिसकर्मियों पर करप्ट होने का आरोप भी लगाया गया है. पोस्ट में लिखा है- हम देश के कानून और ईमानदार खाकी का सम्मान करते हैं लेकिन कुछ करप्ट पुलिसवालों के कारण आज ये दिन देखना पड़ रहा है.  

जहरीला पानी बना मौत का कारण: हरियाणा में 12 लोगों की जान गई, कई अस्पताल में भर्ती

इंदौर इंदौर में जहरीले पानी पीने की वजह से हुई मौतों के बाद हरियाणा के पलवल में भी संक्रमित पानी की वजह से कई लोगों की जान चली गई है। जानकारी के मुताबिक पिछले दो सप्ताह में ही कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है जिसमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। इनमें से चार लोगों की मौत हेपेटाइटिस-बी के कारण बताई गई है। हेपेटाइटिस-बी से संक्रिमत पाए गए कई लोग अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पलवल जिले के हथीन उपमंडल के छांयसा गांव में लोगों की जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तैनात की गयी है। गांव में 400 से अधिक लोगों की जांच की गई है। हालांकि, कुछ ग्रामीणों का दावा है कि मृतकों की संख्या इससे अधिक है और इनमें कुछ युवा भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में से चार लोग हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित पाए गए। अन्य तीन मामलों में मौत के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल खाद्य विषाक्तता और दूषित पेयजल की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। हेपेटाइटिस-बी एक गंभीर यकृत संक्रमण है, जो हेपेटाइटिस-बी वायरस (एचबीवी) के कारण होता है। राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीम रक्त के नमूने और अन्य नमूने एकत्र कर जांच कर रही है। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता थी, उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छयांसा गांव की कुल जनसंख्या 5700 के करीब है। यहां एक मेडिकल टीम तैनात की गई है जो कि डोर टु डोर जाकर लोगों का चेकअप और स्क्रीनिंग कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 27 जनवरी से 11 फरवरी के बीच सात लोगों की मौत हुई थी। इनमें से चार की मौत लिवर फेल हो जाने की वजह से हुई। मरने वालों की आयु 9 साल से लेकर 65 साल तक थी। ज्यादातर लोगों ने बुखार, पेट में दर्द, दस्त और सिरदर्द की शिकायत की थी। इंदौर में जहरीले पानी ने ले ली थीं 16 जानें मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रदूषित पानी की वजह से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही पूरे देश में पीने के पानी को लेकर चिंता समा गई है। पलवल मुख्य चिकित्सा अधिकारी सतिंदर वशिषठ् ने कहा कि लगभग 1500 लोगों की गहन जांच की जा रही है। इसके अलावा उनसे जुड़े लोगों की भी स्क्रीनिंग होगी। कम से कम 800 लोगों को ओपीडी में देखा गया है और जांच के लिए उनका ब्लड सैंपल लिया गया है। 210 लोगों में दो को हेपेटाइटिस बी है और 9 लोगों को हेपेटाइटिस सी है। इन मरीजों को अस्पाल में भर्ती करवाया गया है।  

स्टार हॉकी खिलाड़ी सुमित ने सोनिका संग ऋषिकेश में लिए सात फेरे

सोनीपत. देश के दो स्टार हॉकी खिलाड़ी अब शादी के बंधन में बंध चुके है। सोनीपत के रहने वाले सुमित निवासी गांव कुराड़ और हिसार की रहने वाली सोनिका ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित आर्चित होटल में अपने परिवारों की मौजूदगी में सात फेरे लिए और सात जन्मों के लिए साथ रहने का प्रण ले लिया। बताया जा रहा है कि शादी को दोनों परिवार से बिल्कुल गोपनीय रखा गया और दोनों के परिवारों के करीब 60 लोगों ही मौजूद थे। आपको बता दें कि सुमित उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे है जिन्होंने पिछले ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और सोनिका भी उस टीम का हिस्सा है जिस महिला टीम ने देश का नाम पिछले ओलम्पिक में शानदार जानदार प्रदर्शन किया था और एक बार देश की हॉकी टीम में जान डाल दी थी। सोनिका और सुमित अब दोनों आयकर विभाग में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुमित की शादी के बाद उसके बड़े भाई प्रवेश ने बताया कि दस दिन पहले बड़े की गोपनीय तरीके से ऋषिकेश में शादी समारोह आयोजित किया गया था,  जिसमें सुमित और सोनिका की शादी हुई। सोनिका कॉमनवेल्थ गेम्स में चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और एशियन में मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रही है। दोनों की शादी में परिवार के ही लोग ही मौजूद थे और सोनिका हिसार की रहने वाली है।