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हरियाणा में 402 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं मंजूर

चंडीगढ़. राज्य में जल संरक्षण और टिकाऊ खेती को नई दिशा देते हुए राज्यस्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने 402.41 करोड़ रुपये की सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के तहत चार परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएंगी। वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरी होने वाली इन योजनाओं से 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया आधुनिक ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली के दायरे में आएगा। इससे 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसमें भिवानी के लिए 95.78 करोड़ रुपये, झज्जर के लिए 114.68 करोड़ रुपये, कुरुक्षेत्र के लिए 77.17 करोड़ रुपये और महेंद्रगढ़ के लिए 114.78 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

सीवरेज समस्या को लेकर मंत्री के PA से बदतमीजी पर इंजीनियर सस्पेंड

सिरसा. जन स्वास्थ्य विभाग (सीवरेज) के कार्यकारी अभियंता बलविंदर नैन को सरकार ने निलंबित कर दिया है। उनके सस्पेंशन आदेश में इसकी वजह नहीं बताई गई। इससे पहले राज्य मंत्री कृष्ण बेदी के पीए और अधिकारी के बीच सीवरेज समस्या को लेकर हुई फोन पर बहस चर्चा का विषय बनी हुई है। बलविंदर नैन फतेहाबाद में तैनात थे और सिरसा का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। मंगलवार रात को राज्य मंत्री कृष्ण बेदी सिरसा में नप उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा के लिए पहुंचे थे। भाजपा पार्षद राजन शर्मा ने मंत्री के समक्ष सीवरेज लाइन डाले जाने की लंबित समस्या उठाई। पार्षद के अनुसार, सीवरेज लाइन का टेंडर पहले ही हो चुका है। कार्यवाही के निर्देश दिए पर नहीं उठाया ठोस कदम उपायुक्त ने कार्यकारी अभियंता को कार्यवाही के निर्देश दिए थे, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायत मिलने के बाद मंत्री ने अपने पीए को तत्काल अधिकारी से बात करने को कहा। रात 10 बजकर 20 मिनट पर पार्षद के मोबाइल से काल की गई तो बलविंदर नैन का फोन व्यस्त चल रहा था। फिर मंत्री के पीए ने काल की। पीए ने सीवरेज समस्या की बात कही तो अधिकारी ने जवाब दिया कि रात दस बजे के बाद सीवरेज का कौन सा काम होता है। राजन ने बताया कि सुबह दोबारा काल की तो उन्होंने फिर से यही बात दोहराई कि रात को सीवरेज समस्या का समाधान थोड़ा होता है।

MD यूनिवर्सिटी के कुलसचिव को राज्यपाल ने किया बहाल

रोहतक. महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक दो दिन पहले हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सरकार की स्पष्ट मनाही के बावजूद कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक बुलाकर भर्तियों को अंतिम मंजूरी देने की कोशिश, फिर कुलसचिव और वरिष्ठ प्रोफेसर का निलंबन और उसके बाद राज्यपाल की ओर से कुलसचिव की बहाली, इन घटनाओं ने रोहतक से लेकर चंडीगढ़ तक हलचल मचा दी। शिक्षक व छात्र संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और विवादित भर्तियों को खारिज करने की मांग की है। दरअसल, 20 फरवरी को कुलपति प्रो.राजबीर सिंह का कार्यकाल पूरा होना है। इससे पहले 302वीं ईसी बैठक बुलाई गई। 14 जनवरी को उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार ने निर्देश जारी कर बैठक को पुनर्निर्धारित करने और बिना सरकारी अनुमति कोई नियुक्ति आदेश जारी न करने को कहा था। 17 फरवरी को किया था निलंबित इसके बावजूद बैठक हुई और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी। 17 फरवरी को अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्चतर शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर 302वीं बैठक को सरकार के निर्देशों का उल्लंघन बताया और प्रस्तावित 304वीं ईसी बैठक को भी स्थगित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में 302वीं बैठक की पुष्टि कर भर्तियों पर अंतिम मुहर लगनी थी। इसके बाद 17 फरवरी की रात करीब 11 बजे कुलपति ने उन्हें निलंबित कर दिया। आदेश उनके निवास पर भेजे गए। इसी बीच कुलसचिव डा. कृष्ण कांत गुप्ता ने आदेश जारी कर शाखा अधिकारियों को बैठक में भाग न लेने के निर्देश दिए। वरिष्ठ प्रोफेसर डा. नसीब सिंह गिल को भी उसी रात निलंबित किया गया, जबकि उस समय उनके बेटे की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसे अमानवीय बताते हुए शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल को भी बुलाना पड़ा। मामला तब पलटा जब बुधवार सुबह 11:40 बजे राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने डा. कृष्ण कांत की बहाली के आदेश जारी कर दिए और 304वीं बैठक को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया। इस मामले में जनसंपर्क निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने बताया कि कार्यकारी परिषद की बुधवार को निर्धारित बैठक स्थगित कर दी गई है। कुलाधिपति ने निलंबन निरस्त किया – सरकार सर्वोपरि है। आदेशों का पालन होना चाहिए। कुलाधिपति ने निलंबन निरस्त किया। सरकार के निर्देश मानते हुए ईसी बैठक स्थगित कर दी गई है। मैं कुलपति का सम्मान करता हूं और राज्यपाल का आभार व्यक्त करता हूं। – डा. कृष्ण कांत गुप्ता, कुलसचिव, एमडीयू।

स्वच्छता सर्वे में करनाल अव्वल और हिसार-रोहतक ने भी दिखाई मजबूती

हिसार. प्रदेश में स्वच्छता की स्थिति को परखने के लिए कराए गए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रैपिड फीडबैक सर्वे ने शहरी निकायों की तस्वीर को आईने की तरह सामने रख दिया है। दो दिवसीय सर्वे में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के आठ अहम पैमानों पर 23 शहरी स्थानीय निकायों का मूल्यांकन किया गया। करनाल ने 7.5 अंक हासिल कर स्वच्छता की दौड़ में पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं हिसार और रोहतक 7-7 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर रहे। सर्वे में सात निकायों की स्थिति गुड श्रेणी में रही, जबकि कई शहर औसत और नीड अटेंशन की श्रेणी में पाए गए। यह रिपोर्ट आने वाले समय में स्वच्छता की बेहतर योजना और मजबूत क्रियान्वयन की दिशा तय करने का आधार बनेगी। स्वच्छता की कसौटी पर हिसार–रोहतक की साझा चमक एसडब्ल्यूएम रैपिड फीडबैक सर्वे में शहरी निकायों की तस्वीर साफ हुई है। स्वच्छता के मैदान में इस बार करनाल ने सबसे आगे निकलते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रैपिड फीडबैक सर्वे में 10 में से 7.5 अंक पाकर करनाल ने बाजी मारी, जबकि हिसार और रोहतक 7–7 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर रहे। प्रदेश सरकार की ओर से 11–12 फरवरी 2026 को हुए इस दो दिवसीय सर्वे में कुल 23 शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) शामिल की। सर्वे का उद्देश्य: आगामी स्वच्छता की योजना की नींव इस रैपिड फीडबैक सर्वे का उद्देश्य केवल अंक बांटना नहीं, बल्कि स्वच्छता की वास्तविक स्थिति को समझकर आगे की ठोस योजना बनाना है। विशेषकर बाजारों, सार्वजनिक शौचालयों, बस स्टैंडों और शहर की समग्र सफाई व्यवस्था को परखते हुए आठ प्रमुख मानकों पर आकलन किया गया। आठ कसौटियां, जिन पर परखी गई स्वच्छता दृश्यमान सफाई कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण कचरा प्रोसेसिंग व निपटान शौचालयों तक पहुंच और उपयोग जल निकासी प्रबंधन सफाई कर्मियों के वेलफेयर कार्य आईईसी (सूचना–शिक्षा–संचार) व जन-जागरूकता यूएलबी नेतृत्व व निगरानी शीर्ष, मध्य और निचले पायदान की तस्वीर प्रथम: करनाल — 7.5 अंक द्वितीय: हिसार, रोहतक — 7–7 अंक तृतीय: अंबाला सिटी, कैथल, पंचकूला, भिवानी — 6.5–6.5 अंक ये रहे नीचले पायदान पर सबसे नीचे नूंह मेवात 0.5 अंक नीचे से दूसरे स्थान पर चरखी दादरी 2.5 अंक नीचे तृतीय स्थान पर हांसी 3.5 अंक 10 में से किस कैटेगरी में किस निकाय को मिले कितने अंक गुड : करनाल 7.5, रोहतक-7, हिसार-7, अंबाला सिटी-6.5, कैथल-6.5, पंचकुला 6.5 और भिवानी 6.5 मध्यम: एवरेज : जींद-6, पानीपत-6, यमुनानगर-6, सोनीपत-6, रेवाड़ी-6, थानेसर-6, फतेहाबाद-5.5, सिरसा-5.5, झज्जर-5 नीचे पायदान: नीड अटेंशन : नारनौल-4.5, फरीदाबाद-4.5, गुरुग्राम-4.5, पलवल-4, हांसी-3.5, चरखीदादरी-2.5 और नूंह मेवात-0.5 प्रदेश की 23 यूएलबी में हुए सर्वे में आठ मानकों पर हिसार का दूसरा स्थान उत्साहवर्धक है। स्वच्छता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का यह परिणाम है। शहर की स्वच्छता और बेहतर हो इसके लिए नगर निगम प्रशासन कार्य कर रहा है। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार     निगमायुक्त नीरज के दिशा-निर्देशों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से लेकर निरंतर मानिटरिंग तक, हर स्तर पर काम हुआ है। दो दिवसीय सर्वे में दूसरा स्थान अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वच्छता में किए कार्य की मुहर है। मेरी आमजन से अपील है कि वे स्वच्छता में बढ़चढ़ कर अपनी भूमिका निभाएं। सभी के प्रयास से हरियाणा प्रदेश साफ, स्वच्छ और सुंदर होगा। – प्रवीण पोपली, मेयर, हिसार

प्यार का दिखावा, फिर हत्या की साजिश: गर्भवती पत्नी का गला घोंटने वाला CA गिरफ्तार

गुरुग्राम हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। पत्नी 5 महीने की गर्भवती भी थी। सामने आई जानकारी के मुताबित पति ने सोझी समझी साजिश के तहत इस खौफनाक कांड को अंजाम दिया। पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। दोनों की शादी कुछ महीने पहले सितंबर 2025 में हुई थी। पति पत्नी वैलेंटाइन डे मनाने के बाद हिसार से वापस गुरुग्राम लौट रहे थे, तभी पति ने झज्जर के बादली थाना क्षेत्र के पासौर गांव के पास पत्नी की धार दार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों की पहचान 27 साल की महक और अंशुल धवन के तौर पर हुई है। पुलिस को खुद किया फोन झज्जर पुलिस ने कहा कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन किया और मामले को लूट की वारदात के रूप में पेश करने की कोशिश की। हालांकि, जब बादली पुलिस उसे अपराध स्थल पर ले गई, तो वह घटनाक्रम और हमलावरों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो अंशुल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। महक के पिता कृष्ण कथूरिया, जो हांसी में सब्जी की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी सितंबर 2025 में हुई थी। उन्होंने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो महक का शव खेतों में पड़ा था और उसकी गर्दन पर चोट के गहरे निशान थे। पिता ने आरोप लगाया कि अंशुल ने पहले महक का गला घोंटा फिर धार दार हथियार से वार किया। पुलिस ने बताया कि रास्ते में दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता को भी गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि किसी ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत FIR) दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

सीवरेज सिस्टम का अब ठेकेदार ही करेंगे संचालन और रखरखाव

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े टेंडरों की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। अब इनके निर्माण के साथ-साथ लंबी अवधि तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों की होगी। नई व्यवस्था के तहत परियोजनाओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 40 एमएलडी तक के एसटीपी, 40 एमएलडी से बड़े एसटीपी और बिना ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) श्रेणी वाले एसटीपी शामिल हैं। हरियाणा सरकार ने नये नियमों में हर श्रेणी के लिए अलग लागत बंटवारा, डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP), आपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) अवधि तथा सुरक्षा राशि व परफार्मेंस बैंक गारंटी (PBG) की स्पष्ट शर्तें तय कर दी हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम प्लांटों की दीर्घकालिक कार्यक्षमता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। 40 एमएलडी तक की क्षमता वाले एसटीपी के लिए कुल परियोजना लागत का 80 प्रतिशत हिस्सा निर्माण (कैपिटल वर्क) और 20 प्रतिशत आपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए निर्धारित किया गया है। 80 प्रतिशत कैपिटल कास्ट में से 40 प्रतिशत पैसा सिविल वर्क और 40 प्रतिशत मैकेनिकल वर्क पर खर्च होगा। 20 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल व इंस्ट्रूमेंटेशन पर खर्च किया जाएगा। बिना आपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) श्रेणी वाले एसटीपी की श्रेणी में संबंधित एजेंसी या ठेकेदार को केवल सीवरेज नेटवर्क का निर्माण करना है। इसमें आपरेशन एंड मेंटेनेंस शामिल नहीं है। यानी तीन साल का डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड तय किया गया है। इसके तहत सिक्योरिटी राशि तीन चरणों में वापस दी जाएगी। पहले साल के बाद 30 प्रतिशत, दूसरे साल के बाद 30 और फिर तीसरे साल के बाद 40 प्रतिशत सिक्योरिटी राशि वापस मिलेगी। परफार्मेंस बैंक गारंटी (पीबीजी) का पांच प्रतिशत पैसा तीन साल पूरे होने के 45 दिन बाद जारी होगी। हरियाणा सरकार का तर्क है कि पहले कई परियोजनाओं में निर्माण तो हो जाता था, लेकिन रखरखाव में ढिलाई से प्लांट पूरी क्षमता से नहीं चल पाते थे। इससे सीवरेज ओवरफ्लो, प्रदूषण और सार्वजनिक शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। नई व्यवस्था में भुगतान का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक रोके जाने से ठेकेदार गुणवत्ता और संचालन पर ध्यान देने को मजबूर होंगे। हरियाणा सरकार ने 55 से अधिक विभागों के प्रशासनिक सचिवों को इस संदर्भ में पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि भविष्य के सभी संबंधित टेंडरों में इन संशोधित शर्तों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया से 1616 आपत्तिजनक लिंक हटाए

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध, आपत्तिजनक एवं भ्रामक गतिविधियों के विरुद्ध प्रारंभ किया गया विशेष अभियान एक माह सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के सहयोग से संचालित यह अभियान डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत प्रभावी एवं परिणामकारी सिद्ध हुआ है। सोशल मीडिया पर भ्रामक, उकसाने वाली तथा समाज में भ्रम या तनाव उत्पन्न करने वाली सामग्री की बढ़ती प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए यह सुनियोजित और सकारात्मक पहल शुरू की गई थी। पिछले लगभग एक माह के दौरान साइबर टीम द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग एवं त्वरित समन्वय के माध्यम से कुल 2052 लिंक एवं प्रोफाइल रिपोर्ट किए गए, जिनमें से 1616 आपत्तिजनक सामग्री को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा हटाया या ब्लॉक किया जा चुका है। शेष 436  लिंक विभिन्न समीक्षा चरणों में हैं और उन पर भी शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के अंतर्गत साइबर टीम प्रतिदिन सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, लिंक एवं प्रोफाइल की पहचान कर रही है जिनमें भ्रामक जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट पाया जाता है। ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तत्काल नोटिस जारी कर सामग्री हटाने की मांग की जाती है। पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी ढिलाई के संचालित की जा रही है। डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है और किसी भी प्रकार की उकसाने वाली सामग्री सामाजिक सौहार्द एवं शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश से पूर्व किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें, बिना पुष्टि के कोई भी संवेदनशील सामग्री साझा न करें तथा संदिग्ध पोस्ट या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

हार्ट सर्जरी के 24 दिन बाद नौकरी पर लौटे मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी हार्ट सर्जरी के 24 दिन बाद नियमित रूप से कामकाज संभालेंगे। वह सिविल सचिवालय की पांचवीं मंजिल स्थित अपने कार्यालय से सभी प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करेंगे। पिछले करीब 15–20 दिनों से वह वर्क फ्रॉम होम पर थे। 8 जनवरी की देर रात सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में मेजर हार्ट अटैक की पुष्टि हुई। अगले दिन सर्जन डॉ. टीपीएस महंत की देखरेख में उनकी सर्जरी की गई। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उन्होंने धीरे-धीरे कामकाज दोबारा शुरू किया। उन्होंने अपने ओएसडी के माध्यम से संदेश जारी कर फाइलों के निपटारे की व्यवस्था तय की। मुख्य सचिव स्तर की फाइलें संबंधित अधिकारी अपने स्तर पर निपटाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री को भेजी जाने वाली फाइलें सीधे प्रेषित की जाएंगी। 19 जनवरी को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक भी की। डिस्चार्ज के दिन आईएएस अधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश साझा कर उन्होंने जानकारी दी कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार वे 15 दिन घर से काम करेंगे। वर्क फ्रॉम होम के बाद अब वह नियमित रूप से सचिवालय पहुंचेंगे। शुक्रवार को भी वे कुछ समय के लिए कार्यालय आए थे और जरूरी फाइलों का निपटारा किया था। दूसरा कार्यकाल और एक्सटेंशन 1990 बैच के आईएएस अनुराग रस्तोगी ने जून 2025 में 60 वर्ष पूरे किए। वह हरियाणा के पहले ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें दो बार मुख्य सचिव बनने का अवसर मिला। केंद्र सरकार ने राज्य की सिफारिश पर उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार भी दिया है। मुख्य सचिव बनने से पहले वह वित्त आयुक्त, राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) के पद पर कार्यरत थे।

हरियाणा में 29 विभागों के कर्मचारियों का ऑनलाइन होगा ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा के 29 विभागों और बोर्ड-निगमों में कर्मचारियों के ऑनलाइन स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। कुल 271 काडर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पसंद के स्थान पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। सभी कर्मचारियों को 20 फरवरी तक अपनी प्रोफाइल का सत्यापन और अपडेट सुनिश्चित करने को कहा गया है। ऑनलाइन स्थानांतरण को लेकर संबंधित विभागों ने इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर कार्यरत नियमित कर्मचारियों के डाटा का प्रारंभिक अपडेट शुरू कर दिया है। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यूजर आईडी से लाग-इन कर अपने प्रोफाइल में दर्ज विवरण को ध्यानपूर्वक जांच लें। यदि किसी कर्मचारी की जानकारी में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत पोर्टल पर दर्शाए गए संबंधित प्राधिकारी/चेकर से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे, ताकि सही जानकारी दर्ज की जा सके। डाटा का सही और समय पर अपडेट होना जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर सेवा अवधि, मेरिट अंक और पात्रता निर्धारित की जाएंगी। कर्मचारी इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर Employee Login के बाद “Preliminary Updation of Data” विकल्प के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को न्यायालय के आदेश, मृत्यु प्रमाण पत्र, अधिकृत मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, यूडीआईडी प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज संबंधित चेकर को प्रस्तुत करने होंगे। कार्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन विजिटिंग पास हरियाणा के महाधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय कार्यालय में प्रवेश के लिए अब ऑनलाइन विजिटिंग पास लेना होगा। किसी भी आधिकारिक कार्य अथवा केस या सुनवाई के लिए आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों को एलएमएस पोर्टल (https://lmshry.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन विजिटिंग पास बनवाना पड़ेगा। आवेदक के पास अपना इंप्लाई आईडी कार्ड होना चाहिए। गेट पास के प्रिंटआउट को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता से सत्यापित करवाना होगा। पास जारी होने के उपरांत संबंधित कार्यालय से उसका सत्यापन करवाना आवश्यक रहेगा।

मंत्री विज के फिसलकर गिरने से दोनों पैर हुए फ्रैक्चर

अंबाला. प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज आपने आवास पर गिर गए हैं, जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। डक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है। चोट लगने के बावजूद विज 'चल री सजनी अब क्या सोचे' गुनगुनाते रहे। 20 फरवरी से विस सत्र शुरू होना है।  हर बार सदन में सुर्खियों में रहने वाले विज इस बार शायद सदन में नजर न आएं। डाक्टरों की सलाह को देखते हुए माना जा रहा है कि वे सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे। विधानसभा के बजट सत्र में विज की गैरमौजूदगी की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विज सदन में पहुंच पाएंगे या नहीं। अनिल विज विधानसभा सत्रों में कभी भी अनुपस्थित नहीं रहे। बता दें कि  जून 2020 में अनिल विज घर के बाथरूम में नहाते समय फिसलकर गिर गए थे. इससे उनके बाएं पैर की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया. उन्हें मोहाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मई-जून 2025 में अनिल विज को पैर के अंगूठे में चोट लगी। शुरू में उन्होंने इसे हल्के में लिया और पेनकिलर खाते रहे, लेकिन दर्द बढ़ने पर जून 2025 में एक्स-रे करवाया तो बाएं पैर के अंगूठे के पास फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।