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बीमार भारत न तो विकसित हो सकता है, न सशक्त बन सकता है और न ही आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री

व्यापक बचाव अभियान और मजबूत उपचार व्यवस्था ही बनेगी भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन ‘एनआईसी-2026’ को किया संबोधित सीएम ने कहा- स्वस्थ नागरिक से स्वस्थ समाज बनेगा और स्वस्थ समाज ही रखता है एक सशक्त राष्ट्र की नींव बीमार भारत न तो विकसित हो सकता है, न सशक्त बन सकता है और न ही आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री स्वस्थ दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से ही कर सकते हैं इस चुनौती का प्रभावी समाधान: सीएम लखनऊ तेजी से बदलती जीवनशैली और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य नीति के केंद्र में अब केवल उपचार नहीं, बल्कि बचाव (प्रिवेंशन) और उपचार (ट्रीटमेंट), दोनों का संतुलित समन्वय अनिवार्य हो गया है। इसी व्यापक दृष्टि को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि देश को दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ और उत्पादक बनाना है, तो चिकित्सा व्यवस्था को इलाज-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़ाकर जन-जागरूकता और जीवनशैली में सुधार पर आधारित मॉडल की ओर ले जाना होगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन ‘एनआईसी-2026’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना और किफायती उपचार के विस्तार पर काम कर रही है। दूसरी ओर, समाज को बीमारियों से पहले ही सुरक्षित करने की रणनीति यानी ‘बचाव’ को प्राथमिकता देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यही द्विस्तरीय दृष्टिकोण (मजबूत उपचार व्यवस्था और व्यापक बचाव अभियान) आने वाले भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार बनेगा और ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को वास्तविकता में बदलने की दिशा तय करेगा। बचाव को बनाना होगा प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज आज समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं, जबकि भारत की परंपरा में संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या हमेशा से स्वस्थ जीवन का आधार रही है। बदलती जीवनशैली के चलते उत्पन्न चुनौतियों के बीच अब स्वास्थ्य के दो प्रमुख आयाम – बचाव (प्रिवेंशन) और उपचार (ट्रीटमेंट) स्पष्ट रूप से सामने हैं। जहां विशेषज्ञों की स्वाभाविक रुचि उपचार और नवाचार में होती है, वहीं उनका मानना है कि इन बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बचाव को प्राथमिकता देनी होगी। जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके। आयुष्मान भारत बना सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तेजी से नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियां बढ़ रही हैं और समाज का बड़ा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है, वह गंभीर चिंता का विषय है। पहले गंभीर बीमारी का मतलब पूरे परिवार के लिए आर्थिक संकट होता था, क्योंकि न पर्याप्त स्वास्थ्य संस्थान थे और न ही विशेषज्ञों की उपलब्धता। लेकिन पिछले वर्षों में स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से आज देश के लगभग 55-60 करोड़ लोगों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ कवरेज योजनाओं में एक है और आमजन को उपचार की बड़ी चिंता से राहत प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से लगभग 1400 करोड़ रुपये उपचार के लिए जनता को उपलब्ध कराए गए, जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। आयुष्मान भारत योजना से वंचित रह गए वर्गों को भी मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत शामिल कर स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है। हाल ही में शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स, एएनएम तथा मिड-डे मील से जुड़े रसोइयों को भी इस योजना में कवर किया गया है, जिससे समाज का एक बड़ा वर्ग अब स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आ गया है और उन्हें प्रभावी लाभ मिल रहा है। जागरूकता के बिना नहीं रुकेगी बीमारी की चुनौती मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले उत्तर प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जो 25 करोड़ की आबादी के लिए बेहद अपर्याप्त थे, जबकि आज केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है और 2 एम्स भी संचालित हैं। हर जिले में आईसीयू की स्थापना, अनेक स्थानों पर कैथ लैब की शुरुआत, निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का तेजी से विस्तार और पुराने मेडिकल कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती दे रहा है। लखनऊ के एसजीपीजीआई, केजीएमयू और डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन, टेली-आईसीयू और वर्चुअल आईसीयू सेवाओं को प्रदेशभर के अस्पतालों से जोड़ा गया है। साथ ही मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क के जरिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इंगित किया कि इन सभी प्रयासों के बावजूद, यदि जीवनशैली में सुधार और व्यापक जागरूकता अभियान पर समान बल नहीं दिया गया, तो बढ़ती बीमारियों की चुनौती को केवल उपचार के माध्यम से नियंत्रित करना संभव नहीं होगा। चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां निजी क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों के लिए परिस्थितियां अपेक्षाकृत सहज हैं, वहीं सरकारी संस्थानों में अत्यधिक मरीजों की भीड़ एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन 12 से 14 हजार, एम्स दिल्ली में 16 से 17 हजार और एसजीपीजीआई में 10 से 12 हजार तक ओपीडी होती है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक मरीज को पर्याप्त समय और गुणवत्तापूर्ण उपचार दे पाना कठिन हो जाता है, और भविष्य में यह दबाव और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, विशेषकर प्रतिदिन 4 से 6 घंटे स्मार्टफोन के उपयोग ने नई बीमारियों को जन्म दिया है, वहीं डायबिटीज का तेजी से बढ़ता प्रसार भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इन परिस्थितियों में केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यापक जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यही संदेश डॉक्टरों के माध्यम से समाज तक पहुंचता है, तो उसका प्रभाव अधिक गहरा और स्थायी होता है, इसलिए चिकित्सकों की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मिलावटी खान-पान और बिगड़ी दिनचर्या सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की सबसे बड़ी … Read more

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान: यूरिया और डीएपी की कीमत बढ़ने पर किसानों का चेक होगा रिकॉर्ड

भोपाल  अमेरिका-ईरान के बीच भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में भारत में युद्ध का असर दिखने लगा है. रासायनिक खाद संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार ने खाद वितरण का एक नया तरीका तैयार किया है. किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार नया सिस्टम तैयार कर रही है. इसमें किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से खाद उपलब्ध कराया जाएगा. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।  शिवराज बोले- नहीं बढ़ेंगी खाद की कीमतें केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "युद्ध की वजह से अभी रासायनिक खाद का कोई संकट नहीं है. देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है. केन्द्र सरकार अलग-अलग स्तर पर इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है. पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार बैठकें की जा रही हैं।  शिवराज ने कहा "युद्ध के चलते कच्चे माल की कीमतों में बढोत्तरी हुई है. इससे डीएपी और यूरिया के रेट में बढोत्तरी हुई है, लेकिन सरकार ने तय किया है कि डीएपी और यूरिया के दाम पहले के तरह ही रहेंगे. खाद की कीमतों में बढोत्तरी नहीं की जाएगी. इसके लिए केन्द्र सरकार ने अपनी पिछली कैबिनेट बैठक में 41 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की है, ताकि बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर न पड़े. इसके अलावा खाद की उपलब्धता जहां से हो सकती है, उसके प्रयास किए जा रहे हैं।  किसान की आईडी के आधार पर मिलेगा खाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "किसानों को मिलने वाले खाद का डायवर्सन बहुत होता है. सब्सिडी पर किसानों को मिलने वाला सस्ता खाद अलग-अलग तरीकों से इंडस्ट्री में चला जाता है, इसको रोकने के लिए मध्य प्रदेश सहित देशभर के किसानों को फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है. अभी तक 9 करोड़ 29 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं. इस संख्या को बढ़ाकर 13 करोड़ तक लेकर जाना है।  फॉर्मर आईडी से किसान का पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा. पता चल सकेगा कि किसान के पास कितनी भूमि है और वह कौन-सी फसल उगाता है. भूमि के हिसाब से उसे कितनी खाद की जरूरत होगी. उस हिसाब से ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त उर्वरक भी उपलब्ध कराया जाएगा. ब्लैकमार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है।  हर स्थिति पर नजर रखे है केंद्र सरकार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "उम्मीद तो यही की जाती है कि युद्ध की परिस्थितियां समाप्त हो जाएं. मैं यह नहीं कहता कि ऐसी परिस्थितियों का हम पर प्रभाव नहीं पड़ता. एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी किसान को परेशानी न हो, इसकी कोशिशें की जा रही हैं. रासायनिक खाद की उपलब्धता को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि यह कहां से कितना मिल सकता है।  साथ ही इसका बेहतर तरीके से वितरण कैसे करना है. किसानों के उत्पादों के निर्यात पर भी निगाह बनाए रखी है. परिस्थितियां चुनौनीपूर्ण हैं और यह सामान्य भी होंगी, लेकिन इससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

कमल कौर भाभी की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, UAE से डिपोर्ट कर पंजाब लाया गया अमृतपाल मेहरा

बठिंडा पिछले साल बठिंडा में हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी हत्याकांड मामले में वांटेड अमृतपाल मेहरो को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है।  बठिंडा में जून 2025 में इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की सनसनीखेज हत्या मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) से डिपोर्ट (Deport) कर भारत लाया गया, जहां दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई एयरपोर्ट) पर 10 अप्रैल 2026 की सुबह उसे गिरफ्तार किया गया। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग के तहत ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित की लोकेशन को ट्रेस कर उसके खिलाफ एक्सट्राडिशन प्रक्रिया शुरू की गई थी। जानकारी के अनुसार, 11 जून 2025 को आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर कंचन कुमारी का अपहरण किया और उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बठिंडा के आदेश अस्पताल के पास खड़ी कार में छोड़ दिया गया था। इस मामले में शामिल अन्य तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हत्या के बाद मुख्य आरोपित देश छोड़कर फरार हो गया था और कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाने में सफलता हासिल की। पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि संगठित अपराध और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। पुलिस का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जून में कार में मिला था शव सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की बठिंडा में पिछले साल जून में हत्या कर दी गई थी। चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल की पार्किंग में खड़ी गाड़ी से उनका शव मिला था। कंचन कुमारी का इंस्टाग्राम पर कमल काैर भाभी नाम से अकाउंट था। कंचन कुमारी लक्ष्मण बस्ती, लुधियाना की रहने वाली थी। वह नाै जून को अपनी मां को कहकर निकली थी कि वह बठिंडा में प्रमोशनल इवेंट के लिए जा रही है।   तीन माह की रेकी के बाद की थी हत्या मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर की हत्या के लिए तीन माह से अमृतपाल महरों और उसके साथी रेकी कर रहे थे। कुछ दिन अमृतपाल अपने साथियों समेत कंचन के घर पास एक होटल में भी रुका रहा था। इतना ही नहीं अमृतपाल दो बार कंचन के घर भी गया था, लेकिन वो घर पर नहीं मिली थी।  जब ऐसे बात न बनी तो फिर अमृतपाल ने 8 जून को कंचन से संपर्क करके कहा कि उसे कार की प्रमोशन करने के लिए बठिंडा आना है। इसके बाद कंचन उर्फ कमल कौर 9 जून को लुधियाना से अपनी कार से बठिंडा पहुंची। जहां पर अमृतपाल महरों, जसप्रीत सिंह और निमरजीत सिंह तीनों कंचन को मिले और उसकी गाड़ी में बैठ गए। पहले तीनों आरोपियों ने भुच्चो के समीप एक गैरेज से कंचन की गाड़ी रात के साढ़े 12 बजे तक ठीक करवाई और फिर अपनी स्कॉर्पियो को एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करके कंचन को साथ लेकर उसी की गाड़ी में चारों सवार हो गए। आरोपियों द्वारा किए खुलासे के अनुसार अमृतपाल महरों कंचन की गाड़ी चला रहा था। जसप्रीत और निमरतजीत कंचन के साथ कार की पिछली सीट पर बैठे थे।  आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अमृतपाल के कहने पर सबसे पहले उन्होंने कंचन के दोनों मोबाइल ले लिए और उससे पासवर्ड मांगा जब उसने पासवर्ड नहीं बताया तो अमृतपाल के कहने पर कंचन से दोनों ने मारपीट की। इसके बाद कमर कस्सी से दोनों ने एक सुनसान जगह पर गाड़ी में ही कंचन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।   मां बोली-अब इंसाफ की उम्मीद कंचन कुमारी की मां ने कहा कि अब उनको इंसाफ की उम्मीद जग गई है। उन्होंने मांग की कि उनकी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं, एक की शादी हुई थी। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी मेरा बहुत ख्याल रखती थी।   

जशपुर के नायक से पद्मश्री तक का सफर: अब किताब में मिलेगी जागेश्वर यादव के संघर्षों की झलक

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मजागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पद्मजागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी। इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

महासमुंद : सीईओ जिला पंचायत नंदनवार ने किया आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण

महासमुंद : सीईओ जिला पंचायत नंदनवार ने किया आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण  महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं बाजार से जोड़ने के दिए निर्देश महासमुंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार द्वारा गुरुवार को जिले के विभिन्न आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महासमुंद विकासखंड के बिरकोनी एवं कांपा स्थित केंद्रों तथा पिथौरा विकासखंड के बगारपाली आजीविका संवर्धन केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीईओ नंदनवार ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने तथा उन्हें उचित बाजार उपलब्ध कराने कहा गया। उन्होंने लखपति दीदी पहल के अंतर्गत अधिक से अधिक महिलाओं को नवीन आय आधारित गतिविधियों से जोड़कर आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके पश्चात सीईओ नंदनवार ने पिथौरा विकासखंड के बगारपाली आजीविका संवर्धन केंद्र का भी अवलोकन किया। जहां फ्लाई ऐश ब्रिक्स की नवीन यूनिट, सब्जी बड़ी निर्माण एवं अन्य पूर्व से संचालित गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान अन्य विभागीय योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महात्मा गांधी नरेगा के तहत तालाब गहरीकरण, शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने नरेगा अंतर्गत अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए जल संवर्धन के कार्य जैसे नए तालाब, डब्ल्यूएटी, एससीटी, सोखता गड्ढा, नाडेप एवं प्लांटेशन हेतु उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर स्वीकृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अप्रारंभ आवासों के हितग्राहियों को 7 दिवस के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी आवासों में स्व-प्रेरणा से अनिवार्य रूप से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने पर भी जोर दिया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

दूरी के हिसाब से तय होगा बसों का नया किराया, 5 साल बाद समीक्षा के आधार पर बिहार सरकार ने शुरू की बदलाव की तैयारी

 पटना   बिहार में बस यात्रा महंगी हो सकती है. लगभग 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ सकता है. इससे कहीं ना कहीं लोगों की टेंशन बढ़ने वाली है. परिवहन विभाग की ओर से गुरुवार को ही प्रस्ताव की अधिसूचना जारी की गई है. इसे लेकर एक महीने के अंदर आपत्ति या फिर सुझाव मांगा गया है. कितने प्रतिशत तक बढ़ेगा किराया? जानकारी के मुताबिक, नॉर्मल बसों के किराए में 50 किलोमीटर तक के लिए 15 प्रतिशत, 100 किलोमीटर के लिए 14 प्रतिशत, 150 किलोमीटर तक के लिए 13 प्रतिशत, 200 किलोमीटर तक के लिए 12 प्रतिशत, 250 किलोमीटर तक के लिए 11 प्रतिशत और 300 किलोमीटर की अधिक दूरी तक के लिए 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया है. हर 5 साल पर बस किराए की होती है समीक्षा परिवहन विभाग की ओर से हर 5 साल पर बस के किराए की समीक्षा की जाती है. प्रस्ताव को लेकर बिहार राज्य मोटर फेडरेशन की बैठक में फैसला लिया जाएगा. आपत्ति या सुझाव आने के बाद उस बैठक में चर्चा की जाएगी. इस दौरान बस यात्रियों के साथ-साथ बस संचालकों के हित का भी ध्यान रखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक, दूरी के हिसाब से बस का किराया तय किया जाएगा. चार नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसों की मिलेगी सुविधा जानकारी के मुताबिक, परिवहन विभाग ने मई महीने से गांधी मैदान से अटल पथ और जेपी सेतु होते हुए सोनपुर और हाजीपुर रेलवे स्टेशन तक चार नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसें चलाने का फैसला किया है. सबसे खास बात यह है कि इस सेवा के शुरू होने से अटल पथ के दोनों ओर रहने वाली करीब पांच लाख की आबादी को पहली बार पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सीधी सुविधा मिलेगी. यह पहल ‘पीएम ई-बस सेवा’ योजना के तहत की जा रही है, जिसका सर्वे इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा.

थाना अरेरा हिल्स पुलिस ने गांजा तस्कर को किया गिरफ्तार, 1300 ग्राम गांजा जप्त

भोपाल   श्रीमान पुलिस आयुक्त भोपाल संजय कुमार एवं श्रीमान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल अवधेश गोस्वामी, व श्रीमान पुलिस उपायुक्त जोन-02 विवेक सिंह तथा श्रीमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-2, गौतम सोलंकी एवं श्रीमान सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी. नगर, भोपाल मनीष भारद्वाज के निर्देशन मे मादक पदार्थ के संबंध में विरूद्ध त्वरित कार्यवाही के निर्देश के पालन मे थाना अरेरा हिल्स पुलिस द्वारा 01 किलो 300 ग्रांम गांजा जप्त कर 08/20 NDPS ACT के अंतर्गत कार्यवाही की गई ।  घटना का विवरणः- दिनांक 09/04/26 को मुखबिर सूचना कर बताया गया कि खेलछात्रावास के पास भीम नगर थाना अरेरा हिल्स भोपाल में कोई व्यक्ति गांजा लिये बेचने की फिराक में खडा है । मुखबिर की सूचना से उनि नरेन्द्र सिंह परमार द्वारा श्रीमान सहायक पुलिस आयुक्त एमपीनगर को अवगत कराया जाकर मय स्टाफ के मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर पहुंचे । मुखबिर द्वारा बताये हुलिये का व्यक्ति खेलछात्रावास के पास हाथ में एक प्लास्टिक का झौला पकडे हुए था जिसे हमराह स्टाफ व गवाहान की मदद से घेराबंदी कर पकड़ा जिसका नाम पता पूछने पर अपना नाम राजू राय पिता रमेश राय उम्र 50 साल निवासी खेल छात्रावास के पास भीम नगर अरेरा हिल्स भोपाल का होना बताया बाद राजू राय को मेरे द्वारा मुखबिर सूचना से अवगत कराकर तलाशी लेने हेतु धारा 50 NDPS Act के अन्तर्गत लिखित नोटिस/सूचना पत्र दिया गया जिसमे उक्त व्यक्ति द्वारा अपनी तलाशी उनि नरेन्द्र सिंह परमार द्वारा कराये जाने हेतु अपनी सहमति दी गई । राजू राय की तलाशी ली जाने पर उसके हाथ में प्लास्टिक के झोला मे पत्ती व दाने का टुकड़े मे बंटा हुआ हल्के हरे रंग का हल्का गीला पदार्थ मिला जिस संबंध मे पंचनामा तैयार किया गया है । उक्त व्यक्ति के पास मिले पदार्थ को देखकर, सूंघ कर, जला कर, रगड कर अनुभव के आधार पर पहचानने पर वह अवैध मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया जिस संबंध मे पहचान पंचनामा तैयार किया गया । मादक पदार्थ का तराजू से तौल किया जाने पर प्लास्टिक के झोला सहित मादक पदार्थ गांजा का बजन कुल-1 किलो 300 ग्राम होना पाया गया । आरोपी का जुर्म अजमानती होने से आरोपी को गिरफ्तारी की सूचना से अवगत कराकर माननीय उच्चतम न्यायालय व मानव अधिकार आयोग के निर्देशो का अक्षरशः पालन करते हुये विधिवत समक्ष गवाहन के गिरफ्तार किया गया । आरोपी के विरूद्ध अपक्र. 69/26 धारा 08/20 NDPS ACT का कायम कर विवेचना में लिया गया ।  तलाशी में मिला गांजा – पकड़े गए आरोपी के पास एक प्लास्टिक के झोले में अवैध मादक पदार्थ मिला। जांच के दौरान यह गांजा पाया गया, जिसका कुल वजन करीब 1 किलो 300 ग्राम बताया गया है । कानूनी कार्रवाई – आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट 1985 की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच जारी – पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है । मामले की जांच अरेरा हिल्स थाना के जांच अधिकारी उनि नरेन्द्र सिंह परमार द्वारा की जा रही है। सराहनीय भूमिकाः- इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी सुनील शर्मा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन मे उनि नरेन्द्र सिंह परमार, सउनि उमेश कुमार, सउनि सुनीता व्यास, सउनि गोविंद प्रसाद, प्र.आर. 2728 देवीदास, प्र.आर. 1626 राधेश्याम, आर. 3256 कालूराम, आर.4491 राजेश कुमार, म.आर. 4344 पूर्णिमा, म.आर. 1518 प्रियंका , म.आर. 1817 सोनम रघुवंशी  की सराहनीय भूमिका रही है ।    

सम्राट चौधरी बन सकते हैं बिहार के अगले मुख्यमंत्री, अमित शाह ने पीएम मोदी के साथ नाम पर लगाई अंतिम मुहर और 15 अप्रैल को शपथ संभव

 पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? यह सवाल सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं। दिल्ली में नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन जारी है। भाजपा आलाकमान की ओर से हाईलेवल मीटिंग बुलाई गई है। बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री इसमें विचार विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले चुके हैं। अगले तीन से चार दिनों के अंदर वह अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप देंगे। इधर, दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी बिहार के वरिष्ठ नेताओं का जुटान हो चुका है। शुक्रवार शाम छह बजे वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के आवास पर बिहार भाजपा के नेताओं की बैठक करेंगे। इसमें मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन होगा। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। बैठक में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, विधान सभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, मंत्री मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेताओं इसमें शामिल होंगे। आज मंत्री श्रेयसी सिंह को भी दिल्ली बुलाया गया था। वह भी पहुंच चुकी हैं। खरमास बाद पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री सूत्र बता हैं कि खरमास के बाद बिहार में पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री की शपथ करा ले। इसके लिए अंदर तैयारी है और बाहर माहौल बनाया जाने लगा है। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चौंकाने वाले नाम-काम से अलग भाजपा अपनी राह खुद तैयार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्लानिंग कभी भी सामने आ सकती है। यह कहा जा रहा है कि भाजपा के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम चर्चा कर ली है। इसपर सर्व-सहमति की तैयारी की जा रही है। 12 अप्रैल को बिहार में एनडीए के विधायक दल की बैठक होने वाली है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने इस्तीफे का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद विधायक दल नेता नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएंगे। खरमास के अगले दिन यानी 15 अप्रैल को या इसके बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण करा लिया जाएगा। भाजपा से मुख्यमंत्री पद के किस नाम की चर्चा सबसे अधिक सियासी गलियारे से लेकर गांव के मचान तक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। कुछ जगह तो यह चर्चा हो रही है कि सम्राट चौधरी को गृह मंत्री अमित शाह खूब पसंद करते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान मुंगेर की एक रैली में अमित शाह ने जनता से सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाने की बात कही थी। दूसरे दलों से होकर भाजपा में आए सम्राट चौधरी बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे तो सामने नीतीश कुमार तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री थे। बाद में नीतीश वापस एनडीए में आए और सम्राट चौधरी उनके ही डिप्टी सीएम बन गए। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सम्राट चौधरी भाजपा की कमान संभाले दिखे। सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं, जो जदयू के सामने भाजपा को मजबूत करने में काम आएगा- यह कहा गया था। भाजपा ने चुनावों में उसका असर देखा है। 

अमेरिका में पंजाबी मूल की केटामाइन क्वीन जसवीन संघा को 15 साल की जेल

चंडीगढ़  हॉलीवुड के बड़े स्टारों को ड्रग सप्लाई करने के आरोप में मोगा की रहने वाली पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल जेल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने जसवीन को केटामाइन ड्रग सप्लाई करने के आरोप में दोषी माना है। इसी केटामाइन ड्रग के ओवरडोज की वजह से 2023 में अमेरिकी-कनाडाई एक्टर मैथ्यू पेरी की मौत की मौत हो गई थी। अमेरिकी वकीलों ने जसवीन संघा को केटामाइन क्वीन का नाम दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने लॉस एंजिल्स की एक अदालत में जसवीन को अधीकतम सजा सुनाई। साथ ही, तीन साल की निगरानी में रिहाई का आदेश भी दिया। 42 वर्षीय संघा ने सितंबर 2025 में पांच फेडरल आरोपों को स्वीकार कर लिया था, जिनमें केटामाइन बांटना भी शामिल था। संघा ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने अक्तूबर 2023 में पेरी की ओवरडोज से हुई मौत से कुछ हफ्ते पहले, उनके पैसिफिक पैलिसेड्स स्थित घर पर उन्हें केटामाइन की दर्जनों शीशियां सप्लाई की थीं। वकीलों ने उन्हें एक बड़ी डीलर बताया, जो मनोरंजन जगत के अमीर ग्राहकों को निशाना बनाती थी। लंदन में भारतीय माता-पिता नीलम सिंह और बलजीत सिंह छोक्कर के घर जन्मी संघा एक संपन्न पंजाबी परिवार से आती हैं। उनके दादा-दादी ने पूर्वी लंदन में एक सफल फैशन रिटेल का कारोबार खड़ा किया था। अपनी मां की दूसरी शादी के बाद, यह परिवार कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके कैलाबसास में जाकर बस गया, जहां संघा बड़ी हुई। उसके पास अमेरिकी और यूके दोनों देशों की दोहरी नागरिकता है। सजा सुनाए जाने के दौरान, संघा ने अपने किए पर पछतावा जताया और अदालत से कहा कि उसके द्वारा उठाए गए कदम बहुत ही भयानक फैसले थे, जिन्होंने लोगों की जिंदगी तबाह कर दी। उनके वकील ने जसवीन को दी सजा को बहुत ज्यादा कठोर बताया।

उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य में बौद्ध सर्किट बनेगा मजबूत नींव

उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य में बौद्ध सर्किट बनेगा मजबूत नींव इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 ने कुशीनगर में दिखाई असीम संभावनाओं की राह तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव से बौद्ध पर्यटन केंद्रों में जुड़ेंगे कई ऐतिहासिक अध्याय लखनऊ उत्तर प्रदेश को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की योगी सरकार की आकांक्षा में बौद्ध सर्किट एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनने जा रहा है। सारनाथ से कुशीनगर और श्रावस्ती से कपिलवस्तु तक फैला यह आध्यात्मिक गलियारा अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, यह वैश्विक पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक कूटनीति का एक शक्तिशाली माध्यम बन रहा है। हाल ही में कुशीनगर में संपन्न हुए इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 ने इस दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा है जिसने इन केंद्रों पर वैश्विक निवेश के दरवाजे खोले हैं जो उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।  आस्था से अर्थव्यवस्था तक का सफर उत्तर प्रदेश का बौद्ध सर्किट लगातार मजबूत हो रहा है और इसके आंकड़े स्वयं इसकी कहानी कह रहे हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिसा और कपिलवस्तु पर 82 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ। यह संख्या बताती है कि विश्वभर के बौद्ध अनुयायी और पर्यटकों की दृष्टि में अब उत्तर प्रदेश की पहचान एक अनिवार्य आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में उभरी है। इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी, डिजिटल गाइडेंस और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सेवाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि विदेशी पर्यटकों के लिए अनुभव को सहज और आकर्षक बनाया जा सके। बौद्ध सर्किट स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहा है। होटल उद्योग, परिवहन सेवाएं, टूर गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। कुशीनगर कॉन्क्लेव से वैश्विक मंच पर यूपी की छाप कुछ दिनों पहले हुए इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 ने कुशीनगर को एक बार फिर विश्व के आध्यात्मिक मानचित्र पर केंद्र में ला खड़ा किया है। इस भव्य आयोजन में 2,300 से अधिक बौद्ध श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जबकि थाईलैंड, जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल से आये विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने इसे वास्तविक अर्थों में अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह रही कि कॉन्क्लेव के दौरान 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह आंकड़ा सिद्ध करता है कि बौद्ध सर्किट केवल श्रद्धा की धरती ही नहीं, बल्कि निवेश और विकास की उर्वर भूमि भी है। 2047 का विजन को बौद्ध सर्किट से मिलेगी उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक पर्यटन के विजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था निरंतर मजबूती की ओर अग्रसर है। पर्यटन विभाग के ‘विकसित उत्तर प्रदेश@2047’ का  रोडमैप इसे और विस्तार देगा जिसमें बौद्ध सर्किट की भी बड़ा योगदान होगा। इस रोडमैप के तहत राज्य का लक्ष्य है कि पर्यटन आधारित सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में यूपी का योगदान मौजूदा 9.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 तक 16 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही यूनेस्को से मान्यता प्राप्त विरासत स्थलों की संख्या, जो अभी सात है, उसे बढ़ाकर 20 तक ले जाने की महत्वाकांक्षी योजना है।  आध्यात्मिक राजधानी का सपना, बौद्ध सर्किट की ताकत भगवान बुद्ध ने जिस धरती पर अपना पहला उपदेश दिया, जहां उन्होंने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया और जहां उनके अनुयायियों ने सदियों तक ज्ञान की लौ जलाए रखी, वह धरती आज उत्तर प्रदेश के रूप में एक नई वैश्विक पहचान गढ़ने को तैयार है। राज्य सरकार की सुनियोजित नीतियां, अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों की सफलता और बढ़ते निवेश प्रस्तावों ने यह पहचान गढ़ी है।