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फिर बदला मौसम का मिजाज, रांची समेत कई इलाकों में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

रांची झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. कल भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई और आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है. कई जिलों में मौसम विभाग के द्वारा 8 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ गर्जन, वज्रपात हो सकती है. इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 9 अप्रैल के लिए पूर्वानुमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के द्वारा राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ वज्रपात और आंधी चलने की संभावना है. हवा की अधिकतम गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. सतर्क रहने की सलाह ओलावृष्टि के दौरान पेड़-पौधों, बागवानी और खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर मौजूद लोग और मवेशी भी ओलों की चपेट में आकर घायल हो सकते हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. ओलावृष्टि के समय खुद और जानवरों को छायादार और सुरक्षित जगह पर रखें. आंधी-तूफान के दौरान पेड़, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर बिजली गिरने से लोगों और जानवरों के घायल होने का खतरा भी बना रहता है. इस दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित उपाय है, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और ट्रैवल करने से बचें. बाहर होने की स्थिति में किसी सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें, लेकिन पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.

ऊर्जा मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा

पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें: ऊर्जा मंत्री  जबलपुर प्रदेश के ऊर्जा प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आज विभागीय योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें। उन्होंने कहा कि हर हाल में अगले महीने तक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हो जाना चाहिए। 132 केवी के स्वीकृत सभी सबस्टेशन का कार्य जल्द पूरे किए जाएं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार को भोपल में मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मेंटेनेंस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किए गए कार्यों के बाद भी बिजली की ट्रिपिंग क्यो हो रही है। इसका स्थाई निदान दूंढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में एक फीडर लेकर उसमें सभी संभावित उपाय कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई ट्रिपिंग नहीं हों। इस प्रयोग के सफल होने पर अन्य फीडरों में भी इसे लागू किया जाए। प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली का बिल समय पर नहीं पहुँचने और जब बिल में बढ़ोत्तरी की स्थि‍ति हो जाए उस समय कार्रवाई करना उचित नहीं है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तों के विरूद्ध पहले या दूसरे महीनें में ही कार्रवाई करें। इससे वह बिल का भुगतान कर सकेगा।  अच्छा परफार्मेंस नहीं देने वाले सीई और एसई के खिलाफ करें कार्रवाई-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जो सीई और एसई अच्छा परफार्मेंस नहीं दे रहे है, उनके विरूद्ध कार्रवाई करें। मेंटेनेंस कार्यों के सतत् मॉनिटरिंग इनके माध्यम से करवाएं। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी और वर्षा के सीजन देखते हुए पावर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग कम करने की कार्ययोजना बनाएं। सोलर रूफटॉप लगाने में आ रहीं कठिनाईयों को दूर करें। जो वेंडर ठीक से काम नहीं कर रहे है, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाले कार्यों को समय-सीमा में कराना सुनिश्चित करें।  गलत एवं फाल्स बिलिंग को सुधारने बनायें कार्ययोजना-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि गलत एवं फाल्स बिल की गहन जांच हो। साथ ही इनका निराकरण समय-सीमा में होना चाहिए। इसके लिए जरूरी हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण भी करें। वितरण केन्द्र एवं संभाग स्तर पर जनसुनवाई शिविर लगाएं जाएं। वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष को वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं। इसके लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। अच्छा कार्य करने वाले अभ‍ियंताओं को सम्मानित करें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी ऐसे अभ‍ियंताओं को सम्मानित करेंगे। वसूली के कार्यों में स्टॉफ की कमी हो तो सेवानिवृत्त अभ‍ियंताओं व कार्मिकों की सेवाएं भी लेने का प्रस्ताव बनाएं। बिजली कंपनियों के भवनों में विज्ञापन के लिये स्पेस देकर आय बढ़ाने के प्रयास करें। समाधान योजना में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें। बड़े बकाएदारों से पहले वसूली करें।   सिंहस्थ के कार्य प्राथमिकता से करें-    सिंहस्थ से संबंधित सभी कार्य तय समय-सीमा में करें। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। इन कार्यों की सतत् समीक्षा करें। सिंहस्थ संबंधित ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री तोमर ने ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्मिकों को इनसेंटिव देने की बात भी कही। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने पावर जनरेटिंग कम्पनी की नई इकाईयों की स्थापना की प्रगति और नई सोलर एवं पम्प स्टोरेज इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अजय गुप्ता, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह, एमडी पावर ट्रांसमिशन कंपनी सुनील तिवारी और एमडी मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी मनजीत सिंह ने कम्पनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

गौधाम विस्तार में तेजी, 5 प्रस्ताव स्वीकृत, 12 नए लंबित, 19 पर लिया गया अहम फैसला

जिले में गौधाम विस्तार को मिली रफ्तार : 5 स्वीकृत, 12 नए प्रस्ताव लंबित, 19 प्रस्तावों पर हुआ अहम निर्णय बिलासपुर जिला स्तरीय गौधाम समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में गौसंरक्षण और गौधाम संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत गौधामों के संचालन, नए प्रस्तावों की स्थिति और अपूर्ण आवेदनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिए गए।  जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक जिला अध्यक्ष श्री धीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, सदस्य श्री रमाकांत पांडे, श्री इतवारी धीवर, श्री रामकृष्ण साहू, डॉ. जी.एस. तंवर सचिव एवं संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं तथा डॉ. बी.पी. सोनी जिला नोडल अधिकारी, गौधाम योजना सहित विकासखंड स्तरीय समिति के पदाधिकारी और स्वीकृत गौधामों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 39 गौधामों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 गौधाम राज्य शासन द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 4 गौधाम वर्तमान में संचालित हैं, जबकि कनई खोंधरा का गौधाम शुरू होना शेष है। इसके अलावा 12 नए गौधामों के प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनमें रहंगी, पराघाट, निरतू, नेवरा, छतौना, मौपका, लावर, किरारी भरनी, घुटकू, खजुरी नवागांव एवं काठाकोनी शामिल हैं।       बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। केवल विकासखंड कोटा के 3 प्रस्ताव पूर्ण होने पर उन्हें स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया गया। इनमें लालपुर गौधाम (गिरजा बंद गौ सेवा समिति), कुरुवार गौधाम (ग्राम पंचायत कुरुवार) एवं खैरा गौधाम (ग्राम पंचायत खैरा) शामिल हैं। वहीं, ग्राम जाली की गोरी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालन में असहमति जताने तथा खैरा के भवानी महिला स्व सहायता समूह एवं श्री कृष्णा गौधाम सेवा समिति के प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण संबंधित प्रस्ताव निरस्त किए गए। लालपुर कोटा में भी दो आवेदनों में से गिरजा बंद गौ सेवा समिति के प्रस्ताव को पूर्ण पाए जाने पर अनुशंसित किया गया, जबकि बैगा बाबा आश्रम का आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया।       बैठक में सुरभि गौधाम कनई खोंधरा एवं हरदी कला टोना में पशु शेड पूर्ण होने और संचालकों द्वारा संचालन की सहमति देने पर उनके संचालन को अनुमोदित किया गया।इसके अतिरिक्त लाखासर गौधाम में 201, ओकर में 86 तथा जैतपुर में 54 गायों के संरक्षण की जानकारी देते हुए इन स्थानों पर सेक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गौधामों के सुव्यवस्थित संचालन और गौवंश संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

एमपी पुलिस ट्रेनिंग में ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ का पाठ, नए आदेश से हुआ सियासी विवाद

भोपाल  मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अब दिन की शुरुआत 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' के पाठ से की जाएगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर में एक नय सियासी बवाल खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा इसे भारतीय सांस्कृतिक और परंपरा का हिस्सा बताकर आदेश का बचाव कर रही है। आपको बता दें कि, पुलिस प्रशिक्षण विंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों (PTS) को निर्देश जारी किया है, जिसमें हर रोज के प्रशिक्षण की शुरुआत से पहले परिसर में लगे लाउडस्पीकर पर 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' बजाने साथ ही, उसका पाठ करने के आदेश दिए हैं। ताकि प्रशिक्षक और भर्ती दोनों इसे सुन सकें। एडीजी ने बताया आदेश का कारण एडीजी ने कहा कि दक्षिणामूर्ति को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है। उनके मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी के लिए सिर्फ जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे विवेक, संवेदनशीलता और सहानुभूति भी होनी चाहिए। उनका मानना है कि, स्तोत्र के जरिए प्रशिक्षुओं में नैतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। पहले भी दिया जा चुका ऐसा ही निर्देश ये पहली बार नहीं, जब पुलिस प्रशिक्षण में धार्मिक या दार्शनिक ग्रंथों को शामिल किया गया है। पिछले साल भी विभाग ने 8 पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में रात के ध्यान सत्र से पहले भागवद गीता का एक अध्याय पढ़ने का सुझाव दिया था। इससे पहले प्रशिक्षुओं को राम चरितमानस के दोहे पढ़ने के लिए भी कहा गया था। अधिकारियों का कहना था कि इससे करीब 4 हजार प्रशिक्षुओं में अनुशासन और नैतिक सोच को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने उठाए सवाल नए आदेश के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्थाओं को पूरी तरह तटस्थ होना चाहिए और किसी एक आस्था से जुड़ी परंपरा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है। भाजपा ने किया पलटवार वहीं, दूसरी तरफ भाजपा एडीजी की इस पहल के बचाव में नजर आई। पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि गीता या दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथ सांप्रदायिक नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्य की शिक्षाएं देते हैं। उनके मुताबिक, इन्हें सांप्रदायिक बताना भारत की सभ्यतागत परंपरा को न समझने जैसा है। अधिकारियों का तर्क पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले से ही योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन शामिल हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है। उनका दावा है कि, इसका उद्देश्य धार्मिक अभ्यास लागू करना नहीं, बल्कि नैतिक सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। हालांकि, इस निर्देश के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था सियासी बहस के केंद्र में आ गई है, जहां सांस्कृतिक परंपरा और संस्थागत तटस्थता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

ठेकेदार की लापरवाही से चार दिनों से जलापूर्ति ठप, मानगो में पुलिस की मौजूदगी में थमा विवाद

जमशेदपुर  झारखंड के ​जमशेदपुर जिले के मानगो के शंकोसाई रोड नंबर 1 में एमजीएम अस्पताल के लिए बिछाई जा रही पानी की पाइपलाइन की वजह से स्थानीय निवासियों और कार्य कर रहे संवेदक (ठेकेदार) के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराना पड़ा. फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और स्थानीय लोग आज सुबह मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. स्थानीय निवासियों की शिकायत स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार की लापरवाही के कारण दर्जनों घरों के पुराने घरेलू जल कनेक्शन टूट गए. इसके चलते पिछले चार दिनों से कई घरों में पानी की आपूर्ति ठप है और लोग पानी के लिए परेशान हैं. इसके कारण पिछले चार दिनों से क्षेत्र के कई घरों में जलापूर्ति ठप है और लोग पानी के लिए बहुत परेशान हैं. जब उन्होंने इसकी शिकायत की, तो संवेदक और संबंधित अधिकारी अपनी पावर का रौब दिखाकर बिना मरम्मत किए काम जारी रखा. ​ भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह मौके पर पहुंचे मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह देर रात मौके पर पहुंचे. उन्होंने कार्यस्थल पर मौजूद कर्मचारियों और धमकाने वाले लोगों को  फटकार लगाते हुए काम को रुकवा दिया. जिससे विवाद बढ़ गया. उसके बाद देर रात हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में संवेदक और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पहले क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत की जाए, उसके बाद ही आगे का कार्य शुरू होगा. ​ लापरवाही बरतने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा ​विकास सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर सुबह होते ही घरेलू पाइपों की मरम्मत सुनिश्चित नहीं की गई, तो संबंधित संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

व्हाट्सएप पर मिली शिकायत और 10 मिनट में एक्शन, अवैध गैस भंडारण के मामले में दुकान सील

 गढ़वा झारखंड के गढ़वा में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यवसायी को रंगे हाथों पकड़ लिया. अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने व्हाट्सएप पर मिली शिकायत की पुष्टि करते हुए मौके पर छापेमारी की और दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. व्हाट्सएप शिकायत बनी कार्रवाई का आधार प्रशासन को यह सूचना व्हाट्सएप के जरिए मिली थी कि एक व्यक्ति घरेलू गैस सिलेंडर को अवैध रूप से 2700 रुपए में बेच रहा है. शिकायत मिलते ही एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत लोकेशन की जानकारी जुटाई. महज 10 मिनट के भीतर ही वे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राहुल मिंज के साथ मौके पर पहुंच गए. मौके पर पहुंचकर पकड़ा गया आरोपी जांच के दौरान आरोप सही पाए गए. संबंधित व्यवसायी मेन रोड स्थित विजय कश्यप के मकान में किराए पर किचन पार्ट्स और गैस चूल्हे की दुकान चला रहा था. इसी दुकान के पीछे बने बेसमेंट में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा था. प्रशासन ने तत्काल दुकान को बंद करवा दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. लंबे समय से चल रहा था अवैध कारोबार प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा था. घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले एलपीजी सिलेंडरों को गलत तरीके से एकत्रित कर ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था. यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है. मकान मालिक की भी तय होगी जिम्मेदारी एसडीएम संजय कुमार ने मौके पर मकान मालिक और आरोपी व्यवसायी से पूछताछ की और उनसे लिखित जवाब मांगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि घनी आबादी के बीच अवैध रूप से गैस सिलेंडर रखने की अनुमति देने के कारण मकान मालिक की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा प्रशासन प्रशासन अब इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है. एसडीएम ने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सिलेंडर कहां से लाए जा रहे थे और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं. संबंधित गैस एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जाएगी. दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कालाबाजारी पर सख्त रुख एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि आपदा के समय में अवसर तलाशने वाले ऐसे लालची कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति इस तरह के अवैध कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. आम जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है. एसडीएम ने कहा कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी या अवैध भंडारण की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें. इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी और बड़े हादसों को रोका जा सकेगा. सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला घनी आबादी वाले इलाके में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण एक गंभीर सुरक्षा खतरा है. इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. प्रशासन की इस कार्रवाई को न सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने बल्कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. आगे भी जारी रहेगा अभियान एसडीएम संजय कुमार ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में कालाबाजारी और अवैध भंडारण की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और उचित दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके.

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव सभी अधिकारी कर्मचारी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होंगे आई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी कार्यशाला हुई आयोजित       रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आई-गॉट ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने विभाग को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड कर लें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऑन-बोर्ड हो जाये मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होने को कहा है। राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की आवश्यकता अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय कर लें, जिससे उन्हे प्रशिक्षित किया जा सके। आज आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत साधना सप्ताह के मौके पर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को कर्मयोगी मिशन के तहत प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारी सहित विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी जिलों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।    कार्यशाला के प्रारंभ में बताया गया की कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एच.आर.एम.एस. से जुड़ते हुए उनकी क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘आई-गॉट’ प्लेटफॉर्म पर ए.आई का उपयोग बढ़ रहा है और यह कर्मचारियों को स्मार्ट एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।

ट्रांसफर पॉलिसी में बड़ा बदलाव: हरियाणा के बिजली निगमों में अब सीमित होंगे तबादले

रोहतक. उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मंगलवार को नया आदेश जारी करते हुए तबादला नीति में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के तहत अब उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के बीच कर्मचारियों का आपसी तबादला पूरी तरह रोक दिया गया है। अब सामान्य परिस्थितियों में कोई भी कर्मचारी एक निगम से दूसरे निगम में नहीं जा सकेगा। जिन कर्मचारियों ने पहले से तबादले के लिए आवेदन किया हुआ है। उनके सभी लंबित आवेदन तुरंत प्रभाव से रद्द माने जाएंगे। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी नियम तोड़कर तबादला करवाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इन परिस्थितियों में छूट का प्रावधान   राष्ट्रीय आपदा, महामारी या किसी बड़ी आपात स्थिति में जरूरत पड़ने पर सीमित समय के लिए तबादला किया जा सकता है। इसके अलावा अदालत के आदेश या कर्मचारियों की आपसी सहमति से अस्थायी रूप से काम बदलने की अनुमति दी जा सकती है। यह नियम खास तौर पर तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों पर लागू होगा। किसी भी विशेष मामले में छूट के लिए उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी जरूरी होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कामकाज में पारदर्शिता आएगी और व्यवस्था मजबूत होगी।   

योगी आदित्यनाथ, देश के 21 प्रतिशत खाद्यान्न का अकेले उत्पादन करता है उत्तर प्रदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। यहां पर दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत की कुल आबादी की 16-17 फीसदी जनसंख्या उत्तर प्रदेश में निवास करती है। राज्य के पास देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है पर इस 11 फीसदी भूमि में भारत के कुल खाद्यान्न का 21 फीसदी उत्पादन उत्तर प्रदेश करता है। उन्होंने कहा कि थोड़ा प्रयास करने पर परिणाम कैसे आते हैं ये बीते नौ वर्षों में देखा जा सकता है। हमने बीते नौ साल में कृषि विकास दर को उत्तर प्रदेश में 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में  छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां जितने कृषि वैज्ञानिक और शोधार्थी हैं उन्होंने भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम की गाथा को सुना होगा। यह भारत के आनंदमठ उपन्यास का एक पार्ट है। जो कि बंगाल की त्रासदी पर आधारित गीत है। बंगाल में जब अकाल पड़े थे। लोग भूखे मर रहे थे। वहां के एक जमीदार महेंद्र नाथ के परिवार पर किस प्रकार जुल्म हुआ था। इससे पता चलता है। फिर सन्यासी विद्रोह हुआ। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में किस प्रकार शोषण होता था, उसकी पूरी गाथा आनंदमठ में समाहित की गई है। भारत के उत्पादक किसान को कर्जदार बना दिया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब भारत का दुनिया की 44-45 फीसदी अर्थव्यवस्था पर अधिकार था तब उसका आधार भारत की कृषि थी। अन्नदाता किसान और कारीगर इसका आधार थे। किसान सिर्फ खेती तक सीमित नहीं थे। वह कारीगर भी था। दोनो काम मिलकर होते थे। किसान उत्पादक था और जब कारीगर बनकर कार्य करता था तो उद्यमी के रूप में भी खुद को स्थापित करता था।उन्होंने कहा कि भारत की कृषि उत्पादक से उद्यमी बनने की गाथा है। आक्रांताओं ने खेती पर ही हमला नहीं किया था बल्कि यहां की उद्यमिता पर भी हमला किया।  

भारत निर्वाचन आयोग का नया कदम: रायपुर में इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर प्रोग्राम की शुरुआत

रायपुर. भारत निर्वाचन आयोग ने 07 अप्रैल को नई दिल्ली में असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP), 2026 की शुरुआत की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त  डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) भारत में चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है और इसे ‘मिशन मोड’ में सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से राज्यों के दौरे का आनंद लेने तथा भारत की विविधता को सीखने, देखने व अनुभव करने का आह्वान किया।  कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रतिनिधि 8-9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करेंगे। द्वितीय चरण में प्रतिनिधि 20 अप्रैल 2026 से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु राज्यों का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के पहले चरण में दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों सहित 23 देशों के 43 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों को IIIDEM में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रदर्शन दिखाया गया तथा उन्होंने ‘मॉक पोल’ (दिखावटी मतदान) के माध्यम से मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में गहरी रुचि दिखाई। इस दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रतिनिधि 8 अप्रैल  को असम, केरल एवं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की यात्रा करेंगे। वे प्रेषण एवं वितरण केंद्रों, जिला नियंत्रण कक्षों तथा मीडिया निगरानी केंद्रों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे तथा 9 अप्रैल 2026 की सुबह वास्तविक मतदान प्रक्रिया के साक्षी बनेंगे। अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग एवं सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत तंत्र एवं परिचालन व्यवस्था का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है तथा विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नवाचारों से अवगत कराता है। IEVP अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत की चुनावी प्रणाली की सुदृढ़ता को प्रदर्शित करता है तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई जाने वाली श्रेष्ठ चुनावी प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।