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करमजीत कौर ने कहा: महिलाओं को 50% आरक्षण, सशक्तीकरण की ओर ऐतिहासिक मोड़

होशियारपुर  पंजाब के होशियारपुर से आम आदमी पार्टी की लोकसभा प्रभारी चेयरमैन करमजीत कौर ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया। करमजीत कौर ने समाचार एजेंसी  से बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इस फैसले का पूरी तरह समर्थन करती है और लंबे समय से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पक्षधर रही है। उनका मानना है कि यदि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, तो इससे न केवल उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी बल्कि नीति निर्माण में भी महिलाओं की आवाज अधिक प्रभावी ढंग से सामने आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई राज्यों में पहले से ही पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर पर लाखों महिलाएं आरक्षण के तहत काम कर रही हैं और बेहतरीन नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को संसद व विधानसभा तक विस्तारित करना स्वाभाविक और आवश्यक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार मिलेगा। हालांकि, करमजीत कौर ने इस प्रस्ताव के भविष्य को लेकर कुछ आशंकाएं भी जताईं। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बिल संसद में पास हो पाएगा या नहीं क्योंकि राजनीतिक परिस्थितियां अक्सर ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों को प्रभावित करती हैं। फिर भी उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर इसे समर्थन देंगे। राजनीतिक असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी, जैसे भारतीय जनता पार्टी के फायदे तक सीमित नहीं है। अगर यह बिल पास होता है, तो इसका लाभ सभी राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को मिलेगा। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से रोकने के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण से जुड़ा मुद्दा है, जिसका सभी को समर्थन करना चाहिए। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए करमजीत कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें एक वॉलंटियर के रूप में आगे बढ़ाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जो पार्टी की महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पानी-सीवरेज बिल पर राहत योजना: तय समय में भुगतान करने पर पेनल्टी खत्म

चंडीगढ़. पानी और सीवरेज का बिल नहीं चुका पा रहे उपभोक्तओं को सरकार ने राहत दी है। ऐसे परिवार अगर 31 मई तक पानी और सीवेज का बिल चुकाते हैं तो उनका पूरा ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। पानी, सीवरेज के बिल का समय पर भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर हर बार 10 प्रतिशत की दर से ब्याज और जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे में लाखों परिवारों पर बड़ी रकम बकाया खड़ी है। इन्हें राहत देते हुए व्यवस्था की गई है कि 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए बिलों के बकाया पर 100 प्रतिशत अधिभार की छूट दी जाएगी। करनाल नगर निगम में विशेष छूट करनाल नगर निगम ने पानी एवं सीवरेज के बकाया बिलों पर विशेष छूट योजना लागू कर दी है। योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित पानी एवं सीवरेज बिलों पर लगाए गए अधिभार (ब्याज/जुर्माना) को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि का ही भुगतान करना होगा। यदि उपभोक्ता 31 मई तक अपने बकाया बिलों का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत अधिभार माफी का लाभ मिलेगा। मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया किजिन उपभोक्ताओं के पास मीटर कनेक्शन नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। 31 मई के बाद बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की जल आपूर्ति बाधित की जा सकती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस छूट का सभी को लाभ उठाना चाहिए।

अटारी-वाघा बॉर्डर से श्रद्धालुओं का जत्था रवाना: खालसा साजना दिवस पर 1763 वीजा मंजूर

अमृतसर. खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवा ने बताया कि इस वर्ष जत्थे के लिए कुल 1795 पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजे गए थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है। वीजा लगे पासपोर्ट SGPC कार्यालय पहुंच चुके हैं और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कार्यालय समय के दौरान अपने पासपोर्ट प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि जत्था 10 अप्रैल को सुबह 8 बजे SGPC कार्यालय से पूरे सम्मान के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते विशेष बसों के जरिए भेजा जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधकी कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस यात्रा को केवल धार्मिक भावना और आस्था के रूप में ही देखा जाए, इसे किसी भी तरह से पिकनिक न समझा जाए। यात्रा के दौरान अनुशासन, संयम और पंथक मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। बयानबाजी से बचा जाए इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में किसी भी ऐसी गतिविधि या बयानबाजी से बचा जाए, जिससे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचे या भविष्य में वीजा प्रक्रिया प्रभावित हो। दूतावास द्वारा 32 वीजा रद्द किए जाने पर SGPC ने सुझाव दिया कि यदि किसी श्रद्धालु के दस्तावेजों में कोई कमी हो, तो उसे पत्र या फोन के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि त्रुटि को दूर कर अधिक से अधिक श्रद्धालु गुरुधामों के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बिछड़े गुरुधामों के दर्शन की चाह हर सिख के मन में गहराई से जुड़ी होती है।

महाकाल के दर्शन के लिए पहुंची उल्का गुप्ता, किंजल दवे समेत कई सितारे, केरला स्टोरी-2 एक्ट्रेस भी मौजूद

उज्जैन  बुधवार सुबह प्रसिद्ध टीवी और फिल्म अभिनेत्री उल्का गुप्ता, गुजराती सिंगर किंजल दवे, साउथ फिल्म एक्ट्रेस मोनल गज्जर और पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी महाकाल मंदिर पहुंचे। सभी ने तड़के भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सभी श्रद्धालु सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर करीब 2 घंटे तक भस्म आरती में शामिल रहे। इस दौरान वे भगवान महाकाल का जाप करते नजर आए। नंदी जी का पूजन कर कान में अपनी मनोकामना भी कही। आरती के बाद सभी ने भगवान महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया और मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान भी किया गया। “शब्दों में बयां नहीं कर सकती अनुभव” उल्का गुप्ता ने कहा कि महाकाल के दर्शन कर वह खुद को धन्य महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के अंदर का माहौल इतना दिव्य था कि दो घंटे कैसे बीत गए, पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि शिवलिंग का श्रृंगार और जल अर्पण को इतने करीब से देखना अद्भुत अनुभव रहा। भस्म आरती के दौरान का माहौल, गूंजते मंत्र और तालियों की आवाज ने उन्हें रोमांचित कर दिया। उनके अनुसार, हर शिव भक्त को जीवन में एक बार इस अनुभव को जरूर करना चाहिए।

दांव-पेंच का संग्राम: भिलाई में 10 से राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आगाज़

भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार अंडर 20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन 10 से 12 अप्रैल 2026 को भिलाई निवास के सामने साइकिल पोलो ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 28 राज्य एवं सर्विसेस को मिलाकर 1100 महिला और पुरुष पहलवान 120 मेडल और 3 ट्रॉफी के लिए महासंग्राम करेंगे। प्रतियोगिता में भारतीय महिला कुश्ती टीम की वह खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया है। स्पर्धा में मुख्य आकर्षण विगत वर्ष की महिला कुश्ती टीम वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया तीनों भारतीय सेवा की टीम अपने जॉर्जिया के कोच के साथ पूर्व सांसद और पूर्व कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह नेताजी व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह बबलू भी शामिल हो रहे हैं। इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन व समापन की जिम्मेदारी स्वयं सांसद विजय बघेल ने उठाई है। इसमें समाजसेवी दिलबर यादव एवं छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के पदाधिकारी अध्यक्ष जगन्नाथ यादव, महासचिव प्रशांत राय, उपाध्यक्ष भूपेंद्र यादव, उपाध्यक्ष लक्ष्मण पहलवान, उपाध्यक्ष भगवान पहलवान का सहयोग रहेगा।

क्यूआर कोड स्कैन करते ही ‘कलेक्टर ट्री’ सुनाएगा अपनी कहानी, पचपहाड़ के सरकारी स्कूल का डिजिटल नवाचार

झालावाड़ झालावाड़ जिले के भवानीमंडी क्षेत्र के पचपहाड़ स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में पर्यावरण शिक्षा को रोचक बनाने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। हर पेड़ कुछ कहता है- नाम की अभिनव पहल चलाई जा रही है। इस पहल के तहत विद्यालय परिसर में लगे लगभग 500 पेड़-पौधों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिन्हें मोबाइल से स्कैन करते ही अब पौधे स्वयं अपनी विशेषताएं, उपयोग और पर्यावरणीय महत्व के बारे में ऑडियो संदेश के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं। क्यूआर स्कैन करने पर सुनाई देगा ऑडियो प्रधानाचार्य कृष्ण गोपाल वर्मा ने बताया कि इस परियोजना की शुरुआत लगभग दो वर्ष पूर्व की गई थी। प्रारंभ में QR कोड स्कैन करने पर पौधों की जानकारी पीडीएफ के रूप में खुलती थी, लेकिन अब इस परियोजना को अपडेट करते हुए इसे ऑडियो आधारित बना दिया है। प्रोजेक्ट के संयोजक एवं राज्य स्तरीय पुरुस्कृत , डॉ दिव्येंदु सेन व्याख्याता, जीव विज्ञान ने बताया कि अब QR कोड स्कैन करते ही संबंधित पौधे के बारे में ऑडियो संदेश सुनाई देता है- मानो पौधा स्वयं अपनी कहानी सुना रहा हो। इस पहल की विशेष बात यह है कि इन ऑडियो संदेशों में स्टूडेंट्स, विद्यालय स्टाफ तथा जिला अधिकारियों, जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, एबीईओ, डीईओ एवं विद्यालय प्रिंसिपल ने अपनी आवाज़ दी है, इससे यह पहल और भी प्रेरणादायक बन गई है। मुख्य आकर्षण कलक्टर ट्री मुख्य आकर्षण जीव विज्ञान के व्याख्याता डॉ. दिव्येंदु सेन ने बताया कि जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ से भी एक पेड़ को आवाज देने के लिए अनुरोध किया था। इसे उन्होंने स्वीकार किया और जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने भी एक वृक्ष को अपनी आवाज दी गई थी। जिसे हमने “कलक्टर ट्री” नाम दिया है, जिला कलक्टर ने कुपोषण से लड़ने में सहायक मोरिंगा (सहजन) वृक्ष के लिए अपनी आवाज में संदेश रिकॉर्ड किया है। इस वृक्ष पर लगाए गए QR कोड को स्कैन करने पर कलक्टर की आवाज़ में पेड़ का संदेश सुनाई देता है, जो स्टूडेंट्स और आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मनोविज्ञान के समन्वय पर आधारित डॉ. दिव्येंदु सेन ने बताया कि यह पहल तकनीक और शैक्षिक मनोविज्ञान के समन्वय पर आधारित है। इस परियोजना में स्टूडेंट्स की सक्रिय भागीदारी निर्धारित की गई है। स्टूडेंट्स ने स्वयं पौधों की जानकारी एकत्र की, स्क्रिप्ट तैयार की और ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया में भाग लिया। इससे स्टूडेंट्स की जिज्ञासा, स्मरण शक्ति और प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है। स्थानीय भाषा में उपलब्ध है रिकॉर्डिंग डॉ सेन ने आगे बताया कि इस पहल में कुछ पौधों के ऑडियो संदेश स्थानीय मालवी भाषा में भी रिकॉर्ड किए हैं, ताकि स्थानीय समुदाय भी पौधों के महत्व को समझ सकें और इस पहल से जुड़ सकें। पलाश और देशी बबूल जैसे पौधे स्थानीय भाषा में स्वयं अपनी कहानी सुनाते हैं, इससे यह परियोजना केवल स्कूल तक सीमित न रहकर समाज से भी जुड़ रही है। स्कूल परिसर में पीपल, बरगद, नीम, खेजड़ी, सागवान, अर्जुन, महुआ, जामुन, आम, अमरूद, पारिजात, पलाश, कचनार, बबूल, काजूरिना, यूकेलिप्टस, मोरिंगा सहित अनेक पौधों को इस परियोजना में शामिल किया गया है। कुछ पौधे अपनी विशेषताओं के साथ-साथ अपनी सीमाओं के बारे में भी बताते हैं, इससे स्टूडेंट्स को सही पौधा सही स्थान पर लगाने की जानकारी भी मिलती है। जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने वाला अभिनव प्रयास बताया।          

डमी कैंडिडेट और नकल माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, एसओजी ने शिक्षा विभाग से मांगी संदिग्धों की कुंडली

जालोर जालोर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल, डमी उम्मीदवार और फर्जीवाड़े के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने जिले को विशेष निगरानी में लेकर जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। अभ्यर्थियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही एसओजी मुख्यालय ने शिक्षा विभाग से संदिग्ध अभ्यर्थियों के दस्तावेज, हस्ताक्षर, आवेदन पत्र, फोटो सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी गई हैं। इसके बाद जिला स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई और संबंधित अभ्यर्थियों की जानकारी मुख्यालय के माध्यम से एसओजी भेजी जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी तक कुल 30 अभ्यर्थियों के खिलाफ रिपोर्ट एसओजी को भेजी जा चुकी है। वहीं, 250 के लगभग अभ्यर्थी संदेह के घेरे में हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि कई मामलों में डमी उम्मीदवारों का चयन परीक्षा में बैठकर हुआ था। पिछले कई वर्षों की परीक्षाओं की जांच हुई शिक्षा विभाग पिछले पांच वर्षों में हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की भी गहन जांच कर रहा है। विशेष रूप से शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों में गड़बड़ी पाई गई है, जिसके कारण दस्तावेजों का सत्यापन और सख्ती से किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भंवरलाल परमार ने बताया कि एसओजी द्वारा मांगी गई सभी जानकारियों का मिलान किया जा रहा है। दस्तावेजों, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विवरणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने पर दोषी पाए गए अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।  

एक्शन के बाद नई व्यवस्था: धनबाद में होमगार्ड भर्ती टेस्ट में गैजेट्स ले जाना मना

धनबाद. होमगार्ड बहाली को लेकर शहर के मेमको मोड़ स्थित मेगा स्पोर्ट्स कंप्लेक्स में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के नहीं होने पर उपायुक्त आदित्य रंजन के स्तर से कार्रवाई हाने के बाद बुधवार यानी तीसरे दिन स्थितियां बदली हुई नजर आयीं। सुबह से ही सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अपने काम पर तैनात दिखे। यहां तक की परीक्षा के दौरान हर जगह सख्त निगरानी रखी जा रही थी। निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था है। इस दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन मौजूद थे और हर कार्य की निगरानी खुद की। इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर जाने पोर रोक बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों को आदेश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर अंदर प्रवेश न करें। परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की निरंतर वीडियोग्राफी कराई जा रही है। दौड़ के लिए आरएफआइडी का उपयोग दौड़ के सटीक समय के मापन के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। शांतिपूर्ण चल रही परीक्षा परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट एनआइसी पर प्रदर्शित की जाएगी। – आदित्य रंजन, उपायुक्त धनबाद

पंजाब में बड़ा बदलाव: 102 नगर परिषदों के प्रधान और 9 नगर निगमों के मेयर हटाए गए

चंडीगढ़   चुनाव में देरी के चलते पंजाब सरकार ने 102 नगर परिषदों के प्रधान और नौ नगर निगमों के मेयर को हटा दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। यह अधिकारी चुनाव होने तक कामकाज देखेंगे। आज से ही प्रशासनिक अधिकारी नगर परिषद और नगर निगम के कार्य संभालना शुरू कर देंगे। पंजाब सरकार ने राज्य के नगर परिषद और नगर निगमों के कार्यकाल संबंधी आदेश जारी किए हैं। जिसमें लिखा गया है कि पंजाब नगर पालिका अधिनियम, 1911 और पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के तहत राज्यपाल ने उपयुक्त अधिकारियों को अस्थायी रूप से नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सभी शक्तियों और कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया है। जारी आदेश के अनुसार, नगर पालिकाओं के कार्यकाल 5 अप्रैल से लेकर 17 जून तक के बीच में खत्म हो रहे हैं।  हालांकि, राज्यपाल की राय है कि इन नगर पालिकाओं और निगमों के चुनाव कार्यकाल की समाप्ति से पहले आयोजित नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए पंजाब के राज्यपाल ने अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अधिकारियों को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल की समाप्ति के अगले दिन से लेकर पुनर्गठित होने तक सभी प्रशासनिक शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग करने का अधिकार दिया है। अबोहर निगम का कार्यकाल 8 अप्रैल, एसएएस नगर, होशियारपुर, बठिंडा का कार्यकाल 11 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वहीं, बटाला नगर निगम का 18 अप्रैल, बरनाला 14 अप्रैल, पठानकोट 28 अप्रैल, मोगा 12 मई 2026, कपूरथला 6 जून को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सभी नगर निगम के लिए कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं। अधिकारियों की यह नियुक्ति नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सुचारू व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि स्थानीय प्रशासनिक कार्य बाधित न हों। इस कदम से स्थानीय निकायों में संचालन की स्थिरता बनी रहेगी और नागरिकों को नियमित सेवाएं उपलब्ध होती रहेंगी।

प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से पहले KYC अनिवार्य: नए आदेश लागू

अमृतसर. रजिस्ट्री दफ्तरों में सरगर्म लैंड माफिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एफ.सी.आर. (फाइनांस कमिश्नर रैवेन्यू) अनुराग वर्मा के आदेशानुसार जहां डी.सी. दलविन्दरजीत सिंह की तरफ से 8 जाली रजिस्ट्रियां करवाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है। वहीं रजिस्ट्री दफ्तरों में हाल ही में तैनात किए गए सब-रजिस्ट्रारों ने जिसमें सब-रजिस्ट्रार वन जसबीर सिंह संधू, सब-रजिस्ट्रार टू अभिषेक वर्मा और सब-रजिस्ट्रार विकास गुप्ता सहित, सब-रजिस्ट्रार करनबीर ढिल्लों की तरफ से सभी वसीका नवीसों को निर्देश दिए गए हैं कि रजिस्ट्री करवाने से पहले खरीदार और बेचने वालों के दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरूर करवाई जाए। अधिकारियों ने कहा कि ईजी रजिस्ट्री के तहत माल विभाग की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को जल्द ही सबके लिए जरुरी कर दिया जाएगा, लेकिन फिर सभी वसीका नवीसों और रैवेन्यू से संबंधित वकीलों को दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरुर करवानी चाहिए, ताकि बार-बार सामने आने वाली जाली रजिस्ट्रियों पर लगाम लगाई जा सके। दूसरी तरफ वसीका नवीस यूनियन की तरफ से जिला प्रधान नरेश शर्मा ने भी आश्वासन दिया है कि यूनियन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को पहल के आधार पर किया जा रहा है, क्योंकि जब भी कोई जाली रजिस्ट्री का मामला पकड़ा जाता है तो इससे इमानदारी के साथ काम करने वाले वसीका नवीसों की भी बदनामी होती है। ‘के.वाई.सी.’ के पहले ही दिन पकड़ा गया था नकली अरमान जमीन जायदाद की रजिस्ट्री करवाते समय ‘के.वाई.सी.’ कितनी अहम बन जाती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस समय सरकार की तरफ से रजिस्ट्रियों के दस्तावेजों में ‘के.वाई.सी.’ को शुरू करवाया गया तो पहले ही दिन एक नाबालिग लड़के की जमीन की जाली रजिस्ट्री होने से बच गई, जिसका नाम अरमान था संबंधित वसीका नवीस ने जब तथाकथित अरमान के दस्तावेजों की के.वाई.सी. करवाई तो अरमान नकली निकला। मामला थाने तक भी पहुंच गया, लेकिन लैंडमाफिया ने अपना दबाव बनाकर मामले को रफा- दफा कर दिया, जबकि प्रशासन की तरफ से इस मामले की गहराई के साथ जांच की जानी चाहिए थी और नकली दस्तावेज बनाने वाले आरोपियों पर सख्त एक्शन लेना चाहिए था। नकली दस्तावेज पेश करने वाले के खिलाफ 7 वर्ष की सजा का प्रावधान रजिस्ट्री दफ्तरों पर लागू रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत यदि रजिस्ट्री दफ्तरों में तैनात तहसीलदार या सब-रजिस्ट्रार आदि को कोई व्यक्ति नकली दस्तावेज पेश करता है या फिर जाली रजिस्ट्री करवाता है तो पांच लाख रुपये तक जुर्माना और 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है रजिस्ट्री लिखते समय भी यह लिखा जाता है, लेकिन बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से इस बाबत कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, जिससे लैंड माफिया का हौंसला बढ़ता जाता है।