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समय सीमा में पूरी हों पेयजल व्यवस्थाएं: राज्यमंत्री गौर गोविंदपुरा के विकास कार्यों की समीक्षा, देरी पर जताई नाराजगी

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में पेयजल टंकियों के निर्माण कार्य को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निर्माणाधीन 9 पेयजल टंकियों का कार्य निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूर्ण किया जाए। लगभग 20 लाख लीटर क्षमता की इन टंकियों से क्षेत्रवासियों को पेयजल की सुलभ उपलब्धता हो सकेगी। राज्यमंत्री गौर ने रोहित नगर फेस-1 एवं फेस-2 में पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए अवरोधों को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की। बैठक में पार्षद छाया ठाकुर, उर्मिला मौर्य, अर्चना परमार, श्री जितेंद्र शुक्ला, पूर्व पार्षद श्री रामबाबू पाटीदार, श्री बी शक्तिराव, श्री नीरज सिंह के साथ ही स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।  

रातों-रात बदली जिंदगी: ढोलक वादक को लगी 1.5 करोड़ की लॉटरी, बना करोड़पति

नवांशहर/चंडीगढ़. नवांशहर (SBS नगर) के रहने वाले गुरचरण सिंह की जिंदगी में अचानक बड़ा बदलाव आया है। मंथली ड्रॉ में डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी लगने के बाद वह रातोंरात करोड़पति बन गए। खास बात यह है कि यह टिकट उन्होंने अपने बेटे मान सिंह के नाम से खरीदा था। लॉटरी का ड्रॉ 4 अप्रैल 2026 को निकाला गया था। जीत की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को गुरचरण सिंह अपने परिवार के साथ लुधियाना पहुंचे, जहां अधिकृत विक्रेता के पास जीत का दावा पेश किया गया और सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद वह इनाम की औपचारिक प्रक्रिया के लिए चंडीगढ़ स्थित लॉटरी कार्यालय रवाना हुए। गुरचरण सिंह पेशे से पेंटिंग कलाकार हैं और धार्मिक कार्यक्रमों से भी उनका पुराना नाता रहा है। वह वर्षों से देवी जागरणों में ढोलक बजाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब चार दशकों से लगातार लॉटरी टिकट खरीदते आ रहे थे, लेकिन कभी इतनी बड़ी जीत नहीं मिली।

आगामी वित्तीय वर्ष में 10 लाख नये सदस्य बनाने के लक्ष्य पर कार्य करें जिला बैंक के सीईओ – डी.पी.आहूजा, प्रशासक, अपेक्स बैंक

भोपाल  अपेक्स बैंक में आज प्रदेश के 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुये प्रमुख सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक डी.पी.आहूजा नेे केसीसी व ऋण वितरण, पैक्स कम्प्यूटराईजेशन, अमानत संग्रहण आदि की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सभी सी.ई.ओ. आगामी वित्तीय वर्ष  में प्रदेश में 10 लाख नये सदस्यों को पैक्स के माध्यम से जोड़ने के लक्ष्य को लेकर योजनाबद्ध रणनीति बनाकर कार्य सम्पादित करें ।  उन्होंने कहा कि इस कार्य में वर्तमान में भले ही चुनौतियां ज्यादा हैं, लेकिन इसके दूरगामी सकारात्मक एवं लाभप्रद परिणाम से मध्यप्रदेश का सहकारी साख आन्दोलन अत्यन्त सुदृढ़ एवं सशक्त बनेगा।    आहूजा ने यह भीa अपेक्षा कि आप अपने बैंक के प्रशासक के सतत् सम्पर्क में रहकर विभिन्न शासकीय योजनान्तर्गत शासन से प्राप्त होने वाली राशियों का डिपाजिट अपनी जिला बैंक को दिलाने की दिशा में प्रयास करते रहें ।  इसके लिये यदि कहीं शासन स्तर पर मदद की आवश्यकता हो तो अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के माध्यम से अवगत करायें, ताकि यथासंभव आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके ।          उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि गबन-धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करते हुये कठोर प्रशासनिक दण्ड देने में कोई ढील ना दी जाये, ताकि आपकी बैंक/संस्था बेहतर व सुचारू रूप से कार्य करते हुये निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में सफल हो और प्रदेश का सहकारी आन्दोलन ’’सहकार से समृद्धि’’ की दिशा में प्रगति-पथ पर अग्रसर हो ।  बैठक में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने निर्देश दिये कि आपको पैक्स लेवल पर नये सदस्यों की पहचान करना है ।  इसके लिये अपेक्स बैंक स्तर से एक निर्धारित प्रारूप आपको भेजा है, जिसमें दिनांक 14 अप्रैल, 26 से 15 मई, 26 तक अभियान चलाकर उक्त प्रारूप में सम्पूर्ण विवरण भरकर शेयर केपीटल के लिये नये सदस्य से प्रति सदस्य रू.600/-एकत्रित करें, उस राशि की प्राप्ति की रसीद भी सदस्य को तुरन्त प्रदान करें एवं यथासमय आनलाइ्न इसकी प्रविष्टि भी दर्ज करें ।  इसके लिये नाबार्ड से प्रति कैम्प रू. 1000/- आपको प्राप्त होगा, लेकिन इसके लिये आपको विधिवत डाॅक्यूमेंटेशन करना होगा । उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में आपको प्रति सोसायटी लगभग 200 नवीन सदस्य बनाने होंगे, जिससे 10 लाख नवीन सदस्य बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त हो सकेगा ।          श्री गुप्ता ने यह भी निर्देश दिये कि आपकी बैंक अन्तर्गत गबन एवं धोखाधडी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सम्पत्ति अटैच करने हेतु धारा 64 के अन्तर्गत अतिशीघ्र अपने जिले के उपायुक्त, सहकारी संस्थायें के न्यायालय में प्रकरण दर्ज करायें, जिससे संबंधित व्यक्ति से गबन-धोखाधड़ी की राशि की वसूली करना संभव हो सके ।          बैठक में प्रभारी आयुक्त सहकारिता सुश्री शीला दाहिमा, संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य, के.के.द्विवेदी, डी पी सिंह के साथ सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के 38 जिला बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे ।  बैठक में अपेक्स बैंक के वि.क.अ.श्री अरूण मिश्रा, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन, वि.क.अ.श्री अरविंद बौद्ध ने भी एजेंडे के अनेक महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर अपने विचार व्यक्त किये ।            उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश के 38 जिला बैंकों द्वारा 31.03.26 तक रू. 31975 करोड़ की अमानतें संग्रहित की गई हैं, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत हैं, जिसमें संस्थागत अमानतें रू. 7969 करोड़ हैं ।  11 जिला बैंकों द्वारा 31.03.26 की स्थिति पर 100 प्रतिशत से अधिक की लक्ष्य पूर्ति की गई, जबकि 27 जिला सहकारी बैंकों द्वारा 31.03.26 की स्थिति पर 90 प्रतिशत से अधिक की लक्ष्य पूर्ति की गई ।  

इछावर में निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल  राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व मंत्री  वर्मा ने यह बात सीहोर जिले के इछावर सिविल अस्पताल में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने आमजन से आहवान किया कि वे इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें। शिविर में महिला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नेत्र एवं ईएनटी सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया गया। शिविर में कुल 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही ईसीजी, ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच भी की गई।  

छत्तीसगढ़ महिला आयोग का कड़ा रुख: भरण-पोषण मामले में BSP को लगाई फटकार

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक, सदस्य सरला कोसरिया एवं ओजस्वी मंडावी ने आज आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। भिलाई स्टील प्लांट अपने पुरूष कर्मचारियों को किस तरह से बचाता है यह महिला आयोग में साबित हुआ है। पुरूष कर्मचारी दो-दो महिलाओं से अवैध रिश्ता रखता है और अपने पत्नी बच्चे को भरण-पोषण नहीं देता। महिला आयोग की सुनवाई में इनके अधिकारी उपस्थित होते हैं और आश्वासन देते हैं कि पत्नी और उनके बच्चों को पर्याप्त भरण-पोषण पति के वेतन से दिया जाएगा। सुनवाई के बाद में आफिस में जाकर मामले की लिपापोती करते हैं। इसकी पुष्टि होने पर जब पूछताछ की गई तो भिलाई स्टील प्लांट ने कहा कि हमने लाॅ डिपार्टमेंट को भेजा था, कर्मचारी ने लिखकर दे दिया इसलिए हम भरण-पोषण व वेतन की राशि नहीं दे सकते। भिलाई स्टील प्लांट ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। कुल मिलाकर कोई भी पुरूष जो भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत् है वह अपनी पत्नी बच्चों को परेशान कर सकता है, अवैध रिश्ते में रह सकता है, पत्नी-बच्चों को भूखे मारने के लिए छोड़ सकता है। फिर भी भिलाई स्टील प्लांट कुछ भी कार्य नहीं करेगा। अपने कर्मचारियों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं करेगा। इस बात पर आज महिला आयोग ने बीएसपी के शीर्ष अधिकारी को जमकर लताड़ लगाई। एक प्रकरण में आवेदिका पत्नी अपने ससुराल में रहना चाहती है, लेकिन पति उसे ले जाने के लिए तैयार नहीं है। अनावेदक पक्ष द्वारा आवेदिका पर दबाव डालकर स्टाम्प पेपर पर लिखा-पढ़ी करके तलाक दिया, जिसमें समाज के कुछ लोगों ने उपस्थित होकर आवेदिका को कहा कि तुम्हारा तलाक हो गया। इस मामले में आयोग ने कहा कि इस तरह के दस्तावेज से वैधानिक तलाक नहीं होता। अनावेदक पक्ष आवेदिका को कोई भरण-पोषण नहीं देता, आवेदिका का स्त्रीधन भी वापस नहीं किया। आवेदिका अपने पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन अनावेदक के माता, पिता व भाई उसके वैवाहिक जिंदगी में बाधा बन रहे हैं। अनावेदक को पूछने पर वह सुलहवार्ता के लिए तैयार नहीं है। इस स्तर पर आवेदिका ससुराल पक्ष के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवा सकती है। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका के स्व. पति से दो बेटियां है। अनावेदक उसका देवर है। गांव की संयुक्त संपत्ति बरौडा व कांपा में है, मकान व खेत भी है, जिसमें आवेदिका अपनी दोनों बेटियों का हक व हिस्सा चाहती है, जिसे अनावेदक ने स्वीकारा और बताया कि संयुक्त संपत्ति में आवेदिका की दोनों बेटियों का नाम है और हिस्सा देने के लिए वह तैयार है। आयोग ने समझाइश दिया कि आवेदिका आज ही जाकर बरौंडा व कांपा के मकान में अपना कब्जा ले व खेती की जमीन पर तहसील न्यायालय में नाम व खाता अलग कराने की कार्यवाही कर सकते हैं। कब्जा प्राप्त करने के पश्चात् आयोग को सूचित करें, ताकि प्रकरण नस्तीबध्द किया जा सके। एक अन्य प्रकरण में अनावेदक ने बताया कि भारत माला परियोजना में कोलिहापुरी की लगभग ढाई एकड़ जमीन निकली, जिसका मुआवजा लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपए अनावेदक के एकाउंट में है। इस संपत्ति में आवेदिका अपना एक चौथाई हिस्सा चाहती है। उसके अन्य दो भाई और है। आवेदिका के अनुसार कलेक्टर दुर्ग से इस परियोजना के तहत 2 गुना कीमत प्राप्त हुआ है, शेष 2 गुना कीमत के लिए मामला लंबित है। आयोग द्वारा कलेक्टर दुर्ग को पत्र प्रेषित कर बैंक ऑफ बडौदा के ब्रांच मैनेजर गंजपारा में अनावेदक के बैंक एकाउंट में दर्ज मो. नं. के बैंक खाते के ट्रांजेक्शन को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने अनुशंसा की जाएगी, ताकि सुलहनामा की प्रक्रिया पूर्ण किया जा सके। अनावेदक को अगली सुनवाई में सभी अनावेदकगणों को साथ लाने को कहा गया, ताकि आयोग के समक्ष उपस्थित होकर सुलहनामा पर चर्चा किया जा सके। एक अन्य प्रकरण में आवेदक ने अपनी पत्नी व बहू की ओर से प्रकरण दर्ज किया था, जिसमें अनावेदक आरक्षक व उसकी पत्नी महिला आरक्षक के विरूध्द अपराध दर्ज किया था। शेष अनावेदक थाना- पिपरिया, जिला- कबीरधाम के पुलिस अधिकारी व कर्मचारी हैं। सभी अनावेदक पुलिस कर्मचारी है। इस प्रकरण में आरक्षक व उसकी पत्नी महिला आरक्षक आवेदकों के पड़ोसी है। वह अपनी पुलिसिया हथकंडों का इस्तेमाल करते हुए फर्जी एफआईआर दर्ज कराकर षड्यंत्र पूर्वक आवेदक की पत्नी, बहू व उसके नाबालिग 4 माह के बेटा को 2 माह तक जेल में रखा गया था। आवेदक पक्ष उनकी पत्नी व बहू ग्रामीण होने के कारण अनावेदकों के पुलिसिया चक्रव्हूह से नहीं निकल पाए और उन्हें न्यायालय से 45 दिन की सजा हुई। आवेदक पक्ष की शिकायत को किसी भी पुलिस अधिकारी ने इसलिए दर्ज नहीं किया, क्योंकि शिकायतकर्ता स्वयं पुलिस है। सभी पुलिस वालों ने अपने ही विभाग के आरक्षक की शिकायत पर आवेदक की बहू, पत्नि को नाबालिग बच्चे सहित जेल में डाल दिया था। आयोग द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराने छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार कार्यालय शंकर नगर को पत्र प्रेषित करने का आदेश दिया था। इस प्रकरण को छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार कार्यालय में भेजकर सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर प्रतिवेदन 1 माह के भीतर प्रेषित करने का आदेश आयोग ने दिया। साथ ही डीजीपी छत्तीसगढ़ को पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ अपने पद का दुरूप्योग करने के लिए उचित कार्रवाई की अनुशंसा भी आयोग द्वारा की जाएगी।

मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल वल्लभ भवन में मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन की यह सराहनीय पहल है कि वे केवल अपनी मांगों के लिए संघर्ष ही नहीं करते, बल्कि उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को पहचान अवश्य मिलती है। ऐसे कार्यक्रम इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि मेहनत और सकारात्मक कार्य को देखा और सराहा जाता है। प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से फाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी का अत्यंत महत्व होता है, क्योंकि वही आगे की प्रक्रिया को दिशा देती है। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाले कर्मचारियों को निश्चित रूप से सम्मान और पहचान मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने वाले पत्रकार समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित करने की इस परंपरा को अत्यंत प्रशंसनीय बताया। उन्होंने कहा कि कार्य को सलीके और कुशलता से करने वाले ही सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे आयोजनों से उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन होता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों, बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, संरक्षक राजेश कौल, भगवान सिंह यादव तथा पदाधिकारी राजकुमार पटेल, आलोक वर्मा, संतोष बड़ोदिया, ठाकुरदास प्रजापति,मती साधना मिश्रा, सतीश शर्मा, हरिशरण द्विवेदी, दयानंद उपाध्याय, मतीन खान,मती दीप्ति बच्चानी, दिलीप सोनी, प्रियंकवास्तव, प्रहलाद उईके,मती चंदा सल्लाम, श्याम बिहारी दुबे, सुश्री नीलेश पटवा, विकास नोरंग, मंगल सोनवाने, हरीश बाथम, बादामी लाल, विष्णु नाथानी एवं विक्रम बाथम का विशेष योगदान रहा।  

नई जिम्मेदारी की शुरुआत: राज्य सूचना आयुक्तों ने ली शपथ, पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्तों को मंगलवार को शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन मंचासीन थे। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन लोकभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने  आलोक नागर और  राजेश भट्ट को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। उन्होंने शपथ ग्रहण के बाद राज्य सूचना आयुक्तों को पुष्प-गुच्छ भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। शपथ विधि का संचालन अपर मुख्य सचिव  संजय शुक्ल ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष  अवधेश प्रताप सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त  विजय यादव, सूचना आयुक्त  ओंकार नाथ, डॉ. वंदना गांधी, डॉ. उमाशंकर पचौरी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, पुलिस आयुक्त भोपाल  संजय कुमार, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सूचना आयुक्तों के परिजन, लोकभवन और सूचना आयोग के अधिकारी मौजूद रहे।    

अवैध निर्माण पर सख्ती: पोटका में प्रशासन का एक्शन, कई ठिकानों पर चला बुलडोजर

पूर्वी सिंहभूम. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के पोटका में अंचलाधिकारी निकिता बाला के निर्देश पर मंगलवार को पोटका थाना क्षेत्र के तुड़ी मौजा में किए गए अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया गया. मिली जानकारी अनुसार तुड़ी मौजा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर ठेकेदार रंजीत मिश्रा, जमशेदपुर रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड और मनोज कुमार सिंह द्वारा अवैध निर्माण कर कार्य किया जा रहा था जिसकी सूचना मिलने के बाद पोटका की अंचलाधिकारी निकिता बाला द्वारा जे पी एल ई के तहत केस दायर कर समय सीमा के तहत सभी को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था.  भारी सुरक्षा में कार्रवाई समय सीमा बीत जाने के वावजूद किसी के द्वारा अतिक्रमण नही हटाया गया. जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के सीआई हेमंत कुमार और राजस्व कर्मचारी शांति राम षाड़ंगी को दंडाधिकारी के रूप में तैनात कर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की नियुक्ति कर रंजीत मिश्रा, मनोज कुमार सिंह एवं जमशेदपुर रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा किए गए अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा दिया गया. अभियान जारी रहेगा पोटका की अंचलाधिकारी निकिता बाला ने कहा कि क्षेत्र जहां भी अतिक्रमण की सूचना मिलती है वहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि सभी अतिक्रमणकारियों पर जे पी एल ई के तहत मामला दर्ज कर समय दिया गया था. समय सीमा समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कारवाई की गई है. 

स्टूडेंट्स के लिए अहम खबर: पंजाब में छुट्टी घोषित, पंजाब यूनिवर्सिटी की सभी परीक्षाएं टलीं

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी (पी.यू.) ने 8 अप्रैल को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। यह फैसला श्री गुरु नाभा दास जी के जन्मदिन पर पंजाब सरकार द्वारा घोषित की गई जनतक छुट्टी के कारण लिया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार 8 अप्रैल को होने वाली सभी परीक्षाओं अब 16 अप्रैल को होंगी। विद्यार्थियों को सलाह की गई है कि वह नई तारीख के अनुसार अपनी तैयारियों को पक्का करें और किसी भी अपडेट के लिए यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर रखें।     8 अप्रैल को जनतक छुट्टी का ऐलान दरअसल श्री गुरु नाभा दास जी का जन्मदिवस 8 अप्रैल को मनाया जा रहा है। संगत की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस दिन पंजाब में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इस दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। इसके साथ ही इस दिन सरकारी संस्थानों में भी छुट्टी रहेगी। 

सीटें, कई दावेदार: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल, गठबंधन गणित पर टिकी नजरें

रांची  झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होने लगी है। राज्य से राज्यसभा की दो सीटें खाली होने जा रही हैं, जिन पर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। इन सीटों को लेकर सत्ता पक्ष में भी अंदरूनी खींचतान के संकेत मिल रहे हैं, जबकि भाजपा सीमित संख्या के बावजूद मुकाबले को रोचक बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) दोनों सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत मान रहा है। पार्टी का मानना है कि राज्य की राजनीति में उसकी प्रमुख भूमिका के मद्देनजर उसे अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। हालांकि, यह राह इतनी आसान नहीं है। झामुमो को इन दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस के सहयोग की आवश्यकता होगी। गठबंधन की मजबूती और आपसी तालमेल इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव कम अहम नहीं है। असम विधानसभा चुनाव में तालमेल की कमी के कारण पार्टी पहले से ही असहज स्थिति में है। ऐसे में झारखंड में राज्यसभा सीट पर अपनी दावेदारी छोड़ना उसके लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है। पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश होगी कि वह गठबंधन में बराबरी की हिस्सेदार है और अपने राजनीतिक हितों से समझौता नहीं करेगी। भाजपा की मौजूदगी से रोमांचक होगा चुनाव, रेस में सीता सोरेन विपक्षी भाजपा भी इस चुनाव को हल्के में लेने के मूड में नहीं दिख रही है। भले ही पार्टी के पास अपने दम पर जीत के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन सहयोगी दलों आजसू पार्टी, जदयू और लोजपा के साथ मिलाकर उसके पास 24 वोट हैं। ऐसे में यदि भाजपा चार अतिरिक्त वोटों का इंतजाम कर लेती है तो वह अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने की स्थिति में आ सकती है। यही कारण है कि भाजपा संभावित क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक समर्थन की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए है। पार्टी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा की ओर से सीता सोरेन का नाम चर्चा में है। यदि उन्हें मैदान में उतारा जाता है तो चुनाव दिलचस्प हो सकता है। आंकड़ा गठबंधन के पक्ष में संख्या बल के लिहाज से देखें तो राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को निर्धारित 28 वोटों की आवश्यकता होगी। सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दलों झामुमो, कांग्रेस, राजद, भाकपा माले को मिलाकर 56 विधायकों का आंकड़ा है, जो दो सीटों पर जीत के लिए पर्याप्त है, लेकिन इसके लिए गठबंधन के घटक दलों में आपसी तालमेल और विश्वास आवश्यक है।