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कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा: यूपी पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होंगे

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तारीखों को लेकर चल रही अटकलों पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव अब 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद ही संपन्न हो पाएंगे। मंत्री के इस तर्क ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे नेताओं को इससे झटका लगना भी स्वाभाविक है। संजय निषाद ने क्या गिनाएं कारण संजय निषाद ने कहा कि पंचायत चुनाव एक लंबी और संवैधानिक प्रक्रिया है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और बिना आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हुए चुनाव कराना संभव नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि अभी पिछड़ों और महिलाओं के आरक्षण की गिनती और व्यवस्था होनी बाकी है। मंत्री ने साफ कहा, "कोर्ट भी यही कहेगा कि बिना आरक्षण तय किए चुनाव कैसे कराया जा सकता है। इन सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने में समय लगेगा, इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होने की संभावना न के बराबर है।" अंदरूनी कलह का डर: "अपनों से ही भिड़ जाएंगे कार्यकर्ता" मंत्री ने चुनाव टलने के पीछे एक दिलचस्प राजनीतिक कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंचायत चुनाव कराए जाते हैं, तो इससे पार्टी को भी नुकसान हो सकता है। संजय निषाद ने स्पष्ट किया, "पंचायत चुनाव में अक्सर एक ही गांव से भाजपा, सपा या निषाद पार्टी के ही चार-चार दावेदार आमने-सामने होते हैं। पार्टी किसके साथ खड़ी रहेगी? जो जीतेगा उसे पार्टी अपना लेगी, लेकिन बाकी तीन दावेदार पार्टी से नाराज हो जाएंगे। इससे पार्टी के भीतर ही गुटबाजी और कलह पैदा हो जाएगी। यह कलह विधानसभा चुनाव में नुकसान पहुंचाएगी।" ओपी राजभर के भी बदले सुर संजय निषाद के साथ ही सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर के भी सुर बदल गए हैं। अभी तक वह समय पर ही चुनाव और बैलेट पेपर छपने की बातें कहते थे। अब उन्होंने भी गेंद हाईकोर्ट के पाले में करने की बातें कहीं हैं। राजभर ने कहा कि हाईकोर्ट में मामला है। वहां से जो निर्देश होगा, उसी के अनुसार कार्य होगा। विपक्ष पर भी पड़ेगा असर संजय निषाद के इस बयान के बाद विपक्षी दलों में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार की रणनीति ग्रामीण चुनावों को टालकर पूरा ध्यान विधानसभा 2027 की तैयारियों पर केंद्रित करने की है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय उम्मीदवार जो पिछले कई महीनों से तैयारी कर रहे थे, उनके लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है।

संशोधन अधिनियम के खिलाफ आवाज: अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

चंडीगढ़. फरीदाबाद स्थित अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और अल-फलाह यूनिवर्सिटी की याचिका पर जवाब देने केंद्र और हरियाणा सरकार ने कोर्ट से कुछ समय मांगा है। सरकार के अनुरोध पर हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (संशोधन) अधिनियम 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार ने संशोधन के माध्यम से असीमित और मनमाने अधिकार अपने हाथ में ले लिए हैं, जो निजी और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकते हैं। याचिका में जोड़ी गई नई धाराएं 44 बी और 46 शामिल हैं, जो छह जनवरी 2025 से लागू होंगी। इन धाराओं के तहत राज्य सरकार को गंभीर चूक या राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित चिंताओं के आधार पर किसी भी निजी विश्वविद्यालय के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इन धाराओं में प्रयुक्त शब्दावली अस्पष्ट है, जिससे सरकार को अत्यधिक विवेकाधीन शक्ति मिलती है। उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के लाल किले पर हुए बम ब्लास्ट मामले में यूनिवर्सिटी का कनेक्शन मिलने के बाद सरकार ने अल-फलाह ट्रस्ट में सीनियर आइएएस अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल को प्रशासक नियुक्त किया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि संशोधन के तहत सरकार सामान्य स्थिति बहाल होने के बाद भी विश्वविद्यालय पर नियंत्रण बनाए रख सकती है, जिससे निजी विश्वविद्यालय सरकारी संस्थानों में बदल सकते हैं। इसे संविधान के अनुच्छेद 30 का उल्लंघन बताया गया है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी, जिसे वर्ष 2015 में यूजीसी से मान्यता मिली थी, ने अदालत को बताया कि वह मेवात क्षेत्र की वंचित आबादी को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। याचिका में आशंका जताई गई है कि यदि सरकार प्रशासक नियुक्त करती है, तो संस्थान का अल्पसंख्यक स्वरूप समाप्त हो जाएगा और क्षेत्र में चल रही सेवाएं प्रभावित होंगी। हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को जवाब दायर करने का आदेश दिया है।

CG में स्वाइन फीवर अलर्ट: 200 सूअरों की मौत के बाद हड़कंप, संक्रमित फार्म को किया गया सील

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से कई सूअरों की मौत की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, नारधा-मुड़पार गांव के एक सूअर फार्म में इस खतरनाक वायरस के कारण लगभग 200 से अधिक सूअरों की मौत हो गई। संक्रमण की पुष्टि होते ही पशुपालन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचे करीब 150 सूअरों को भी इंजेक्शन देकर मार दिया और सभी को वैज्ञानिक तरीके से दफना दिया। दरअसल 29 मार्च को सभी सुअरों के सैंपल लिए गए थे और एक अप्रैल से सूअरों की मौत शुरू हो गई थी। 6 अप्रैल तक अधिकांश सूअर मर चुके थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग की टीम पीपीई किट पहनकर मौके पर पहुंची और पूरे फार्म को खाली कराकर सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई। संक्रमित मांस के सेवन से बचने की सलाह अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक अत्यंत घातक वायरल बीमारी है, जिसमें सूअरों की मृत्यु दर लगभग 100 प्रतिशत होती है। इसका कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि यह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन संक्रमित मांस के सेवन से बचने की सलाह दी गई है। आसपास इलाके में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी यह फार्म क्षेत्र में पोर्क सप्लाई का प्रमुख केंद्र था, जहां से अन्य जिलों और राज्यों में मांस भेजा जाता था। जिला प्रशासन ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अन्य जिलों में भी सतर्कता जारी कर दी गई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

वृंदावन में संत के पैर छुए भागवत, बोले- संघ भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए डंडा लेकर खड़ा रहेगा

मथुरा  संत मलूक दास की आज 452वीं जयंती है। वृंदावन के मलूक पीठ में उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे। मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। संघ प्रमुख ने कहा- समाज को गो-भक्त बनाया जाए, तो गो-हत्या अपने आप रुक जाएगी। जो लोग आज सत्ता में हैं, उनके मन में भी यह बात है। वे करना चाहते हैं, लेकिन कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं। ऐसे में साहसी कदम उठाने के लिए समाज का साथ जरूरी है। गो-जागृति को मजबूत करना होगा। जब जनभावना तैयार हो जाएगी, तो व्यवस्था को भी उसे मानना पड़ेगा। कृष्ण भक्त संत मलूक दास का जन्म कौशांबी में खत्री परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। यहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई, जिसे मलूक पीठ के नाम से जाना जाता है। संत का गोलोक गमन (मृत्यु) वृंदावन में हुआ, जहां उनकी समाधि बनी हुई है। संत मलूक दास का अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम दोहा सबसे मशहूर हुआ। इसका अर्थ है कि अजगर किसी की नौकरी नहीं करता, पक्षी काम नहीं करता, लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो राम जी सबका भला करते हैं।

ट्रांसफर बम: पंजाब में बड़े पैमाने पर अफसरों के तबादले, जालंधर DC भी बदले गए

चंडीगढ़. पंजाब में आज बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। इस दौरान कुल 12 IAS व एक PCS अधिकारियों का तबादला किया गया है। बता दें कि जारी आदेशों में जालंधर सहित कई जिलों के DC बदले गए हैं। हिमांशु अग्रवाल को पटियाला का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया है जबकि विरजीत वालिया को जालंधर का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया है। इसके साथ ही अमित कुमार पंचाल को मुक्तसर साहिब का और आकाश बंसल को कपूरथला का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया है। इसके साथ ही IAS विकास प्रताप को टेक्निकल एजुकेशन और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग डिपार्टमेंट का एडिशनल चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है। IAS सुमेर सिंह गुर्जर डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी होंगे। इसी तरह IAS कंवल प्रीत बराड़  को सेक्रेटरी हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर के साथ-साथ कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और कमिश्नर फरीदकोट डिवीजन का एडिशनल चार्ज दिया गया है। वहीं  IAS बबीता को  कमिश्नर एग्रीकल्चर के साथ-साथ फिरोजपुर डिवीजन के कमिश्नर का एडिशनल चार्ज दिया गया है। IAS हरप्रीत सिंह सूदन को डायरेक्टर स्पोर्ट्स एंड यूथ सर्विसेज अपॉइंट किया गया है और पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन (PSIEC) और पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (PSIDC) का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है।

कैबिनेट निर्णय: ST छात्रों को ₹10 हजार की सहायता, उज्जैन से एयरबस विमानों का संचालन शुरू होगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना की स्वीकृति दी गई। वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा चना एवं मसूर फसल के आगामी तीन वर्षों में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति की गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये इसके अलावा, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान करने के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। योजनांतर्गत प्रति वर्ष 100 नवीन विद्यार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थी लाभांवित होंगे। इसमें 50 नवीन स्नातक, 50 नवीन स्नातकोत्तर और 50 पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष के मान से 1.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उज्जैन में भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ उज्जैन में शासकीय हवाई पट्टी में एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर एवं सांदिपनी आश्रम स्थित है तथा सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिससे यहां पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों से आवागमन होता रहता है। विक्रम उ‌द्योगपुरी एवं अन्य औ‌द्योगिक क्षेत्रों के कारण औ‌द्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृ‌द्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त उज्जैन कृषि एवं सेवा क्षेत्र की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण एवं विकासशील नगर है। इसलिए उज्जैन में हवाईपट्टी का उन्नयन/विस्तार आवश्यक है। मंदसौर की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। मंत्रि परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी। संस्थान का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करना होगा, जिससे विभागीय कार्यकुशलता, वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश में वर्तमान में संचालित सात लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जायेगी। संस्थान हेतु पद सृजन पर राज्य शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं होगा। तीन वर्षों 2026-27, 2027-28, 2028-29 में स्थापना और संचालन के लिए वित्तीय लागत 26 करोड़ रुपये आएगी। राजस्व व्यय संबंधी 8 योजनाओं के लिए 2951.86 करोड़ वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत राजस्व व्यय संबंधी संचालित 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक निरन्तरता और 2951.86 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है। इसमें मप्र नगरीय अधोसंरचना विकास निधि का वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरन्तरता और 1317.62 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन एवं कार्यालय भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 120.98 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। स्टाम्पों की लागत के लिए व्यय राशि रुपये 806 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना व्यय एवं जिला कार्यपालिका स्थापना के लिए 1428 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया। मंत्री परिषद द्वारा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्रो में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कुल 5 वर्षों के लिए 5215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष उपचार कार्यों के साथ-साथ विगत वर्षों में कराए गए कार्यों का रखरखाव भी सम्मिलित है। अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम अनुसार गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के एवज में फीस प्रतिपूर्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।  

सीएम साय ने पीएम मोदी को भेंट की ‘माता कौशल्या के राम’ बेल मेटल कलाकृति, श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित छत्तीसगढ़

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की अद्वितीय कलाकृति भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ वह पावन धरा है, जहाँ भगवान श्रीराम का ननिहाल स्थित है और यह भूमि प्रभु श्रीराम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भेंट की गई यह कलाकृति प्रदेश की आस्था, परंपरा और सृजनशीलता का सजीव प्रतिरूप है, जो जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकौशल को दर्शाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं, जिससे आस्था और श्रद्धा को जन-जन तक जोड़ने का कार्य निरंतर हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार सेवा, संस्कार और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

अप्रैल में राशनकार्डधारियों को मिलेगा केरोसिन, 528 किलोलीटर का आबंटन जारी

रायपुर  प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के तहत अप्रैल 2026 के लिए केरोसिन का आबंटन जारी कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने केंद्र सरकार से प्राप्त प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) के कोटे में से 528 किलोलीटर केरोसिन राशनकार्डधारियों के लिए आवंटित किया है। यह केरोसिन उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। खाद्य विभाग के अनुसार, अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के सभी राशनकार्डधारियों को इसका लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 1 लीटर और ग्रामीण क्षेत्रों (अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित) में अधिकतम 2 लीटर केरोसिन दिया जाएगा। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि केरोसिन का समय-सीमा में उठाव और वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर हितग्राहियों को उनकी पात्रता की जानकारी देने को कहा गया है। जिन उचित मूल्य दुकानों में केरोसिन की मांग कम है, वहां शेष स्टॉक को जरूरत वाले दुकानों में पुनः आबंटित किया जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र में केरोसिन की कमी न हो और सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा मिल सके। अप्रैल माह के लिए आवंटित केरोसिन का उठाव 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। वहीं, ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लैप्स कोटा की जानकारी 30 अप्रैल तक विभाग को उपलब्ध कराएं। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले कोे सर्वाधिक 36 किलोलीटर, बस्तर, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायपुर और जशपुर जिले को 24-24 किलोलीटर तथा राज्य के अन्य शेष जिलों को 12-12 किलोलीटर केरोसिन आबंटित किया गया है।

सिद्धू की पत्नी ने कांग्रेस से विवाद के बाद शुरू की नई पार्टी, नाम रखा ‘आपकी पार्टी

चंडीगढ़  कांग्रेस से निकाले जाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने नई पार्टी लॉन्च कर दी है। उन्होंने इसका नाम भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी रखा है। खास बात है कि यह घोषणा पंजाब विधानसभा चुनाव से एक साल पहले की है। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब को खोए हुए गौरव को दोबारा हासिल करने के लिए काम करेंगी। वह पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं। नवजोत कौर ने  लिखा, 'एक घोषणा जिसका बेसबरी से इंतजार है: हमने राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन को देखने और परखने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक नया विकल्प तैयार करने पर काम किया है। बस अपना जीवन अपने देश के लिए समर्पित करना चाहते हैं, लोगों को वह वापस देना चाहते हैं जिसके वे वास्तव में हकदार हैं और जो हमसे उम्मीद करते हैं।' उन्होंने लिखा, 'एक ईश्वरीय शक्ति ने कुछ ऐसे समान सोच वाले लोगों को साथ जोड़ा है, जिनमें हर राज्य में काम करने की क्षमता, आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प है। हमारा साझा लक्ष्य न्याय और शांति दिलाना है, और प्रेम के माध्यम से उच्च चेतना 'HIGHER CONSCIOUSNESS' की शक्ति के साथ वह सब करना है जो वाहेगुरु जी हमसे चाहते हैं।' BJP को दे पाएगी चुनौती नवजोत कौर ने संकेत दिए हैं कि पार्टी जल्द ही संगठन विस्तार पर भी ऐलान कर सकती हैं। खास बात है कि BRP की एंट्री के बाद राज्य में चुनावी माहौल गर्म होना तय है। राज्य में सरकार आम आदमी पार्टी की है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस है। खास बात है कि भारतीय जनता पार्टी लगातार राज्य में सियासी कदम जमाने की कोशिशों में लगी हुई है। गोल्डन पंजाब बनाने का वादा उन्होंने लिखा, 'हम पंजाब को खोया हुआ गोल्डन स्टेट या स्वर्ण राज्य का गौरव वापस लाएंगे। जहां लोग सिर्फ प्यार, मिल बांटकर रहने, न्याय, आजादी का अधिकार… बगैर किसी बाहरी दखल के अपने विचारों की ताकत को जानते हैं। पंजाब के लोगों की, लोगों के लिए और लोगों की तरफ से बनी एक सरकार।' 500 करोड़ रुपये के आरोप कौर ने बीते साल आरोप लगाए थे कि मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग की जाती है। इसके बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ ऐक्शन लिया था और पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद 31 जनवरी को कौर ने कांग्रेस छोड़ने की बात कही थी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वडिंग पर कई आरोप लगाए थे। कांग्रेस में पंजाब मामलों के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने छह फरवरी को पुष्टि की कि कौर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

दतिया उपचुनाव: सुनवाई 15 अप्रैल तक टली, BJP की अंदरूनी बैठक से बढ़ी हलचल

दतिया  दतिया विधानसभा सीट को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 15 अप्रैल तय की है।  दरअसल बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया। अब इस सीट पर उपचुनाव होने की संभावना बन गई है। भोपाल में आज पूर्व गृह मंत्री  डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष ओर नरोत्तम मिश्रा ने इस अवसर पर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की।  सुनवाई टलने के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भोपाल में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यह बैठक दतिया उपचुनाव की रणनीति को लेकर थी। दतिया सीट को डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत क्षेत्र माना जाता है। वे यहां से तीन बार विधायक रह चुके हैं हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। अब सीट खाली होने के बाद उनके फिर से चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज हैं।फिलहाल सभी की नजरें 15 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं क्योंकि इसके बाद ही दतिया उपचुनाव की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे डॉ मिश्रा के  निवास,बंद कमरे में की चर्चा दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के उपरांत यह आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को गत 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। सुनवाई टलने के साथ ही मध्यप्रदेश की राजनीति, विशेषकर भोपाल में, हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर उनसे करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया विधानसभा सीट लंबे समय से डॉ. मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान परिस्थितियों में सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बन रही है, और ऐसे में डॉ. मिश्रा के फिर से मैदान में उतरने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अब 15 अप्रैल की सुनवाई और उसके बाद के घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो दतिया उपचुनाव की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।