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यूपी में उल्टा दांव, उपभोक्ता ने विभाग से मांगा मुआवजा, स्मार्ट मीटर और सर्वर की खराबी ने पहुंचाई आर्थिक चोट

महराजगंज महराजगंज जिले के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बिजली विभाग को दुकानदार ने भेजा 1.69 लाख का नोटिस, अफसर दंग; जानें पूरा मामला  आपने अक्सर बिजली विभाग से उपभोक्ताओं को नोटिस जारी होते देखा-सुना होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्मार्ट मीटर की बीलिंग व्यवस्था से परेशान एक कामर्शियल उपभोक्ता ने बिजली विभाग को 1.69 लाख रुपये के नुकसान का नोटिस भेज दिया है। नोटिस देखकर बिजली विभाग के अधिकारी दंग रह गए हैं। उपभोक्ता का आरोप है कि विभागीय तकनीकी खामी और बिल अपडेट में देरी के कारण उसे सात दिन में पांच बार बिल जमा करना पड़ा, बावजूद इसके बिजली आपूर्ति बाधित रही। महराजगंज जिले के धनेवा-धनेई चौराहे के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को वेबसाइट पर दिख रहे 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। शिकायत करने पर विभाग ने 5444 रुपये बकाया बताया, जिसे 29 मार्च को जमा किया गया। इसके बाद भी मीटर में बार-बार माइनस बकाया दिखता रहा।उपभोक्ता को 1500 रुपये और फिर 500 रुपये अतिरिक्त जमा करने पड़े। इसके बाद 30 मार्च को आपूर्ति बहाल हो सकी। दुकानदार का कहना है कि चार दिन बिजली गुल रहने से दुकान में रखा दूध, पनीर व खोया खराब हो गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उपभोक्ता ने कहा कि यदि पहली बार में सही बिल प्रदर्शित होता तो न तो बार-बार भुगतान करना पड़ता और न ही यह नुकसान होता। इस मामले में अधिवक्ता केसरी नंदन तिवारी के माध्यम से एक्सईएन को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर 1.69 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि तय समय में भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया जाएगा, जिसमें विभाग को नोटिस खर्च और अधिवक्ता फीस भी वहन करनी होगी।

रोजाना चलाने की उठी मांग: चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस पर सांसद ज्योत्सना महंत का रेल मंत्री को पत्र

चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग तेज सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेल मंत्री को लिखा पत्र मनेन्द्रगढ़/एमसीबी क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही अहम मांग को गंभीरता से उठाते हुए कोरिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11751/11752) को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की है। सांसद महंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह ट्रेन क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए जीवनरेखा के समान है। कोविड-19 महामारी से पहले यह ट्रेन रोजाना चलती थी, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलती थी। लेकिन वर्तमान में सीमित दिनों में संचालन होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को जल्द से जल्द प्रतिदिन चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने सांसद की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मांग पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ी है। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ शहर सौरव मिश्रा ने भी इसे आम जनता की आवाज बताते हुए कहा कि इस ट्रेन के नियमित संचालन से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

हथीन के पावसर गांव में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी, 2017 के ‘कश्मीरी’ कनेक्शन से जुड़े जासूसी के तार

पलवल पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के तार मेवात से फिर जुड़ गए हैं। नूंह, हथीन, तावड़ु और पलवल से कई बार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। ताजा मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी ने पाक के लिए जासूसी के शक में पलवल और मेवात से आठ युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों एजेंसियों का स्टाफ पाक जासूसी के कथित स्लीपर सेल की तलाश में जुटा है. युवकों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। गुरुवार को भी हथीन के गांव पावसर में पहुंचकर टीम ने हिरासत में लिए गए युवकों के घरों में जाकर जांच की। जांच गोपनीय ढंग से कई गई। बहीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक टीम में शामिल स्टाफ ने संबंधित युवकों की गतिविधियों की जानकारी ली। टीम के अन्य केंद्रीय एजेंसी के लोग भी शामिल रहे। 2017 से जुड़े हैं तार     सूत्रों के अनुसार, साल 2017 में एक संदिग्ध कश्मीर युवक हथीन के गांव पावसर आया था। उसने एक धर्मस्थल में शरण ली थी।     इस दौरान उसके संपर्क में स्थानीय युवक आए और धीरे-धीरे नूंह जिले के कुछ युवक भी उसके नेटवर्स में जुए गए।     बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति खुद को कश्मीरी बताता था और पावसर के अलावा मेवात के तावड़ू सहित अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहा।     आरोप है कि वह पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था और क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था। कुछ समय बाद वहां से चला गया सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध युवक कुछ समय बाद यहां से चला गया, लेकिन अपने बनाए संपर्कों के जरिए सक्रिय बना रहा। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पावसर के चार युवकों को हिरासत में लिया, जिन्हें आगे पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया। अबतक कुल आठ युवकों से पूछताछ की जा चुकी है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संदिग्धों को एजेंसियों के हवाले किया है और आगे की जानकारी संबंधित एजेंसियां ही देगी। पहले भी सामने आ चुके हैं जासूसी के मामले पिछले वर्ष 28 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने आलीमेव निवासी तौफीक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय सूचनाएं पाकिस्तान दूतावास के एक अधिकारी तक पहुंचाने का आरोप था। उसने पाकिस्तानी की यात्रा भी की थी। इसके अलावा यूट्यूबर वसीम अकरम को भी कोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर पाक दूतावास के कर्मचारी दानिश के संपर्क में था।  

वाहन मॉडिफाई करना महंगा, चालान और बीमा में परेशानी का खतरा

इंदौर. इंदौर शहर में गाड़ियों को स्टाइलिश बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। एलईडी लाइट, तेज आवाज वाले साइलेंसर, हाई पावर म्यूजिक सिस्टम और स्ट्रक्चर में बदलाव युवाओं की पहली पसंद बन रहे हैं, लेकिन यह शौक कई बार सीधे कानून के दायरे में ला खड़ा करता है। परिवहन नियमों के मुताबिक वाहन में बिना अनुमति किए गए बदलाव अवैध हैं और इसके लिए भारी चालान से लेकर गाड़ी जब्ती तक की कार्रवाई हो सकती है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन निर्माता द्वारा तय स्पेसिफिकेशन में बदलाव नहीं किया जा सकता। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सबसे ज्यादा कार्रवाई जिन मामलों में होती है, उनमें शामिल हैं – हाई बीम या रंगीन एलईडी-फ्लैश लाइट, मॉडिफाइड या तेज आवाज वाले साइलेंसर, गाड़ी की बॉडी-चेसिस में बदलाव, मूल रंग बदलना (बिना आरटीओ अनुमति), फैंसी या नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और ओवरसाइज टायर या ग्राउंड क्लीयरेंस में छेड़छाड़। ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में हर महीने सैकड़ों चालान बनाए जा रहे हैं। कई बार वाहन जब्त कर कोर्ट कार्रवाई भी की जाती है। हादसे में कौन जिम्मेदार कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अगर मॉडिफिकेशन की वजह से हादसा होता है तो प्राथमिक जिम्मेदारी वाहन मालिक की होती है। हालांकि, अगर यह साबित हो जाए कि गैरेज ने गलत तरीके से बदलाव किया या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया, तो उस पर भी कार्रवाई हो सकती है। वाहन में अनधिकृत बदलाव कराना खुद मालिक का निर्णय होता है, इसलिए दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी से बचना आसान नहीं होता। इंश्योरेंस क्लेम पर भी खतरा इंश्योरेंस एडवाइजर आशीष शर्मा का कहना है कि इंश्योरेंस कंपनियां वाहन के मूल ढांचे के आधार पर पॉलिसी जारी करती हैं। यदि गाड़ी में बिना जानकारी दिए बदलाव किया गया है, तो क्लेम खारिज किया जा सकता है। आग लगने या शार्ट सर्किट के मामलों में विशेष जांच होती है मॉडिफाइड वायरिंग या बैटरी मिलने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है साइलेंसर या इंजन में बदलाव से जुड़े एक्सीडेंट भी क्लेम विवाद में आते हैं क्या करें कोई भी बदलाव कराने से पहले आरटीओ से अनुमति लें केवल प्रमाणित एसेसरीज का उपयोग करें इंश्योरेंस कंपनी को बदलाव की जानकारी दें क्या न करें साइलेंसर, लाइट या नंबर प्लेट में अवैध बदलाव लोकल गैरेज से बिना मानक के फिटिंग गाड़ी की बाडी या इंजन में छेड़छाड़। इंश्योरेंस क्लेम, वारंटी में भी परेशानी  कंपनियां तय मापदंड के अनुसार वाहन बनाती हैं, जिनमें सुरक्षा पर विशेष फोकस होता है। बदलाव से कई बार सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी हो जाती है, इसलिए मॉडिफिकेशन नहीं कराना चाहिए। मॉडिफिकेशन के बाद इंश्योरेंस क्लेम में भी परेशानी आती है। वहीं कंपनी द्वारा दी जा रही वाहन की वारंटी भी खत्म हो सकती है। बदलाव करने से अच्छा है कि वाहन का अपर माडल चुनें, ताकि ओरिजनल फिटिंग मिले। – आदित्य कासलीवाल, वाइस प्रेसिडेंट, ऑटो मोबाइल एसोसिएशन

हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर: कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी’

रायपुर हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर: कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी’ छत्तीसगढ़ में खेती की पारंपरिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। रायगढ़ जिले में हरी खाद आधारित खेती किसानों के लिए एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही है। यह पद्धति जहां मिट्टी की उर्वरता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत कर रही है, वहीं किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा भी दिला रही है। लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील किसान जतिराम भगत इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। वे पिछले 22 वर्षों से जैविक और हरी खाद आधारित खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में उत्पादन थोड़ा कम लग सकता है, लेकिन समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होने पर उत्पादन स्थायी और बेहतर हो जाता है। उन्होंने इस वर्ष 2 एकड़ में विधि और लाइन कतार पद्धति से खेती कर प्रति एकड़ लगभग 15 क्विंटल धान और 9 क्विंटल चावल उत्पादन प्राप्त किया। उनकी लागत 15 से 20 हजार रुपये प्रति एकड़ रही, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 80 हजार रुपये तक पहुंचा। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन से पहले 15 मई के बाद हरी खाद की बुआई का उपयुक्त समय होता है। ढैंचा, सनई और मूंग जैसी फसलों को 45-50 दिन बाद खेत में मिलाने से मिट्टी में जैविक पोषक तत्वों की वृद्धि होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। लैलूंगा में हरी खाद का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। विभाग ने इस वर्ष 2000 एकड़ में हरी खाद बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया है। “यूरिया-डीएपी छोड़बो, हरी खाद बुआई करबो” जैसे संकल्प अब किसानों के बीच नई दिशा तय कर रहे हैं।  

सफर का नया अंदाज: अमृत भारत ट्रेनों ने उड़ान जैसी सुविधाओं से किया यात्रियों को मंत्रमुग्ध

चक्रधरपुर  भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्टेशन पर 'नेक्स्ट जेनरेशन अमृत भारत कोच' के प्रस्तावित इंटीरियर डिजाइन और कलर स्कीम वाले सैंपल कोच का गहन निरीक्षण किया।  चक्रधरपुर रेल मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन कोचों को विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और विजुअल अपील (सुंदरता) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  आधुनिक डिजाइन और समन्वित कलर थीम नए अमृत भारत कोच की सबसे बड़ी विशेषता इसका समन्वित (Coordinated) कलर थीम है। कोच के भीतर पीवीसी फ्लोरिंग से लेकर सीटों, बर्थ के रेक्सीन, स्नैक टेबल, पर्दे और यहां तक कि शौचालय क्षेत्र को भी एक ही कलर स्कीम में ढाला गया है। यह नया डिजाइन न केवल देखने में वैश्विक स्तर का लगता है, बल्कि यह बेहद टिकाऊ और रखरखाव में भी आसान है। सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान (HL-3 फायर सेफ्टी)  यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कोच निर्माण में इस्तेमाल की गई सभी सामग्री HL-3 फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुरूप है। इससे आग लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा न्यूनतम हो जाएगा।  इसके अलावा, सीटों और बर्थों पर उच्च गुणवत्ता वाले रेक्सीन का उपयोग किया गया है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होंगे और यात्रियों को बेहतर कुशनिंग का अनुभव देंगे। चक्रधरपुर रेल मंडल ने स्पष्ट किया कि रोलिंग स्टॉक को आधुनिक बनाने की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी ताकि भारतीय रेल वैश्विक मानचित्र पर अपनी नई पहचान बना सके।  हर वर्ग के यात्री का रखा गया ख्याल रेलवे का यह बदलाव किसी खास श्रेणी के लिए नहीं, बल्कि जनरल और स्लीपर क्लास सहित सभी वर्गों के लिए है। स्नैक टेबल को आकर्षक रंग दिए गए हैं और शौचालयों के डिजाइन में भी व्यापक सुधार किया गया है ताकि स्वच्छता बनी रहे। कोच की दीवारों और सामग्री को इस तरह तैयार किया गया है कि साफ-सफाई आसानी से की जा सके, जिससे कोच लंबे समय तक नए जैसे बने रहेंगे। वर्ल्ड क्लास यात्रा अनुभव का लक्ष्य निरीक्षण के दौरान रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे का मुख्य उद्देश्य हर श्रेणी के यात्रियों को 'वर्ल्ड क्लास' यात्रा अनुभव देना है। नेक्स्ट जेनरेशन अमृत भारत कोच इसी विजन का हिस्सा हैं। आने वाले समय में देश के विभिन्न रेल मार्गों पर इन आधुनिक कोचों को लगाने की योजना है, जिससे आम आदमी का रेल सफर सस्ता, सुरक्षित और अधिक सुखद बन सके।  

शिव महापुराण कथा: जीवन को दिशा देने वाली -पंडित दुर्गेश महाराज

शिव महापुराण कथा: जीवन को दिशा देने वाली -पंडित दुर्गेश महाराज बिलासपुर राष्ट्रीय धर्माचार्य पंडित दुर्गेश शर्मा जी ने शिव महापुराण के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नही बल्कि जीवन को सही दिशा देना वाली प्रेरणादायक मार्गदर्शिका है।इसमें आध्यात्मिक गहराई और जीवनउपयोगी संदेशों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।भगवान शिव की महिमा,उनके स्वरूप, भक्ति, धर्म एवं मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है।शिव महापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति,समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। शिव महापुराण में मनुष्य को सत्य, धर्म, दया, करुणा, सेवा एवं परोपकार जैसे गुणों को अपनाने की शिक्षा दी गई है। यह ग्रंथ हमें सिखाता है कि भगवान शिव अत्यंत दयालु एवं कृपालु है और सच्चे मन से की गई भक्ति से वे शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। पंडित दुर्गेश जी ने कथा प्रसंग में यह बताया कि जो व्यक्ति अपने जीवन में माता – पिता, गुरु एवं समाज के प्रति सम्मान रखता है, उनके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती है। शिव महापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते है, पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। ग्राम हांफा में शिव महापुराण की कथा श्रीमती कृष्णा पाण्डेय द्वारा पंडित छेदीलाल पाण्डेय की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती मीना कृष्ण कुमार दुबे कथा श्रवण कर रहे है।आज के कथा में श्रोतागण डॉ महेंद्र दुबे, चंद्रकांत उपाध्याय, मनीराम यादव, शत्रुघ्न उपाध्याय, रामखिलावन कौशिक, कौशल पाण्डेय, गोविंद यादव, मुकेश दुबे, श्यामसुंदर तिवारी,दिनेश उपाध्याय, बृजभूषण श्रीवास, संतोष पाण्डेय, शिव श्रीवास, कविता दुबे, गौरी दुबे, आशा श्रीवास , चित्रा तिवारी, बंटी कौशिक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।निकली आकर्षक झांकी- कथा प्रसंग के दौरान भगवान शिव की आकर्षक झाकी निकाली गई। नैनाभिराम झाकी की भक्तजनों ने आरती उतार कर पूजा अर्चना किया।

बुंडू नवरात्रि मेला कमिटी का हुआ गठन, बबलू प्रजापति बने अध्यक्ष और विधायक विकास मुंडा मुख्य संरक्षक

बुंडू  झारखंड के रांची के बुंडू में हर साल की तरह इस वर्ष भी बुंडू में नवरात्रि मेला पूरे धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इसको लेकर श्री श्री राधा रानी मंदिर परिसर में राधा रानी कमिटी, मौसी बाड़ी कमिटी और आम जनता की संयुक्त बैठक संपन्न हुई. तय हुई मेला की तिथि इस बैठक में मेला की तिथि को लेकर निर्णय लिया गया.तय किया गया कि मेले का आयोजन 19 अप्रैल से 28 अप्रैल तक किया जाएगा. परंपराओं का रखा जाएगा विशेष ध्यान मेला अवधि के दौरान पारंपरिक मान्यताओं का पालन करते हुए मांस, मछली और अंडा का सेवन वर्जित रहेगा. नई कमिटी का गठन स्थायी कमिटी के अध्यक्ष गणेश कुम्हार जी के स्वर्गवास के बाद अध्यक्ष का चुनाव किया गया है. नई कमिटी में अरुण जैन, मुख्यसंरक्षक विधायक विकास कुमार मुंडा, मेला संचालन के अध्यक्ष बबलू प्रजापति, उपाध्यक्ष बबलू कुंडू, राजकिशोर कुशवाहा सचिव रोशन महतो, उपसचिव जीतू महतो, कोषाध्यक्ष धनंजय प्रमाणिक, उपकोषाध्यक्ष सौरभ नायक, सदस्य आकाश लायक, राकेश मछुवा, रोहित नायक,बाली उरांव,संजय महतो, पवन राणा,ललित साहू, पिंटू दत्ता, संरक्षक नगर अध्यक्ष जितेंद्र उरांव, नगर उपाध्यक्ष रविन्द्र उरांव, बुंडू प्रमुख राजकुमार बिंझिया, प्रमोद सिंह, ढोलु शर्मा, सूरज प्रकाश भगत, रंजीत लाहेरी, रंजीत मोदक, मुख्य भंडारपाल मनोज कुंडू, सलाहाकर भंडारपाल मोहित नायक, तुलसी भगत चुने गए. शांति और भाईचारे का संदेश इस मौके पर सभी ने निर्णय लिया की नवरात्रि मेला पूरे शांति, सौदर्य और भाईचारा के साथ मनाने की अपील किया.

बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत, 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार

पटना बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिन्होंने साल 2005 से बिहार की कमान संभाली है, अब राज्य की सत्ता की बागडोर छोड़कर दिल्ली की राजनीति में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पुष्टि की है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. 2005 से लगातार सत्ता में रहे नीतीश नीतीश कुमार 2005 से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालते रहे. राज्यसभा जाने के उनके फैसले ने सभी को चौंका दिया. नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से हटकर राज्यसभा जाना बिहार की राजनीति के एक युग का समापन माना जा रहा है. अप्रैल के दूसरे सप्ताह में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. बिहार की जनता और राजनीतिक पंडितों की निगाहें अब एनडीए के अगले कदम पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य की नई दिशा तय करेगा. किन-किन नेताओं का नाम चर्चा में? इस बार राज्यसभा चुनाव के नतीजे काफी दिलचस्प रहे हैं. नीतीश कुमार के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी निर्वाचित हुए हैं. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार भी ऊपरी सदन में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे. तीन-तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों का एक साथ राज्यसभा जाना केंद्र में बिहार के बढ़ते सियासी वजन की ओर इशारा कर रहा है. राज्यसभा शपथ के बाद क्या होगा अगला कदम? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने उत्तराधिकारी की चर्चाओं को हवा दे दी है. राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री हो सकता है. कई पार्टी नेताओं और समर्थकों ने मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार को सत्ता सौंपने की वकालत की है, जिसके समर्थन में पटना की सड़कों पर पोस्टर भी देखे जा रहे हैं. एनडीए का केंद्रीय नेतृत्व और नीतीश कुमार मिलकर जल्द ही नए नाम पर मुहर लगा सकते हैं, ताकि शासन-प्रशासन में निरंतरता बनी रहे.

दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाकर बदलाव ला रही हैं रिंगो कश्यप

रायपुर दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाकर बदलाव ला रही हैं रिंगो कश्यप कोंडागांव जिले के मर्दापाल तहसील के अंतर्गत अंतिम छोर पर स्थित सुदूर ग्राम कुधुर, जो कभी माओवाद के प्रभाव के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था, आज परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। जहां कभी ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की राशि निकालने के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल के बैंक तक जाना पड़ता था, वहीं अब गांव में ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।     यह परिवर्तन संभव हुआ है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल और बीसी सखी के रूप में कार्यरत  रिंगो कश्यप के प्रयासों से। ग्राम पंचायत कुधुर के गुमियापाल पारा की निवासी रिंगो कश्यप न केवल कुधुर, बल्कि तुमड़ीवाल और टेकापाल के ग्रामीणों को भी घर-घर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं।     रिंगो कश्यप ने वर्ष 2020 में “मां पार्वती स्व सहायता समूह” से जुड़कर अपनी यात्रा शुरू की। इसके बाद वर्ष 2024 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने बीसी सखी के रूप में कार्य प्रारंभ किया। आज उनके माध्यम से ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि गांव में ही आसानी से प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही बिजली बिल भुगतान और अन्य वित्तीय लेनदेन भी सरल हो गए हैं।    अब तक रिंगो कश्यप द्वारा 355 से अधिक सफल लेनदेन किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 6 लाख 75 हजार रुपये से अधिक है। इस कार्य ने न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को कम किया है, बल्कि रिंगो कश्यप के लिए भी स्व-रोजगार का सशक्त माध्यम बना है।     उन्होंने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर एक छोटा किराना दुकान भी शुरू किया है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की आय हो रही है, और भविष्य में वे अपने व्यवसाय को और विस्तार देना चाहती हैं।     रिंगो कश्यप जैसी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को नई दिशा मिल रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी स्थापित कर रही हैं।