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भीषण विस्फोट से दहला लुधियाना: पटाखा फैक्ट्री ढही, एक की जान गई

लुधियाना. लुधियाना देहाती के गांव जोधां इलाके में मंगलवार रात उस समय चीख-पुकार मच गई, जब रिहायशी इमारत में चल रही एक अवैध पटाखा फैक्ट्री भीषण धमाके के साथ ताश के पत्तों की तरह ढह गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतक मोहम्मद कैफ़ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड के अलावा सेना की टुकड़ी को भी मोर्चा संभालना पड़ा है। घटना की जानकारी देते हुए फायर ऑफिसर रजिंदर ने बताया कि रात करीब 8:20 बजे सूचना मिली थी कि जोधां सरकारी स्कूल के पास एक बिल्डिंग ब्लास्ट के बाद गिर गई है। मुल्लापुर और लुधियाना से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से निकाले गए एक युवक को गंभीर हालत में लुधियाना के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, एक महिला और एक अन्य व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि इस 'बेहड़े' यानी रिहायशी परिसर में गुपचुप तरीके से पटाखे बनाने का काम चल रहा था और हादसे के वक्त वहां 17 से 18 लोग मौजूद थे। धमाके की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन, मृतक युवक के पिता जमील का कहना है कि शाम को अचानक तेज आंधी चली और आसमानी बिजली गिरने से शॉर्ट सर्किट हो गया, जिसके तुरंत बाद सिलेंडर फट गया। हालांकि, प्रशासनिक जांच और मौके के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। तहसीलदार कर्मजीत सिंह ने बताया कि यह पूरी इमारत एक ठेकेदार ने किराए पर ली हुई थी और यहां भारी मात्रा में 'पोटाश' और अन्य विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। रिहायशी इलाके के बीचों-बीच मौत का यह सामान अवैध रूप से जमा किया गया था, जो इस बड़े हादसे का कारण बना। बिल्डिंग के मलबे में अभी भी विस्फोटक पदार्थ होने की आशंका के चलते सेना के अधिकारियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। सेना के अधिकारी पुष्प राज ने बताया कि अंधेरा होने और इमारत के पूरी तरह धराशायी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में सावधानी बरती जा रही है। मौके पर अभी भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री पड़ी है, जिसे बुधवार सुबह सुरक्षित तरीके से हटाया जाएगा। फिलहाल थाना जोधा की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि आखिर घनी आबादी के बीच पटाखों का यह अवैध कारोबार किसकी शह पर फल-फूल रहा था।

महंगाई का डबल झटका, कमर्शियल गैस अब 2106 रुपये के पार, होटल और रेस्तरां का बिगड़ा बजट

जयपुर जयपुर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को महंगाई का बड़ा झटका दिया है। हाल ही में हुई नवीनतम बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1911 रुपये से बढ़कर 2106 रुपये हो गई है जयपुर में कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा; 25 दिन में 309 रुपए तक बढ़ा दाम जयपुर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को महंगाई का बड़ा झटका दिया है। हाल ही में हुई नवीनतम बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1911 रुपये से बढ़कर 2106 रुपये हो गई है, यानी 195 रुपये की ताजा वृद्धि दर्ज की गई है। 25 दिन में कुल 309 रुपये का इजाफा पिछले 25 दिनों में यह सिलेंडर कुल 309 रुपये महंगा हो चुका है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन की चुनौतियां और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं। जनवरी 2026 से अब तक सिलेंडर की कीमतों में लगातार छोटे-बड़े बदलाव आए हैं, जिससे व्यापारियों और छोटे खाद्य व्यवसायों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। होटल और रेस्तरां प्रभावित मार्च की शुरुआत से ही कई बार दामों में संशोधन किया गया। होटल, ढाबे, रेस्तरां और कैटरिंग कारोबार संचालकों ने बताया कि यह बढ़ी हुई लागत अब उन्हें अपने ग्राहकों पर डालनी पड़ रही है, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हो रहा है। मार्च में हुई पिछली बढ़ोतरी विशेष रूप से 7 मार्च 2026 को तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114 रुपये की वृद्धि की थी। उस समय 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1796.50 रुपये से बढ़कर 1911 रुपये हो गई थी। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में तनाव और हार्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी सप्लाई चिंताओं के बीच आई थी। घरेलू सिलेंडर पर फिलहाल राहत घरेलू सिलेंडर पर भी उसी दिन 60 रुपये का इजाफा हुआ था, लेकिन बाद में घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रही। फिलहाल 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 916 रुपये पर यथावत है, जो सब्सिडी वाले और गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत दे रही है। व्यापारी और हलवाई प्रभावित हालिया 195 रुपये की बढ़ोतरी के बाद व्यापारियों का कहना है कि प्लांट से खरीद मूल्य भी बढ़ गया है, जिससे उनका मार्जिन कम हो गया है। छोटे व्यापारियों और हलवाईयों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। खासकर त्योहारों या सीजन के समय में जब मांग बढ़ जाती है, स्थिति और जटिल हो जाती है। कुछ लोग अब कोयला या अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। उपलब्धता पर संकट जयपुर समेत राजस्थान के कई इलाकों में कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता भी संकटग्रस्त है। बाजार में सिलेंडर आसानी से नहीं मिल रहे हैं, और कुछ जगहों पर रिपोर्ट्स के अनुसार, आधिकारिक कीमत 1911 रुपये होने के बावजूद ब्लैक मार्केट में 2500 रुपये तक मांग की जा रही थी। भविष्य की चुनौतियां विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और तेल की कीमतों में अस्थिरता लंबे समय तक बनी रह सकती है। ऐसे में व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए यह बढ़ती लागत एक स्थायी चुनौती बन सकती है। जबकि घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए फिलहाल कुछ राहत है, लेकिन भविष्य में वैश्विक तेल बाजार में कोई बड़ा बदलाव घरेलू दामों पर भी असर डाल सकता है। महंगाई का सीधा असर व्यापारी और उपभोक्ता दोनों ही इस बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। होटल और रेस्तरां संचालकों ने कहा कि अब हर चीज की कीमत पर नजर रखनी पड़ रही है और ग्राहकों को सही दाम में सेवा देने के लिए उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। छोटे व्यवसाय इस बढ़ी हुई लागत को अपने ग्राहकों पर डालने को मजबूर हैं, जिससे दैनिक जीवन में महंगाई का असर सीधे दिखाई दे रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को मिली कुछ राहत विशेषज्ञों की राय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन के स्थायित्व पर निर्भर करता है कि भविष्य में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें कितनी बढ़ेंगी। फिलहाल जयपुर और राजस्थान के व्यावसायिक उपभोक्ता पूरी तरह इस महंगाई की मार झेल रहे हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ता केवल फिलहाल थोड़ी राहत में हैं।

मानसून पूर्व मेंटिनेंस कार्यों का एसई और सीई करें निरीक्षण : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल मानसून पूर्व वितरण ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाईनों के मेंटिनेंस कार्यों का निरीक्षण एसई और सीई नियमित रूप से करें। बेहतर मेंटिनेंस होने पर ट्रिपिंग की समस्या दूर होगी। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि मेंटिनेंस के दौरान गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करें। सामग्री के उपयोग से पहले उसका लैब में परीक्षण भी होना चाहिए। मंत्री  तोमर ने कहा कि समाधान योजना की अवधि 15 मई तक बढ़ा दी गई है। सभी बड़े एवं छोटे बकायदारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर योजनांतर्गत वसूली की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पहले बड़े बकायदारों से वसूली की कार्यवाही करें। वसूली की कार्यवाही अप्रैल माह से ही प्रारंभ कर दें। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा करें। गलत बिजली बिलों में सुधार तुरंत होना चाहिए। जहां पर स्टाफ की ज्यादा कमी है, वहां पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने की कार्ययोजना बनाएं। मंत्री  तोमर ने कहा कि आगामी सीजन में मूंग की फसल को ध्यान में रखते हुए पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग एवं विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में सचिव ऊर्जा  विशेष गढ़पाले एवं ओएसडी  विजय गौर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

नए साइबर खतरों से निपटने में अत्यंत कारगर साबित होगा फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट : डॉ. अजय सिंह

लखनऊ बदलते साइबर अपराध के तौर-तरीकों पर लगाम कसने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में 500 से ज्यादा साइबर फॉरेंसिक वारियर तैयार किए जा रहे हैं, जो भविष्य में सीमापार हैकिंग, एआई जनित फिशिंग, डीपफेक और उभरते डिजिटल खतरों से मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयोजित मीट माई मेन्टोर कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में साइबर अपराध का स्वरूप और अधिक जटिल होगा, लेकिन यूपी की यह पहल इसे रोकने में निर्णायक साबित होगी। अब वॉइस क्लोनिंग, डीपफेक की समस्या से निपटना होगा आसान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, भारत सरकार के सदस्य डॉ. अजय सिंह ने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान विश्वस्तरीय बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और नए साइबर खतरों से निपटने में अत्यंत कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज साइबर खतरे केवल ईमेल या एसएमएस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब वॉइस क्लोनिंग, डीपफेक वीडियो और फर्जी वीडियो कॉल के जरिए भी बड़े पैमाने पर अपराध किए जा रहे हैं। यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के जरिए इन खतरों से निपटना आसान हो जाएगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण डॉ. अजय सिंह ने चेताया कि अब ऐसे मालवेयर सामने आ रहे हैं जो खुद सीख सकते हैं और अपने आप विकसित होकर सुरक्षा तंत्र को भी चकमा दे सकते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग की सीमाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डेटा पर हमला कई संगठनों को प्रभावित करता है। ऐसे में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली हैं क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली हैं और यही समय है जब युवाओं को इसके लिए तैयार किया जाए। उन्होंने छात्रों को कानूनी, फॉरेंसिक और तकनीकी ज्ञान को एक साथ जोड़कर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान एक वन-स्टॉप सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों का भी समाधान मिलेगा। आज की तैयारी ही भविष्य के नेतृत्व को तय करेगी। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार डॉ. गोस्वामी ने यह भी कहा कि जटिल विषयों को समझने का तरीका ही उन्हें सरल बनाता है और यही संस्थान का उद्देश्य है। हम अपने छात्र-छात्राओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं।  इस अवसर पर उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव, चिरंजीव मुखर्जी, अतुल यादव, पीआरओ संतोष तिवारी, फेकल्टी डॉ. सपना शर्मा, डॉ. श्रुतिदास गुप्ता, डॉ. प्रीती, डॉ. कमलेश दुबे, डॉ. नेहा, डॉ. पोरवी सिंह, डॉ. स्नेहा, डॉ. स्नेहिल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

राणा सोढ़ी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन

फिरोजपुर पंजाब के वरिष्ठ भाजपा नेता Rana Gurmit Singh Sodhi के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah से मुलाकात कर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin भी मौजूद रहे। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। नितिन नवीन ने जल्द ही पंजाब दौरे का भी आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में अनीश सिडाना (अरोड़ा खत्री समुदाय), हंसा सिंह कामरेड (राय सिख समुदाय), पूर्ण चंद (2022 विधानसभा चुनाव उम्मीदवार), बाबा बलविंदर सिंह (जिला परिषद चुनाव उम्मीदवार), दविंदर सिंह जंग (पूर्व जिला परिषद सदस्य) और पुरुषोत्तम कुमार (ओबीसी नेता) शामिल थे। राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने पंजाब की रणनीतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंजाब केवल एक सीमावर्ती राज्य ही नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा का भी अहम आधार है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास राष्ट्रीय हित से जुड़ा हुआ विषय है। ज्ञापन में खास तौर पर किसानों, बुनियादी ढांचे और रोजगार से जुड़े मुद्दों को उठाया गया। किसानों के हित में मांग की गई कि डिफेंस वायर और जीरो लाइन के पार खेती कर रहे किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षा और स्थायित्व मिल सके। सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए फिरोजपुर–फाजिल्का मार्ग को 4 लेन कर राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की गई। इसके अलावा हुसैनीवाला चेक पोस्ट को सुरक्षा मानकों के साथ पुनः खोलने की मांग भी रखी गई, ताकि व्यापार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सके। सीमावर्ती इलाकों में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या को देखते हुए मजबूत बांध और सुरक्षात्मक ढांचे के निर्माण पर भी जोर दिया गया। साथ ही खूंढर घाटी से फिरोजपुर शहर को जोड़ने के लिए पुल निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु सीमावर्ती क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही फाजिल्का से श्री मुक्तसर साहिब होते हुए बठिंडा और नई दिल्ली तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग भी की गई। अंत में राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि पंजाब देश के अन्न भंडार में महत्वपूर्ण योगदान देता है, इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से अपील की गई कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर सीमावर्ती इलाकों में संतुलित विकास, सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और लोगों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जाए।

गैस के लिए मारामारी, भूखे-प्यासे लाइन में खड़े ऑटो चालक, थमने लगी अजमेर की रफ्तार

अजमेर राजस्थान के अजमेर शहर में एलपीजी गैस की कमी चिंता का विषय बन गई है। वैशाली नगर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर मंगलवार की सुबह ऑटो चालकों की करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। सुबह छह बजे से ही वाहन चालक अपने टेंपो लेकर गैस भरवाने के लिए कतार में खड़े नजर आए, और दिन बढ़ने के साथ यह लाइन और लंबी होती चली गई। एक पंप पर पूरे शहर की निर्भरता ऑटो चालकों ने बताया कि अजमेर में एलपीजी गैस भरवाने के लिए पूरे शहर में केवल एक ही पंप है। इस वजह से शहर के तमाम ऑटो चालकों को एक ही जगह पर निर्भर रहना पड़ता है। रोजाना घंटों लाइन में खड़े रहने से न सिर्फ उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि दिनभर की कमाई पर भी सीधा असर पड़ता है। कई चालकों ने बताया कि सुबह से भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहना उनकी मजबूरी बन गई है। अतिरिक्त पंप की मांग स्थानीय लोगों और ऑटो चालकों ने एकमत होकर मांग की है कि शहर में एक और एलपीजी पंप खोला जाए। चालकों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द अजमेर में अतिरिक्त एलपीजी पंप की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें रोजाना इस तरह की मुसीबत का सामना न करना पड़े। फिलहाल, एलपीजी संकट का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है।  

फेक न्यूज पर सख्ती : बिलासपुर में निगरानी समिति गठित अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिलासपुर पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच एलपीजी, पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरक की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों के प्रसार को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाली खबरों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।      गठित समिति में अपर कलेक्टर  शिव कुमार बनर्जी को अध्यक्ष बनाया गया है।अमृत कुजूर, खाद्य नियंत्रक को सचिव  की जिम्मेदारी दी गई है। समिति में सदस्य के रूप में मुनुदाऊ पटेल उप संचालक जनसंपर्क, गोपाल सतपथी, निरीक्षक, साइबर सेल, पुलिस विभाग, सु रेहाना तबस्सुम, जिला समन्वयक, सोशल मीडिया, जनसंपर्क विभाग, अजीत मिश्रा, अध्यक्ष, प्रेस क्लब बिलासपुर, किशोर सिंह, पत्रकार, नव भारत प्रेस बिलासपुर तथा वरिष्ठ पत्रकार भास्कर मिश्रा को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह समिति विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित खबरों की सतत निगरानी करेगी, फेक न्यूज की त्वरित पहचान कर उसका खंडन सुनिश्चित करेगी तथा अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आईटी एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध खबर की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह भी किया गया है।

जेल में बंद तहसीलदार को सस्पेंड किया गया अमिता सिंह तोमर, आदेश जारी

श्योपुर  मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। भ्रष्टाचार के मामले में जेल गई तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर और कड़ा एक्शन लिया गया है। महिला तहसीलदार को  सस्पेंड कर दिया गया है।जी हां महिला तहसीलदार पर ये बडी कार्रवाई हुई है। चंबल संभागायुक्त ने श्योपुर कलेक्टर के प्रतिवेदन पर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्पेंड करने का आदेश आज जारी कर दिया मंगलवार को तहसीलदार अमिता तोमर की  जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। 2.5 करोड़ के बाढ़ राहत राशि घपले को लेकर पहुंची हवालात आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में साल 2021 में आई भीषण बाढ़ को लेकर ये सारा मामला जुड़ा है।  बाद पीड़ितों के लिए आई राहत राशि में 2.5 करोड़ रुपये का घपला हुआ, यह राशि बाढ़ पीड़ितों की जगह दूसरे खातों में भेजी गई थी। जांच में 28 पटवारी और बड़ौदा तहसील की तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर जांच में घोटाले के दोषी पाए गए। तहसीलदार और पटवारियों पर एफआइआर हुई। अमिता सिंह ने गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई, पर राहत नहीं मिलीं। गिरफ्तारी के भय से फरार भी हुईं, पर अंत में श्योपुर पुलिस ने तहसीलदार को ग्वालियर से दबोच लिया। श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, कि इस घोटाले में कई और चेहरे बेनकाब होंगे।  बाढ़ राहत राशि घोटाले के आरोप में 26 मार्च 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद हैं । 

जनसेवा और क्षेत्र का विकास ही सरकार की प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने बुधवार को गोविंदपुरा वार्ड 53 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाते हुए नागरिकों का जीवनस्तर बेहतर बना रही है। राज्यमंत्री गौर ने कार्यक्रम में गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 53 में 35 लाख रुपये की लागत से हरिवंश विहार में बनने वाली सीसी सड़क निर्माण, ओम नगर में 10 लाख की लागत से बनने वाली नाली निर्माण, 7 लाख रुपए की लागत शंकराचार्य नगर पार्क में बाउंड्री वॉल एवं पेवर ब्लॉक लगाने के कार्यों का भूमिपूजन किया। गणेश पार्क संत आसाराम नगर में 10 लाख रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक का निर्माण कराया जाएगा। सागर रॉयल होम्स में एक्यूप्रेशर थेरेपी टाइल्स लगाने के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया, जिसकी लागत 4 लाख रुपए है। वार्ड स्थित दीपक नगर में 8 लाख रुपये की लागत से बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य भी किया जाएगा, जिसका भूमिपूजन बुधवार को राज्यमंत्री गौर ने किया। उन्होंने पुर्वासा नगर के रहवासियों को भी सौगात दी। यहां स्थित संगरीला पार्क में लगभग 9 लाख रुपये की लागत से बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य किया जाएगा। राज्यमंत्री गौर ने भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी निर्देशित किया। कार्यक्रम के दौरान मोनिका ठाकुर, शीला पाटीदार, श्री प्रताप वारे, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री रामबाबू पाटीदार, श्री प्रताप सिंह बैंस, श्री किशोर पटेल, श्री धर्मेंद्र पाटीदार, श्री ओमप्रकाश चौरसिया समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

इंदौर-उज्जैन तथा उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग निर्माण को मिला अनुमोदन पश्चिम भोपाल बायपास का परिवर्तित एलाइनमेंट अनुमोदित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के विचार को सार्थक करते हुए किसान हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क संग्रहण से छूट रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल कटाई में प्रयुक्त होने वाला कंबाइन हार्वेस्टर आवश्यक कृषि उपकरण है। टोल मार्गों पर टोल छूट दिए जाने से हार्वेस्टर की परिवहन लागत में कमी आएगी। जिसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उपज के मूल्य पर होगा, यह निर्णय कृषकों के लिए हितकर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अनुराग जैन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के नॉन एक्सेस कंट्रोल परियोजना के रूप में निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। संचालक मंडल ने पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को अनुमोदन प्रदान कर निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। बैठक में वार्षिक लेखों तथा अन्य प्रबंधकीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ तथा निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे,  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन  संदीप यादव तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम  भरत यादव उपस्थित थे।