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भगवान महावीर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बयान

भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिगंबर और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने दी है समाज सेवा को नई दिशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर में महावीर जयंती व्याख्यान में की सहभागिता चार वरिष्ठ समाजसेवियों को दिया महावीर अलंकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर संसार को सत्य, अहिंसा, असंचय, अपरिग्रह, त्याग और तपस्या का शाश्वत संदेश देने वाले करुणा के महासागर थे। भगवान महावीर ऐसे तीर्थंकर हैं, जिनसे हम सबको प्रेरणा मिलती है। ऐसे भगवान की जयंती हमें वर्षभर मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से करीब ढ़ाई हजार साल पहले भगवान महावीर स्वामी ने जो कहा था, वह आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है। जैन दर्शन की विशेषता है कि वह दूसरों को दबाने या डराने के बजाय, जिनेन्द्रिय़ों पर अर्थात् स्वयं पर विजय प्राप्त करता है। भगवान महावीर स्वामी ने भी स्वयं की इन्द्रियों को जीता है, इसलिये वे जिन महावीर कहलाये। आज पूरी दुनिया उनको पूजती है, उनके विचारों को मानती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महावीर के चरणों में वंदन कर प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर काल में राष्ट्र निर्माण में जैन समाज का अप्रतिम योगदान रहा है। आज ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित करना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है, जिन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने आचरण और व्यक्तित्व में उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण/सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान जिन् महावीर पर दिखाए सत्यमार्ग पर चलने वाले 4 वरिष्ठ समाजसेवियों चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, हंसमुख गांधी एवं संतोष कुमार जैन को 'महावीर अलंकरण' प्रदान किया। साथ ही सम्मानित समाजसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सच्चे अर्थों में जीवन में आत्मसात किया है। आपका आचरण और यह उपलब्धि दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन उच्च कोटि की समाज सेवा के जीवंत उदाहरण है। महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण समारोह के रूप में इन दोनों फेडरेशन्स का यह संयुक्त प्रयास अद्भुत संगठन शक्ति, समर्पण और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में चल रहे वैश्विक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि स्वहितों के लिए पूरे विश्व को विषम और असामान्य सी परिस्थितियों में ला देने वाले लोगों को भगवान महावीर के 'अहिंसा परमो धर्म:' सूत्र वाक्य को याद करना चाहिए। क्योंकि हिंसा और अराजकता का जबाव प्रतिकार नहीं, बल्कि करुणा और संयम ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीब 100 साल पहले विदेशियों को संबोधित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने बताया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और वे इसका अनुभव करते हैं। हमारे यहां गांव-देहात में रहने वाला सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि संध्या के समय पेड़-पौधों को स्पर्श नहीं करना चाहिए अथवा पत्तियों और पुष्पों को नहीं तोड़ना चाहिए। हमारे देश में चर-अचर जगत में सभी को सम्मान दिया जाता है। पृथ्वी को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और जैन दर्शन में पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच क्रमेन्द्रियां और मनुष्य के मन-मानस को विस्तार से परिभाषित किया गया है। जैन दर्शन में एकात्मवाद सहित उपवास, आत्मा, संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए। जैसा आहार होगा, वैसा ही हमारा मन और विचार होंगे। परमात्मा ने एक चीज हम सबको दी है और वह है ऑक्सीजन, जो हम सबके जीवन के लिए जरूरी है। आज हमारी ऊर्जा का स्रोत भी सात्विक होना चाहिए। इसीलिए हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को शिक्षाविद् स्वप्निल कोठारी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला एवं सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, हरिनारायण यादव, टीनू जैन, सूरज कैरो सहित जैन समाज के संतगण, दोनों ही फेडरेशन्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।  

विश्वसनीयता और जनसेवा से सशक्त हो मीडिया, राज्यपाल डेका का संदेश

रायपुर.  राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ माना गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक मिशन और साधना है। समाज का दर्पण कहलाने वाली पत्रकारिता ने सदैव जनता और सत्ता के बीच संपर्क-सेतु की भूमिका निभाई है और लोगों को जागरूक किया है। इसलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है।  राज्यपाल डेका आज भिलाई सेक्टर 4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया। राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर महिला पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया, जिसमें शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर, साक्षी सोनी शामिल है। इसी प्रकार समाज सेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग, सुनीता जैन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल डेका ने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के विस्फोट ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक तो बनाया है, लेकिन साथ ही विश्वास का गंभीर संकट भी खड़ा किया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर व्यक्ति ‘पत्रकार‘ बन चुका है और सत्यापन से पहले ही समाचार वायरल हो जाते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज‘ और ‘डीपफेक‘ ने सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली कर दी है। इन सबके बीच आज भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। राज्यपाल डेका ने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा। एक स्वस्थ पत्रकारिता ही एक स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने इस चौथे स्तंभ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर दुबे, सचिव सतीश बौद्ध एवं अन्य पदाधिकारी और राजाराम त्रिपाठी, प्रो. संजय त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज सहित बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकार उपस्थित थे।

मन की बात: सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की पहल, राज्यपाल पटेल ने की सराहना

‘मन की बात’ सकारात्मक सोच बनाने की पहल : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ राज्यपाल ने 11 आत्मनिर्भर दिव्यांगों का किया सम्मान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों से प्रेरणा प्राप्त करने की पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक दूरदर्शी नेता और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व हैं, जिन्हें ईश्वर ने समानुभूति और सहानुभूति की दिव्य भावनाएँ प्रदान की हैं। यह उनका नेतृत्व है, जिसने शारीरिक कमियों को देखने की समाज की सोच को ‘दिव्यांग’ की उपमा से विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने में परिवर्तित किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम नवाचार और चुनौतियों का आगे बढ़कर सामना करने की सकारात्मक सोच निर्माण की अभूतपूर्व पहल है। राज्यपाल पटेल ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कही। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण रविवार को अंजनी सभागार, रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने कार्यक्रम में आत्मनिर्भर 11 दिव्यांगों को सम्मानित किया। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा विशेष बच्चों के लिए संचालित ‘उमंग विशेष विद्यालय’ की 20वीं वर्षगाँठ पर किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियाँ दिव्यांगों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की दिव्यता का प्रमाण हैं, जो यह दर्शाती हैं कि शारीरिक सीमाएँ हौसलों को रोक नहीं सकतीं। सामान्य जन, जो मामूली बातों में निराश हो जाते हैं, उनके लिए ये प्रस्तुतियाँ प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि देश की प्रगति के लिए समाज में समान अवसर, सहयोग और परस्पर सम्मान की सामूहिक भावना आवश्यक है। राज्यपाल कहा कि प्रधानमंत्री ने दिव्यांग भाई-बहनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की हैं। सार्वजनिक भवनों, परिवहन और सूचना तंत्र तक दिव्यांगजनों की सुलभ और बाधा-मुक्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘सुगम्य भारत अभियान’ चलाया गया है। ‘सुगम्य भारत’ अभियान न केवल भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता, बल्कि समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव और समावेशी सोच के विकास का भी प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व ‘आत्मनिर्भर दिव्यांग सम्मान’ से बौद्धिक, शारीरिक निःशक्तता, श्रवण बाधित, डाउन सिंड्रोम, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम तथा दृष्टि बाधित दिव्यांगों को सम्मानित किया। सम्मानितों में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग में कार्यरत सुप्रिया शर्मा, अमित मुरजानी, जीएसटी विभाग में कार्यरत शुभम मेहरा, लोकभवन में कार्यरत अजय सैनी, संस्कृति विभाग में कार्यरत सुमधु तिवारी, शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में कार्यरत प्रथम आईआईटी शिक्षित दिव्यांग प्रखर कुमरावत, ताज लेक फ्रंट में कार्यरत सुस्तुति नितिन जोशी, अमेरिकन बैंक में कार्यरत अमन बुंदेला, गायिका सुरूचिका पांडेय तथा क्याकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी सुपूजा गर्ग शामिल थीं। दिव्यांग बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, ‘इचक दाना बीचक दाना’ गीत और ‘डूबी-डूबी’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का स्वागत पौधा एवं शाल भेंट कर किया गया। स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संचालिका श्रीमती दीप्ति पटवा द्वारा स्वागत उद्बोधन में बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांगजनों की शिक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सेज समूह के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल और रविन्द्र यति मंचासीन थे।  

बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने ममता सरकार और बंगाल चुनाव पर साधा निशाना

बिहार  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया। इस विशेष संबोधन को सुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों में नेताओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। बिहार सरकार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के विचारों को सुना और इस कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। ​ देश की समस्याओं और उपलब्धियों का प्रतिबिंब ​उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की चुनौतियों और गौरवशाली उपलब्धियों पर चर्चा का एक सशक्त मंच है। उन्होंने साझा किया कि भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता पूरे महीने इस संबोधन का बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि इसमें जमीनी मुद्दों को वैश्विक मंच मिलता है। इस बार प्रधानमंत्री ने वॉटर हार्वेस्टिंग (जल संचयन) की आवश्यकता और मछुआरों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ​ वैश्विक संकट और भारत की एकजुटता ​मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में उपजे वर्तमान भू-राजनीतिक संकट पर बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भी देश के सामने ऐसी बाहरी चुनौतियां आती हैं, भारत के नागरिक अपनी वैचारिक भिन्नताओं को भूलकर एकजुट हो जाते हैं। संकट के समय देश की यह एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ​ पश्चिम बंगाल चुनाव और ममता सरकार पर प्रहार ​पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए उद्योग मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में अब तक आतंक और धांधली के बल पर सत्ता हासिल की जाती रही है। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों को वोट देने से रोका जाता था, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। जायसवाल के अनुसार, ममता बनर्जी की वर्तमान मनोदशा यह संकेत दे रही है कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन के मूड में है और वहां तृणमूल कांग्रेस की वापसी की संभावनाएं धूमिल हो रही हैं।

भोपाल एयरपोर्ट का बड़ा बदलाव: अब अलग फ्लोर पर होगा आगमन-प्रस्थान, बढ़ेगी सुविधा और घटेगी भीड़

भोपाल. भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए बड़ी सौगात दी गई है। अब यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जहां आगमन (अराइवल) और प्रस्थान (डिपार्चर) की व्यवस्था अलग-अलग फ्लोर पर की गई है। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को आसान आवाजाही, कम भीड़ और बेहतर अनुभव मिलेगा। घरेलू उड़ानों का आगमन अब लोअर ग्राउंड फ्लोर से होगा, जबकि प्रस्थान पहले की तरह मौजूदा लेवल से जारी रहेगा। इन नई सुविधाओं का शुभारंभ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu ने राजकोट से वर्चुअल माध्यम से किया। यह कार्यक्रम देशभर में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में चल रहे अभियान का हिस्सा है। नई सुविधाओं से बदलेगा यात्रियों का अनुभव एयरपोर्ट पर नए घरेलू अराइवल हॉल, आधुनिक फायर स्टेशन और डिजी यात्रा सुविधा की शुरुआत की गई है। नए अराइवल हॉल में यात्रियों को अधिक स्पेस, बेहतर व्यवस्था और तेज बैगेज सिस्टम मिलेगा, जिससे एयरपोर्ट पर लगने वाला समय कम होगा। उद्घाटन के बाद मुंबई से आई Air India की फ्लाइट के 174 यात्रियों को नए अराइवल हॉल से बाहर निकाला गया। पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी और अन्य अधिकारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। डिजी यात्रा सुविधा लागू होने से अब यात्री फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए बिना कागजी प्रक्रिया के, तेज और कॉन्टैक्टलेस तरीके से यात्रा कर सकेंगे। इससे सुरक्षा जांच और एंट्री प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था हुई और मजबूत एयरपोर्ट पर शुरू किए गए नए फायर स्टेशन से सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा बल मिला है। इसमें अत्याधुनिक एआरएफएफ (Aircraft Rescue and Fire Fighting) सिस्टम लगाया गया है, जिससे एयरपोर्ट की फायर कैटेगरी CAT-VII से बढ़ाकर CAT-IX तक की जा सकेगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में तेजी से और प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। कार्यक्रम के दौरान फायर एंड रेस्क्यू टीम ने वॉटर कैनन सलामी देकर अतिथियों का स्वागत किया। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा और महापौर मालती राय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं राजकोट में हुए मुख्य कार्यक्रम में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन विपिन कुमार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा भी शामिल हुए। इस नई व्यवस्था के साथ भोपाल एयरपोर्ट अब आधुनिक एयरपोर्ट्स की श्रेणी में शामिल हो गया है। आने वाले समय में बढ़ती उड़ानों और यात्रियों की संख्या को संभालने में यह बदलाव अहम साबित होगा, साथ ही यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।  

झारखंड के साहिबगंज में शुरू हुआ विशेष टीकाकरण अभियान 14 साल की बेटियों को मिलेगी सुरक्षा

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले के संयुक्त स्वास्थ्य भवन सभागार में शनिवार को सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिले की 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी 14 हजार 394 बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रविवार से एचपीवी टीका लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि टीका केवल उन बच्चियों को लगाया जायेगा, जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक नहीं है. जिले के सभी स्कूलों में अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बैठक कर जानकारी दे दी गयी है. अभिभावकों से सहमति-पत्र भी लिया जा रहा है, जिससे बच्चियों का टीकाकरण किया जा सके. प्रिंसिपल, क्लास टीचर और अभिभावकों की उपस्थिति में ही बच्चियों को वैक्सीन दी जाएगी. कैसे किया जाएगा टीकाकरण पहले चरण में साहिबगंज जिले के आठ सीएचसी में टीकाकरण किया जायेगा. इसके लिए मॉनिटरिंग कमेटी और रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान 30 मार्च से अगले तीन माह तक चलेगा. रविवार से शुरुआत साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र स्थित पटेल चौक के पास एमसीएच में 29 मार्च 2026 रविवार सुबह 11 बजे डीसी हेमंत सती समेत अन्य अधिकारी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर दिया है. टीकाकरण का लक्ष्य     सीएचसी बरहेट: 1551     सीएचसी बोरियो: 2181     सीएचसी पतना: 1030     अनुमंडल अस्पताल राजमहल: 2094     सीएचसी सदर: 2037     सीएचसी तालझारी: 979     सीएचसी उधवा:2251     कुल/ 14394  

पाम संडे पर प्रार्थना और जुलूस, देश-विदेश में शांति की कामना

भोपाल. पाम संडे के अवसर पर ईसाई समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दिन को प्रभु यीशु मसीह के यरुशलम प्रवेश की स्मृति में मनाया गया, जहां लोगों ने एक स्वर में खुद को प्रभु का सेवक बताते हुए सामूहिक प्रार्थना की। पूरे समुदाय ने देश-विदेश में शांति, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हुए एकजुटता का संदेश दिया। खजूर की डालियों के साथ निकली रैली इस अवसर पर बेथलम चर्च बरखेड़ी फाटक से चर्च तक एक भव्य रैली निकाली गई। श्रद्धालुओं ने हाथों में खजूर की डालियां थामकर प्रभु यीशु के स्वागत की परंपरा को जीवंत किया। रैली के दौरान भक्ति गीतों और ‘होस्ना’ के नारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जिससे समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। प्रभु यीशु के संदेश का स्मरण कार्यक्रम के दौरान विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें पास्टर धूलिया ने प्रभु का वचन सुनाया। उन्होंने बताया कि लगभग 2000 वर्ष पहले इसी दिन प्रभु यीशु ने यरुशलम में प्रवेश किया था, जहां लोगों ने खजूर की डालियां बिछाकर उनका स्वागत किया था। यह दिन विनम्रता, प्रेम और सेवा के भाव को याद करने का प्रतीक है। बच्चों ने प्रस्तुत की विशेष प्रस्तुति चर्च में बच्चों द्वारा प्रभु यीशु मसीह के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान ‘होस्ना’ के जयकारों के साथ वातावरण और अधिक श्रद्धामय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सभी ने मिलकर एकता और भाईचारे का संदेश दिया। शांति और एकता के लिए सामूहिक प्रार्थना भोपाल के विभिन्न गिरजाघरों में भी इसी तरह के आयोजन किए गए, जहां बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग एकत्रित हुए। सभी ने मिलकर विश्व में चल रहे संघर्षों के समाप्त होने और समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रार्थना की। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सकारात्मक संदेश देने का माध्यम भी बना।

मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान और बेअदबी के दोषियों को होगी उम्रकैद

फतेहगढ़ साहिब सरहिंद की नई अनाज मंडी में आयोजित एक विशाल राज्य स्तरीय समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाबवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा तोहफा दिया। इस अवसर पर राज्य में 100 नए आम आदमी क्लीनिक (मोहल्ला क्लीनिक) की शुरुआत की गई। समारोह को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 4 वर्षों में राज्य में 881 क्लीनिक बनाए गए थे और आज 109 और क्लीनिक जुड़ने से यह संख्या 990 हो गई है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में 400 और क्लीनिक बनाकर पंजाब में कुल 1500 मोहल्ला क्लीनिक चालू किए जाएंगे, ताकि हर गांव और मोहल्ले में मुफ्त इलाज मिल सके। केजरीवाल ने भावुक होते हुए अपने भाषण की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान की बेटी नियामत कौर को जन्मदिन की बधाई देकर की और जनता से उसे आशीर्वाद देने की अपील की। बेअदबी के दोषियों पर सख्त कार्रवाई: विधानसभा का विशेष सत्र मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंच से एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बेअदबी के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 13 अप्रैल (बैसाखी) को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इसमें 2008 के एक्ट में संशोधन कर बेअदबी करने वालों के लिए कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान किया जाएगा।

सफलता की नई उड़ान बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजों में छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं

बिहार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक (10वीं) का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड कार्यालय से आधिकारिक रूप से नतीजे घोषित किए। इस साल कुल 12,35,743 विद्यार्थी सफल रहे हैं, जिससे कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा। बिहार बोर्ड ने लगातार 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी कर अपना ही रिकॉर्ड कायम रखा है। ​ दो बेटियों ने किया स्टेट टॉप ​इस वर्ष मेरिट लिस्ट में लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। वैशाली की सबरीन प्रवीण और जमुई (सिमुलतला स्कूल) की पुष्पांजलि कुमारी ने संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दोनों टॉपरों ने 500 में से 492 अंक हासिल किए हैं। राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार, स्टेट टॉपर को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। ​ छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं ​एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। जहां 6,01,390 छात्र सफल हुए, वहीं सफल छात्राओं की संख्या 6,34,353 रही। टॉप-10 की सूची में इस बार जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गई है, जिसमें कुल 139 स्टूडेंट्स ने अपनी जगह बनाई है। इनमें से टॉप-5 में 13 विद्यार्थी शामिल हैं। मोबाइल पर ऐसे देखें परिणाम ​छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स biharboardonline.bihar.gov.in या results.biharboardonline.com पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना स्कोर जान सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में BIHAR10 टाइप कर 56263 पर भेजें।

असम की पिंकी बोरो को रजत और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके को कांस्य

रायपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86$ किलोग्राम वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस स्पर्धा में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज़ोसांगज़ुआली ने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने मिजोरम को गौरवान्वित किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में किया जा रहा है। असम की पिंकी बोरो ने शानदार प्रयास करते हुए कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने भी दमदार खेल दिखाते हुए कुल 86 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 39 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 47 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता में त्रिपुरा की ट्विस्मु जमातिया चौथे स्थान पर रहीं, जिन्होंने कुल 77 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता की खास बात यह रही की सभी खिलाड़ियों ने युवा आयु में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। आयोजन स्थल पर दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और ऊर्जा दे रहा था।