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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरिया मॉडल को जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उदाहरण बताया

जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने की सराहना कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण कोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है। इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं। पृष्ठभूमि कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।  कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा “जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं। सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।  2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण) जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।) भूजल स्तर में सुधार CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।  2026 में प्रगति 20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं। कलेक्टर का वक्तव्य जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा— “कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।” कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेल बजट में की 1791 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि

चंडीगढ़  पंजाब के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्पर्धा की मेजबानी करेगा। राज्य में पुरुष एशियाई चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एशिया की शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस टूर्नामेंट का पहला मैच 26-27 अक्टूबर को खेला जाएगा। सभी मैचों का आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें जालंधर और चंडीगढ़ के बीच आवागमन के लिए विशेष बसें, उच्च स्तरीय सुरक्षा और बेहतरीन होटलों में ठहरने की व्यवस्था शामिल है। खिलाड़ियों के लिए सौगातों की बौछार खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। महिला विश्व कप टीम का हिस्सा रहीं पंजाब की तीन महिला खिलाड़ियों को 1.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। खिलाड़ियों का दैनिक डाइट भत्ता बढ़ाकर 480 रुपये कर दिया गया है। साथ ही खिलाड़ियों के लिए विशेष शेफ नियुक्त किए जाएंगे। खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये के नकद इनाम बांटे गए हैं। खेल बजट में भारी बढ़ोतरी मुख्यमंत्री मान ने बताया कि राज्य का खेल बजट 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कोचों की संख्या भी 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब अब अपनी क्रिकेट लीग का आयोजन BCCI के सहयोग से करने जा रहा है। इसके अलावा, 44 साल बाद पंजाब को अंडर-13 बैडमिंटन नेशनल की मेजबानी भी मिली है, जो जालंधर में आयोजित होगी। केंद्र पर साधा निशाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मान ने केंद्र सरकार पर फंड रोकने का आरोप लगाते हुए तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि अगर पदकों के लिए भी वोट पड़ते, तो केंद्र सरकार खिलाड़ियों को भी सारी सुविधाएं देना शुरू कर देती। यदि स्वर्ण पदक के लिए 20,000 और रजत के लिए 10,000 वोट तय होते, तो उनका खिलाड़ियों के प्रति प्रेम अलग होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब केवल अपना हक मांग रहा है।

अमृतसर एयरपोर्ट पर 1 अप्रैल से रनवे की मरम्मत, उड़ानें दोपहर 12:45 से रात 9:45 तक रहेंगी बंद, सितंबर तक रहेगा असर

अमृतसर  अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 1 अप्रैल से रनवे मरम्मत का कार्य शुरू होगा। इस कारण हवाई अड्डे पर रोजाना दोपहर 12:45 बजे से रात 9:45 बजे तक उड़ान संचालन बंद रहेगा। यह व्यवस्था सितंबर माह तक जारी रहने की संभावना है। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में बड़े विमानों की आवाजाही को सुगम और उड़ान संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है। इस मरम्मत कार्य से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें प्रभावित होंगी। घरेलू उड़ानों में अमृतसर से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए संचालित होने वाली उड़ानें शामिल हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय सेक्टर में दुबई, शारजाह और दोहा जैसी जगहों की उड़ानें भी प्रभावित होंगी। एयरलाइंस के समय में हो सकता है बदलाव इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइस जेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस अपनी उड़ानों के समय में बदलाव कर सकती हैं या उन्हें रद्द करने का निर्णय ले सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए अधिकतर उड़ानों को सुबह या देर रात के समय संचालित करने की योजना बनाई गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें। साथ ही, उन्हें हवाई अड्डे पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। रनवे मरम्मत का यह कार्य आने वाले महीनों तक जारी रहेगा, जिससे उड़ान संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।  

अमृतसर में मिली जाली नोटों की खेप, पाकिस्तान अब ड्रग्स और हथियारों के बाद नकली नोट भी भेज रहा

अमृतसर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से भेजी गई ढाई लाख की जाली करंसी से सु्रक्षा एजेंसियों में खासी अफरातफरी है। बताया जा रहा है कि भारत में नवंबर 2018 में हुई नोटबंदी के बाद पाकिस्तान ने इस नकली करंसी को पहली बार भारतीय हद में गिराया है। अभी तक हेरोइन व हथियार धड़ल्ले से आईएसआई द्वारा भेजे जाते थे। अब जाली करंसी का भारतीय हद में गिराना काफी खतरनाक माना जा रहा है। खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय अर्थ व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए आईएसआई पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों भारत की नकली करंसी बड़े स्तर पर छापने की तैयारी में है। ताकि नकली नोटों को भारत में असली नोटों के साथ चलाया जा सके। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी है। गौर रहे इससे पहले आइईडी, आरडीएक्स, ग्रेनेड, राकेट प्रीपेलर ग्रेनेड (आरपीजी), पिस्तौल, कारतूस और हेरोइन की बड़ी खेप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय हद में लगातार गिरा रही है। बीएसएफ ने वीरवार की रात घरिंडा क्षेत्र के साथ लगते इलाके से ढाई लाख की जाली करंसी बरामद की थी।

भोपाल में अवकाश की तारीख में बदलाव, 30 मार्च को सार्वजनिक अवकाश, 31 मार्च से खुलेगा दफ्तर

भोपाल  भोपाल जिला प्रशासन ने महावीर जयंती के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश में संशोधन करते हुए नई तारीख जारी कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब भोपाल जिले में 31 मार्च 2026 (मंगलवार) के स्थान पर 30 मार्च 2026 (सोमवार) को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। आदेश में बताया गया है कि मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देशों तथा स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। पहले कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए घोषित अवकाश सूची में महावीर जयंती पर 31 मार्च को अवकाश निर्धारित था, जिसे अब संशोधित कर 30 मार्च कर दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार 31 मार्च 2026 (मंगलवार) को सभी शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं पूर्ववत खुले रहेंगे और सामान्य कार्य होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।    बता दें इससे पहले सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया था। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कलेक्टर को अवकाश के संबंध में निर्णय लेने की बात कही थी। दरअसल सामाजिक संगठन महावीर जयंती का अवकाश 30 मार्च को घोषित करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद जीएडी ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार महावीर जयंती के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2026 मंगलवार को घोषित अवकाश के स्थान पर 30 मार्च 2026 सोमवार को अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया।  

सहमति पर आधारित संबंध पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की टिप्पणी, कहा—यह रेप की श्रेणी में नहीं

बिलासपुर. हाईकोर्ट में रेप के आरोपी को दोषमुक्ति किये जाने के खिलाफ अपील पेश करने अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर पेश याचिका लगाई गई थी. कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता है. इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही ठहराया है. दरअसल, बेमेतरा जिला निवासी रेप पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट से आरोपी के बरी होने के खिलाफ अपील प्रस्तुत करने अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. जिसमें कहा गया कि वह एक एग्रीकल्चरल कॉलेज में मजदूरी करने जाती थी. वहां गांव के दूसरे लोग भी काम करने जाते हैं. गांव का एक आदमी, यानी आरोपी भी वहां काम के लिए जाता था. 19.06.2022 को आरोपी ने उससे बात करना शुरू किया और कहा कि वह उससे शादी करेगा, उसे रानी की तरह रखेगा, और शादी का वादा करके उसे बहलाया. याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने उसे बार-बार शादी का वादा करके फुसलाया और उससे फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा. 25.07.2022 को सुबह करीब 4:00 बजे, जब शिकायतकर्ता शौच के लिए जा रही थी, तो आरोपी उससे मिला और फिर कहा कि वह उससे शादी करेगा और फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा. शिकायतकर्ता ने उसकी बातों को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ी, लेकिन उसी समय लाइट चली गई, और आरोपी उसे अपने घर ले गया एवं संबंध बनाया. जब आरोपी संबंध बनाया तो वह तीन माह के गर्भ से थी. लोक लॉज के भय से उसने घटना के संबंध में किसी को नहीं बताया. बाद में पति के पूछने पर घटना की जानकारी दी, इसके बाद मामले की रिपोर्ट लिखाई गई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. ट्रायल कोर्ट ने गवाहों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किया. इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने सुनवाई उपरांत अपने आदेश में कहा गवाहों के बयानों को देखने से यह साफ़ है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साफ तौर पर साबित हो सके कि आरोपी ने पीड़ित को जान से मारने या चोट लगने का डर दिखाकर उसकी सहमति ली थी. इस केस में ऐसा कोई सबूत भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि विक्टिम ने अपनी सहमति इसलिए दी क्योंकि उसे लगता था कि कानूनी तौर पर शादीशुदा है. इसके उलट, विक्टिम पहले से ही किसी दूसरे व्यक्ति से शादीशुदा थी और प्रेग्नेंट भी थी. इस केस में यह भी साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि विक्टिम की उम्र 18 साल से कम थी. इसके अलावा, यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि विक्टिम अपनी सहमति नहीं बता पाई थी. विक्टिम के कोर्ट में दिए गए बयानों को देखने से यह साफ है कि आरोपी ने सहमति से विक्टिम के साथ फिजिकल रिलेशन बनाए थे. एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता है. इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज किया है.

पंजाब में 31 मार्च को सरकारी छुट्टी, सभी स्कूल, कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब में 31 मार्च दिन मंगलवार को सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इस दिन राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। असल में, पंजाब सरकार के कैलेंडर के अनुसार, मंगलवार, 31 मार्च को महावारी जयंती मनाई जा रही है। इस दिन राज्य में पब्लिक हॉलिडे रहेगा और सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। इससे पहले, गुरुवार, 26 मार्च को भी रामनवमी के त्योहार के कारण राज्य में पब्लिक हॉलिडे घोषित किया गया था। अब, एक और सरकारी छुट्टी 31 मार्च को आई है।   महावीर जयंती जैन समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर देश के कई राज्यों में सरकारी अवकाश घोषित किया जाता है, जिससे स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। भगवान महावीर ने अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश दिया, जो आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। यही वजह है कि महावीर जयंती केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि समाज को नैतिकता और शांति का संदेश देने वाला दिन भी है। महावीर जयंती 2026 के अवसर पर देशभर के कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टी रहेगी।  महावीर जयंती दिल्ली और उत्तर प्रदेश, दोनों की आधिकारिक छुट्टियों की सूची में शामिल है, जिसका अर्थ है कि इस दिन शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों के छुट्टियों के कैलेंडर भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस दिन आमतौर पर शैक्षणिक संस्थान बंद रहते हैं। क्या सभी राज्यों में छुट्टी होगी? यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ राज्यों में जहां जैन समुदाय की जनसंख्या कम है या जहां क्षेत्रीय त्योहारों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है, वहां इस दिन 'प्रतिबंधित अवकाश' भी हो सकता है। ऐसे में स्कूल खुले रह सकते हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों में छुट्टियों का स्वरूप उत्तर भारत से अलग हो सकता है। अभिभावकों और छात्रों के लिए संदेश मार्च के अंत में अक्सर कई स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होती है या पुरानी कक्षाओं के रिजल्ट घोषित किए जा रहे होते हैं। ऐसे में छुट्टी की खबर छात्रों के लिए राहत भरी हो सकती है। अभिभावकों को किसी भी प्रकार के भ्रम से बचने के लिए संबंधित स्कूल प्रशासन के संपर्क में रहना चाहिए। 

वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग ने जीते ओवरऑल चैम्पियन का खिताब

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026   वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्य रायपुर  इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा। वहीं पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

यति नरसिंहानंद ने कहा- गांधी समाज के लिए जहर, गोडसे ने गांधी का वध किया

ग्वालियर जूना अखाड़ा डासना के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी रविवार को ग्वालियर पहुंचे। यहां वे हिन्दू महासभा कार्यालय पहुंचे और पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान देते हुए उन्हें समाज के लिए नुकसानदायक बताया और नाथूराम गोडसे द्वारा की गई हत्या को वध करार दिया। नाथूराम गोडसे को बताया ‘बलिदानी’ पत्रकारों से बातचीत के दौरान यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे अपने सहयोगी जयवीर भारद्वाज के निमंत्रण पर गोडसे से जुड़े स्थल पर पहुंचे और वीर सावरकर की प्रतिमा को नमन किया। उन्होंने हिन्दू महासभा भवन आने को भी अपने लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अगर हम सावरकर जी के सिद्धांतों पर नहीं चलेंगे तो सनातन धर्म बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा। अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी वह व्यक्ति थे जिन्होंने सावरकर के बताए हुए रास्ते पर चलकर जैसे हजारों बलिदानियों ने, हजारों क्रांतिकारीयों ने सावरकर जी की बातों को माना, उसी तरह वीर, वीर विनायक सावरकर जी की बात को अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी ने भी माना और गांधी का वध किया। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी बोले- गांधी समाज के लिए जहर महामंडलेश्वर ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत का पहला अमूल्य बलिदान था, जो सनातन धर्म की रक्षा के लिए दिया गया। उनके अनुसार, नाथूराम गोडसे एक विचार पुंज हैं और यदि सनातन धर्म व हिंदू समाज उनका सही मूल्यांकन नहीं करेगा, उन्हें नहीं समझेगा, तो हिंदू समाज बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधी समाज के लिए जहर हैं। उनके मुताबिक, गांधी और उनके जैसे नेता अपने लोगों को दूसरों के लिए धोखा देते हैं, जबकि नाथूराम गोडसे उस नस्तर की तरह हैं, जिससे उस कैंसर और जहर का इलाज किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्मियों की ओर से अब तक नाथूराम गोडसे के साथ जो हुआ, उसके लिए वे उनसे क्षमा प्रार्थी हैं। हर घर में गोडसे की प्रतिमा होनी चाहिए पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आगे कहा कि, मैं इसकी निंदा करता हूं। क्या लगता है इसका मंदिर बनेगा? बनना चाहिए। हर सनातनी, हर जीवित हिंदू के घर में नाथूराम गोडसे जी की प्रतिमा होनी चाहिए। उनकी फोटो होनी चाहिए, उनकी तस्वीर होनी चाहिए। लेकिन सब कई बार तो विरोध हुआ है। देखिए, विरोध तो गद्दार करते ही हैं। गांधीवाद देश को बर्बाद करने का नाम है। गांधीवाद धर्म को बर्बाद करने का नाम है। गांधीवाद हिंदू समाज से विश्वासघात का नाम है। लेकिन गांधीवाद से नेताओं को खुलकर अय्याशी करने का मौका और अपनी अय्याशी को छुपाने का मौका मिलता है। वीर सावरकर जी और नाथूराम गोडसे जी सनातन धर्म की सबसे प्रज्वलित अग्नि है। अगर आप उनके विचारों को अपनाएंगे तो आपको आत्मबलिदान देना पड़ेगा। जो लोग आत्मबलिदान देना नहीं चाहते, जो सुविधाओं को भोगना चाहते हैं वो वीर विनायक दामोदर सावरकर जी के और नाथूराम गोडसे जी के कट्टर विरोधी हैं, तो वो तो विरोध करेंगे। उनका विरोध इंपोर्टेंट नहीं है। जरूरी यह है कि उनके विचारों के मानने वालों ने क्या किया और जो भी गोडसे जी का विरोध करते हैं वो सभी निंदनीय हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।

निलंबित DIG भुल्लर का मोबाइल जांच में आया सामने, कई अफसरों की संदिग्ध चैट मिली

चंडीगढ़  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के निलंबित डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर के मोबाइल में आई.ए.एस. और आई.पी.एस. के साथ संदिग्ध चैट मिली है। चैट पैसों का लेन-देन और अवैध कामों में शामिल है। सी.बी.आई. ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सी.बी.आई. की डी.एस.पी. सोनाली ने मामले में अर्जी सी.बी.आई. की विशेष अदालत में दर्ज की है। सी.बी.आई. ने कहा कि भुल्लर के साथ पंजाब सरकार के कई अफसर अवैध कामों में शामिल हैं। चैट सी.बी.आई. को भुल्लर के मोबाइल फोन और लैपटॉप में मिले हैं। सी.बी.आई. ने भुल्लर का मोबाइल फोन और लैपटॉप जांच के लिए सी.एफ.एस.एल. भेज दिया है। सी.बी.आई. ने भुल्लर के साथ अवैध कामों में शामिल करीब 30 लोगों की लिस्ट बना ली है। इनमें डी.एस.पी. से लेकर आई.पी.एस. तक शामिल हैं। सी.बी.आई. के अधिकारियों ने कहा कि उनकी टीम जल्द ही भुल्लर के साथ अवैध कारोबार और पैसों के लेन-देन में शामिल अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाएगी और उन्हें पुलिस जांच में शामिल होने के लिए सम्मन भेजेगी। जांच एजैंसी के अनुसार यह मामला पिछले वर्ष दर्ज भ्रष्टाचार केस से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरैंसिक जांच, व्हाट्सएप चैट, पूछताछ और दस्तावेजों से कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के सबूत मिले हैं। सी.बी.आई. का दावा है कि आरोपी अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर निजी लोगों को लाभ दिलाने के बदले रिश्वत लेते थे। इससे पहले भुल्लर की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है और वे फिलहाल चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं। बता दें कि 6 अक्तूबर, 2025 को भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भुल्लर के ठिकानों से 2 किलो के करीब सोना, साढ़े 7 करोड़ कैश समेत काफी सामान बरामद किया गया था। 13 मार्च को सी.बी.आई. कोर्ट ने भुल्लर और कृष्णु शारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में संज्ञान लेते हुए ट्रायल शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। पिछले महीने ही भुल्लर के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी ली गई थी। भुल्लर से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले सी.बी.आई. ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। सी.बी.आई. सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वैस्टमैंट करते हैं। इस पूछताछ में सी.बी.आई. को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 आई.पी.एस. और 4 आई.ए.एस. अधिकारी थे। सी.बी.आई. ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 आई.पी.एस. में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 आई.ए.एस. अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद सी.बी.आई. ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमैंट्स जब्त किए थे।