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6 बेटियों के पिता की अपील रंग लाई: CM सैनी के निर्देश पर 2 घंटे में मिला गैस सिलेंडर

फरीदाबाद. फरीदाबाद के मुजेसर क्षेत्र के आजाद नगर की झुग्गियों में रहने वाले एक परिवार ने सिलेंडर के लिए सीएम से गुहार लगाते हुए अपनी समस्या सोशल मीडिया पर उठाई है। परिवार के मुखिया ओम कुमार ने रसोई गैस सिलेंडर न मिलने की परेशानी को लेकर हरियाणा के सीएम से मदद की अपील की थी। सीएम से मद की अपील के कुछ देर बाद ही व्यक्ति के घर गैस सिलेंडर पहुंचा दिया गया है, जिसके बाद उसने सीएम का धन्यवाद जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मैसेज लिखकर अपनी स्थिति बताई और कहा कि उनके घर में कई दिनों से गैस खत्म हो चुकी है। जिससे परिवार के सामने भोजन बनाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सोशल मीडिया पर सीएम को भेजी समस्या परेशान होकर ओम कुमार ने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को सोशल मीडिया के जरिए अपनी समस्या बताई है। उन्होंने सीएम कार्यालय सीएमओ हरियाणा को भी संदेश भेजकर मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने यह भी लिखा कि 24 मार्च को उन्होंने गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग करवाई थी और उन्हें 27 मार्च की तारीख दी गई थी। लेकिन जब वह सिलेंडर लेने पहुंचे तो एजेंसी ने उन्हें 10 अप्रैल की नई तारीख दे दी। उन्होंने सीएम से आग्रह करते हुए लिखा कि उनके परिवार में 6 बेटियां हैं और अगर जल्द सिलेंडर नहीं मिला तो उनके परिवार को भूखे रहने की नौबत आ सकती है। ओम ने परिवार के साथ तस्वीर की शेयर ओम कुमार ने एक और संदेश में अपनी पत्नी और 6 बेटियों के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनकी बेटियों का चेहरा देखकर उनकी मदद की जाए। उन्होंने लिखा कि अगर उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिला तो वह अपने परिवार को खाना कैसे खिलाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी की ओर से उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है, इसलिए सरकार से मदद की उम्मीद है।

चैत्र नवरात्र पर मनेन्द्रगढ़ में भक्ति की बयार: प्रभात फेरी में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मनेन्द्रगढ़ में इन दिनों गहरा भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय में प्रतिदिन आयोजित हो रही प्रभात फेरी में सैकड़ों श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर शहर की गलियों को भजन-कीर्तन से गुंजायमान कर रहे हैं। प्रभात फेरी का शुभारंभ राम मंदिर से होता है, जहां से श्रद्धालु "जय राम" के जयघोष के साथ शहर के विभिन्न मोहल्लों में भ्रमण करते हैं। हर दिन अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली इस फेरी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने का अवसर मिल रहा है। जगह-जगह हो रहा भव्य स्वागत प्रभात फेरी के दौरान शहर के अनेक स्थानों पर स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का फूलों की वर्षा कर स्वागत करते हैं। साथ ही जलपान की भी व्यवस्था की जाती है, जिससे पूरे आयोजन में उत्सव जैसा माहौल बना रहता है। इस धार्मिक आयोजन में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रभात फेरी का समापन   प्रतिदिन राम मंदिर में होता है, जहां विधिवत पूजा-अर्चना और आरती संपन्न होती है। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया जाता है तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाती हैं। राम मंदिर के सचिव रघुनाथ पोद्दार ने बताया कि आयोजन समिति द्वारा प्रभात फेरी को अनुशासित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को भी सुदृढ़ कर रहा।

आस्था की यात्रा शुरू: रामलला दर्शन के लिए भारत गौरव ट्रेन रवाना, CM सैनी करेंगे शुभारंभ

अंबाला. मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत 28 मार्च को अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। इस ट्रेन को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन से 28 मार्च को बाद दोपहर 4 बजे अम्बाला से अयोध्या के लिए स्पेशल ट्रेन जाएगी तथा यहां से अम्बाला, पंचकूला व यमुनानगर के श्रद्धालु जिन्होंने सरल पोर्टल पर पंजीकरण किया था वे यहां से अयोध्या यात्रा के लिए रवाना होंगे। मंडल वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए मैसेज कर दिया गया है। रेलवे विभाग से आए अधिकारियों को स्टेशन की साफ-सफाई व्यवस्था बारे, आईआरसीटीसी रेलवे से आए सम्बन्धित को ट्रेन से सम्बन्धित डैकोरेशन व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन में जलपान की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य कार्य करने बारे, रेलवे जीआरपी से आए सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्था करने बारे, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 28 मार्च के दिन स्टेशन परिसर में हैल्प डैस्क की व्यवस्था करने बारे, स्टेशन परिसर से श्रद्धालुओं को ट्रेन में ले जाने के लिए वॉलंटियर्स की व्यवस्था करने  अम्बाला छावनी एसडीएम कार्यक्रम स्थल का जायजा ले रहें है ताकि जो भी व्यवस्थाएं कार्यक्रम के दृष्टिगत करनी है वे समय रहते होनी सुनिश्चित हो सके। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के पात्र बुजुर्ग श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों की निशुल्क तीर्थ यात्रा करवाने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की गई है। इसी कड़ी में अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या के लिए विशेष ट्रेन 28 मार्च को चलेगी। यह ट्रेन यहां से कुरूक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत होते हुए दिल्ली के रास्ते होते हुए अयोध्या के लिए जाएगी। उन्होंने बताया कि यह भारत गौरव नामक विशेष ट्रेन में 270 के लगभग यात्रियों की बुकिंग की गई है लेकिन प्रदेश सरकार की जांच के बाद कितने लोग इसमें सवार होंगे यह लिस्ट आनी बाकी है! 31 मार्च को यह ट्रेन अयोध्या से वापस अंबाला पहुंचेगी। वही उन्होने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से राज्य सरकार के अलावा रेलवे की GRP व RPF भी तैनात रहेगी।

VB-GRAMG योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तरीय कार्यशालाएं सम्पन्न

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की महत्वाकांक्षी “विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-GRAMG)” योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित की गईं। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस योजना के मद्देनजर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को पूर्व प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशालाओं में योजना की जानकारी, पात्रता, लाभ एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। मनेंद्रगढ़, भरतपुर एवं खड़गवां जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 120 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सरपंचों व अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही। साथ ही प्रतिभागियों को योजना संबंधी बुकलेट भी वितरित की गई। आगामी सप्ताह में क्लस्टर स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान मनरेगा के तहत दिवंगत हितग्राही की पत्नी को 25 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की गई। कार्यशालाओं से योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे इसके सुचारू व पारदर्शी क्रियान्वयन की उम्मीद जताई गई।

धनवाल की याचिका पर जबलपुर उच्च न्यायालय ने नहीं दिया स्थगन

जबलपुर अपेक्स बैंक द्वारा दिनांक  22-3-26 को आदेश क्रमांक मप्रमु/13/केडर/प्रसं/2979 से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सीधी के निलंबित मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीएस धनवाल द्वारा जबलपुर उच्च न्यायालय में अपने निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए याचिका क्रमांक 10732/2026 प्रस्तुत की थी । इस याचिका में माननीय उच्च न्यायालय की एकल पीठ के माननीय न्यायमूर्ति  मनिंदर सिंह भट्टी की पीठ के समक्ष दिनांक 26 मार्च 2026 की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई थी, जिसमें  धनवाल के अधिवक्ता द्वारा निलंबन आदेश को स्थगित करने का निवेदन किया गया, जिस पर अपेक्स बैंक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता  हरप्रीत सिंह रूपरा एवं अधिवक्ता  कपिल दुग्गल एवं शासन की ओर से  उपमहाधिवक्ता  स्वप्निल गांगुली ने पुरजोर  विरोध करते हुए तर्क किया कि उनका जवाब तैयार है एवं जवाब पेश होने के उपरांत ही मुकदमे की सुनवाई करने का निवेदन किया ।  माननीय उच्च न्यायालय ने अपेक्स बैंक के निवेदन को स्वीकार करते हुए  निलंबन आदेश को स्थगित न करते हुए, प्रकरण की आगामी सुनवाई हेतु दिनांक 31 मार्च 2026 की तिथि को नियत किया है एवं  समस्त कार्यवाही को न्यायालय के अंतिम निर्णय के अध्ययधीन रहने का आदेश दियाl

क्रिस्पी खेहरा के पति को 2 साल की सजा, चंडीगढ़ में ₹30 लाख का इमीग्रेशन फ्रॉड और पत्नी के नाम पर 2 चेक जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में वांटेड आरोपी क्रिस्पी खेहरा के पति दविंदर सिंह गिल को जिला कोर्ट ने इमीग्रेशन फ्रॉड और चेक बाउंस मामले में 2 साल की सजा सुनाई है। पीड़ित व्यक्ति को 25 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में क्रिस्पी खेहरा का भी नाम सामने आया है दोनों ने मेडिकल स्टोर संचालक से उसके बेटे को कनाडा भेजने के नाम पर 30 लाख रुपए लिए थे। लेकिन इसके बाद भी उसको विदेश नहीं भेजा। मामला 6 सितंबर 2019 का है। करीब 6 साल 5 महीने चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, क्रिस्पी खेहरा के नाम से दो चेक जारी किए गए थे। वहीं क्रिस्पी खेहरा चंडीगढ़ पुलिस की वांटेड सूची में शामिल है और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला सेक्टर-46 के मेडिकल स्टोर संचालक नरेश भाटिया ने पुलिस को बताया था कि उनकी पहचान आरोपी दविंदर सिंह गिल से साल 2015 से थी। दोनों एक किटी ग्रुप के सदस्य थे और आपस में अच्छे संबंध थे। नवंबर 2018 में सेक्टर-35 स्थित गोपाल स्वीट्स में मुलाकात के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी के इमिग्रेशन कारोबार के बारे में बताया। इस पर शिकायतकर्ता ने अपने बेटे को कनाडा PR पर भेजने की इच्छा जताई। नरेश भाटिया ने कहा कि आरोपी और उसकी पत्नी ने बेटे को विदेश भेजने के लिए 30 लाख रुपए की मांग की। इसके तहत 9 लाख रुपए नकद दिए, 14 लाख रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर किए और बाद में 7 लाख रुपए और नकद दे दिए। इस तरह कुल 30 लाख रुपए आरोपी को दे दिए गए। लेकिन पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो बेटे को विदेश भेजा और न ही कोई प्रक्रिया पूरी की। जब पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में संपर्क करना भी बंद कर दिया। नरेश भाटिया ने कहा कि जब हमने सख्ती दिखाई तो आरोपी और उसकी पत्नी ने पैसे लौटाने के लिए 5 पोस्ट डेटेड चेक दिए। इनमें से 25 लाख रुपए का एक चेक जब बैंक में लगाया गया तो 23 अगस्त 2019 को वह “सिग्नेचर डिफर” के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद 6 सितंबर 2019 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन आरोपी ने तय समय में भुगतान नहीं किया, जिसके चलते मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष मामले की सुनवाई के दौरान दविंदर गिल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह शिकायतकर्ता नरेश भाटिया को नहीं जानता, चेक उसके नहीं हैं और उस पर किए गए साइन फर्जी हैं। उसने यह भी कहा कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। वहीं शिकायतकर्ता ने बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेज पेश किए, जिससे यह साबित हुआ कि पैसे दिए गए थे और चेक भी गिल द्वारा ही जारी किए गए थे। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए पाया कि गिल अपने बचाव में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “सिग्नेचर डिफर” के कारण चेक बाउंस होना भी कानून के तहत अपराध है और इससे आरोपी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी दिव्या शर्मा की कोर्ट ने दविंदर सिंह गिल को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए 2 साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी को 25 लाख रुपए शिकायतकर्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यदि आरोपी मुआवजा नहीं देता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है, जिसमें आरोपी ने भरोसे का गलत फायदा उठाया और लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश की। ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती, क्योंकि इससे बैंकिंग व्यवस्था और लेन-देन की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। जानिए वाटेंड क्रिस्पी खेहरा का रोल कोर्ट के आदेश के अनुसार, क्रिस्पी खेहरा का इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण और सीधा रोल सामने आया है। रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी दविंदर सिंह गिल ने शिकायतकर्ता को यह बताया था कि उसकी पत्नी क्रिस्पी खेहरा इमिग्रेशन का काम करती है और वही उसके बेटे को कनाडा भेजने की पूरी प्रक्रिया संभालेगी। इसी भरोसे पर शिकायतकर्ता ने पैसे देने के लिए सहमति दी। कोर्ट में यह भी साबित हुआ कि कुल 30 लाख रुपए में से 14 लाख रुपए सीधे क्रिस्पी खेहरा के बैंक खाते में RTGS के माध्यम से ट्रांसफर किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लेन-देन का हिस्सा थी। 2 चेक क्रिस्पी खेहरा के नाम से थे कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने जो रकम दी, वह दविंदर गिल और उसकी पत्नी दोनों को दी गई थी और दोनों ने मिलकर विदेश भेजने का भरोसा दिलाया था। जब काम पूरा नहीं हुआ और शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे, तब आरोपी और क्रिस्पी खेहरा ने मिलकर कुल 30 लाख रुपए के 5 पोस्ट डेटेड चेक जारी किए, जिनमें से दो चेक क्रिस्पी खेहरा के नाम से थे। इससे यह स्थापित होता है कि पैसे वापस करने की जिम्मेदारी में भी उसकी भागीदारी थी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान केस विशेष रूप से उस 25 लाख रुपए के चेक से संबंधित था, जो दविंदर सिंह गिल के खाते से जारी हुआ था और बाउंस हो गया। इसलिए इस मामले में सजा उसी को दी गई। बावजूद इसके, कोर्ट के रिकॉर्ड और साक्ष्यों से यह साफ है कि किस्पी खेरा पूरे लेन-देन, पैसे लेने और चेक जारी करने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रही।  

हाईकोर्ट से मजीठिया को बड़ा झटका: मानहानि केस में दोबारा क्रॉस एग्जामिनेशन की अनुमति, लुधियाना में चलेगा ट्रायल

लुधियाना आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पर दर्ज मानहानि केस में बिक्रम मजीठिया को झटका लगा है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए संजय सिंह की याचिका को मंजूर कर लिया है। साथ ही एक बार फिर बिक्रम मजीठिया का क्रॉस करने के आदेश दिए हैं। मजीठिया की याचिका खारिज सरकारी वकील फैरी सोफ्त ने बताया कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस फाइल किया था। 2016 में यह मामला दर्ज करवाया गया था। इस दौरान अदालत ने क्रॉस को निरस्त कर दिया था। इसके बाद संजय सिंह ने 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब हाईकोर्ट ने फाइल की गई पिटीशन को मंजूर कर लिया है। साथ ही संजय सिंह को मजीठिया का एक बार फिर क्रॉस करने की अनुमति दी है। इसी तरह मजीठिया की तरफ से भी एक एप्लिकेशन लगाई गई थी, जिसमें मामले में तीन गवाहों को शामिल करने संबंधी मांग की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। लुधियाना कोर्ट में ट्रायल दोबारा चलेगा। सरकारी वकील फैरी सोफ्त मामले के बारे में जानकारी देते हुए। सरकारी वकील फैरी सोफ्त मामले के बारे में जानकारी देते हुए। यह है सारा मामला 2015-2016 के दौरान पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP नेताओं ने अकाली दल पर नशा (ड्रग्स) तस्करी का आरोप लगाया। संजय सिंह ने मोगा में एक रैली के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया को "ड्रग डीलर" (नशा तस्कर) और ड्रग्स व्यापार से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि AAP सत्ता में आई तो ऐसे भ्रष्ट नेताओं को जेल भेजा जाएगा। मजीठिया ने इन आरोपों को बिना सबूत के मानहानि करार देते हुए जनवरी 2016 में लुधियाना की अदालत में आपराधिक मानहानि का केस दायर किया (IPC की धारा 499/500 के तहत) दर्ज करवाया था।  

Fuel Panic: अफवाहों के बीच पंजाब में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, कुछ जगह सप्लाई खत्म

अमृतसर. ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल खत्म होने की अफवाहों से हड़कंप मच गया है। पंजाब भर में पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के चलते ईंधन आपूर्ति लगातार प्रभावित हो रही है। अमृतसर में कुछ तेल कंपनियों की ओर से रेट बढ़ाए जाने और आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों के बीच अधिकतर पेट्रोल पंप आउट ऑफ स्टॉक हो गए है। जबकि बहुत से पंपों पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सीमित हो गई है। जो पेट्रोल पंप अभी चालू हैं, वहां गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तैनाती भी देखी गई। शहरवासियों के बीच इस स्थिति को लेकर चिंता और अनिश्चितता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। परिवहन सेवाओं और दैनिक जरूरतों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है और आपूर्ति बहाल करने के लिए संबंधित कंपनियों के साथ संपर्क किया जा रहा है, ताकि शहर में सामान्य हालात जल्द से जल्द बहाल किए जा सकें। जालंधर में गुरु रविदास चौक, बीएसएफ चौक और वर्कशॉप चौक में देर रात पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हुई थी। वहीं फगवाड़ा में भी पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी हुई है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बिलासपुर में बाइक चोरी गैंग पकड़ा, कम उम्र का मास्टरमाइंड निकला सरगना

बिलासपुर. शहर में लगातार बाइक चोरी के मामलों में एसीसीयू को बड़ी सफलता मिली है. सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए टीम ने बिलासपुर, जांजगीर और दुर्ग में सक्रिय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया. उनकी निशानदेही पर चोरी की 6 बाइक समेत तीन खरीददार भी पकड़े गए. पकड़े गए चोरों में 19 साल का मास्टर माइंड भी शामिल है. एसएसपी रजनेश सिंह ने लगातार बाइक चोरी के मामले बढ़ने के बाद एससीसीयू को जांच के निर्देश दिए थे. टीम ने शहर के अलग-अलग जगहों के करीब 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और रूट चार्ट तैयार कर संदिग्धों की पहचान की. जांच में मस्तूरी के वेद वेदपरसदा में मुख्य आरोपी साहिल मरावी का होना पाया गया. टीम ने तुरंत वहां दबिश दी और साहिल को हिरासत में लिया. शुरू में साहिल टीम को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसने सारे राज उगल दिए. उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग जिलों से बाइक चोरी करता था. साहिल की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों और बाइक खरीददारों को भी गिरफ्तार किया. दुर्ग और जांजगीर तक फैले थे तार एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि आरोपियों ने बिलासपुर के सरकंडा, सिविल लाइन और कोतवाली क्षेत्र से चार, दुर्ग के मोहन नगर से एक और जांजगीर जिले से एक बाइक चोरी की थी. पुलिस ने गिरोह से कुल करीब दो लाख रुपए कीमत की छह बाइक बरामद की हैं. एसएसपी ने टीम को कैश रिवार्ड देने की घोषणा की. चोरी की बाइक खरीदने वाले भी गिरफ्तार वेद वेदपरसदा का साहिल मरावी अपने साथियों निलेश शुक्ला, हिमांशु जगत और रायपुर निवासी रितेश सेन के साथ वारदात को अंजाम देता था. चोरी की बाइक गांव के रघुनंदन साहू, नंदकुमार रजक और सोनू केंवट को 20 से 25 हजार रुपए में बिना दस्तावेज के बेची जाती थीं. पुलिस ने खरीदारों को भी आरोपी बनाया है.

तीसरी बार बम धमकी का मेल, जिला कोर्ट परिसर में हाई अलर्ट

बिलासपुर जिला न्यायालय बिलासपुर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। न्यायालय को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। सूचना मिलते ही बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची है और पूरे कोर्ट परिसर की सघन जांच शुरू कर दी है। बता दें कि जिला न्यायालय को तीसरी बार धमकी मिली है। पुलिस न्यायालय के अंदर और बाहर हर कोने की बारीकी से तलाशी ले रही है। साथ ही रूटीन चेकिंग प्रक्रिया के तहत भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में आने-जाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह लगातार तीसरी बार है जब न्यायालय को इस तरह का धमकी भरा मेल मिला है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।