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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा के संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा के संकल्पों के साथ देश आगे बढ़ रहा है। देश-प्रदेश के विकास और समृद्धि के लिए सशक्त कदम उठाना और उस मार्ग पर लगातार चलते रहना भी सेवा ही है। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। बच्चों की पढ़ाई, युवाओं को रोजगार, कृषि को लाभदायक बनाने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं। जनकल्याण और विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और राज्य सरकार समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोजपाल महोत्सव मेला समिति द्वारा मानस भवन में आयोजित सेवा दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आयोजित 1100 कन्याओं के पूजन तथा कन्या भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं को उपहार स्वरूप स्कूल बैग, लंच बॉक्स, कम्पॉस बॉक्स तथा वॉटर बॉटल प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गजमाला से अभिनंदन कर गदा भेंट की। इस अवसर पर सेवा भारती संस्था को सेवा कार्य के लिए एक लाख रूपए का चैक भी सौंपा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार रामनवमी के पावन पर्व पर भोपाल से ओरछा तक की हेलीकॉप्टर सेवा आरंभ करने जा रही है। सनातन संस्कृति को प्रतिबद्ध राज्य सरकार की यह श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा होगी। प्रदेश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर भी दर्शन की सुगमता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कार्यक्रम में  विकास वीरानी, भोजपाल महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष  सुनील यादव तथा बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा—नक्सलवाद अब अंतिम पड़ाव पर, बस्तर में गूंज रही विकास की आवाज़

रायपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को आज एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बस्तर संभाग के जगदलपुर में मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और बस्तर की धरती पर हिंसा की विचारधारा पराजित होती स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक भय और हिंसा का वातावरण बनाने वाली माओवादी विचारधारा अब समाप्ति की ओर है और बस्तर तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और पुनर्वास केंद्रित नीतियों के कारण भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में लौटने का विश्वास पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिले, तो हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के मार्ग को अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में बंदूक की आवाज़ नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की गूंज सुनाई दे रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे कार्यों ने बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के सशक्त मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने सुरक्षाबलों के साहस, समर्पण और रणनीतिक कार्रवाई की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि माओवाद के पूर्ण खात्मे के साथ बस्तर में शांति, विकास और विश्वास की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ देश के सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

हनुमानगंज थाने में अग्निकांड से हड़कंप: खड़े 30 वाहनों में लगी आग, कई जलकर राख

भोपाल हनुमानगंज थाना परिसर में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब थाने में खड़े जब्त वाहनों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिसर में खड़े करीब 30 वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में आधा दर्जन से अधिक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हनुमानगंज थाना पुलिस द्वारा जब्त कर थाना परिसर में खड़े किए गए वाहनों में अचानक आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से भड़की चिंगारी, सूखे पत्तों ने पकड़ी आग जहां वाहन खड़े थे ठीक उसी के पास बिजली का खंभा भी है। ऐसे में प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बिजली पोल में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियों के गिरने से सूखे पत्तों में आग लगी होगी, जिसने करीब 30 वाहनों को भी चपेट में ले लिया। इससे थाने में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने फायर कंट्रोल रूम को सूचित किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने मोर्चा संभाला और करीब आधे घंटे में आग को बुझा दिया। साक्ष्यों को पहुंचा नुकसान, फायर ऑफिसर ने दी जानकारी यदि समय रहते दमकलकर्मी नहीं पहुंचते, तो थाना भवन और पास खड़े अन्य वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता था। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज साक्ष्य के तौर पर रखे वाहनों को काफी क्षति पहुंची है। नगर निगम के फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि हनुमानगंज थाने में खड़े वाहनों में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। करीब आधे घंटे में ही आग पर काबू पा लिया था। आग ने करीब 30 वाहनों को चपेट में ले लिया था, जिसमें छह वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

जदयू में हलचल: Nitish Kumar ने सांसद Girdhari Yadav पर की कार्रवाई

पटना जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी ने बांका से सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ कथित दल-विरोधी गतिविधियों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को अयोग्यता का नोटिस सौंपा है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में जदयू के नेता दिलेश्वर कामत ने स्पीकर को पत्र लिखकर गिरधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। आरोप है कि उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ गतिविधियां की हैं। चुनाव के वक्त पार्टी विरोधि गतिविधियों में शामिल रहे। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरधारी यादव ने कहा कि जब मुझसे लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में पूछा जाएगा, तब मैं अपना जवाब दूंगा। मुझे नहीं पता कि दिलेश्वर कामत ने क्या कहा है। मेरे खिलाफ किसी भी तरह की दल-विरोधी गतिविधि का कोई रिकॉर्ड नहीं है। दरअसल, विधानसभा चुनाव के वक्त गिरधारी यादव का बेटा चाणक्य प्रकाश राजद में शामिल हो गए। उन्होंने बेलहर सीट से जदयू प्रत्याशी और विधायक मनोज यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा। इसमें चाणक्य की हार हुई थी। इसके बाद से ही गिरधारी यादव पर सवाल उठने लगे थे। ललन बोले- यह फैसला हमने नहीं लिया इस विवाद पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि यह फैसला हमने नहीं लिया है। यह निर्णय उन लोगों की ओर से लिया गया है, जिन्होंने अपने बेटे को विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर उतारा और खुद उसके लिए प्रचार भी किया। इसी आधार पर हमारे संसदीय नेता दिलेश्वर कामैत ने आवेदन दिया है। अब इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष को लेना है। राजद सांसद ने उठाया सवाल राजद सांसद मीसा भारती ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गिरधारी यादव जदयू के सांसद हैं। अगर उनके बेटे ने चुनाव लड़ा है, तो वह वयस्क है और अपने फैसले खुद ले सकता है। ऐसे में इस आधार पर कार्रवाई करना सही नहीं है। अब देखना होगा कि आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

चीतों का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड अब बुंदेलखंड की धरती पर चीते भरेंगे फर्राटे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त कर जैव विविधता संरक्षण का नव संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े (बोमा) का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और जल स्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सतत् प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से साफ पानी वाली नदियों में कछुओं की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि इससे हमारे पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नौरादेही टाइगर रिजर्व को भविष्य में एक और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा सुरक्षित आवास बनेगा। इससे मध्यप्रदेश के वन्य-जीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही हमारी जैविक सम्पदा और भी समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में हमारी सरकार यह महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्म दिवस पर चीता पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा (बाड़े) का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलीय जीवों की समृद्धि के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दिखाते हुए यहां चंबल नदी और भोपाल से लाए गए 14 कछुए भी मुक्त विचरण के लिये बामनेर नदी में छोड़े। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल टाइगर रिजर्व है। जिसकी सीमाएं सतपुड़ा, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान से मिलती हैं। नौरादेही टाइगर रिजर्व में कई प्रकार के वन्यजीवों की प्रजातियों के लिए अनुकूल वातावरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जंगल की सुंदरता हमारे वन्य जीवों से होती है। राज्य सरकार जीवोदया के संकल्प से कार्य कर रही है। जलचर, थलचर और नभचर सभी प्राणियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बीते समय घड़ियाल और 25 कछुए कूनो-पालपुर में छोड़े थे और 5 गिद्धों को भी मुक्तावास में छोड़ा था। यह सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रदेश में वन्य-जीव पर्यटन के विकास एवं विस्तार से ग्रामीण आबादी को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। टाइगर रिजर्व से मानवों को वन्यजीवों के साथ जीने और सहअस्तित्व की भावना का सहज प्रकटीकरण होता है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को अपने 61वें जन्म-दिवस पर सागर जिले की रहली तहसील स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्य-जीव संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त (रिलीज) किया। ये कछुए 2 विशिष्ट प्रजातियों के हैं। टेरा प्रिंस प्रजाति के 06 कछुए और सुंदरी प्रजाति के 08 कछुए। विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रजातियाँ नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जैव-विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रकृति और वन्य-जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति और वन्य-जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। कछुओं का विमुक्तिकरण और चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम मध्यप्रदेश को वन्य-जीव पर्यटन और संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करेंगे। उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र में कछुओं की महत्ता पर जोर देते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया। बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का विस्तार 2,339 वर्ग किमी में है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों तक फैला है। इसे लैंड ऑफ वुल्व्स (भेड़ियों की धरती) भी कहा जाता है। वर्तमान में यहाँ करीब 32 बाघ मौजूद हैं। टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियों की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ आदि शामिल हैं। इसके विकास के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं। जन्मदिन पर बच्चियों को खिलाई काजू कतली, प्रदान किए ड्राइविंग लायसेंस मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जन्म दिवस पर रहली में अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्मदिन पर सभी बच्चियों को अपने हाथों से काजू कतली खिलाई और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने वहां मौजूद 8 बच्चियों को ड्राइविंग लाइसेंस सर्टिफिकेट भी प्रदान किये। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कृषक  हरदास के खेत में खाट पर बैठकर किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कृषक  हरदास रैकवार के खेत पर पहुंचने पर कृषक परिवार ने कलश रखकर, चंदन रोली का तिलक लगाते हुए पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण परिवेश में आम के वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर भोजन किया। भोजन के पूर्व उन्होंने गौ माता को गुड-चारा भी खिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देली भोजन की तारीफ की और कढ़ी, बिर्रा की रोटी, समां के चावल की खीर, खीचला-पापड़ आदि व्यंजनों का स्वाद चखा। इस अवसर पर उन्होंने किसान से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री  दिलीप अहिरवार, रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव, देवरी विधायक  बृज बिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  देवेंद्र सिंह,  श्याम तिवारी, मती रानी कुशवाहा, प्रधान सचिव, वन विभाग, मध्यप्रदेश  संदीप यादव, वन बल प्रमुख  शुभरंजन सिंह सेन, संभागायुक्त  अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक मती हिमानी खन्ना, पुलिस उप महानिरीक्षक  सचिंद्रनाथ चौहान, कलेक्टर  संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक  विकास शाहवाल, मुख्य वन संरक्षक  दीपू दमन सिंह भदौरिया, डीएफओ  रजनीश सिंह एवं  वरुण यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।  

रहस्य से भरा बिहार का यह मेला, यूपी-बंगाल-नेपाल से खिंचे चले आते हैं श्रद्धालु

गोपालगंज बिहार के गोपालगंज जिले में शारदीय नवरात्र के अवसर पर एक ऐसा नजारा देखने को मिलता है, जो आधुनिक युग में भी प्राचीन मान्यताओं और गहरे अंधविश्वास की याद दिलाता है। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित लक्षवार गांव का लक्षवार धाम इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इसे स्थानीय लोग प्रेतबाधा से मुक्ति का धाम मानते हैं, जहां नवरात्र के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। कई राज्यों तक फैला है प्रभाव लक्षवार धाम की प्रसिद्धि केवल बिहार तक सीमित नहीं है। यहां उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में लगभग एक महीने तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मान्यता है कि यहां की मिट्टी के स्पर्श मात्र से शरीर के भीतर मौजूद बुरी आत्माएं भाग जाती हैं। इसके अतिरिक्त यहां ललका बाबा द्वारा दी जाने वाली भभूत का भी विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्र में दिखते हैं विचलित करने वाले दृश्य शारदीय नवरात्र के मौके पर मंदिर परिसर में कई विचलित करने वाले दृश्य देखने को मिलते हैं। कहीं महिलाएं जोर-जोर से सिर हिलाती नजर आती हैं, तो कहीं पुरुष जमीन पर लोटकर अजीबोगरीब हरकतें करते दिखते हैं। अंधविश्वास का आलम यह है कि यहां आने वाले लोग इन गतिविधियों को इंसानी रूप में मौजूद भूत-प्रेत मानते हैं। पीड़ा से मुक्ति पाने की चाह में लोग मर्यादा और लोक-लाज की परवाह किए बिना घंटों तक इन क्रियाओं में लीन रहते हैं। शक्तिपीठ से शिवधाम तक का सफर मंदिर के पुजारी के अनुसार, इस परंपरा की जड़ें दशकों पुरानी हैं। वर्ष 1972 में माता के आदेश पर लक्षवार शक्तिपीठ से पिंड का कुछ अंश लाकर कुचायकोट के जलालपुर बाजार में शिवधाम की स्थापना की गई थी। इसके बाद से ही यहां तांत्रिकों द्वारा भूत-प्रेत भगाने और मानसिक रोगों के उपचार का दावा करने का सिलसिला शुरू हुआ, जो आज एक विशाल मेले का रूप ले चुका है। जहां एक ओर श्रद्धालु इसे दैवीय चमत्कार मानते हैं, वहीं चिकित्सा जगत इसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या और सामाजिक धारणा के रूप में देखता है।

फर्जी MBBS डिग्री बनाकर करोड़ों की ठगी: दिल्ली से ‘लेडी फ्रॉड’ गिरफ्तार

रायपुर फर्जी मेडिकल डिग्री और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की आरोपित साक्षी सिंह (28), निवासी जानकीपुरम, लखनऊ व वर्तमान पता राजनगर-2, पालम, नई दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। जांच में राजफाश हुआ है कि आरोपित गिरोह के लिए फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार कर उपलब्ध कराती थी। पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी संजय निराला ने 17 फरवरी 2026 को सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे सहित अन्य लोगों ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगवाने और मेडिकल डिग्री दिलाने का झांसा देकर उससे और उसके रिश्तेदारों से कुल 2.34 करोड़ रुपये ठग लिए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही कोई वैध प्रमाणपत्र। पुणे की यूनिवर्सिटी के नाम पर बनती थी डिग्रियां पुलिस ने पहले चार आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसी दौरान मिले सुराग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साक्षी सिंह की भूमिका सामने आई। पुलिस टीम को उसके दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद विशेष टीम भेजकर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर पुणे स्थित डीवाई पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार करती थी। इन डिग्रियों का उपयोग गिरोह लोगों को झांसा देने और मोटी रकम वसूलने में करता था। मोबाइल डेटा से बड़े नेटवर्क का राजफाश संभव पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है। मोबाइल डेटा की जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों, लेन-देन और नेटवर्क का और बड़ा राजफाश हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। आशंका है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है, जिसे लेकर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।  

मांगलिक भवनों का निर्माण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में लगभग 11 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाएं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि शासकीय राशि को अपनी राशि समझकर कार्य करें और सभी मांगलिक भवन निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि 42 मांगलिक भवनों के अतिरिक्त 60 और भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मल्हारगढ़ एवं पिपलिया मंडी में फ्लाई-ओवर निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होंगे। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने बताया कि दिसंबर 2026 तक गांधी सागर परियोजना का पानी हर खेत तक पहुंचाने का लक्ष्य है, जिससे सिंचाई सुविधा में विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि नारायणगढ़ एवं बूढ़ा में सांदीपनी विद्यालय तथा मल्हारगढ़ में बालिकाओं के लिए छात्रावास का निर्माण भी कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत टीबी मरीजों को फॅूड बास्केट वितरित किए तथा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए। साथ ही उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर ग्राम ढिकन्या में 37 लाख 50 हजार रुपए की लागत से निर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया गया, उन्होंने 10 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 42 मांगलिक भवनों का भूमि-पूजन भी किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति के सदस्य  राजेश दीक्षित सहित जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित 

शिक्षा संस्थान डाइट में 1.86 करोड़ की लागत से ऑडिटोरियम निर्माण का किया भूमिपूजन

भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि डाइट के विद्यार्थी प्रदेश की पहचान बनें और जिला, प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि संस्थान में ऑडिटोरियम की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसके निर्माण से शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने मंदसौर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में 1 करोड़ 86 लाख 27 हजार रुपए की लागत से बनने वाले सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि मंदसौर का डाइट संस्थान प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है ऑडिटोरियम से इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ेगी। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान भी किया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम निर्माण में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। आवश्यकता हो तो संशोधित प्राक्कलन (रिवाइज एस्टीमेट) प्रस्तुत किया जाए, जिससे बेहतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण हो सके। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने राज्य स्तरीय ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मंदसौर विधायक  विपिन एवं जिला योजना समिति सदस्य  राजेश दीक्षित सहित जनप्रतिनधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्म दिवस पर दिव्यांग बच्चों को दुलारा बच्चों को दिये उपहार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्म दिवस पर दिव्यांग बच्चों को मुख्यमंत्री निवास आमंत्रित कर स्नेहपूर्वक दूलार किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर विभिन्न संस्थाओं से दिव्यांग बच्चों को आमंत्रित किया गया था। आशा निकेतन बधिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल, आरुषि संस्था भोपाल, शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल एवं उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसाइटी, भोपाल के बच्चे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। इनमें दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांग और अति बाधित बच्चे शामिल थे। बच्चों ने अपनी विशिष्ट शैली में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। इस अवसर पर दृष्टि बाधित बालिका फाल्गुनी पुरोहित ने मधुर गीत सुनाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्म दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को वाद्य यंत्र पियानो, आर्ट बॉक्स और मिठाईयां भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय मती सोनाली वायंगणकर ने शिव पुराण भेंट किया। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा तथा दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में कार्य रही संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।