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बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए सामाजिक विषयों से कराया गया अवगत

रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने 600 छात्राओं को दिखाई द केरल स्टोरी 2 महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई।  मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

प्रशासन का बड़ा फैसला: होशियारपुर में रातभर डम्पर संचालन बंद, नियम हुए कड़े

होशियारपुर. जिला मैजिस्ट्रेट आशिका जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं कि जिला होशियारपुर में पड़ने वाले गांव जेजों से माहिलपुर रोड और नंगल से गढ़शंकर रोड पर माइनिंग मैटीरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों को केवल शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक ही आवाजाही की अनुमति होगी। इसके अलावा समय पर इन सड़कों पर माइनिंग मैटेरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों की आवाजाही पर रोक रहेगी। जिला मैजिस्ट्रेट ने बताया कि उनके ध्यान में आया है कि जिला होशियारपुर में पड़ने वाली माहिलपुर रोड और नंगल से गढ़शंकर रोड पर माइनिंग मटीरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों के कारण सड़कों पर काफी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनके कारण आम जनता का जान-माल का नुकसान हो रहा है। लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन सड़कों पर माइनिंग मटीरियल ले जाने वाले टिप्पर/ट्रकों की आवागमन को समयबद्ध तरीके से चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उप पुलिस कप्तान, गढ़शंकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा टिप्पर/ट्रकों की ओवरस्पीड की जांच की जाए। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, होशियारपुर इन आदेशों के अनुपालन में ओवरलोडिंग और अन्य नियमों की उल्लंघन संबंधी जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा कार्यकारी इंजीनियर, ड्रेनेज-कम-जिला माइनिंग अधिकारी, होशियारपुर अंतर-राज्यीय चेक पोस्टों पर 24×7 मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेंगे और साथ ही चैक पोस्ट पर भार तौलने वाले कांटे का उपयोग करके ओवरलोडेड टिप्परों की जांच करेंगे तथा इन पर उचित कार्रवाई अमल में लाएंगे। यह आदेश 20 मई 2026 तक लागू रहेंगे।

रामनवमी पर इतिहास रचेगा गिरिराज पर्वत, 131 फीट ऊंची बालाजी प्रतिमा बनेगी आकर्षण

राजसमंद राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची खड़ी बालाजी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण 26 मार्च को प्रातः 9:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लोकार्पण समारोह वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत राकेश महाराज एवं युवाचार्य विशाल बाबा के सानिध्य में संपन्न होगा। प्रतिमा का निर्माण करने वाले गिरीश भाई शाह सहित समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। लोकार्पण के दिन प्रातःकाल से ही पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। ठीक 9 बजे मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया जाएगा। इसके बाद भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा। आस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा 131 फीट ऊंची यह खड़ी बालाजी प्रतिमा गिरिराज पर्वत शिखर पर स्थापित होने के कारण दूर-दूर से दिखाई देगी। यह प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ ही नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी। तीन वर्षों में तैयार हुई भव्य प्रतिमा प्रतिमा का निर्माण विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना के साथ करीब तीन वर्षों में पूरा किया गया है। निर्माण में 115 टन स्टील, 40 टन फाइबर ग्लास और M30 ग्रेड उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और दीर्घायु सुनिश्चित की गई है। मूर्तिकार नरेश कुमावत ने देश और विदेश में करीब 500 से अधिक बड़ी प्रतिमाएं बनाई हैं। इससे पहले उन्होंने यहां विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा ‘विश्वास स्वरूपम’ का निर्माण किया था। प्रशासन की विशेष व्यवस्थाएं समारोह को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रेरणा का बनेगा केंद्र आयोजकों के अनुसार, यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए भक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा का स्रोत बनेगी और क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगी।

बड़ी सौगात! लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 30.41 करोड़ की सड़क योजना को हरी झंडी

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास को बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के बीरपुर (एनएच-43) से केवरा तक लगभग 18 किलोमीटर लंबाई की सड़क चौड़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य के लिए 3041.18 लाख रुपए (लगभग 30.41 करोड़ रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार उक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण, पुलिया निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, भूमि उपलब्धता, निविदा प्रक्रिया तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस सड़क परियोजना से बीरपुर से केवरा तक आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय व्यापार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी । साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर सड़क सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। भटगांव विधानसभा के समग्र विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं और आगे भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे।

पंचायतों में धांधली का बड़ा खुलासा, सोशल ऑडिट रिपोर्ट में गबन उजागर- मंत्री सख्त

रायपुर. ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर प्रदेश के सरकारी खजाने की बंदरबांट और भारी वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है. सोशल ऑडिट रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, प्रदेश की पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर 151.07 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान किया गया है. यह वह राशि है, जिसे सरकारी गाइडलाइन्स और निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर ठिकाने लगा दिया गया. राज्य की कुल 11,717 पंचायतों में से 11,302 का ऑडिट हो चुका है. इस सूक्ष्म जांच में 19.66 करोड़ के सीधे वित्तीय गबन के 6,331 मामले भी उजागर हुए हैं. इसके अतिरिक्त, रिकॉर्ड संधारण और टेंडर नियमों के उल्लंघन के 13,861 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनसे जुड़े लेनदेन की कुल राशि 20.49 करोड़ आंकी गई है. बिलासपुर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी, कोरबा गबन में रिपोर्ट के मुताबिक, नियमों को ताक पर रखने के मामले में बिलासपुर जिला सबसे आगे है, जहां सर्वाधिक 14.33 करोड़ का वित्तीय गड़बड़ी हुई. वहीं, सीधे तौर पर राशि के दुरुपयोग या गबन के मामले में कोरबा जिला शीर्ष पर रहा, जहां 611 मामलों के जरिए 2.42 करोड़ की हेराफेरी रिपोर्ट की गई है. पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा में भी 3.85 करोड़ की गड़बड़ी मिली. उल्लंघन की 1800 से ज्यादा शिकायतें प्रशासनिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन के मामले में बालोदा बाजार जिले की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां रिकॉर्ड 989 मामले दर्ज हुए हैं. वहीं, जमीनी स्तर पर हो रही इन गड़बड़ियों के खिलाफ गांव के लोगों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि प्रदेशभर में आम जनता की ओर से कुल 1,863 आधिकारिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनमें राजनांदगांव जिला 225 शिकायतों के साथ सबसे ऊपर है. सबसे कम कोरिया में चार, बेमेतरा में पांच और जशपुर में 6 शिकायतें मिली हैं. कुल ऑडिटेड पंचायत 11302 श्रेणी                 मामले    फंसी राशि (करोड़ रु.) फर्जी भुगतान      4468     151.07 टेंडर में गड़बड़ी   13861    20.49 गबन                  6331     19.66 सख्ती से कर रहे हैं सोशल ऑडिट का काम – डिप्टी सीएम शर्मा पंचायतों के सोशल ऑडिट को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि इस बार ऑडिट का काम सख्ती से कर रहे हैं. ग्राम पंचायतों में पूरी औपचारिकता के साथ काम होना चाहिए. कोई हल्का काम पंचायतों में नहीं होना चाहिए. जो भी गड़बड़ी हो कार्रवाई कठोर होगी.

प्रदेश में बम की धमकी से हड़कंप, पासपोर्ट ऑफिस और डाकघर में की गई सर्चिंग

भिंड  मध्यप्रदेश के भिंड शहर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जिला डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ। इस मेल के मिलने के बाद डाकघर प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह मेल भोपाल से भेजा गया बताया जा रहा है। डाकघर के पोस्ट मास्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तत्काल सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे जिला डाकघर मेल में दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर विस्फोट होने की चेतावनी दी गई थी, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गईं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक, एडीएम एल.के. पांडे सहित कोतवाली थाना पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी जिला डाकघर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की और पूरे क्षेत्र की बारीकी से पड़ताल की। सघन जांच अभियान शुरु सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एहतियातन बजरिया मार्ग पर आवागमन अस्थायी रूप से बंद कर दिया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इसके साथ ही आसपास के इलाके में भी सघन जांच अभियान चलाया गया। पुलिस और प्रशासन फिलहाल मेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच में जुटे हुए हैं। अचानक भारी पुलिस बल की मौजूदगी से बाजार में दहशत फैल गई और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। जबलपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र को मिली धमकी वहीं दूसरी ओर जबलपुर शहर में भी पोस्ट ऑफिस स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई है। धमकी मिलने के बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।सूचना मिलते ही बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड (BDDS) और डॉग स्क्वायड के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तत्काल पासपोर्ट सेवा केंद्र और पोस्ट ऑफिस की पूरी इमारत को खाली करा दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। नहीं मिली संदिग्ध वस्तु इसके बाद सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर की सघन जांच शुरू की। लगभग एक घंटे तक चली जांच के दौरान भवन के अंदर और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। साथ ही धमकी देने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। साथ ही धमकी देने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है।

कैदियों की सुविधाएं बढ़ेंगी: झारखंड सरकार का 120 करोड़ का जेल सुधार प्लान

रांची. झारखंड में जेल सुधार को लेकर राज्य सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। आगामी वित्तीय वर्ष में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे, जिनमें नई जेलों का निर्माण, मौजूदा जेलों की मरम्मत और सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। सरकार ने इसके लिए योजना मद में करीब 120 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार देवघर, लातेहार, गोड्डा, पाकुड़ और चतरा में नई जेलों के निर्माण हेतु इस वर्ष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगी। उद्देश्य यह है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ कर बढ़ती कैदी संख्या के दबाव को कम किया जा सके। वर्तमान में कई जेलें अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक बंदियों को रखने के कारण भीड़भाड़ की समस्या से जूझ रही हैं। इसे देखते हुए अतिरिक्त वार्डों के निर्माण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है। मौजूदा जेलों का हो रहा विकास मौजूदा जेलों में मरम्मत कार्य, चारदीवारी निर्माण, नए बंदी वार्ड, शौचालय और रसोईघर जैसी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। साथ ही जेलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठाए जाने प्रस्तावित हैं। जेल आधुनिकीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत इंटरेक्टिव एलईडी डिस्प्ले, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए डिजिटल एक्स-रे मशीन, ईसीजी मशीन, हाइड्रोलिक बेड और स्ट्रेचर जैसे उपकरणों की खरीद की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, इलेक्ट्रॉनिक वार्ड बैरियर, गार्ड मानिटरिंग सिस्टम, आधुनिक लाकिंग सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल और बायोमीट्रिक समाधान लागू किए जाएंगे। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर, एक्स-रे बैगेज स्कैनर और नॉन-लिनियर जंक्शन डिटेक्टर भी खरीदे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सुधार कार्य जेल सुधार की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में चल रही है। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 18 मई तक जेलों की अद्यतन रिपोर्ट मांगी है, जिसमें एक मार्च 2026 तक की स्थिति का विवरण देना अनिवार्य किया गया है। इस रिपोर्ट में जेलों की क्षमता, बंदियों की संख्या, भीड़भाड़ रोकने के उपाय, महिला कैदियों और उनके बच्चों के लिए सुविधाएं, तथा जेल कर्मियों की स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होंगी। कर्मचारियों की भारी कमी बनी चुनौती राज्य की जेल व्यवस्था में मानव संसाधन की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पुरुष कक्षपाल के 1699 स्वीकृत पदों में से 1653 पद रिक्त हैं और मात्र 46 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसी तरह महिला कक्षपाल के 104 स्वीकृत पदों में केवल 24 कार्यरत हैं, जबकि 80 पद खाली हैं। उच्च कक्षपाल के 244 पदों में से 32 रिक्त हैं और मुख्य उच्च कक्षपाल के तीन पदों में एक पद खाली है। विभिन्न श्रेणियों में कुल 1912 नए पद सृजित करने का प्रस्ताव फिलहाल सरकार के स्तर पर लंबित है।

राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण

लोकभवन राज्य की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक- राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने सुदृढ़ीकृत नवनिर्मित प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का बुधवार को लोकार्पण किया। उन्होंने भारत माता के जयघोष के साथ फीता खोलकर प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है। प्रवेश द्वारों का सुदृढ़ और सुव्यवस्थित होना सुरक्षा के साथ ही राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं के अनुरूप गेट निर्माण के लिए संबंधित विभागों की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की पूर्णता तक लगभग 98 लाख 65 हजार रुपयों की लागत आई है। प्रवेश द्वारों की संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए गए हैं, जिससे लोकभवन परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है। गांधी जयंती पर हुआ था प्रवेश द्वार क्र.- 1 का लोकार्पण राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया था। उन्होंने पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। राज्यपाल पटेल लोकभवन के प्रवेश द्वार क्र.- 1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के बाद विगत वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर उसका लोकार्पण किया था। उसके बाद प्रवेश द्वार क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता तथा लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

कलेक्टर ने लिया सख्त एक्शन: RI और पटवारी निलंबित, तहसीलदार को दी जबरदस्त फटकार, रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य

सतना  मध्यप्रदेश के सतना में एक बड़ा एक्शन हुआ है। जिले मे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरआई और पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार ने सिंघम अवतार लेते हुए ये एक्शन किया है । कलेक्टर के इस एक्शन से विभाग में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर की कड़ी फटकार, बोले- रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य हो गया, कोई काम नहीं कर रहा दरअसल कलेक्टर ने जिले के राजस्व अमले की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर नाराजगी जाहिर करते हुए कडे और कठोर शब्द बोल दिए। कलेक्टर की नाराजगी का आलम क्या था इसका अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि कलेक्टर ने  यहां तक कह दिया कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य हो गया है। कोई काम नहीं कर रहा है , भू-माफियाओं से मिलीभगत अलग देखने को मिल रही है। फिर कलेक्टर ने कोई रहम न करते हुए गुस्से के अनुसार बड़ा एक्शन लेते हुए (RI) आरआई और  पटवारी पर गाज गिराते हुए सस्पेंड कर दिया और साथ ही तहसीलदार को भी जमकर फटकार की घुट्टी पिलाई है। इस रुप को देखकर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बेहद गुस्से में दिखे भड़के कलेक्टर सतीश कुमार कलेक्टर सतीश कुमार अधिकारियों के काम किस कदर आहत थे इसका पता इससे चलता है कि उन्होंने लापरवाही पर कड़े शब्द बोले। कलेक्टर ने कहा कि यहां के तहसीलदार कले•क्टर के कहने के बाद भी पटवारी से काम नहीं करवा पा रहे हैं, लोग कहीं भी मकान बना रहे हैं और अधिकारियों ने जैसे मौन साध रखा हो। कलेक्टर सरकारी जमीन के गलत सीमांकन पर कोठी तहसीलदार पर  इस कदर गुस्सा हुए कि पटवारी और आरआई को निलंबित करने के आदेश दे दिए।

ड्रग्स माफिया पर शिकंजा, 34.50 लाख की संपत्ति जब्त- पुलिस की कड़ी कार्रवाई

मोगा. मोगा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी की लाखों रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी के नेतृत्व में की गई, जिसके तहत गांव राजेयाना निवासी नशा तस्कर गुरतेज सिंह उर्फ तेजा की करीब 34 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति को जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। उपमंडल पुलिस अधिकारी बाघापुराना दलवीर सिंह के नेतृत्व में थाना समालसर और बाघापुराना की पुलिस टीम ने यह कदम उठाया। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि गुरतेज सिंह को पहले 255 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले के आधार पर उसकी संपत्ति की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि यह संपत्ति गैरकानूनी तरीके से नशा तस्करी कर अर्जित की गई थी। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के रिहायशी मकान को जब्त करने की कार्रवाई की गई। मकान आरोपी के पिता के नाम पर यह मकान आरोपी के पिता सरबजीत सिंह के नाम पर गांव राजेयाना में स्थित है। पुलिस ने जब्ती की कार्रवाई के तहत मकान के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह संपत्ति नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है और अब इसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के वित्त विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई थी, जिसके बाद कानून के तहत यह कदम उठाया गया। अभियान जारी रखेगी मोगा पुलिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गांधी ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी व्यक्ति नशे के कारोबार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसे और मामलों में भी संपत्ति जब्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई को नशा विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे तस्करों में भय का माहौल पैदा हुआ है।