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सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 8 स्वर्ण सहित 26 पदकों से गूंजा संभाग

सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी का ऐतिहासिक प्रदर्शन  8 स्वर्ण सहित 26 पदकों से गूंजा संभाग मो.कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी  मनेन्द्रगढ़/एमसीबी संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 21 से 23 मार्च तक अंबिकापुर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जिले ने 8 स्वर्ण, 14 रजत और 4 कांस्य पदक जीतकर कुल 26 पदकों के साथ अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट की प्रेरणादायक मौजूदगी ने खिलाड़ियों में नया उत्साह भरा, वहीं समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर भाइचुंग भूटिया की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। एमसीबी के खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड, कुश्ती, कराते और कबड्डी सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 100 मीटर दौड़ में टी. होमेश्वर राव ने शानदार गति दिखाई, भाला फेंक में कुमारी अनिता सिंह ने सटीकता का परिचय दिया, ऊंची कूद में आनंद कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि कराते में कुमारी आराधना मार्को और 62 किलोग्राम कुश्ती में सीमा सिंह ने स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। कबड्डी में भी एमसीबी का दबदबा कायम रहा, जहां जूनियर बालक, जूनियर बालिका और सीनियर बालक वर्ग की टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर टीम वर्क और रणनीति का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। कांस्य पदक विजेताओं में सुरेंद्र सिंह (कराते 67 किग्रा), शनि लुइश (कुश्ती 57 किग्रा), कंचन सिंह (ऊंची कूद) तथा तीरंदाजी में शिवम, मुकेश और चंदन ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर जिले की उपलब्धियों में योगदान दिया। इस ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर डी. वेंकट राहुल ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं और उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। जिला खेल अधिकारी विनोद जायसवाल ने भी इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता भविष्य में और बड़े लक्ष्यों की दिशा में प्रेरणा बनेगी। एमसीबी की इस उपलब्धि ने न केवल सरगुजा संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में जिले को एक मजबूत खेल शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है।

नक्सलियों ने डाले हथियार: कांकेर में 5 उग्रवादी करेंगे आत्मसमर्पण, पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

कांकेर. पापा राव के बाद नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने का दौर थमा नहीं है. आज कांकेर जिले के उइकाटोला के जंगलों से 5 हथियार बन्द नक्सली समर्पण करने निकले है, जो कांकेर एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण करेंगे. एक SLR, दो 303 रायफल के साथ समर्पण करने निकले 5 ईनामी नक्सलियों में ACM मंगेश, ACM गणेश उइका, ACM राजे, ACM हिड़मे उर्फ जमाली और ACM मंगति शामिल हैं. इन पांचों नक्सलियों के समर्पण के साथ ही कांकेर जिले का मोहला, अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी भी नक्सल मुक्त हो जाएगा. पापाराव ने डाले साथियों के साथ हथियार पापाराव ने अपने साथियों के साथ बीजापुर जिले के कुटरु थाना में अपने हथियार जमा किए. पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं. सभी नक्सलियों ने कुटरु थाना में अपने हथियार जमा किए. इसके बाद उनको बस से जगदलपुर रवाना किया गया है. पापाराव ने बताया कि लगातार नक्सल संगठन के ऊपर दबाव, जंगलों में कठिन जीवन और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. कौन है पापाराव पापाराव ऊर्फ सुनम चंदरैय्या ऊर्फ मंगू दादा ऊर्फ चंद्रन्ना (56) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का निवासी है. वह DKSZCM यानि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर है. वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य भी है. पापाराव नक्सल संगठन में एक बड़ा नाम है. साल 2010 में हुए ताड़मेटला कांड का मास्टरमाइंड पापाराव को बताया जाता है. पापाराव की नक्सल संगठन की रणनीतिक गतिविधियों और कैडर संचालन में अहम भूमिका रही है. 16.12.2025 बीजापुर पुलिस के सामने 34 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. इनमें से 26 माओवादियों पर कुल मिलाकर 84 लाख का इनाम घोषित था.सरेंडर करने वालों में 7 महिलाएं भी शामिल थी. 08.12.2025 राजनांदगांव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सामने 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया.इनमें एक प्रमुख माओवादी नेता रामधर माझी भी शामिल था, जिस पर 1.5 करोड़ का इनाम घोषित था. 26.11.2025 बीजापुर 41 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया.इनमें से 32 नक्सलियों पर सामूहिक रूप से 1.19 करोड़ का इनाम घोषित था. 25.11.2025 नारायणपुर नई नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दंडकारण्य क्षेत्र के 28 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए सरेंडर नक्सली'दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी' (DSZC) के सक्रिय सदस्य थे. 17.10.2025 जगदलपुर 210 नक्सलियों ने हथियार समेत पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. यह अबतक का सबसे बड़ा सरेंडर था.राज्य में 170 नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने के ठीक एक दिन बाद, 210 और नक्सलियों ने आतंक का रास्ता छोड़ा. 15.10.2025 गढ़चिरौली, महाराष्ट्र वामपंथी उग्रवाद को एक बड़ा झटका देते हुए, CPI (माओवादी) पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव, उर्फ़ सोनू ने, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में 60 माओवादी कैडरों के साथ सरेंडर कर दिया. 24.07.2025 बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा बीजापुर और दंतेवाड़ा में 2 बड़े सरेंडर हुए. बीजापुर में 25 नक्सिलयों ने हथियार डाले जबकि दंतेवाड़ा में 16 ने सरेंडर किया. कांकेर में 13 नक्सलियों ने हथियार डाल खून खराबे से तौबा कर ली. अबूझमाड़ में 8 और सुकमा में 5 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. बीजापुर में सरेंडर करने वाले 25 माओवादियों पर 1 करोड़ 15 लाख का इनाम घोषित था.सरेंडर करने वाले नक्सलियों में एक सब-ज़ोनल समिति सदस्य, दो DVCM, दो कंपनी PPCM, बटालियन और कंपनी पार्टी के तीन सदस्य, और ACM स्तर के 8 माओवादी शामिल हैं. 27.06.2025 नारायणपुर माओवाद-विरोधी अभियान के दौरान नारायणपुर में 6 नक्सलियों ने सरेंडर किया. 6.06.2025 दंतेवाड़ा 'लोन वर्राटू'अभियान से प्रभावित होकर 7 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. 2.06.2025 सुकमा सुरक्षाबलों के सामने 16 हार्डकोर माओवादियों ने सरेंडर किया. सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर 25 लाख का इनाम घोषित था. 27.05.2025 सुकमा नक्सली हिंसा से तंग आकर 18 माओवादियों ने हथियार डाल दिए. सरेंडर करने वालों में 4 पीएलजीए बटालियन के सक्रिय मेंबर भी शामिल हैं. 23.05.2025 बस्तर सुरक्षाबलों के सामने कुल 33 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, इनमें से 24 नक्सलियों पर कुल 91 लाख का इनाम घोषित था. 13.05.2025 दंतेवाड़ा डीआरजी दफ्तर में 6 हार्डकोर माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले माओवादियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है. 8.04.2025 दंतेवाड़ा नक्सली हिंसा और उसकी विचारधारा से परेशान 26 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले 3 माओवादियों पर इनाम भी घोषित था. 7.04.2025 नारायणपुर 5 इनामी महिला नक्सलियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. सरेंडर नक्सली लंबे समय से छत्तीसगढ़ के बस्तर और अबूझमाड़ इलाकों में सक्रिय रहे. 28.02.2025 बीजापुर बीजापुर में 3 और सुकमा में 7 माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. सरेंडर माओवादियों पर कुल 32 लाख का इनाम घोषित था. 9.01.2025 बीजापुर बस्तर संभाग के बीजापुर में सुरक्षाबलों के सामने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के 13 कैडरों ने सरेंडर कर दिया. इनमें से 5 कैडरों के सिर पर कुल 13 लाख का इनाम था.

जब सेवा व संवेदना शासन का हिस्सा बनती हैं, तब बनता है गरीब का मकान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बहराइच में पुनर्वास धनराशि एवं भूमि पट्टों का वितरण किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जब सेवा व संवेदना शासन का हिस्सा बनती हैं, तब बनता है गरीब का मकान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम ने कहा, पीडीए की बात करने वालों को क्यों याद नहीं आए भरथापुर के यादव, मौर्य, कुशवाहा  सीएम योगी ने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि पट्टों का किया वितरण  पुनर्वास करने वाले परिवारों के लिए बनेगी बेहतरीन कॉलोनी, नाम होगा भरतपुरः सीएम योगी  बहराइच/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातियों में बांटकर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली पिछली सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज जिन परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है, उनमें दलित, पिछड़े, यादव, मौर्य, कुशवाहा व थारू जनजाति आदि से जुड़े लोग भी हैं। हमने उन्हें जातीय चश्मे से नहीं देखा, क्योंकि वे हमारे लिए परिवार का हिस्सा हैं। उन्हें सुरक्षा के साथ ही शासन की सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे भी उज्ज्वल भविष्य के सपने बुन सकें और विकास की उड़ान का हिस्सा बन सकें। लेकिन जो लोग सत्ता में आने पर केवल परिवार तक सीमित रह जाते हैं, उन्हें भरथापुर के मौर्य, यादव, दलित व पिछड़ी जातियों के लोग याद नहीं आ रहे थे। मुख्यमंत्री ने बुधवार को बहराइच जनपद की ग्राम पंचायत सेमरहना में आयोजित कार्यक्रम में भरथापुर गांव के 118 लाभार्थियों को 15 लाख रुपये प्रति हितग्राही की दर से पुनर्वास धनराशि एवं कृषि भूमि आदि परिसंपत्तियों के समतुल्य 21.55 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण भी किया। सीएम ने इस मौके पर महर्षि बालार्क व महाराजा सुहेलदेव को भी याद किया। पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को सालों तक उपेक्षित रखा गया, हम भरथापुर के उन 500 लोगों के पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। जो लोग पीडीए की बात करते हैं, उनसे पूछिए कि भरथापुर के लोगों को उनका अधिकार पहले क्यों नहीं मिला। इनके बच्चों को भी सुरक्षित रहने का अधिकार था, लेकिन जाति के नाम पर बांटने वाले लोगों ने आजादी के बाद से देश की जितनी क्षति की है, उसका खामियाजा देश ने लगातार भुगता है। इन लोगों ने जातीय आधार पर न बांटकर देश को एकता के सूत्र में बांधा होता तो प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जैसे आज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए कार्य हो रहा है और गरीबों-वंचितों के बीच सुविधाएं पहुंच रही हैं, वैसे ही इनका पुनर्वास बहुत पहले हो गया होता। जातीय चश्मे से बांटने वालों ने गरीबों के प्रति अपनी संवेदना नहीं दिखाई। डबल इंजन सरकार लोगों को जातीय चश्मे से नहीं, बल्कि सेवा व संवेदना के चश्मे से देखती है।  सेवा व संवेदना शासन की व्यवस्था का हिस्सा सीएम योगी ने कहा कि जब सेवा व संवेदना व्यवस्था का हिस्सा बनती हैं तो गरीब को आवास, शौचालय, आयुष्मान कार्ड व शासन की अन्य सुविधाएं आसानी से मिलती हैं। हम बहराइच में सेवा व संवेदना के सेतु को जोड़ने आए हैं। उन्होंने प्रदेश में दंगा-उपद्रव कराया, हर जनपद में माफिया पैदा किए, परिवार के लिए खजाने को लूटा और हमने प्रदेश के खजाने को 25 करोड़ जनता के हित, गरीबों के उत्थान, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन, बाढ़ जैसी आपदा रोकने और बिजली पर खर्च किया। 2017 के पहले वे बिजली नहीं देते थे, क्योंकि उनके सारे काम-कारनामे अंधेरे में होते थे। गरीबों के हक पर डकैती पड़ती थी। यूपी में भाजपा सरकार आई तो गरीब को उसका हक दिला रही है। आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही सरकार सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकार समस्या को समस्या बनाए रखने में अपना हित रखती थी। वे समस्या से ही समाज को विभाजित करते थे, फिर उपद्रवियों-दंगाइयों से लोगों को प्रताड़ित कराते थे, संपत्तियों में आगजनी कराते थे। आज सरकार आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान ही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। पुनर्वास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सरकार ने इस गांव को अपने हाथों में लिया है। माताएं, बहनें आत्मनिर्भर बन सकें, पुरुषों को काम मिल सके, हमने इसके लिए भी कार्य किया है।  हां, यह है जनता की सरकार  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से आज जो कार्य हो रहा है, वह बताता है कि हम जाति, पंथ और संप्रदाय से मुक्त होकर 25 करोड़ लोगों के लिए सामूहिक रूप से सेवा व संवेदना की भावना रखते हैं। आज इस कार्यक्रम में कुछ मांएं मंच पर आकर राहत सामग्री ले रही थीं और कुछ को चेक प्रदान किए जा रहे थे तो वास्तव में लग रहा था कि यह है जनता की सरकार।  सीएम ने बयां की भरथापुर की दुर्दशा सीएम योगी ने कहा कि 2025 में भरथापुर गांव के लोगों की एक नाव सरयू जी की धारा में विलीन हो गई। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हुई। जब प्रशासन से बातचीत की तो पता चला कि जहां दुर्घटना हुई है, वहां गांव से सटे क्षेत्र में मगरमच्छ रहते हैं। यह सुनकर मैं भी कांप गया कि आखिर ये लोग कैसे जंगल के बीच में रहते हैं। मैंने उनकी पीड़ा को महसूस किया। प्रभारी मंत्री, जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक टीम के साथ पहुंचा। राहत कार्य तेजी से चला, दर्जन भर लोगों को बचाया गया, लेकिन 9 लोग नहीं बच पाए। मैं स्वयं आकर गांव की स्थिति देखी। सोचा इन लोगों की क्या गलती थी कि इन्हें आज तक सड़क, बिजली, आवास, पक्का मकान, शौचालय की सुविधा नहीं मिली। उन बच्चों की गलती क्या थी, जिन्होंने बचपन में ये सुविधाएं नहीं देखीं। पानी के लिए भी नदी ही सहारा थी। जंगल में हाथी, बाघ, तेंदुआ, सांप और नदी की तरफ से मगरमच्छ का खतरा, उसके बीच में ये 500 लोग रह रहे थे। 2017 के पहले उपद्रव था, 2017 के बाद त्योहारों से पहले उत्सव सीएम ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश को हमने नवनिर्माण की दिशा में … Read more

शाजापुर कलेक्टर को HC की तीसरी फटकार, नाजिर की वेतनवृद्धि रोकने पर स्टे, 15 दिन में हलफनामा जमा करने का आदेश

शाजापुर शाजापुर। कलेक्टर के आदेश पर एक बार फिर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है. हाईकोर्ट जज ने कलेक्टर रिजु बाफना के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा- शाजापुर कलेक्टर को कुछ पता नहीं, नियमों को जानती नहीं और कुछ भी पास कर देती है. कुछ ही दिनों में कलेक्टर को यह तीसरी फटकार हाईकोर्ट से लगी है. इसके पहले भी हाईकोर्ट कलेक्टर के आदेशों पर तल्ख टिप्पणी कर चुका है. इस बार कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी जयंत बघेरवाल की दो वेतन वृद्धि से जुड़ा मामला है. कलेक्टर कार्यालय में वाहन स्टैंड को लेकर कलेक्टर शाजापुर ने वाहन स्टैंड ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर के आदेश दिए थे. ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उसने कर्मचारी जयंत बघेरवाल पर आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए।  व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश दरअसल कलेक्टर ने बिना जांच के ही 27-28 फरवरी 2025 को दो आदेश जारी किए, पहले आदेश में बघेरवाल की दो वेतन वृद्धि रोकने और दूसरे आदेश में उन्हें एसडीएम कार्यालय गुलाना अटैच किया गया. वेतन वृद्धि रोकने के आदेश पर पहले बघेरवाल ने कमिश्नर उज्जैन के यहां अपील की. कमिश्नर ने भी कलेक्टर के आदेश को यथावत रखा, उसके बाद बघेरवाल ने हाईकोर्ट की शरण ली. इन्दौर हाईकोर्ट ने 25 मार्च को स्टे आदेश जारी करते हुए कलेक्टर शाजापुर से 15 दिन में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है।  कलेक्टर को कानून पता नहीं है हलफनामे में कलेक्टर शाजापुर को स्पष्ट करना है किन नियमों के तहत बिना जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं. स्टे आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट लिखा है कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लघंन किया है. बिना किसी विभागीय जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए. हाईकोर्ट ने कलेक्टर को फटकार लगाते हुए कहा शाजापुर कलेक्टर कुछ भी आर्डर पास कर देती है, आबकारी अधिकारी के मामले में भी ऐसा ही किया था। कलेक्टर को कानून पता नहीं है।  तीन मामले पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी विगत दिनों सबसे पहले हाईकोर्ट ने हाट मैदान स्थित भूमि को लेकर याचिकाकर्ता महेश गुप्ता की याचिका पर कलेक्टर शाजापुर के खिलाफ टिप्पणी की थी. दूसरा मामला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के निलंबन का था, जिसमें भी हाईकोर्ट ने निलंबन को गलत ठहराते हुए उन्हें फिर से बहाल किया. तीसरा मामला कर्मचारी जयंत बघेरवाल का है।  

मेरठ में धुरंधर-2 की स्क्रीनिंग: 600 दारोगा देखेंगे फिल्म, सरकारी गाड़ियों में पहुंचेंगे मल्टीप्लेक्स

 मेरठ यूपी में मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे 2023 बैच के 600 दारोगाओं के साथ गुरुवार को आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर-2' देखने सिनेमा हॉल पहुंचेंगे. पुलिस लाइन से सभी दारोगा सरकारी वाहनों में सवार होकर दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के वेव सिनेमा जाएंगे, जहां उनके लिए दो हॉल पहले से बुक कराए गए हैं।  एसएसपी के साथ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. 19 मार्च 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म को दिखाने का मुख्य उद्देश्य नए दारोगाओं का उत्साहवर्धन करना और उन्हें फिल्म में दिखाए गए यूपी पुलिस के विशेष कनेक्शन से रूबरू कराना है।  फिल्म में यूपी पुलिस और माफिया का गहरा कनेक्शन आदित्य धर द्वारा निर्देशित 'धुरंधर-2' का उत्तर प्रदेश से बहुत गहरा जुड़ाव दिखाया गया है. इस फिल्म में यूपी के पूर्व डीजीपी का किरदार शामिल है, साथ ही प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद जैसा दिखने वाला एक चरित्र भी पर्दे पर उतारा गया है।  एसएसपी अविनाश पांडे का मानना है कि यूपी के इस खास कनेक्शन और पुलिसिंग की बारीकियों की जानकारी इन युवा दारोगाओं को होनी चाहिए. इसी मकसद से 2023 बैच के इन पुलिसकर्मियों के लिए खास स्क्रीनिंग का इंतजाम किया गया है।  सरकारी वाहनों से मॉल पहुंचेंगे खाकी वर्दीधारी इस आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सभी 600 दारोगा पुलिस लाइन से एक साथ सरकारी गाड़ियों के काफिले में मल्टीप्लेक्स के लिए रवाना होंगे. जिले के कप्तान और एसपी सिटी खुद उनके साथ बैठकर फिल्म का आनंद लेंगे. विभाग का मानना है कि ड्यूटी के तनाव के बीच इस तरह के आयोजनों से टीम वर्क की भावना बढ़ती है और नए अधिकारियों को क्षेत्र की चुनौतियों को समझने का एक अलग नजरिया भी मिलता है। 

नौ सालों में यूपी में तीन गुना बढ़ी महिला श्रम शक्ति: सीएम योगी

एमएमएमयूटी में गर्ल्स हॉस्टल का भूमि पूजन व शिलान्यास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौ सालों में यूपी में तीन गुना बढ़ी महिला श्रम शक्ति: सीएम योगी 2017 के पहले महिलाओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती थी: सीएम योगी बिना भय महिला का कामकाजी होना समाज में सुरक्षा का मानक: सीएम योगी पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के सीएसआर फंड से होगा हॉस्टल का निर्माण, 13.67 करोड़ रुपये आएगी लागत एमएमएमयूटी में साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का भी उद्घाटन किया सीएम ने, प्रदान किए रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद बेटियों की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों से बीते नौ सालों में महिला श्रम शक्ति तीन गुना बढ़ी है। वुमेन वर्क फोर्स का आंकड़ा 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत को पार कर चुका है। वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा जहां एक बड़ी चुनौती थी, वहीं अब बिना भय के महिलाओं का तेजी से कामकाजी होना समाज में सुरक्षा का एक मानक बना है। सीएम योगी बुधवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में 144 बेडेड गर्ल्स हॉस्टल के भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह गर्ल्स हॉस्टल, पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा सीएसआर फंड से बनवाया जाएगा। इसके निर्माण पर 13.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने एमएमएमयूटी में 4.67 करोड़ रुपये की लागत से बनी साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन भी किया और रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक पुस्तिका का अनावरण भी किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी सुरक्षित हो, उसका सम्मान हो और वह स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर होकर नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सके, इस दृष्टि से उसी प्रकार की सुविधाएं देना आज की आवश्यकता है। इसे ही ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार हर बड़े महानगर में कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण कर रही है। किसी भी समाज में सुरक्षा का मानक यही है कि महिलाएं बिना भय घर से बाहर निकल सकें। 2017 के बाद सरकार की तरफ से इस दिशा में किए गए प्रयासों के परिणाम सबके सामने हैं।  पहले पढ़ने के लिए यूपी से बाहर भेज देते थे बेटियों को मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में महिला सुरक्षा चुनौती थी। मध्य व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत सारे परिवार ऐसे थे, जिन्होंने बेटियों को पढ़ने के लिए यूपी के बाहर कहीं छात्रावास में या फिर कहीं रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था। आज यूपी के हर जनपद में बेटी बिना डर के पढ़ने जाती है, अन्य शहरों में कार्य करने जाती है। नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की संख्या 12 फीसदी से कम थी,  वह आज बढ़कर 36 फीसदी से ज्यादा हो गई है। बेटा-बेटी में भेदभाव बंद होने पर कई गुना बढ़ेगी विकास की रफ्तार सीएम योगी ने कहा कि सदन में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए संसद से पास नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि 2029 के चुनाव में यह लागू हो जाए। जब समाज में महिला-पुरुष का भेद समाप्त होता है तो सुखद अनुभूति होती है। अभिभावक जब बेटी-बेटे में भेद करना बंद करेंगे तभी विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ पाएगी और तभी स्टेबिलिटी (स्थायित्व) आएगी। यूपी में ग्रेड-1 की अब 12 फोरेंसिक साइंस लैब, छह निर्माणाधीन वर्तमान दौर में फोरेंसिक साइंस लैब की आवश्यकता को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पुलिस के पास ग्रेड-1 की सिर्फ 02 फोरेंसिक साइंस लैब थीं। आज यूपी में ग्रेड-1 की 12 फोरेंसिक साइंस लैब हैं, जबकि छह निर्माणाधीन हैं। लखनऊ में पुलिस के लिए विश्वस्तरीय फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित हो चुका है। यहां फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यक्रमों की शुरुआत भी हो चुकी है। तीन नए कानून लागू होने के बाद सात वर्ष से ऊपर की सजा के लिए किसी भी आपराधिक मामले में फोरेंसिक साक्ष्य को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने सभी 75 जनपदों में दो-दो मोबाइल फोरेंसिक लैब उपलब्ध कराई हैं। अपराधी को सजा करवाने में फोरेंसिक साक्ष्य सहयोग करता है। अपराधी सजा पाता है तो पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिलता है। 2017 में थे दो साइबर थाने, आज सभी जनपदों में मुख्यमंत्री कहा कि 2017 में प्रदेश में सिर्फ दो साइबर थाने थे। आज 75 जनपदों में साइबर थाने हैं। प्रदेश के 1681 थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी है। साइबर थानों ने अपराधियों से सैकड़ों करोड रुपये बचाने में सफलता प्राप्त की है। साइबर क्राइम से बचने, डीप फेक के मामलों को नियंत्रित करने, डॉक्यूमेंट को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।  अधिक आबादी यूपी की डेमोग्राफिक डिविडेंड और पूंजी मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। वर्ष 2017 के पहले यह राज्य पहचान का मोहताज था। लोग हमें शक की निगाहों से देखते थे। तब हमने कहा, हमारी जो आबादी है यह भारत का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड है, यह हमारी पूंजी है। यह भारत का स्किल्ड वर्कफोर्स है। मानव संसाधन की इस पूंजी को आगे बढ़ाने का दायित्व सरकार ने लिया और अलग-अलग क्षेत्रों में इसे विकसित करने का कार्य किया।  युवाओं को ‘मार्केट-इंडस्ट्री रेडी’ वर्कफोर्स में बदलने का किया काम मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के युवाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़कर उन्हें मार्केट व इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स में बदलने का काम किया है। लोग कहते हैं कि यह कैसे हुआ, हमारा जवाब है कि यह तो मौजूद था, बस पहले की सरकारों में इच्छाशक्ति का अभाव था। यहां का युवा प्रतिभाशाली था, लेकिन उसको प्लेटफार्म नहीं मिलता था। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग कहां इस ताकत को समझते। नकारात्मकता जिनके मन में हो, समाज के प्रति जिनके मन में नफरत का भाव हो, वह कहां उस ताकत को समझेंगे। यूपी भारत का कंज्यूमर स्टेट ही नहीं, बल्कि भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड भी है। हमें युवाओं को स्किल्ड करना है, इनोवेशन के साथ जोड़ना है, टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ना है। मार्केट … Read more

समीक्षा बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने की अहम चर्चा

खाद्य विभाग की सचिव  रीना बाबा साहब कंगाले ने ली समीक्षा बैठक कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय, दैनिक समीक्षा से व्यवस्था होगी मजबूत गैस आपूर्ति – प्राथमिकता के आधार पर होगा वितरण रायपुर  प्रदेश में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले ने समीक्षा बैठक ली। बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नव निर्माण के 9 वर्ष: यूपी बनेगा हरित प्रदेश, 277 करोड़ से ज्यादा पौधरोपण

नव निर्माण के 9 वर्ष: 277 करोड़ से अधिक पौधरोपण वाला ‘हरित प्रदेश’ बनेगा यूपी  2026 के वर्षाकाल में फिर नया इतिहास रचेगा उत्तर प्रदेश इस वर्ष भी लक्ष्य (35 करोड़) से ज्यादा पौधरोपण की संभावना, पिछले वर्ष हुआ था 37.21 करोड़ पौधरोपण अभी से तैयारी में जुटी योगी सरकार, गांवों में लग रहीं ग्रीन चौपाल, सीएम योगी के नेतृत्व में 9 वर्ष में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण अपने जन्मदिन (5 जून, पर्यावरण दिवस) पर प्रदेशवासियों को पौधरोपण का बड़ा तोहफा देते हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   लखनऊ  उत्तर प्रदेश 2026 में फिर नया इतिहास रचेगा। राज्य को ‘हरित प्रदेश’ बनाने वाले योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 9 वर्ष में 242.13 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए, जबकि इसके पहले 2008 से 2016 तक (9 वर्ष में) महज 65.27 करोड़ पौधरोपण ही किया जा सका। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वन विभाग इस वर्षाकाल (2026) में भी 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाएगा। इस तरह उत्तर प्रदेश 2026 तक 277 करोड़ से अधिक पौधरोपण करने वाला प्रदेश बन जाएगा। हरीतिमा वृद्धि के प्रयासों से उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा है। 2025 में एक दिन (9 जुलाई) में 37.21 करोड़ पौधे लगाने वाले उत्तर प्रदेश ने 2026 पौधरोपण महाभियान को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।  हाल में वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित 'वृहद पौधरोपण कार्यक्रम' में मात्र एक घंटे में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधे रोपे थे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने इसका प्रमाणपत्र भी सौंपा था।  जन्मदिन पर प्रदेशवासियों को पौधरोपण का तोहफा देते हैं सीएम योगी   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन 5 जून को है। इसी दिन पर्यावरण दिवस भी मनाया जाता है। मुख्यमंत्री अपने जन्मदिन की शुरुआत पौधरोपण से करते हैं। इसके बाद वर्षाकाल में करोड़ों पौधरोपण करने के साथ ही योगी आदित्यनाथ इसे जनांदोलन बनाते हैं। 2017 में सत्ता संभालने के बाद से 5 जून को पर्यावरण दिवस हो या वर्षाकाल में पौधरोपण महाभियान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इसकी कमान संभाली। पौधरोपण महाभियान के पहले वह खुद सफल आयोजन के लिए मीटिंग और मॉनीटरिंग करते हैं। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पहुंचकर पौधे भी लगाते हैं। स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, कर्मचारियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों समेत समाज के हर तबके को इस महाभियान से जोड़ने का बीड़ा उठाते हैं। योगी सरकार के प्रयास से 9 वर्ष में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। इससे यूपी के वनाच्छादन में भी वृद्धि हुई। भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023 के मुताबिक उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा है। योगी सरकार ने 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट दिया है। बच्चों के अभिभावकों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे प्रदान कर यह संकल्प दिलाया गया कि जैसे बच्चे का पालन करें, वैसे ही पौधे का भी संरक्षण कर उसे पेड़ बनने में योगदान दें। पीएम मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में सराहनीय कार्य के लिए उत्तर प्रदेश की पीठ भी थपथपाई है।  चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को किया ध्वस्त  यूपी ने विश्व के पर्यावरण मानचित्र पर 01 मार्च को नया इतिहास दर्ज किया। वाराणसी के सुजाबाद डोमरी में आयोजित 'वृहद पौधरोपण कार्यक्रम' में मात्र एक घंटे में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण कर चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित किए गए इस आधुनिक ‘शहरी वन’ ने आज विश्व पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। इसके पहले 10 मार्च 2018 को 1,53,981 पौधों का रोपण कर चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था।  योगी सरकार-2026 में भी लगाएगी 35 करोड़ से ज्यादा पौधे  योगी सरकार वर्षाकाल-2026 में भी पौधरोपण की तैयारी में जुट गई है। वन व पर्यावरण विभाग की ओर से 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है। सरकार की ठोस तैयारी व जन-सहभागिता से यह लक्ष्य से अधिक होने की पूरी संभावना है। पौधशालाओं, विभागों, जनपदों को आगामी दिनों में तैयारी को लेकर निर्देश दिए गए हैं। 52 करोड़ से अधिक पौधे विभिन्न पौधशालाओं में रोपण के लिए तैयार स्थिति में होंगे। हाल में प्रस्तुत बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये तथा राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है।  गांवों में पर्यावरण संरक्षण जागरूकता के लिए ‘ग्रीन चौपाल’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक लाने का निर्देश दिया है। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब पौधरोपण को जनांदोलन का स्वरूप दिया जा सके। सीएम के विजन को केंद्र में रखते हुए वन विभाग ने गांवों में ग्रीन चौपालों का गठन करने का निर्णय किया और इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की। विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रत्येक ग्रामसभा स्तर पर अब तक 18000 से अधिक गांवों में चौपालों का गठन/आयोजन किया जा चुका है। ग्रीन चौपालें ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हो रही हैं। इसमें सरकार के सभी वर्गों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से इसकी बैठक की जा रही है।

योगी सरकार के वन स्टॉप सेंटर से महिलाओं को मिल रहा बड़ा सहारा, 2025-26 में 55,134 मामलों में सहायता

योगी सरकार में वन स्टॉप सेंटर बने महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सहारा, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 55,134 प्रकरणों में मदद पुलिस से लेकर खुद पीड़िता तक पहुंच, हर स्तर पर सक्रिय दिखा सिस्टम लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 55,134 प्रकरणों में महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है, जो इस व्यवस्था की व्यापक पहुंच और प्रभाव को दिखाता है। यह उन हजारों महिलाओं की कहानी है जिन्हें संकट की घड़ी में तुरंत सहारा मिला है। इसके अंतर्गत 26,450 मामले पुलिस के माध्यम से आए, जबकि 7,551 महिलाएं खुद सहायता के लिए आगे आईं यानी सिस्टम तक पहुंच और उस पर भरोसा दोनों तेजी से बढ़ा है। हर चैनल से जुड़ा सिस्टम, हर पीड़िता तक पहुंच वन स्टॉप सेंटर अब एकीकृत व्यवस्था के रूप में काम कर रहे हैं। महिला हेल्पलाइन से 8,506, बाल कल्याण समिति से 6,433 और अन्य माध्यमों से 5,560 मामले सामने आए। इसके अलावा विभिन्न विभागों के जरिए भी महिलाओं को सहायता मिली। यह दिखाता है कि अब व्यवस्था अलग-अलग हिस्सों में बंटी नहीं है, बल्कि एक प्लेटफॉर्म पर आकर पीड़ित महिला को हर जरूरी मदद उपलब्ध करा रही है। हर तरह की समस्या का एक ही समाधान केंद्र इन प्रकरणों में सबसे अधिक 34,565 मामले सिविल विवादों से जुड़े हैं, जबकि 14,268 मामले घरेलू हिंसा के हैं। इसके अलावा यौन हिंसा, जेंडर आधारित हिंसा और साइबर अपराध से जुड़े मामले भी हैं। साफ है कि वन स्टॉप सेंटर अब केवल एक सेवा नहीं, बल्कि महिलाओं से जुड़ी हर समस्या के समाधान का केंद्र बन चुके हैं। हर उम्र की महिलाओं तक पहुंचता सुरक्षा तंत्र इन केंद्रों की पहुंच हर आयु वर्ग तक है। 18 से 30 वर्ष की 26,565 महिलाएं, 31 से 45 वर्ष की 7,888 महिलाएं इन सेवाओं से लाभान्वित हुई हैं। इसके अलावा आयु वर्ग की महिलाओं को भी सहायता पहुंचाई गई है। यह बताता है कि यह व्यवस्था समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच बना रही है और जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल रही है। जमीनी स्तर पर सक्रिय, भरोसे का मजबूत आधार प्रदेश में इस समय 96 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं और अगले महीने अप्रैल में 25 और नए वन स्टॉप सेंटक संचालित हो जाएंगे। इनके माध्यम से लगातार सेवाएं दी जा रही हैं। सीमित स्टाफ के बावजूद बड़ी संख्या में मामलों में सहायता यह दर्शाती है कि सिस्टम जमीन पर काम कर रहा है। कुल मिलाकर, वन स्टॉप सेंटर अब महिला सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। योगी सरकार ने यह साबित किया है कि सुरक्षा का मतलब सिर्फ नीतियां बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है और यही इस मॉडल की असली ताकत है।

शोर कम, काम ज्यादा: योगी सरकार की योजना से कनेक्टिविटी का नया मॉडल

हर गांव तक बस, हर गांव तक सुविधा: 12 हजार से ज्यादा गांवों की बदलेगी तस्वीर शोर कम, काम ज्यादा: योगी सरकार की योजना से कनेक्टिविटी का नया मॉडल सिर्फ सड़क नहीं, सेवाओं की भी पहुंच : ग्रामीण परिवहन से खुलेगा अवसरों का रास्ता लखनऊ उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवहन विकास को नई दिशा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, 2026 के तहत लगभग 12,200 ऐसे गांवों में बस सेवा शुरू की जाएगी, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। यह पहल सिर्फ बस चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गांव तक वास्तविक संपर्क सुनिश्चित करने की है। साफ संदेश है, जहां बस जाएगी, वहां संपर्क मार्ग भी होगा और वहीं से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच का रास्ता खुलेगा। ग्रामीण परिवहन पर खर्च 2011-12 में घरेलू बजट के 4.2% से बढ़कर 2022-23 में लगभग 7.5% हो गया है। यही वह अंतर है जो योगी सरकार को अन्य सरकारों से अलग करता है। शोर कम, काम ज्यादा और अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिबद्ध हैं।  अंतिम छोर तक बस सेवा पहुंचाने की ठोस रणनीति प्रदेश में बीते वर्षों में सड़कों का व्यापक जाल बिछा, लेकिन 12 हजार से ज्यादा गांव अब भी सुविधाओं से कटे हुए थे। योगी सरकार ने इस अंतर को पहचानते हुए कनेक्टिविटी की परिभाषा को बदला है। अब केवल सड़क बनाना लक्ष्य नहीं, बल्कि उस सड़क पर नियमित परिवहन सुनिश्चित करना है। यह योजना 59,163 ग्राम सभाओं को जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। खास बात यह है कि करीब 5,000 ऐसे गांव, जहां बड़ी बसें नहीं पहुंच सकतीं, वहां 28 सीटों तक की छोटी बसें चलाई जाएंगी। यानी दुर्गम इलाकों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का स्पष्ट रोडमैप तैयार है। बसों की सेवा प्रत्येक ग्राम पंचायत में दिन में कम से कम दो बार सुनिश्चित की जाएगी, जिससे लोगों को नियमित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके। यह सेवा सुबह 10 बजे से शुरू होगी और बस को रात में 8 बजे तक गांव लौटाना होगा। बसों को परमिट प्रारंभिक रूप से 10 वर्षों के लिए प्रदान किए जाएंगे, आगे इसे बढ़ाया भी जा सकता है।  रोजगार और भागीदारी का नया मॉडल इस योजना में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर भी विशेष जोर है। बसों के चालक और सहायक स्टाफ की भर्ती आसपास के गांवों से की जाएगी, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही निजी ऑपरेटरों को भी जोड़ा गया है, जिन्हें परमिट और करों में छूट देकर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह मॉडल न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। निगरानी, विश्वसनीयता और रोजमर्रा की राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समितियां बनाई जाएंगी, जो संचालन, किराया निर्धारण और निगरानी का काम देखेंगी। बसों को रात तक गांवों में लौटना अनिवार्य होगा, जिससे सेवा की निरंतरता बनी रहे। यह पहल उन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी, जो अब तक महंगे और अनियमित साधनों पर निर्भर थे। परिवहन खर्च में कमी आएगी और लगभग 1.5 करोड़ छात्रों को विद्यालयों तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे ड्रॉपआउट दर पर भी असर पड़ेगा। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना यह स्पष्ट करती है कि विकास का असली पैमाना वही है, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। योगी सरकार कनेक्टिविटी को सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि सुविधा, अवसर और सम्मानजनक जीवन से जोड़ते हुए एक नया मानक स्थापित कर रही है।