samacharsecretary.com

नीति, नवाचार और निवेश से आर्थिक समृद्धि के नए कीर्तिमान रचता मध्यप्रदेश

भोपाल वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्संतुलन के इस दौर में भारत की विकास यात्रा अब केवल राष्ट्रीय नीतियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्यों की क्षमता, नेतृत्व की स्पष्टता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता उसकी गति निर्धारित कर रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश ने स्वयं को एक संसाधन आधारित राज्य से आगे बढ़ाकर एक रणनीतिक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश को केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्पादन, रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन से जुड़े व्यापक परिवर्तन के रूप में देखा है। उनके स्पष्ट मार्गदर्शन में नीति सुधार, प्रशासनिक सरलीकरण, औद्योगिक आधार विस्तार और निवेश प्रस्तावों को धरातल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को एकीकृत ढंग से आगे बढ़ाया गया है। यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि नीति की स्पष्टता, नवाचार की स्वीकृति और निवेश के प्रति सक्रिय प्रतिबद्धता के समन्वय से मध्यप्रदेश आर्थिक समृद्धि के ऐसे नए कीर्तिमान रच रहा है जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में उभर रहे हैं। नीति आधारित पारदर्शिता और निवेश का विश्वास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगों के लिए भरोसे का वातावरण निर्मित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उद्योग संवर्धन नीति 2025 सहित विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों के माध्यम से निवेशकों को स्पष्ट प्रोत्साहन ढांचा उपलब्ध कराया गया है। श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे गारमेंट, फुटवियर और खिलौना निर्माण में बड़े निवेश को मेगा उद्योग का दर्जा देकर अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किए जा रहे हैं। मोहन सरकार ने प्रक्रियाओं की जटिलता को कम करने के लिए मध्यप्रदेश जन विश्वास संशोधन अधिनियम के माध्यम से अनेक प्रावधानों का अपराधमुक्तिकरण किया गया। इससे उद्योगों में अनावश्यक भय और दंडात्मक संस्कृति की जगह विश्वास आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिला है। सिंगल विंडो व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करते हुए इन्वेस्ट एमपी 3 पोर्टल प्रारंभ किया गया है, जो निवेशकों को नीति, अनुमतियां, प्रोत्साहन और व्यवहार्यता से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को दर्शाती है जिसमें सरकार स्वयं को नियंत्रक नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में स्थापित करती है। निवेश प्रस्तावों से उद्योग स्थापना तक राज्य में आयोजित वैश्विक निवेश मंचों और औद्योगिक संवादों के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इन प्रस्तावों को केवल समझौता पत्र तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें उद्योग स्थापना में बदलने के लिए निरंतर निगरानी और सीधी समीक्षा की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं निवेश परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हैं। विभागीय समन्वय को मजबूत किया गया है ताकि भूमि आवंटन, स्वीकृतियां, आधारभूत सुविधाएं और प्रोत्साहन समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराए जा सकें। परिणामस्वरूप अनेक परियोजनाएं उन्नत अवस्था में पहुंच चुकी हैं और कई इकाइयां उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल घोषणा नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की प्रक्रिया है। औद्योगिक आधार और मजबूत अधोसंरचना राज्य में विशाल औद्योगिक भूमि बैंक उपलब्ध है और नए औद्योगिक पार्कों का विकास तीव्र गति से किया जा रहा है। मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन के साथ आधुनिक आधारभूत संरचना सुनिश्चित की जा रही है। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क योजना के अंतर्गत देश के सबसे बड़े एकीकृत टेक्सटाइल पार्क के रूप में उभर रहा है। यह परियोजना फाइबर से फैशन तक पूरी मूल्य श्रृंखला को एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रतलाम में विकसित हो रहा मेगा औद्योगिक पार्क, सागर क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल आधारित संभावनाएं, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी पहलें औद्योगिक विविधीकरण को सुदृढ़ कर रही हैं। एशिया का प्रमुख ऑटो परीक्षण केंद्र NATRAX राज्य में स्थित है। रीवा सौर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की पहचान को मजबूत किया है। निर्यात और उत्पादन क्षमता का विस्तार मध्यप्रदेश का वार्षिक निर्यात निरंतर वृद्धि दर्ज कर रहा है। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योग निर्यात संरचना के प्रमुख आधार हैं। राज्य भारत के ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में अग्रणी है, जिससे टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक सस्टेनेबल सप्लाई चेन में विशेष स्थान मिला है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में गेहूं, सोयाबीन, दालें और मिलेट आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग प्रदेश के लिए नए बाजार खोल रही है।स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अधिशेष विद्युत उत्पादन वाले राज्यों में शामिल है और ऊर्जा भंडारण तथा बैटरी निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 की दिशा समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 का विजन दस्तावेज प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति को स्पष्ट करता है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमिता और तकनीक आधारित नवाचार को विकास का प्रमुख आधार माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। इसलिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह विजन केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन के संतुलित मॉडल की ओर संकेत करता है। राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान भारत आज वैश्विक आर्थिक संरचना में नई भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर है। इस यात्रा में राज्यों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश अपनी नीतिगत स्पष्टता, औद्योगिक विस्तार और निवेश अनुकूल वातावरण के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सशक्त योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने यह संदेश स्पष्ट किया है कि विकास घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर स्थापित उद्योगों, सृजित रोजगार और मजबूत आर्थिक आधार से मापा जाता है। नीति, नवाचार और निवेश के सुविचारित समन्वय के साथ मध्यप्रदेश आज आर्थिक समृद्धि के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है और राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर अपनी भूमिका को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है।  

दिल्ली में बड़ी वारदात: सीलमपुर में व्यापारी से 1.5 करोड़ का सोना लूटा, आरोपी फरार

नई दिल्ली दिल्ली के सीलमपुर इलाके में सोमवार रात को बदमाशों ने चांदनी चौक के एक स्वर्ण व्यवसायी और उनके पिता से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना और उनकी स्कूटी लूट ली। यह वारदात पुलिस उपायुक्त कार्यालय के पास हुई जहां पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनकी स्कूटी को टक्कर मारकर विवाद शुरू किया और फिर स्कॉर्पियो सवार साथियों के साथ मिलकर लूटपाट की। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश में जुटी है। डेढ़ करोड़ से ज्यादा का सोना और स्कूटी लूटी एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय और सीलमपुर पुलिस बूथ के पास सोमवार देर रात कार सवार बदमाशों ने एक कारोबारी से डेढ़ करोड़ से ज्यादा का सोना व स्कूटी लूट ली। वारदात के बाद आरोपी आराम से मौके से फरार हो गए। भोपुरा बॉर्डर के पास खड़ी मिली स्कॉर्पियो कार वारदात के कुछ ही देर बाद पुलिस को वारदात में शामिल एक स्कॉर्पियो कार भोपुरा बॉर्डर के पास खड़ी मिली, लेकिन कार सवार बदमाश फरार थे। पुलिस ने पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व स्कॉर्पियो कार की मद्द से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पीड़ित का गोल्ड का कारोबार पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि पीड़ित कारोबारी 24 वर्षीय प्रथम बंसल अपने परिवार के साथ राम नगर, शाहदरा में रहता है। वह अपने पिता अनेश बंसल के साथ चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में सोने का कारोबार करते हैं। स्कूटी को पीछे से मारी टक्कर पुलिस को दिए बयान में प्रथम बंसल ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने पिता अनेश बंसल के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे वेलकम मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे, तभी स्कूटी पर सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। सोने की चेन, सोने की छड़ और स्कूटी लूटी टक्कर मारने के बाद आरोपी उनसे बहस करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो कार में सवार दो अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद हमलावरों के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया। इसके बाद चारों बदमाशों ने मिलकर उनसे सोने की चेन, सोने की छड़ और उनकी स्कूटी छीन ली और मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और इलाके में नाकाबंदी कर दी गई। जांच के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो कार भोपुरा सीमा के पास लावारिस हालत में मिली। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वारदात को सोच समझकर अंजाम दिया गया है। आरोपियों ने पहले से पीड़ित की रेकी की हो सकती है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए गठित की गई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की छानबीन कर रही है।

अब ऐप से होगी कुली बुकिंग, रेल मंडल ने शुरू की तैयारी

रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को जल्द एप के जरिए कुली बुक करने की सुविधा मिल सकती है. रेल मंडल इसके लिए विशेष ऐप तैयार कर रहा है. इसमें कुलियों का पूरा विवरण और तब किराया दर्ज रहेगा. इस व्यवस्था को लागू करने से पहले रेलवे यात्रियों से फीडबैक ले रहा है. इसके लिए क्यूआर स्कैनर जारी कर सर्वे कराया जा रहा है. रायपुर रेल मंडल द्वारा विकसित किए जा रहे एप के शुरू होने के बाद यात्री ट्रेन के रायपुर रेलवे स्टेशन में पहुंचने से पहले ही कुली बुक कर सकेंगे. ट्रेन आते ही कुली संबंधित कोच और सीट तक पहुंचेंगे. इससे यात्रियों को स्टेशन पर कुली खोजने की परेशानी नहीं होगी. साथ ही किराए को लेकर मोलभाव और ओवरचार्जिंग जैसी शिकायतों में भी कमी आ सकेगी. रेलवे के जन- सर्वेक्षण में यात्रियों से पूछा जा रहा है कि वे कितनी बार ट्रेन से यात्रा करते हैं, कुली सेवा लेते हैं या नहीं, स्टेशन पर कुली खोजने में दिक्कत होती है या नहीं. इसके अलावा किराये की जानकारी तय राशि से अधिक वसूली, मोलभाव, ऑनलाइन बुकिंग से समय बचत, सुरक्षा और सुविधा शुल्क जैसे मुद्दों पर भी राय मांगी जा रही है.

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने लॉन्च की नई वेबसाइट, वन क्लिक सिंगल विंडो सिंगल-पोर्टल सेवा

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने एक नई वेबसाइट वन क्लिक सिंगल विंडो सिंगल-पोर्टल किया लॉंच यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है रायपुर  वन क्लिक सिंगल विंडो (OneClick) एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल है, जो निवेशकों को छत्तीसगढ़ में व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां, मंजूरी, भूमि आवंटन और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा एक ही जगह प्रदान करता है। यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है, जिससे समय की बचत होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस  (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलता है।            उद्योग विभाग से पाप्त जानकारी के अनुसार वन क्लिक सिंगल विंडोका मूल विचार सरल है विभाग के साथ काम करने वाले सभी लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना। चाहे आप एक स्थापित व्यवसाय हों, संभावित निवेशक हों, स्टार्टअप हों या निर्यातक हों, अब आपको सब कुछ एक ही स्थान पर मिलेगा। अनुमोदन के लिए वन क्लिक सिंगल विंडो से लेकर सब्सिडी कैलकुलेटर के साथ प्रोत्साहन का अनुमान लगाने तक, प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और कुशल है।           छत्तीसगढ़ के व्यापार को आसान बनाएं के व्यापक वादे के तहत, वनक्लिक राज्य का नया सिंगल-विंडो पोर्टल है जो व्यापारिक वातावरण में गति, सरलता और पारदर्शिता लाता है। अनुमोदन और मंजूरी से लेकर बिल भुगतान, भूमि आवंटन और अनुपालन तक – एक उद्यमी या निवेशक को जो कुछ भी चाहिए, वह अब सिर्फ एक क्लिक दूर है।          वनक्लिक नाम सहज, यादगार है और पोर्टल के मूल कार्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुगमता और दक्षता प्रदान करना। टैगलाइन – सीजी इसे आसान बनाता है – शासन को एक सहज अनुभव में बदलने के लिए छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां उद्यमी कागजी कार्रवाई में कम समय और महत्वपूर्ण कार्यों के निर्माण में अधिक समय व्यतीत करते हैं।

स्कूलों में नया सिस्टम: शिक्षक नहीं आए तो बच्चे खुद बुलाएंगे, प्रिंसिपल रखेंगे लाइव नजर

बालाघाट सांदीपनि स्कूलों के खुलने के बाद अन्य शासकीय स्कूलों के संचालन पर संकट गहराता जा रहा है, इन स्कूलों में दर्ज संख्या भी कम होती जा रही है, जिससे अन्य सरकारी स्कूलों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वर्षों पुराने बालाघाट जिला मुख्यालय में संचालित सरकारी संस्था उत्कृष्ट विद्यालय स्वयं को निजी स्कूलों की तर्ज पर संचालित करने के लिए अपडेट कर रही है, और शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उसे बेहतर करने का प्रयास कर रही है। आडियो ब्राड कास्टिंग सिस्टम से सुधरेगी व्यवस्था जिसके तहत ही अब उत्कृष्ट विद्यालय में स्कूल लगने के बाद कोई पीरियड मिस नहीं हो सकेंगे और यदि एक पीरियड खत्म होने के बाद अगला पीरियड पढ़ाने के लिए कक्षा में कोई शिक्षक नहीं आता है, तो ऐसे में विद्यार्थी कक्षा से ही सीधे अपने कक्ष में बैठे प्राचार्य से संपर्क कर सकेंगे जिससे उनके लिए शिक्षक की व्यवस्था हो सकेगी। यह मुमकिन हो पाएगा आडियो ब्राड कास्टिंग सिस्टम की व्यवस्था से। इस व्यवस्था के तहत उत्कृष्ट विद्यालय के सभी कक्षों में सिस्टम के स्पीकर लगाए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर इसे फोन की तरह विद्यार्थी इस्तेमाल कर सकेंगे। निगरानी और मनोरंजन की दोहरी सुविधा वहीं प्राचार्य इस व्यवस्था से निगरानी रख सकेंगे। इतना ही नहीं, लंबी पढ़ाई के बाद मानसिक व शारीरिक थकान को दूर करने के लिए अंतिम 15 मिनटों में विद्यार्थियों का इस सिस्टम के माध्यम से मनोरंजन भी किया जा सकेगा। स्कूल स्टाफ व विद्यार्थियों पर नियमित मॉनिटरिंग करने व उनकी किसी भी समस्या के निदान के लिए आडियो ब्राड कास्टिंग सिस्टम को स्कूल परिसर में स्थापित किया गया है। सीसीटीवी से भी होगी मॉनिटरिंग मुख्य सिस्टम प्राचार्य कक्ष में रखा गया है, और सभी कक्षाओं व स्टाफ कक्षों में इसके स्पीकर लगाए गए हैं, साथ ही सीसीटीवी फुटेज से इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। विद्यार्थी स्वस्थ महसूस कर सकें इसके लिए 15 मिनट उनके मनोरंजन के लिए म्यूजिक की व्यवस्था भी की गई है। – शरद ज्योतिषी, प्राचार्य, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट।  

नरसिंहपुर में खौफनाक घटना: खाना बनाते वक्त फटा इंडक्शन, महिला और बच्चे बाल-बाल बचे

नरसिंहपुर एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच वैकल्पिक साधन के रूप में उपयोग हो रहे इलेक्ट्रिक इंडक्शन अब खुद जोखिम का कारण बनने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार दोपहर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम खैरीनाका में सामने आया, जहां खाना बनाते समय इंडक्शन अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। किचन में धमाका और बिखरा कांच घटना के समय किचन में गृहिणी हेमा जाट अपने दो बच्चों के साथ मौजूद थीं। वह बेटे के स्कूल से लौटने के बाद उसके लिए इंडक्शन पर खिचड़ी बना रही थीं। जैसे ही उन्होंने बर्तन उतारने की कोशिश की, इंडक्शन में तेज धमाका हो गया और उसका कांच चकनाचूर होकर पूरे किचन में फैल गया। कांच के टुकड़े पास में रखे दूध और खिचड़ी में भी जा गिरे, जिन्हें तुरंत फेंक दिया गया। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वारंटी के बावजूद 6 माह में हादसा हेमा जाट ने बताया कि जब उन्होंने यह इंडक्शन खरीदा था, तब कंपनी द्वारा 3 साल की वारंटी दी गई थी, लेकिन महज 6 माह के भीतर ही यह इस तरह फट गया। उन्होंने बताया कि एलपीजी गैस की समस्या के कारण वे मजबूरी में इंडक्शन पर खाना बना रही थीं। जब से गैस सिलिंडर की उपलब्धता में परेशानी आ रही है, तब से अनेक लोग इंडक्शन जैसे उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों को सतर्क रहने की जरूरत का संकेत दे रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विद्युत उपकरणों के उपयोग में सही वोल्टेज, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और नियमित जांच जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।  

किसानों को सोलर पंप देने में पीछे रही सरकार: लक्ष्य से हजारों कम वितरण

भोपाल प्रदेश सरकार को कुसुम बी (प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना) के अंतर्गत भारत सरकार से 52 हजार सोलर पंप किसानों को देने का लक्ष्य मिला था, इसके मुकाबले किसानों को केवल 40 हजार 662 सोलर पंप ही दिए जा सके हैं। 11,338 सोलर पंप किसानों को मिले ही नहीं। जबकि एक लाख किसानों ने आवेदन किया था। मप्र ऊर्जा विकास निगम का तर्क है कि जिन किसानों ने 10 प्रतिशत राशि जमा नहीं की, उनके आवेदन अमान्य कर दिए गए और जिन किसानों की राशि जमा हो गई थी, उन्हें कंपनियों के माध्यम से सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं। बता दें कि योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देती है। किसानों को केवल 10 प्रतिशत राशि ही मिलानी होती है। इनमें एक से साढ़े सात हार्स पावर के सोलर पंप दिए गए हैं। किसानों को 10 एचपी की जगह 7.5 एचपी सोलर पंप दे रहीं कंपनियांप्रदेश में जिन किसानों ने 10 हार्स पावर (एचपी) क्षमता के सोलर पंप के लिए आवेदन किया था, उन्हें 10 एचपी की जगह 7.5 एचपी पंप दिए जा रहे हैं। कई जिलों में इसकी शिकायतें मिली है। जिन किसानों ने एक वर्ष पूर्व आवेदन कर राशि जमा की थी, उन्हें अब भी सोलर पंप मिलने का इंतजार है। ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि किसानों ने स्वेच्छा से 10 हार्स पावर की जगह 7.5 हार्स पावर का सोलर पंप लिया है। ऊर्जा विकास निगम की ओर से 10 एचपी पंप के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन कोई भी कंपनी टेंडर में भाग लेने नहीं आई। बता दें कि पिछले वर्ष भिंड में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोलर पंप के लिए प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना पोर्टल की शुरुआत की थी और किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप देने की घोषणा की थी। प्रारंभिक चरण में प्रदेशभर से एक लाख किसानों ने एक से 10 एचपी सोलर पंप के लिए पांच-पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन किया था। कुसुम बी में मिलता है लाभ- प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना।- 30% केंद्र सरकार, 30% राज्य सरकार।- बाद में राज्य सरकार ने अतिरिक्त 30% की छूट दी।अब कुल 10% किसान मिलाता है और 90% सरकार वहन करती है।  

अप्रैल से चंडीगढ़ में बढ़ेगी पानी की कीमत, गारबेज कलेक्शन चार्ज और कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के लोगों की जेब पर एक अप्रैल से अधिक बोझ पड़ने वाला है। पानी से लेकर डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के चार्ज बढ़ने वाले हैं। वाटर टैरिफ में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा सीवरेज सेस भी बढ़ेगा। साथ ही डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन चार्ज में होगी बढ़ोतरी। अभी 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगा। 60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। हालांकि पांच प्रतिशत की वृद्धि बहुत बड़ी नहीं है। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। घरों की एरिया के अनुसार चार्ज वार्षिक बढ़ोतरी नियम के कारण पहली अप्रैल से गारबेज कलेक्शन चार्ज भी सभी केटेगरी में पांच प्रतिशत तक बढ़ गया है। दो मरला तक के घरों का गारबेज कलेक्शन चार्ज 57.88 रुपये से बढ़कर 60.77 रुपये हो जाएगा। दो मरला से 10 मरला तक के घरों का चार्ज 115.76 रुपये से बढ़कर 121.55 रुपये होना है। 10 मरला से एक कनाल तक के घरों को पहली अप्रैल से 231.53 रुपये की जगह 243.11 रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह एक कनाल से दो कनाल तक के घरों का शुल्क 289.38 रुपये से बढ़कर 303.85 रुपये हो जाएगा। वहीं दो कनाल से अधिक एरिया के घरों के लिए गारबेज कलेक्शन चार्ज 405.09 रुपये से बढ़कर 425.34 रुपये होना है। कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग महंगी होगी पहली अप्रैल से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी। इसमें कैटेगरी के हिसाब से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग रेट बढ़ने हैं। पांच से दस प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि बुकिंग में हो जाएगी। शराब होगी महंगी, ठेके बदलेंगे पहली अप्रैल से नई आबकारी नीति भी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब के रेट भी नई आबकारी नीति के हिसाब से ही लागू होने हैं। हालांकि शराब के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। केवल दो प्रतिशत रेट ही बढ़ाने प्रस्तावित किए गए हैं। शराब के नए ठेकों का आवंटन होने के बाद पहली अप्रैल से यह शुरू हो जाएंगे। पहली अप्रैल से बूथ, शाप और नगर निगम की दूसरी संपत्ति के किराये में भी पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।  

तेंदुए की खाल की तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।            वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।           यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।           वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी हैं। इस अभियान में राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन की वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं के तहत जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

Delhi Budget Highlights: फ्री बिजली पर बड़ा ऐलान, जानिए किन योजनाओं की हुई बरसात

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है। महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी। मुफ्त खाना और सिलेंडर दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा। शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है। ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है। बस और मेट्रो के लिए क्या सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है। स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। ग्रीन बजट दिया गया नाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'