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युवा बने प्रेरणा: जैन तीर्थ दर्शन के लिए पंजाब से राजस्थान रवाना हुआ श्रद्धालुओं का जत्था

चंडीगढ़/लुधियाना. श्री मनोवांछित पार्श्वनाथ जैन मंदिर सोसायटी के तत्वावधान में श्री मनोवांछित वल्लभ जैन युवक मंडल की ओर से राजस्थान के जैन तीर्थ स्थलों की यात्रा हेतु जत्था नूरवाला रोड जैन प्रॉपर्टी नजदीक रवाना हुआ। सर्वप्रथम नवकार महामंत्र का उच्चारण किया। इस अवसर पर  मनोवांछित पार्श्वनाथ जैन मंदिर सोसायटी के चेयरमैन सीए संजीव जैन व अध्यक्ष ललित जैन ने झंडे की रस्म अदा कर बस को रवाना किया। इस दौरान संजीव जैन, ललित जैन ने कहा कि युवक मंडल की ओर से धार्मिक तीर्थ स्थलों के लिए यात्रा करवाना एक प्रशंसनीय पहल है। इससे युवाओं में धर्म के प्रति रुझान बढ़ेगा। ऐसे आयोजन के लिए व धर्म के प्रचार व प्रसार के लिए  युवा वर्ग को आगे आना होगा है। धार्मिक तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाने के सभी मंडल के सदस्य बधाई के पात्र हैं। उपाध्यक्ष योगेश जैन ने कहा कि यात्रा श्री फलवृद्धि पार्श्वनाथ, श्री नवलखा पार्श्वनाथ, श्री स्वयंभू पार्श्वनाथ, सेसली, न्यू पावापुरी, जीरावाला पार्श्वनाथ, श्री नाकौडा जी, 72 जिनालय आदि के लिए भक्त दर्शन कर प्रभु का आशीर्वाद लेंगे। इस दौरान समिति की ओर से संघपति अंकित जैन को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सोसायटी चेयरमैन सीए संजीव जैन, अध्यक्ष ललित जैन, उपाध्यक्ष योगेश जैन, महामंत्री विनय जैन (एनके),  कैशियर अविनाश जैन, रोहित जैन, मनीष जैन (हैप्पी), विनोद जैन, सुनीता जैन, मंजुला जैन, रजत जैन, विक्रम जैन (गब्बर), विशाल जैन, मंडल अध्यक्ष अंकित जैन,  सैक्ट्री विनय जैन (बंटी), कैशियर सुमित जैन, यात्रा संचालक मनीष जैन (डिंपल) आदि उपस्थित थे।  

श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत: डोंगरगढ़ नवरात्रि स्पेशल ट्रेन का ऐलान, 63 स्टॉपेज के साथ सेवा शुरू

बिलासपुर चैत्र नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में लगने वाले नवरात्रि मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) कोरबा के बीच मेमू स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 23 से 28 मार्च तक चलेगी और इस दौरान 63 स्टेशनों पर रुकेगी। पूरी दूरी तय करने में ट्रेन को करीब 14 घंटे 30 मिनट लगेंगे। रेलवे के अनुसार ट्रेन नंबर 06883 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–कोरबा मेमू स्पेशल सुबह 5 बजे इतवारी से रवाना होगी और मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुए शाम 7.30 बजे कोरबा पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन नंबर 06884 कोरबा–नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) मेमू स्पेशल कोरबा से सुबह 5.10 बजे रवाना होकर निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए शाम 7.30 बजे इतवारी पहुंचेगी। सुबह 9.06 बजे पहुंचेगी डोंगरगढ़ इतवारी से चलकर ट्रेन सुबह 9.06 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 9.11 बजे आगे के लिए रवाना होगी। वापसी में कोरबा से आने वाली ट्रेन दोपहर 1.41 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 5 मिनट ठहराव के बाद इतवारी के लिए रवाना होगी। इन प्रमुख स्टेशनों में होगा ठहराव कलमना, कामठी, कन्हान, भंडारा रोड, तुमसर रोड, तिरोड़ा, गोंदिया, आमगांव, सालेकसा, दरेकसा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, रायपुर, उरकुरा, तिल्दा नेवरा, भाटापारा, बिल्हा, चकरभाठा, बिलासपुर, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, उरगा सहित कुल 63 स्टेशनों में ट्रेन का ठहराव रहेगा।

महंगाई की मार: गैस संकट के साथ पेट्रोल के दाम बढ़े, पंजाब में नई दरें लागू

चंडीगढ़. LPG की किल्लत से जूझ रहे आम लोगों के लिए अब पेट्रोल की बढ़ती कीमतें भी चिंता का कारण बन गई हैं। तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम में लगभग ₹2.30 प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है, जो 20 मार्च 2026 से लागू हो गया है। इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर होगा, जो हाई-ऑक्टेन पेट्रोल इस्तेमाल करते हैं। कंपनियों ने आधिकारिक वजह नहीं बताई, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, US-ईरान विवाद और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इसका बड़ा कारण हो सकता है। वैश्विक स्तर पर भी ईंधन महंगा हो रहा है। वियतनाम में 95-ऑक्टेन पेट्रोल 20% और डीजल 34% महंगा हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और खाड़ी देशों में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के बाद सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर खासतौर पर एशियाई देशों पर पड़ रहा है। कुल मिलाकर, अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

स्कूलों में बम की साजिश का पर्दाफाश: बांग्लादेश लिंक से फैला दहशत का जाल

गुरुग्राम साइबर सिटी गुरुग्राम के प्रतिष्ठित 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देकर दहशत फैलाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का गुरुग्राम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की साइबर दक्षिण टीम ने मामले में जांच करते हुए गुजरात से उस मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, जिसने इस पूरी साजिश के लिए तकनीकी आधार तैयार किया था। पकड़ा गया आरोपी न केवल इस अपराध में शामिल है, बल्कि वह पिछले 9 वर्षों से भारत में अपनी पहचान छुपाकर अवैध रूप से रह रहा था। घटना की शुरुआत 28 जनवरी 2026 को हुई थी, जब गुरुग्राम के 40 प्रमुख स्कूलों के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक के बाद एक कई धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए। ईमेल में दावा किया गया था कि स्कूल परिसर में बम रखे गए हैं और कुछ ही समय में धमाके होंगे। इस सूचना ने जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। आनन-फानन में स्कूलों को खाली कराया गया और हजारों बच्चों की जान बचाने के लिए डॉग स्क्वॉड, बम डिस्पोजल टीम और फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं। कई घंटों की मशक्कत और सघन तलाशी के बाद जब कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। यह स्पष्ट हो गया था कि यह शहर में डर का माहौल पैदा करने के लिए की गई एक गहरी साजिश थी। एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों मे छुट्टी कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में साइबर थाना दक्षिण में मामला दर्ज किया गया था। गुजरात से दबोचा गया माइकल स्कूल प्रबंधन की शिकायतों पर थाना साइबर दक्षिण में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और आईपी एड्रेस को ट्रैक करते हुए गुरुग्राम पुलिस की टीम गुजरात पहुंची। 19 मार्च 2026 को पुलिस ने सफलतापूर्वक छापेमारी कर आरोपी को अहमदाबाद से काबू किया। आरोपी की पहचान 30 वर्षीय सौरभ विश्वास उर्फ माइकल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गोविंदपल्ली पते पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए गए। उसके बाद गुजरात के अहमदाबाद में बीते काफी समय से रह रहा था। अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। 9 साल पहले डंकी रूट से भारत में प्रवेश पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। आरोपी सौरभ विश्वास करीब 9 साल पहले अवैध तरीके से जंगल के रास्ते होते हुए वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बांग्लादेश से भारत आया था। भारत आने के बाद उसने पश्चिम बंगाल में शरण ली और वहां के स्थानीय पते पर फर्जी सरकारी दस्तावेज (आधार कार्ड, वोटर आईडी,पेन कार्ड आदि) बनवा लिए गए। शुरुआती दिनों में उसने दिहाड़ी मजदूरी की, लेकिन 12वीं पास होने और तकनीक में रुचि होने के कारण उसने डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक्स का काम सीख लिया। पिछले पांच वर्षों से वह डिजिटल मार्केटिंग के में एक फ्रीलांसर के रूप में काम कर रहा था, ताकि किसी की नजरों में न आए। 300 ईमेल आईडी और क्रिप्टो करेंसी का खेल सौरभ ने पुलिस को बताया कि वह फेसबुक के जरिए एक बांग्लादेशी व्यक्ति मामुनूर राशिद निवासी ढ़ाका बांग्लादेश के संपर्क में आया था। राशिद ने उसे भारी मात्रा में जीमेल आईडी उपलब्ध कराने का काम सौंपा। तकनीक का जानकार होने के नाते सौरभ ने एक ही दिन में 300 फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और उन्हें वॉट्सऐप के जरिए राशिद को सौंप दिया। इस काम के बदले उसे 250 यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) का भुगतान किया गया। पुलिस की जांच में यह साफ हुआ है कि स्कूलों को धमकी भेजने के लिए उन्हीं ईमेल आईडी में से एक का उपयोग किया गया था। यह मामला अब केवल एक झूठी धमकी का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे साइबर सिंडिकेट का हिस्सा नजर आ रहा है। रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ साइबर एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि साइबर थाना दक्षिण में दर्ज मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी ने बताया कि साल 2024 में वह मुख्य आरोपी मामुनूर राशिद के संपर्क में आया था। मामुनूर राशिद ने सौरभ को मेल आईडी बनाने के लिए कहा गया। सौरभ ने ई-मेल आईडी बनाने के बाद वॉट्सऐप के जरिए राशिद को भेजा था। उसके बाद इन मेल आईडी का इस्तेमाल कर जनवरी माह में स्कूलों को दहलाने के लिए धमकी भरी ई-मेल भेजी गई थी। आरोपी सौरभ एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए मामुनूर राशिद के जुड़ा हुआ था। ग्रुप में 50 से ज्यादा लोग जुडे हुए हैं। इनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। वहीं पुलिस अब साइबर थाना पूर्व में दर्ज एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर रिमांड पर लेगी। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस से भी मांगी जाएगी जानकारी साइबर एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि सभी 300 ईमेल आईडी के इस्तेमाल की जांच कर रही है जो आरोपी ने बांग्लादेश भेजी थीं। इसके साथ ही पुलिस पश्चिम बंगाल की पुलिस से भी आरोपी के बारे में जानकारी मांगेगी, ताकि उसके फर्जी दस्तोवेज तैयार करने वाले एजेंटों की भी पहचान कर कार्रवाई करेगी।

रेल कनेक्टिविटी का विस्तार: दमदमा साहिब के लिए 1118 करोड़ की नई रेल लाइन मंजूर

चंडीगढ़. केंद्र सरकार ने पंजाब को एक बड़ा तोहफा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए 1118 करोड़ रुपये के रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए एक बड़े रेल प्रोजेक्ट की घोषणा की है और तख्त श्री दमदमा साहिब को रेलवे लाइन से जोड़ने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने इस 34 km लंबे रेल प्रोजेक्ट के लिए 1118 करोड़ रुपये की रकम जारी की है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पहले रेलवे डिपार्टमेंट इस प्रोजेक्ट को घाटे का सौदा बता रहा था। इस मसले को सुलझाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बिट्टू के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बहुत पॉजिटिव जवाब दिया और कहा कि "जहां पंजाब का मामला आया, वहां मना नहीं किया जा सकता"। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिट्टू ने गुरु तेग बहादुर जी की कुर्बानी का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने गुरु तेग बहादुर जी की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि तख्त साहिब हमारा है और जिस जगह गुरु साहिब के चरण पड़े हैं, जिसकी वजह से यह देश और धर्म बचा हुआ है, वहां हर हाल में ट्रेन पहुंचनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि इस काम के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी, जिसके बाद केंद्र ने 1118 करोड़ रुपये जारी किए हैं। रवनीत बिट्टू ने आगे कहा कि सिखों के चारों तख्त रेलवे से जुड़े हुए हैं। लेकिन तख्त श्री दमदमा साहिब तक ट्रेन नहीं पहुंचती, जिसके बारे में उस समय प्रकाश सिंह बादल ने भी केंद्र से अपील की थी। अब भी बाबा हरसिमरत कौर बादल ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। अब केंद्र ने यह बड़ी मांग मान ली है। उन्होंने सभी पार्टियों, किसानों, आम लोगों और प्रशासन से अपील की कि गुरु साहिब के तख्त के लिए शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सहयोग करें।

भयानक सड़क हादसा: पानीपत में टक्कर के बाद वैन में आग, पैर फंसने से नहीं बच सकी युवती

पानीपत. जीटी रोड पर समालखा के पास गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां तीन वाहनों की टक्कर के बाद आग लगने से एक युवती जिंदा जल गई व महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। हादसा दिल्ली लेन पर उत्सव गार्डन के सामने करीब साढ़े नौ बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र निवासी सुनील एमजी हेक्टर कार से बहन को लेने दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। रास्ते में एक खराब कार खड़ी होने से अपनी गाड़ी रोकी। तभी पीछे से ईको वैन ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ईको में सवार लोग उतर ही रहे थे कि तभी पीछे से तेज रफ्तार राजस्थान रोडवेज बस ने ईको को टक्कर मार दी। इससे ईको में आग भड़क उठी। ईको में सवार एक युवती का पैर सीट में फंसे रहने से वह जिंदा जल गई। ईको में सवार अन्य यात्रियों में से करीब 10 लोग बाहर निकल जान बचा सके। ईको में सवार लोग पानीपत से उत्तर प्रदेश के बरेली जा रहे थे, जहां उन्हें जुम्मे की नमाज पढ़नी थी। ईको चालक व बस चालक-परिचालक फरार हैं। थाना प्रभारी गुलशन ने बताया मामले की जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार: मान सरकार ने फिर खोला नया मेडिकल संस्थान, डॉ. बलबीर सिंह का ऐलान

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज कपूरथला में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की। यह इस महीने घोषित किया जाने वाला दूसरा ऐसा संस्थान है, इससे पहले होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का ऐलान किया गया था। श्री गुरु नानक देव जी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के रूप में यह नई सुविधा कपूरथला के मौजूदा जिला अस्पताल परिसर में स्थापित की जाएगी।  आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “टेंडरिंग प्रक्रिया सहित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और कार्यकारी एजेंसियों को काम के आदेश जारी कर दिए गए हैं। निर्माण कार्य 25 मार्च, 2026 से शुरू कर दिया जाएगा और मार्च 2028 तक 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।” उन्होंने आगे बताया, “275 करोड़ रुपये की कुल लागत से स्थापित किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट में 300 बिस्तरों वाला अस्पताल और एक मेडिकल कॉलेज शामिल होगा, जिसमें हर साल एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी। इससे न केवल राज्य की मेडिकल शिक्षा क्षमता बढ़ेगी बल्कि पंजाब के विद्यार्थियों को महंगी मेडिकल पढ़ाई के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” इस पहल के सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा, “एक बार शुरू होने के बाद यह संस्थान न सिर्फ 100 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि करेगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक सेकेंडरी और टर्शियरी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करेगा। यह संस्थान रोजगार का एक बड़ा स्रोत बनेगा, जिससे 1000 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर लाभ होगा और कई लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।” स्वास्थ्य क्षेत्र में अन्य उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए सुल्तानपुर लोधी के सरकारी अस्पताल को शहरी केंद्र के रूप में अपग्रेड किया जाएगा और बेगोवाल के सरकारी अस्पताल को ग्रामीण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों को कपूरथला के नए मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा।” लगभग 5 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में छह बड़े ऑपरेशन थिएटर, 500 क्षमता वाला ऑडिटोरियम, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं, एक केंद्रीय प्रयोगशाला, एक ब्लड बैंक और कौशल प्रयोगशालाओं व संग्रहालयों से सुसज्जित आधुनिक शैक्षणिक विभाग शामिल होंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल, पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के चेयरमैन गुरशरण सिंह छीना और पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अमित तलवार भी उपस्थित थे।

जल विवाद ने पकड़ा तूल: पंजाब के CM मान ने राजस्थान से मांगे 1.44 करोड़, 66 साल के पानी का मुद्दा गरमाया

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को राजस्थान से पिछले 66 वर्षों के पानी के उपयोग के लिए लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि मांगी और भुगतान न करने पर पानी रोकने की चेतावनी दी थी। सीएम भगवंत मान के इस बयान के बाद राजस्थान ने पलटवार किया है। राजस्थान जल संसाधन विभाग के अनुसार, पंजाब जिस समझौते का हवाला दे रहा है, उसका वर्तमान परिदृश्य में कोई कानूनी आधार नहीं है। यह समझौता वर्ष 1920 में बहावलपुर रियासत ( अब पाकिस्तान में) और ब्रिटिश सरकार के बीच हुआ था न कि वर्तमान राजस्थान एवं पंजाब के बीच। आजादी के बाद परिस्थितियां पूरी तरह से बदल गई हैं। रियासतों का विलय होने के बाद नए राज्यों का गठन हो गया। इसके बाद वर्ष 1955, 1958 व 1988 में दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे से जुड़े नए समझौते हो गए। इन समझौतों में किसी तरह के भुगतान का प्रविधान नहीं है। राजस्थान और पंजाब के बीच जल बंटवारे का विवाद पहले से ही न्यायाधिकरण में लंबित है। अगले कुछ दिन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष राज्य का पक्ष रखेंगे।

काल का संकेत या संयोग? मनोज को पहले ही हो गया था आभास, थोड़ी देर बाद 8 जले जिंदा

इंदौर इंदौर में हुए खौफनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया, जहां मनोज पुगलिया समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मनोज का आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस तेजी से वायरल हो रहा है। 7 परिजनों के साथ अग्निकांड का शिकार हुए मनोज पुगलिया को क्या कुछ घंटे पहले ही काल की क्रूरता का अहसास हो गया था? इंदौर के भीषण हादसे के बाद मनोज पुगलिया के वॉट्सऐप स्टेटस को देखकर लोग ऐसी ही चर्चा कर रहे हैं। मौत से कुछ घंटे पहले मनोज ने वक्त की ताकत का जिक्र किया था, जिसकी पहली लाइन थी कि ‘वह सबकुछ छीन सकता है।’ आगे उन्होंने कहा था कि यह सबकुछ छीन सकता है पर पहचान नहीं। इंदौर के बृजेश्वरी (एनएक्स) में हुए खौफनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया, जहां मनोज पुगलिया समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मनोज का आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने वक्त की इस ताकत का जिक्र करते हुए लिखा था, 'वक्त सबकुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान नहीं छीन सकता।' इन शब्दों को देखकर जहां मनोज के परिजन और रिश्तेदार भावुक हो जाते हैं तो उन्हें उनके लिए यह हौसला भी बन गया है, जिसे परिवार ने सहेजकर रख लिया है। और क्या लिखा था एक दिन पहले दोपहर 1.04 बजे मनोज ने दो स्टेट्स लगाए थे। एक में लिखा था, 'वक्त सब कुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान कभी नहीं छीन सकता है। एक अन्य स्टेट्स में उन्होंने लिखा था, ‘कभी फुरसत में अपनी कमियों पर भी गौर करना चाहिए। दूसरों को आईना दिखाने की आदत अपने आप छूट जाएगी।’ मनोज पुगलिया का वॉट्सऐप स्टेटस मौत की इस भयावह रात का मंजर किसी डरावने सपने से कम नहीं था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया, जहां पूरा घर जलकर खाक हो चुका था। नीचे किचन, डायनिंग हॉल और बेडरूम था, जिसमें गैस गीजर, फ्रिज, एसी और भारी फर्नीचर मौजूद था- जो आग को और भी भड़काने का कारण बने। उस रात क्या-क्या हुआ रिश्तेदारों के मुताबिक, मनोज अपनी पत्नी सुनीता, साले विजय और सुमन के साथ नीचे ही सो रहे थे। हादसे की शुरुआत एक जोरदार धमाके जैसी आवाज से हुई- जैसे बाइक का टायर फटा हो। मनोज सबसे पहले जागे, लेकिन जैसे ही दरवाजा खोला, आग की विकराल लपटें भीतर घुस पड़ीं। हालात बिगड़ते देख उन्होंने सुनीता को बालकनी की ओर धकेला। बेटे सौरभ, सौमिल और हर्षित किसी तरह जाली तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब हुए, लेकिन हर कोई इतना खुशकिस्मत नहीं था। बचने को खूब छटपटाए थे मासूमों की चीखें उस रात गूंजती रहीं। रुचिका के बच्चे 11 साल की राशि और 8 साल का तनय, अपने नाना-नानी को बचाने के लिए नीचे दौड़े, लेकिन खुद ही आग के शिकंजे में फंस गए। सिमरन ने भी बाहर निकलने की कोशिश की, पर वह आग की भेंट चढ़ गई। बाद में उसका जला हुआ शव मिला। निकल नहीं पाए पापा और बाकी लोग बचे हुए सौरभ की जुबानी उस रात की दहशत रोंगटे खड़े कर देती है, 'मैं मां और भाइयों को लेकर बाहर आ गया, लेकिन पापा और बाकी लोग अंदर ही फंस गए। मैंने बार-बार चिल्लाकर कहा- पापा, सिमरन, कार्तिक बाहर आ जाओ… लेकिन धुएं ने सबको निगल लिया।' इस हादसे ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया। कई तरह की अटकलें इधर, हादसे के बाद अफवाहों का बाजार भी गर्म हो गया। गैस टंकियों, इलेक्ट्रिक लॉक और अन्य कारणों को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। परिवार ने साफ किया कि घर में इलेक्ट्रिक लॉक नहीं था और कई दावे बेबुनियाद हैं। गीजर, एसी और फ्रिज जैसे उपकरण फटने से आग और भयानक हो गई।

मुख्यमंत्री साय का ऐलान—अचल संपत्ति रजिस्ट्री पर उपकर खत्म, खर्च में राहत

  जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी अधिक सरल, सुलभ और कम खर्चीली-वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित रायपुर,  छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के पारित होने से अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त हो गया है। वाणिज्यिक कर मंत्री ओ पी चौधरी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।            छत्तीसगढ़ उपकर समाप्त होने से अब संपत्ति पंजीयन की लागत में कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर एक करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, इससे जमीन-मकान की रजिस्ट्री अधिक सुलभ, सरल और कम खर्चीली बनेगी। इस अवसर पर विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करते हुए मंत्री चौधरी  ने कहा कि यह विधेयक केवल एक विधिक संशोधन नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जनहित, लोककल्याण और कर-व्यवस्था में न्यायपूर्ण सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट मत है कि शासन का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन को सरल, सुलभ और सम्मानजनक बनाना है।           वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 के माध्यम से आम जनता के उपयोग की वस्तुओं एवं सेवाओं पर व्यापक कर रियायतें प्रदान कीं, जिससे आम नागरिकों की निर्वाह लागत में कमी आई। इसी क्रम में पंजीयन विभाग में भी अनेक ऐतिहासिक, व्यावहारिक और जनहितकारी सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता पर आर्थिक बोझ कम करना और सेवाओं को सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि स्वतः नामांतरण व्यवस्था आम जनता के लिए अत्यंत राहतकारी सिद्ध हुई है। पंजीयन के बाद तत्काल नामांतरण होने से पक्षकारों को आर्थिक बचत के साथ-साथ महीनों चलने वाली नामांतरण प्रक्रिया से मुक्ति मिली है। मई 2025 से अब तक लगभग डेढ़ लाख दस्तावेजों का स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है।           पंजीयन प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सुगम मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो संपत्ति की सही भौगोलिक स्थिति सुनिश्चित करने में सहायक है। साथ ही, फर्जी व्यक्ति द्वारा पहचान छुपाकर पंजीयन न कराया जा सके, इसके लिए पंजीयन कार्यालयों में आधार आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा पंजीयन कार्यालयों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वीजा ऑफिस की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नागरिकों को वातानुकूलित प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, निःशुल्क वाई-फाई तथा क्यू-आधारित त्वरित पंजीयन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 10 पंजीयन कार्यालयों को पीपीपी मोड पर स्मार्ट पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके बाद अन्य कार्यालयों को भी चरणबद्ध रूप से स्मार्ट कार्यालय बनाया जाएगा।          चौधरी ने बताया कि सरकार ने पंजीयन शुल्क निर्धारण की व्यवस्था में सुधार किया है। पहले संपत्ति के पंजीयन में गाइडलाइन मूल्य एवं बाजार मूल्य से जो अधिक होता था, उसी पर शुल्क लिया जाता था। अब इस व्यवस्था को बदलते हुए पंजीयन शुल्क को आपसी लेनदेन की कीमत के बजाय गाइडलाइन मूल्य से जोड़ा गया है, इससे बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिली है। उदाहरण स्वरूप यदि किसी संपत्ति का गाइडलाइन मूल्य 10 लाख रुपये है, लेकिन दस्तावेज में बैंक ऋण आदि के कारण 25 लाख रुपये अंकित हैं, तो अब शुल्क केवल 10 लाख रुपये पर ही लगेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार ने लगभग 170 करोड़ रुपये के राजस्व का त्याग किया है।          चौधरी ने बताया कि पहले परिवारजनों के मध्य दान, बंटवारा और हक-त्याग जैसी रजिस्ट्रियों पर बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे सरकार ने घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया है, चाहे संपत्ति का मूल्य कितना भी हो। उदाहरण के तौर पर, एक करोड़ रुपये की संपत्ति के दान पर पहले 80 हजार रुपये शुल्क लगता था, जो अब केवल 500 रुपये रह गया है, इससे सामान्य परिवारों और किसानों को व्यापक राहत मिली है। गाइडलाइन मूल्य निर्धारण में भी व्यापक जनहितकारी सुधार किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी भूमि पर भी अत्यधिक मूल्यांकन की स्थिति को समाप्त करते हुए वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था खत्म कर दी गई है और अब मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जा रहा है, इससे आम जनता को 300 से 400 करोड़ रुपये तक के लाभ का अनुमान है।           मंत्री चौधरी ने बताया किसरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर लागू ढाई गुना मूल्यांकन, शहरों और गाँवों में कई प्रकार के अतिरिक्त मूल्यांकन तथा भूमि पर लगे वृक्षों के अलग मूल्यांकन जैसे प्रावधानों को भी समाप्त किया है, इससे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम हुआ है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। शहरी मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देते हुए अब फ्लैट का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बाउंड्री वॉल, प्लिंथ आदि जैसे कारणों से होने वाले अनावश्यक अतिरिक्त मूल्यांकन को भी समाप्त किया गया है।             चौधरी ने बताया कि किसानों के हित में भी सरकार ने महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहले दो-फसली भूमि, नकदी फसल, मछली पालन हेतु तालाब जैसी स्थितियों में अतिरिक्त मूल्यांकन कर आर्थिक भार बढ़ा दिया जाता था। अब इन सभी प्रावधानों को समाप्त कर कृषि भूमि के लेनदेन को अधिक सहज, न्यायसंगत और किफायती बनाया गया है। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन एवं राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण हेतु स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था। इसके कारण नागरिकों को संपत्ति के पंजीयन पर बाजार मूल्य का लगभग 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा था।            वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब … Read more