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कानूनी सीमा से आगे भी राहत: 28 हफ्ते की गर्भवती नाबालिग रेप पीड़िता को हाईकोर्ट ने दी अबॉर्शन की इजाजत

भोपाल Madhya Pradesh High Court ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की 28 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दे दी है।   अदालत ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और पीड़िता की शारीरिक व मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने माना कि इतनी कम उम्र में गर्भावस्था जारी रखना नाबालिग के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि गर्भ जारी रहने से बच्ची पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके बाद अदालत ने मानवीय आधार पर गर्भ समापन की अनुमति प्रदान की। यह निर्णय राज्य में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।

ग्राम स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प: मंत्री नेताम

रायपुर. आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम के उपस्थिति में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर में विकसित भारत के संकल्प को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंत्री  नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के साथ स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित हो। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपनी कार्ययोजना में  प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्यशाला में मिशन अंतर्गत ग्राम स्तर पर ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों द्वारा जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, अधोसंरचना विकास, ग्रामीण आजीविका सृजन, आपदा निवारण एवं सामुदायिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही बताया गया कि (वीबी जी राम जी) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।

विजय शर्मा का पलटवार: ‘ग्रहण मंत्री’ कहना स्तरहीन, पहले अपने गिरेबान में झांकें

रायपुर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ‘ग्रहण मंत्री’ बताए जाने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि मुझे क्या कहा, क्या नहीं कहा, यह तो स्पष्ट हो रहा है. लेकिन ये जो कह रहे हैं, जो भूपेश बघेल कह रहे हैं, उनके शब्दों की निम्नता है. उस पर मैं केवल यही कह सकता हूं कि अपने गिरेबान में झांक कर देख लें. गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसके साथ ही विधायक देवेंद्र यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकार के दौरान हुई घटना की याद दिलाते हुए कहा कि टीचर्स डे पर एक टीचर से बलात्कार हुआ था, तब वे कहां थे? पाटन विधानसभा में जब सामूहिक हत्याएं हुईं थीं, तब वे कहां थे? उन्हें उस समय भी चिंता करनी चाहिए थी. गृह मंत्री ने इसके साथ भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के जेल वाले बयान पर कहा कि देखिए फर्क यह है कि आपको कहां-कहां राजनीति करनी है, कहां नहीं करनी है. वही जेल है, वही सेल है. वहां मैं भी था. वही जेल है. मैं बाहर निकाल कर आया तो मैंने नहीं कहा कि वहां ऐसा है, वैसा है. मतलब जबरदस्ती किसी बात पर राजनीति करनी हो तो यह तरीका है कांग्रेस के लोगों का. दरअसल, पूर्व कांग्रेस नेता, राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने कहा था कि उन्हें जेल में कीड़े वाला पानी दिया गया. कैदी इंजेक्शन लगाते थे, और टॉयलेट वाली जगह पर ही रहना पड़ता था.

खेत-खेत पहुंचा कृषि रथ, किसानों को मिला जैविक खेती का ज्ञान

भोपाल कृषक कल्याण वर्ष 2026 राज्य शासन द्वारा घोषित कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों को खेती की नई पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में हरदा जिले की ग्राम पंचायतों में कृषि रथ का संचालन किया गया। कृषि रथ के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कृषकों से सीधा संपर्क कर ई-विकास प्रणाली से उर्वरक क्रय करने के लिये जागरूक किया गया। साथ ही नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के स्थान पर उडद, मूंगफली, तिल आदि फसलों को प्रोत्साहन के साथ प्राकृतिक और जैविक कृषि करने के लिए प्रेरित किया गया। मृदा स्वास्थ कार्ड के आधार पर उर्वरकों की संतुलित मात्रा का उपयोग करने और भूमि पर बोई गई फसल अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग करने सहित समसामयिक सलाह भी प्रदान की गई। किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से अनेक जानलेवा बीमारियां बढ़ रही हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती से बीमारियां होने का खतरा नहीं रहता है। प्राकृतिक और जैविक खेती एक ऐसी खेती है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और जैविक पदार्थों का उपयोग करके फसलें उगाई जाती हैं। प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जल संरक्षण होता है, जैव विविधता बढ़ने के साथ किसानों की आय बढ़ती है और फसलों की गुणवत्ता भी अच्छी होती है। किसानों को मिल रही सोलर पम्प की सौगात प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत हरदा जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा सुलभ कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा योजना के तहत हरदा जिले में 361 किसानों का ऑफ ग्रिड सोलर पम्प प्रदाय करने के लिए चयन किया गया है। इस योजना से किसानों को दिन के समय निर्बाध सिंचाई, कम लागत में खेती तथा पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता का लाभ मिल रहा है।  

धरती का चलता फिरता कल्प वृक्ष है गौमाता: जगदगुरू राजेन्द्रदास महाराज

भोपाल. बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में  रेवासा धाम एवं  वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर  राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा आयोजित गौकथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषयक दिव्य कथा का आज द्वितीय दिवस अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महाराज जी के प्रवचनों से क्षेत्र में गौसेवा की भावना निश्चित रूप से सुदृढ़ होगी। गौमाता के आशीर्वाद से यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से समृद्धि की ओर अग्रसर होगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में चल रही दिव्य कथा का देश के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने भी श्रवण किया। उन्होंने महाराज  से आशीर्वाद प्राप्त किया। जगदगुरू  राजेंद्रदास जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में समाज की दुर्दशा का मूल कारण गौवंश की उपेक्षा है। उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति असुरों के पास भी थी, किंतु वह आसुरी संपत्ति थी, दैवीय संपत्ति नहीं। आसुरी संपत्ति मनुष्य को संसार के मोहजाल में फँसाती है, जबकि दैवीय संपत्ति उसे मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करती है। महाराज जी ने गौ सेवा को सच्ची समृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि गौ माता की सेवा से बुद्धि निर्मल होती है, जीवन में सुख-शांति आती है और व्यक्ति के समस्त अशुभ कर्म सहज ही क्षीण हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धरती का कल्याण गौ संरक्षण से ही संभव है तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती ही आने वाले समय का सतत और सात्विक समाधान है। गौमाता धरती का चलता फिरता कल्पवृक्ष है जो सबकी कामनाओं की पूर्ति करती हैं।  राजेंद्रदास जी महाराज ने कहा कि ऋग्वेद में वर्णित है जिस मनुष्य के पास कम से कम एक भी गौ होती है, वह धरती पर इंद्र के समान सौभाग्यशाली माना गया है। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में हजारों गायों का संरक्षण हो रहा है जिससे इसकी कीर्ति बढ़ रही है। रीवा जिले के ही हिनौती गौधाम में 25 हजार गायों के संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। यह गौधाम मध्यप्रदेश का प्रथम गौधाम होगा और मेरा सौभाग्य होगा कि मैं वहां गौमाता की कीर्ति यश का बखान कर सकूं। उन्होंने कहा कि गाय के दर्शन से राधा-कृष्ण का एक साथ दर्शन होता है। गाय संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति का पोषण करती हैं। महाराज  ने कहा कि देवी भागवत में कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को सुरभि माता के प्राकट की कथा है। आज के परिवेश में मनुष्यता खो गई है। मनुष्य के क्षमा, दया, करूणा एवं सेवा आदि के पवित्र गुण विलुप्त हो गये हैं। आदर पूर्वक गौमाता के संरक्षण, संवर्धन व सेवा से ही मानवता आयेगी। महाराज  ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 9 हजार से अधिक गौवंश संरक्षित किये गये हैं जो सुखपूर्वक निवास करते हैं और पास के जंगल में विचरण करते हैं। उनकी गौशाला में पूरे मनोभाव से सेवा की जाती है। गौवंश वन्य विहार में प्राकृतिक खेती का कार्य किसानों के लिए प्रेरणादायी होगा। शुद्ध, सात्विक, कीटाणु रहित आहार प्राकृतिक खेती से ही प्राप्त हो सकता है। यह क्षेत्र गौसेवा से अपनी दिव्यता को प्रकट कर रहा है। उन्होंने गौसेवा में लगे सेवकों को इस पुनीत कार्य के लिए साधुवाद दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और वातावरण गौमय भक्ति, सेवा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।  

बिहार विधानसभा में हंगामा, छात्रा की मौत पर राबड़ी देवी का हमला—सम्राट चौधरी पर इस्तीफे का दबाव

पटना राबड़ी देवी ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर भी तीखा हमला बोला जिसमें उन्होंने कहा था कि 24 घंटे के भीतर आरोपी पकड़ा जाएगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे इस्तीफा देंगे। राबड़ी देवी ने सवाल उठाया कि अब तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया गया। पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला विधान परिषद में गूंजा। शुन्यकाल में इसे उर्मिला ठाकुर ने उठाया। इस घटना पर पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि छात्रा को एक युवक ने छत से नीचे फेंक दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था की नाकामी का ताजा उदाहरण है और सरकार को तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इधर एम्स गोलम्बर के पास घटना के विरोध में सड़क पर आगजनी कर प्रदर्शन किया गया। राबड़ी देवी ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर भी तीखा हमला बोला जिसमें उन्होंने कहा था कि 24 घंटे के भीतर आरोपी पकड़ा जाएगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे इस्तीफा देंगे। राबड़ी देवी ने सवाल उठाया कि अब तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया गया और अपराध पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। सरकार के दावे सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। घटना गुरुवार फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के हरिनगर स्थित सुमित्रा हाइट अपार्टमेंट में हुई। 16 वर्षीय छात्रा फुलवारीशरीफ के चकमुसा की रहनेवाली थी। वह 12वीं में पढ़ती थी और अपार्टमेंट के पहले तल्ले पर संचालित कोचिंग में पढ़ने जाती थी। छात्रा के परिजनों ने बालकनी से फेंक कर हत्या करने का आरोप लगाया है। सीसीटीवी फुटेज में अपार्टमेंट की सीढ़ी पर लड़की के पीछे जाते दो युवक समेत चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें वहां का गार्ड और उस फ्लैट में काम कर रहा बढ़ई भी शामिल है। पुलिस के अनुसार गुरुवार की सुबह छात्रा कोचिंग आई थी। अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से उसके नीचे गिरने की बात कही जा रही है। घटना के बाद कोचिंग संचालक ने पुलिस को सूचना नहीं दी। छात्रा को इलाज के लिए एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए घर लेकर चले गए। जब घरवालों ने देखा कि उसके शरीर पर चोट के निशान हैं तो परिवार वाले सीसीटीवी कैमरा देखने पहुंचे। सीसीटीवी में दो युवक छात्रा के पीछे जाते दिखे। इसके बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस भी मौके पर पहुंची और छानबीन में जुटी। उधर, घर से वापस शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स ले जाया गया। शाम सात बजे एफएसएल टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। साक्ष्य एकत्रित किए गए। जिस बालकनी से गिरने से यह घटना हुई वहां कोई नहीं रहता है। उस फ्लैट में काम चल रहा है। घटनास्थल के पास ही छात्रा की चप्पल पड़ी मिली  

महिला के लिवइन पार्टनर ने की थी गला घोंटकर हत्या

भोपाल निशातपुरा इलाके में हुए महिला के अंधे कत्ल का पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतका के लिविंग पार्टनर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने महिला से पीछा छुड़ाने के लिए उसका गला घोटकर हत्या कर दी और भाई-बहन तथा मां के साथ मिलकर लाश को ठिकाने लगाने के लिए लोहे की पेटी के अंदर भरकर सैप्टिक टैंक में फेंक दिया था। दोनों की पहचान डेटिंग एप के जरिए हुई थी। जानकारी के अनुसार निशातपुरा पुलिस ने गुरुवार को कमल नगर स्थित सेप्टिक टैंक से एक महिला की लाश बरामद की थी, जिसे लोहे की पेटी में भरकर फेंका गया था। शव का पोस्टमार्टम कराने और जांच के दौरान आए साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। आसपास के इलाके में पूछताछ पर शव की पहचान मिसबाह (22) निवासी गोंदिया महाराष्ट्र के रूप में हुई, जो पिछले कुछ समय से कमल नगर में रहने वाले समीर के साथ लिवइन में रह रही थी। पुलिस ने समीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने महिला की गला घोटंकर हत्या करने और एक दिन बाद भाई-बहन और मां के साथ मिलकर उसके शव को ठिकाने लगाने की बात स्वीकार कर ली।  डेंटिंग ऐप से हुई थी दोनों की पहचान  आरोपी समीर ने पुलिस को बताया कि डेटिंग ऐप की माध्यम से उसकी पहचान मिसबाह से हुई थी। उसके बाद अक्टूबर 2025 से वह उसके साथ लिवइन में रह रही थी। दोनों के बीच विवाद होने लगे तो समीर उससे पीछा छुड़ाना चाहता था, लेकिन मिसबाह उससे अलग होने के लिए पैसों की मांग कर रही थी। इसी बात को लेकर बीती सात-आठ फरवरी की रात उनके बीच विवाद हुआ तो समीर ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के बाद उसने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। एक दिन लाश को घर में रखने के बाद अगले दिन घरवालों के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगा दिया।  चारों आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी समीर, उसके भआई साहिल, बहन सायमा और मां शहनाज को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी कमल नगर के रहने वाले हैं। इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी मनोज पटवा, एसआई श्रीकांत द्विवेदी, अशोक शर्मा, सलीम खान, एएसआई गोपाल सिंह, हेड कांस्टेबल अभिषेक सिंह, राजेन्द्र, रवीश रावत, आरक्षक जितेन्द्र सिकरवार, मधुसूदन, धारा सिंह, शिवराज, राजकुमार, महिला आरक्षक हेमंतिका एवं सपना की सराहनीय भूमिका रही है। पहले पति से हो चुका है तलाक पुलिस ने बताया कि महिला मिसबाह का अपने पति से तलाक हो चुका है। उसका पहला पति गुजरात में रहता है। इधर समीर का अपनी पहली पत्नी से तलाक हो चुका है, जबकि दूसरी पत्नी जबलपुर में रह रही है। वह ऑटो चलाने का काम करता है।घटनास्थल से करीब 200 मीटर पर ही लाश के फेंक गया था, इसलिए मामले को सुलझाने में पुलिस को मदद मिली।

स्वास्थ्य सशक्तिकरण पर जोर: मितानिन सम्मेलन में पहुंचे मंत्री नेताम

रायपुर. उत्कृष्ट कार्य करने वाली मितानिनों का किया गया सम्मान नगरपालिका परिषद रामानुजगंज के पंडित दीनदयाल सभागार में स्वस्थ्य पंचायत मितानिन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आदिमजाति विकास एवं किसान कल्याण, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम द्वारा मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ी महतारी की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने रामानुजगंज में महतारी सदन व विकासखंड अंतर्गत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मितानिनों की बैठक हेतु शेड निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच, एएनएम एवं मितानिन दीदियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री  नेताम ने कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में भी मितानिन दीदी सभी निरंतर सेवा भाव से कार्य करती है। मितानिनों के सहयोग से ही स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होता है। साथ ही संस्थागत प्रसव हेतु लोगों को प्रेरित किया जाता है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। सम्मेलन के दौरान जन-संवाद आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 260 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें नए मितानिन नियुक्ति से संबंधित आवेदन, महतारी वंदन योजना, आंगनबाड़ी समस्या, सड़क निर्माण, मितानिन प्रोत्साहन राशि, हैंडपंप नाली निर्माण से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री  नेताम ने विभिन्न आवेदनों का तत्काल निराकरण करते हुए शेष प्रकरणों पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।  इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मती पुष्पा नेताम, नगर पालिका परिषद रामानुजगंज अध्यक्ष  रमन अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष  मुंद्रिका सिंह, उपाध्यक्ष  सुनील तिवारी, गणमान्य नागरिक  शैलेश गुप्ता, ’’ तारावती सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,जनपद सीईओ  रणवीर साय, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व बड़ी संख्या में मितानिन उपस्थित थे। 

अमरिंदर सिंह-रणइंदर को ED समन के बाद हलचल, कार्रवाई करने वाले अधिकारी का तबादला—सियासत गरमाई

चंडीगढ़ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के कई साल पुराने मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणिंदर सिंह को समन जारी करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एडिशनल डायरेक्टर रवि तिवारी का जालंधर से चेन्नई ट्रांसफर कर दिया गया है। समन जारी होने के बाद से पंजाब में राजनीतिक हलचल बहुत बढ़ गई थी और अब कार्रवाई शुरू होने के तुरंत बाद ही अधिकारी का ट्रांसफर करने से इस घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। अभी ईडी या केंद्र सरकार की ओर से रवि तिवारी के ट्रांसफर की कोई वजह नहीं बताई गई है। हालांकि विपक्षी दल इसे सियासी दबाव बता रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणिंदर सिंह को भेजे गए समन में आज (13 फरवरी को) पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन कार्रवाई से पहले ही समन भेजने वाले अधिकारी का ही ट्रांसफर हो गया। कैप्टन अस्पताल में, मिलने पहुंच रहे बीजेपी के बड़े नेता कुछ दिन पहले घुटने के दर्द के चलते कैप्टन अमरिंदर सिंह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए थे, जहां उनका ऑपरेशन हुआ था। वह अभी भी अस्पताल में हैं। इस दौरान बीजेपी के कई बड़े नेता उन से मिलने पहुंचे। इनमें हरियाणा के मंत्री अनिल विज और पंजाब बीजेपी संगठन के महासचिव श्रीनिवासुलु शामिल थे। ईडी का समन मिलने पर स्वास्थ्य कारणों से कैप्टन पेश नहीं हो सके, जबकि रणइंदर सिंह भी निर्धारित तारीख पर पेश नहीं हुए। अगली तारीख दिए जाने से पहले ही संबंधित अधिकारी का तबादला आदेश जारी हो गया। भाजपा पर टिप्पणी करना पड़ा कैप्टन को भारी कैप्टन की अगुआई में कांग्रेस ने पंजाब में 2002 और 2017 में विधानसभा चुनाव कांग्रेस जीता था। दोनों बार कैप्टन ही मुख्यमंत्री भी बने। पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू और बाद में चरणजीत सिंह चन्नी के बीच कलह चल रही थी। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कैप्टन ने पाला बदला और बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी में होते हुए भी वह पार्टी में अपनी पोजिशन और पंजाब में बीजेपी की हालत पर मुखर होकर बोलते रहे। विरोधियों ने उन पर ईडी का समन जारी होने की वजह इसी को बताया है। कांग्रेस ने दिया घर वापसी का खुला ऑफर कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह को विदेशों में संपत्ति के मामले में समन जारी होने के तुरंत बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस आने का खुला ऑफर दे दिया। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने कल कहा था कि कैप्टन अगर कांग्रेस में आना चाहें तो हाईकमान विचार कर सकता है। हालांकि कैप्टन की बेटी व पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने कल ही लुधियाना में कहा कि कैप्टन कहीं नहीं जा रहे हैं। वो भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे।

मेडिकल छात्रा की मौत को लेकर परिजनों ने किया थाने पर प्रदर्शन

भोपाल एमबीबीएस फस्ट ईयर की छात्रा रोशनी कलैश की मौत के मामले में धीमी कार्रवाई से नाराज छात्रा के परिजन और ग्रामीण आज अलीराजपुर से भोपाल पहुंचे और कोहेफिजा थाने के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अलीराजपुर के अलावा भोपाल में पढ़ने वाले समाज के कई अन्य छात्र-छात्राएं एवं नाते-रिश्तेदार भी शामिल हुए। थाने के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह बड़े अधिकारी को बुलाने पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बात की उनके समझाने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि छात्रा खुदकुशी नहीं कर सकती है, इसलिए हर एंगल पर जांच की जानी चाहिए। अधिकारियों ने परिजनों को ठोस जांच का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही छात्रा के परिजनों और गांव से आए लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार बीती 10 फरवरी को गांधी मेडिकल कॉलेज की मेडिकल छात्रा रोशनी का शव हॉस्टल में संदिग्ध हालत में मिला था। इस मामले में कहा जा रहा था कि छात्रा ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया था। रोशनी के शव के पास ही एसिड की बॉटल भी मिली थी। जब वह सुबह कॉलेज के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स उसे बुलाने के लिए पहुंचे थे, तब मामले का खुलाास हुआ था। परिजनों ने हॉस्टल पर लगाए गंभीर आरोप। छात्रा के परिजनों का कहना है कि वह हॉस्टल में नीचे रहती थी, जबकि उसका शव ऊपरी मंजिल वाले बाथरूम में मिला था। परिजनों ने जब सीसीटीवी कैमरे चैक किए तो छात्रा ऊपर-नीचे आते-जाते नहीं दिखाई दी। इसके अलावा परिजनों का यह भी आरोप है कि छात्रा की मौत के बाद न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही परिजनों को बताया गया। बल्कि उसे उठाकर सीधे अस्पताल पहुंचा दिया गया।हॉस्टल  द्वारा दिखाए गए फुटेज से परिजन संतुष्ट नहीं हैं, वह छात्रा की मौत को लेकर साजिश बता रहे हैं।परिजनों का कहना है कि पुलिस उनके बयान दर्ज कर रही है, लेकिन जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, वह वापस गांव नहीं लौटेंगे।