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महिलाओं को आर्थिक मजबूती की सौगात, 8 मार्च को हेमंत सरकार की नई योजना

रांची झारखंड सरकार मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार 50 लाख महिला लाभुकों को स्वरोजगार के लिए बैंक के माध्यम से 20-20 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। अगर यह प्रस्ताव सफल रहा तो इसे आगामी बजट में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना को लेकर शनिवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में बैंकों के साथ एक अहम बैठक हुई। बैठक में सभी बैंक प्रतिनिधियों ने योजना के क्रियान्वयन में सहयोग करने पर सहमति जताई और वरीय प्रबंधन से जल्द अनुमति लेने की बात कही। फिलहाल मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। सरकार इसी राशि को आधार बनाकर महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना चाहती है। वित्त मंत्री ने बैंकों के सामने प्रस्ताव रखा कि ऋण की किस्त महिलाओं को मिलने वाली सम्मान राशि से ही समायोजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस राशि को पूंजी के रूप में इस्तेमाल कर महिलाओं को उद्यमी बनाया जा सकता है। सरकार इस योजना को औपचारिक रूप से 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की भी सहमति प्राप्त है। योजना के नाम को लेकर भी मुख्यमंत्री से विमर्श किया जाएगा। ऋण की अदायगी के लिए 12 से 24 महीने की समय-सीमा तय करने का सुझाव दिया गया है। इस पर वित्त विभाग और बैंकों के प्रतिनिधि आपसी सहमति से अंतिम निर्णय लेंगे। यह भी प्रस्ताव है कि यदि कोई लाभुक समय पर ऋण चुका देती है, तो बैंक व्यवसाय का भौतिक सत्यापन कर उसकी ऋण सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक कर सकते हैं। ऋण पर ब्याज दर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के मानकों के अनुरूप रखने पर विचार किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने बैंकों से आग्रह किया है कि ऋण प्रक्रिया को बेहद सरल रखा जाए। तय किया गया है कि केवल आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज बनाया जाए। आवेदन दस रुपये के रेवेन्यू स्टांप पर स्वीकार किया जा सकता है और सात दिनों के भीतर ऋण प्रक्रिया पूरी की जाएगी। योजना की निगरानी के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए ऋण वितरण और अदायगी की नियमित निगरानी की जाएगी। वित्त विभाग के अधिकारी बैंकों के साथ मिलकर पोर्टल की संरचना तैयार करेंगे।

उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र सोमवार से

माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत 11 फरवरी (बुधवार) को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट लखनऊ,  उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र 2026-27 9 फरवरी से प्रारंभ होगा। सत्र के प्रथम दिन सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा व विधान परिषद) के समक्ष माननीय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण होगा। 10 फरवरी को सदन के वर्तमान व पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की जाएगी। सदन की कार्यवाही 20 फरवरी तक प्रस्तावित है। 11 फरवरी (बुधवार) को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात राज्यपाल के अभिभाषण (धन्यवाद प्रस्ताव) पर चर्चा होगी। 13 फरवरी तक सदन नियमित तौर पर चलेगा। 14 व 15 फरवरी को क्रमशः शनिवार व रविवार होने के कारण सदन की बैठक स्थगित रहेगी। 16 फरवरी से पुनः सदन की कार्यवाही प्रारंभ होगी। विधानसभा अध्य़क्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों से सदन के सफल संचालन का अनुरोध किया है। वहीं नेता सदन (मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ ने सभी सदस्यों से जनता के मुद्दों को सदन में रखने और स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया है।

चलती ट्रेन में दहशत: भोपाल एक्सप्रेस के बी-2 कोच में आग की सूचना से मचा हड़कंप

भोपाल भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन और भोपाल स्टेशन के बीच पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब भोपाल एक्सप्रेस के बी-2 कोच में आग लगने के एक अनाउंसमेंट से अफवाह फैल गई। ट्रेन के रवाना होते ही मची इसके कारण यात्रियों में दहशत फैल गई और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन के प्लेटफार्म छोड़ते ही कोच में आग को लेकर लेकर एक अनाउंसमेंट किया गया। इससे यात्री इस कदर डर गए कि ट्रेन रुकते ही चेतक ब्रिज के पास कोच से बाहर निकलकर पटरियों पर आ खड़े हुए। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कोच में सफर कर रहे यात्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस अनाउंसमेंट के बाद यात्री बाहर आ गए और लोग पटरियों पर खड़े हो गए थे। देखते ही देखते पूरी बोगी में हंगामा खड़ा हो गया, सामने से मालगाड़ी आ रही थी। यात्रियों को समझाकर वापस बैठाया जैसे-तैसे रेलवे कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला और यात्रियों को समझा-बुझाकर वापस ट्रेन में बैठाया। गहन जांच के बाद जब स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाई गई, तब ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। ट्रेन भोपाल मुख्य स्टेशन पहुंची और वहां पर उसकी जांच की गई। उसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। स्टेशन पर लोगों ने हंगामा मचाया कि ट्रेन की अच्छी तरह से जांच की जाए।

अवैध देह व्यापार का भंडाफोड़, छापेमारी में मकान मालिक और महिला दबोचे गए

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में देह व्यापार के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज एक बार फिर पुलिस ने बोईरदादर इलाके में देह व्यापार के अड्डे पर दबिश दी। इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। यह मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार देह व्यापार की सूचना पर सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सटीक योजना बनाकर बोईरदादर स्थित एक मकान में रेड की। कार्रवाई के दौरान मौके से मकान मालिक नारायण वैष्णव और एक संदिग्ध महिला को पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने मकान मालिक नारायण वैष्णव के खिलाफ पीटा एक्ट की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। वहीं आरोपी के कब्जे से नगद राशि, मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में चक्रधरनगर थाना, साइबर थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम शामिल रही, जिन्होंने समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है और देह व्यापार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बता दें कि एक हप्ते के भीतर पुलिस ने पीटा एक्ट के तहत यह तीसरी कार्रवाई की है। मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस देह व्यापार सहित सभी प्रकार की सामाजिक बुराइयों का पूर्णतः खात्मा करने के लिए प्रतिबद्ध है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन में सर्वदलीय बैठक को किया संबोधित

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा विधान मंडल  का बजट सत्र लखनऊ विधान मंडल का बजट सत्र 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री व नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने का अनुरोध करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें और इस पर स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश में विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करें। विधानसभा सत्र संचालन के संबंध में विधान भवन में आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान होता है। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के हित से जुड़े हर मुद्दों पर सदन में सुचारु रूप से चर्चा करनी चाहिए। सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधाएं न आएं, इसका ध्यान सभी सदस्यों को रखना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी सदस्यों का सहयोग मांगा। बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, लोकदल के राजपाल बालियान, अपना दल के रामनिवास वर्मा आदि मौजूद रहे।

आध्यात्म के साथ सेवा ही सनातन दर्शन – मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर की जिला प्रशासन की बैठक मंत्री सारंग एवं पंडित प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वरधाम में अस्पताल का किया लोकार्पण भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को सीहोर स्थित कुबेरेश्वरधाम में विट्ठलेश सेवा समिति, सीहोर के तत्वावधान में निर्मित पंडित रामेश्वर मिश्रा प्राथमिक चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंत्री सारंग एवं पंडित मिश्रा ने संयुक्त रूप से अस्पताल का लोकार्पण कर श्रद्धालुओं एवं आमजन को समर्पित किया। मंत्री सारंग ने इस अवसर पर कहा कि आध्यात्म के साथ सेवा ही सनातन दर्शन है। जब भक्ति के साथ मानव सेवा जुड़ जाती है, तो वह समाज के लिए एक सशक्त आधार बनती है। उन्होंने कहा कि पूज्य कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने देश-विदेश में सनातन संस्कृति का ध्वज फहराया है और अपनी कथाओं के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि कुबेरेश्वरधाम में निर्मित यह अस्पताल श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात है। यहां आने वाले हजारों भक्तों को अब बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 20 बिस्तरीय आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल नव निर्मित पंडित रामेश्वर मिश्रा प्राथमिक चिकित्सालय 20 बिस्तरों की क्षमता वाला एक आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल है, जहां श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। इस अस्पताल में ओपीडी एवं आईपीडी की सुविधा, आईसीयू की व्यवस्था, ऑपरेशन थियेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, ईसीजी, वेंटिलेटर तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इससे मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त हो सके। रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर की जिला प्रशासन की बैठक मंत्री सारंग ने सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की उपस्थिति में कुबेरेश्वरधाम में 14 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि श्रद्धालुओं के लिए शेड बनाए गए हैं, प्रवेश-निकास मार्ग सुव्यवस्थित किए गए हैं तथा अलग-अलग सेक्टर में दर्शन की व्यवस्था की गई है। स्थल पर 500 से अधिक शौचालयों के साथ चलित शौचालयों की भी व्यवस्था की जाएगी। पेयजल के लिए टैंकर लगाए जाएंगे। बताया गया कि आपात स्थिति के लिए विशेष कॉरिडोर बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिये 20 से अधिक एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के लिए 1500 से अधिक पुलिस बल तैनात रहेगा। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करे, ताकि महोत्सव सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो। बैठक में जिला कलेक्टर, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

बिहार में प्रदूषण का कहर: इस शहर का AQI 400 पार, लोग बेहाल

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर शहर में प्रदूषण ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फरवरी महीने में शहर की हवा सबसे ज्यादा खराब दर्ज की गई है। प्रदूषण का स्तर अति खराब श्रेणी में पहुंच गया है और शहर का AQI 439 से अधिक दर्ज किया गया, जो इस महीने का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। प्रदूषण से लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है और शहर की हवा एक बार फिर बेहद दमघोंटू हो गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम प्रशासन अब इसकी रोकथाम में जुट गया है। दूसरी बार इस साल दर्ज हुआ इतना खराब AQI बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि इस साल दूसरी बार शहर का AQI सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों ने एक बार फिर नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ये आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर आधारित हैं। इनके अनुसार मुजफ्फरपुर जिले में प्रदूषण का स्तर 439 दर्ज किया गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में भी स्थिति बेहद खराब रही। मिठनपुरा में AQI 416, ब्रह्मपुरा-दाउदपुर में AQI 406, बुद्ध कॉलोनी में AQI 409 और अरारदह में AQI 413 दर्ज किया गया है। सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ा ठंड से कुछ राहत मिलने के बाद प्रदूषण की यह मार लोगों के लिए एक नई परेशानी बन गई है। इसके चलते सांस से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी काफी बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में धूल, मिट्टी और अन्य कणों की वजह से हालात और बिगड़ गए हैं और मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। नगर निगम की कोशिशें बेअसर प्रदूषण पर काबू पाने में नगर निगम प्रशासन फिलहाल बेबस नजर आ रहा है। नगर निगम की ओर से शहर के अंदर स्प्रिंकल वैन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन यह उपाय अब बेअसर साबित हो रहा है। प्रदूषण के इस खतरनाक आंकड़े के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और एक बार फिर इसे रोकने के लिए ठोस योजना के साथ कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नगर निगम की टीम बड़ी तैयारी में जुट गई है।  

शिक्षा में एकता: पंजाब के स्कूलों में सभी हितधारक एक मंच पर आए

चंडीगढ़ पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण पहल के तहत पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने आज दूसरी राज्यव्यापी स्कूल-स्तरीय पैरेंट्स (माता-पिता) वर्कशॉप आयोजित की, जिसमें 17.50 लाख से अधिक माता-पिता शामिल हुए। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बैंस ने कहा कि स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.) के नेतृत्व में शुरू की गई इस मेगा पहल ने राज्य की शिक्षा प्रणाली में माता-पिताओं की भागीदारी के लिए एक नया मानक स्थापित किया है, जो पंजाब शिक्षा क्रांति के अंतर्गत शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की सहभागी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि यह पहल पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत छात्रों के शैक्षिक सफर में माता-पिताओं को सक्रिय भागीदार बनाने का उद्देश्य रखती है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र के सरकारी हाई स्कूल, मानकपुर (नंगल) में इस वर्कशॉप में भाग लेते हुए माता-पिताओं और स्कूल के बीच साझेदारी को और मजबूत करने तथा छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के इरादे से माता-पिताओं और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने आगे बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य माता-पिताओं को तनाव-मुक्त परीक्षा तैयारियों संबंधी रणनीतियों से सशक्त बनाना, सकारात्मक रवैये के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना और पंजाब की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम, जिसमें शीघ्र पता लगाना, रोकथाम और सहायता पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है, के तहत नशों की रोकथाम के बारे में जागरूकता पैदा करना था। उन्होंने आगे कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, लालचंद कटारूचक, तरुनप्रीत सिंह सौंद और हरदीप सिंह मुंडियां तथा 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इन वर्कशॉपों में भाग लेकर शिक्षा प्रणाली की मजबूती और समर्थन के प्रति सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैंस ने कहा कि दिसंबर 2025 में आयोजित पहली वर्कशॉप की शानदार सफलता के आधार पर आज आयोजित इस दूसरी वर्कशॉप ने स्कूलों और छात्रों के माता-पिताओं के बीच एक मजबूत साझेदारी को प्रोत्साहित किया, जिसमें माता-पिताओं को अपने बच्चे की शैक्षिक प्रगति के बारे में जानने की इच्छा रखने और होम लर्निंग के समर्थन के बारे में जागरूक किया गया। बैंस ने बताया कि वर्कशॉप की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने इस आयोजन की निगरानी और सुचारू संचालन के लिए निदेशकों और डी.ई.ओ. सहित 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया था। उल्लेखनीय है कि इन वर्कशॉपों के लिए पहले ही लगभग 40,000 शिक्षकों को इस वर्कशॉप के बारे में प्रशिक्षण दिया गया था ताकि वास्तविक अर्थों में इस पहल के सकारात्मक प्रभाव को सुनिश्चित किया जा सके। शिक्षा के स्वरूप को बदलने और एक शिक्षित व जागरूक युवा पीढ़ी तैयार करने के लिए स्कूल और माता-पिताओं के बीच तालमेल व सहयोग के प्रभाव को उजागर करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह वर्कशॉप बच्चों की शैक्षिक सफलता और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक एक सहयोगी घरेलू माहौल सृजित करने के हमारे मिशन का आधार है। भगवंत मान सरकार की राज्यव्यापी पैरेंट्स वर्कशॉप एक सफल कार्यक्रम साबित हुई, जिसमें एक दिन में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में 17.50 लाख से अधिक माता-पिताओं ने भाग लिया। इस दूसरी राज्यव्यापी पैरेंट्स वर्कशॉप में 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती और लगभग 40,000 प्रशिक्षित शिक्षकों की मौजूदगी ने इसके सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया। इस कार्यक्रम में पांच कैबिनेट मंत्रियों और 40 से अधिक विधायकों ने भाग लिया और प्रत्येक स्कूल में 1 से 1.5 घंटे के सत्र आयोजित किए गए, जो पंजाब शिक्षा क्रांति पहल के अंतर्गत राजनीतिक प्रतिबद्धता, प्रशासनिक तैयारी और सामुदायिक भागीदारी के संयोजन को दर्शाता है।

राजस्थान सीमा पर ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश, राजगढ़ से 5 करोड़ का नशीला केमिकल जब्त

राजगढ़ राजगढ़ जिले की राजस्थान सीमा से सटे माचलपुर क्षेत्र के सुनसान इलाके में एक बार फिर से ड्रग्स बनाने प्रयोग किए जाना वाला कैमिकल पुलिस ने जब्त किया हैं। केमिकल की क़ीमत 5 करोड़ आंकी गई है। इसके चार दिन पहले गोघटपुर गांव में पुलिस ने पकड़ी थी ड्रगस बनाने वाली फैक्ट्री व 4 करोड़ का कैमिक बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक 7-8 फरवरी की रात को थाना माचलपुर में पदस्थ उप निरीक्षक गुड्डू कुशवाह को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्स) निर्माण में प्रयुक्त केमिकल ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है। सूचना की तस्दीक एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई।   तलाशी के दौरान खंती में 5 नीले रंग के ड्रम मिले, जिनमें प्लास्टिक की पन्नियों में भरा हुआ सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा केमिकल पाउडर पाया गया, जिससे तेज गंध आ रही थी। प्रारंभिक परीक्षण एवं अनुभव के आधार पर उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे से तौल करने पर ड्रमों सहित कुल वजन 266.9 किलोग्राम मिला, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। पुलिस ने उक्त संपूर्ण मादक पदार्थ को विधिवत सीलबंद कर, साक्षियों की उपस्थिति में जब्त किया गया। कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई तथा जब्तशुदा माल को सुरक्षित रूप से मालखाने में जमा किया गया। इस संबंध में थाना माचलपुर में अपराध क्रमांक 35/2026, धारा 30 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। अज्ञात आरोपितो की तलाश की जा रही है तथा अवैध मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के संबंध में गहन जांच जारी है। चार दिन पहले पकड़ी थी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री, 4 करोड़ का कैमिकल मंगलवार रात को राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली। जिसमें ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला। पिकअप सवारों ने बताया कि वह इसे मप्र के आगरा-मालवा जिले की और लेकर जा रहे थे। दस्तावेज मांगने पर कुछ नहीं दिखा सके। उसी से इनपुट मिला था कि राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में ड्रग्स की फैक्ट्री संचालित हो रही है। इसके बाद राजस्थान व माचलपुर की पुलिस ने संयुक्त रूप से गोघटपुर में रघुनंदन पिता गोवर्धन पाटीदार के मकान पर दबिश दी थी, जहां केमिकल से ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री को पकड़ा। जहां से करीब 4 करोड़ रुपये के केमिकल बरामद किया था, हालांकि आरोपित पाटीदार अभी भी फरार है।

कृषि रथ के माध्यम से किसानों को दी जा रही ई-विकास प्रणाली की जानकारी

भोपाल प्रदेश में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष“ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में हरदा जिले के तीनों विकासखंडों में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। कृषि रथ के साथ कृषि विज्ञान केंद्र, कोलीपुरा के वैज्ञानिक, कृषि विभाग एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किसानों से सीधा संपर्क कर ई-विकास प्रणाली से उर्वरक क्रय करने के लिये जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के स्थान पर उडद, मूंगफली, तिल आदि फसलों को प्रोत्साहन, प्राकृतिक व जैविक कृषि करने के लिये प्रोत्साहन, मृदा स्वास्थ कार्ड के आधार पर उर्वरको की संतुलित मात्रा का उपयोग करने और भूमि पर बोई गई फसल अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग करने आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ किसानों को समसामयिक सलाह भी प्रदान की जा रही है। कृषि रथों द्वारा जिले की 162 ग्राम पंचायतो में भ्रमण किया गया है। इस दौरान 5270 किसानों, 247 जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभागीय अधिकारी कर्मचारी तथा वैज्ञानिकों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदाय की गई। किसानों को आधुनिक खेती और नरवाई प्रबंधन की दी जा रही जानकारी कटनी जिले के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत खेती की जानकारी देने के लिए कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्‍यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड रीठी के गांवों में 'कृषि रथ' चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नरवाई प्रबंधन की जानकारी दी गई। किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, स्ट्रा रीपर और रीपर कम बाइंडर की तकनीकी जानकारी दी। सुपर सीडर और हैप्पी सीडर खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी सहित तीन काम एक साथ करते हैं। इन यंत्रों के उपयोग से न केवल समय और लागत की बचत होती है, बल्कि पैदावार भी अच्छी मिलती है। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है और वायु प्रदूषण फैलता है, जिससे बीमारियां बढ़ती हैं। नरवाई न जलाकर उसे खाद के रूप में उपयोग करना ही श्रेष्ठ है। किसानों को कस्टम हायरिंग, डीबीटी, यंत्रदूत ग्राम योजना, वर्मी कंपोस्ट, नाडेप और जीवामृत खाद बनाने की विधि की भी जानकारी दी गई।