samacharsecretary.com

अखिलेश का PDA रथ पूरी तरह पंक्चर हो चुका है’- अखिलेश की PDA रथ यात्रा पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का तंज

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 24 सितंबर से रायबरेली में PDA रथ यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख पर निशाना साधा है। उन्होंने अखिलेश यादव की प्रस्तावित यात्रा को लेकर कहा कि उनका PDA रथ पूरी तरह पंक्चर हो चुका है और उसकी हवा निकल चुकी है। केशव मौर्य ने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार सपा-कांग्रेस आपस में ही लड़कर समाप्त हो जाएंगे। एक बार फिर साइकिल पंक्चर होने वाली है। कांग्रेस का यूपी में कोई भविष्य नहीं है। अयोध्या के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर अखिलेश को जवाब अयोध्या में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों पर भी केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद जनता की नजर में सवाल थे, इसीलिए उन्हें जनता ने 2017 में हटा दिया। वहीं अखिलेश यादव की ओर से चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए जाने को लेकर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज अखिलेश यादव सवाल उठा रहे हैं लेकिन उसी चुनाव आयोग की बदौलत वो सांसद हैं, यूपी के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। बता दें कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 23 सितंबर को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने 2027 के चुनाव को आखिरी चुनाव बताया। जिसपर भाजपा ने उनपर पलटवार किया है। केशव प्रसाद मौर्य के अलावा योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि लोकतंत्र में कोई आखिरी या नया चुनाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करना चाहिए और जो लोग जनादेश हासिल नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें जनादेश का अपमान करने का अधिकार नहीं है।

सीएम योगी ने दो परिवारों को दी आर्थिक सहायता

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग कारणों से अपने प्रियजन को खोने वाले दो परिवारों से बुधवार को मुलाकात की। सांत्वना देकर उनका दुख साझा किया और आर्थिक सहायता का संबल प्रदान किया। उन्होंने दोनों परिवारों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।  बुधवार को गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के दो परिवारों से मिले। इनमें से एक परिवार के सदस्य, औरंगाबाद गांव के आदित्य प्रजापति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जबकि दूसरे परिवार में मुन्नी देवी के पति का कैंसर से निधन हो गया था। सीएम योगी ने दोनों परिवारों को ढांढस बंधाया और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।

शहर को पेयजल, सामुदायिक भवन, अधोसंरचना और अमृत मिशन सहित विभिन्न विकास कार्यों की मिली बड़ी सौगात

रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने आज सरायपाली के नई मंडी प्रांगण में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सरायपाली नगर पालिका क्षेत्र के लिए 23 करोड़ 28 लाख 61 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 154 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को पेयजल, सामुदायिक भवन, अधोसंरचना और अमृत मिशन सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात मिली। सांसद  रूपकुमारी चौधरी, विधायक  चातुरी नंद, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष  रामलाल चौहान और छत्तीसगढ़ शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष  राजेंद्र नायक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन अंतर्गत रेट्रो फिटिंग एवं एकल ग्राम योजना के कुल 24 ग्रामों में पेयजल सुविधा के लिए 1818. 61 लाख रुपये के कार्यों तथा 510 लाख रुपये के विभिन्न वार्डों में सामुदायिक भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने एसटीपी निर्माण से संबंधित 10.21 करोड़ रुपये तथा जल प्रदाय अमृत मिशन 2.0 अंतर्गत 139.55 करोड़ रुपए के विकास कार्यों एवं 512 लाख रुपये के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी शुभ कार्य होता है तो इंद्रदेव का आशीर्वाद मिलता है। आज वर्षा के रूप में भी हमें आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जिस कार्य का भूमिपूजन करती है, उसका लोकार्पण भी हमारी ही सरकार करती है। विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा कर जनता को उसका लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माथे पर नक्सलवाद का कलंक था, जिसे प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा ढाई वर्ष में लगभग 12 हजार 666 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अब सरायपाली का विकास भी तीव्र गति से हो रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सुशासन की सरकार में लगातार विकास के काम हो रहे है। देश की दशा और दिशा बदलने का काम हमारी डबल इंजन की सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरायपाली के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नही होगी। उप मुख्यमंत्री ने सांसद की मांग पर क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। सांसद  रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा बिना भेदभाव के सभी क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिसका लाभ आम जनता को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही रेल लाइन की मांग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है और अब सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। विधायक  चातुरी नंद ने अमृत मिशन 2.0 की स्वीकृति के लिए उप मुख्यमंत्री  अरुण साव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह केवल पानी की योजना नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सौगात है। महानदी का पानी जब घर-घर पहुंचेगा, तो इसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सहित इस कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य  सरला कोसरिया, स्काउट गाइड संघ के जिलाध्यक्ष  ऐतराम साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  सरस्वती चंद्र, उपाध्यक्ष  हेमंत प्रधान और कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।  

9 साल चली कानूनी लड़ाई खत्म, 862 शिक्षकों को मिलेगा पे-स्केल का एरियर

चंडीगढ़. सुप्रीम कोर्ट के 21 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग के 862 शिक्षकों को छठे और सातवें पे स्केल का एरियर मिलेगा। छठे और सातवें पे स्केल का एरियर के यह निदेशक बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग नितिश सिंगला ने किए। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2015 में 1149 पदों पर एनटीटी, जेबीटी, टीजीटी शिक्षकों की भर्ती की थी। भर्ती के बाद मई 2017 में पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई जिसके बाद भर्ती को प्रशासन ने रद्द कर दिया। शिक्षकों ने कैट में याचिका लगाई जहां पर प्रशासन के फैसले पर स्टे लगा दी गई। स्टे के विरूद्ध शिक्षा विभाग पहले पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट और अंत में सुप्रीम कोर्ट गया जहां पर फैसला शिक्षकों के पक्ष में रहा।

छाएंगे अयोध्या के खुरचन पेड़ा और कुल्हड़ वाली दही-जलेबी

अयोध्या उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) के चतुर्थ संस्करण में अयोध्या के पारंपरिक व्यंजनों के साथ एमएसएमई क्षेत्र के उत्पाद भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाएंगे। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित इस व्यापार मेले में रामनगरी की कुल्हड़ वाली दही-जलेबी, खुरचन पेड़ा के साथ चिकनकारी और बैटरी निर्माण से जुड़े उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। जिला उद्योग प्रतिष्ठान तथा उद्यमिता विकास केंद्र की सूची के अनुसार, एक जनपद एक व्यंजन के अंतर्गत दीप नारायण मौर्या लाइव किचन में कुल्हड़ वाली दही-जलेबी पेश करेंगे, जबकि पम्मी मौर्या फूड पैकेजिंग के तहत पेड़ा प्रदर्शित करेंगी। दोनों छोटी देवकाली क्षेत्र से हैं। वहीं एमएसएमई श्रेणी में पूनम सिंह रामनगर धौरहरा अयोध्या से चिकनकारी के उत्पाद लेकर भाग लेंगी और सूरजकान्त मुमताजनगर से बैटरी निर्माण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। दही-जलेबी और खुरचन पेड़ा सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ।अयोध्या के संदर्भ में कुल्हड़ वाली दही-जलेबी और खुरचन पेड़ा सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक हैं, वहीं चिकनकारी हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है। बैटरी निर्माण जैसे औद्योगिक उत्पाद स्थानीय उद्यमिता और रोजगार सृजन की क्षमता को उजागर करते हैं। व्यापार मेले में इन उत्पादों को प्रदर्शित करने से न केवल पर्यटकों और व्यापारियों का ध्यान आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को नए बाजार, व्यावसायिक साझेदारी और विस्तार के अवसर भी मिलेंगे। एक जनपद एक व्यंजन अभियान के साथ एमएसएमई उत्पादों को बढ़ावा देने से अयोध्या की आर्थिक पहचान और मजबूत होगी। वैश्विक व्यापारियों तक पहुंचेगी रामनगरी की विविधता कुल मिलाकर यूपीआईटीएस अयोध्या के पारंपरिक व्यंजनों और एमएसएमई क्षेत्र के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। कुल्हड़ वाली दही-जलेबी से लेकर चिकनकारी और बैटरी निर्माण तक, रामनगरी की विविधता अब वैश्विक व्यापारियों तक पहुंचेगी। अयोध्या का स्टाल ट्रेड शो में विशेष रूप से सजाया जाएगा जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसे मेलों से छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, अयोध्या के अधिकारी प्रभात रंजन शुक्ला ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में लगने वाले इस ट्रेड शो में अयोध्या का स्टॉल विशेष रूप से सजाया जाएगा।इससे आगंतुकों को रामनगरी के स्वाद और कौशल दोनों का अनुभव मिलेगा।

नगर निगम बीरगांव को बड़ी सौगात : 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, लगभग 110 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों की घोषणा

रायपुर विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। हमारे प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, मानव संसाधन और अपार संभावनाओं का उपयोग कर हम सब मिलकर एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने आज रायपुर जिले के नगर निगम बीरगांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ ही क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए लगभग 110 करोड़ रुपये के नवीन विकास कार्यों की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी के अनुरूप यहां सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवरेज, खेल सुविधाओं और अन्य नागरिक अधोसंरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों में नगर निगम से संबंधित 94 करोड़ रुपये से अधिक तथा लोक निर्माण विभाग के 38 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही नगरोत्थान योजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। इन कार्यों के पूरा होने से बीरगांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, खेल अधोसंरचना सहित अनेक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। स्टेट कैपिटल रीजन से बीरगांव के विकास को मिलेगी नई दिशा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसमें बीरगांव भी शामिल है। स्टेट कैपिटल रीजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र के सुनियोजित, समन्वित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसका लाभ आने वाले वर्षों में बीरगांव को भी मिलेगा और यहां आधुनिक शहरी अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क और भवन बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाना भी है। इसी सोच के साथ सरकार सुशासन और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में लगातार सुधार कर रही है। तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण भी किया जाएगा। प्रदेश में 10 मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से भूमि संबंधी सेवाओं को सरल बनाया गया है। मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण से बीरगांव और आसपास के नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित सेवाएं अधिक सुविधाजनक ढंग से उपलब्ध होंगी। बीरगांव में एसटीपी के लिए 82 करोड़ रुपये की बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये, अधोसंरचना मद से सड़क एवं नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त नालंदा परिसर के निर्माण के लिए भी 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए एक करोड़ रुपये तथा बुधवारी बाजार बीरगांव से नगर निगम कार्यालय तक स्ट्रीट लाइट के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रावांभाठा में विद्युतीकरण एवं मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये, सर्व मांगलिक भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 89 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का जोन कार्यालय प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों का उद्देश्य बीरगांव के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। सात क्षेत्रों में सर्वे के बाद पात्र परिवारों को मिलेंगे आवासीय पट्टे मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के रावांभाठा, बंजारी नगर, शक्तिपारा, मठपारा, शीतलापारा, उरकुरा और मजदूर नगर सरोरा में सर्वेक्षण करवाकर पात्र लोगों को नियमानुसार आवासीय पट्टे वितरित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गरीब, महिला, श्रमिक और जरूरतमंद परिवारों का कल्याण हमारी प्राथमिकता मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, महिला, श्रमिक, किसान, युवा और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं। सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि माताओं-बहनों को प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5.60 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाने के साथ चरण पादुका योजना को फिर से प्रारंभ … Read more

दो नाबालिग बहनों से दुष्कर्म मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा

बलौदा बाजार. दो नाबालिग सगी बहनों को शादी का प्रलोभन देकर ले जाने और बलात्संग कारित करने वाले आरोपी को अदालत ने आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड लगाया है। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने बताया कि मामला थाना सिमगा का है, जहाँ पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर सिमगा थाना पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर विवेचना के दौरान पीड़िता को नागपुर में बरामद किया। पीड़िता ने पूछताछ में आरोपी सनत साहू द्वारा उसे शादी का प्रलोभन देकर नागपुर भगाकर ले जाने और शारीरिक संबंध बनाने से गर्भवती होकर एक बालिका को जन्म देने और उसके बाद उसे छोड़कर वर्ष 2024 में उसकी छोटी बहन को भगाकर ले जाने व उसके साथ कहीं अलग जगह रहने की बात बताई। प्रकरण में तात्कालिक थाना प्रभारी डीएसपी योगिता खापर्डे, सहायक उपनिरीक्षक एसके कुरैशी एवं तत्कालिक एसडीओपी ऐश्वर्य चंद्राकर ने एक टीम बनाकर आरोपी की गिरफ्तारी एवं दोनों बहनों को नागपुर से बरामद कर सकुशल उनके परिजन को सौंपा गया। इसके साथ नाबालिग पीड़ितों के स्कूल के दाखिल खारिज रजिस्टर जप्त कर गवाहों के साक्ष्य लेखन कर न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरुद्ध दोनों मामले में चलान पेश किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल ने प्रकरण की गंभीरता एवं साक्ष्यों के परिशीलन करने बाद आरोपी द्वारा किया गया अपराध सिद्ध होना पाया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोनों मामले में आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया है, तथा सभी सजाएं साथ- साथ भुगताए जाने का आदेश दिया गया।

नर्मदापुरम जिला एवं सत्र न्यायालय ने की अपील खारिज, 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10 हजार जुर्माने की मिली सजा

भोपाल  नर्मदापुरम के जिला एवं सत्र न्यायालय ने मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एमपीएसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किये गये बाघ के अवैध शिकार और उसकी हड्डियों की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के आरोपी ताशी शेरपा की अपील खारिज कर दी है। न्यायालय ने 17 सितंबर 2026 को निर्णय सुनाते हुए अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर की 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10 हजार के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा। न्यायालय ने ताशी शेरपा को अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर 2022 में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने 27 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जांच के दौरान एमपीएसटीएफ ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) सहित अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी सहयोग प्राप्त किया। जुलाई 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ के अवैध शिकार और उसकी हड्डियों की चीन में अवैध की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एमपीएसटीएफ को सौंपी गई। लंबे समय से फरार चल रहे ताशी शेरपा को एमपीएसटीएफ की टीम ने लगातार प्रयासों के बाद 23 जनवरी 2024 को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप पानी टंकी, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से फर्जी भारतीय दस्तावेज, विदेशी मुद्रा, नेपाली-भूटानी मुद्रा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। जांच के दौरान एमपीएसटीएफ ने वैज्ञानिक एवं साइबर साक्ष्यों को इकठ्ठा किया। ताशी शेरपा के ब्रेन मैपिंग (बीईओएस) और नार्को एनालिसिस परीक्षण कराए गए। जांच में बाघ की हड्डियों और पैंगोलिन स्केल्स की तस्करी में उसकी संलिप्तता से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए। साइबर डेटा को भी न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। जांच में एक संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ, जिसमें कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ताशी शेरपा के गिरोह का नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ था। वह चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत का मूल निवासी है। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर 2022 में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने 27 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जांच के दौरान STSF ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) सहित अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी सहयोग प्राप्त किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ताशी शेरपा को अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना गया है, जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ था। वह चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत का मूल निवासी है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले में STSF द्वारा प्रस्तुत मौखिक, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को संदेह से परे पाया और ताशी शेरपा की अपील को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। इसके साथ ही पूर्व में सुनाई गई 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10 हजार अर्थदंड की सजा प्रभावी बनी रही।  

मिलेट उत्पादन में अग्रणी है सीधी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती का भविष्य उज्जवल है। किसानों को अपनी खेती को समय के साथ बदलते हुए नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने की दिशा में पहल करनी होगी। अन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों में रूचि लेकर किसान आमदनी के नए रास्तें खोल सकते हैं। सीधी मिलेट उत्पादन में अग्रणी है, यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी कई मिलेट फसलें पारंपरिक रूप से उगाई जाती हैं, जो यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। प्रसन्नता का विषय है कि अन्न को बढ़ावा देने के लिए जिले में 2 हज़ार हेक्टेयर में रागी और लगभग ढाई हज़ार हेक्टेयर में कोदो की फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है।  हमारा प्रयास है कि अन्न का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ा जाए, जिससे उनकी आमदनी के नए रास्तें खुलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंद्रेह शिव मंदिर में विराजे बाबा भोलेनाथ, बढ़ौरानाथ स्वामी और जगत जननी जगदंबा को नमन करते हुए कहा कि सीधी जिले में आदिशक्ति के अनेक पावन धाम हैं, प्रदेशवासियों पर सबकी कृपा बनी रहे, यही कामना है। इस अवसर पर मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई उपस्थित थे। खेती-किसानी के साथ पर्यटन और दरी कारीगरी के लिए भी प्रसिद्ध है सीधी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति से सजे सीधी की संभावनाओं की सूची बहुत लंबी है। खेती-किसानी के साथ पर्यटन, दरी कारीगरी, प्रकृति के वैभव और लोक संस्कृति यहां की रीढ़ है। पंजा दरी कारीगरों ने अपनी मेहनत और कला के बल पर सीधी को नई पहचान दी है। सीधी जिला कालीन बुनकरों का घर है, पंजा दरी विश्व प्रसिद्ध है, इसकी मांग विदेश तक है। पंजा दरी और कालीन हथकरघा उत्पादों को 'एक जिला-एक उत्पाद' के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और आकर्षक खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है। इससे स्थानीय कारीगरों को आय के अवसर मिल रहे हैं। किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी के किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर जैसी प्रमुख फसलों के साथ फल और सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है। टमाटर उत्पादन में सीधी की अपनी अलग ही पहचान है। प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों के साथ कटहल, कलमी आम, ग्राफ्टेड अमरूद, कलमी नींबू, फूलगोभी और चुकंदर जैसी उन्नत फसलों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पानी की बचत के साथ पैदावार भी बढ़ रही है। समय पर पंजीयन कराएं किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण को चुकाने की व्यवस्था भी उनकी सुविधा की अनुसार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर देने के लिए समय रहते पंजीयन कराने की समझाईश दी। किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़कर आय बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी में पिछले 6 महीनों में महिला समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू और 5 क्विंटल महुआ बिस्किट बेचकर करीब 13 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की है। इस उपलब्धि के लिए महिला उद्यमी बधाई की पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें दुग्ध उत्पादन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अंतर्गत संचालित सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का भी किसानों से आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 25 सितम्बर से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का संचालन आरंभ हो रहा है। राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव “खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाएं” विषय पर संगीता मिश्रा मझरेटी खुर्द सिहावल, विपिन शुक्ला मनकीसर रामपुर नैकिन, सजन सिंह बरमानी सीधी, विष्णुकांत कुशवाह भैसरहा रामपुर नैकिन एवं आरती सिंह टीकटकला सीधी ने अपने अनुभव साझा किए। मत्स्यपालन, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्राकृतिक खेती, दाल उत्पादन, बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल, भैंस पालन और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वेता सिंह, सिद्धार्थ सिंह, विवेक सिंह चैहान, संगीता मिश्रा, रीतू सिंह, बैयंत सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, उर्मिला साहू, सौखीलाल यादव एवं गुलाब सिंह को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभय गुप्ता, प्रिंस पटेल, चैतन्य सिंह चैहान, प्रिंस सिंह चैहान, आदित्य तिवारी, शिवाक्षत शुक्ला, आदर्श सिंह, आदर्श गुप्ता, यश चतुर्वेदी एवं गरिमा दुबे को सम्मानित किया गया। सीधी में आयोजित कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक  कुंवर सिंह टेकाम,  विश्वामित्र पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मती मंजू रामजी सिंह, कलेक्टर  विकास मिश्रा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

योगी सरकार में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर, ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में जनसमस्याओं के समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संभव (शिकायत निस्तारण पोर्टल) के माध्यम से विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि गंभीर और लंबित शिकायतों में जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश संभव पोर्टल शिकायतों का समयबद्ध पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने का एक पोर्टल है। अब इस पोर्टल के माध्यम से निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिजली चोरी करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को मंत्री ने दी सख्त हिदायत नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने जनपदीय अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव के तहत जनता को परेशान किए जाने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बजट की कोई कमी नहीं- मंत्री मंत्री ने कहा कि विभाग के पास जनहित के कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। जनता से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि जनता की समस्याओं का समाधान निचले स्तर पर ही प्रभावी ढंग से हो और किसी नागरिक को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उच्च स्तर तक आने की आवश्यकता न पड़े।