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किशनगंज-पूर्णिया में भारी बारिश की चेतावनी, उत्तर बिहार में गरज-चमक की संभावना

पटना  बिहार में मौसम का रंग बदलने लगा है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी से हीट वेव से निजात मिली है। कई जिलों में बादलों की आवाजाही से मौसम पहले से बेहतर हुआ है। राज्य के 23 शहरों के अधिकतम तापमान में शुक्रवार को आंशिक कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को किशनगंज और पूर्णिया में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में मेघ-गर्जन और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। कुल मिलाकर सात जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण मध्य बिहार में भी एक दो जगहों पर आंधी -पानी की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से 28 और 29 जून को राज्य में कई जगहों पर तेज बारिश का पूर्वानुमान किया गया है। मौसमविदों के अनुसार मानसून ट्रफ अभी राज्य में मोतिहारी से होकर गुजर रहा है। उत्तर बिहार में पुरवा तो दक्षिण बिहार में कई जगहों पर पछुआ का प्रभाव है। पटना में पुरवा और पछुआ के मिलन की स्थिति बनी हुई है। इस वजह से धूप और नमी के मिश्रण से गरज तड़क वाले बादल बन रहे हैं। मानसूनी बारिश के लिए अभी करना होगा इंतजार मुजफ्फरपुर जिले में मानसून की बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जारी पूर्वानुमान में इसकी जानकारी दी है। इसके अनुसार अगले चार दिनों में बारिश की संभावना काफी कम है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर पड़ने से यह स्थिति बन रही है। हालांकि, इस दौरान जिले में तीन दिनों तक खंड बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, शुक्रवार को अधिकतम के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट आई। लेकिन, पुरवा हवा के कारण उमस की अधिकता से लोग बेचैन रहे। पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि पहले से ही बंगाल की खाड़ी से आनेवाला मानसूनी ट्रफ जिले में प्रवेश के साथ कमजोर पड़ा है। उसके बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून भी पूर्वी यूपी में आने के बाद कमजोर हो गया है। इससे बारिश की संभावना कम हो गई है। फिलहाल 30 जून तक बारिश होने की संभावना महज 20 से 25 फीसदी है। यह बारिश भी जिले के एकाध स्थानों पर हो सकती है। लेकिन इस बीच जिले में गरज चमक के बीच 50 किमी तक की तेज पुरवा हवा चल सकती है। दो जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियों के जोर पकड़ने की संभावना है। नमी बढ़ने से परेशानी इधर, पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान एक डिग्री कम होकर 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान में 2.2 डिग्री की कमी आई। यह सामान्य से 2 डिग्री नीचे 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। औसत नमी 70% रही। साथ ही 8 किमी की गति से पुरवा हवा चली।

​मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँच रही योजनाएँ

​सुशासन की नई मिसाल: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 'सुशासन तिहार' बना लाचारों का मजबूत सहारा ​मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँच रही योजनाएँ शिविरों के माध्यम से समाज कल्याण विभाग ने 169 को दिए सहायक उपकरण, 248 को दी नई पेंशन की सौगात रायपुर        राज्य शासन की मंशानुसार जब प्रशासनिक तंत्र संवेदनशीलता के साथ जनता के द्वार पर पहुँचता है, तो सुशासन की परिभाषा ज़मीनी हकीकत में बदल जाती है। कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व नज़ारा छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ में देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन और कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ ने जिले के सैकड़ों दिव्यांगजनों, वृद्धजनों और निराश्रितों के जीवन में उम्मीद का एक नया सवेरा लाया है।      ​मई से 10 जून तक जिले के दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों में सजे विभागों के स्टॉल सिर्फ शिकायतें दर्ज करने के केंद्र नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित और मौके पर समाधान का माध्यम बने। ​ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम: 169 को मिले सहायक उपकरण   ​शिविरों के दौरान समाज कल्याण विभाग ने सेवा और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। विभाग द्वारा आवेदनों की स्क्रूटनी कर अत्यंत कम समय में 169 जरूरतमंद हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण वितरित किए गए।​इनमें प्रमुख रूप से ​11 वृद्धजनों को सहारा देने वाली वॉकिंग स्टिक (छड़ी),​04 दिव्यांगजनों को नई व्हीलचेयर,​03 दिव्यांगजनों को गति देने वाली ट्राइसाइकिल,​02 हितग्राहियों को बैशाखी,​01 हितग्राही को दुनिया की आवाज़ सुनने के लिए श्रवण यंत्र (हियरिंग एड)  शामिल हैं।      इन उपकरणों की मदद से अब बुजुर्ग और दिव्यांगजन बिना किसी दूसरे पर निर्भर रहे अपने दैनिक कार्यों को सहजता से पूरा कर पा रहे हैं। उनके चेहरे की मुस्कान शासन के प्रयासों की सफलता को बयां कर रही है। ​ आर्थिक सुरक्षा का कवच: 248 नवीन पेंशनों को तत्काल स्वीकृति       ​सुशासन तिहार का सबसे बड़ा असर सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर दिखा। शिविरों में आए आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट परीक्षण कर 248 पात्र हितग्राहियों के लिए नवीन सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति जारी की गई। अब इन वृद्ध, बेसहारा और दिव्यांग नागरिकों को हर महीने नियमित आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।      ​सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित इन विशेष शिविरों में जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के आपसी समन्वय से उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई है। मई महीने से शुरू होकर 10 जून 2026 तक चले इस अभियान के दौरान ज़मीनी स्तर पर बड़े फैसले लिए गए। इसके तहत जहाँ एक ओर 169 जरूरतमंद हितग्राहियों को उनके जीवन को सुगम बनाने के लिए विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए, वहीं दूसरी ओर 248 पात्र नागरिकों के लिए नवीन सामाजिक सुरक्षा पेंशन को भी तत्काल स्वीकृति दी गई, जिससे अब उन्हें नियमित आर्थिक संबल मिल सकेगा।  "योजनाएं अब कागजों पर नहीं, हमारे हाथों में हैं"     ​प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय कार्यप्रणाली से अभिभूत होकर लाभांवित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह 'सुशासन तिहार' उनके लिए राहत और अटूट विश्वास का केंद्र बनकर उभरा है। साय सरकार का सुशासन केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को सुगम और गरिमामय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।

हनुमानगढ़ी महंत संतराम दास के निधन से संत समाज में शोक, सरयू तट पर होगा अंतिम संस्कार

अयोध्या अयोध्या के सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ महंत संतराम दास (85) का शनिवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 11 बजे अपने आश्रम में अंतिम सांस ली। उनके निधन से संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक की लहर है। महंत संतरामदास सीएम योगी के करीबी महंतों में से थे। बताया गया कि महंत संतराम दास उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे तथा पिछले करीब आठ माह से उनका उपचार चल रहा था। हाल ही में उनका इलाज मेदांता अस्पताल में हुआ था। इलाज के बाद वह तीन दिन पहले ही अयोध्या लौटे थे। महंत के पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। महंत संतराम दास की अंतिम यात्रा शनिवार शाम 4 बजे हनुमानगढ़ी से निकलेगी। इसके बाद सरयू तट पर पूरे वैदिक रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। महंत संतराम दास का अयोध्या के संत समाज में विशेष सम्मान था। सीएम योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या प्रवास के दौरान समय-समय पर उनके आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लेते रहे थे और उन्हें गदा व रामनामा भेंट कर सम्मानित करते रहे थे। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास उन्हीं के शिष्य हैं। उज्जैनिया पट्टी के महंत संतराम दास के निधन को अयोध्या के संत समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। राजू दास ने सोशल मीडिया एक्स पर दी जानकारी हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने सोशल मीडिया एक्स पर महंत संतराम दास जी के निधन की सूचना दी। उन्होंने अस्पताल की फोटो साझा करके लिखा, हमारे पूज्य गुरुदेव भगवान श्री श्री 1008 श्री महंत संतराम दास जी महाराज पंचांग पट्टी उज्जैनिया हनुमानगढ़ी,अयोध्या जी का गोलोकवास अभी हो गया है। अभी सायं 3 बजे शोभा यात्रा निकाली जाएगी। दाह संस्कार आज (शाम 4 बजे ) नया घाट सरयू तट (कच्चा घाट) पर किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर महंत के निधन को लेकर सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने का क्रम शुरू हो गया। आचार्य संतोष अवस्थी ने लिखा, हनुमानगढ़ी उज्जैनिया पट्टी के पूज्य महंत श्री संतरामदास जी महाराज का सांकेतवास श्री अवध की नागातीत संत परम्परा की अपूरणीय क्षति है। भावभीनी श्रद्धांजलि। श्री हनुमन्तलाल जी महाराज पुण्यात्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें। अनुयायियों के प्रति हार्दिक संवेदना।

जनता के द्वार, डिजिटल सरकार’— छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई पहचान बना सेवा सेतु

​'जनता के द्वार, डिजिटल सरकार': छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया चेहरा बना ‘सेवा सेतु’ ​धमतरी की लोमेश्वरी साहू की जुबानी, डिजिटल सशक्तिकरण और भरोसे की अनकही कहानी रायपुर        आधुनिक युग में जब तकनीक आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने का माध्यम बन जाए, तो वह सुशासन की सबसे बड़ी सफलता कहलाती है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल ‘सेवा सेतु पोर्टल’ आज कुछ ऐसा ही कमाल कर रही है। यह पोर्टल प्रदेश के आम नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है, जिसने सरकारी दफ्तरों की जटिल प्रक्रियाओं को घर बैठे एक क्लिक पर समेट दिया है।       ​इस डिजिटल क्रांति की एक जीवंत मिसाल बनी हैं धमतरी जिले के कुरूद तहसील के ग्राम करेली की रहने वाली कु. लोमेश्वरी साहू। लोमेश्वरी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि कैसे ‘सेवा सेतु’ ने आमजन के समय, श्रम और धन की बचत कर उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाया है। ​चक्कर काटने के दौर से ‘क्लिक’ के सफर तक       ​अपने बीते अनुभवों को साझा करते हुए लोमेश्वरी साहू बताती हैं कि पहले किसी भी शासकीय प्रमाण पत्र को बनवाना एक थका देने वाली प्रक्रिया थी। उन्हें और उनके जैसे कई ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे।       ​पहले आवेदन करने के लिए बस का किराया लगाकर शहर जाओ, फिर दफ्तरों के चक्कर काटो। कई बार जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी न होने के कारण काम अटक जाता था। इससे समय तो बर्बाद होता ही था, साथ ही जेब पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। ​घर बैठे मिला जाति प्रमाण पत्र, एसडीएम ने सौंपा      ​लोमेश्वरी के लिए ‘सेवा सेतु’ पोर्टल एक वरदान साबित हुआ। जब उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता हुई, तो उन्होंने किसी कार्यालय के चक्कर काटने के बजाय घर बैठे ही सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। बेहद सरल प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्होंने जरूरी दस्तावेज अपलोड किए और अपने मोबाइल से ही आवेदन की स्थिति (Status) को ट्रैक करती रहीं। ​नतीजा यह हुआ कि बिना किसी भाग-दौड़ के, निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका जाति प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो गया। कुरूद के एसडीएम ने उन्हें यह प्रमाण पत्र सौंपा। लोमेश्वरी कहती हैं कि इस पारदर्शी व्यवस्था ने उन्हें दफ्तरों की कतारों और आवागमन के खर्च, दोनों से हमेशा के लिए मुक्ति दिला दी। ​डिजिटल तकनीक से सुदृढ़ हुआ 'जन-विश्वास'     ​सेवा सेतु पोर्टल ने पारंपरिक शासकीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। इसके जरिए अब नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है, जिससे उनके समय और श्रम की भारी बचत हो रही है। घर बैठे आवेदन की सुविधा मिलने से न केवल आवागमन का खर्च बंद हुआ है, बल्कि बिचौलियों पर निर्भरता खत्म होने से आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत भी मिली है। इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसकी शत-प्रतिशत पारदर्शिता है, जिसके तहत आवेदक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा, यह पोर्टल समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करता है, जिससे सभी आवश्यक प्रमाण पत्र और शासकीय लाभ तय समय-सीमा के भीतर सीधे नागरिकों तक पहुँच रहे हैं।      लोमेश्वरी साहू का मानना है कि इस ऑनलाइन व्यवस्था ने शासकीय सेवाओं को न केवल सुलभ बनाया है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में गजब की पारदर्शिता ला दी है। अब नागरिकों को अपने काम के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। ​सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर     ​धमतरी जिले की यह सफलता की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि डिजिटल तकनीक के सही इस्तेमाल से शासकीय सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को कितना बेहतर किया जा सकता है। आज ‘सेवा सेतु’ पोर्टल त्वरित, पारदर्शी और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान कर “जनता के द्वार, डिजिटल सरकार” की परिकल्पना को धरातल पर सच कर रहा है। छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह पहल वाकई एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

अमृतसर में आज जुटेंगे CM मान और केजरीवाल, हंसराज रघुवंशी करेंगे शिव महिमा का गुणगान; ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

 अमृतसर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज अमृतसर आएंगे। वे पाइटेक्स ग्राउंड, रंजीत एवेन्यू में आयोजित भगवान शिव के नाम एक शाम कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी भगवान शिव की महिमा का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सनातन सेवा समिति पंजाब तथा पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम शनिवार शाम 6:30 बजे शुरू होगा। संत-महापुरुषों, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन में प्रवेश सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल मंच और भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सलाहकार दीपक बाली, जिलाधीश दलविंदरजीत सिंह, पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर तथा सनातन सेवा समिति पंजाब के अध्यक्ष विजय शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और तैयारियों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल करेंगे शिरकत राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से शामिल होंगे। दोनों नेता भगवान शिव के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करेंगे। समय पर पहुंचने की अपील पंजाब सरकार के अनुसार, इस राज्य स्तरीय धार्मिक समागम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आज शाम होने वाले इस समागम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। 4 पॉइंट्स में पढ़ें जारी ट्रैफिक एडवाइजरी:-     एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर ने बताया कि हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड और टी-पॉइंट (इन-आउट बेकरी) से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि अत्यंत आवश्यक कार्य न होने पर इन मार्गों का उपयोग करने से बचें।     रंजीत एवेन्यू जाने वाले वाहन चालक रतन सिंह चौक, एम.के. होटल रोड, बेस्ट वेस्टर्न रोड और सी-मार्केट टी-पॉइंट से होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। वहीं, शहर के बाहर से आने वाले लोगों को आईटीआई–आनंद पार्क मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।     कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि प्रमुख चौराहों पर पुलिस कर्मी लगातार निगरानी रखेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी भी प्रकार की शरारती गतिविधि में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।     ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। इससे धार्मिक समागम के शांतिपूर्ण संचालन के साथ लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं सरकार की ओर से आयोजन स्थल पर पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया गया है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव कार्यक्रम के दौरान रंजीत एवेन्यू और आसपास के इलाकों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड तथा इन-आउट बेकरी टी-पॉइंट से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा।

श्रीराम के अस्तित्व को नकारने और रामभक्तों पर गोली चलाने वाले लोग कर रहे हैं आस्था की बात: सीएम

आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर के बाद सीएम योगी ने कहा- एसआईटी रिपोर्ट आते ही शुरू हो गई कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दोहराया- मैंने कहा था कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा, एसआईटी की संस्तुतियों के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार रामभक्तों से सीएम योगी की अपील- अयोध्या पर आक्षेप मत करें, श्रीराम की मर्यादा का पालन करें श्रीराम के अस्तित्व को नकारने और रामभक्तों पर गोली चलाने वाले लोग कर रहे हैं आस्था की बात: सीएम देवरिया, श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा। यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती। देवरिया में शुक्रवार को विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था। मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है, भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप न करो, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे, उस पर मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी। आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व रामभक्तों से कहा कि जो लोग आज आक्षेप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर चुके थे। कांग्रेस व सपा को आड़े हाथ लेते हुए सीएम ने कहा कि एक पार्टी कहती थी कि राम हुए ही नहीं, यानी वे लोग अयोध्या को भी नहीं मानना चाहते थे। वे लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज खड़ी करते रहे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण के खिलाफ खड़े रहे। वहीं दूसरा पक्ष उन लोगों का है, जो भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोली चलाता था और आज वही लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये लोग बताएंगे हमें आस्था ! रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे। लार का दंगा तो सबको याद ही है। और, ये लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है ! एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों के काले कारनामों का काला चिट्ठा है। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं, बल्कि बेईमानी व भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए थे। वही लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती रोकी इसीलिए वह छटपटाहट रही है। जब उसे कुछ नहीं मिला तो जन आस्था के साथ खिलवाड़, रामभक्तों पर आक्षेप और अयोध्या को बदनाम करने में जुट गई। यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार की मंशा पहले दिन से स्पष्ट है। मैं फिर अपील करूंगा कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो। रामभक्तों और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करो। अगर पुष्ट प्रमाण नहीं हैं तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और अगर प्रमाण हैं तो प्रस्तुत करो, एसआईटी का सहयोग करो। एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप सरकार कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम काम कर रही है तो फिर राजनीतिक बयानबाजी बंद होनी चाहिए।

योगी सरकार की शादी अनुदान योजना से OBC परिवारों को बड़ी राहत, 5 हजार से ज्यादा बेटियों को मिला लाभ

योगी सरकार की शादी अनुदान योजना से ओबीसी परिवारों को बड़ी राहत, 5 हजार से अधिक बेटियां लाभान्वित 2026-27 में 1.05 लाख लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की सहायता गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहारा बनी शादी अनुदान योजना विकलांग, विधवा और भूमिहीन परिवारों को आवेदन में प्राथमिकता लखनऊ   उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए राहत का मजबूत आधार बनती जा रही हैं। खासतौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के गरीब परिवारों के लिए संचालित शादी अनुदान योजना बेटियों की शादी में आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से ही इस योजना का सकारात्मक असर साफ दिखाई दे रहा है। अब तक 5 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को शादी अनुदान योजना का लाभ मिल चुका है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं तेजी से जमीनी स्तर पर पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध हो रही है। 2026-27 में 1 लाख से अधिक लोगों को लाभ देने का लक्ष्य दरअसल गरीब परिवारों के लिए बेटी की शादी हमेशा एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती रही है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 लाख 5 हजार लोगों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसमें शुरुआती महीनों में ही 5032 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। कुल आवेदकों में 4178 ऐसे भी शामिल हैं, जिन्होंने मार्च में शादी की थी और उसी माह आवेदन किया था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 16 हजार से अधिक आवेदकों को इस योजना के तहत सहायता प्रदान की गई थी। बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को दिया जाता है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। साथ ही योजना के लिए यह भी अनिवार्य है कि लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष हो। योगी सरकार ने योजना के क्रियान्वयन में संवेदनशील वर्गों को प्राथमिकता देने का भी सराहनीय कार्य किया है। विकलांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को आवेदन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाती है।  लाभार्थियों को समय पर मिल रही धनराशि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने शादी अनुदान योजना की सफलता पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है। आवेदक को 20 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी है और लाभार्थियों को समय पर मदद मिल रही है। प्रमुख सचिव ने बताया कि यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देकर बड़ी सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पिछड़े वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

योगी सरकार का बड़ा कदम, आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बेहतर समन्वय के लिए को-लोकेशन अभियान तेज

आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों का होगा बेहतर समन्वय, योगी सरकार ने को-लोकेशन और मैपिंग अभियान को दी नई गति – भारत सरकार के शिक्षा एवं महिला-बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेशभर में शुरू है अभियान – महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने जारी किए संयुक्त निर्देश – 30 जून तक मिशन मोड में पूरी होगी मैपिंग, यू-डायस अपडेट और हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया – स्कूल रेडीनेस, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण को मिलेगा बल – जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे सत्यापन लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ को-लोकेशन और वैज्ञानिक मैपिंग अभियान मिशन मोड में शुरू कर दिया गया है।  भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय पूर्व तैयारी (स्कूल रेडीनेस) को सुदृढ़ बनाना, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी एकीकरण सुनिश्चित करना तथा आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों के सहज संक्रमण को मजबूत करना है।  इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। अभियान के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कराया जाएगा। बुनियादी शिक्षा को मिलेगा नया आधार प्रदेश में बालवाटिका, निपुण भारत मिशन और बुनियादी शिक्षा को सशक्त बनाने के प्रयासों के बीच यह पहल महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए अधिक व्यवस्थित रूप से तैयार किया जा सकेगा। साथ ही शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ सुनिश्चित होने से बुनियदी शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के परिणामों को भी नई मजबूती मिलेगी। 30 जून तक मैपिंग पूर्ण करने के निर्देश 30 जून तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा-1 संचालित परिषदीय विद्यालयों की मैपिंग मिशन मोड में पूरी की जाएगी। संबंधित विद्यालयों का यू-डायस कोड अंकित करते हुए यू-डायस तथा हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर आवश्यक विवरण भी अद्यतन किए जाएंगे, जिससे दोनों विभागों के आंकड़ों में एकरूपता और योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय सुनिश्चित हो सके। मानकों के अनुरूप होगी मैपिंग विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी सेंटर के रूप में दर्ज किया जाएगा। जो केंद्र विद्यालय परिसर से बाहर हैं, उन्हें दूरी के आधार पर संबंधित प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। 200 मीटर के भीतर स्थित केंद्रों की मैपिंग उसी विद्यालय से होगी, ताकि वहां तैयार होने वाला हॉट कुक्ड मील बच्चों तक समय पर पहुंच सके। जहां विद्यालय परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, वहां निकटतम विद्यालय से मैपिंग की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 01 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। संयुक्त सत्यापन से बढ़ेगी पारदर्शिता सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

सीएम योगी ने रुद्रपुर व बरहज की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

उत्सव में उपद्रव करने वाला सात पीढ़ियों तक भुगतेगा: सीएम योगी सीएम योगी ने रुद्रपुर व बरहज की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास  मुहर्रम पर शांति, कोई भी व्यक्ति खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़कों पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता: सीएम योगी बरहज को मिलेगा इनलैंड वाटरवे का लाभ, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाएंगे स्थानीय उत्पाद: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उदाहरण देकर कहा- हमने डकैती रोकी, इसीलिए छटपटाहट रही सपा सीएम योगी ने 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक देकर सम्मानित किया देवरिया,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आज मुहर्रम पर शांति है। कोई खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़क पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता। 2017 में सरकार बनने के साथ ही अपराध, माफिया व अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। जो भी अपराध करेगा, माफिया गतिविधियों में शामिल होगा या जन आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा,  जीरो टॉलरेंस के तहत ही कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था मजबूत होने से प्रदेश में निवेश का वातावरण बना है और तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं। सपा व कांग्रेस के शासनकाल में उत्तर प्रदेश माफियाओं व दंगों के लिए बदनाम था। याद करें 2016 में यहीं मदनपुर थाने को लूट लिया गया था, आग लगा दी गई थी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के रुद्रपुर व बरहज विधानसभा क्षेत्र की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। सीएम ने देवरिया की धरती को नमन करते हुए कहा कि उन्हें रुद्रपुर व बरहज विधानसभा के मध्य स्थित उस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसे बाबा दुखहरणनाथ, बाबा महेंद्रनाथ, महर्षि देवरहा बाबा और बाबा राघवदास जैसी महान विभूतियों का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भूमि आध्यात्मिक व  सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है।  डबल इंजन सरकार ने बदली देवरिया की तस्वीर सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब देवरिया के लोग एक पुल और एक सड़क के लिए वर्षों तक इंतजार करते थे, लेकिन आज प्रदेश में विकास की गति पूरी तरह बदल चुकी है। पडरौना, कसया, पथरदेवा, देवरिया, सोनूघाट, बरहज, दोहरीघाट को वाराणसी व गोरखपुर मार्ग से जोड़ने वाली सड़कें पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही हैं। वहीं हाटा, गौरीबाजार व कौड़ीराम तक फोरलेन सड़कें उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी। बेहतर सड़कें व इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी आधारशिला होती हैं। युवा शक्ति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है और सरकार इसी शक्ति को कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। अब तक 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि परंपरागत उद्योगों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 3 करोड़ लोगों को रोजगार और आजीविका के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली है। वह बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदल सकता है। सुरक्षा के माहौल से बढ़ा निवेश और रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कारण देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर सहित पूरे पूर्वांचल में निवेश बढ़ रहा है। नए उद्योग लग रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। जो नौजवान पहले नौकरी के लिए मुंबई, सूरत और कोलकाता पलायन करते थे, आज वे अपने ही प्रदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने निवेश आधारित योजनाओं के माध्यम से 65 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा है। किसानों के हित में सरकार लगातार काम कर रही है। आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और कृषि शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है। कई खाद्यान्नों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आड़े हाथ लिया सपा को मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में नौकरियों के नाम पर भ्रष्टाचार होता था। चाचा-भतीजा की जोड़ी और पूरा परिवार वसूली में लगा रहता था। आज सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की जा रही हैं। देवरिया सहित प्रदेश के हजारों युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सरकारी नौकरी मिली है। सपा ने 2016 में बिना जमीन उपलब्ध कराए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 15,800 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया था। भाजपा सरकार बनने के बाद पहले जमीन का अधिग्रहण कराया गया और फिर नई प्रक्रिया के तहत टेंडर कराया गया। तकनीकी व वित्तीय प्रक्रिया को सरल बनाकर यही एक्सप्रेसवे लगभग 11,200 करोड़ रुपये में बनवाया गया, जिससे लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई। यह बचत सपा की डकैती रोकने का परिणाम है। इसीलिए सपा को बुरा लग रहा है, वह छटपटा रही है। भ्रष्टाचार व अव्यवस्था दी आम आदमी पार्टी ने सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली के एक सज्जन आज अयोध्या पहुंचे हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें कई वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उसे भ्रष्टाचार व अव्यवस्था के अलावा कुछ नहीं मिला। अयोध्या में डबल इंजन सरकार ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, निषादराज यात्री विश्रामालय, माता शबरी रसोई, फोरलेन सड़कें और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की हैं। यदि आम आदमी पार्टी यही न्याय दिल्ली के साथ करती तो राजधानी की तस्वीर भी बदल जाती। बरहज को मिलेगा इनलैंड वाटरवे का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहज कभी इस क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था और भविष्य में इनलैंड वाटरवे परियोजना का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां से किसानों की सब्जियां, फल, मिलेट्स, फूल और अन्य कृषि उत्पाद जलमार्ग के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाए जाएंगे। राप्ती व घाघरा नदी की बाढ़ से राहत दिलाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6.18 लाख गरीब परिवारों को नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार हर गरीब को पक्का घर, शौचालय, … Read more

मुख्यमंत्री अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का करेंगे शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी शनिवार को करेंगे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद का दौरा: विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात मुख्यमंत्री अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का करेंगे शिलान्यास मेरठ मंडल में किए गए पीडब्ल्यूडी के पुराने और नए विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा नोएडा के नए कार्यालय भवन का योगी करेंगे लोकार्पण, एमएसएमई दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 27 जून (शनिवार) को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 12.35 बजे जेवर एयरपोर्ट, गौतमबुद्धनगर पहुंचेंगे, जहां सेक्टर-10 यीडा में अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सेल प्लांट परिसर सेक्टर-8 यीडा, गौतमबुद्ध नगर में सेल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।  इसके अलावा मुख्यमंत्री सेक्टर-96, नोएडा पहुंचेंगे, जहां वे नोएडा के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण करेंगे और 'एमएसएमई दिवस' के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री मेरठ मण्डल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे और नए कार्यों की कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री इंदिरापुरम, गाजियाबाद पहुंचेंगे, जहां वे मंत्री सुनील शर्मा के सुपुत्र के मांगलिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।