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रैयती जमीन निबंधन प्रक्रिया होगी पारदर्शी, सीओ देंगे 10 दिनों में पूरी रिपोर्ट

पटना रैयती जमीन के निबंधन से पहले खरीदारों को उस जमीन के बारे में पूरी जानकारी जल्द मिलने लगेगी। बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के दो महकमों राजस्व एवं भूमि सुधार और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। सभी सीओ को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। जमीन निबंधन के लिए मोबाइल यूनिट भी तैयार की गई है। इसी माह बिहार में इसकी शुरुआत होने की संभावना है। जमीन रजिस्ट्री कराते समय आवेदकों को निबंधन पोर्टल पर 13 तरह की जानकारी देनी होगी। सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान के तहत दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। 16 फरवरी को ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि पूर्ण जानकारी के अभाव में जमीन रजिस्ट्री होने से अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो रहे हैं। इसके बाद निर्णय लिया गया कि पक्षकार चाहें तो उनको संबंधित भूमि के बारे में आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, आवेदकों को उसके लिए पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता, विक्रेता का नाम आदि बताना होगा। अंचलाधिकारी जांच-पड़ताल कर 10 दिनों में आवेदक को पूरी जानकारी एसएमएस से मुहैया कराएंगे। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने कहा कि जमीन निबंधन के पहले खरीदारों को इससे संबंधित पूरी जानकारी जल्द ही मिलने लगेगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। मोबाइल यूनिट भी तैयार कर ली गई है। सहयोग पोर्टल का आज शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री इधर बिहार में आम लोगों की शिकायतों के तुरंत निष्पादन से संबंधित सहयोग पोर्टल का सीएम सम्राट चौधरी सोमवार को शुभारंभ करेंगे। पोर्टल बिहार सरकार का रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम है। यह जनता की शिकायतों के समय पर, पारदर्शी और जवाबदेहीपूर्ण निवारण को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। यह नागरिकों को एक एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से शिकायतें दर्ज करने, स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, रिमाइंडर भेजने और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएगा। यह प्रणाली बिहार सरकार के सभी विभागों में कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। आम लोगों से सुविधापूर्वक शिकायतें प्राप्त करने के लिए पंचायत में 19 मई से शिविर भी लगने हैं। 19 मई से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर "सहयोग शिविर" आयोजित किया जाएगा।

‘कृष्णावतारम्’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में भक्तिमय हुआ लोकभवन, CM योगी ने की बड़ी घोषणा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म कृष्णावतारम् को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया है। रविवार को मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद राज्यपाल आनंदीबेन व सीएम योगी ने दोनों उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने एक साथ यह फिल्म देखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसे टैक्स फ्री करने को घोषणा की। राजधानी स्थित लोकभवन सभागार उस समय पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया, जब फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान कृष्णा कृष्णा, राधे राधे के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा। इस दौरान सभागार खचाखच भरा रहा और फिल्म को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर कलाकारों का सम्मान भी किया। फिल्म में द्वापर युग और सनातन संस्कृति की झलक फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में द्वापर युग, भारतीय पुरातन संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयामों को भव्यता के साथ दर्शाया गया है। फिल्म की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भगवान कृष्ण के साथ राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा की प्रेम कथाओं को अलग-अलग स्वरूपों में प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वृंदावन बिहारी लाल की जय और भारत माता के जयकारे लगाए। ढाई घंटे तक एक साथ बैठा रहा मंत्रिमंडल उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि आज मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद शपथ ग्रहण करने वाले सभी मंत्री पूरे मंत्रिमंडल के साथ इस अद्भुत कार्यक्रम में सहभागी बने। करीब ढाई घंटे तक सभी एक साथ यहां बैठे रहे और हर एक चेहरे पर नई रौनक दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा और संस्कृति से जुड़ी भगवान श्री कृष्ण पर आधारित इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के साथ हम सभी यहां जुड़े हैं। फिल्म के कलाकार भी यहां उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में सत्यभामा का किरदार निभाने वाली कलाकार का नाम भी संस्कृति है, जिन्होंने इस भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने लिया सीएम योगी से आशीर्वाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम सभी ने एक साथ इस फिल्म को देखा। यह भारत की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े इतिहास को समेटते हुए तथा पुरातन विरासत को मुख्य धारा में प्रस्तुत करने वाली फिल्म है। इस दौरान फिल्म की मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी ने निर्माता-निर्देशक और फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों को धन्यवाद भी दिया। जो नए मंत्री बने हैं, उनके स्वागत के लिए यादगार क्षण मुख्यमंत्री ने फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद दिया। इसी के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा भी की। उन्होंने सूचना विभाग को प्रत्येक जनपद में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित कराने में सहयोग करने का निर्देश दिया, जिससे बच्चे और युवा इसे देखकर अपनी संस्कृति, परंपरा और सनातन विरासत के बारे में समझ सकें। उन्होंने कहा कि जब हम बरसाना, मथुरा और वृंदावन में जाते हैं तो वहां संबोधन राधे-राधे का ही होता है। उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णावतारम् की मुख्य पात्र संस्कृति राज्यपाल की नातिन हैं और किसी भी नानी के लिए इससे अद्भुत क्षण और कोई नहीं होगा कि पालन-पोषण कर जिस बच्ची को आगे बढ़ाया है, आज उसे इतना बेहतर काम करते हुए वे देख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार को सम्मान मिलना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए : राज्यपाल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हिंदी, तमिल और तेलुगु में की गई रिलीज यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज की गई है। फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर हैं। फिल्म में सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं, जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा समेत कई बड़े कलाकार अपने किरदारों के जरिये छाप छोड़ने में सफल रहे।

काशी में यज्ञ-हवन के बीच 11 लोगों ने किया धर्म परिवर्तन, बोले- ‘अब नटराज शिव की शरण में’

वाराणसी धर्मनगरी वाराणसी के सेवापुरी विकास खंड अंतर्गत बाराडीह भूसौला गांव में आस्था और भक्ति का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां तीन मुस्लिम परिवारों के 11 सदस्यों ने पूरी श्रद्धा और वैदिक रीति-रिवाज के साथ 'घर वापसी' करते हुए सनातन धर्म को स्वीकार किया। धर्म जागरण मंच काशी जिला द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यज्ञ, हवन और मंत्रोच्चार के बीच इन लोगों ने हिंदू धर्म में लौटने की घोषणा की। सनातन धर्म अपनाने वाले सभी लोग 'नट' बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। भुसवला पेट्रोल पंप के पीछे आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सफी नट, मुख्तार और वकील के परिवारों ने भाग लिया। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उनके पूर्वजों ने करीब चार पीढ़ी पहले डर और प्रलोभन के वश में आकर सनातन धर्म को छोड़ दिया था और इस्लाम स्वीकार कर लिया था। लेकिन उनके मन में हमेशा से अपने मूल जड़ों के प्रति सम्मान बना रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम धर्म की मान्यताओं के बीच उन्हें एक 'घुटन' महसूस होती थी और वे लंबे समय से अपने आराध्य की शरण में लौटना चाहते थे। नटराज भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था कार्यक्रम के दौरान इन परिवारों ने बताया कि नट बिरादरी सदियों से 'नटराज' भगवान शिव की उपासक रही है। उन्होंने कहा, "हम लोग जन्मजात नटराज शिव के भक्त हैं। चार पीढ़ियों का अंतराल भले ही रहा हो, लेकिन हमारी सांस्कृतिक विरासत और भक्ति भगवान शिव से ही जुड़ी है। अब हम भगवान नटराज शिव की शरण में वापस आ गए हैं और आजीवन उन्हीं की आराधना करेंगे।" वैदिक अनुष्ठान और नए नामकरण शुद्धि कार्यक्रम के दौरान पंडितों और धर्म जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य यज्ञ संपन्न कराया। 11 सदस्यों ने हवन कुंड में आहुति डाली, जिसके बाद उन्हें गंगाजल से पवित्र किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी को माथे पर तिलक-चंदन लगाया गया और कलाई पर रक्षा सूत्र (कलावा) बांधकर सनातन धर्म में उनका स्वागत किया गया। घर वापसी करने वाले सदस्यों ने अपने पुराने नामों को त्यागकर सनातन धर्म के अनुरूप नए नाम भी स्वीकार किए। सामाजिक संगठनों की मौजूदगी इस धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर धर्म जागरण मंच के जिला संयोजक प्रदीप, रामाश्रय और आनंद समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन परिवारों ने बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से घर वापसी की है। बाराडीह भूसौला गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना की खासी चर्चा है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय स्तर पर सतर्कता भी बरती गई।

मुख्यमंत्री साय की पहल: मेधावी विद्यार्थियों ने आईपीएल मैच का आनंद लिया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से मेधावी विद्यार्थियों ने लिया आईपीएल मैच का रोमांच प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को मिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को नई ऊर्जा देने की दिशा में लगातार नवाचारपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में आज राजधानी रायपुर में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच का रोमांच प्रदेश के उन मेधावी विद्यार्थियों ने भी महसूस किया, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।  राज्य शासन की विशेष पहल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 18 प्रतिभावान विद्यार्थी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले का आनंद लिया।मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह अवसर केवल एक क्रिकेट मैच देखने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का प्रेरक प्रयास भी था।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, जिससे वे अपने सपनों को और बड़े स्तर पर देखने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार शिक्षा, खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए लगातार संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता और आईपीएल मैच के रोमांचक माहौल ने विद्यार्थियों को बेहद उत्साहित कर दिया। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने पहुंचे थे। स्टेडियम की आकर्षक रोशनी, हजारों दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों की ऊर्जा और पूरे आयोजन का जीवंत वातावरण बच्चों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। कई विद्यार्थी पहली बार इतने बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनकर अभिभूत नजर आए। हायर सेकेंडरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सरस्वती शिशु मंदिर, पलारी के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट का विशेष शौक रहा है। अब तक वे टीवी पर ही आईपीएल मैच देखा करते थे, लेकिन आज पहली बार इतने विशाल स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय क्षण है। जिज्ञासु ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके उत्साह और आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है। इसी प्रकार कांकेर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नरहरपुर के छात्र एवं बारहवीं की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले यश ख्रोबागढ़े ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सामने खेलते देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का माहौल, दर्शकों का जोश और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद अद्भुत अनुभव रहा। यश ने कहा कि मुख्यमंत्री साय की यह पहल विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली है। विद्यार्थियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके सपनों को पहचान देने और उन्हें नई दिशा देने का प्रयास है। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का ऐसा अनुभव बताया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट मानना है कि प्रतिभा को अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि प्रदेश के युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं। राज्य सरकार शिक्षा, खेल, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। राज्य सरकार द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है।  डिजिटल शिक्षा, खेल अधोसंरचना विकास और प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन जैसे अनेक कदमों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईपीएल मैच का यह अनुभव भी उसी दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।आईपीएल मैच देखने पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह, खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन को एक साथ सम्मानित करने की यह पहल निश्चित रूप से उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी।  विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा।

प्री-मानसून बारिश से बिहार में रिकॉर्ड 193% अधिक वर्षा, कई जिलों में तेज हवाएं

 पटना पुरवा के प्रभाव के बीच पूरे बिहार में नमी का प्रसार लगातार जारी है। इस कारण उत्तर बिहार के 19 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट जारी किया गया है। इन स्थानों पर 50-60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। वहीं, पटना में बादल छाये रहेंगे। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले पांच-छह दिनों तक हवा के रुख में बदलाव के कुछ खास आसार नहीं हैं। पटना सहित दक्षिण बिहार में आंशिक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। रविवार को पटना सहित 11 जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से रविवार को जारी बारिश आंकड़ों के अनुसार पूर्णिया के जलालगढ़ में सर्वाधिक वर्षा 35 मिमी दर्ज की गई। राज्य भर में प्री-मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक सामान्य से 193 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। सामान्य वर्षा का मानक 37.8 मिलीमीटर जबकि सूबे में इस दौरान 111 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। पटना का अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस एवं 38.4 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। कहां कितनी बारिश लखीसराय के चानन में 32.2 मिमी, भभुआ के मोहनियां में 25.6 मिमी, नालंदा के सरमेरा में 25.2 मिमी, जमुई के लक्ष्मीपुर में 22.6 मिमी, मुंगेर के संग्रामपुर में 22.4 मिमी, नालंदा के बिंद में 20, गयाजी में 18.8, कटिहार के मनिहारी में 18.2, नालंदा के सिलाव में 17.4, दरभंगा के जाले में 17.2, सीतामढ़ी के डुमरा में 16.8, भभुआ के अधवारा में 14.8, नवादा के रजौली में 14.8, औरंगाबाद में 14.6 मिमी, शेखपुरा में 14.2 मिमी, बेगूसराय के मटियानी में 12.6 मिमी, नालंदा के अस्थावां में 12.4 मिमी एवं पूर्णिया के श्रीनगर में 12.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। गयाजी जिले में कैसा मौसम मौसम विशेषज्ञ एस के पटेल ने बताया कि 10 मई को हिमालय के क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ बना है। इसका असर 12 मई से हो सकता है। गयाजी जिले में अगले दो दिनों में पुरवैया चलेगी। अभी नमी वाला हवा चल रही है। इसलिए लू से राहत रहेगी। उन्होंने बताया कि अभी सुबह से धूप निकलने और दोपहर बाद ही मौसम बिगड़ने का अनुमान है। दोपहर बाद तेज हवा व गरज के साथ बारिश के आसार बने हैं।

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली के चौक-चौराहों में प्रतिमाओं का अनावरण किया

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण डॉ. भीमराव अंबेडकर, बाबा गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप और भक्त माता कर्मा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया नमन रायपुर   शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।             मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।       इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।            इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है।   मुख्यमंत्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: प्रदेश ने चीतों को परिवार का हिस्सा बनाया, कूनो में 2 मादा चीते विमुक्त

श्योपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर , उन्हें पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। आज देश में चीता पुनर्स्थापना का यह प्रोजेक्ट सफलता के साथ में आयामों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।  इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। यह बात उन्होंने श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में 2 मादा चीतों को खुले जंगल में विमुक्त करते हुए कही।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो नदी के किनारे स्थित चीता रिलीज साइट पर सीसीवी -2, सीसीवी -3 चीतों को खुले जंगल में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।  नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही हैं और आज प्रदेश ने देशभर में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में है। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, मध्यप्रदेश वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत, सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी,   श्री शशांक भूषण,  श्री राघवेन्द्र जाट,  श्री सुमित सिंघल, श्री शुभम मुदगल, श्री बाबू सिंह यादव, श्री कौशल गोयल आदि जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  इसके साथ ही पीसीसीएफ श्रीमती समिता राजौरा , डीआईजी श्री संजय कुमार जैन,  कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर कुमार अग्रवाल, डीएफओ कुनो श्री आर थिरूकुराल, सामान्य श्री केएस रंधा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद, एडीएम श्री रूपेश उपाध्याय, एडिशनल एसपी श्री प्रवीण भूरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  प्रदेश में 14 हजार से ज्यादा गिद्ध मौजूद  वहीं, गिद्ध संरक्षण में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी बनकर उभरा है। राज्य में 14 हजार से ज्यादा गिद्ध मौजूद हैं। भोपाल के केरवा क्षेत्र में घायल गिद्धों के लिए रेस्क्यू सेंटर संचालित किया जा रहा है। हाल ही में मुक्त किया गया एक गिद्ध उज्बेकिस्तान तक पहुंचा, जिसे संरक्षण अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। कुनो नेशनल पार्क अब केवल चीता परियोजना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां चीतों की संख्या बढ़कर 57 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा गांधी सागर और नौरादेही को भी चीता लैंडस्केप के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाथी संरक्षण के लिए 47 करोड़ की योजना मंजूर  सरकार ने नए अभ्यारण्यों और संरक्षण क्षेत्रों पर भी फोकस बढ़ाया है। सागर जिले में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी घोषित की गई, जबकि ओंकारेश्वर और जहानगढ़ में नए अभ्यारण्य बनाए जा रहे हैं। ताप्ती क्षेत्र को प्रदेश का पहला कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किया गया है। इसके साथ ही घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुए, हाथी और जंगली भैंसों के संरक्षण के लिए भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार ने हाथी संरक्षण के लिए 47 करोड़ रुपये से अधिक की योजना मंजूर की है। वहीं, कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच को जोड़ने वाली मेगा टाइगर कॉरिडोर परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। वन्यजीव संरक्षण के इन प्रयासों से पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश अब संरक्षण, विकास और स्थानीय भागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला देश का प्रमुख राज्य बनता जा रहा है।   

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान: मुंगेली को मिले 353 करोड़ से अधिक के विकास कार्य

सुशासन तिहार 2026 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली को दी 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात 414 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और जल सुविधाओं को मिलेगा नया विस्तार संवेदनशीलता और सुशासन ही विकास की मुख्य अवधारणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है।  उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

नए भारत की नई खादी को मिल रही वैश्विक पहचान, विन्ध्या वैली-कबीरा बने गुणवत्ता के प्रतीक: राज्यमंत्री जायसवाल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की गौरवशाली पहचान और आत्मनिर्भर भारत का पथप्रदर्शक है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खादी को "नए भारत की नई खादी" के रूप में नई पहचान मिली है, जिससे पूरे देश में खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, युवाओं का सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। म.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से खादी और ग्रामोद्योग राज्य की प्रगति का सशक्त स्तंभ बन रहे हैं। बुनकर मुद्रा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों 2023-24 से 2025-26 में कुल 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है। वर्ष 2023-24 में 44 बुनकरों को 21.40 लाख, 2024-25 में 147 बुनकरों को 231.80 लाख और 2025-26 में 3 बुनकरों को 15.30 लाख रुपये का ऋण दिया गया। उन्होंने कहा कि गांधीजी के ‘ग्राम स्वराज’ और ‘गाँव की ओर जाओ’ संदेश को साकार करते हुए बोर्ड ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, परंपरागत कारीगरी को आधुनिक नवाचार से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रहा है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के "आत्मनिर्भर भारत, भारत में बनाओ, स्वदेशी के लिए मुखर, स्टार्टअप इंडिया" जैसे अभियानों और "सबका साथ, सबका विकास" मंत्र ने खादी एवं ग्रामोद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई है। "स्थानीय से वैश्विक" का दृष्टिकोण कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 50 हजार से 5 लाख तक की ऋण सुविधा व्यक्तिगत बुनकर, उद्यमी, स्व-सहायता समूह, हथकरघा संगठन और सहकारी समितियों को दी जा रही है। बुनकरों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में तीन वर्षों में 616 बुनकर और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 840 बुनकर बीमित किए गए। प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में 436 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का जीवन बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में मात्र 20 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा मिल रहा है। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि म.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सूती, ऊनी, रेशमी एवं पॉलीवस्त्र खादी के साथ मसाले, साबुन, जड़ी-बूटी उत्पाद एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दे रहा है। विपणन के लिए "विन्ध्या वैली" और "कबीरा" जैसे नाम स्थापित किए गए हैं जो गुणवत्ता और परंपरा के प्रतीक हैं। "अपना हाथ – अपना साथ" के मार्गदर्शन में महिला स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और उद्यमियों को तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है। प्रबंध संचालक  माल सिंह भयड़िया ने बताया कि महात्मा गांधी जी के "गाँव की ओर चलो" आह्वान से प्रेरित होकर मंडल ने ग्रामोद्योग को आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन बनाया है। सुव्यवस्थित योजनाओं से ग्रामीण कारीगरों के उत्पादों को उचित बाजार मिल रहा है। बोर्ड की नई अंतरजाल साइट कारीगरों, उद्यमियों एवं समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनियाँ प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित कर रही हैं। तीन वर्षों की प्रगति एक नजर में     बुनकर मुद्रा योजना: 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित     प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना: 616 बुनकर बीमित     प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 840 बुनकर बीमित  

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।               इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।              उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।