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वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये चलेगा ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II

प्रदेश में 10 जनवरी से 15 फरवरी तक वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II अभियान चलाया जायेगा भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अंबाडे ने वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये 10 जनवरी से 15 फरवरी तक ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II चलाये जाने के आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश में वाइल्ड ट्रैप-II में कार्यवाही करने के लिये प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व, 63 सामान्य वन मण्डल एवं 11 परियोजना मण्डलों ने वन्य-जीवों के अवैध शिकार के शिकारियों तथा मांस के शौकीन व्यक्तियों द्वारा अपनाये जाने वाले फंदा, विद्युत करंट, स्नेयर ट्रैप, खटका जैसे साधन से शिकार करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन वाइलड लाइफ-II चलाया जायेगा। श्री अंबाडे ने दिशा-निर्देशों में कहा है कि ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैक-II में प्रदेश के प्रत्येक वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में एक उप वन मण्डल स्तर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये, जो ऑपरेशन से संबंधित निर्धारित प्रारूप में जानकारी एक सप्ताह में ऑनलाइन दर्ज करेगा। ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप- II की अवधि एक माह 5 दिवस की होगी। सम्पूर्ण वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में सघन गश्ती दिन और रात्रि में सप्ताह में न्यूनतम 3 दिवस परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधीनस्थ 2 दिवस वन मण्डलाधिकारी, उप वन मण्डलाधिकारी और एक दिवस क्षेत्र संचालक, मुख्य वन संरक्षक अनिवार्य रूप से करेंगे। इनमें सभी अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। गश्ती के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों एवं शिकारी, घुमक्कड़ समुदाय के डेरों की चेकिंग, सर्चिंग की जाये। सर्चिंग के दौरान निकटतम डॉग स्क्वाड दस्ता भी साथ रखे जायें और मेटल डिटेक्टर उपकरण का भी उपयोग किया जाये। गश्ती के दौरान वन राजस्व सीमा से लगे वन क्षेत्र एवं कृषि क्षेत्र की बागड़/फैंसिंग में सर्चिंग की कार्यवाही की जाये। प्रदेश में वर्तमान में 14 रीजनल रेस्क्यू स्क्वाड एवं एक राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वाड कार्यरत हैं। इनकी सहायता से वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र से जाने वाली विद्युत लाइन के नीचे या उसके समीप गश्ती की जाये तथा आवश्यकता अनुसार स्थानीय विद्युत विभाग के अमले को भी साथ में रखा जाये। शिकार के लिये लगाये गये फंदे, फैलाये गये विद्युत करंट वायर, वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र पर पाये जाने पर प्रकरण में आये साक्ष्यों के आधार पर विधिवत जप्ती कर अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। संबंधित ग्रामों में वन्य-प्राणी के अवैध शिकार को रोकने के लिये प्रचार-प्रसार किया जाये। साथ ही ग्राम, नगर में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी लेकर उसे वन परिक्षेत्र में संधारित आरोपी निगरानी पंजी में दर्ज किया जाये। ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II के अंतर्गत वन मण्डल/टाइगर रिजर्व/वन विकास मण्डल में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा प्रतिदिन वन मण्डलाधिकारी या सक्षम अधिकारी करेंगे। प्रत्येक सप्ताह संबंधित मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्र संचालक, क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक द्वारा मॉनीटरिंग की जायेगी। प्रत्येक 7 दिवस में की गई कार्यवाही की जानकारी मुख्यालय को भेजा जाना सुनिश्चित किया जाये।  

ई-केबिनेट एप्लीकेशन : मंत्री एवं भारसाधक सचिवों को मिलेंगे टैबलेट

 भोपाल राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण डिजिटल पहल करते हुए मंत्रि-परिषद की 6 जनवरी को आयोजित होने वाली बैठक में समस्त मंत्रीगण एवं भारसाधक सचिव को टेबलेट प्रदाय किए जा रहे हैं। बैठक में मंत्रि-परिषद सदस्य एवं भारसाधक सचिव को ई-केबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में प्रस्तुतीकरण एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकें। प्रारंभिक चरण में कुछ मंत्रि-परिषद् बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल-दोनों फार्मेट में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके उपरांत यह पूर्णतः डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। ई-केबिनेट एप्लीकेशन एक आधुनिक तकनीक, कागज रहित , सुरक्षित और गोपनीय प्रणाली है, जिससे मंत्रीगण कभी भी कहीं भी अपनी सुविधा अनुसार मंत्रि-परिषद् की कार्यसूची देख सकेंगे। ई-केबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की भी बचत होगी। साथ ही ई-केबनेट एप्लीकेशन के माध्यम से पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन भी देखा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1960 से अभी तक के सभी मंत्रि-परिषद् निर्णयों को डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अग्रेषित विषयों पर प्राथमिकता से करें कार्यवाही : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित उन प्रस्तावों की समीक्षा की, जिन्हें अभिमत के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अग्रेषित किया गया है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ला से चर्चा कर संबंधित प्रकरणों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विषयों पर त्वरित रूप से अग्रिम कार्यवाही की जा सके।  

बिजली चोरी के खिलाफ संभल में बड़ा अभियान, डीएम-एसपी की मौजूदगी से मचा हड़कंप

संभल यूपी के संभल में बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब 4 बजे जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से व्यापक अभियान चलाया। यह कार्रवाई थाना रायसत्ती और नखासा क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। तड़के शुरू हुए इस औचक अभियान में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला सड़कों पर उतरा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया। टीम ने संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर अवैध बिजली कनेक्शनों की गहन जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर नियमों के खिलाफ लगाए गए कनेक्शन पाए गए, जिनकी जानकारी संबंधित विभाग को देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात थानों की पुलिस के साथ पीएसी और आरपीएफ बल भी तैनात रहे। मौके पर एडीएम प्रदीप वर्मा, एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह, एसडीएम रामानुज, सीओ असमोली कुलदीप कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, डिप्टी कलेक्टर निधि पटेल, तहसीलदार धीरेन्द्र प्रताप सिंह और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह के औचक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बिजली चोरी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, 13 दिसंबर को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मिलकर बिजली चोरी का नेटवर्क पकड़ा। अधिकारियों ने छतों पर फैले कटिया कनेक्शन और धार्मिक स्थलों पर अवैध कनेक्शन मिलने से सख्त रुख अपनाया था। इस दौरान कई घरों, मदरसों और मस्जिदों में बिजली चोरी पकड़ी गई है। तकरीबन 250 से 300 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई है। एक छत के ऊपर से अवैध बिजली घर बनाकर लोगों को सप्लाई दी जा रही थी।

चाय के साथ कप भी! कलेक्टर की पहल से बदलेगा चाय पीने का अंदाज़

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह में प्रशासन एक नई पहल करने जा रहा है। यह पहल प्रकृति को बचाने के पक्ष में होने जा रही है। दरअसल प्लास्टिक से पार पाने के लिए दमोह प्रशासन इस  दिशा में कदम उठाने जा रहा है। दमोह जिले में पहली बार सरकारी कार्यक्रमों में डिस्पोजल प्लास्टिक कप की जगह बिस्किट से बने खाने योग्य एडिबल कप प्रयोग में लाएं जाएंगे। इन एडिबल कपों कपो की खास बात ये होगी कि यह बिस्किट से बने होगें और इनको खाया भी जा सकता है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की एक खास प्लानिंग दरअसल ये पहल दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की एक खास प्लानिंग पर हो रही है। सुधीर कोचर ने इसके बारे में बताते हुए कहा कि वो  जब भोपाल मीट में शामिल होने गए थे, वहां पर उन्होंने  इन एडिबल कपों का प्रयोग होते देखा था और वहीं से ये आइडिया उनके मन में आया है। कोचर ने कहा कि  ये कप इसलिए भी उन्हें अच्छे लगे क्योंकि अगर इनका चलन सरकारी कार्यक्रमों में शुरु होता है तो कम से कम प्लास्टिक कपों को तो बंद किया जा सकता है। प्रशासनिक बैठकों में होगा प्रयोग शुरु कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने ज्यादा जानकारी देते हुए कहा कि  ने प्रशासनिक बैठकों, कार्यालयों में एडिबल कपों का उपयोग होने से बडे स्तर पर लाभ होगा। ये कप मजबूत बिस्किट से बनाए गए हैं, जिनमें कोई गर्म चीज डालने से भी सुरक्षित रूप से परोसा जा सकता हैं। यहीं नहीं गर्म पेय का  उपयोग करने के बाद इनको  खाया जा सकेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि  कचरे की समस्या भी खत्म हो जाएगी। सुधीर कोचर ने कहा कि पर्यटन विकास विभाग ने आइएस मीट में ऐसे एडबिल कपों का उपयोग किया गया था ,इसके  बाद ही लिए प्लान तैयार किया है। इसके लिए एडबिल कप को बनाने के लिए स्वं सहायता समूहों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रदूषण को लेकर दिल्ली विधानसभा में हंगामा, ‘आप’ विधायकों ने किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में सोमवार को शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी ने वायु प्रदूषण और खराब हवा को लेकर परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी के लोग पिछले कई महीनों से जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार समस्या को हल करने के बजाय आंकड़ों से छेड़छाड़ कर रही है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पिछले चार महीनों से दिल्ली के लोग ठीक से सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। दिल्ली के बच्चे घुटन महसूस कर रहे हैं और बुजुर्गों की जान खतरे में है। एम्स जैसे बड़े अस्पताल भी कह रहे हैं कि दिल्ली में रहना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार क्या कर रही है? सरकार एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई मापने वाले मॉनिटरों में हेरफेर कर रही है।" आतिशी ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति छिपाकर लोगों को गुमराह कर रही है। इस बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा सत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र दिल्ली विधानसभा का एक महत्वपूर्ण सत्र है। मंत्री आशीष सूद ने आईएएनएस से बताया, "सरकार इस सत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सदन के सामने रखेगी। सरकार के कामकाज और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।" वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने पलटवार कर पूर्व सरकार पर निशाना साधा। भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को दिल्ली की जनता के सामने लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "सीएजी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पिछली सरकार की गलतियों और गड़बड़ियों का सच सामने आ सके। यह हमारी जिम्मेदारी है, नहीं तो दिल्ली की जनता कैसे जानेगी कि पिछले 11 वर्षों में उन्हें किस तरह की परेशानियों और धोखे का सामना करना पड़ा?" भाजपा विधायक चंदन कुमार चौधरी ने भी पूर्व सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार दिल्ली को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है, लेकिन पूर्व सरकार घोटालों में उलझी रही। आज पेश की जाने वाली सीएजी रिपोर्ट में उन घोटालों का पूरा ब्योरा सामने आएगा। दिल्ली विधानसभा के इस शीतकालीन सत्र में एक तरफ जहां 'आप' प्रदूषण को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सीएजी रिपोर्ट के जरिए पूर्व सरकार की जवाबदेही तय करने की बात कर रही है।

एक बार फिर बाहर आया राम रहीम: रेप मामले में दोषी को 15वीं पैरोल, उठे सवाल

चंडीगढ़ रेप का आरोपी डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। राम रहीम को कोर्ट से 40 दिन की पैरोल मिली है, जिसकी शुरुआत सोमवार यानी आज से हो गई है। राम रहीम को 2017 से अपनी दो शिष्याओं से रेप करने के मामले में आरोपी ठहराया गया था और कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। रेप जैसे घिनौने अपराध में सजा सुनाए जाने के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से कई बार पैरोल मिल चुकी है। यह 15वीं बार है जब वो जेल से बाहर आया है। 2025 में तीन बार पैरोल पर जेल से बाहर आया इससे पहले अगस्त 2025 में वह 40 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसके अलावा अप्रैल 2025 में भी राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी। 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जनवरी 2025 में भी राम रहीम 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसी तरह 2024 में 5 अक्टूबर को हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले 1 अक्टूबर को राम रहीम 20 दिनों के लिए जेल से बाहर आया था। इससे 2 महीने पहले अगस्त 2024 में ही राम रहीम को 21 दिनों की पैरोल मिली थी।   पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भी मिली थी पैरोल इसके अलावा 2022 में पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले 7 फरवरी को भी राम रहीम को जेल से तीन हफ्तों की छुट्टी मिली थी। इसके अलावा भी राम रहीम कई बार जमानत पर जेल से बाहर आ चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जैसे सिख संगठन कई बार राम रहीम को कोर्ट से मिलने वाली राहत की आलोचना कर चुके हैं। लेकिन सामाजिक संगठनों के विरोध के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से राहत मिलती रही है और अब वह 15वीं बार फिर से जेल से बाहर आ गया है।   सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहेगा 40 दिन अब तक 14 बार जब भी वो जेल से बाहर आया है उसने अपना अधिकतर समय उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित अपने डेरा आश्रम में बिताया है। इस बार रोहतक की सुनारिया जेल से निकलकर वह सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय जाएगा। डेरा प्रवक्ता और वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि वह अगले 40 दिन यहीं बिताएगा। बता दें कि रेप के अलावा राम रहीम को 2019 में एक हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था। यह मामला 16 साल पहले हुई एक पत्रकार की हत्या से जुड़ा था। इसमें राम रहीम के अलावा दो अन्य लोग दोषी पाए गए थे। 2024 में एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बरी किया इन दोनों मामलों के अलावा एक CBI कोर्ट ने राम रहीम और चार अन्य लोगों को एक अन्य हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 2002 में हुई रणजीत सिंह की हत्या से जुड़ा था, जो कि डेरा सच्चा सौदा के पूर्व मैनेजर थे। लेकिन 2024 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि इस मामले की जांच संदेहपूर्ण और अधूरी थी।  

टैक्स छूट की रफ्तार थमी: आरटीओ नियमों ने ग्वालियर मेले में वाहन कारोबार रोका

ग्वालियर ग्वालियर शहर का मान कहे जाने वाले ऐतिहासिक व्यापार मेले का शुभारंभ हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मेले का सबसे मुख्य आकर्षण आटोमोबाइल सेक्टर फिलहाल सन्नाटे की आगोश में है। 25 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मेले के भव्य उद्घाटन के बाद उम्मीद थी कि आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा तत्काल हो जाएगी, लेकिन शासन स्तर पर हो रही देरी ने कारोबारियों और खरीदारों दोनों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि शोरूम्स पर गाड़ियां तो सजी हैं, लेकिन उनकी बिक्री का पहिया पूरी तरह थम गया है। पिछले तीन साल से हो रही है टैक्स छूट मिलने में देरी ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट देरी से दिए जाने का सिलसिला पिछले तीन सालों से जारी है। 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटीफिकेशन मेला शुरू होने से दो दिन पहले ही आ गया था। लेकिन इसके बाद 2023-24, 2024-2025 में जनवरी मध्य यानि मकर संक्राति तक ही 50 प्रतिशत छूट आरटीओ टैक्स में मिल पाई। यानि मेला शुरू होने के बीस दिन बाद। अब व्यापार मेला 2025-26 को शुरू हुए भी 10 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी नहीं हुआ है।   क्या असर होता है मेले पर     छूट में में देरी होने से वाहनों की बिक्री भी कम होती है और जिससे कारोबारियों को तो नुकसान होता है, शासन को भी राजस्व का नुकसान होता है।     ग्वालियर व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण ऑटोमोबाइल सेक्टर है। इस सेक्टर में रौनक ही टैक्स छूट मिलने के बाद आती है। दूसरे टैक्स छूट न मिलने से आटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार भी प्रभावित होता है।     बुकिंग वाले वाहनों की डिलिवरी न होने से शोरूम मालिक डिमांड के मुताबिक कारों का स्टाक नहीं मंगा पा रहे हैं। यह भी बताई जा रही वजह 2023-24 में ग्वालियर के साथ उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत हुई थी। जब जनवरी मध्य में ग्वालियर के लिए छूट मिली थी तभी मार्च से शुरू होने वाले विक्रम व्यापार मेला के लिए छूट जारी हो गई। 2024-2025 में भी जनवरी मध्यम में ग्वालियर के साथ ही उज्जैन मेले के लिए टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी हुआ था। इसके पीछे बताया जाता है कि इसके पीछे उज्जैन मेला को प्रमोट करना अधिक है। ऐसे में ग्वालियर मेले के लिए टैक्स छूट देरी से दी जा रही है। बुकिंग की कतार, डिलीवरी कम सैकड़ों लोगों ने अपनी पसंद की कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली है, लेकिन कोई भी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है। सभी को आरटीओ टैक्स की 50 प्रतिशत की छूट का इंतजार है। यही वजह है कि पिछले चार दिनों में नाममात्र के वाहनों की ही बिक्री हुई है।  

दिल्ली में सियासी हलचल तेज: मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच PM मोदी से मिले CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार की सुबह देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। योगी के दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है, क्योंकि माना जा रहा है कि यूपी में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार और सांगठनिक फेरबदल हो सकता है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और करीब 45 मिनट तक वहां रहे। बताया जा रहा है कि बैठक में प्रदेश की विकास योजनाओं के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। सीएम योगी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे।   क्यों अहम है यह दौरा? मुख्यमंत्री का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम योगी ऐसे समय दिल्ली पहुंचे हैं जब यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी दिल्ली में ही हैं। ब्रजेश पाठक ने भी सोमवार की सुबह भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की ही सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। यूपी कैबिनेट में फिलहाल कई पद खाली हैं। चर्चा है कि नए चेहरों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर दिल्ली में हाईकमान के साथ अंतिम मुहर लग सकती है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ होने वाली बैठक को यूपी संगठन में होने वाले संभावित बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व यूपी में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए जातिगत समीकरणों को साधते हुए कुछ बड़े फैसले ले सकता है। सीएम योगी के दिल्ली पहुंचने से पहले केशव और ब्रजेश पाठक के साथ ही यूपी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी दिल्ली में होने की खबरें हैं। आधिकारिक तौर पर इसे एक 'शिष्टाचार भेंट' बताया जा रहा है, लेकिन बैठकों के एजेंडे में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल और मिशन 2027 की रूपरेखा मुख्य रूप से शामिल है।  

निवाई में रहस्यमय घड़ा: दिन भर की जांच के बाद रात को दोबारा खुदाई

टोंक टोंक के निवाई में मिले घड़े का रहस्य अभी बरकरार है। हालांकि, रविवार रात को फिर वहीं पर खुदाई की गई। रात एक बजे बाद जेसीबी से खुदाई की गई लेकिन ग्रामीण डर के कारण मौके पर नहीं पहुंचे। हाल ही में मिले घड़े का रहस्य बरकरार है वहीं, अब दूसरे गड्डे का भी रहस्य बना हुआ है। इस गड्डे की खुदाई किसने की और इसमें क्या निकला किसी को पता नहीं। दूसरी तरफ प्रशासन की और से यहां सुरक्षा के तौर पर पुलिस की तैनाती नहीं की गई। निवाई के देवरी गांव में शनिवार को खुदाई में निकले घड़े को निवाई ट्रेजरी में सील कर ताले में रखवाया है और पुलिस तैनात कर दी गई। इस पूरे मामले में एसडीएम ने कलेक्टर को एक पत्र लिखा, जिसके बाद कलेक्टर ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। एडीएम रामरतन सौंकरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि खुदाई में निकले घड़े की जांच पुरातत्व विभाग के अधिकारी आकर करेंगे।   फिलहाल टोंक जिले की निवाई में खजाना मिलने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। सीदड़ा ग्राम पंचायत के देवरी गांव में खुदाई की जगह ग्रामीणों की आज भी भारी भीड़ जमा है। लोगों ने प्रशासन से और खुदाई करने की मांग की। लोगों को कहना है कि प्रशासन जल्द जांच करें जिससें खुलासा हो सके की खजाना है या अफवाह। लोगों ने घड़े में खजाना देखा लेकिन असली नकली को लेकर संदेह बना हुआ है। दरअसल, शनिवार रात जमीन से बड़ी मात्रा में सोने से भरा भारी भरकर घड़ा निकलने की जानकारी मिली। चारागाह जमीन पर खोदी हुई जमीन पर गुलाब के फूल बिखरे होने पर ग्रामीणों ने शव होने की आंशका जताई थी जिसके बाद पुलिस को बुलाया। निवाई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से खुदाई की। खुदाई के दौरान भारी भरकर एक बड़े आकार का घड़ा निकला। लोग इसे चांदी का घड़ा बता रहे हैं। जिसे देखकर ग्रामीणों में लूट सी मच गई। खुदाई की खबर आग की तरह फैल गई और मौके पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस लोगों को हटाकर घड़ा निवाई लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों को जानकारी दी। भारी भरकम घड़े को सील कर ट्रेज़री में रखवाया और उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। संभवतः घड़े में कुछ होने पर ही सील किया गया। तहसीलदार नरेश गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुरातत्व के अधिकारियों की मौजूदगी में घड़ा खोला जाएगा।