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पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को राहत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अहम फैसला

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग ने होने वाली पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। भर्ती में सामान्य के साथ सभी वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी गई है। बीते दिनों कुछ विधायकों और एक मंत्री ने मुख्यमंत्री से सिपाही भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग रखी थी। अभ्यर्थियों के हित में यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 32,679 पदों पर पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने यूपी पुलिस व जेल विभाग की सीधी भर्ती में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी है। इसका लाभ आरक्षी नागरिक पुलिस के साथ पीएसी, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन व जेल वार्डर के सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को मिलेगा। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रारंभ हैं। इस छूट का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। लाखों युवाओं को होगा लाभ सीधी भर्ती-2025 के अंतर्गत कुल 32,679 पदों को भरे जाने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शासनादेश के अनुसार आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष), आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष), महिला बटालियन हेतु महिला आरक्षी, आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष) तथा जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला) पदों पर भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित होने वाले सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को यह आयु शिथिलीकरण एक बार के लिए प्रदान किया जाएगा। सरकार का यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया है। फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। युवाओं के हित में योगी आदित्यनाथ सरकार योगी आदित्यनाथ रकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि प्रदेश की सरकार युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझती है और समाधान के लिए ठोस फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर देना, रोजगार के अधिक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और प्रशासनिक निर्णयों में संवेदनशीलता बनाए रखना योगी सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। पुलिस भर्ती में आयु सीमा शिथिलीकरण का यह निर्णय न केवल लाखों युवाओं की उम्मीदों को नया बल देगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार में युवाओं का भविष्य नीति निर्धारण के केंद्र में है।  

मुख्यमंत्री साय ने समाजसेविका पद्मश्री राजमोहिनी देवी की पुण्यतिथि पर किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सामाजिक चेतना और जनसेवा की सशक्त प्रतीक पद्मश्री राजमोहिनी देवी की 6 जनवरी को पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी समाज से निकलकर सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाली स्वर्गीय राजमोहिनी देवी का जीवन सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी गाथा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजमोहिनी देवी ने विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं के अधिकारों, स्वाभिमान और स्वावलंबन के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने नशाखोरी, कुप्रथाओं और शोषण के विरुद्ध जनजागरण को अपना ध्येय बनाया और समाज को जागरूक बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय राजमोहिनी देवी की निस्वार्थ सेवा, अदम्य साहस और लोकहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के लिए कार्य करने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। उनका जीवन और कृतित्व सदैव समाज के लिए पथप्रदर्शक बना रहेगा।

पंजाब में हालात बेकाबू — तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरा

अमृतसर अमृतसर में एक शादी समारोह के दौरान सरपंच की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को लेकर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है और मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की है। भाजपा राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इस घटना को पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण बताया है। बातचीत करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब में हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं बचा है। पहले अपराधी मुंह ढककर वारदात को अंजाम देते थे, लेकिन अब वे खुलेआम आते हैं। वे शादी के मैरिज पैलेस में घुसते हैं, दिनदहाड़े गोलियां चलाते हैं, खुशियों के माहौल को मातम में बदल देते हैं, और बेखौफ होकर निकल जाते हैं। तरुण चुघ ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राज्य अब कानून का नहीं, बल्कि अपराधियों का राज बनता जा रहा है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें किसी का डर नहीं है। तरुण चुघ ने यह भी आरोप लगाया कि जब पत्रकार इस तरह की घटनाओं पर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें डराया और धमकाया जाता है। सरकार सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन जमीन पर हालात बेहद गंभीर हैं। तरुण चुघ ने आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "आम आदमी की जान आम आदमी पार्टी की सरकार में सबसे सस्ती हो गई है। जिस पार्टी ने ईमानदार और सुरक्षित शासन का वादा किया था, वही आज लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।" उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हत्या जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि राज्य में अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ चुका है। शादी जैसे पवित्र और खुशी के अवसर पर इस तरह की वारदात होना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। तरुण चुघ ने इस घटना को लेकर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है और कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। अगर हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो आम लोगों का सरकार से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।

भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ भर्ती परीक्षाओं को पूर्ण करने के लिए की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश में आयोजित हो रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराना है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए शासन की प्रतिबद्धता है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती परीक्षाएँ पारदर्शी ढंग से आयोजित की जाएँ तथा परीक्षा प्रणाली को वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे, इसके लिए पारदर्शिता बढ़ाने संबंधी सभी उपायों पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे राज्य में भर्ती प्रणाली अधिक सरल, न्यायोचित और समयबद्ध बनेगी। बैठक में पुलिस बल सहित विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गई और चयन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में समान अहर्ता वाले पदों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग परीक्षाएँ आयोजित किए जाने की वर्तमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। समान पात्रता वाले पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि विभागों को समय पर मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सकेगा। पीएससी की परीक्षा प्रणाली को और अधिक समकालीन, पारदर्शी तथा अभ्यर्थी हितैषी बनाने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। यह भी विचार किया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को वर्तमान आवश्यकताओं एवं समसामयिक विषयों के अनुरूप और अधिक प्रासंगिक बनाया जाए। बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री एस.आर.पी. कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव समिति के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया। इस अवसर पर श्री के.के. भारद्वाज, डॉ. संदीप जैन, श्री नरेंद्र लोधी, श्री गोविंद वर्मा, श्री पुष्कर साहू, श्री संतोष लोधी, श्री अशोक चंद्राकर, श्री देवनाथ साहु, श्री राकेश सोनकर, श्री हीरामन कोसले, श्री विक्रम परमार, श्री चंद्रशेखर साहू, श्री गणेश राम साहू, दूजे राम धीवर उपस्थित थे।

सेना के अस्पताल में लगा बड़ा मेडिकल कैंप, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने किया उद्घाटन

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज आर्मी हॉस्पिटल में आयोजित विशाल मेडिकल कैंप का शुभारंभ किया। यह मेडिकल कैंप देश की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण, सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से आयोजित किया गया। शुभारंभ के बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया तथा मरीजों के पास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने न केवल मरीजों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि इस मेडिकल कैंप के माध्यम से पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को हृदय रोग, हड्डियों से संबंधित रोगों सहित विभिन्न चिकित्सकीय समस्याओं के उपचार और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और निष्ठा से ही देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं और भारत निरंतर सशक्त बन रहा है। दिया कुमारी ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक की बेटी हूँ। अनुशासन, सेवा, त्याग और देशभक्ति के संस्कार बचपन से ही मेरे जीवन का हिस्सा रहे हैं। सैनिक परिवारों का दर्द, संघर्ष और गौरव मैंने बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। इसलिए वीर सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा मेरे लिए केवल दायित्व नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और आत्मिक कर्तव्य है।” उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित होने वाले आर्मी डे समारोह की शुरुआत आज से इस मेडिकल कैंप के साथ की गई है। राजस्थान में पहली बार हो रही आर्मी डे परेड को लेकर आमजन में भारी उत्साह है। जयपुर में इस भव्य परेड का आयोजन होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर साउथ-वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आवा की क्षेत्रीय अध्यक्षा बरिन्दरजीत कौर, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।  

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने टुंडली गांव में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का शिलान्यास किया

अंबाला हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज प्रात: अंबाला कैंट के गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुंडली और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि नया भवन पहले से बड़ा और भव्य होगा तथा अधिक श्रद्धालु भवन में बैठ पाएंगे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले अरदास में हिस्सा लिया और नींव पत्थर रखा। ”बोले सो निहाल” जयकारों के बीच श्रद्धापूर्वक गुरुद्वारे के भवन का नींव पत्थर रखा गया। इससे पहले, गांव टुंडली में पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह व अन्य ने उनका स्वागत किया। मंत्री अनिल विज को सिरोपा पहनाकर उन्हें सम्मानित भी किया गया। गुरुद्वारा बाज साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा बाज साहिब का वर्तमान भवन कई दशक पुराना है और छोटा है। अब नया भवन पहले से बड़ा और भव्य बनाया जा रहा है जिसकी आज शुरूआत की गई है। इस अवसर पर गांव टुंडली से बाबा बचित्तर सिंह, बलबीर सिंह, रघुबीर सिंह, लखविंद्र सिंह, अजैब सिंह, कुलबीर सिंह, नायब सिंह, धीर सिंह के अलावा जसबीर सिंह जस्सी, सुदर्शन सिंह सहगल, रणधीर सिंह, रामबाबू याद, डा. ऋषिपाल, गुरप्रीत सिंह, जसमेर सिंह, रोशन सिंह बरनाला, उधम सिंह, गुरविंद्र सिंह, तरविंद्र सिंह बंटी, गुरदीप सिंह जनेतपुर, बलदेव सिंह, शमशेर सिंह, लाल सिंह, पाल सिंह, बलकार सिंह, रतन सिंह टुंडली, चौड सिंह, कुलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

समाधान योजना में लापरवाही पर ट्रांसफर नहीं डिमोशन होगा: ऊर्जा मंत्री तोमर

किसानों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें मंत्री ने की समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा भोपाल समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने तथा कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं डिमोशन किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्री श्री तोमर ने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की। समाधान योजना में अव्वल आने पर मिलेंगे 50 हजार ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रूपये का इनाम दिया जायेगा। कंपनी क्षेत्रार्न्तगत प्रथम सर्किल को 25 हजार रूपये और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा। संबंधित के गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जायेगी। 2 लाख से अधिक के बकायादारों से सीई,एसई बात करें ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रूपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें। कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें। अभी तक जमा हुये 578 करोड़ रूपये समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रूपये जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रूपये के सरचार्ज माफ किये गए हैं। सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रूपये मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं। योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा। सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जायें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है। इस दौरान एम.डी. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनय द्विवेदी, एम.डी. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 नवाचारों का किया शुभारंभ

ऊर्जा मंत्री ने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी किया उद्घाटन भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से बिजली उपभोक्ताओं, पेंशनधारकों एवं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिये पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तीन नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। मंत्री श्री तोमर ने नालंदा अभिलेख कक्ष, क्यूआर फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ और पेंशन मित्र पुस्तिका का विमोचन किया। नालंदा अभिलेख कक्ष (रिकॉर्ड रूम) मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा आधुनिक एवं कम्प्यूटरिकृत रिकॉर्ड रूम तैयार किया गया है। रिकॉर्ड को नमी, धूप, शीलन, दीमक और जीर्ण-शीर्ण होने से बचाने के लिये उच्च गुणवत्ता के प्लास्टिक बॉक्स में रखा गया है। रिकॉर्ड का वर्गीकरण करते हुए विभागवार अलग-अलग रैक्स में इंडेक्सिंग की गई जिससे कम्प्यूटर में आसानी से सर्च किया जा सकता है। दूसरी ओर मुख्यालय में पुराना रखा हुआ रिकॉर्ड अब एक ही छत की नीचे होगा और सभी कार्यालयों के कॉरिडोर और स्टोर रूम साफ-सुथरे और व्यवस्थित होंगे। रिकॉर्ड रूम में कैमरे और फायर सेफ्टी यंत्र लगाये गये हैं। रिकॉर्ड रूम में मानव संसाधन विभाग की 7000, कार्य विभाग के 6000, क्रय एवं भण्डार के 4500, वाणिज्य विभाग के 6000, वित्त विभाग के 3000 एवं अन्य विभागों के लगभग 6000 इस प्रकार कुल लगभग 32,000 से अधिक फाईलों का संधारण किया गया है। रिकॉर्ड रूम बनाने से महत्वपूर्ण फाइलें, रजिस्टर, आदेश, नक्शे आदि सुरक्षित रहेंगे हैं। आग, नमी, दीमक, चोरी एवं क्षति से संरक्षण संभव हो सकेगा। क्यू आर फीडबैक प्रणाली मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के तकनीकी नवाचार क्यूआर फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया है। इसे कंपनी के सभी कार्यालयों जैसे वितरण केंद्र, सब-स्टेशन, उप संभाग, संभाग, लेखा कार्यालय, वृत्त, क्षेत्रीय कार्यालय, कॉर्पोरेट कार्यालय के परिसर में उपभोक्ताओं के सुलभ स्थान जैसे मेन गेट, सूचना पटल, कॉरिडोर, उपभोक्ता काउंटर एवं अधिकारियों/ कर्मचारियों के केबिन के बाहर चस्पा किया जायेगा। इसमें उपभोक्ता क्यू आर कोड को स्कैन करके मात्र 1 से 2 मिनट में अधिकारियों/ कर्मचारियों के व्यवहार, उनकी कार्य प्रणाली और कार्यालयीन स्वच्छता के बारे में अपने अनुभव और सुझाव सीधे प्रबंधन तक पहुँचा सकेंगे। यह प्रणाली शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सकारात्मक सुझावों और अनुभवों के आधार पर समग्र सेवा-गुणवत्ता एवं व्यवस्था में सुधार लाने का साधन बनेगी। 'पेंशन मित्र' पुस्तिका मंत्री श्री तोमर ने कहा कि 'पेंशन मित्र' पुस्तिका कर्मचारियों के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है। यह पुस्तिका पेंशन संबंधी नियमों, आदेशों और प्रक्रियाओं को सरल, सहज और एकीकृत रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे पेंशनधारकों को भटकना न पड़े और उन्हें अपने अधिकारों की स्पष्ट जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। साथ ही पेंशन मित्र पुस्तिका का एआई आधारित डिजिटल चैटबॉट का भी शुभारंभ किया गया है, जिसमें पेंशनधारक पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, भत्ते एवं अन्य लाभ से संबंधित कोई भी सवाल पूछेंगे तो जरूरत के मुताबिक अनुकूल उत्तर तुरंत मिलेगा, जो उनके प्रकरणों के निराकरण में सुविधाजनक होगा। सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट मंत्री श्री तोमर ने कहा कि म. प्र. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमि., जबलपुर द्वारा सिंथेटिक टेनिस कोर्ट का उद्घाटन किया गया है, जो टेनिस खेलने वाले खिलाडियों के लिए वरदान साबित होगा, साथ ही इससे नये खिलाड़ी भी खेलने के लिए प्रेरित होंगे। पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रयासों एवं सभी नवाचारों के लिये ऊर्जा मंत्री ने प्रबंध संचालक श्री अनय द्विवेदी तथा उनकी टीम के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  

प्रसूति स्वास्थ्य में ऐतिहासिक बदलाव: पंजाब सरकार की पहल से आम आदमी क्लीनिक बने गर्भवती महिलाओं का सहारा

चंडीगढ़ आने वाली पीढ़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रसूति स्वास्थ्य देखभाल को सफलतापूर्वक विकेंद्रित किया है और आम आदमी क्लीनिक (ए.ए.सी.) गर्भवती महिलाओं के लिए नई जीवन रेखा के रूप में उभर रहे हैं। एक विशेष प्रोटोकॉल-आधारित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू करने के मात्र चार महीनों के अंदर सेवाएं हासिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और हर महीने लगभग 20,000 गर्भवती महिलाएं इन क्लीनिकों में पहुंच रही हैं। इस पहल की सफलता को साझा करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पहले ही एक यूनिक रैफरल सिस्टम के माध्यम से 10,000 से अधिक महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही लगभग 500 निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को सूचीबद्ध करके राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाओं को विभिन्न स्कैन: जिनकी कीमत आम तौर पर 800 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होती है – की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है। इस सुविधा से मात्र 120 दिनों के छोटे समय में पंजाबी परिवारों को अनुमानित 1 करोड़ रुपये की बचत हुई है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में 70 प्रतिशत से कम गर्भवती महिलाओं ने अपना पहला एंटे-नेटल चेक-अप करवाया है और लगभग 60 प्रतिशत से कम ने सिफारिश अनुसार पूरे चार चेक-अप करवा लिए हैं, जबकि राज्य में माताओं की मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 90 रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इन आंकड़ों ने राज्य भर में एक व्यापक, पहुंचयोग्य गर्भावस्था देखभाल मॉडल की तुरंत आवश्यकता को उजागर किया। पंजाब में हर साल लगभग 4.3 लाख प्रसव होते हैं, जिससे माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए जल्दी पता लगाना, नियमित निगरानी और समय पर रैफरल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले तीन सालों में, मान सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जो पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ के रूप में उभरे हैं, जिसमें 4.6 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट और रोजाना लगभग 70,000 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस बुनियादी ढांचे का लाभ उठाते हुए, सरकार ने लगभग चार महीने पहले ए.ए.सीज़. के माध्यम से एक विस्तृत, प्रोटोकॉल-संचालित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू किया। इस सुधार के तहत, सभी जरूरी एंटे-नेटल चेक-अप अब आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध हैं। इनमें एच.आई.वी. और साइफिलिस स्क्रीनिंग, खून के सभी टेस्ट, शुगर, थायरॉइड, हेपेटाइटिस, भ्रूण की दिल की धड़कन, कोलेस्ट्रॉल और हीमोग्लोबिन मूल्यांकन जैसे रूटीन और महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल हैं। यदि अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है तो ए.ए.सी. डॉक्टर द्वारा रैफरल स्लिप जारी की जाती है, जिसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि, लगभग 5,000 महिलाओं को हर महीने उच्च-जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के रूप में पहचाना जा रहा है ताकि निरंतर ट्रैकिंग, केंद्रित सहायता और विशेषज्ञ देखभाल के लिए उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए समय पर रैफरल किया जा सके। इस सुधार से मरीज के अनुभव में भी काफी सुधार हुआ है। महिलाएं अब गर्भावस्था से संबंधित ज्यादातर टेस्ट अपने घरों के नजदीक ही करवा सकती हैं, जिससे बड़े अस्पतालों में जाना और लंबी कतारों की परेशानी से बचते हुए मिनटों में चिकित्सकीय सलाह ले सकती हैं और बिना किसी वित्तीय बोझ के अल्ट्रासाउंड सेवाओं तक पहुंच कर सकती हैं। जन्म से पहले की पहली जांच से लेकर जन्म के बाद के फॉलो-अप तक, यह पहल तकनीकी, मानक क्लीनिकल प्रोटोकॉल, रैफरल प्रणालियों और कम्युनिटी-स्तरीय सहायता को एकीकृत करके पूरी गर्भावस्था देखभाल को मजबूत बनाती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कहा कि यह पहल जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई के तहत, पंजाब एक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि हर मां को घर के नजदीक मानक देखभाल मिले। सालाना 4.3 लाख गर्भावस्थाओं के साथ, आम आदमी क्लीनिकों में गर्भावस्था देखभाल सेवाओं का विस्तार एक परिवर्तनकारी कदम है और भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है।” सरकार का मानना है कि यह पहल पिछले कुछ सालों में माताओं और बच्चे के स्वास्थ्य में पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला भौगोलिक स्थिति, आय या जागरूकता की कमी के कारण इस लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही राज्य भर में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए स्वास्थ्य परिणामों में लगातार सुधार किया जा रहा है।