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फ्री हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम में 65 लाख गरीब परिवारों को इलाज को विधायक ने बताया वरदान

चंडीगढ़. पायल से आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि नए साल के मौके पर पंजाब की मान सरकार ने प्रदेश के लोगों को बड़ा तोहफा देकर एक और वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने सत्ता में आने से पहले जो वादे जनता से किए थे, उन्हें एक-एक करके पूरा किया जा रहा है। सेहत क्रांति के तहत आम आदमी क्लीनिक बनाए गए। डॉक्टर्स भर्ती किए गए। स्टाफ भर्ती किया गया। अब 10 लाख तक इलाज मुफ्त बीमा योजना लागू होने जा रही है। ग्यासपुरा ने बताया कि बहुत जल्द सेहत मंत्री हेल्थ कार्ड पंजाब के लोगों के हाथों में होगा। इस हेल्थ कार्ड के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का फ्री हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान लोगों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ खत्म होगा। उन्होंने कहा कि अब महंगे इलाज के डर से किसी परिवार को कर्ज लेने की मजबूरी नहीं रहेगी, क्योंकि मान सरकार ने लोगों की इस बड़ी चिंता को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस अहम स्कीम का फायदा पंजाब के करीब 65 लाख परिवारों को मिलेगा। इस योजना को लागू करने के लिए इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है और अब सिर्फ अंतिम तैयारियां बाकी हैं। इसके साथ ही जिन सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इस स्कीम के तहत मरीजों का इलाज किया जाएगा, उनकी सूची तैयार की जा रही है, ताकि लोगों को बिना किसी परेशानी के बेहतर इलाज मिल सके। मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि यह फ्री हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम 15 जनवरी से पूरे पंजाब में लागू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से समाज के हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के इलाज की सुविधा मिलेगी। विधायक ग्यासपुरा ने आगे कहा कि मान सरकार का मकसद सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि लोगों की सेहत, शिक्षा और भलाई को सबसे ऊपर रखना है। यह हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम आम आदमी पार्टी की जनहितैषी सोच और ईमानदार नीयत को साफ तौर पर दर्शाती है।

करनाल में लूट के बाद कारोबारियों दहशत का माहौल

कुरुक्षेत्र. सेक्टर-16 में सराफा कारीगर से डेढ़ किलो सोना और 15 लाख रुपये की लूट की वारदात के बाद सराफा कारोबारियों और पीड़ित परिवार के लोगों ने विधायक जगमोहन आनंद और एसपी नरेंद्र बिजारनिया से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं विधायक और एसपी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि जल्दी लूट की गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा। इसके अलावा एसपी ने उचित सुरक्षा का भरोसा दिलाया। कर्ण गेट बिजनेस एसोसिएशन के प्रधान संकल्प भंडारी के नेतृत्व में सराफा व्यापारियों पुनीत बजाज, रजनीश सिंगला, शिवम गोयल ने कहा कि एसपी साहब हमारी सुरक्षा बढ़ा दो, उन्हें डर है कभी फिर दोबारा किसी दूसरे सराफा कारोबारी के साथ ऐसी वारदात न हो जाए। व्यापारियों ने कहा कि पहले कभी इतनी बड़ी लूट की वारदात नहीं हुई थी। इसके आलावा व्यापारियों ने कहा कि अब तो उन्हें अपनी दुकान से घर जाने में भी डर लगने लगा है। क्योंकि कारोबार ऐसा है कि साथ ही नगदी और सोना लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में वारदात का डर सताता है। सराफा कोरोबारी पुनीत बजाज, रजनीश सिंगला और वारदात का शिकार हुए बबन माने ने एसपी नरेंद्र बिजारनिया से गुहार लगाई की सराफा बाजार में लगातार पुलिस की तैनाती की जाए, क्योंकि अक्सर वहां एक दुकान से दूसरी दुकान पर सोना व अन्य आभूषण लेकर जाने का काम रहता है। वहीं, एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीसीटीवी की जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। वहीं क्षेत्र में पुलिस की ओर ज्यादा गश्त बढ़ाई जाएगी। ताकि व्यापारी और आमजन सुरक्षित हो सकें। व्यापारियों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र सांगली के विधायक ने करनाल विधायक को किया कॉल सोमवार को सोना कारीगर आदिक यशवंत पाटिक के साले बबन माने व्यापारियों के साथ करनाल विधायक जगमोहन आनंद से मिले। आनंद ने बताया कि उनके पास महाराष्ट्र के सांगली के विधायक धन्जय हरी गाडगिल ने फोन करके वारदात के बारे में जानकारी ली। वहां के विधायक ने भी पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं विधायक जगमोहन आंनद ने भी पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि जल्द आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। विधायक ने एसपी से बात करके व्यापारियों की एसपी नरेंद्र बिजारनिया से मुलाकात भी करवाई। बाजारों में वारदातें बढ़ रही हैं। पुलिस को सख्ती बढ़ानी चाहिए। पिछले दिनों चोरी का मामला सामने आया था, अब लूट की वारदात हुई है। कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। – संकल्प भंडारी, प्रधान, कर्ण गेट बिजनेस एसोसिएशन। बाजार में व्यापारी दहशत में हैं। सभी को लगता है कि कहीं उनके साथ कोई वारदात न हो जाए, पुलिस को रात में गश्त बढ़ानी चाहिए। बाजारों में सुरक्षा पुख्ता हो। – कुलदीप मक्कड़, व्यापारी, कर्णगेट। पहले मोबाइल शोरूम पर फायरिंग हुई थी, अब सराफ कारीगर के साथ घर जाते समय लूट हुई है। पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करके मामले का खुलासा करना चाहिए। – पुनीत बजाज, व्यापारी, सराफा बाजार। बदमाश कारोबारियों की रेकी कर रहे हैं। सुनसान जगहों पर मौका मिलते ही वारदात हो रही है। ऐसी वारदातों का सीधा असर कारोबार पर भी पड़ता है। पुलिस सख्ती करे। – प्रदीप नागपाल, कर्ण गेट मार्केट एसोसिएशन।

खजराना गणेश को 7 करोड़ के आभूषणों से सजाया जाएगा, तिल चतुर्थी मेले में होगा ऐतिहासिक जनसैलाब

इंदौर  देश-विदेश में प्रसिद्ध इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में आज से तीन दिवसीय पारंपरिक तिल चतुर्थी मेले का शुभारंभ हो रहा है। 6 से 8 जनवरी तक चलने वाले इस उत्सव में भगवान गणेश का परिवार 7 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के स्वर्ण मुकुट, स्वर्ण छत्र और अन्य बहुमूल्य आभूषणों से श्रृंगारित होगा। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को इस तीन दिवसीय आयोजन में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का महाभोग मेले के पहले दिन भगवान गणेश को सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं- 72 घंटे का श्रम – रसोइया खेमजी महाराज के नेतृत्व में 40 सदस्यों की टीम ने 10 भट्टियों पर लगातार काम कर ये लड्डू तैयार किए हैं। ध्वजा पूजन – आज सुबह 10 बजे कलेक्टर और निगम आयुक्त द्वारा ध्वजा पूजन के साथ उत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी। विशेष भोग – 7 जनवरी को गोंद के लड्डू और 8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। तिल चतुर्थी का धार्मिक महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 6 जनवरी (मंगलवार) को तिल चतुर्थी मनाई जा रही है। चंद्रोदय समय – आज रात 8:54 बजे चंद्रमा का उदय होगा। मान्यता – इसे 'तिल कूटा चौथ' भी कहा जाता है। इस दिन चंद्र पूजन से मानसिक कष्ट दूर होते हैं और माताएं संतान की लंबी आयु व सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रबंधन ने चलित दर्शन (Moving Darshan) की व्यवस्था की है ताकि आरती के दौरान भी कतारें न रुकें। पूरे परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से सजाया गया है। मेले में मनोरंजन के लिए झूले, चकरी और विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों के स्टॉल लगाए गए हैं। यातायात प्रबंधन (ट्रैफिक रूट प्लान) यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष रूट तैयार किया है- प्रवेश मार्ग – वाहन चालक खजराना चौराहा से सर्विस रोड होते हुए सिद्धि विनायक हॉस्पिटल से बाएं मुड़कर पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे। निकासी मार्ग – दर्शन के बाद वाहन कालका माता मंदिर द्वार से होकर पीपल चौराहा की ओर निकलेंगे। प्रतिबंध – बंगाली चौराहे से सिद्धि विनायक हॉस्पिटल की ओर सर्विस रोड पर वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। मुख्य आकर्षण – सात करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से सजे गणेश जी का मनोहारी स्वरूप इस साल के मेले का सबसे बड़ा आकर्षण है।

मध्य प्रदेश में कोहरे का असर, 14 घंटे लेट रहीं ट्रेनें, भोपाल समेत 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली

भोपाल  जनवरी 2026 में मध्य प्रदेश में सर्दी ने अब अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश में घना कोहरा, तेज सर्द हवाएं और शीतलहर (कोल्ड वेव) का असर महसूस किया जा रहा है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और खजुराहो समेत कई जिलों में सुबह-सुबह विजिबिलिटी 20 मीटर तक घट गई, जिससे सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक राहत की संभावना कम बताई है। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के चलते 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, वहीं 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। बाकी 24 जिलों में फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं हुआ, जिससे वहां के बच्चे तेज ठंड में स्कूल जाएंगे। कोहरे की वजह से 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस 13.5 घंटे और 01666 अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 13 घंटे 50 मिनट लेट इटारसी पहुंची। इनके अलावा मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें 3 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3.8 डिग्री पर आ गया। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री, मुरैना-मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री, मंडला-पचमढ़ी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 6.8 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री रहा। इन 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित     इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्‌टी।     उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्‌टी।     मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन की छुट्‌टी।     शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी, 7 से स्कूल।     अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।     रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्‌टी।     आगर मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।     भिंड: नर्सरी से कक्षा 8 तक, दो दिन अवकाश।     टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन का अवकाश।     नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 2 दिन का अवकाश।     मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद।     जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद; परीक्षाएं यथावत।     दमोह: प्री-प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद।     डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     नर्मदापुरम: 6–7 जनवरी को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों की छुट्‌टी।     झाबुआ: प्ले-ग्रुप से कक्षा 3 तक, 6 से 10 जनवरी तक अवकाश।     छतरपुर: कक्षा 1 से 8 तक, 2 दिन का अवकाश।     सीधी: नर्सरी से 8वीं तक, 2 दिन का अवकाश।     बैतूल: शीतलहर के कारण आज नर्सरी-8वीं तक स्कूल बंद। इन जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली     भोपाल: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद खुलेंगे।     धार: नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं 9:30 बजे के बाद, 9वीं से 12वीं तक समय यथावत।     सीहोर: 6 जनवरी से नर्सरी से 12वीं तक कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से शुरू होंगी।     अनूपपुर: एक पाली वाले स्कूल सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक, दो पाली वाले स्कूल 11–1 और 1–5 बजे तक।     बड़वानी: सुबह 10 बजे के बाद लगेंगी नर्सरी से आठवीं तक की क्लास।     मुरैना : सुबह 10 बजे के बाद लगेंगी आठवीं तक की क्लास।     खरगोन : सुबह 9 बजे के बाद स्कूल लगेंगे। घना कोहरा और शीतलहर का असर भोपाल और खजुराहो सहित प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। हाईवे और शहर की सड़कें सुस्त गति से चल रही हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में शीतलहर का असर ज्यादा है। इसके चलते रात और सुबह का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि, सुबह जल्दी अनावश्यक बाहर न निकलें, वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और बुजुर्गों तथा बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश और टाइमिंग बदलने का निर्णय लिया।   स्कूलों में छुट्टी (मुख्य जिले) जिला क्लास अवकाश इंदौर 1-8 3 दिन उज्जैन नर्सरी-5 1 दिन मंदसौर नर्सरी-8 2 दिन शाजापुर नर्सरी-8 5-6 जनवरी ग्वालियर नर्सरी-8 5-6 जनवरी दमोह प्री-प्राइमरी-8 1 दिन मंडला नर्सरी-8 5-6 जनवरी जबलपुर नर्सरी-8 5-6 जनवरी छतरपुर 1-8 2 दिन बैतूल नर्सरी-8 1 दिन (कुल 24 जिलों में स्कूलों में अवकाश)            स्कूलों में टाइमिंग बदली जिला क्लास नई समय-सारणी भोपाल नर्सरी-8 सुबह 9:30 बजे बाद धार नर्सरी-8 सुबह 9:30 बजे, 9-12वीं यथावत सीहोर नर्सरी-12 सुबह 9:30 बजे से बड़वानी नर्सरी-8 सुबह 10 बजे के बाद मुरैना 1-8 सुबह 10 बजे के बाद ट्रेनों में देरी और यात्रियों की परेशानी कोहरे की वजह से कई प्रमुख ट्रेनों में 3-14 घंटे तक देरी दर्ज हुई। यात्रियों ने प्लेटफार्म पर ठंड में अलाव, चाय और गर्म कपड़ों का सहारा लिया। ट्रेन का नाम देरी 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस 13.5 घंटे 01666 अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल 13 घंटे 50 मिनट 20104 मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट 1 घंटा 30 मिनट 11058 पठानकोट एक्सप्रेस 4 घंटे 45 मिनट 12722 दक्षिण एक्सप्रेस 4 घंटे न्यूनतम और अधिकतम तापमान (मुख्य शहर) शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) भोपाल 18.4 3.8 इंदौर 22.0 8.6 ग्वालियर 19.6 7.3 जबलपुर 20.4 7.8 खजुराहो 18.6 4.4 मंडला 23.4 4.9 दमोह 19.5 5.6 रतलाम 22.2 7.8 उज्जैन 22.4 7.8 मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 2-3 दिन भी घना कोहरा रहेगा और 15 जनवरी तक प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी रहने की संभावना है। कड़ाके की ठंड ने प्रदेश में तोड़ा … Read more

शिरोमणि अकाली दल के वर्चस्व को AAP की चुनौती?

चंडीगढ़. पंजाब की राजनीति में लंबे समय तक पंथक सियासत शिरोमणि अकाली दल के इर्द-गिर्द घूमती रही है। सिख पंथ से जुड़े धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक मुद्दों पर अकाली दल की पकड़ मजबूत मानी जाती थी लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह समीकरण तेजी से बदलता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र आयोजित करना और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के गायब होने के मामले में तीखी कार्रवाई ने पंथक राजनीति में आप की गंभीर एंट्री का संकेत दिया है। वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथक मामले में तलब करके मामले को और गरमा दिया है। अकाली दल का जन्म ही पंथक आंदोलन से हुआ। गुरुद्वारा सुधार आंदोलन से लेकर एसजीपीसी पर नियंत्रण तक, अकाली दल ने सिख धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। ग्रामीण पंजाब, खासकर माझा और मालवा के पंथक बहुल क्षेत्रों में अकाली दल लंबे समय तक स्वाभाविक विकल्प रहा। पंजाब के कुल मतदाताओं में करीब 30-35 फीसदी ऐसे हैं, जो सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से पंथक मुद्दों से प्रभावित होते हैं। इनमें से अधिकांश का झुकाव ऐतिहासिक रूप से अकाली दल की ओर रहा। आप सरकार के तीन बड़े कदम पंथक सियासत में नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं था, बल्कि सिख इतिहास और अस्मिता को संवैधानिक सम्मान देने का संदेश था। वहीं, श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूप गायब होने के मामले में तेज जांच और कार्रवाई ने पंथक मतदाताओं में यह धारणा बनाई कि सरकार केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने को तैयार है। तीसरा कदम तीन शहरों को धार्मिक दर्जा देने का रहा, जो पंथक वोटर के लिए सकारात्मक संकेत माना गया। अकाली दल पहले ही नेतृत्व संकट, परिवारवाद और सीमित नेतृत्व विकल्पों से जूझ रहा है। विधानसभा और लोकसभा में उसकी सीटें घटकर बहुत कम रह गई हैं। बेअदबी प्रकरणों में निर्णायक कार्रवाई न होना और युवा पंथक मतदाताओं से भावनात्मक दूरी ने उसकी विश्वसनीयता कमजोर की है। ऐसे में जो पंथक वोटर कभी अकाली दल के साथ खड़ा होता था, अब विकल्प तलाश रहा है। सियासी जानकार भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि अगर पंथक वोटर का केवल 10-15 फीसदी हिस्सा भी अकाली दल से खिसकता है, तो इसका सीधा असर 15–20 विधानसभा सीटों पर पड़ सकता है। माझा क्षेत्र के अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, आनंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, मोगा, बठिंडा और बरनाला में अकाली दल की पारंपरिक पकड़ कमजोर होने लगी है जबकि आप ने पंथक वोटरों पर सेंधमारी कर ली है। अकाली दल की ऐतिहासिक भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता, लेकिन अब उसका पंथक एकाधिकार कमजोर हुआ है। आम आदमी पार्टी ने प्रशासनिक और नीतिगत कदमों के जरिए पंथक राजनीति में नए समीकरण खड़े किए हैं। पंजाब की पंथक राजनीति अब केवल विरासत से नहीं, बल्कि प्रदर्शन और विश्वसनीयता से तय होगी। यही अकाली दल की सबसे बड़ी परीक्षा है और आम आदमी पार्टी के लिए नया राजनीतिक अवसर। इस वर्ष को चुनावी साल के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में किसी भी तरह के पंथक मामले को सियासत से जोड़ कर देखा जाना स्वाभाविक है।

दक्षिणी हरियाणा तक एसवाईएल से पहुंचाया जाएगा 6500 क्यूसेक तक पानी

कुरुक्षेत्र. सुप्रीम कोर्ट तक विवाद पहुंचने के बावजूद भले ही एसवाईएल को अभी तक पंजाब से पानी नहीं मिल पाया लेकिन अब यही नहर दक्षिणी हरियाणा और दिल्ली की प्यास बुझाने में कारगर साबित होगी। जरूरत पड़ने पर इसमें नरवाना ब्रांच नहर के साथ-साथ मारकंडा नदी का पानी भी छोड़ा जाएगा जिससे न केवल मारकंडा से आने वाली बाढ़ का खतरा टलेगा बल्कि नहर का सही प्रयोग भी हो सकेगा। सिंचाई विभाग ने 10 हजार क्यूसेक पानी दक्षिणी हरियाणा की ओर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें एसवाईएल के जरिये 6500 क्यूसेक और नरवाना ब्रांच के जरिये 3500 क्यूसेक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए नहरों का पहली बार बड़े स्तर पर जीर्णेद्धार किया जा रहा है। लंबे समय से सुध न लिए जाने के कारण अपना मूल आकार तक खो चुकी एसवाईएल के जिले की सीमा में ही किए जाने वाले जीर्णोद्धार पर 50 करोड़ का बजट खर्च होगा। इसका प्रस्ताव विभाग की प्रदेश तकनीकी टीम पास कर चुकी है और अब फाइनल मुहर मुख्यमंत्री की ओर से लगाए जाने का इंतजार है। जिले में एसवाईएल नहर की लंबाई करीब 35 किलोमीटर है। 25 के बजाय 15 फीट रह गई चौड़ाई अनदेखी व लंबे समय तक मरम्मत न होने के कारण समय अनुसार एसवाईएल अपना आकार भी खो चुकी है। 25 फीट के बजाय महज 15 फीट ही अधिकतर जगह चौड़ाई रह गई है। यही नहीं कई-कई फीट तक गाद जम चुकी है और झाड़ियां ही नहीं, अनेक जगह इसमें उगे पौधे पेड़ बन चुके हैं। किनारे भी खस्ताहाल हो चुके हैं। ऐसे में इसकी क्षमता भी बेहद कम रह गई है जिसके कारण किसी आपात स्थिति में भी इसमें पानी छोड़े जाने से खतरा पैदा होने लगा है। मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही शुरू कर दी जाएगी प्रक्रिया : एक्सईएन सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुनीष बब्बर का कहना है कि एसवाईएल का जीर्णोद्धार बेहद जरूरी हो गया है। इसके कारण ही प्रस्ताव तैयार किया गया, जो स्टेट तकनीकी टीम पास भी कर चुकी है। अब मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही टेंडर आदि की प्रक्रिया कर तत्काल काम भी शुरू करवा दिया जाएगा। जीर्णोद्धार के एसवाईएल के जरिये दक्षिणी हरियाणा तक 6500 क्यूसेक पानी पहुंचाया जा सकेगा। नरवाना ब्रांच नहर का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है जिसके जरिये भी 3500 क्यूसेक पानी दक्षिणी हरियाणा तक पहुंचने लगेगा। इस नहर में कई कार्य किए भी जा चुके हैं। उनका कहना है कि न केवल एसवाईएल के जीर्णोद्धार से मारकंडा का पानी दक्षिणी हरियाणा तक पहुंचाया जा सकेगा बल्कि मारकंडा की वजह से आने वाली बाढ़ से भी बचा जा सकेगा। इसके बाद नहर अपने मूल आकार में भी आ जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ‘मिशन कर्मयोगी’ की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे 'मिशन कर्मयोगी' की प्रगति की  समीक्षा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन द्वारा प्रदेश में जारी प्रयासों का पेश किया जाएगा खाका फील्ड स्तर के कर्मियों के प्रशिक्षण को लेकर हो रहे कार्यों पर रहेगा विशेष फोकस कई विभागों के प्रमुख सचिव समीक्षा बैठक में रहेंगे मौजूद लखनऊ उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत अब तक हुई प्रगति और भविष्य में क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समीक्षा करेंगे। मंगलवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस राधा चौहान अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी और राज्य में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर एक विस्तृत खाका पेश करेंगी । बैठक में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक स्तरों पर कार्यरत लोक सेवकों की क्षमता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण की दिशा और प्राथमिकताओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकते हैं। इस समीक्षा बैठक में कई विभागों के प्रमुख सचिव भी उपस्थित रहेंगे, जो अपने-अपने विभागों में क्षमता निर्माण से जुड़ी प्रगति और चुनौतियों से मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराएंगे। उल्लेखनीय है कि सोमवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस  राधा चौहान ने मुख्य सचिव एसपी गोयल से भी मुलाकात कर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत जारी कार्यों को लेकर चर्चा की। प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में समीक्षा हाल ही में आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यों को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के मार्गदर्शन में क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मुख्यमंत्री योगी द्वारा यह समीक्षा बैठक की जा रही है, जिसमें अब तक की प्रगति का आकलन किया जाएगा और आगे की कार्ययोजना पर दिशा-निर्देश दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्यों में क्षमता निर्माण के प्रयासों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने उत्तर प्रदेश सहित 28 राज्यों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। फील्ड कार्मिकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय नगरीय निकायों (ULB) के फील्ड स्तर के कर्मियों के लिए व्यवहारिक और कार्यात्मक प्रशिक्षण पर विशेष फोकस रहेगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर सेवा वितरण की क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य है। UPAAM है नोडल की भूमिका में, iGoT पर उपलब्ध होंगे पाठ्यक्रम राज्य सरकार ने विभागों को क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने में सहयोग के लिए UPAAM को नोडल संस्था नामित किया है। इसके तहत तैयार किए जाने वाले प्रशिक्षण पैकेज iGoT पोर्टल पर कर्मयोगी भारत के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां अब तक 18.8 लाख से अधिक उपयोगकर्ता ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। राज्य के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विभागों में स्कूल शिक्षा और पुलिस विभाग प्रमुख हैं। इनके बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, होम गार्ड्स, कृषि, पावर कॉरपोरेशन तथा पंचायती राज विभाग उल्लेखनीय रूप से आगे हैं। कर्मयोगी भारत (iGOT) प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में हिंदी भाषा में 840 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज तैयार मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर सड़क, सिंचाई, भवन, पुल और संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज भी तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य तकनीकी दक्षता के साथ-साथ प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इस बैठक को राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और एक सक्षम, आधुनिक व उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इस बैठक का उद्देश्य हिंदी में राज्य-विशेष पाठ्यक्रमों के विकास के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना भी है।

महासमुंद के किसानों को रबी फसल के लिए जलाशय से छोड़ा गया पानी

महासमुंद. किसानों की मांग और आवश्यकताओं को देखते हुए गत दिवस कोडार जलाशय से रबी फसल के लिए खेतों में पानी देने पर निर्णय लिया गया। महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा की पहल पर 5 जनवरी से ही खेतों में पानी दिए जाने का निर्णय लिया गया था, जिस पर आज अमल किया गया। जिले के कोडार जलाशय परियोजना (बायीं तट नहर प्रणाली से) वृहद परियोजना अंतर्गत पानी छोड़ा गया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला जल उपयोगिता समिति विनय कुमार लंगेह ने के लिए गए निर्णय अनुसार जल संसाधन के मुख्य कार्यपालन अभियंता कुमार खरे को पानी छोड़ने का निर्देश दिया। रबी सिंचाई के लिए कोडार वृहद परियोजना में बांयी तट नहर प्रणाली से 13 गांवों के 1600 हेक्टेयर क्षेत्र का रकबा सिंचाई सुविधा के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन गांवों में बंजारी, घोंघीबाहरा, बनसिवनी, कौंदकेरा, सोरिद, चोरभट्ठी, नयापारा, परसदा, बेमचा, मुस्की, कांपा, खरोरा एवं बरोंडाबाजार शामिल हैं। इसके अलावा केशवा नाला जलाशय से भी पानी छोड़ा गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री बोलीं- महतारी वंदन योजना से शीघ्र जुड़ेंगी नई महिलाएं

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग के पिछले दो वर्षों के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। महतारी वंदन योजना को उन्होंने राज्य की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल बताया। मंत्री राजवाड़े ने बताया कि, महतारी वंदन योजना ने दो वर्षों में राज्य की 69 लाख से अधिक महिलाओं तक आर्थिक संबल पहुंचाया है। उन्होंने कहा- 'यह सिर्फ एक राशि नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान का हस्तांतरण है। इससे घर-परिवार में महिला की भूमिका और मजबूत हुई है।' ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शेष पात्र महिलाओं को भी लाभ प्रदान किया जाएगा। बस्तर के नियद नेल्लानार जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी योजना ने असर दिखाया है, जहां 7,000 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।  

उत्तर प्रदेश में आज जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, तीन करोड़ नाम हो सकते हैं बाहर, घर बैठे ऐसे करें चेक

लखनऊ यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी. निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूरी प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करेगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा खुद मीडिया के सामने आकर मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी देंगे. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के जारी होते ही प्रदेश के मतदाता निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम देख सकेंगे. यह सूची आगामी चुनावों की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके जरिए साफ हो जाएगा कि किसका नाम मतदाता सूची में बना है और किसे दावे या आपत्ति दर्ज कराने की जरूरत पड़ेगी. निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता दर्ज थे. लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद जो ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जा रही है, उसमें करीब 12 करोड़ 55 लाख मतदाता ही शामिल होंगे. यानी लगभग 2 करोड़ 89 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. किन वजहों से कटे नाम ? निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से ये श्रेणियां शामिल हैं :  – जिनका निधन हो चुका है – स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, जो किसी अन्य जिले या राज्य में शिफ्ट हो चुके हैं – दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाता, जिनका नाम एक से अधिक जगह दर्ज था – गणना प्रपत्र (Enumeration Form) न भरने वाले मतदाता – लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता, जिनका दिए गए पते पर सत्यापन नहीं हो सका निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को साफ और त्रुटिरहित बनाने के लिए इन नामों को हटाना आवश्यक था. 1 करोड़ मतदाताओं की नहीं हो सकी मैपिंग, भेजा जाएगा नोटिस इस पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है. करीब 1 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो सकी है. ऐसे मतदाताओं को संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) की ओर से नोटिस भेजा जाएगा. नोटिस मिलने के बाद मतदाता को तय समयसीमा में अपनी पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. निर्वाचन आयोग ने इसके लिए 12 वैध दस्तावेजों की सूची पहले से तय कर रखी है, जिनमें से किसी एक की छायाप्रति हस्ताक्षर के साथ जमा करनी होगी. दस्तावेज सही पाए जाने पर नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़ा जा सकेगा. 6 फरवरी तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ ही दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. मतदाता आज से 6 फरवरी तक अपने नाम से जुड़ी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं या यदि नाम गलती से कट गया हो तो उसे जोड़ने का दावा कर सकते हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार यह तारीख तय की गई है :   दावे और आपत्तियां: आज से 6 फरवरी तक दावे-आपत्तियों का निस्तारण: 7 फरवरी से 27 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 6 मार्च को अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान हर दावे और आपत्ति की निष्पक्ष जांच की जाएगी. लखनऊ में सबसे ज्यादा नाम कटने की आशंका प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़े आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं. सूत्रों के अनुसार, राज्य में सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम लखनऊ जिले में कटे हैं. यहां करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर होने की बात सामने आ रही है. जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार 4.57 लाख मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिले वहीं 1.27 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है.  5.39 लाख मतदाता दूसरी विधानसभा या जिले में शिफ्ट हो चुके हैं जबकि कई मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरने से मना कर दिया.  इन सभी कारणों से उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं. 2003 की सूची बनी आधार निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया, या जिनके अभिभावकों का नाम उस सूची में शामिल था, उनके नाम सुरक्षित रखे गए हैं. ऐसे मतदाताओं की मैपिंग पहले ही पूरी कर ली गई है. इसके उलट, जिन मतदाताओं या उनके अभिभावकों का नाम 2003 की सूची में नहीं मिल पाया है, उन्हें नोटिस भेजकर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा. वेबसाइट पर ऐसे करें नाम की जांच ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाता निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र, और मतदाता विवरण में से जरूरी जानकारी भरकर आसानी से देख सकेंगे. यदि किसी को नाम में त्रुटि या नाम गायब होने की शिकायत है, तो वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आपत्ति दर्ज करा सकता है. 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस, सभी की नजरें निर्वाचन आयोग पर पूरे मामले को लेकर आज दोपहर 3 बजे लखनऊ में निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होने जा रही है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा इस दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची के अंतिम आंकड़े, नाम कटने के कारण, आगे की प्रक्रिया और मतदाताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश मीडिया के सामने रखेंगे. राजनीतिक दलों से लेकर आम मतदाताओं तक, सभी की नजरें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बाद प्रदेश की सियासत में भी हलचल तेज हो सकती है. अंतिम सूची पर टिकी नजर फिलहाल, आज जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची को अंतिम नहीं माना जाएगा. निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. उसी सूची के आधार पर आगामी चुनावों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.