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मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के संबंध में विधानसभा में चर्चा

मध्यप्रदेश के विकास में आलोचनाओं को नहीं, सुझाव को दें प्राथमिकता नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय का वक्तव्य भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को विधानसभा में एक दिन के विशेष सत्र में अपने वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 के विकास का विजन दिया है। हमें विकसित मध्यप्रदेश @2047 को ध्यान में रखकर आलोचनाओं से हटकर प्रगति के सुझाव को प्राथमिकता देनी होगी। इसमें सदन के प्रत्येक सदस्य का सुझाव महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब भारत 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरा करेगा, तब इतिहास पूछेगा मध्यप्रदेश ने अपने हिस्से की जिम्मेदारी किस तरह से निभाई है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, सिंहस्थ-2028 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये राम वन पथ गमन और श्रीकृष्ण पाथेय का विकास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने आर्थिक विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक गौरव के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मध्यप्रदेश गठन का इतिहास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि मध्यप्रदेश का जन्म एक विशिष्ट और असामान्य ऐतिहासिक संयोग का परिणाम था। इस क्षेत्र के निवासियों द्वारा कभी किसी पृथक मध्यप्रदेश राज्य की मांग नहीं की गई थी। स्वतंत्रता के बाद गठित राज्य पुनर्गठन आयोग मूलत: भाषायी आधार पर राज्यों के गठन की प्रक्रिया का कार्य कर रहा था, किन्तु मध्यप्रदेश का निर्माण भाषायी नहीं, बल्कि प्रशासनिक और भौगोलिक स्थिति के आधार पर हुआ है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि विंध्य प्रदेश, मध्य भारत, भोपाल रियासत और महाकौशल क्षेत्र का विलय हुआ। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से अवश्य पिछड़ा था, किन्तु केन्द्रीय स्तर पर राजनीतिक भागीदारी जरा भी कम नहीं थी। स्व. डॉ. शंकरदयाल शर्मा उप राष्ट्रपति और बाद में राष्ट्रपति बने। विकास यात्रा नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने प्रदेश की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1956 में प्रति व्यक्ति आय मात्र 261 रुपये थी, जो आज बढ़कर एक लाख 50 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है। राज्य का बजट 1956 में 493 करोड़ रुपये का था, जो आज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। साक्षरता दर भी काफी बढ़ी है। यह आँकड़े हमारी विकास यात्रा को बताते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 के बाद मध्यप्रदेश के विकास को न केवल गति मिली, बल्कि उसे स्पष्ट दिशा और ठोस परिणाम भी प्राप्त हुए। आज राज्य में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क है। इस मामले में मध्यप्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य बन चुका है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रीवा और ओंकारेश्वर जैसे प्रकल्पों ने सौर ऊर्जा में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश को 7 बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने पं. रविशंकर शुक्ल से लेकर अब तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में हुए उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी सदन को दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उल्लेखनीय कार्यों का ‍जिक्र करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन हुआ है। इस परियोजना में 3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा, 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2025 में उद्योग वर्ष के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय इंटरेक्टिव सेशन और विदेश यात्राओं के माध्यम से मध्यप्रदेश को 32 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों से 23 लाख से अधिक रोजगार का सृजन होगा। विकास के अन्य कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा का भूमि-पूजन किया गया है। दो मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में इंदौर-उज्जैन और भोपाल क्षेत्र का विकास किया जायेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की उपलब्धि की चर्चा करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि पिछले 2 वर्षों में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में एक लाख 64 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। नागरिकों को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की दिशा में ठोस कदम उठाये गये हैं। उन्होंने इंदौर को लगातार स्वच्छ शहर के रूप में देश में पहचान दिलाने का जिक्र भी किया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि 32 वर्ष पुराने विवाद हुकुमचंद मिल के प्रकरण का समाधान किया गया। मिल के 6 हजार से अधिक मजदूर परिवारों को 250 करोड़ रुपये बकाया भुगतान किया गया। इंदौर शहर के मध्य 43 एकड़ भूमि का विकास कर निवेश को आकर्षित किया जायेगा। 

मेवात और यूपी बॉर्डर से आ रहा था 1500 किलो पनीर, छापेमारी के बाद फूड विभाग अलर्ट

पलवल पलवल के आगरा चौक के निकट खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा देर शाम छापेमारी की गई और मेवात व यूपी बोर्डर से गाड़ियों में भरकर ले जाई जा रही पनीर के सैंपल लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक उन्हें काफी दिन से सूचना मिल रही थी कि इन जगहों से आए दिन काफी मात्रा में पनीर की सप्लाई दिल्ली व् फरीदाबाद की तरफ पनीर का ट्रांसफर किया जा रहा है। जिसके चलते आज छापेमारी के दौरान 1500 किलोग्राम पनीर के सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी। पलवल खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ राजेश वर्मा के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ गाड़ियां पनीर लेकर मेवात और यूपी बोर्डर से दिल्ली की तरफ जाती है जिसके चलते हमने छापेमारी के दौरान एक गाड़ी को पकड़ा है जो पुनहाना मेवात से पनीर भरकर नई दिल्ली लेकर जा रहे थे। जिसमें करीब 1500 किलोग्राम पनीर था जिनके पास से हमें पक्का जीएसटी का बिल व् डेयरी का जीएसटी लाइसेंस मिला है ।हमने दो सैंपल लेकर लैब के लिए भेजे हैं जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर इनके खिलाफ आगामी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी पनीर की गुणवत्ता यानी नकली असली के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।  

खंडवा पुलिस ने नकली पुलिस बनकर लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश

500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस ने दो सदस्‍यों को किया गिरफ्तार भोपाल  खंडवा जिले के थाना पदमनगर पुलिस ने नकली पुलिस बनकर लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। यह गिरोह मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी नकली पुलिस बनकर वारदातों को अंजाम देते थे। दिनांक 12 नवंबर को फरियादी हसमतराय गुरवानी (उम्र 65 वर्ष) निवासी कावेरी स्टेट, थाना पदमनगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो अज्ञात बाइक सवार व्यक्तियों ने स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर उनसे सोने की एक चेन एवं दो अंगूठियां यह कहकर उतरवा लीं कि पास में लूट की घटना हुई है। विरोध करने पर फरियादी पर हमला कर फरार हो गए। इस संबंध में बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेन्द्र तारनेकर एवं सीएसपी खंडवा श्री अभिनव कुमार बारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा शहर एवं आवागमन मार्गों पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिससे तीन संदिग्धों की पहचान की गई। 15 दिसंबर को संदिग्धों के फुटेज अन्य जिलों में प्रसारित किए गए। विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी नर्मदापुरम जिले के ईरानी गैंग से जुड़े हैं। इसके आधार पर पदमनगर पुलिस की टीम को नर्मदापुरम भेजा गया, जहाँ तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिरों की मदद से दो आरोपी गटरा उर्फ अप्पा हुसैन उर्फ अयान, पिता अफसर हुसैन, उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 32, ईदगाह मोहल्ला, थाना कोतवाली, जिला नर्मदापुरम तथा कासिम, पिता अफसर सैय्यद, उम्र 30 वर्ष निवासी ईदगाह मोहल्ला, नर्मदापुरम, मूल निवासी साई बाबा मंदिर के पीछे, अंबीवली मंगलनगर, कल्याण, मुंबई (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथी इकबाल हुसैन के साथ मिलकर उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया तथा लूटा गया माल उन्होंने अपने साथी इकबाल हुसैन को देना बताया। आरोपियों ने महाराष्ट्र के नागपुर, अमरावती एवं मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के शाहगंज क्षेत्र में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों द्वारा सुनियोजित तरीके से स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर वारदात को अंजाम दिया जाता था। वे अकेले या उम्रदराज राहगीरों को रोककर किसी हालिया अपराध या चेकिंग का हवाला देते हुए विश्वास में लेते थे। इसके बाद सुरक्षा जांच के बहाने पीड़ित से सोने के आभूषण उतरवाकर कागज में रखने को कहते थे। जैसे ही आभूषण उनके हाथ में आते, आरोपी मोटरसाइकिल से तेजी से फरार हो जाते थे। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त की है। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों एवं लूटे गए माल की बरामदगी हेतु आगे की कार्रवाई जारी है। खंडवा पुलिस की यह कार्रवाई तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी एवं अंतरजिला समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे नागरिकों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है। ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाने में दें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेश और औद्योगिक विकास के पथ पर लगातार अग्रसर-एमएसएमई मंत्री काश्यप

2047 तक मध्यप्रदेश की जीडीपी 15 लाख करोड़ से 250 लाख करोड़ ले जाने का लक्ष्य मध्यप्रदेश में निवेश और उद्योगों के प्रति देश और दुनिया के उद्योगपतियों में आकर्षण भोपाल एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है और देश विदेश के निवेशक मध्यप्रदेश के प्रति आकृषित हुए हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2047 तक प्रदेश की जी डी पी 15 लाख करोड़ से 250 लाख करोड़ तक ले जाने का है।विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किया है—प्रदेश को एक संतुलित, समावेशी और आत्मनिर्भर औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना, जहां युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले, एमएसएमई सशक्त हों और निवेशकों को भरोसेमंद माहौल प्राप्त हो। इसी विज़न के साथ सरकार ने आगामी तीन वर्षों का मिशन तय किया है, जो अधोसंरचना, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेश और नवाचार पर केंद्रित है। विधानसभा के विशेष सत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने सरकार की उपलब्धियों, आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना और मिशन 2047 की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक विकास को केवल नीतियों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे ज़मीन पर परिणामों में बदला गया है। पिछले दो वर्षों में निवेश और औद्योगिक विश्वास की मजबूती सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया है। फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्यप्रदेश आज निवेशकों के लिए भरोसे, स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टि वाला राज्य बन चुका है। इसके साथ-साथ रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट कॉनक्लेव (RISE), सेक्टर-विशिष्ट संवाद और देश-विदेश में आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों, एमएसएमई इकाइयों और वैश्विक निवेशकों को सीधे संवाद का अवसर मिला। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश को लगभग 30.77 लाख करोड़ रु. के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 8.57 लाख करोड़ रु. के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं निवेश प्रोत्साहन की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और निवेश अनुकूल 18 नई नीतियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि निवेश केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि समयबद्ध रूप से उत्पादन और रोजगार में परिवर्तित हो। आगामी तीन वर्षों का मिशन : अधोसंरचना, गति और विश्वास सरकार की आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना अधोसंरचना विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर आधारित है। वर्ष 2029 तक 35 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, एक्सप्रेस-वे और कॉरिडोर आधारित औद्योगिक नोड्स का विकास, डीएमआईसी के अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी फेस-2 और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को गति देना इस मिशन का प्रमुख हिस्सा है। लॉजिस्टिक्स को सशक्त बनाने के लिए नए कार्गो टर्मिनल और इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किए जाएंगे। प्लग-एंड-प्ले पार्क और रेडी-टू-यूज़ शेड्स के माध्यम से उद्योगों की त्वरित स्थापना सुनिश्चित की जाएगी। सभी G2B सेवाओं को पूरी तरह पेपरलेस करते हुए सिंगल विंडो सिस्टम Invest 3.0 के माध्यम से निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं दी जा रही हैं। मिशन 2047 : संतुलित और औद्योगिक अर्थव्यवस्था की दिशा में मिशन 2047 के तहत मध्यप्रदेश को कृषि आधारित मजबूती के साथ उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित वृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। उद्योग क्षेत्र के योगदान को सशक्त करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को अधिक मूल्य संवर्धन, निर्यात और व्यापक रोजगार सृजन से जोड़ने का लक्ष्य है। सरकार का उद्देश्य है कि 2047 तक सेवा और उद्योग क्षेत्र का योगदान लगभग 75 प्रतिशत तक पहुंचे। नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन टेक, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे सनराइज सेक्टर्स में निवेश आकर्षित किया जाएगा। आईटी पार्क, साइबर सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन और लेदर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ रही हैं। रोजगार, एमएसएमई और उद्यमिता पर फोकस मुख्यमंत्री के विज़न का केंद्र रोजगार सृजन है। औद्योगिक कॉरिडोर, मेगा निवेश परियोजनाएं और एमएसएमई आधारित विकास के माध्यम से लाखों युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। एमएसएमई नीति, स्टार्टअप नीति और उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आगामी वर्षों में एमएसएमई के जरिए बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की ओर निर्णायक कदम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास को केवल आंकड़ों की उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के सशक्त माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रहा है। आगामी तीन वर्ष प्रदेश के लिए निर्णायक सिद्ध होंगे, जिनमें अधोसंरचना, निवेश, नवाचार और रोजगार को एक साथ जोड़ते हुए मिशन 2047 की ठोस नींव रखी जा रही है।  

लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति साझा उत्तरदायित्व के संकल्प का परिचायक है विशेष सत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश का विधान सभा सदन सत्ता का नहीं जनता के विश्वास का मंदिर रहा है हमारी सरकार ने बीमारू राज्य की छवि से निकालकर प्रदेश को विकासशील और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जनता के कष्ट कम कर उनके जीवन में खुशियों की बाहर लाना हमारी सरकार का प्रयास हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां चारों ओर हरियाली और उद्योग- धंधों का जाल होगा,जहां बेरोजगारी और गरीबी नहीं होगी, सभी सुखी और संपन्न होंगे हमारा संकल्प पूर्ण होगा, क्योंकि हमारे नेता, नीति और नियत सभी स्पष्ट हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प पर चर्चा का रखा प्रस्ताव मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की यात्रा पूर्ण होने पर हुआ एक दिवसीय विशेष सत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष में आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र में विधानसभा के सभी सदस्यों का स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प पर विशेष सत्र में चर्चा का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। लोक कल्याणकारी राज्य के निर्माण के पथ पर अग्रसर व्यवस्था के लिए यह सत्र विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल को प्रणाम करते हुए कहा कि यह विशेष सत्र केवल औपचारिकता नहीं अपितु लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति साझा उत्तरदायित्व के संकल्प का परिचायक है। यह सत्र मध्यप्रदेश को सुखद, समृद्ध, सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली और आत्मनिर्भर बनाने के अपने संकल्प को दोहराने का अवसर है। विधानसभा की 70 साल की यात्रा हमारी लोकतांत्रिक यात्रा का प्रमाण है, यह सदन सत्ता का नहीं जनता के विश्वास का मंदिर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाल ही में दो वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवधि में लिए गए दूरगामी निर्णय आने वाले समय में माइलस्टोन के रूप में जाने जाएंगे। यह निर्णय निश्चित ही जनता के जीवन में बदलाव का माध्यम बनेंगे। जनता के कष्ट कम कर उनके जीवन में खुशियों की बाहर लाना हमारी सरकार का प्रयास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्षों तक बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाता रहा। हमारी पार्टी की सरकारों ने बीमारू की छवि से निकालकर प्रदेश को विकासशील और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने पिछले 2 वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। हमें पूरा विश्वास है कि जल्द ही हम लोग राज्य को विकसित राज्य की सूची में आगे ले जाएंगे। हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां चारों ओर हरियाली होगी, उद्योग- धंधों का जाल होगा,जहां बेरोजगारी और गरीबी नहीं होगी, सभी सुखी और संपन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा यह संकल्प पूर्ण होगा, क्योंकि हमारे नेता, नीति और नियत सभी स्पष्ट हैं। हम पूरे आत्मविश्वास के साथ विकसित आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाकर ही दम लेंगे, इसके लिए हम मेहनत की पराकाष्ठा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हमने 11 दिसंबर को नक्सलवाद के लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा के लिए भी गौरव का विषय है, क्योंकि वर्ष 1999 में कांग्रेस पक्ष के एक मंत्री की नक्सलियों द्वारा निर्मम हत्या कर लोकतंत्र को चुनौती दी गई थी। लाल सलाम को आखरी सलाम कर इस सदन ने वही बदला चुकता किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद के साथ ही आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़े मॉडलों को ध्वस्त किया गया है। भारतीय मुजाहिदीन, आईएसआईएस समर्थक समूह़ टेरर फंडिंग, चरस नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 1300 संदिग्ध खातों से 2000 करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन का खुलासा किया गया। अवैध हथियार फैक्ट्री ध्वस्त कर 1900 से अधिक बैरल/शटर नलियां तथा हथियार बनाने की सामग्री सहित अवैध हथियार बरामद किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने की योजना है। हमारे शहरों की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। शहरी विकास के क्षेत्र में दूरगामी दृष्टि से निर्णय लिए जा रहे हैं। राजधानी के स्वरूप पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है। मालवा के साथ-साथ मध्य भारत- चंबल क्षेत्र और महाकौशल में भी सुव्यवस्थित विकास हो, इस उद्देश्य से कार्य योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रारंभिक रूप से इंदौर और भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के लिए प्राथमिकता पर लिया गया है। वर्ष 2026 में ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य आरंभ होगा। हम सुव्यवस्थित शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास के क्षेत्र में भी गत दो वर्ष में गांव की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सुव्यवस्थित विकास के लिए कार्य किए गए। हर ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक विकासखंड में एक गांव को वृंदावन ग्राम बनाया जा रहा है।  

ग्रामीण राजनीति में BJP की एंट्री, ब्लॉक समिति चुनाव में पंजाब में हासिल की अहम सफलता

समराला पंजाब के जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के नतीजों को राज्य के राजनीतिक भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इन चुनावों के जरिए भारतीय जनता पार्टी ने ग्रामीण राजनीति में एंट्री की है और पहली बार जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। अब तक BJP ने दो सीटें जीती हैं और एक सीट पर BJP उम्मीदवार आगे चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने 2 ब्लॉक समिति सीटों पर जीत हासिल की है। समराला के समसपुर ब्लॉक समिति जोन से BJP उम्मीदवार परमजीत कौर 47 वोटों से जीती हैं। परमजीत कौर को कुल 904 वोट मिले थे। इसी तरह जैतो की एक सीट से भी BJP उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी की ग्रामीण राजनीति में एंट्री काफी अहम है, क्योंकि गांवों से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों का रिस्पॉन्स राजनीति को नई दिशा दे सकता है। समराला ब्लॉक के अब तक के नतीजे बागली ज़ोन से आम आदमी पार्टी के मंदीप सिंह जीते। उन्हें कुल 1132 वोट मिले और वे 334 वोटों के मार्जिन से जीते। इसी तरह, नागरा ज़ोन में अकाली दल के लखबीर सिंह को 984 वोट मिले और वे 248 वोटों से जीते। रूपालो ज़ोन में आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट रणजोध सिंह को 873 वोट मिले और वे 233 वोटों से जीते। सलोदी ज़ोन से कांग्रेस कैंडिडेट सतविंदर कौर को 1108 वोट मिले और वे 364 वोटों से जीतीं। उटाला ज़ोन से आम आदमी पार्टी का कैंडिडेट पहले ही जीत चुका है, क्योंकि आम आदमी को छोड़कर बाकी सभी पार्टियों के पेपर रिजेक्ट हो गए हैं। समसपुर ज़ोन से BJP कैंडिडेट परमजीत कौर को 904 वोट मिले और वे 47 वोटों से जीतीं। सेह ज़ोन से आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट इकबाल सिंह को 1005 वोट मिले और वे 237 वोटों से जीते। 

पक्ष-विपक्ष मिलकर विकसित मध्यप्रदेश के साझा संकल्प और भविष्य की दिशा तय करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा आगमन पर की राज्यपाल  मंगुभाई पटेल की अगवानी विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा तथा विकास और सेवा के दो वर्ष पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र आयोजन पर विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष सत्र के माध्यम से अतीत की गौरवशाली संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं की स्मृतियां जीवंत हो रही हैं। इस विशेष सत्र में पक्ष-विपक्ष मिलकर वर्ष 1956 से लेकर अब तक की विधानसभा की यात्रा का पुनरावलोकन करने के साथ-साथ विकसित भारत@2047 और विकसित मध्यप्रदेश के साझा संकल्प और भविष्य की दिशा तय करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के अवसर पर विधानसभा परिसर में लगाई गई एक दिवसीय प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष सत्र के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं विधानसभा सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के विधानसभा आगमन पर उनकी अगवानी की। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंगर ने विधानसभा परिसर में "मध्यप्रदेश विधानसभा के 1956 से 2025 तक इतिहास के पल" और "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभ्युदय मध्यप्रदेश विकास और सेवा के दो वर्ष" विषय पर लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अन्य वरिष्ठ मंत्री और विधायकगण भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विकसित, आत्मनिर्भर समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को समर्पित विशेष विधानसभा के विशेष सत्र के अवसर पर विधानसभा परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी में विधानसभा के 70 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाती दुर्लभ तस्वीरें और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया।  

हमारा मंत्र है- गाँव चले, देश चले, जब गाँव सशक्त होगा, तभी देश सशक्त होगा

हमारी सरकार पंचायत राज व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए कृत संकल्पित पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग के मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने विधानसभा सत्र में दिया संबोधन भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग के मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने विधानसभा सत्र में कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। श्रद्धेय अटल जी के ग्रामीण विकास के विचारों में गांव, गरीब और किसान केंद्र में थे, उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी बुनियादी ढांचागत पहल, पंचायत सशक्तिकरण और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो, रोजगार बढ़े और शहरों की ओर पलायन रुके। साथ ही उन्होंने विकास के लिए एक समग्र, समुदाय-केंद्रित और पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया था। मध्‍यप्रदेश में इसी दिशा में कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल आज विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। "आत्मनिर्भर पंचायत एवं समृद्ध मध्यप्रदेश" विषय पर केंद्रित तीन दिवसीय कान्‍फ्रेंस आयोजित की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा है कि "हमारा मंत्र है- 'गाँव चले, देश चले'। जब गाँव सशक्त होगा, तभी देश सशक्त होगा।" यह गाँव के सशक्तिकरण और राष्ट्र के विकास के बीच सीधा संबंध स्थापित करता है। इसी विचार के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा से हमने पंचायत राज व्यवस्था अंतर्गत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद को वरीयता दी है। इसीक्रम में "आत्मनिर्भर पंचायत एवं समृद्ध मध्य प्रदेश" विषय को केंद्रित कर हमने विगत वर्ष 23, 24 एवं 25 जुलाई, 2024 को तीन दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया था। कॉन्फ्रेंस में भोपाल में सभी जिला पंचायतों के माननीय अध्यक्ष,उपाध्यक्ष सभी जनपदों के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सभी जिला पंचायत सदस्यों के साथ-साथ शहरों से लगी हुई चिन्हित ग्राम पंचायतों के सरपंच गणों एवं सभी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के साथ तीन दिवसीय कांफ्रेंस आयोजित कर उनके अनुभवों तथा समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की थी। इस वर्ष भी हमने 24, 25 एवं 26 नवंबर, 2025 को पुनः यह कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चर्चा की है। इस बार की कॉन्फ्रेंस में हमने सरपंच,सचिव तथा ग्राम रोजगार सहायकों के संगठनों के पदाधिकारियों को भी तीनों दिन आमंत्रित किया था। चर्चा में उभर कर आए महत्वपूर्ण सुझावों के क्रियान्वयन हेतु हम आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जिलों में जाकर पंच सरपंच सम्मेलन आयोजित कर सरपंच एवं पंचगणों से भी सीधे संवाद किया जा रहा है। अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हमारी सरकार पंचायत राज व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए कृत संकल्पित है। विगत दो वर्षों के कार्यकाल में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए गए कुछ कार्यों का उल्लेख भी किया है। जिसमें :-     सभी ग्राम पंचायतों के पास अपना व्यवस्थित कार्यालय भवन हो। इस हेतु अभी तक हमने 2472 अटल ग्राम सेवा सदन (ग्राम पंचायत भवन) के निर्माण हेतु रुपए 922.20 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     जनपद पंचायत के कार्यालय को भी बेहतर स्वरूप देने के लिए हमने अभी तक 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) के निर्माण हेतु रुपए 557.08 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     पांच जिला पंचायतों के भवन निर्माण हेतु भी हमने रुपए 49.98 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     गांव की सामुदायिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हमने 3755 सामुदायिक भवनों के निर्माण     माँ नर्मदा हमारे प्रदेश को जीवन प्रदान करने वाली नदी है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इनकी परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा मार्ग को सुगम बनाने के उद्देश्य से हमने परिक्रमा पथ पर 19 आश्रय स्थल बनाने के लिए रुपए 10.34 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     परिक्रमा पथ में 231 आश्रय स्थल बनाने की योजना है जिनके लिए स्थान चिन्हित किया जाकर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए हमने रुपए 7.46 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका कहा जाता है। मैंने अभी तक 106 नदियों के उद्गम स्थल पर जाकर स्थानीय जन समुदाय से संवाद कर उद्गम स्थलों को संरक्षित करने के उद्देश्य से चर्चा की है तथा 89 उदगमों पर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए भी राशि स्वीकृत की है।     प्रदेश में तामिया एवं भीमबेटका जैसे पूरा ऐतिहासिक पर्यटन क्षेत्र स्थित है इनके विकास हेतु हमने मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को 2 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 1, 2 और 3 के अंतर्गत 913 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण तथा 305 पुलों का निर्माण किया गयाहै।     आरसीपीएलब्ल्यूईए (Road Connectivity Project for Left Wing Extremism Affected Areas) अंतर्गत 107 किलोमीटर लंबाई की सड़क एवं 18 पुलों का निर्माण किया गया है।     पीएम जनमन के अंतर्गत भी 236 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाई गई है।     हम मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना लाए हैं जिसके अंतर्गत अभी तक 20600 बसाहटों को चिन्हित किया जा चुका है।     हम क्षतिग्रस्त पुलपुनर्निर्माण योजना भी लाए हैं जिसके अंतर्गत अभी तक 1766 संरचनाओं का चयन किया जा चुका है।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे फेज के लिए भी 10602 बसाहटों को चिन्हित किया जा चुका है। जिनके लिए 1849 किलोमीटर की सड़कों की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।  

लखनऊ खादी प्रदर्शनी-2025 का उद्घाटन 18 दिसंबर को

खादी एवं ग्रामोद्योग को मिलेगा नया आयाम, मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी-2025 का आयोजन मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना लखनऊ मंडल के खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पाद को मिलेगा प्रदर्शन और बिक्री का मंच  लखनऊ उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ खादी प्रदर्शनी-2025 का उद्घाटन 18 दिसंबर को होगा। मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन दोपहर 2:00 बजे प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप ये प्रदर्शनी प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की विविधता को प्रदर्शित करेगी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर, गोमती नगर में होगा।   यूपी का खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड दस दिवसीय मंडल स्तरीय, खादी प्रदर्शनी-2025 का आयोजन होगा। ये प्रदर्शनी 18 दिसंबर से लेकर 28 दिसंबर तक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर, गोमती नगर में होगा। खादी प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य मंडल स्तर के खादी एवं ग्रामोद्योग के कारीगरों और उनके उत्पादों को मंच प्रदान करना है। जहां पर खादी वस्त्र, हस्तशिल्प, चमड़े के सामान, मिट्टी के बर्तन, बांस की कलाकृतियां और जैविक उत्पादों को एक छत के नीचे प्रदर्शनी एवं बिक्री का स्थल उपलब्ध कराएगा। लगभग 50 स्टॉलों पर स्थापित इन उत्पादों से उपभोक्ता स्थानीय कारीगरों को सीधे उनके उत्पाद खरीद सकेंगे, जो कारीगरों के आर्थिक स्वावलंबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदर्शनी का उद्देश्य न केवल उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं को ग्रामोद्योग की ओर आकर्षित करना भी है। उत्तर प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र से लाखों परिवार जुड़े हैं, और यह प्रदर्शनी 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के अनुरूप सिद्ध होगी। ऐसी पहल ग्रामीण प्रवास को रोकने और सतत विकास को प्रोत्साहित करेंगी। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शन और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी, जहां कारीगर अपनी कला के रहस्य साझा करेंगे। खादी बोर्ड की यह पहल प्रदेश सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। खादी बोर्ड की ओर से पूरे प्रदेश में मंडल स्तर पर इस प्रकार की प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है।

वंदे मातरम् की गौरव गाथा का स्मरण हर भारतीय के लिए गर्व का विषय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित विशेष चर्चा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  वंदेमातरम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वंदे मातरम्  देशप्रेम का वह जज्बा था जिसकी गूंज से ब्रिटिश हुकूमत तक कांप उठती थी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह उद्घोष करोड़ों भारतीयों के हृदय में साहस, त्याग और बलिदान की अग्नि प्रज्वलित करता रहा। उन्होंने कहा कि यह वही स्वर था जिसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने की शक्ति प्रदान की। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को स्मरण करते हुए कहा कि भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, खुदीराम बोस सहित असंख्य क्रांतिकारी वंदे मातरम् का जयघोष करते हुए मां भारती के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए। उनका बलिदान आज भी हर भारतीय को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वंदे मातरम् की गौरव गाथा का स्मरण करना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। यह गीत हमें उस संघर्ष, उस पीड़ा और उस अदम्य साहस की याद दिलाता है, जिसने भारत को स्वतंत्रता दिलाई। यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का आधार स्तंभ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, जो मानचित्र पर अंकित होती हैं। किसी राष्ट्र की वास्तविक पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं और उन मूल्यों से होती है, जो सदियों से उसके आचार-विचार और जीवन पद्धति का हिस्सा रहे हैं। भारत की यह सांस्कृतिक निरंतरता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा आयोजित करने का उद्देश्य यह भी है कि हम इतिहास की उन गलतियों को कभी न भूलें, जिन्होंने देश को गहरे घाव दिए, जिनकी पीड़ा आज भी हमारे समाज में कहीं-न-कहीं महसूस की जाती है। इतिहास से सीख लेकर ही हम एक सशक्त और समरस भारत का निर्माण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उन सभी वीर सपूतों को नमन किया, जिन्होंने वंदे मातरम् के भाव को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर भारत माता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् हमें हमारी विरासत, हमारी सांस्कृतिक चेतना और हजारों वर्षों की सभ्यता से जोड़ता है। यह उन आदर्शों की सामूहिक अभिव्यक्ति है, जिन्हें हमने युगों-युगों में आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धरती को माता के रूप में पूजने की भावना रही है, जिसे हम मातृभूमि कहते हैं। वंदे मातरम् इसी भाव का सशक्त और पवित्र स्वरूप है, जो हमें प्रकृति, भूमि और राष्ट्र के प्रति सम्मान और कर्तव्यबोध सिखाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस विशेष चर्चा के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष तथा सभी  सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विमर्श नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक चेतना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।