samacharsecretary.com

रायपुर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का शुभारंभ किया

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का किया शुभारंभ देश भर से आए विशेषज्ञ कैंसर तथा अन्य बीमारियों के उपचार पर करेंगे दो दिनों तक मंथन रायपुर होम्योपैथिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन रायपुर द्वारा आयोजित द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का आयोजन 13 से 14 दिसंबर तक रायपुर में किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार को इस सेमिनार का शुभारंभ किया। सेमिनार में होम्योपैथी के माध्यम से कैंसर उपचार की संभावनाओं सहित विभिन्न विषयों पर दो दिनों तक गहन चर्चा होगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने द्वितीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का किया शुभारंभ कार्यक्रम में डायरेक्टर आयुष सुसंतन देवी जांगड़े, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रे, एम.ए.आर.बी.एच. के प्रेसिडेंट डॉ. आनंद चतुर्वेदी, रजिस्ट्रार आयुष डॉ. संजय शुक्ला, डॉ. विजय शंकर मिश्र, डॉ. जे. पी. शर्मा सहित प्रदेश और देश के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ शामिल हुए। सेमिनार को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में होम्योपैथी का भविष्य में बड़ा योगदान होने वाला है। अनुभव और ज्ञान से ही मनुष्य ताकतवर बनता है, इसलिए होम्योपैथी के युवा चिकित्सकों को अपने वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सकों से सीख लेकर इस विद्या को आगे बढ़ाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। पहले लोग इलाज के लिए राज्य से बाहर जाते थे, लेकिन अब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। आसपास के राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। यहां मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और रायपुर विश्व की टॉप 10 संभावनाशील शहरों में शामिल हो रहा है। उन्होंने बताया कि रायपुर में योग एवं नेचुरोपैथी कॉलेज खोला जा रहा है। साथ ही नव रायपुर में 5 हजार बेड की मेडिसिटी स्थापित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। सरकार का उद्देश्य लोगों का विश्वास जीतना है और सभी चिकित्सा पद्धतियों को समान महत्व दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में होम्योपैथी का भविष्य उज्ज्वल है। सरकार आपके सुझावों को सुनेगी और उन्हें लागू करने का हरसंभव प्रयास करेगी।

भोपाल मेट्रो का पहला चरण: एम्स से सुभाष नगर तक सिर्फ 10 मिनट, पहले सप्ताह यात्रा निःशुल्क

 भोपाल  भोपाल मेट्रो पटरियों पर 70 से 80 की रफ्तार से दौड़ेगी। चूंकि स्टेशन एक-एक किलोमीटर की दूरी पर हैं, इसलिए मेट्रो अपनी निर्धारित 90 की रफ्तार से नहीं चल पाएगी। एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक की दूरी मेट्रो मात्र 10 मिनट पूरी करेगी। हर स्टेशन पर मेट्रो एक मिनट का हाल्ट लेगी। यही दूरी यदि दो पहिया वाहन से तय करने में कम से कम आधा घंटा लगाता है। वहीं चार पहिया वाहन से यह दूरी तय करने में 20 मिनट लगते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो मेट्रो से सफर करने में यात्री मात्र 10 मिनट में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंच जाएंगे। इससे यात्रियों को समय भी बचेगा और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। पहले सप्ताह जनता के लिए फ्री रहेगी मेट्रो शहर के नागरिकों को लोकार्पण के बाद पहले सप्ताह फ्री में यात्रा करने को मौका मिलेगा । इसके बाद यात्री मैन्युअली टिकट खरीदकर मेट्रो में यात्रा कर सकें। ज्ञात हो कि तुर्किए से हुआ अनुबंध के समाप्त होने के बाद से ऑन लाइन टिकट सिस्टम शुरू नहीं हुआ है। मंथली पास और स्कीम पर हो रहा मंथन मेट्रो का किराया 20 रुपये से शुरू होगा, जो अधिकतम 30 रुपये तक जाएगा। यात्री 30 रुपये में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंचेंगे। मंथली पास और स्कीम पर मंथन चल रहा है। इसकी जानकारी मेट्रो प्रबंधन सोमवार यानी 14 दिसंबर को आधिकारिक रूप से जारी करेगा। जानकारी के अनुसार महिलाएं, विद्यार्थी और सीनियर सिटीजन के लिए स्कीम लगा सकता है। पहले चरण में एम्स से सुभाष नगर तक चलेगी मेट्रो भोपाल मेट्रो प्रायोरिटी कारिडोर के पहले चरण में तैयार किए गए एम्स मेट्रो स्टेशन से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। यह रूट 7.5 किलोमीटर का है। इसमें आठ मेट्रो स्टेशन हैं, जो इस प्रकार हैं, एम्स, अलकापुरी, डीआरएम आफिस, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड आफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय, सुभाष नगर। दूसरे चरण में पुल बोगदा से करोंद तक चलेगी मेट्रो आरेंज लाइन कारिडाेर के दूसरे चरण में करीब 9.24 किलोमीटर का रूट तैयार किया जा रहा है। इस रूट पर भी आठ मेट्रो स्टेशन हैं। जब यह रूट तैयार हो जाएगा, तब मेट्रो पुल बोगदा, ऐशबाग, रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी, करोंद चौराहा मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। इन दिनों रूट की कुल लंबाई 16.74 किलोमीटर है। ब्लू लाइन का भी शुरू हुआ काम आरेंज लाइन के साथ-साथ ब्लू लाइन पर भी मेट्रो का काम शुरू हो चुका है। भदभदा से रत्नागिरी तक बनाए जाने वाले इस कॉरिडोर पर करीब 14 मेट्रो स्टेशन रहेंगे। मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए मिट्टी की टेस्टिंग हो चुकी है। पिलर बनाए जाने के लिए स्थान का चयन हो चुका है। कुछ स्थानों पर बेरिकेड्स कर खोदने का काम शुरू हो गया है। आरेंज और ब्लू लाइन कारिडोर की कुल लंबाई करीब 30.95 किलोमीटर है। इन दोनों कारिडोर को वर्ष 2030 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है। एस कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो कारर्पोरेशन का कहना है मेट्रो के आपरेशन से जुड़ी समस्त जानकारी आधिकारिक रूप से 14 दिसंबर को जारी की जाएगी । फिलहाल सिर्फ लोकार्पण की तारीख और कार्यक्रम स्थल का तय हुआ है।

भोपाल में एसआइआर प्रक्रिया में 39 दिनों में 4.43 लाख मतदाताओं के नाम कटने का खतरा, चुनाव आयोग ने दिए निर्देश

 भोपाल  राजधानी में पिछले 39 दिनों से जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) प्रक्रिया के दौरान अब तक 4 लाख 43 हजार 633 मतदाताओं के नाम कटना तय हो गया है। ये नाम मृत, शिफ्टेड, अनुपस्थित, डबल एंट्री और अन्य श्रेणियों में पाए गए हैं। वहीं नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या घटकर 1 लाख 35 हजार 765 रह गई है। जिले में सीधे तौर पर नाम काटने के आंकड़े को लेकर शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग के आब्जर्वर और ज्वाइंट सेकेटरी ब्रजमोहन मिश्रा ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बात की। उन्होंने सभी प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि भोपाल में काटे जा रहे मतदाताओं के नामों को लेकर बीएलओ से वेरिफाई करा लिया जाए। जिसके बाद आब्जर्वर उत्तर के खानूगांव और दक्षिण पश्चिम के पालेटेक्निक मतदान केंद्र पर बीएलओ का काम देखने पहुंचे। हालांकि उन्हें नरेला, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर की विधानसभाओं में भी बीएलओ का काम देखने जाना था, लेकिन वह छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गए। 35 हजार से अधिक बढ़े नाम काटने के मामले 7 दिसंबर को राजधानी की 7 विधानसभा क्षेत्रों में एसआइआर का कार्य 100 प्रतिशत पूरा घोषित किया गया था। उस समय अनकलेक्टेबल श्रेणी में 4 लाख 8 हजार 106 मतदाताओं के नाम हटाने प्रस्तावित थे, लेकिन नो-मैपिंग के बाद यह संख्या बढ़कर 4 लाख 43 हजार 634 हो गई। इस प्रकार पांच दिनों में 35 हजार 528 नए नाम हटाने की सूची में जुड़ गए। 18 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे गणना पत्रक आब्जर्वर ने बताया कि चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब मतदाता अपने गणना पत्रक 18 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाम हटाने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और सही वेरिफिकेशन के साथ की जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो।

हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार का कड़ा एक्शन, ESMA के साथ ‘नो वर्क नो पे’ लागू

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों की दो दिन की हड़ताल को अब अनिश्चितकाल तक बढ़ाने के ऐलान पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने राज्य में आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों और अन्य लोगों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों व कर्मचारियों को बिना किसी रुकावट के अपनी ड्यूटी जारी रखनी होगी, क्योंकि हड़ताल से जनता के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा है। राज्यपाल ने धारा 4(क)(1) के तहत स्पष्ट किया है कि अगले छह महीनों तक स्वास्थ्य विभाग के सभी डॉक्टर और कर्मचारी किसी भी तरह की हड़ताल नहीं कर सकेंगे।   इधर, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन ने दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया था और उनकी कई मांगों पर सरकार विचार कर रही है। हड़ताल के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित नहीं हुईं और आम आदमी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगी रही और बड़ी संख्या में बाहर से डॉक्टर बुलाए गए थे। नो वर्क नो पे का आदेश स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताली डॉक्टरों पर सख्ती करते हुए 'नो वर्क नो पे' का आदेश जारी किया है। हड़ताल में शामिल डॉक्टरों को इन दिनों का वेतन नहीं मिलेगा। इस फैसले पर डॉक्टर एसोसिएशन ने तीव्र विरोध जताया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजेश ख्यालिया ने बताया कि सरकार को कई बार वार्ता के लिए अनुरोध भेजा गया, लेकिन कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया। राज्य कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे। बता दें कि एसएमओ की सीधी भर्ती समेत कई मांगों को लेकर दो दिन से हड़ताल पर चल रहे डॉक्टरों ने आज बैठक की और 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। एसोसिएशन ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू करने की भी घोषणा की है। डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान नीति के तहत 75% एसएमओ पद प्रमोशन से और केवल 25% पद सीधी भर्ती से भरे जाते हैं। सीधी भर्ती वाले डॉक्टर करियर में बहुत ऊंचे पदों (कई तो महानिदेशक तक) तक पहुंच जाते हैं, जबकि नौकरी में पहले से कार्यरत डॉक्टरों को पूरे करियर में मुश्किल से एक ही प्रमोशन मिलता है और वे वहीं के वहीं अटके रहते हैं। बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, ओपीडी में लंबी कतारें हड़ताल के कारण यमुनानगर, पानीपत, फतेहाबाद, जींद, कैथल, हिसार, झज्जर और चरखी दादरी जिलों में सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। कई सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं और गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ा। महेंद्रगढ़ में एक छह साल की बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, शव को नारनौल भेजना पड़ा। पंचकूला सिविल अस्पताल में मरीज घंटों डॉक्टर का इंतजार करते रहे। हिसार में सड़क हादसे में घायल एक युवक को समय पर इलाज नहीं मिल सका।

धान किसानों को 4500 करोड़ से अधिक का भुगतान

धान खरीद (2025-26) : 3.15 लाख से अधिक किसानों से हुई 19.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद  योगी आदित्यनाथ सरकार का किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर जोर  धान किसानों को 4500 करोड़ से अधिक का भुगतान  धान खरीद सत्र में पंजीकृत हुए 7.83 लाख से अधिक किसान  धान बिक्री के लिए पूरे प्रदेश में स्थापित किए जा चुके हैं 4645 धान क्रय केंद्र  35 हजार से अधिक किसानों से हुई बाजरा खरीद, 421.39 करोड़ रुपये हुआ भुगतान  लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार का अन्नदाता किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर विशेष जोर है। योगी सरकार एक तरफ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए 4645 क्रय केंद्र स्थापित कर सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है तो वहीं दूसरी ओर डीबीटी के माध्यम से किसानों को सीधे अकाउंट में पैसे भी भेज रही है। आंकड़ों पर ध्यान दें तो 3.15 लाख से अधिक किसानों से 19.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है। इसके एवज में किसानों को 4500 करोड़ से अधिक का भुगतान भी किया जा चुका है। यही नहीं, बाजरा बिक्री करने वाले 35 हजार से अधिक किसानों को 421.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में ‘श्रीअन्न’ की खरीद पहली अक्टूबर से हो रही है। पहली अक्टूबर से पश्चिम उत्तर प्रदेश व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद हो रही है।  पिछले सत्र से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण  योगी सरकार साल दर साल अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 13 दिसंबर तक 6.70 लाख किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, जबकि 2025-26 में अब तक यह आंकड़ा 7.83 लाख से अधिक है। बाजरा बिक्री के लिए पिछले वर्ष इस अवधि तक 21630 किसानों का पंजीकरण हुआ था, जो इस वर्ष में 80 हजार से अधिक हो गया है। वहीं ज्वार व मक्का में भी पंजीकरण बढ़ गया। ज्वार बिक्री के लिए पिछले साल 12 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था, इस साल 16 हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है। बाजरा खरीद 33 व ज्वार खरीद 11 जनपदों में हो रही है।  धान किसानों को 4500 व बाजरा किसानों को 421 करोड़ से अधिक का भुगतान खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धान की बिक्री, किसानों को भुगतान, क्रय केंद्र की व्यवस्था आदि को लेकर निरंतर समीक्षा बैठक कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को समय से भुगतान करने का निर्देश दिया है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक 3.15 लाख किसानों से 19.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है। इस एवज में यूपी के किसानों को 4541.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब तक 4645 क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं। वहीं ‘श्रीअन्न’ की बात करें तो बाजरा किसानों को 421.39 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, पिछले वर्ष इस अवधि तक 187.98 करोड़ रुपये भुगतान हुआ था। सीएम योगी की मॉनीटरिंग से इस वर्ष किसानों को तेजी से भुगतान किया जा रहा है।  31 दिसंबर तक होगी ‘श्रीअन्न’ की खरीद  ‘श्रीअन्न’ की खरीद पहली अक्टूबर से शुरू हुई थी, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। श्रीअन्न के अंतर्गत बाजरा 33, मक्का 25 व ज्वार खरीद 11 जनपदों में हो रही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी व पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी तक धान खरीद होगी। धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 व (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये प्रति कुंतल, बाजरा का 2775 व मक्का का 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

पंकज चौधरी ने भरा यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद का नामांकन, योगी–केशव का मिला समर्थन

लखनऊ   उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 18वें अध्यक्ष के चुनाव के लिए चल रही अटकलों पर आज उस वक्त विराम लग गया, जब केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पंकज चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया। संगठन चुनाव प्रभारी महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि पंकज चौधरी ने चार सेट में अपना नामाकन पत्र दाखिल किया है। इन पर योगी आदित्यनाथ और कैशव मौर्य के अलावा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना और बेबी रानी मौर्य बतौर प्रस्तावक हस्ताक्षर किए हैं। पार्टी के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल करने का दिन था। सुबह से ही लखनऊ स्थित बीजेपी मुख्यालय पर गहमागहमी रही। शनिवार सुबह तक दिल्ली में रहे पंकज चौधरी लखनऊ पहुंचे और वहां से पार्टी कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र भरा। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और महेंद्र नाथ पांडेय पहले से मौजूद रहे। विनोद तावड़े की उपस्थिति में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री जैसे शीर्ष नेताओं के प्रस्तावक बनने से यह साफ हो गया है कि पंकज चौधरी का नाम केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सर्वसम्मति से तय किया गया है। पंकज चौधरी की ताजपोशी क्यों अहम पंकज चौधरी महाराजगंज से सात बार के अनुभवी सांसद हैं और कुर्मी (OBC) समुदाय से आते हैं। उनकी ताजपोशी के पीछे पार्टी की गहरी राजनीतिक रणनीति है। पंकज चौधरी को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने विपक्ष खासकर सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट करेगी और प्रदेश में ओबीसी वोट बैंक पर अपनी पकड़ और मजबूत करेगी। ओबीसी नेता को सौंपकर पार्टी ने सत्ता और संगठन के बीच जातीय संतुलन को प्रभावी ढंग से साध लिया है। पूर्वांचल पर फोकस पंकज चौधरी का मजबूत आधार पूर्वांचल है, जो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए निर्णायक क्षेत्र है। पूर्वांचल में ही लोकसभा चुनाव के दौरान सपा को बड़ी जीत मिली थी। ऐसे में पंकज चौधरी के जरिए सपा बड़ा दांव खेला गया है। कल होगी औपचारिक घोषणा संगठन चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। चूंकि नामांकन केवल पंकज चौधरी ने ही किया है और उन्हें शीर्ष नेतृत्व का समर्थन प्राप्त है, इसलिए उनका निर्विरोध निर्वाचन होना तय है। पंकज चौधरी की ताजपोशी से प्रदेश भाजपा में एक नए युग की शुरुआत होगी, जिसकी सीधी चुनौती 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए बड़ी जीत हासिल करना होगा।  

महासमुंद : धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था पर तीन प्राधिकृत अधिकारी पद से पृथक

महासमुंद जिला महासमुंद में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में 12 दिसंबर को कलेक्टर लंगेह द्वारा धान खरीदी केंद्र मोंगरापाली एवं धान खरीदी केंद्र गांजर का निरीक्षण किया गया। वहीं 11 दिसंबर को धान खरीदी केंद्र केवां का भी निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान तीनों धान खरीदी केंद्रों में गंभीर अव्यवस्था पाई गई। धान की स्टेकिंग सुव्यवस्थित तरीके से नहीं की गई थी, जिससे खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसके साथ ही नए एवं पुराने बारदानों में समिति का मार्का एवं स्टेंसिल भी निर्धारित मानकों के अनुसार सही तरीके से अंकित नहीं पाया गया। मिलर द्वारा प्रदाय किए गए बारदानों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित मोंगरापाली के प्राधिकृत अधिकारी गुलशन बघेल, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित गांजर के प्राधिकृत अधिकारी पुनितराम सिन्हा तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित रिसीकेला के प्राधिकृत अधिकारी नेपाल साहू को उनके पद से पृथक करने की कार्यवाही की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि धान खरीदी केंद्रों में शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। धान की स्टेकिंग, बारदानों की गुणवत्ता एवं मार्किंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुष्य मित्र भार्गव बने अखिल भारतीय महापौर परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सूरत में पद ग्रहण

इंदौर  मध्य प्रदेश मेयर काउंसिल के प्रदेशाध्यक्ष इंदौर मेयर पुष्य मित्र भार्गव को राष्ट्रीय स्तर पर अखिल भारतीय महापौर परिषद में महत्पूर्ण पद मिला है। वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने है।उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सर्वानुमति से सौंपी गई है। वे शनिवार को गुजरात के सूरत में होने वाली राष्ट्रीय बैठक में इस पद की शपथ लेंगे।अखिल भारतीय महापौर परिषद की 116वीं कार्यकारिणी बैठक 13 व 14 दिसम्बर को सूरत में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में देशभर के महापौर हिस्सा लेने सूरत पहुंचे है।इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी इसमें शामिल के लिए सूरत पहुंचे है। भार्गव मध्य प्रदेश से अकेले मेयर है, जो राष्ट्रीय स्तर की कार्यकारिणी में शामिल हुए है। बैठक के दौरान राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय संगठन को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही परिषद के प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण और आगे महापौरों के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में देशभर के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।जिनमें पूर्व मंत्री एवं परिषद के पूर्व पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वर्ष 2003 में भारतीय महापौर परिषद के अध्यक्ष रह चुके है। इंदौर में दो बार राष्ट्रीय स्तर का मेयर सम्मेलन भी हो चुका है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश: दो वर्षों में छत्तीसगढ़ ने देखा विकास और स्थिरता का नया दौर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे होने पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय केवल शासन का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का रहा। उन्होंने बताया कि इन दो वर्षों में सरकार ने हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों तक विकास की किरण पहुँचाने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री का संदेश:  प्रिय छत्तीसगढ़वासी भाइयों और बहनों, जय जोहार आज जब मैं सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे कर रहा हूँ, तो मन अपार भावनाओं से भर गया है। यह दो वर्ष मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष रहे , क्योंकि यह समय केवल शासन का नहीं, सेवा और समर्पण का था। आपके साथ चलने का, आपकी मुस्कान में अपने दायित्व का प्रतिबिंब देखने का अवसर मिला। इन दो वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के हर कोने में विकास का दीप जलाने की कोशिश की है। हमने किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाईं, जिससे उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिल सके। युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियों, प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए। आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया जिससे विकास की रोशनी उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ पहले उम्मीदें धुंधली थीं। हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान की दिशा में नए कदम उठाए गए ताकि हर घर में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का वातावरण बने। इन सभी प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि शासन अब जनता के द्वार पर है। प्रशासन और लोगों के बीच जो दूरी कभी रही, वह अब सहभागिता में बदल रही है। मुझे गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास और स्थिरता के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। भविष्य के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में हम शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास पर और तीव्र गति से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है ऐसा छत्तीसगढ़, जो आत्मनिर्भर हो, जहाँ हर युवा को अवसर मिले, किसान को गर्व हो और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि उसका शासन उसके साथ खड़ा है।* प्रिय जनों, यह यात्रा अभी लंबी है और मंज़िल बड़ी। मैं आप सबसे यही अपेक्षा करता हूँ कि इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, अपने परिश्रम और अपने विश्वास से हमारा मार्ग रोशन करते रहें। आपकी आस्था ही हमारी शक्ति है, और आपका सहयोग ही छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की गारंटी। – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

सूरजपुर : समग्र शिक्षा एवं पीएमश्री निर्माण कार्य की समीक्षा संपन्न, सीईओ ने लापरवाह एजेंसी को दी सख्त चेतावनी

सूरजपुर कलेक्टर श्री एस जयवर्धन के निर्देश पर जिले के पीएमश्री एवं समग्र शिक्षा के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र सिंह पाटले के अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में संपन्न हुई। सभी निर्माण एजेंसी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेड़ा, गृह निर्माण मंडल, जनपद पंचायत, नगर पालिका के अधिकारी  एवं बीआरसीसी उपस्थित हुए। समग्र के 65प्रगतिरत एवं 15 नॉट स्टार्ट निर्माण कार्य, पीएम श्री के 40 ले आउट/प्रगतिरत निर्माण कार्य स्कूलवार, जनपद पंचायतवार एवं एजेंसीवाइस एक एक कार्यों की समीक्षा की गई। सीईओ ने स्कूलों के बायो, फिजिक्स एवं केमेस्ट्री लैब का अभी तक पूर्ण नहीं होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए निर्माण की गति धीमी होना पाए जाने पर  गहरी नाराजगी जताया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सख्त लहजे में चेतावनी  देते हुए कहा कि समय सीमा पर कार्य नहीं करने वाले संबंधित ठेकेदारों को काम से हटाने एवं ब्लेक लिस्ट करें। डीएमसी समग्र शिक्षा सूरजपुर ने बताया कि छः माह पूर्व ही संबंधित एजेंसियों को 40से 50 प्रतिशत राशि दिया जा चुका है।विदित हो कि राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा से स्कूलों के सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के लिए जिलों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि इसका लाभ छात्रों को जल्द से जल्द मिल सके।