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मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी की कीमतें अब AI और संपदा टू सर्वे से होंगी निर्धारित

 भोपाल  मध्य प्रदेश में नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, इसके लिए एआई व संपदा टू सॉफ्टवेयर की मदद से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे में पता लगाया जा रहा है कि किस जिले में कहां पर अधिक दाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसी डाटा के आधार पर ही प्रापर्टी के दाम तय किए जाएंगे। बता दें कि अभी ऑनलाइन माध्यम से सर्वे किया जा रहा है, इसके बाद राजस्व व पंजीयन अधिकारी जमीनी स्तर पर भी उन क्षेत्रों का सर्वे करेंगे, जहां पर तेजी से प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जा रही है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के महानिरीक्षक पंजीयन ने आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत फरवरी तक जिला मूल्यांकन समितियों को गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजना है। सैटेलाइट इमेज निकाली जा रही अधिकारी खंगाल रहे डाटा सभी जिलों में कलेक्टर गाइडलाइन तय करने के लिए राजस्व अधिकारी और सब रजिस्ट्रार पिछले पांच वर्ष का डाटा खंगाल रहे हैं। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि किन क्षेत्रों में बढ़ी हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। उन क्षेत्रों की सैटेलाइट इमेज निकाली जा रही है, जिससे यह पता लग सके कि वहां सिर्फ जमीन की खरीद-फरोख्त हुई है या फिर वहां पर निर्माण कार्य भी हुआ है। बता दें कि अभी तक दरें तय करने के लिए रजिस्ट्रियों को ही आधार बनाया जाता था, लेकिन अब इसके साथ सेटेलाइट इमेज, एआइ और फील्ड रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है। अत्यधिक दरों पर हुईं चार लाख रजिस्ट्रियां मध्य प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग चार लाख रजिस्ट्रियां कलेक्टर गाइडलाइन की तय दरों से अधिक पर हुईं। खरीदारों ने एक से 30 प्रतिशत दाम बढ़ाकर अत्यधिक दरों पर रजिस्ट्रियां कराईं थीं। रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख जगह ऐसी हैं, जहां सरकार द्वारा निर्धारित दाम से अधिक पर रजिस्ट्री की संख्या बढ़ी है। सर्वे करने में इन तकनीकों की ली जा रही है मदद     कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) – इसकी मदद से यह पता लगाने में आसानी होगी कि एक प्रमुख स्थान या क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में कितना विकास कार्य हुआ है। उसी को दरें बढ़ाने के लिए आधार बनाया जाएगा।     सैटेलाइट इमेज – इसकी मदद से क्षेत्र का वास्तविक चित्र सामने आ जाएगा कि वहां पर खाली जमीन है या फिर बड़ी मात्रा में भवन निर्माण हुआ है। कितनी सड़कें बनाई गई हैं और किन क्षेत्रों से जुड़ रहीं हैं।     फील्ड रिपोर्ट – सभी जिलों के पंजीयकों द्वारा तैयार की गई फील्ड रिपोर्ट गाइडलाइन तय करने के लिए प्रमुख आधार रहती है। इससे स्पष्ट होगा कि उक्त क्षेत्रों में तय दरों से कितनी अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया जाना है     मध्य प्रदेश के सभी जिला पंजीयकों को नई कलेक्टर गाइडलाइन की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए प्राथमिक तौर पर सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। – अमित तोमर, महानिरीक्षक, पंजीयन मप्र  

राबड़ी देवी की याचिका पर कोर्ट सख्त, आईआरसीटीसी मामले में 9 दिसंबर को अगली सुनवाई

नई दिल्ली आईआरसीटीसी घोटाला मामले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी को शनिवार को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। राबड़ी देवी ने स्पेशल जज विशाल गोंगने (जो इस मामले की नियमित सुनवाई कर रहे हैं) को हटाकर किसी दूसरे जज की बेंच में केस ट्रांसफर करने की मांग की थी। राबड़ी देवी की मांग पर अदालत में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में इस ट्रांसफर याचिका पर अगली सुनवाई अब 9 दिसंबर (मंगलवार) को होगी। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान राबड़ी देवी के वकील ने जज विशाल गोंगने पर गंभीर आरोप लगाए। वकील का दावा था कि जज पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और जून 2026 तक जल्दबाजी में फैसला सुना देने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा कि जज कई कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं। वकील ने यह भी कहा कि आरोप तय करने के समय उनके मुवक्किल को चुनाव के बीच दिल्ली बुलाया गया, जिससे उन्हें भारी असुविधा हुई। जज द्वारा आरोप तय करने के आदेश के तरीके पर भी सवाल उठाए गए। राबड़ी देवी के वकील ने दलील दी कि इस मामले में कुल 103 आरोपी हैं, जिनमें ज्यादातर पटना सहित दूर-दराज के इलाकों से हैं। इनकी परेशानियों पर कोर्ट ध्यान नहीं दे रहा। शुक्रवार को एक आरोपी कोर्ट नहीं आ सका तो सीबीआई ने तुरंत जमानत रद्द करने की मांग शुरू कर दी। वकील का कहना था कि लालू परिवार को विशेष रूप से टारगेट किया जा रहा है। इस मामले के एक अन्य आरोपी, सुजाता होटल्स के मालिक विनय कोचर ने भी राबड़ी देवी की ट्रांसफर याचिका का समर्थन किया और सहमति जताई। जांच एजेंसी के अनुसार, लालू यादव पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आईआरसीटीसी के कई अधिकारियों की मिलीभगत से कोचर ब्रदर्स को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। इसके एवज में पटना स्थित एक कीमती भूमि को कोचर ब्रदर्स ने एक ऐसी कंपनी को बेच दिया जो लालू प्रसाद यादव के करीबी और राजद के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता से जुड़ी थी। यह जमीन मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (डीएमसीपीएल) के नाम से खरीदी गई थी, जिसे बाद में लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी के नाम से परिवर्तित कर दिया गया। यह कंपनी लालू परिवार के हित में संचालित की जा रही थी और अंततः इस संपत्ति का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी प्रसाद यादव के हाथों में चला गया।

बुढ़ापा पेंशन के नियम बदले: हरियाणा में अब घर बैठे पूरा होगा काम, सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत खत्म

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार द्वारा हर वर्ग के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही है। सरकार द्वारा बुजुर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और रोजमर्रा के खर्चों को निपटाने के लिए वृद्धावस्था सम्मान पेंशन योजना को शुरु किया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता मुहैया कराना है। सरकार द्वारा इस योजना के तहत, पात्र पाए जाने वाले आवेदकों को फिलहाल हर महीने 3000 रुपये की पेंशन राशि दी जाती है, जिसे बढ़ाकर अब 3200 रुपये कर दिया गया है। यह राशि उनके बैंक खातों में हर महीने भेज दी जाती है। इस राशि को आवेदक अपनी सहूलियत के हिसाब से बैंक में जाकर निकलवा सकते हैं।   पेंशन योजना के लाभ लेने के लिए बुजु्र्गों को कहीं पर आवेदन करने की जरूरत नहीं है। पहले वृद्धावस्था पेंशन की प्रक्रिया काफी लंबी होती थी। लेकिन अब प्रदेश के बुजुर्गों को पेंशन उनकी फैमिली आईडी में दर्ज उम्र के हिसाब अपने आप बन जाती है। पेंशन की रकम आवेदकों के परिवार पहचान पत्र में दर्ज बैंक खातों में हर महीने डाल दी जाती है।

पंजाब में आंदोलन की आहट: 14 गांवों की पंचायतों ने किया रोड जाम का ऐलान, 10 दिसंबर को ठप रहेगा यातायात

मोहाली  नगर निगम की सीमाओं के विस्तार के फैसले के विरोध में 14 गांवों की पंचायतों ने गांव मौली बैदवाण में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया। पंचायतों ने साफ कहा कि सरकार ने पंचायतों से बिना सलाह लिए गांवों को निगम में शामिल कर एक तानाशाही आदेश जारी किया है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नोटिफिकेशन वापस नहीं लेती, तो वे 10 दिसंबर को हलके के सभी गांवों की पंचायतों को साथ लेकर एयरपोर्ट रोड जाम करेंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने का भी फैसला किया। पंचायतों ने आरोप लगाया कि निगम में शामिल होने से गांवों पर अनावश्यक टैक्सों का बोझ बढ़ेगा और ग्रामीण बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। सरपंचों ने कहा कि विकास के नाम पर गांवों की जमीन और अधिकार छीने जा रहे हैं। यदि गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया, तो घर टैक्स, पानी और सीवरेज टैक्स का सीधा बोझ गांववासियों की जेबों पर पड़ेगा। अभी तक पंचायतों द्वारा दी जाने वाली कई सेवाएं मुफ्त या बेहद कम कीमत पर मिलती थीं, लेकिन निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और सफाई शुल्क काफी बढ़ जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मटौर गांव को 30 साल पहले नगर निगम में शामिल किया गया था, लेकिन आज भी वहां सफाई व्यवस्था खराब है, कई इलाकों में सीवरेज ओवरफ्लो होता है और बरसाती पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। अन्य गांवों में भी यही स्थिति है। सरपंचों ने कहा कि गांवों के लोग डेयरी फार्मिंग से अपना घर चलाते हैं, लेकिन निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद पशु रखने पर रोक लग जाएगी, जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी। आजादी के 7 दशक बाद भी कई गांवों में कच्चे घर हैं। पंचायत की ओर से उन्हें घर बनाने के लिए मिलने वाली ग्रांट भी निगम में शामिल होने के बाद बंद हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गांवों को अपने साथ जोड़कर करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। इसी संबंध में वे विधायक कुलवंत सिंह से भी मिले, जिन्होंने आश्वासन दिया कि 2 दिनों में मसले का समाधान किया जाएगा, अन्यथा पंचायतें अदालत जाएंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौली बैदवाण के सरपंच गुरसेवक सिंह, संभालकी के गौरव शर्मा, बल्लोमाजरा के गुरजिंदर सिंह, नानूमाजरा के संदीप सिंह, बलौंकी के सतनाम सिंह, चप्पड़चिड़ी कलां के जस्स हुंदल, चिल्ला के अमेरिक सिंह, रुड़का की किरणदीप कौर, चप्पड़चिड़ी खुर्द की हरजीत कौर, लांडरा के जसप्रीत सिंह, कम्बाला के अजीत संधू, लखनौर की कुलदीप कौर और नानूमाजरा के पलविंदर सिंह मौजूद थे। 

महापुरूषों के नाम पर भोपाल में विभिन्न मार्गों पर बनेंगे 9 द्वार

भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, सम्राट अशोक और विक्रमादित्य के नाम पर होंगे द्वार मुख्यमंत्री ने निर्वाण दिवस पर संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर का किया स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुत किया है विकास का नया मॉडल : विधायक श्री शर्मा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के दो साल पर हुआ नागरिक अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजधानी के गौरवशाली अतीत को निखारने के लिए सभी समन्वित आवश्यक प्रयास पूरी प्रतिबद्धता के साथ किए जाएंगे। महान प्रतापी राजा भोज के शासन के एक हजार साल पूर्ण होने पर भोज-नर्मदा द्वार का भूमि-पूजन किया गया था। राजधानी में महान चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य के शासन के दो हजार साल पूर्ण होने पर उनके नाम पर बनने वाले द्वार का भूमि-पूजन किया जायेगा। भोपाल में महापुरूषों के नाम पर विभिन्न मार्गों पर 9 भव्य द्वार बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये बात शनिवार को समत्व भवन में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के निर्वाण दिवस पर स्मरण करते हुए कहा कि आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में 'चाय वाला' प्रधानमंत्री और 'गाय वाला' मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत के साथ विकास का कार्य निरंतर तेज गति से जारी है। राजधानी में निर्मित होने वाले भव्य द्वार विभिन्न महापुरूषों और उनकी विरासत को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं, काशी का भी आनंद उसमें जुड़ा है और महाकाल में महालोक छाया हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की है। आचार्य सांदीपनि का आश्रम मध्यप्रदेश की धरोहर है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता, अमीर और गरीब की मित्रता का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है। मध्यप्रदेश की धरती से सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का अद्भुत मॉडल सभी के लिए प्रस्तुत किया। आज सम्राट विक्रमादित्य सुशासन के लिए पूरे संसार में जाने जाते हैं। सम्राट अशोक और विश्व प्रसिद्ध धरोहर सांची को जीवंत करते द्वार बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौमाता का प्रमुख स्थान है। गाय स्वयं के बच्चों के साथ हम सभी का पोषण भी करती है, इसीलिए वह 'माता' के रूप में पूजी जाती है। वह अपने आंचल में ममता लिए सबका कल्याण करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला का संचालन करने वालों को सरकार सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। गौमाता की रक्षा और सुरक्षा के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। गौपालन के लिए भी सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों का मुख्यमंत्री निवास में स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास कार्यकर्ताओं का घर है। उन्होंने विधायक श्री शर्मा और नागरिकों का श्रीराम दरबार भेंट करने पर आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के 2 साल पूर्ण होने के अवसर पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया। विकास एवं विरासत के दो साल विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। इसमें विरासत के साथ विकास का अद्भुत और अद्वितीय संगम समाहित है। मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन के रहने वाले डॉ. यादव, सम्राट विक्रमादित्य की तरह ही सुशासन की परम्परा के सच्चे वाहक हैं। उनके नेतृत्व में विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया गया है। राजा भोज की राजधानी को गौरव प्रदान किया गया है। अब राजा भोज के शहर भोपाल में प्रवेश करते ही लोगों को सांस्कृतिक वैभव के दर्शन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोज-नर्मदा द्वार का पहले भूमिपूजन किया अब दो वर्ष पूर्ण होने पर 13 दिसम्बर को विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अब भोपाल से मुम्बई, दिल्ली, बेंगलुरू और अन्य शहरों के लिए विमान सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हुजूर विधानसभा क्षेत्र में निर्मित होने वाले भव्य द्वारों का स्वरूप अलग-अलग होगा। सभी में भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक दिखाई देगी। समारोह में श्री राहुल कोठारी, श्री तीरथदास सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि मौजूद थे। प्रमुख बिंदु     भोपाल में महापुरूषों के नाम पर विभिन्न मार्गों पर 9 भव्य द्वार बनेंगे।     आज संसार के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में 'चाय वाला' प्रधानमंत्री और 'गाय वाला' मुख्यमंत्री है।     विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास का नया मॉडल मध्यप्रदेश में प्रस्तुत किया।     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत के साथ विकास का कार्य निरंतर तेज गति से जारी है।     राजधानी में निर्मित होने वाले भव्य द्वार विभिन्न महापुरूषों और उनकी विरासत को प्रस्तुत करेंगे।     अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं, काशी का भी आनंद उसमें जुड़ा है और महाकाल में महालोक छाया हुआ है।     आचार्य सांदीपनि का आश्रम मध्यप्रदेश की धरोहर है।     भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता, अमीर और गरीब की मित्रता का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।     मध्यप्रदेश की धरती से सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन का अद्भुत मॉडल सभी के लिए प्रस्तुत किया। सनातन संस्कृति में गौमाता का प्रमुख स्थान है। गाय स्वयं के बच्चों के साथ हम सभी का भी पोषण करती है, इसीलिए वह 'माता' के रूप में पूजी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सरकार के 2 साल पूर्ण होने के अवसर पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के नागरिकों के साथ में फोटो क्लिक करवाए।

पंजाब को आर्थिक संजीवनी? AAP सांसद मलविंदर सिंह कंग ने केंद्र से मांगा ₹50 हजार करोड़ का पैकेज

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद केंद्र की BJP सरकार द्वारा की जा रही घोर उपेक्षा और भेदभाव को संसद में बेनकाब किया है। AAP सांसद मलविंदर सिंह कंग ने बुधवार को लोकसभा सत्र के दौरान पंजाब में हुए भारी नुकसान का मुद्दा उठाया और BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल ₹50,000 करोड़ का विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग की। आनंदपुर साहिब से सांसद कंग ने सीधे तौर पर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित छह जिलों के 2,500 गाँवों को दो महीने बीत जाने के बाद भी केंद्र से एक रुपया भी नहीं मिला है। सांसद कंग ने सदन को बताया कि कुछ महीने पहले पंजाब में आई भयंकर बाढ़ ने लगभग 2,500 गाँवों को पूरी तरह तबाह कर दिया है और 5 लाख एकड़ से अधिक फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे गंभीर असर सीमावर्ती (बॉर्डर) जिलों में पड़ा, और याद दिलाया कि ये वही जिले हैं जिनके लोगों ने 'ऑपरेशन संदूर' के दौरान भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की लड़ाई लड़ी थी। कंग ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और भारत सरकार के तमाम मंत्री बाढ़ के बाद पंजाब का दौरा करने आए, लेकिन दो महीने बाद भी इन छह जिलों के लोगों को दोबारा पैरों पर खड़ा करने के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्र की दोहरी नीति पर सवाल उठाया: "जब बिहार में चुनाव होते हैं तो आप ₹50,000 करोड़, ₹70,000 करोड़ और यहाँ तक कि ₹90,000 करोड़ के पैकेज की बोलियाँ लगाते हैं।" उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब, जिसने देश की आज़ादी की लड़ाई में और देश के अन्न भंडार को भरने में सबसे बड़ा योगदान दिया, उसे संकट के समय अकेला छोड़ दिया गया है। उन्होंने इसे "सबसे बड़ा भेदभाव" बताया और इसके लिए BJP सरकार को जिम्मेदार ठहराया। सांसद कंग ने हरियाणा और राजस्थान की सरकारों की भी आलोचना की, जो पंजाब के पानी का हिस्सा मांगती हैं, लेकिन आपदा के इस समय में पंजाब का साथ देने में विफल रहीं। AAP सांसद ने BJP सरकार से तत्काल ₹50,000 करोड़ का विशेष पैकेज जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह राशि पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए, जिनके घर, अस्पताल, सड़कें और पूरा बुनियादी ढांचा नष्ट हो गया है, और जिनकी 5 लाख एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं हैं, बेहद ज़रूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फंड खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने और खुद का पुनर्वास करने में मदद करेगा, जो राष्ट्र के लिए लड़ते हैं। AAP सरकार इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी और केंद्र को पंजाब का हक़ देना ही होगा।

अधिकारियों की अनदेखी पर मेयर का फूटा गुस्सा, मंत्री पंवार के समक्ष रखी पीड़ा

हिसार  हिसार में बीते दिन शुक्रवार को ग्रीवांस कमेटी की बैठक हुई। बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार पहुंचे। जहां उन्होंने समस्याएं सुनी। शहर की महाबीर कॉलोनी में 2 साल से लीक सीवरेज समस्या का परिवाद सामने आया। परिवादी ने कहा कि यहां सीवरेज लाइन पुरानी है और लंबे समय से लीक है। कई बार मेयर प्रवीण पोपली को भी अवगत करवाया जा चुका है। बैठक में मौजूद मेयर प्रवीण पोपली ने कहा कि परिवादी बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। यह समस्या यहां लंबे समय से है।  जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गुमराह कर रहे हैं। अफसरों को 20 बार फोन करो तब भी नहीं सुनते हैं। जनता के सामने हमें सुनना पड़ता है। एसई जनस्वास्थ्य विभाग ने कहा कि महाबीर कॉलोनी सीवरेज लाइन की रिपेयर के लिए टेंडर कर दिया है, लेकिन इसके स्थाई समाधान के लिए लाइन को बड़ा करना होगा, इसे अमरुत प्रोजेक्ट के तहत रिप्लेस करने के लिए प्रपोजल हाई पावर परचेज कमेटी के पास भेजा हुआ है।

राजभवन की नई पहचान: पंजाब में बदला नाम, अब ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा

चंडीगढ़ पंजाब के राजभवन को अब से लोक भवन पंजाब के नाम से जाना जाएगा। मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स की ओर से पंजाब राजभवन को नाम बदलने को लेकर 25 नवंबर को पत्र प्राप्त हुआ था। राज्यपाल  गुलाब चंद कटारिया ने “राज भवन” से “लोक भवन” में देशभर में हो रहे परिवर्तन का स्वागत किया. प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू गवर्नर पंजाब विवेक प्रताप सिंह की ओर से इस संबंध में वीरवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब राजभवन में आयोजित कई राज्यों के स्थापना दिवस समारोह में भी इस बदलाव को लेकर मेहमानों को जानकारी दी थी। केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास सहित कुछ अन्य आवास के नाम बदलने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद ही पंजाब राजभवन को लोक भवन पंजाब नाम दिया गया है। लोक भवन पंजाब, चंडीगढ़ में वीरवार शाम “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” पहल के तहत उत्तराखंड, झारखंड, असम और नागालैंड का स्थापना दिवस मनाया गया। राज्यपाल  गुलाब चंद कटारिया ने “राज भवन” से “लोक भवन” में देशभर में हो रहे परिवर्तन का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि ऐसा नामकरण भारत की लोकतांत्रिक भावना और जनता की भागीदारी की आत्मा को दर्शाता है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 562 रियासतों के एकीकरण और भारत को विभाजित करने की औपनिवेशिक साजिशों को विफल करने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को याद किया।    

युवाओं के लिए खुशखबरी! एमपी में 5 हजार होमगार्ड भर्ती का सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के मौके पर होमगार्ड को अनेक सौगातें देते हुए कहा कि उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर पांच हजार जवानों की भर्ती की जाएगी। राजधानी के जहांगीराबाद स्थित होमगार्ड परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने परेड की सलामी ली, उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया तथा प्रदेश में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने में होमगार्ड संगठन की भूमिका की सराहना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि होमगार्ड जवानों ने अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वाहन किया है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत प्रदेश सरकार ने 5,000 से अधिक होमगार्ड जवानों की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड के जवान कानून व्यवस्था, आपात स्थितियों के अलावा हर चुनौती में समर्पण और साहस का अद्भुत परिचय देते है। होम और गार्ड है यानी कि घर का प्रहरी है। सभी काम के लिए कार्यरत जवानों का कोई समूह है तो वह होमगार्ड है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये सिर्फ अपने आउटफिट के आधार पर पहचान बनाने वाला बल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रधर्म का भी प्रतीक है। आपदा और विपदा में अपनी भूमिका निभाने वाला समूह है। राज्य में जब भी किसी तरह की समस्या आई होमगार्ड के जवानों ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी मुस्तैदी के साथ निभाया है। बाढ़ की समय हो या कोई और आपदा, होमगार्ड के जवान अपने अभियान में जुटे रहे। अनेक लोगों का जीवन बचाने में मदद की। वहीं सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,'' प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को होमगार्ड में भर्ती हेतु बैगा, भारिया और सहरिया बटालियन पर भी हम विचार कर रहे हैं। आज होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह में परेड का निरीक्षण किया और जवानों को 'मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार' से सम्मानित किया।''

HTLS मंच से रेखा गुप्ता का संदेश: प्रदूषण पर तेजी से हो रहा काम, समाधान भी जल्द

नई दिल्ली  दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पलूशन और स्मॉग है लेकिन यह आज ही है ऐसा नहीं है। यह एक वर्षों से चली आ रही समस्या है। इसमें कई सारे फैक्टर काम करते हैं। इसको बढ़ाने में परिवहन, ओपन बर्निंग, डस्ट तमाम फैक्टर काम करते हैं। ऐसा नहीं है कि कुछ जादू की छड़ी घूमने से झटके में पलूशन खत्म हो जाने वाला है। पलूशन खत्म करना एक रेगुलर प्रॉसेस है। सीएम रेखा गुप्ता समिट 2025 में बोल रही थीं। उनसे पूछा गया कि दिल्ली से पलूशन कब खत्म होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पलूशन एक लिगेसी प्रॉब्लम है। यह बरसों बरस से चली आ रही समस्या है। दिल्ली में पलूशन बढ़ने की कई वजहें हैं। सीएम ने आगे कहा कि दिल्ली एक बड़ा शहर है जिसकी आबादी लगातार बढ़ रही है। इसी तरह पहले जो ट्रैफिक हुआ करता था आज यह उसके कई गुना ज्यादा है। पहले जितनी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ करता था आज उससे तीन गुना ज्यादा हुआ करता है। ये सारी स्थितियां लगातार चल रही हैं। पलूशन में कोई एक इनपुट काम नहीं करता है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इसमें ओपन बर्निंग भी काम करती है। इसमें डस्ट भी काम करती है। इसमें ट्रैफिक भी काम करता है। इस तरह मिलकर एक बड़ी समस्या के रूप में पलूशन बन जाता है। ऐसा भी नहीं कि आज कोई जादू की छड़ी घूम जाने से यह समस्या खत्म हो जाने वाली है। पलूशन को खत्म करने की एक सतत प्रक्रिया है। आप इस दिशा में आज कुछ करते हैं, कल उससे ज्यादा ताकत से इस पर काम करते हैं। इस तरह एक प्रक्रिया है। समिट में बोलते हुए दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने कहा कि इस तरह से बीते 10 महीनों में हमारी सरकार ने वो तमाम कदम उठाए जो जरूरी थे। हमने पलूशन खत्म करने की दिशा में वो तमाम काम किए जो पिछली सरकारों ने नहीं किए। शायद इसीलिए यह लिगेसी प्रॉब्लम के तौर पर यह समस्या आज भी हमारे सामने है। अन्यथा यह खत्म हो गई होती। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के जमाने में भी ऐसे ही पलूशन होता था।