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सुगम खाद्य आपूर्ति और सशक्त उपभोक्ता ही खाद्य विभाग की प्रतिबद्धता: गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल भारत के ओजस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन एवं मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पिछले दो वर्षों में 'खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता न्याय' के मूल मंत्र को चरितार्थ करने का अथक प्रयास किया है। हमारी यात्रा केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रही है, बल्कि हमने ऐसी व्यवस्थाओं का निर्माण किया है जो पारदर्शिता, दक्षता और जन-सरोकार पर आधारित हैं। हमने प्रदेश के करोड़ों परिवारों को न केवल सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया है, बल्कि उन्हें एक मजबूत उपभोक्ता संरक्षण कवच भी प्रदान किया है। पिछले दो वर्षों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों, नवाचारों और दूरगामी फैसलों से मध्यप्रदेश की खाद्य वितरण और उपभोक्ता न्याय प्रणाली को एक नई दिशा दी गयी है।सार्वजनिक वितरण प्रणाली का डिजिटल सशक्तिकरण राज्य की जनता के लिए एक अधिकार बन कर उभरा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली राज्य की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है। पिछले दो वर्षों में, विभाग ने पीडीएस को भ्रष्टाचार-मुक्त और 'सही हितग्राही को सही लाभ' सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व डिजिटल पहल की है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न का उपार्जन प्रदेश के किसानों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 6.05 लाख किसानों से 42.4 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन कर 9,200.18 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में 6.69 लाख किसानों से 43.52 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन कर समर्थन मूल्य राशि 1001 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया। उपार्जन अवधि में ही 14.18 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन केंद्र से सीधे मिलर्स को प्रदाय कर परिवहन हैंडलिंग व्यय की बचत की गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु 8.59 लाख किसानों का पंजीयन किया गया है, जिनसे दिसंबर 2025 से समर्थन मूल्य राशि 2369 प्रति क्विंटल की दर से धान का उपार्जन किया जाएगा। इसी तरह रवि विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित 48.38 लाख मीट्रिक टन गेहूं पर 6.13 लाख किसानों को 125 में प्रति क्विंटल की दर से 605 करोड़ तथा रबी विपणन वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित 77.74 लाख मीट्रिक टन गेहूं पर 9 लाख किसानों को 175 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1360 करोड़ राज्य सरकार द्वारा बोनस का भुगतान किया गया। ई-केवाईसी अभियान में आधारभूत सुधार हमने प्रदेश के समस्त राशन उपभोक्ताओं की पहचान को प्रमाणित करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशाल ई-केवाईसी अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रणाली से फर्जी और डुप्लीकेट नामों को हटाना तथा सुनिश्चित करना था कि केवल पात्र व्यक्ति ही रियायती राशन प्राप्त करें। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने माह दिसंबर 2023 से अभी तक 1.61 करोड़ हितग्रहियों के ई-केवाईसी किए गए हैं। अभी तक 92 फीसदी से अधिक हितग्राहियों की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। प्रदेश की 27,875 उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीन से पात्र हितग्राहियों की ईकेवायसी करने की व्यवस्था के अतिरिक्त बच्चों तथा हितग्राही द्वारा घर बैठे ईकेवाईसी करने की सुविधा भारत सरकार के "मेरा ईकेवायसी" ऐप के माध्यम से दी गई है। 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' का पूर्ण क्रियान्वयन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना को प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू किया। अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी के तहत अब मध्यप्रदेश के 30,000 उपभोक्ता देश के अन्य राज्यों से और अन्य राज्यों के 6821 उपभोक्ता मध्यप्रदेश से अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर रहे हैं। इसी प्रकार अंतर जिला पोर्टेबिलिटी से 15, 39, 384 परिवारों द्वारा अन्य दुकान से प्रतिमाह राशन प्राप्त किया जा रहा है। यह सुविधा प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। प्रदेश में विगत दो वर्ष में लगभग 17 लाख परिवारों के डाटाबेस में मोबाइल सीडिंग की गई। इस प्रकार कुल 97 प्रतिशत परिवारों की मोबाइल सीडिंग की जाकर प्रतिमाह वितरित सामग्री की सूचना के लिये एसएमएस प्रेषित किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ता द्वारा प्राप्त सामग्री का मिलान किया जा सके। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को रोकने के लिए राशन वितरण को शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित किया गया। इसने मैनुअल हस्तक्षेप को समाप्त किया और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक वितरण के बाद हितग्राही को उसके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से वितरण की जानकारी भेजी जाती है, जिससे शिकायत की संभावना नगण्य हो जाती है। इसके अलावा अगस्त 2024 से कैरी फॉरवार्ड वितरण व्यवस्था समाप्त कर आवंटन माह में ही समस्त पात्र परिवारों को पात्रतानुसार राशन वितरण कराया जा रहा है, जिससे परिवारों को समय पर सामग्री प्राप्त हो रही है। माह दिसंबर 2023 से अभी तक 91.14 लाख नवीन हितग्राहियों को जोड़कर निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण कराया गया तथा मृत/अपात्र/स्थाई रूप से पलायन करने वाले 72.94 लाख हितग्राहियों को पोर्टल से विलोपित किया गया।  

स्कूल में दहशत: दबंगों ने कक्षा में घुसकर छात्र पर हमला, वीडियो वायरल

जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बुधवार को गणित विभाग में संचालित कक्षा में कुछ युवक घुसे और एक छात्र को घसीटकर उसके साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने विभाग के गमले और दरवाजों को भी तोड़ दिया। घटना के बाद से छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल है और मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है। छात्र ने क्या कहा विश्वविद्यालय के गणित विभाग को दी शिकायत में छात्र नितेश कुमार मरकाम ने बताया कि वह विश्वविद्यालय में बीटेक फर्स्ट सेमेस्टर का छात्र है। बुधवार को सुबह के सत्र में वह क्लास अटेंड कर रहा था तभी देवेन्द छात्रावास के कुछ छात्र पहुंचे और खींचकर क्लास से बाहर निकाला गया और मेरे साथ मारपीट की गई है। इसमें मुख्य आरोपित सत्यम केवट है जबकि मौके पर उसके अन्य साथी भी थे।   डिपार्टमेंट में भी नुकसान छात्र ने इस बात का भी उल्लेख किया कि उसे मारते हुए बाहर ले जाया गया, जिससे घटना को सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने देखा है। इस दौरान डिपार्टमेंट में नुकसान भी किया गया। इस मामले में आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इस मामले में गणित विभाग के प्रमुख डॉ. जेके मैत्रा ने कहा कि छात्र नितेश ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे क्लास में पढ़ने के दौरान जबरन बाहर निकाला गया और जमकर मारपीट की गई।

24 लाख राशनकार्ड धारकों को बड़ी अपडेट: केंद्र के ताज़ा आदेश से बदलेगी वितरण प्रक्रिया

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार से मुफ्त राशन योजना के लगभग 24 लाख लाभार्थियों के भविष्य पर स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन मामलों की आगे जांच के लिए संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा में लाभार्थियों की जानकारी और उनके प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने संबंधी सवाल पूछे जाने पर खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई भंभानिया ने बताया था कि पंजाब में कुल 40,93,003 राशन कार्डों के मुकाबले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य में 1.51 करोड़ लाभार्थी दर्ज थे। वड़िंग ने मंत्री के हवाले से कहा कि 20,69,338 लाभार्थियों की e-KYC अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा सत्यापन प्रक्रिया में देरी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि दो लाख से अधिक लाभार्थियों को सूची से बाहर क्यों किया गया है, जबकि सरकार का दायित्व है कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति मुफ्त राशन का लाभ न ले पाए, और साथ ही कोई योग्य व्यक्ति इस सुविधा से वंचित भी न हो।  

ग्रामीणों का प्रदर्शन: किशनपुरा में स्कूल को ताला, व्यवस्थाओं को लेकर उठाए बड़े सवाल

चरखी दादरी  चरखी दादरी के गांव डूडीवाला किशनपुरा में वीरवार को ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्कूल में मौजूद अध्यापकों को बाहर निकाल दिया और साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, स्कूल दोबारा नहीं खुलने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में कुछ अध्यापक गुटबाजी कर माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। वे इन शिक्षकों के ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। साथ ही करीब 5–6 महीनों से स्थायी प्रिंसिपल का पद खाली है, जिस कारण स्कूल का प्रबंधन अस्त-व्यस्त चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर पहले ही मुख्यमंत्री को शिकायत भेज चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल पर ताला लगने से गांव के करीब 400 बच्चों की पढ़ाई पूर्ण रूप से बाधित हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग की उदासीनता का नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा है। सूचना मिलने पर बीईओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे बच्चों के भविष्य के लिए मजबूरन यह कदम उठा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

अपेक्स बैंक ने मुख्यमंत्री को सौंपा 4.27 करोड़ का लाभांश, सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में हुआ हस्तांतरण

भोपाल मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को सहकारिता विभाग की समीक्षा के उपरांत प्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अपेक्स बैंक के लाभांश रु. 4.27 करोड़ का चेक भेंट किया ।  इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन, नीरज मंडलोई,  प्रमुख सचिव,  माननीय मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी.आहूजा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक,  सहकारी संस्थायें मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में जल-पर्यटन का केंद्र बनेगी शिकारा सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मिलेगी एक नई पहचान पर्यटकों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने का मिलेगा मौका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में 'शिकारा नाव' सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर 'शिकारा नाव' सेवा को झंडी दिखाने के बाद यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई। शिकारे की सैर का लिया आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेगऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी। पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : वि.स. अध्यक्ष  तोमर विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है – हरियाणा वि.स. अध्यक्ष  हरविंदर शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आएं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल मती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष  रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।  

CMRS और पीएम मोदी का ग्रीन सिग्नल, भोपाल मेट्रो ट्रैक पर दौड़ेगी और 3 महीने तक किराए में छूट

भोपाल  राजधानी भोपाल के रहवासियों के लिए अच्छी खबर है. कमिश्नर इन मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने भोपाल में मेट्रो के संचालन के लिए हरी झंडी दे दी है. यानि अब एम्स साकेत नगर से सुभाष नगर डिपो तक मेट्रो के संचालन की तैयांरियां पूरी हो चुकी हैं. पहले भोपाल मेट्रो के संचालन के लिए 13 दिसंबर 2025 की तारीख तय की गई थी. लेकिन मध्य प्रदेश मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि 6.22 किलोमीटर का कारिडोर मेट्रो के संचालन के लिए तैयार है, लेकिन इसका संचालन राज्य सरकार तय करेगी. पीएम मोदी कर सकते हैं वर्चुअल शुभारंभ मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि, भोपाल मेट्रो का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल शुभारंभ कर सकते हैं. चूंकि प्रायोरिटी कारिडोर में काम पूरा हो गया है और सीएमआरएस ने भी संचालन के लिए हरी झंडी दिखा दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि दिसंबर में ही प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो का कमर्शियल रन हो सकता है. सीएमआरएस रिपोर्ट में सब कुछ ओके होने के बाद यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को दी गई है. वहीं, नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी. भोपाल मेट्रो में मैन्युअल लेना होगा टिकट मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पाेरेशन के एमडी एस कृष्णा चौतन्य ने बताया कि, ''भोपाल और इंदौर मेट्रो स्टेशन में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन का काम 186 करोड़ रुपये में तुर्की की कंपनी को दिया गया था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई करने का मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश मेट्रो ने इसका टेंडर कैंसिल करने का काम भी शुरु कर दिया है. वहीं ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन के लिए दूसरी कंपनी की तलाश की जा रही है. इसके लिए अभी टेंडर जारी किया जा चुका है. लेकिन इसमें अभी समय लग सकता है. ऐसे में भोपाल में भी मेट्रो का शुभारंभ इंदौर की तरह मैन्युअल टिकट के माध्यम से किया जाएगा.'' एक सप्ताह फ्री, 3 महीने तक छूट मेट्रो रेल कार्पाेेशन के अधिकारियों का कहना है कि इंदौर कि, तरह भोपाल मेट्रो में भी यात्रियों को पहले छूट दी जाएगी. शुभारंभ के बाद अगले एक सप्ताह तक भोपाल मेट्रो में यात्री निशुल्क सवारी कर सकेंगे. इसके बाद दूसरे सप्ताह में भी 70 प्रतिशत की छूट टिकट में दी जाएगी. जबकि तीसरे सप्ताह में 50 प्रतिशत और चौथे सप्ताह से शुभारंभ के तीन महीने तक मेट्रो के टिकट में यात्रियों को 25 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी. हालांकि इसका किराया क्या होगा. इसको लेकर कृष्णा चौतन्य का कहना है कि अभी इस पर कमेटी चर्चा कर रही है. जल्द ही इसे भी सार्वजनिक किया जाएगा. भोपाल मेट्रो में एक बार में 900 सवारी करेंगे सफर भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण में 27 ट्रेन प्रस्तावित हैं. इनमें से 9 ट्रेनों की डिलीवरी हो चुकी है. इनकी कमीशनिंग और ट्रायल का काम भी पूरा हो गया है. ये सभी मेट्रो 3 कोच वाली हैं. बाद में जरुरत के अनुसार, इनमें कोच की संख्या बढ़ाई जा सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में मेट्रो करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इसमें करीब 900 यात्री सफर कर सकेंगे. वहीं 150 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी. भोपाल मेट्रो स्टेशनों पर काम अधूरे आर्किटेक्ट और टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि, ''भले ही भोपाल मेट्रो को सीएमआरएस की हरी झंडी मिल गई है, लेकिन अभी रानी कमलापति, डीआरएम और अलकापुरी मेट्रो स्टेशनों पर फिनिशिंग समेत अन्य काम किए जा रहे हैं. ऐसे में अभी मेट्रो के संचालन में और समय लग सकता है.'' कुलश्रेष्ठ का कहना है कि, ''यदि इससे पहले मेट्रो का कामर्शियल रन शुरु भी किया जाता है, तो शुरुआत में इन मेट्रो स्टेशनों पर सवारियों को मेट्रो का लाभ नहीं मिल पाएगा.''

अजमेर-रांची-अजमेर के मध्य चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की अवधि बढ़ाई

जबलपुर  रेलवे प्रशासन द्वारा अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा हेतु संचालित अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल रेल सेवा की संचालन अवधि में 04-04 ट्रिप का विस्तार किया जा रहा है। यह गाड़ी पश्चिम मध्य रेल के सवाई माधोपुर, सोगरिया, बारां, छबड़ा गुगोर, रूठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, ब्योहारी, बरगवां एवं सिंगरौली स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जा रही है। इस रेलसेवा का संचालन समय व ठहराव यथावत् रहेगा। बड़ी हुई अवधि में स्पेशल ट्रेन की विस्तृत जानकारी निम्न है।  गाड़ी संख्या 09619/09620, अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल रेल सेवा की संचालन अवधि में अजमेर से दिनांक 05.12.25 से 26.12.25 तक (04 ट्रिप) एवं रांची से दिनांक 07.12.25 से 28.12.25 तक (04 ट्रिप) विस्तार किया जा रहा है।  यात्री सुविधा का लाभ लेते हुए स्पेशल ट्रेन के ठहराव की विस्तृत जानकारी स्टेशन, एनटीइएस या रेल मदद 139 अथवा ऑनलाइन रेलवे वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है।

नीतीश का पीएम मोदी को नमन: विधानसभा में CM ने कहा— हाथ उठाकर सम्मान दीजिए

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार को मिल रहे सहयोग का उल्लेख करते हुए गुरूवार को केंद्र सरकार की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने राज्य विधानसभा के सदस्यों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए हाथ उठाएं। उन्होंने राज्यपाल द्वारा दोनों सदनों के संयुक्त अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान यह बात कही।  लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना चुके नीतीश कुमार ने अपने “पिछले 20 वर्ष” के शासनकाल में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने 20 मिनट के भाषण के अंत में उन्होंने कहा, “राज्य के विकास के लिए हमें केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 में पेश किए गए बजट में केंद्र ने सड़कों, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण को लेकर विशेष वित्तीय सहायता दी।” उन्होंने कहा, “इसके बाद फरवरी 2025 में पेश किए गए बजट में मखाना बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, साथ ही हवाई अड्डे बनाने और पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की गई। इसी साल बिहार को खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला।” मुख्यमंत्री ने कहा, “इन सभी चीजों के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सलाम करता हूं। मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे हाथ उठाकर ऐसा करें।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई बार बिहार आए हैं और कई परियोजनाओं की शुरुआत की है।   सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “अब राज्य के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। सभी क्षेत्रों में काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।” अपनी सीट पर बैठने से पहले उन्होंने विपक्ष के सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए हाथ नहीं उठाए। उन्होंने कहा, “आप लोग ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? दो-तीन बार मैं आप लोगों के साथ हो गया था। लेकिन जब आपने शरारतें शुरू कर दीं, तो मैं अलग हो गया। अब मैं (NDA) छोड़ने वाला नहीं हूं।” यह सुनकर सदन में जोरदार ठहाके गूंज उठे। साल 1990 के दशक से भाजपा के सहयोगी रहे कुमार ने पिछले दस वर्ष में राजद–कांग्रेस गठबंधन के साथ दो बार सरकार बनाई, लेकिन दोनों बार सरकार ज्यादा समय तक नहीं चलीं। बाद में, उन्होंने विधान परिषद में भी सदस्यों से यही अपील की। कुमार विधान परिषद के सदस्य हैं। वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने नाराजगी जताई कि सभापति ने उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी।  

लापरवाही पर सख्त सरकार: 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, दो होमगार्ड और दो PRD जवानों पर होगी कार्रवाई

बरेली यूपी के बरेली शहर में नो इंट्री में घुसे ट्रक के मामले में ट्रेफिक ड्यूटी में लगे चार पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है। वहीं दो होमगार्ड, दो पीआरडी जवानों के खिलाफ कार्रावाई को विभागीय अधिकारियों को लिखा गया है। बता दें कि बरेली में बुधवार सुबह नो एंट्री में ट्रक घुसने से स्कूटी सवार दंपती को टक्कर लगी थी। इस हादसे में महिला की मौत हो गई। इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए है।  जानिए कैसे हुई घटना  पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने बताया कि बुधवार को भारी वाहन प्रतिबन्धित क्षेत्र डेलापीर तिराहा, स्टेडियम रोड पर एक ट्रक संख्या ने स्कूटी सवार दंपती को रौंद दिया था, जिसमें महिला की मौके पर हुई मृत्यु हो गयी थी। जबकि स्कूटी चालक बुजुर्ग घायल हो गए थे। इस घटना को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक यातायात की रिपोटर् के आधार पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से चार पुलिस कर्मी को निलम्बन की कार्यवाही करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित  पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नो इंट्री में ड्यूटी पर तैनात टीएसआई सतनाम सिंह, मुख्य आरक्षी सोनू कुमार, महिला मुख्य आरक्षी अंजू रानी, और आरक्षी सौरभ को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं। जबकि होमगार्ड प्रभू दयाल, होमगार्ड रामरतन, पीआरडी मान सिंह, धर्मपाल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिये जिला कमाण्डेन्ट होमगार्ड व जिला युवा कल्याण व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी, जनपद बरेली को पत्राचार किया गया।