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गीता अद्भुत और पवित्र ग्रंथ है, जीवन की सारी जिज्ञासाओं का समाधान गीता में है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता हमें कर्मवाद की शिक्षा देती है, यह मोह माया को तजकर कर्तव्य पथ को चुनना सिखाती है भगवान श्रीकृष्ण के जहाँ जहाँ चरण पड़े, उन्हें तीर्थ बनाएगी सरकार प्रदेश में गीता भवन भी बनाएंगे प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में बनकर हुआ तैयार भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ 11000 कृष्ण-मार्गियों एवं कृष्ण भक्तों ने किया एक स्वर में गीता के 15वें अध्याय का पाठ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भगवद्गीता एक अद्भुत, अनुपम और पवित्र ग्रंथ है। गीता के अध्ययन मात्र से ही मनुष्य के जीवन के सभी प्रश्नों और सभी जिज्ञासाओं का शमन (समाधान) हो जाता है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान ही सम्पूर्ण सृष्टि के समग्र ज्ञान और चेतना का मूल आधार है। योगीराज भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन को धर्म, कर्म और मर्म का वास्तविक मार्ग दिखाया है। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग, निष्काम कर्म और धर्म पालन को ही मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च मार्ग इंगित किया है। उन्होंने वीर अर्जुन को सिखाया कि लौकिक जगत में रहते हुए भी मनुष्य को अपने कर्तव्य (स्वधर्म) का पालन करना चाहिए। कर्म करते हुए भी फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। यही अलौकिक धर्म का मार्ग है, जिससे मनुष्य मोक्ष और परम शांति की ओर बढ़ता है। भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व समुदाय को कर्मयोग के जरिए ही अपने धर्म का पालन करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को गीता जंयती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान हम सबको सिखाता है कि मनुष्य के आत्मा रूपी पिंड को एक दिन अंतत: परमात्मा में ही समाहित हो जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण कर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत् शुभारंभ किया। गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण आराधना एवं आचार्यों/संतों की सन्निधि में 11000 कृष्णमार्गियों/ कृष्ण भक्तों/बटुकों/स्कूली विद्यार्थियों द्वारा एक स्वर में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सुमधुर पाठ किया गया। गीता के इस पुरूषोत्तम अध्याय के सस्वर पाठ ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत प्रोत कर दिया। धर्म, संस्कृति और तकनीक के इस अनूठे आयोजन ने गीता की शिक्षाओं को नए आयामों में प्रस्तुत किया। साथ ही समाज में गीता के मूल्यों के प्रति नई चेतना का जागरण भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी गीता पाठियों के साथ समूह चित्र खिंचवाए और उनके आह्लाद में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गीता जयंती के पावन पर्व पर ऐसा लग रहा है कि गोपाल कृष्ण हमारे आसपास ही विद्यमान हैं। बीते वर्ष लाल परेड ग्राउंड पर 3500 विद्यार्थियों ने एक साथ गीता पाठ कर अद्भुत रिकॉर्ड बनाया था। इस गीता जयंती पर प्रदेश के सभी 55 जिलों, 10 संभागों और 313 विकासखंडों में करीब 3 लाख से अधिक गीता पाठियों के 15वें अध्याय के सस्वर पाठ से अद्वितीय रिकार्ड बनेगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारने के बाद अपने जीवन में शिक्षा को सर्वोपरि रखा। भारत में 5 हजार वर्ष पहले से विद्यार्थियों के लिए गुरुकुल जाकर शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था थी। भगवान श्रीकृष्ण भी उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए और यहां पर चारों वेद, सभी उपनिषद्, 64 कलाएं और 14 विद्याएं सीखीं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता की नींव मध्यप्रदेश की धरा में स्थित इसी आश्रम में पड़ी थी। इन दोनों की मित्रता से हमें यह सीख मिलती है कि कोई कहीं भी पहुंच जाए, अपने बचपन के मित्रों को नहीं भूलना चाहिए। मित्र यदि गरीब हो, तो बिना बताए ही उसकी भरपूर सहायता कर देनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन संघर्ष और कर्मवादी रहा है। उन्होंने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा दी। मनुष्य को कर्तव्यों के निर्वहन के लिए मोहमाया और कर्म में से किसी एक मार्ग को चुनना पड़ता है। यह कर्तव्य मार्ग होता है। उन्होंने कहा कि हर प्राणी के जन्म के साथ ही उसकी मृत्यु निश्चित है। भगवान श्रीकृष्ण ने 15वें अध्याय में आत्मा और परमात्मा के माध्यम से पुरुषोत्तम ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन के हर पल से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। कर्मवाद के आधार पर भगवान को भी पृथ्वी पर मनुष्य रूप में जन्म लेना पड़ा। उन्होंने भी जीवन में सुख-दु:ख का अनुभव किया। मनुष्य को जन्म के साथ ही अपने सभी संचित, अकिंचन और अर्जित कर्मों का फल भोगना पड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रत्येक स्थान को तीर्थस्थल के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां-जहां पड़े उसे रेखांकित करते हुए 'श्रीकृष्ण पाथेय' का रूप दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सामुदायिक भवनों की आवश्यकता की पूर्ति करने वाले गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर के राजवाड़ा में बनकर तैयार है। इसका लोकार्पण किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव गृह, संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सांस्कृतिक आयोजनों को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे अर्थों में मध्यप्रदेश की कला और संस्कृति के संरक्षक हैं। गीता जयंती के अवसर पर आज उज्जैन में 11 हजार भक्तों ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ किया।  

वनडे मुकाबले से पहले अलर्ट मोड: IG-DIG ने बनाई रणनीति, 2 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा

रायपुर नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में पहली बार होने वाले अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच को लेकर तैयारियां जोरों पर है. फैंस अपने फेवरेट क्रिकेटर्स को देखने के लिए उत्साहित हैं. मैच की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को पुलिस अधिकारियों की बड़ी बैठक हुई. रायपुर रेंज आई अमरेश मिश्रा और डीआईजी गिरिजाशंकर जायसवाल की अध्यक्षता में यह बैठक हुई, जिसमें एसएसपी रायपुर समेत डीएसपी और एएसपी लेवल के अधिकारी शामिल हुए हैं. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम हैंडओवर किए जाने के बाद यह पहला मौका जब अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच होने जा रहा है. बीसीसीआई के नियमों के तहत सुरक्षा व्यवस्था लगाई जाएगी. यातायात समेत 2 हजार पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे. होटल, स्टेडियम समेत पूरे रूट पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे. कब खेला जाएगा मैच ?     मैच: भारत vs दक्षिण अफ्रीका दूसरा वनडे     तारीख: बुधवार, 3 दिसंबर 2025     स्थान: नवा रायपुर, शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम     मैच टाइमिंग: दोपहर 1:00 बजे टॉस होगा, 1:30 बजे से मैच शुरु क्यों खास है यह मुकाबला?     स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा     हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया     यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं     फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा मुकाबले में स्टेडियम हाउसफुल रहने का अनुमान मैच के लिए फैन्स की दीवानगी को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सभी टिकटें पूरी तरह बिक जाएंगी. आयोजनकर्ताओं का अनुमान है कि मुकाबले के दिन स्टेडियम खचाखच भरा होगा, और दर्शकों को बेहतरीन क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा.

हरियाणा में स्कूल बंद: सीएम सैनी की घोषणा के बाद कल सभी स्कूलों में अवकाश

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र जिले में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आज 21 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ एक मिनट के लिए वैश्विक गीता पाठ किया। इस कार्यक्रम में नायब सैनी, बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ज्योतिसर तीर्थ पर जाकर माथा टेका। यहां मुख्यमंत्री ने पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया और हवन-यज्ञ में आहुति डाली। कार्यक्रम के बाद सीएम नायब सैनी ने कल मंगलवार को कुरुक्षेत्र के स्कूलों में छुट्‌टी का ऐलान किया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गीता के अष्टादश श्लोक से पूरा आकाश गूंज उठा है। यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि भारत के साथ-साथ अनेक देशों में गीता के श्लोक गूंजे। इस गीता पाठ के केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। यह अपने आप में एक प्रार्थना भी है।

मंत्री खुशवंत का कांग्रेस पर हमला, कहा घोटालों से जीती चुनाव, शैलेश त्रिवेदी बोले – पूरा देश जान रहा वोट चोर कौन

रायपुर एसआईआर को लेकर फिर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया कि सवाल वही उठाता है, जिसके मन में खोट होता है. वे (कांग्रेस) अच्छे काम में भी सवाल उठा रहे हैं. इससे ये प्रदर्शित होता है कि आज तक उन्होंने जितने चुनाव जीते हैं, घोटाले करके जीते हैं. कांग्रेस को इसलिए डर सता रहा है कि आने वाले समय में वे घोटाले कैसे करेंगे, गलत तरीके से चुनाव कैसे जीतेंगे? जनता इनके गलत काम पहचान चुकी है, जनता भाजपा के साथ है. इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार किया है. मंत्री खुशवंत के बयान पर शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि निर्वाचन प्रक्रिया में कैसे छेड़छाड़ हो रही है, वोट चोरी हो रही है. बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए. खुद गलती करना और दोष कांग्रेस पर मढ़ना वाली स्थिति है. उन्होंने कहा कि देश में आज भाजपा की सरकार है. भाजपा नेताओं का कांग्रेस पर आरोप लगाना सबसे बेतुकी बात है. आज से बिजली बिल हाफ योजना लागू बिजली उपभोक्ताओं को आज से बिजली बिल हाफ योजना का लाभ दिया जाएगा. इसे लेकर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि आज से बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ मिलेगा, गरीब और भी आगे बढ़ेंगे. लोग पीएम सूर्यघर योजना का लाभ भी ले सकते हैं. नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को मंत्री ने बताया प्रोपोगेंडा कांग्रेस अपने नए जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देने जा रही है. इसपर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि कांग्रेस कुछ भी कर ले, जनता का विश्वास खो चुकी है. नियुक्त किए गए नाम पहले से तय थे, यह सिर्फ प्रोपोगेंडा है. जनता कांग्रेस के भ्रष्टाचार को जान चुकी है.

केंद्र ने लगाई रोक! चंडीगढ़ की अलग विधानसभा पर हरियाणा की उम्मीदों को करारा धक्का

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में हरियाणा की अलग विधानसभा बनाने का मामला आखिरकार बंद हो गया है। केंद्र ने हरियाणा को बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा सरकार के प्रस्ताव पर साफ इनकार कर दिया है। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सुझाव दिया है कि इस मुद्दे पर अब आगे कोई कदम न बढ़ाया जाए। यह फैसला ऐसे समय आया है जब केंद्र ने हाल ही में चंडीगढ़ को स्वतंत्र यूनियन टेरिटरी घोषित करने वाला 131वां शोध बिल वापस लिया था। इसे पंजाब के पक्ष में केंद्र का दूसरा बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं पंजाब के पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए कहा—“चंडीगढ़ पंजाब का है… यहां किसी और का दावा नहीं माना जा सकता।” बता दें कि 2022 में जयपुर में हुई नॉर्दर्न ज़ोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा को नई विधानसभा के लिए जमीन देने की घोषणा की थी। तो वहीं 2023 में UT प्रशासन ने IT पार्क के पास लगभग 10 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर दी थी, जिसकी कीमत करीब 640 करोड़ रुपए बताई गई। इसके बदले हरियाणा ने पंचकूला में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया, लेकिन जनवरी 2024 में UT प्रशासन ने सर्वे के बाद इसे खारिज कर दिया। रिपोर्ट में जमीन को नीचा इलाका बताया गया, जहां बीच से नाला गुजरता है और कनेक्टिविटी भी कमजोर है। लंबी चर्चा के बाद केंद्र ने साफ कर दिया कि मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और मंत्रालय इसमें रुचि नहीं रखता। गौरतलब है कि जैसे ही हरियाणा का प्रस्ताव आगे बढ़ा था, पंजाब सरकार ने खुलकर इसका विरोध किया। AAP विधायक गुरलाल घनौर ने कहा, “चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है, नई विधानसभा के निर्माण की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी।”  

ट्रैक पर इंसानियत: लोको पायलट ने गिद्धों को बचाने कम की ट्रेन की रफ्तार

जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी जिसने रेलवे के लोको पायलट की मानवता और वन्यजीव प्रेम की मिसाल कायम कर दी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई जोधपुर-जैसलमेर स्वर्णनगरी एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ट्रेन की रफ्तार इसलिए धीमी कर दी, क्योंकि रेलवे ट्रैक के ठीक किनारे दुर्लभ भारतीय गिद्धों का एक बड़ा झुंड मृत मवेशी को अपना निवाला बना रहा था। गिद्धों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने न सिर्फ ट्रेन धीमी की, बल्कि लगातार हॉर्न बजाकर उन्हें सुरक्षित उड़ान भरने का मौका दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद देशभर के पर्यावरण प्रेमी, पक्षी विशेषज्ञ और आम लोग लोको पायलट की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दरसअल शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे लाठी स्टेशन से कुछ किलोमीटर आगे पोकरण-जोधपुर रेलखंड पर यह घटना हुई। पटरियों के बिल्कुल पास एक मृत गाय पड़ी थी। मृत गाय पर करीब 50-60 भारतीय गिद्ध जमा थे जो अपना भोजन कर रहे थे। गिद्धों की प्रजाति पहले से ही लुप्तप्राय घोषित है और राजस्थान का थार मरुस्थल इनके अंतिम गढ़ों में से एक है। अचानक तेज रफ्तार ट्रेन देखकर गिद्ध भयभीत हो सकते थे और कई की जान जा सकती थी। लेकिन ट्रेन के लोको पायलट ने दूर से ही स्थिति को भांप लिया। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन की गति कम की और लंबे-लंबे हॉर्न बजाने शुरू कर दिए। हॉर्न की तेज आवाज सुनकर गिद्ध एक-एक कर आकाश में उड़ने लगे। करीब दो-तीन मिनट तक हॉर्न बजता रहा और जब सारे गिद्ध सुरक्षित उड़कर दूर चले गए, तब जाकर ड्राइवर ने ट्रेन आगे बढ़ाई। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों ने पूरा दृश्य अपने मोबाइल में कैद कर लिया। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे गिद्ध शांतिपूर्वक उड़ रहे हैं और ट्रेन रुकी हुई है। लाठी की इस घटना ने न सिर्फ एक लोको पायलट की संवेदनशीलता को सलाम किया है, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने के लिए हमें कितने छोटे-छोटे कदम उठाने पड़ सकते हैं।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य का संभल में प्रवचन: कल्कि अवतार और सतयुग पर बड़ा वक्तव्य

संभल अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक और विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भगवान कल्कि के अवतार लेने के बाद सतयुग का आरंभ होगा और उसमें केवल सनातनी ही रहेंगे. टीवी9 डिजिटल से बात करते हुए जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान कल्कि के अवतार के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा. थोड़ी देर लगेगी, लेकिन भगवान विष्णु के 10वें और अंतिम कल्कि अवतार के साथ सतयुग का आरंभ होगा. अगर मुसलमानों की कन्वर्ट होने की इच्छा नहीं हुई तो? जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि संभल में कल्कि पुराण व्याख्यान का आयोजन हो रहा है. विश्व में पहली बार कल्कि भगवान की कथा हो रही है. सतयुग की अवधारणा में कौन-कौन रहेंगे, क्या उसमें मुसलमानों सिख और ईसाइयों के लिए भी जगह होगी? इस सवाल पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि नहीं… जो सनातन धर्म का होगा, वही सतयुग में रहेगा. मौजूदा मुसलमानों का क्या होगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा या तो कन्वर्ट होंगे या फिर गोविंदा नमो नमः होंगे. अगर मुसलमानों की कन्वर्ट होने की इच्छा नहीं हुई तो? इस पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अपने आप कल्कि भगवान इच्छा जगा देंगे. SC-ST के आरक्षण पर क्या बोले रामभद्राचार्य? वहीं जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर से दोहराया कि जाति आधार पर कहीं भी आरक्षण नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए. SC और ST को जाति के आधार पर आरक्षण न देने के बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैंने सरकार से SC और ST को जाति के आधार पर आरक्षण न देने की मांग कर दी है. जाति के आधार पर आरक्षण नहीं मिलना चाहिए. यदि आप जातिवाद को नष्ट करना चाहते हैं तो जाति के आधार पर आरक्षण क्यों होगा? ‘गुड़ खाओ और गुलगुले से परहेज करो’. मीडिया ने जब उनसे पूछा कि क्या आपकी मांग पर सरकार ने कोई आश्वासन दिया है? इस पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि सरकार क्या आश्वासन देगी. सरकार तो वोट बैंक चाहती है, लेकिन हमने कहा है. क्या मौजूदा सरकार आरक्षण को हटाने के पक्ष में नहीं है. इस सवाल पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि कोई बात नहीं. हमारा कोई न कोई पक्ष जीतेगा. संभल में कल्कि महोत्सव का आगाज दरअसल, संभल जिले में आज 1 से 7 दिसंबर तक चलने वाले कल्कि महोत्सव का आगाज हुआ है. कल्कि महोत्सव के आयोजक कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम के विशेष आमंत्रण पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ‘विश्व की पहली’ कल्कि कथा करेंगे. कल्कि कथा शुरू होने से पहले महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और यज्ञशाला की परिक्रमा की. ‘WIFE’ को लेकर दिया था विवादित बयान इस मौके पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैं कोई विवादित वक्तव्य नहीं देता. मैं कोई भी अशास्त्रीय और अप्रामाणिक वक्तव्य नहीं देता. धर्माचार्यों को संस्कृत पढ़नी चाहिए, इसमें मैने कुछ भी गलत नहीं बोला. ‘WIFE’ की परिभाषा को लेकर उठे विवाद परजगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि ‘WIFE’ को लेकर मैने जो बोला, वो मैं नहीं अंग्रेज बोलते हैं. ये बात विदेशी कहते हैं. हमारी भारतीय संस्कृति में औरत को पत्नी, मां और बहन माना गया, जबकि वहां पत्नी को ‘WIFE’ और ‘बेबी’ कहा जाता है. हमारी संस्कृति में महिलाओं को देवी कहा गया- रामभद्राचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि जो पतन से बचा ले, वही पत्नी होती है. विदेशी संस्कृति में महिलाओं को ‘बेबी’ और ‘बीवी’ कहा गया, जबकि हमारी संस्कृति में देवी कहा गया है. हमारे यहां डाइवोर्स नहीं है, जबकि विदेशी संस्कृति में डायवोर्स होता है. हमारे यहां पत्नी नहीं धर्मपत्नी कहा जाता है. टीवी9 डिजिटल से बात करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि यह व्याख्या मेरी नहीं विदेशियों की है. शेक्सपियर का भी मैंने उदाहरण दिया, मैंने सबके उदाहरण दिए. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. बिना संस्कृत ज्ञान के उपदेश देना गलत जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि मैं जगद्गुरु हूं. आज की तारीख में जितने भी जगद्गुरू गुरु हैं, किसी भी जगद्गुरू ने तीन भाष्य नहीं लिखा, लेकिन मैंने लिखा. मैं सभी सनातनी को गीता दिवस की बधाई देता हूं. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैं आज फिर से कहता हूं कि सभी आचार्यों को संस्कृत आनी चाहिए, उसका ज्ञान उन्हें होना चाहिए. बिना संस्कृत ज्ञान के उपदेश देना गलत है. मैं जगद्गुरू भी हूं और आचार्य भी हूं. मैं ये अहंकार में नहीं बोल रहा हूं. मैंने विदेशी संस्कृति और भारतीय संस्कृत का अंतर बताया. अपने विरोधियों को जवाब देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मेरी प्रतिभा को धुमिल करने के लिए जयचंद मुझे बदनाम करते हैं. ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार’.  

दर वृद्धि का विरोध उग्र: पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बरसाई लाठियाँ

दुर्ग शहर के पटेल चौक पर आज भूमि की गाइडलाइन दर और रजिस्ट्री दर में वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों ने चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मनोज राजपूत, बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के संचालक द्वारा किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नई गाइडलाइन दर और रजिस्ट्री दर में वृद्धि से आम जनता और छोटे व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। आज सुबह से ही कई वाहन मार्ग अवरुद्ध रहे, जिससे शहर के महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने पहले चेतावनी देने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मार्ग खाली नहीं किया, जिसके बाद अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें आई हैं। इससे पहले भी यहां व्यापारियों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला था, जब प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के काफिले को रोककर व्यापारियों ने विरोध जताया था। प्रशासन ने उस समय भी संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की थी।

AIIMS से महिपालपुर तक जाम मुक्त कॉरिडोर की शुरुआत, दिल्ली–गुरुग्राम यात्रा होगी बेहद आसान

गुरुग्राम  दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा को आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर तेजी से आगे बढ़ रही है. एम्स से गुरुग्राम होते हुए महिपालपुर मार्ग पर प्रस्तावित लगभग 30 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंट कंपनी आरसीटी को सौंपी गई है. कंपनी डेढ़ से दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंप देगी, जिसके आधार पर तय होगा कि मार्ग का कौन-सा हिस्सा भूमिगत रहेगा और कहां एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद एम्स से गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की दूरी महज 25 से 30 मिनट में तय हो सकेगी. वर्तमान में यही दूरी तय करने में दो घंटे तक लग जाते हैं, जबकि एम्स से गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर तक जाने में ही डेढ़ घंटे का समय लगता है. नई सड़क से न सिर्फ ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि दिल्ली-गुरुग्राम के बीच मौजूदा मार्गों पर भी भीड़ का बोझ घटेगा. फरीदाबाद रोड से होगा कनेक्शन एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम में गांव घाटा के पास गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ा जाएगा. इससे दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद- तीनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी. यही नहीं, नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद और मुरादाबाद वालों को भी इससे फायदा होगा. मेरठ से गुरुग्राम सिग्नल फ्री वहीं, मेरठ से सराय काले खां तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आसानी से पहुंच सकते हैं. इसके बाद एक्सप्रेसवे के समाप्त होने वाली जगह से लेफ्ट लेकर करीब 2 किलोमीटर बाद डीएनडी फ्लाइओवर पर जाएंगे और बिना रेड लाइट एम्स पहुंचेंगे. यहां से गु्रुग्राम के लिए बनने वाले नए एलिडवेटेड रोड की मदद से लोग बिना किसी रुकावट और सिग्नल के गुरुग्राम पहुंच जाएंगे. इस तरह इससे नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ के लोगों को भी फायदा होगा. 5 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट प्रारंभिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट में परियोजना को व्यवहार्य पाया गया है, जिसके बाद एनएचएआई ने औपचारिक रूप से डीपीआर तैयार करने का काम सौंप दिया है. इस बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. डीपीआर पूरी होते ही निर्माण कार्य को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी. उम्मीद है कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को आसान बनाते हुए ट्रैफिक प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित होगा. यह नई सड़क जहां आम यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं स्वास्थ्य, बिजनेस और आपातकालीन सेवाओं की मूवमेंट को भी नई गति मिलेगी. सरकार की यह पहल दिल्ली-गुरुग्राम की कनेक्टिविटी को भविष्य के लिए और भी आरामदायक बनाएगा.  

सरकार का बड़ा फैसला: हरियाणा में 20 IAS अधिकारियों के तबादले, जानें किसे कौन-सी अहम पोस्ट मिली

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्रशासनिक तंत्र को और मजबूत बनाना बताया जा रहा है। सरकार ने इस तबादले के जरिए कई महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ अतिरिक्त ड्यूटी भी सौंपी गई है।