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तरनतारन में हंगामा: कंचनप्रीत की गिरफ्तारी पर पूरी रात कोर्ट में बहस, तड़के 4 बजे बाहर आईं

चंडीगढ़  जिला अदालत तरनतारन में पूरी रात चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने रविवार तड़के कानचनप्रीत कौर को पुलिस हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। सुबह 4 बजे सुनाया गया फैसला अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर लेकर आया। क्षेत्र के प्रमुख अकाली नेता, जिनमें विरसा सिंह वाल्टोहा भी शामिल थे, कानचनप्रीत के साथ मौजूद रहे। कानचनप्रीत ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई और न्यायपालिका पर अपना विश्वास दोहराया। इससे पहले, उन्हें शुक्रवार को चबल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कानचनप्रीत कौर, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं, जिन्होंने हाल ही में तरनतारन विधानसभा उपचुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें विजय नहीं मिली। फिर भी, चुनाव में सुखविंदर का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा और एसएडी दूसरे स्थान पर रही, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की स्थिति मजबूत हुई। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस को निर्देश दिया गया था कि वे शनिवार को कानचनप्रीत को न्यायिक हिरासत में सौंपें और रात 8 बजे तक उनके वकीलों के जिला अदालत पहुंचने का इंतजार करें। इसी बीच, राज्य सरकार ने भी महाधिवक्ता कार्यालय से अपने वकीलों की नियुक्ति के लिए एक आवेदन दिया, जिसके बाद बहस का आरंभ रात 10 बजे हो सका। कार्यवाही रात 2 बजे तक चली और सुबह 4 बजे उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया। एसएडी नेताओं ने कानचनप्रीत की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। नेताओं का तर्क था कि यह गिरफ्तारी एक निर्दोष महिला को निशाना बनाने की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है, जो पंजाबियों की गरिमा पर चोट है। कंचनप्रीत शिअद नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं जो हाल में तरन तारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार से हार गई थीं। उपचुनाव के दौरान कथित धमकी से जुड़े एक मामले में कंचनप्रीत को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। मामला 11 नवंबर को तरन तारन के चभल थाने में दर्ज किया गया था।   सुनवाई के दौरान पुलिस ने कंचनप्रीत की 10 दिन की पुलिस हिरासत का अनुरोध किया था। शिअद नेतृत्व ने इसे आप सरकार की ‘‘राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित'' मामला बताया है। मामला शुरू में अमृतपाल सिंह बाथ के खिलाफ दर्ज किया गया था। बाथ पर शिकायतकर्ता पधरी कलां निवासी गुरप्रीत कौर को वोट देने के लिए धमकाने का आरोप था। हालांकि, कंचनप्रीत का नाम 27 नवंबर को प्राथमिकी में दर्ज किया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 174 (लोकसेवक के आदेश का पालन नहीं करना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 351(3) (गुमनाम संदेश भेजकर आपराधिक धमकी) और 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कंचनप्रीत पर पहले ही चुनाव से जुड़े चार मामले दर्ज हैं, जिनमें उन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इस मामले में याचिकाकर्ता एवं अकाली दल के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख अर्शदीप सिंह क्लेर ने शनिवार को कंचनप्रीत की गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की और उनकी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया। सरकारी वकील चंचल के सिंगला ने याचिकाकर्ता के वकील की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि कंचनप्रीत के पति अमृतपाल सिंह बाथ एक गैंगस्टर हैं और अकाली दल इस बात को जानबूझकर छिपा रहा है। उन्होंने एक बयान में कहा कि शिअद नेतृत्व इसे अकाली नेता की बेटी की गिरफ्तारी के तौर पर क्यों पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस ‘‘तथ्य को छिपा रही है'' कि वह एक गैंगस्टर की पत्नी है। पन्नू ने प्रश्न किया कि उपचुनाव के दौरान कंचनप्रीत के पति द्वारा मतदाताओं को डराए-धमकाए जाने की बात को अकाली दल क्यों छिपा रहा है।

कोहली ने लिखी नई क्रिकेट गाथा—52वां शतक लगाकर सचिन का महारिकॉर्ड ध्वस्त

रांची  भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली अपने करियर के उस फेज हैं, जब भी वह मैदान पर उतरते हैं तो रिकॉर्ड्स बनते और टूटते हैं। कुछ ऐसा ही रविवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में भी देखने को मिला। कोहली ने रांची के मैदान पर 102 गेंदों में 100 रन कंप्लीट किए और कीर्तिमानों की झड़ी लगा दी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक था। कोहली ने हैरतअंगेज इतिहास रच डाला है। वह एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक सेंचुरी जमाने वाले वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड तोड़ डाला है। सचिन ने अपने करियर में टेस्ट फॉर्मेट में 51 शतक जड़े।   बता दें कि कोहली 2023 में सचिन को पछाड़कर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक मारने वाले क्रिकेटर बन थे। सचिन ने वनडे में 49 सेंचुरी लगाईं। 37 वर्षीय कोहली ने सचिन का एक और ध्वस्त किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैचों में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले भारतीय प्लेयर बन गए हैं। वह अभी तक 32 मैचों में 6 शतक लगा चुके हैं। वहीं, महान बल्लेबाज सचिन ने साउथ अफ्रीका के विरुद्ध 57 वनडे मैचों में पांच शतक ठोके थे। इसके अलावा, कोहली घरेलू मैदान पर वनडे में सबसे ज्यादा पचास प्लस स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने साथ ही घर पर 100 बार पचास प्लस स्कोर बनाने का कारनामा अंजाम दिया है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने किया जिलाध्यक्षों का बड़ा फेरबदल, नई सूची जारी

रायपुर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ के सभी जिला और शहर अध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से जारी इस सूची में कुल 41 जिलों/शहरों के लिए नए अध्यक्षों की घोषणा की गई है। संगठन में नई ऊर्जा लाने और आगामी चुनावी तैयारियों को मजबूती देने के उद्देश्य से कई जिलों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नई सूची के अनुसार— बलौद से श्री चन्द्रेश कुमार हिरवानी बलोदाबाजार से स्मृति सुमित्रा घृतलहरे जांजगीर-चांपा से श्री राजेश अग्रवाल सक्ती जिले से श्रीमती रश्मि गाभेल रायगढ़ सिटी से श्री शख़ा यादव रायगढ़ ग्रामीण से श्री नागेन्द्र नेगी रायपुर सिटी से श्री श्रीकुमार शंकर मेनन रायपुर ग्रामीण से श्री राजेन्द्र पप्पू बंजारे राजनांदगांव सिटी से श्री जितेन्द्र उदय मुदलियार राजनांदगांव ग्रामीण से श्री विपिन यादव इसके अलावा बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर, सुकमा, नारायणपुर, धमतरी सहित लगभग सभी जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। कांग्रेस संगठन का मानना है कि यह नई नियुक्तियां जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को मजबूत करेंगी। नई टीम को आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूची जारी होते ही प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं कुछ जिलों में नए चेहरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नई जिलाध्यक्ष सूची के साथ ही कांग्रेस ने यह संकेत भी दे दिया है कि आने वाले महीनों में संगठनात्मक स्तर पर और भी बड़े बदलाव संभव हैं।

हिंसा छोड़कर 37 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 27 पर था 65 लाख रुपये इनाम

दंतेवाड़ा नक्सलवाद को आज फर एक बड़ा झटका लगा है. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 37 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें से 27 नक्सलियों पर कुल 65 लाख के इनाम घोषित थे. आत्मसमर्पित नक्सलियों में भैरमगढ़ एरिया कमेटी, इन्द्रावती एरिया कमेटी और माड़ इलाके के नक्सली शामिल हैं. सरकार की पुनर्वास पहल ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना से प्रभावित होकर सभी ने दंतेवाड़ा डीआरजी कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर दिया है. बता दें, हाल ही में 2 बड़े नक्सली चैतू और अनंत के सरेंडर के बाद नक्सलवाद की कमर पूरी तरह टूट चुकी है. साथ ही सुरक्षा बलों द्वारा लगातार बढ़ रहे दबाव और सरकार की पुनर्वास योजनाओं से प्रभावित होकर लगातार अलग-अलग माओवादी संगठनों से बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया है. आत्मसमर्पित नक्सलियों की पहचान और ईनाम राशि: 8 लाख रुपये इनामी (4)     कुमली उर्फ अनिता मंडावी – कंपनी नंबर 06 सदस्य / एसजेडसीएम कमलेश की गार्ड     गीता उर्फ लख्मी उर्फ लक्ष्मी मड़काम – कंपनी नंबर 10 सदस्य     रंजन उर्फ सोमा मंडावी – कंपनी नंबर 06 सदस्य     भीमा उर्फ जहाज कलमू – कंपनी नंबर 02 सदस्य 5 लाख रुपये इनामी (1)     क्रांति उर्फ पोदिये गावड़े – एसीएम, आमदई एरिया कमेटी 2 लाख रुपये इनामी (7)     कुमारी मुन्नी कर्मा – प्लाटून नंबर 16 सदस्य     लक्ष्मी अटामी – प्लाटून नंबर 16 सदस्य     कृष्णा पदामी – पल्लेवाया पंचायत मिलिशिया कमांडर     श्रीमती मंगड़ी उर्फ मंगली हेमला – ककाड़ी आरपीसी, केएएमएस अध्यक्ष     दशरू डोडी – बेलनार आरपीसी, मिलिशिया सदस्य     नंदू मंडावी – गमपुर पंचायत, सीएनएम कमांडर     विज्जा मिच्चा – कोलनार आरपीसी, मिलिशिया अध्यक्ष 1 लाख रुपये इनामी (13)     हिड़मे कुहड़ाम – मंलागेर एरिया पार्टी सदस्य / कृषि शाखा अध्यक्ष     रोशनी उर्फ हुंगी सोड़ी – आमदई एरिया कमेटी पार्टी सदस्य     राजू उर्फ गांधी लेकाम – इन्द्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य     जनकू वेको – बोंडगा आरपीसी, जनताना सरकार अध्यक्ष     बुधराम माड़वी – पल्लेवाया आरपीसी, जनताना सरकार अध्यक्ष     सुखमति उर्फ सुक्की ताती – एलओएस सदस्य     सुकलू कड़ियाम – गमपुर आरपीसी, जनताना सरकार अध्यक्ष     टाकलू उर्फ अजय कश्यप – आमदई एरिया कमेटी पार्टी सदस्य     बामन मंडावी – हंड्री आरपीसी, जनताना सरकार अध्यक्ष     अर्जुन कुंजाम – भैरमगढ़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य     कुमारी सोमारी परसा – इन्द्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य     विजय ओयाम – इन्द्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य     फुलमती उर्फ शांति वेको – भैरमगढ़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य 50 हजार रुपये इनामी (2)     नितेष उर्फ बदरू अलामी – कुसमेली आरपीसी, सीएनएम सदस्य     सुखराम कुहड़ाम – जैगूर आरपीसी, सीएनएम सदस्य निरंक (इनाम रहित) – 10     मारा राम लेकाम – मूलवासी बचाओ मंच सदस्य     हेमला बुगुर – ताकीलोड़ पंचायत, कृषि शाखा सदस्य     बबलु ओयाम – बेचापाल आरपीसी, छात्र संगठन सदस्य     मंगडू लेकाम – डोडीतुमनार आरपीसी, डीएकेएमएस सदस्य     बामन उर्फ साई कुंजाम – डोडीतुमनार आरपीसी, जनताना सरकार सदस्य / संस्कृति शाखा अध्यक्ष     मल्ला बारसे – रेवाली पंचायत, संघम सदस्य     पांडू ताती – ग्राम अचेली जीआरडी सदस्य     नंदा मड़काम – ककाड़ी आरपीसी, केएमएस सदस्य     श्रीमती देवे मड़काम – ककाड़ी आरपीसी, केएमएस सदस्य     लिंगा कुंजाम – अरनपुर आरपीसी, डीएकेएमएस सदस्य ये सभी विभिन्न नक्सली गतिविधियों, मुठभेड़ों, हमलों, रोड काटने, बैनर-पोस्टर लगाने जैसी घटनाओं में शामिल रहे थे. इन घटनाओं में थे शामिल:     2024 में गोबेल और थुलथुली जंगलों की मुठभेड़     2019 भैरमगढ़—केशकुतुल के बीच पुलिस पर फायरिंग     2020 मिनपा मुठभेड़, जिसमें 26 जवान शहीद हुए थे     विभिन्न क्षेत्रों में नक्सली बंद के दौरान तोड़फोड़ और प्रचार गतिविधियां बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि ‘पूना मारगेम’ बस्तर में स्थायी शांति और समग्र विकास की दिशा में परिवर्तनकारी पहल बनकर उभर रहा है. आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि सहित अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. 20 महीनों में दंतेवाड़ा से 508 माओवादी मुख्यधारा में लौटे पुनर्वास नीति की वजह से पिछले 20 महीनों में दंतेवाड़ा में 165 इनामी माओवादी समेत 508 लोग आत्मसमर्पण कर चुके हैं. इसके अलावा ‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत अब तक 333 इनामी समेत 1160 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं. वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात एवं इनामी माओवादी शामिल हैं। इनका स्वागत पुलिस उपमहानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, डीआईजी (CRPF) राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, CRPF की 111वीं, 230वीं और 80वीं बटालियन के कमांडेंटों सहित अन्य अधिकारियों ने किया। इस अभियान को सफल बनाने में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, विशेष शाखा, CRPF की कई कंपनियों और आरएफटी जगदलपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। माओवादियों से अपील दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बार फिर आग्रह किया है कि माओवादी हिंसा छोड़कर समाज से जुड़ें. “पूना मारगेम यह संदेश देता है कि लौटने का अवसर हर किसी के लिए खुला है. अपने परिवार और बस्तर की नई शुरुआत के लिए शांति, पुनर्वास और सम्मान का मार्ग अपनाएं.”

अली ने फर्जी खाता खोलकर की बड़ी ठगी, मंत्री के बेटे बने साइबर फ्रॉड के शिकार

गोरखपुर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बेटे डॉ. अमित कुमार निषाद साइबर जालसाजी का शिकार हो गए हैं। जालसाजों ने उनके मोबाइल नंबर की मदद से न सिर्फ फर्जी बैंक खाता खुलवा लिया बल्कि उस पर यूपीआई भी सक्रिय कर दी। इसके बाद से डॉ. अमित को भेजी जाने वाली सारी रकम जालसाजों के खाते में जाने लगी। मामला संज्ञान में आने के बाद जंगल सालिकराम निवासी डॉ. अमित की तहरीर पर शाहपुर पुलिस ने समरीन अली नाम के व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अली ने दिल्ली में खुलवाया फर्जी खाता प्रारंभिक जांच में पता चला कि समरीन ने दिल्ली में बैंक ऑफ बड़ौदा की मंडावली शाखा में यह फर्जी खाता खुलवा रखा है। शनिवार को पुलिस ने इस संदिग्ध खाते की डिटेल निकलवाई। पुलिस साइबर सेल की मदद से जांच कर रही है। जालसाज यह काम कई महीनों से कर रहे थे। उन्होंने अब तक कितनी रकम का फर्जीवाड़ा किया है यह पता नहीं चल सका है। 50 हजार के लेन-देन के बाद चला फर्जीवाड़े का पता डॉ. अमित की पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, उनका मोबाइल नंबर कई महत्वपूर्ण संपर्कों, संगठन और अनुदानों से जुड़ा है। पिछले कुछ महीनों से कोई भी भुगतान उनके खाते में नहीं हो रहा था। किन्हीं कारणों से उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। पिछले हफ्ते उनके एक परिचित ने उनके अकाउंट में 50 हजार रुपये भेजे। उन्होंने जब इसके बारे में पूछा तो फोन में किसी लेनदेन का कोई मैसेज नहीं था। तब उन्होंने बैंक खाते की डिटेल निकलवाई। उससे पता चला कि समरीन अली नामक व्यक्ति ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बैंक खाता और यूपीआई आईडी बना रखी है, जिसमें उनके नंबर की यूपीआई आईडी पर भेजी जाने वाली सारी रकम जा रही है। यह खेल लंबे समय से चल रहा है। मामला किया गया दर्ज इस संबंध में शाहपुर थाना प्रभारी नीरज राय ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर पर समरीन अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच निरीक्षक अवधेश तिवारी को सौंपी गई है। जालसाज की पहचान के लिए साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का बयान डॉ. अमित कुमार निषाद की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। जल्द ही जालसाजों का पता लगा लिया जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी। -रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ

झारखंड: पारा शिक्षक की बेरहमी से हत्या, CM हेमंत देने वाले थे नियुक्ति पत्र

चाईबासा झारखंड के चाईबासा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां पारा शिक्षक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पारा शिक्षक की हत्या मामला जिले के टोटो थाना क्षेत्र के पुरनापानी हाट का है। बताया जा रहा है कि पोखरिया गांव के रहने वाले मुकरू देवगम नामक व्यक्ति सुंडी सुरनिया गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 20 वर्षों से पारा शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। मुकरू देवगम को शुक्रवार को सीएम हेमंत सोरेन से नियुक्ति पत्र मिलने वाला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शुक्रवार को मुकरू देवगम स्कूल गए और छुट्टी के बाद हाट पहुंचे। रात तक वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने उन्हें काफी ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिले। शनिवार सुबह एक जगह पर मुकरू देवगम की लाश मिली। पुलिस मामले की जांच में जुट गई सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक मुकरू देवगम की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की गई है। हालांकि परिजनों ने बताया कि मृतक का किसी के साथ कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। वह हमेशा समय पर स्कूल जाता और लौटता था। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।  

विकास की नई मिसाल: पुलिस ने बनाई लंका तक सड़क, ग्रामीणों को बड़ी सुविधा

नारायणपुर पुलिस ने माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास का नया अध्याय जोड़ते हुए ओरछा-आदेर मार्ग से बेदरे (जिला बीजापुर) की सीमा तक स्थित ग्राम लंका को सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ दिया है। माड़ बचाव अभियान के तहत लंका में नया सुरक्षा व जन-सुविधा कैंप स्थापित किया गया है, जिससे 30 से अधिक गांवों के हजारों लोगों के जीवन में पहली बार तेजी से बदलाव की उम्मीद जगी है। बता दें कि ग्राम लंका इंद्रावती नदी के किनारे बसे होने के कारण वर्षों से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आइटीबीपी द्वारा संचालित निरंतर अभियानों के बाद इस संवेदनशील क्षेत्र में कैंप स्थापित करने में सफलता मिली। यह स्थान जिला मुख्यालय से 130 किमी और थाना ओरछा से 65 किमी दूर है। कैंप स्थापित होने से अंगमेटा, कुमरमेटा, पुसलंका, बुरी, जपमरका सहित कई गांवों तक सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुल गया है। ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है और विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है। वर्ष 2025 में नारायणपुर पुलिस ने कुतुल, कोडलियर, पदमकोट, कुड़मेल, आदेर, जाटलूर, पदमेटा और लंका सहित कई माओवाद प्रभावित इलाकों में नए कैंप खोलकर क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।   पिछले कुछ दशकों से माओवाद का दंश झेल रहा बस्तर अन्य इलाकों से काफी पिछड़ चुका है। माओवाद से प्रभावित होने के कारण इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है। बस्तर संभाग में लोगों को सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पायी हैं। अब माओवाद के खात्मे के साथ धीरे-धीरे इस क्षेत्र का विकास हो रहा है। अधिकांश इलाकों को सड़कों से जिला मख्यालय के साथ जोड़ा जा रहा है। क्षेत्र में लगातार विकास कार्य जारी है।

श्रम मंत्री के घर विवाह उत्सव में राजनीतिक हस्तियों की चहल-पहल, सीएम और सांसद ज्योत्सना महंत भी पहुँचे

कोरबा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज एक कार्यक्रम में शामिल होने कोरबा पहुँचे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के कोहड़िया स्थित निवास पहुंचे। यहां उन्होंने मंत्री देवांगन के भाई कौशल देवांगन के सुपुत्र विश्वेश देवांगन और मेघा देवांगन के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें आर्शीवाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वहीं शादी समारोह में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ लखन लाल देवांगन के घर पहुंचे उन्होंने भी शादी समारोह में आशीर्वाद देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के कोरबा आगमन को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा पहले से ही तैयारी की जा रही थी जहां रूमगरा हेलीपैड में पुलिस बल तैनात किए गए थे वह जिस मार्ग से आना था उसे मार्ग के आवाज चाहिए पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था इसके अलावा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के घर के बाहर भी पुलिस बल तैनात किए गए थे। मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की परिवार वालों के साथ सामूहिक रूप से फोटो खिंचवाये वही उनके निवास स्थान पर उनके रिश्तेदारों से मुलाकात का हाल-चाल जाना।

आध्यात्मिक सुरों से गूँजा विश्वरंग 2025, अनिरुद्ध जोशी व मनोज पाटीदार की मनमोहक प्रस्तुति

भोपाल  रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विश्वरंग 2025 के तीसरे और अंतिम दिन की शुरुआत एक आध्यात्मिक, सौम्य और मन को शांत करने वाली संगीत साधना के साथ हुई। प्रातः आयोजित मंगलाचरण में मध्यप्रदेश के युवा और लोकप्रिय सितार वादक अनिरुद्ध जोशी ने अपनी मनोहारी प्रस्तुति से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके सितार से निकलती स्वरलहरियों ने न केवल वातावरण को पवित्र बनाया, बल्कि प्रतिभागियों और दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराइयों से जोड़ दिया। उनका साथ दे रहे प्रसिद्ध तबला वादक मनोज पाटीदार ने अपनी ताल और लय की अद्भुत संगति से इस प्रस्तुति को और ऊँचे सौंदर्य तक पहुँचाया, जिससे विश्वरंग के अंतिम दिन का प्रारंभ एक सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया और आगे के सत्रों के प्रति उत्साह और अपेक्षाएँ और अधिक बढ़ गईं। प्रज्ञान ब्रह्म की सोच को सौरभ द्विवेदी ने किया रेखांकित संगीत की इस सुगंधित शुरुआत के बाद पहले वैचारिक सत्र में इंडिया टुडे मैगज़ीन और लल्लनटॉप के संपादक तथा सुविख्यात वक्ता सौरभ द्विवेदी ने अपनी बात एक गहरे सवाल से शुरू की—क्या हम वही बनकर रह जाते हैं, जहाँ से आते हैं, या हम स्वयं को निरंतर नए साँचों में ढाल सकते हैं? उन्होंने कहा कि मनुष्य तब तक आगे बढ़ता है, जब तक वह सीखता रहता है; सीखना रुकते ही ठहराव शुरू हो जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने श्वेतकेतु के सूत्र ‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ का उल्लेख किया और समझाया कि जो भीतर है, वही बाहर प्रकट होता है; और सरल बनना ही मनुष्य का सबसे कठिन लक्ष्य है। उन्होंने वेदांत के महावाक्य ‘तत्वमसि’ के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि मनुष्य का आंतरिक अस्तित्व उसी परम चेतना से अभिन्न है, जिससे सृष्टि संचालित है। सौरभ ने विद्यार्थियों को समझाया कि सीखने के लिए सुनना उतना ही जरूरी है जितना बोलना या पढ़ना, और इसी संदर्भ में आर्यभट्ट और आइंस्टीन के उदाहरण दिए। उन्होंने डिंडोरी के उस व्यक्ति की मार्मिक घटना भी साझा की जिसे मानव तस्करी के कारण बीस वर्षों तक तेलंगाना में बंधक बनाकर रखा गया था, और बताया कि दुनिया में कई लोग ऐसे कष्टों से गुजरते हैं जिनकी कल्पना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि छात्र का मन एक रीते घड़े जैसा होता है, जिसकी क्षमता ब्लैक होल से भी अधिक विस्तृत है—जितना ज्ञान उसमें भरा जाए, वह और अधिक ग्रहण करने को तैयार रहता है। उन्होंने यह सवाल रखा कि अच्छा इंसान होना इतना मुश्किल क्यों है और साथ ही भारतीय संस्कृति के संरक्षणवादी स्वभाव पर प्रकाश डाला। विचारों की विविधता, मित्रता, संगीत, सिनेमा और पुस्तक-पठन को उन्होंने युवाओं के सीखने और संवर्धन के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि भारत को वैज्ञानिक चेतना विकसित करने की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि समाज बाहरी दिखावे से अधिक मानवीय गुणों को महत्व दे सके। अंत में उन्होंने सलाह दी कि मनुष्य को जीवन के अंत में खालीपन नहीं, बल्कि ‘मुदित भावना’ के साथ विदा होना चाहिए। उनका पूरा संबोधन ज्ञान, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण रहा। सान्या ने दिए कैरेक्टर को बेहतर बनाने के टिप्स दोपहर के सत्र में फ़िल्म अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा के साथ हुआ संवाद छात्र-युवाओं और कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना। रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की प्रो–चांसलर एवं विश्वरंग की सह-निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स और विकास अवस्थी ने सान्या से उनकी फ़िल्मी यात्रा, कलात्मक अनुशासन और अभिनय की तैयारी पर गहन बातचीत की। सान्या ने कहा कि अभिनय उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि एक सतत साधना है, जिसमें पात्र के मनोवैज्ञानिक आयामों का अध्ययन सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि किसी भी भूमिका को भीतर तक महसूस करने के लिए वे पटकथा को बार-बार लिखती हैं और पात्र से जुड़ी जगहों और लोगों से संवाद स्थापित करती हैं, ताकि किरदार की वास्तविकता भीतर उतर सके। उन्होंने कहा कि अभ्यास ही कलाकार को परिपक्वता देता है, और यही कारण है कि वे लगातार वर्कशॉप करती रहती हैं। अपनी तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी फिल्मों पर उन्होंने कहा कि कोई भी सम्मान पहले से सुनिश्चित नहीं होता, लेकिन जब ईमानदारी और मेहनत से किए गए काम की सराहना होती है, तो वह कलाकार के लिए सबसे बड़ा प्रोत्साहन बन जाता है। उन्होंने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि ऑडिशन और अस्वीकृति कलाकार को मजबूत बनाते हैं। युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अभिनय में करियर बनाने से पहले शिक्षा पूरी करना जरूरी है, क्योंकि पढ़ाई व्यक्ति को आत्मविश्वास और गहरी दृष्टि प्रदान करती है, जो कलाकार को जीवन और किरदार—दोनों को समझने में मदद करती है। माइथोलॉजी को शंकाओं के साथ पढ़े, तभी भीतर का ज्ञान समझ पाएंगे : देवदत्त पटनायक  मैं जब भी पौराणिक कथाओं पर बात करता हूं, टी9 एक शब्द का इस्तेमाल करता हूं मायथोलॉजी, और लोग मुझसे गुस्सा हो जाते हैं। लेकिन, क्या आपको पता है, जब तक आप उत्तेजित नहीं होंगे तो सरस्वती नहीं आएंगी। बहुत से लोग मानते हैं कि मायथोलॉजी शब्द मिथ्या से बना है, जो गलत है। संस्कृति में मिथ्या का मतलब incomplete truth। जगत मिथ्या, ब्रह्म सत्य…। मिथ्या असल में सच और झूठ से बिल्कुल अलग अधूरा सच है। आज हर आदमी के पास अपनी दुनिया का ज्ञान तो है, मगर संपूर्ण ज्ञान नहीं है। संपूर्ण ज्ञानी सिर्फ ईश्वर है। जबकि, मायथोलॉजी शब्द आया है ग्रीक के माइथोज से , यानि आख्यान।  दुनिया की हर संस्कृति  सभ्यता का अपना अलग आख्यान है  चीन, जापान, वियतनाम की अपनी अपनी माइथोलॉजी है। सब अपने संस्कृति के दृष्टिकोण को बताने के लिए आख्यानों का इस्तेमाल करते हैं। असल में, दुनिया को समझने का एक माध्यम है आख्यान, यानि माइथोलॉजी। जो विवाद करते हैं, वो जिज्ञासु नहीं होते, योद्धा होते हैं, उनके पास ज्ञान नहीं होता। पहले के जमाने में शास्त्रार्थ होते थे, जिसका मतलब होता था शास्त्रों का अर्थ निकलना। जबकि, टीवी पर और हमारे सीरियल्स में शास्त्रार्थ को सिर्फ बहस और अहंकार की लड़ाई की तरह दिखाते हैं। मगर, जहां सर्द बहस होती है, वहां से सरस्वती चली जाती है। याद रखिए, श्रद्धा ज्ञान का द्वार नहीं खोलती, जिज्ञासा ज्ञान का द्वार खोलती है। गुरु जो कहता है वो ही सही है, यदि आप मान लें तो यही आपकी श्रद्धा की शुरुआत हो जाएगी और फिर … Read more

नीतीश कुमार का सोनपुर मेला दौरा: अधिकारियों को निर्देश— पर्यटकों की देखभाल में लापरवाही न हो

 वैशाली विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला में रविवार की सुबह अचानक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंच गए। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हलचल मच गई। सीएम नीतीश कुमार ने सोनपुर मेला परिसर में लगाए गए विभिन्न सरकारी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने आर्ट एंड क्राफ्ट सेक्शन में भी अलग-अलग स्टॉलों का जायजा लिया और वहां मौजूद कलाकारों से मुलाकात की। कलाकारों ने अपने कार्य और समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री के समक्ष बातें रखीं। मेला परिसर में घूमने के दौरान सीएम नीतीश कुमार अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और मेले की व्यवस्थाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद उन्हें कहा कि मेला में आने वाले लोगों को किसी तरक की दिक्कत न हो, इसका ख्याल रखें। मुख्यमंत्री के साथ भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, कई वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने राज्य स्वास्थ्य समिति, महिला विकास निगम, श्रम संसाधन विभाग और एनडीआरएफ द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी मुलाकात की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के दसवीं बार पदभार संभालने के बाद वह लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। सोनपुर मेला पहुंचकर भी उन्होंने सभी व्यवस्थाओं का विस्तार से आकलन किया। वहीं सारण के डीएम और कमिश्नर से भी उन्होंने मेले की स्थिति के बारे में जानकारी ली। विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला को एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी यह मेला उत्साह और रौनक के साथ शुरू हो गया है। गंगा और गंडक के संगम पर लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला कला, संस्कृति और व्यापार का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है। मेले में विभिन्न सरकारी विभागों, हथकरघा, हस्तशिल्प, ग्रामीण उत्पादों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े स्टॉलों की व्यापक प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दूर-दूर से आए कलाकार अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग खरीदारी व मनोरंजन के लिए मेले में उमड़ रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।