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विकल्प बनी स्पेशल ट्रेनें भी दे रहीं धोखा, देरी से यात्रियों की परेशानियां चरम पर

जबलपुर ट्रेन में त्योहारों से वापसी की भीड़ कुछ छंटी थी कि अब ट्रेनों में वैवाहिक सीजन का यात्रा भार बढ़ गया है। जबलपुर होकर चलने वाली लंबी दूरी की ज्यादातर ट्रेनें दो सप्ताह तक फुल है। इस सप्ताह के अंत से लेकर अगले माह के पहले सप्ताह तक कुछ तिथियों में कई नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकिट नहीं है। विकल्प के रुप में यात्री स्पेशल ट्रेन चुन रहे है। स्पेशल ट्रेनों के घंटों विलंब से चलने से यह विकल्प यात्रियों के परेशानी का सबब बन रहा है। रेलवे बोर्ड के स्पेशल ट्रेनों को समय पर संचालित करने के निर्देश के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आया है। ज्यादातर स्पेशल ट्रेनें औसतन चार से लेकर आठ घंटे तक विलंब से चल रही है। नवंबर माह के अंतिम दिनों और दिसंबर के पहले सप्ताह में मांगलिक कार्यों की तिथियां है। विवाह सहित अन्य प्रयोजन से शामिल होने के लिए ज्यादा लोग ट्रेन से ही लंबी दूरी की यात्रा करते है। ट्रेनों के स्लीपर कोच यात्रियों से खचाखच भरे हुए चल रहे है।   ऑफिस छूटा, शादी में देर से पहुंचे जबलपुर के विजय नगर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती को सहेली के विवाह में पुणे जाना था। किसी नियमित ट्रेन में टिकट नहीं मिला तो विकल्प के रुप में दानापुर-पुणे स्पेशल ट्रेन को चुना। ट्रेन को शाम को पहुंचना था लेकिन अगले दिन सुबह पहुंची। शादी में शामिल नहीं हो सकी। पारिवारिक विवाह समारोह में गए मंडला निवासी शिव सागर मुंबई से जबलपुर आने के लिए सीएसएमटी-रीवा स्पेशल में सवार हुए। स्पेशल का अधिक किराया देकर टिकिट लिया कि अगले दिन समय पर ऑफिस पहुंच जाएंगे। लेकिन सुबह पांच बजे की जगह ट्रेन शाम को चार बजे पहुंची। मुंबई, पुणे मार्ग पर ज्यादा भार जबलपुर से अगले कुछ दिनों तक मुंबई, पुणे, बैंगलुरु, दिल्ली, लखनऊ सहित प्रमुख शहरों के लिए नियमित ट्रेनों में वेटिंग है। सर्वाधिक मांग मुंबई एवं पुणे के लिए है। पुणे के लिए कुछ ट्रेनों में आगामी कई दिनों तक स्लीपर श्रेणी में बुकिंग बंद हो चुकी है। जबलपुर-मुंबई गरीबरथ एक्सप्रेस में छह दिसंबर तक वेटिंग है। 29 नवंबर को वेटिंग 96 व छह दिसंबर को 71 तक पहुंच चुकी है। अमरकंटक एक्सप्रेस और ओवरनाइट एक्सप्रेस में भी सीटें खाली नहीं है। प्रयागराज, वाराणसी के लिए यात्री स्पेशल ट्रेन पर आश्रित है। शनिवार को ये स्पेशल ट्रेन देरी से जबलपुर पहुंची     01450 दानापुर-पुणे स्पेशल 11.03 घंटे विलंब     02188 सीएसएमटी-रीवा स्पेशल 10.50 घंटे विलंब     06262 मुजफ्फरपुर-बेंगलुरु केंट स्पेशल 6.10 घंटे विलंब     07008 रक्सोल-चर्लापल्ली स्पेशल 7.53 घंटे विलंब     05585 सहरसा-एलटीटी स्पेशल 5.51 घंटे विलंब     03260 बेंगलुरु-दानापुर स्पेशल 17.41 घंटे विलंब     07652 छपरा- जालान स्पेशल 6.01 घंटे विलंब     04116 एलटीटी-सूबेदारगंज स्पेशल 5.53 घंटे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने राज्य स्तरीय कार्यशाला का सोमवार को करेंगे शुभारंभ

कार्यशाला में 24 से 26 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर में होगा मंथन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए राज्यस्तरीय कार्यशाला का सोमवार को शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 24 से 26 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में तीन दिन तक मंथन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाटर शेड महोत्सव का शुभारंभ के साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को पुरस्कृत करेंगे। कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, श्री जगदीश देवड़ा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्रीमती संपतिया उइके, श्री कुंवर विजय शाह, श्रीमती राधा सिंह सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य: कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय एवं सामुदायिक स्तर पर मजबूत बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है। इसके अंतर्गत स्थानीय शासन की पारदर्शिता व जवाबदेही, मनरेगा, आजीविका मिशन, सामाजिक अंकेक्षण, डिजिटल ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग, वित्तीय प्रबंधन एवं पंचायत शासन, "स्‍वनिधि से समृद्धि" अभियान, वाटरशेड परियोजनाओं का क्रियान्वयन, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ ग्राम तथा विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं का प्रभावी संचालन, पेसा ग्राम सभाओं की वर्तमान स्थिति एवं सफल क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा और प्रशिक्षण दिया जाएगा।  

राजस्थान कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम: 45 नए जिलाध्यक्ष दिल्ली में होंगे ट्रेनिंग कैंप में शामिल

जयपुर राजस्थान में संगठन सृजन अभियान के तहत घोषित किए गए 45 नए जिलाध्यक्षों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को महत्वपूर्ण बयान दिया। कांग्रेस वार रूम में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है और योग्यताओं के आधार पर ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। डोटासरा ने बताया कि सभी जिलाध्यक्षों के लिए जल्द ही दिल्ली में प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता उनसे सीधा संवाद करेंगे। इसके बाद राजस्थान में भी सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठनात्मक संरचना, कार्यकारिणी गठन और जिला इकाइयों को मजबूत करने पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। 6 महीने बाद होगी समीक्षा उन्होंने कहा कि संगठनात्मक रूप से राजस्थान में 50 जिले बनाए गए हैं। अंता उपचुनाव के कारण झालावाड़ और बारां जिले में जिलाध्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है, जबकि तीन अन्य जिलों में नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी नए जिलाध्यक्षों के कार्यों की 6 माह बाद समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो पार्टी हाईकमान नए नेतृत्व का फैसला ले सकता है।   बीजेपी सरकार पर डोटासरा का निशाना पीसीसी प्रमुख ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा शासन पूरी तरह दिशाहीन है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस समर्थक वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि अंता उपचुनाव के नतीजे जनता की नाराजगी को साफ दर्शाते हैं और सरकार की नाकामियों पर जनता ने मुहर लगा दी है।   सरकार में खींचतान का उठाया मुद्दा डोटासरा ने प्रदेश में मंत्रियों और अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच ले जाएंगे। इससे पहले कई जिलाध्यक्षों ने उनसे मुलाकात कर भरोसा जताया और मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने की घोषणा, लांच नदी परियोजना की स्वीकृति, शाहगढ़ में बनेगा सिविल अस्पताल, बण्डा में बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम

दुग्ध उत्पादन को बढावा देने एवं गौशाला खोलने पर 10 लाख तक का दिया जाएगा अनुदान हर जनपद पंचायत क्षेत्र में बनाए जाएंगे वृन्दावन ग्राम एवं गीता भवन 50 करोड़ रुपए से अधिक के 16 निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। किसान अपने खेतों को समृद्ध बनायें और किसी हालत में अपनी कृषि भूमि न बेचें। केन-बेतवा लिंक परियोजना से आने वाला समय कृषि के लिये बहुत लाभकारी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में खेती के साथ साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौशाला खोलने के लिए अनुदान राज्य सरकार दे रही है। मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नंबर वन बनाने का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढाने के लिए 25 गायों के साथ गौशाला खोलने पर 40 लाख रुपए में से 10 लाख तक का अनुदान देने का कार्य मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  रविवार को सागर जिले की तहसील बण्डा में सांदीपनि विद्यालय भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50.65 करोड़ रुपए के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही सागर जिले की बहुप्रतीक्षित लांच नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। शाहगढ़ में सिविल अस्पताल बनाने, बण्डा में सर्वसुविधा युक्त स्टेडियम, सिविल अस्पताल, बण्डा में पोस्टमार्टम हाउस, बण्डा क्षेत्र में राखसी, चकेरी, विनेयका में भवन विहीन स्कूलों के लिए भवन बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन प्रांत बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। दानवीर डॉ. हरीसिंह गौर द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया गया। विद्यार्थियों के हित में वीरांगना अवंति बाई लोधी विश्वविद्यालय प्रारंभ कर नई सुविधा उपलब्ध करवाई गई। शीघ्र ही कृषि के क्षेत्र में बुंदेलखंड पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ देगा। सागर जिले सहित सागर संभाग के सभी जिलों में विकास की गंगा बहेगी।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि तहसील मुख्यालय बण्डा में आज लगभग 31 करोड़ रुपए की लागत से नव निर्मित सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया है। इस विद्यालय में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि बण्डा क्षेत्र में सर्वसुविधा युक्त स्कूल भवन के निर्माण से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बण्डा में बने सांदीपनि विद्यालय का भवन बहुत ही अद्भुत और सर्व-सुविधा युक्त है। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा ही किसी देश की मजबूती का आधार है। बेहतर शिक्षा के बूते ही भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र बनकर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उन्हें उच्च-गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सभी सुविधाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सांदीपनि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 01 दिसंबर से प्रदेशव्यापी गीता जयंती उत्सव मनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। सभी जिलों के प्रत्येक जनपद पंचायत में वृंदावन ग्राम एवं गीता भवन बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों के हित में भावान्तर योजना लागू की गई है। भावांतर जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय साधन आड़े नहीं आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन सहित अनेक ऐसे स्थानों को तीर्थ स्थल बनाने का निर्णय लिया गया है, जहां कृष्ण कन्हैया के चरण पड़े। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती साहस और शौर्य की भूमि है। स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए यहां संघर्ष का इतिहास है। यहां आज आनंददायक वातावरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में होटल ओबेराय के माध्यम से छतरपुर और पन्ना के मध्य पर्यटन विकास का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त सरंक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि बुन्देलखंड क्षेत्र खनिज संपदा का भण्डार है, बुन्देलखंड में निवेश का अच्छा मौका है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बण्डा अग्रणी क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। सांसद दमोह संसदीय क्षेत्र श्री राहुल सिंह लोधी एवं विधायक बण्डा श्री वीरेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया। समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम क्वायला के शहीद श्री राजेश यादव के पिता को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने बण्डा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लिधौरा की मूल निवासी क्रिकेटर क्रांतिगौड़ के पिता को भी सम्मानित किया।

राष्ट्रवादी विचारधारा का केंद्र रहा विदिशा, कृषि और उद्योग में भी दे रहा महत्वपूर्ण योगदान

गंजबासौदा में 150 बिस्तरीय नवीन सिविल अस्पताल का किया लोकार्पण त्योंदा में कॉलेज और ग्यारसपुर को नगर पंचायत बनाने की घोषणा गंजबासौदा में शुरू होगा नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज विदिशा जिले के गंजबासौदा में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रवादी विचार धारा का केन्द्र रहा विदिशा जिला, राजमाता सिंधिया, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रद्धेय श्रीमती सुषमा स्वराज्य की कर्म भूमि रही है। वर्तमान में यह क्षेत्र कृषि, उद्योग और व्यापार-व्यवसाय में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। गंजबासौदा विरासत से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार अन्नदाता, गरीब, महिला और युवाओं के कल्याण के लिए समर्पित है। सनातन संस्कृति को सर्वेभवन्तु सुखिनं:-सर्वे संतु निरामया: और वसुधैव कुटुम्बकम् के भाव के अनुसार सबके कल्याण के लिए राज्य सरकार समर्पित भाव से कार्य कर रही है। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को विदिशा जिले के गंजबासौदा में सिविल अस्पताल के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण सहित अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन को कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, विदिशा के प्रभारी, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्योंदा में कॉलेज खोलने, ग्यारसपुर को नगर पंचायत बनाने, गंजबासौदा नगर पालिका की सीमा बढ़ाने, गंजबासौद में नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज आरंभ करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों, महिलाओं और युवाओं के बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने और हर खेत तक पानी पहुंचाने के लक्ष्य का कार्य जारी है। भावान्तर योजना से सोयाबीन का वाजिब मूल्य दिलाते हुए किसानों के हक के पैसे उनके खातों में भेजे जा रहे हैं। किसानों से गेंहूँ की खरीदी भी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। महिला सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह की गई है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह दिलाने के उद्देश्य से नारी सशक्तिकरण योजना के तहत उद्योगों को राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में हर युवा को रोजगार से जोड़ते हुए उनकी जिन्दगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। 150 करोड़ रुपए की लागत वाले 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बासौदा को 150 करोड़ रुपये की लागत से 54 विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 32 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बने 150 बिस्तरीय नवीन सिविल अस्पताल लोकार्पित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जमांधर नदी पर 4 करोड़ की लागत से बने ब्रिज, 13 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन मार्गों, लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से 04 केवी उपकेन्द्र में ट्रांसफार्मर, लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से 11 ग्रामो में नलजल योजनाओं, 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सब जेल गंजबासौदा में 40 बंदियों के लिए बनी जेल बैरक, 1 करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से बने सीएचओ आवास सहित 03 उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 85 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से 28 विकास कायों का भूमिपूजन भी किया। मध्यप्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी : केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान केंद्रीय कृषि किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर प्रदेश के विकास की गति को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। प्रदेश में कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और पेयजल सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। भारत सरकार की योजनाओं को मध्यप्रदेश में गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं और उनका पूरा सहयोग मिल रहा है। विदिशा जिला और बासौदा से मेरा वर्षों से संबंध रहा है। यहां की जनता में मेरे लिए अद्भुत प्रेम है, मेरी सांसों और हृदय में यहां की जनता बसती है। यहां के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुझे कृषि एवं ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी सौंपी है जिसका निर्वहन करने में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। कृषि को उद्यानिकी और पशुपालन से जोड़कर और अधिक आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में कृषि- उद्योग के क्षेत्र में नया चमत्कार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेतवा नदी का पानी पाराशरी नदी में डालने का प्रयास किया जाए। यहां की मिट्टी सोना उगलती है लेकिन यहां पत्थरों सहित विभिन्न प्रकार की खदानें मौजूद है। बासौदा को उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गौरवशाली, वैभवशाली और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। किसानों की तरक्की के लिए विभिन्न प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशानुसार स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने और प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में सभी के सहयोग के लिए आह्वान किया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। बासौदा विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी ने क्षेत्र में चल रही विकास गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, शमशाबाद विधायक श्री सूर्यप्रकाश मीणा, सिरोंज विधायक श्री उमाकांत शर्मा, कुरवई विधायक श्री हरिसिंह सप्रे, विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, किसान बंधु सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री का बासौदा रोड शो में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का बासौदा नगर में … Read more

देवास में भीषण दुर्घटना: कार को तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर, एक की मौत

देवास इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर अगेरा फाटा में अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद एक कार कई पलटी खा गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। कार सवार परिवार चौबाराधीरा से शादी समारोह में शामिल होने के बाद बागली लौट रहा था। सीएनजी डलवाने के लिए कार को बागली की तरफ न लाते हुए भोपाल की ओर ले गए थे, वहां हादसा हो गया। हादसे में एक की मौत, 3 घायल जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार रात को हुआ। कार एमपी09सीडब्ल्यू7344 को किसी वाहन ने टक्कर मारी। हादसे की सूचना डायल-112 के माध्यम से मिलने के बाद प्रधान आरक्षक सुशील भटूरकर व पायलेट नवीन मालवीय मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से घायलों को सोनकच्छ सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डाक्टर रामराज ने जांच करने के बाद बागली निवासी मीना पति सुरेश राठौर को मृत घोषित कर दिया। वहीं ललिताबाई पति सुरेश राठौर को प्राथमिक उपचार के बाद देवास रेफर कर दिया गया। अन्य घायल सुरेश पिता रामचंद्र राठौर निवासी बागली, श्यामलाल पिता हजारीलाल निवासी बड़ी चुरलाय का प्राथमिक उपचार किया।   परिवार में पसरा मातम हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक व घायलों के स्वजन एवं क्षेत्र के रिश्तेदार भी सिविल अस्पताल पहुंचे। मीना की मौत की खबर सुनने के बाद माहौल गमगीन हो गया, देर रात तक रिश्तेदारों का आना जाना लगा रहा। मामले में सोनकच्छ पुलिस ने मर्ग कायम कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार सुबह पोस्टमॉर्टम कर मीना का शव स्वजनों को सौंपा गया। शार्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर के पिछले हिस्से में चोट होने से मौत होना सामने आया है।

मुख्यमंत्री गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में हुए शामिल

आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक तथा विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” पुस्तकों का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं। इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। श्री मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

बदलता यूपी: महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल, शिक्षा से रोजगार तक बड़ी छलांग

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर किए गए व्यापक प्रयास अब ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रहे हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय स्वतंत्रता और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में तेजी से सुधार हुआ है। इसी परिवर्तन को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तीकरण के जरिए सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहा है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी। एंटी रोमियो स्क्वाड की सक्रियता, 1090 वुमेन पावर लाइन का विस्तार और पिंक पेट्रोलिंग जैसे कदमों ने महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। शहरों और गांवों दोनों में बदलते सामाजिक वातावरण का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। परिवारों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मकता बढ़ी है और माता-पिता अब बिना किसी संकोच के बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में मिशन शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से महिला समूहों को नेतृत्व, आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और जागरूकता से जोड़ा गया। बालिकाओं के लिए कायाकल्प, स्कूलों में जेंडर सेफ्टी प्रोग्राम और किशोरी स्वास्थ्य अभियान जैसे प्रयासों ने सामाजिक बदलाव की सुदृढ़ नींव रखी। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई, जिससे पढ़ाई में निरंतरता बनी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की बात करें तो यूपी आज देश में सबसे बड़े महिला स्वयं सहायता समूह नेटवर्क के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में लाखों महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों के जरिए उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। बैंक सखी, बीसी सखी और कृषि सखी जैसे मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को गति दे रहे हैं। बैंकिंग सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ग्रामीण बैंकिंग को नए स्तर पर पहुंचा रही है। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट) योजना ने महिलाओं को स्थानीय उत्पादों पर आधारित रोजगार से जोड़ने का मजबूत अवसर दिया है। हथकरघा, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। शासन की ओर से आसान ऋण, प्रशिक्षण, मार्केट लिंक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहयोग मिलने से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। स्टार्टअप नीति के अंतर्गत महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। महिला-आधारित स्टार्टअप को अनुदान और मार्गदर्शन मिलने से टेक्नोलॉजी-आधारित उद्यमों में भी उनकी भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के जरिए पोषण उपक्रम, यूनिफॉर्म निर्माण, समुदाय-आधारित स्वच्छता सेवाएं और स्थानीय उत्पादन यूनिट्स चलाने वाली महिलाओं ने साबित किया है कि आर्थिक सशक्तीकरण ग्रामीण विकास को भी गति देता है। सरकारी योजनाओं के प्रभाव से आज गांवों से लेकर शहरों तक महिलाओं की भूमिका केवल पारिवारिक सीमाओं तक ही केंद्रित नहीं है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में उनकी जिम्मेदारी, भूमिका और सक्रियता निरंतर बढ़ रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और अवसर प्रदान कर समाज में उनकी स्थिति को पहले से अधिक सशक्त बनाया है। उत्तर प्रदेश का यह परिवर्तन प्रदेश सरकार की नीतियों और प्रयासों का परिणाम है, जिसने महिलाओं को नई ऊर्जा और नई दिशा दी है। प्रदेश अब वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तीकरण को सामाजिक और आर्थिक विकास की धुरी बनाने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित आंकड़े पर नजर डाले तो, उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या 2025 तक लगभग 83 लाख सदस्यों तक पहुंच गई है। बीसी सखी योजना के अंतर्गत 2024 तक 4,000 से अधिक बीसी सखी सक्रिय हैं, जिन्होंने गांवों में 20 करोड़ से अधिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन कराए हैं। इसके अलावा बैंक सखी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह औसतन 1.2 करोड़ ट्रांजेक्शन की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं, ओडीओपी योजना में महिलाओं की भागीदारी 2018 की तुलना में 2024 तक लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से यह वृद्धि हस्तशिल्प, हथकरघा, फूड प्रोसेसिंग और वुडक्राफ्ट क्षेत्रों में दर्ज हुई है। महिला उद्यमिता मिशन और स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 2025 तक लगभग 3,200 से अधिक महिला संचालित स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए हैं। यूपी में संचालित स्वयं सहायता समूहों की वार्षिक आय 2017 में लगभग 4,000 करोड़ रुपए थी, जो 2025 तक बढ़कर 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा! जबलपुर में 20 दिन से चली आ रही किल्लत से हजारों परिवार प्रभावित

जबलपुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) की आपूर्ति इन दिनों चरमरा गई है। खासतौर से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के सिलेंडरों की किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। एक सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ता एजेंसियों के सामने घंटों कतार में लगने को मजबूर हैं। 10 हजार सिलेंडरों की वेटिंग होने से घरों तक सप्लाई बीते 20 दिनों से प्रभावित है। दरअसल, मनेरी स्थित एचपीसीएल के बाटलिंग प्लांट की क्षमता करीब 24 से 25 हजार सिलेंडर प्रतिदिन की है। पाइपलाइन में खराबी और जबलपुर के प्लांट से एलपीजी की खेप भोपाल भेजे जाने से सप्लाई प्रभावित है। यही कारण है घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि दो-चार दिन में रसोई गैस की किल्लत दूर हो जाएगी और वेटिंग में कमी आएगी।   20 दिन से है संकट जबलपुर में एचपी कंपनी के गैस सिलेंडर 20 दिनों से उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहे हैं। जो उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच रहे हैं, उन्हें भी घंटों कतारबद्ध होना पड़ रहा है। इनमें से अधिकांश को फिर भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। जिले में करीब साढ़े तीन लाख गैस उपभोक्ता हैं, जिसमें एचपी, भारत और इंडेन एलपीजी गैस कनेक्शन धारक हैं। खाद्य विभाग के मुताबिक एचपी कंपनी के बाटलिंग प्लांट की पाइपलाइन में खराबी आने से मांग और आपूर्ति बाधित हो रही है। गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है सूत्रों के अनुसार जबलपुर और भोपाल समेत प्रमुख शहरों में बने एलपीजी रिफिल प्लांट तक वाहनों की मदद से एलपीजी आती है। कैप्शूलनुमा वाहनों के संचालक का काम निजी कंपनी के पास है। इस कंपनी का भोपाल में गैस पहुंचाने का टेंडर खत्म हो गया है। इस वजह से एचपीसीएल के माध्यम से रिफिल से भरे ट्रक को भोपाल भेजा जा रहा है।

अभेद्य हुई अयोध्या: हाई-लेवल सिक्योरिटी चेक में सेना ने परखी हर परत

अयोध्या  पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई-अलर्ट पर हैं। अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह से पहले अयोध्या पूरी तरह अभेद्य हो चुकी है। आज भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक आसमान पर मंडराता रहा। इस दौरान हेलिकॉप्टर ने राम जन्मभूमि परिसर तथा आसपास के इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस एयर-सर्विलांस को सुरक्षा इंतजामों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई चूक न हो। ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनजर अयोध्या की सुरक्षा हुई अभेद्य रविवार दोपहर सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक अयोध्या के आसमान में उड़ता रहा और राम जन्मभूमि परिसर व आसपास के क्षेत्रों की निगरानी करता रहा। रामलला मंदिर क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। राम जन्मभूमि चौक और हनुमानगढ़ी मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सुबह से लेकर रात तक सुरक्षा बलों की कई चरणों में चेकिंग चल रही है।  मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की व्यवस्था और VVIP मूवमेंट के लिए स्पेशल रूट तैयार किए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें भी अलर्ट मोड में तैनात हैं। साइबर टीम सोशल मीडिया पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि किसी 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनज़र सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं दी जा सकती। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।