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संसदीय कार्य मंत्री ने आमजन के सुने परिवाद और अधिकारियों को दिए निर्देश

जयपुर, संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा है कि प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के निराकरण के साथ ही समग्र जन कल्याण और सामुदायिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इन प्रयासों में कहीं कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पटेल ने यह बात सोमवार को जोधपुर सर्किट हाऊस में जनसुनवाई के दौरान कही। उन्होंने आमजन की समस्याओं को सुना तथा इनके बारे में संबंधित अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए उनके संतोषपूर्ण एवं त्वरित समाधान के लिए व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान किए। श्री पटेल ने कहा कि जनता तथा क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के प्रति अधिकारी गंभीरता बरतें तथा जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए सुशासन से परिपूर्ण राज-काज का आदर्श प्रस्तुत करें। इसके लिए विभागीय स्तर पर जन समस्याओं के निस्तारण की पहल करें ताकि क्षेत्रवासियों की समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सकें और इसके लिए उन्हें किसी प्रकार की देरी का सामना न करना पड़े। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि बुनियादी लोक सेवाओं तथा जन सुविधाओं की नियमित एवं निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों का सर्वोपरि दायित्व है, जिसे उन्हे पूरी संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करना चाहिए ताकि सुशासन के संकल्पों को साकार किया जा सकें। आमजन की समस्याओं को तसल्ली से सुनते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि समस्याओं का यथोचित समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। जनसुनवाई में राजस्व, डिस्कॉम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण, नगर निगम, जोधपुर विकास प्राधिकरण तथा जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा कर अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी समाधान करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

इलाहाबाद हाई कोर्ट से डिग्री मामले में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को बड़ी राहत

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को इलाहाबाद हाई कोर्ट से डिग्री मामले में बड़ी राहत दी है। दरअसल, कोर्ट ने दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। आप को बता दें दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने उप मुख्यमंत्री की डिग्री मामले में पुनरीक्षण याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया कि केशव प्रसाद मौर्य ने जिस डिग्री के आधार पर पेट्रोल पंप लिया है और चुनाव में हलफनामा दायर किया वह अमान्य है। ऐसे में एफआईआर दर्ज कर विवेचना की जानी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 25 मई को आदेश रिजर्व कर लिया था। फिलहाल इस मामले में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहत दे दी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुधियाना में उद्योगपतियों से भेंट कर निवेश के लिये दिया आमंत्रण

मध्यप्रदेश की गतिशीलता-शांति और संसाधनों का लाभ उठाएँ निवेशक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जहां संभावना दिखती है, वहां नियम बदलने से नहीं हिचकिचाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुधियाना में उद्योगपतियों से भेंट कर निवेश के लिये दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लुधियाना स्थित वर्धमान औद्योगिक परिसर में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से भेंट की और उन्हें मध्यप्रदेश की समावेशी, उदार और निवेश-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार  न केवल उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि यदि किसी सेक्टर में संभावना दिखती है, तो वहां आवश्यकतानुसार नियमों में परिवर्तन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष अवसर उपलब्ध हैं और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर की हुकुमचंद मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य हो रहा है और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सौ करोड़ रु. से अधिक के सेटलमेंट क्लियर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और श्रमिकों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता हर स्तर पर बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर की जेसी मिल और उज्जैन की हीरा मिल के मामले में भी राज्य सरकार ने सह्रदयता से निर्णय किये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हित में निर्णय लेने के लिए कैबिनेट स्तर पर नीतियों में बदलाव को भी तैयार है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में आकर संभावनाओं को देखें और राज्य की गतिशीलता, शांति और संसाधनों का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि राज्य में टेक्सटॉइल, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग गुड्स, स्टील प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे सेक्टरों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से यह भी कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि एक जनकल्याणकारी राज्य के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब तबके के लिए एयर एंबुलेंस सेवा और राहगीर सेवा योजना जैसी अभिनव योजना क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं की उद्योगपतियों ने सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर की सोच और संवेदनशीलता शायद ही किसी अन्य राज्य में दिखती हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्धमान ग्रुप के एमडी नीरज जैन, राल्सन इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन संजीव पहवा, कंगारू इंडस्ट्रीज के एमडी अंबरीश जैन, टीके स्टील रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी लोकेश जैन, रजनीश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राहुल आहूजा, फार्मपार्ट्स कंपनी के उपाध्यक्ष जे.एस. भोगल, सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा, कमल (सरजवन होजरी) के प्रतिनिधि सुदर्शन जैन और अरुण जैन सहित विभिन्न सेक्टर के उद्योगपतियों ने मुलाकात की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में बिजली दरें प्रतिस्पर्धी हैं और नियम संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सोलर और पॉवर सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर कोई पर्यावरणीय क्लियरेंस लंबित है, तो मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर उसे शीघ्र दिलाने का भी प्रयास करेगी। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीति स्पष्टता, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि देश के सबसे भरोसेमंद और निवेश के योग्य राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है। 

राजस्थान के विकास से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा , मुख्यमंत्री शर्मा ने राज्यपाल से की मुलाकात

  जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपालहरिभाऊ बागडे से मुलाकात की। राज्यपाल बागडे से उन्होंने राजस्थान के  विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। राज्यपाल बागडे से मुख्यमंत्री शर्मा की यह शिष्टाचार भेंट थी।

डोडा चूरा तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने संदिग्ध पिकअप से 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का डोडा चूरा और हथियार किए जब्त

उदयपुर शहर की प्रतापनगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का डोडा चूरा जब्त किया है। यह कार्रवाई बीती रात देबारी टी-प्वाइंट पर की गई, जहां नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने की कोशिश की। थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह के अनुसार चित्तौड़गढ़ की ओर से आती एक पिकअप जैसे ही पुलिस के नाकाबंदी पॉइंट के पास पहुंची, तो ड्राइवर ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया लेकिन आरोपी ड्राइवर और उसका साथी वाहन को सड़क किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर पहाड़ियों की ओर भाग निकले। पुलिस टीम ने जब पिकअप की तलाशी ली तो खलासी की सीट के पास से एक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वाहन के पिछले हिस्से में रखे गए 68 प्लास्टिक के कट्टों में कुल 1395 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा पाया गया। बरामद डोडा चूरा की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है। पुलिस ने पिकअप वाहन, अवैध मादक पदार्थ और हथियार को जब्त कर लिया है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें जंगलों और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।

देर नहीं, अब एक सॉफ्टवेयर से संचालित होंगी सरकारी और निजी एंबुलेंस सेवाएं

ग्वालियर मध्य प्रदेश सरकार ने राहवीर योजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिसके अंतर्गत राज्य की सभी सरकारी और निजी एंबुलेंस को एक ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित किया जाएगा। यह कदम प्रदेश को एंबुलेंस सेवाओं के एकीकृत प्रबंधन में एक नया आयाम प्रदान करेगा। मध्य प्रदेश संभवतः ऐसा करने वाला पहला राज्य होगा, जहां सभी एंबुलेंस एक ही प्लेटफार्म पर संचालित होंगी। राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।   लोकेशन के आधार पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस को बुलाएगा वर्तमान में, प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग, एमपीआरडीसी, एनएचएआइ और निजी एंबुलेंस सेवाएं संचालित हैं, लेकिन अब परिवहन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं, जो सड़क दुर्घटना की लोकेशन के आधार पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस को बुलाएगा। इस योजना के तहत डायल-100 सेवा को एंबुलेंस सेवा के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे घायल व्यक्तियों को शीघ्र सहायता मिल सकेगी। एंबुलेंस सेवाओं की भूमिका की समीक्षा प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के पास लगभग एक हजार एंबुलेंस हैं, जिनमें 300 जननी एक्सप्रेस भी शामिल हैं। इन सभी एंबुलेंस को भी इस नए सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, ताकि घायल व्यक्तियों को गोल्डन टाइम में अस्पताल पहुंचाया जा सके। राहवीर योजना के लागू होने के बाद एंबुलेंस सेवाओं की भूमिका की समीक्षा की गई है। वर्तमान में, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न एजेंसियों के बीच एंबुलेंस सेवाओं का संचालन एकीकृत नहीं है। जैसे कि हाइवे पर एंबुलेंस की सहायता के लिए एनएचएआइ का नंबर और 108 सेवा अलग है। कॉल भी इसी सॉफ्टवेयर पर होगी दर्ज अब राहवीर योजना के तहत घायलों के गोल्डन टाइम को बचाने के लिए एक ही कॉल पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस भेजी जाएगी। डायल-100 सेवा के अंतर्गत आपातकालीन कॉल करने पर सूचना दी जाती है, और अब यह कॉल भी इसी सॉफ्टवेयर पर दर्ज होगी। जब सड़क दुर्घटना की सूचना मिलेगी, तो सबसे नजदीकी एंबुलेंस तुरंत भेजी जाएगी। देर से एंबुलेंस पहुंचने के घटेंगे मामले इस नए सॉफ्टवेयर का पूरा नियंत्रण भोपाल से होगा, जिससे एंबुलेंस के देर से पहुंचने की घटनाओं में कमी आएगी। अक्सर देखा गया है कि एंबुलेंस देर से पहुंचने के कारण घायल की जान पर संकट आ जाता है। अब एंबुलेंस की शीघ्रता से उपलब्धता से पीड़ित का प्राथमिक इलाज भी तुरंत शुरू हो सकेगा। स्वास्थ्य और परिवहन विभाग मिलकर सॉफ्टवेयर तैयार करा रहे हैं, जिसमें सभी एंबुलेंस सरकारी और निजी को एक ही जगह जोड़ा जा रहा है। यह डायल-100 से जुड़ेगा और कॉल पहुंचने पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस जाएगी। प्रदेश ऐसा करने वाला संभवतः पहला राज्य होगा। राहवीर योजना के दृष्टिगत यह कवायद की जा रही है। किरण कुमार, उपायुक्त, परिवहन विभाग, मध्य प्रदेश

सेवकराम ने कुटुंब न्यायालय में अर्जी दाखिल कर पत्नी की पेंशन से 25 हजार रुपए प्रतिमाह की मांग

 पथरिया  एमपी के जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। पथरिया से BJP की पूर्व MLA सोना बाई के दिव्यांग पति सेवकराम अहिरवार ने उनसे गुजारा भत्ता मांगा है। सेवकराम ने कुटुंब न्यायालय में अर्जी दाखिल कर पत्नी की पेंशन से 25 हजार रुपए प्रतिमाह की मांग की है। उनका कहना है कि 2016 में दुर्घटना में पैर खराब होने के बाद वे दिव्यांग हो गए और अब मजदूरी करने में भी असमर्थ हैं। सेवकराम का आरोप है कि सोना बाई ने उन्हें अपमानित किया और बाद में छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें उनके साथ रहने में शर्म आती थी। 1993 में हुई थी शादी सेवकराम अहिरवार और सोना बाई की शादी 1993 में हुई थी। सेवकराम ने बताया कि 2003 में सोना बाई ने राजनीति में आने की इच्छा जताई। उनके सहयोग से सोना बाई 2003 में से BJP के टिकट पर चुनाव जीतीं और 2008 तक MLA रहीं। सेवकराम के अनुसार, पत्नी के MLA रहते सब ठीक था, लेकिन 2009 में सोना बाई ने उन्हें अपमानित करना शुरू कर दिया और कुछ समय बाद छोड़ दिया। हालांकि, दोनों का तलाक नहीं हुआ है। 2016 में एक पैर खराब हो गया सेवकराम ने बताया कि 2016 में एक दुर्घटना में उनका एक पैर खराब हो गया। अब वे दिव्यांग हैं और मजदूरी भी नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने पत्नी से गुजारा भत्ता मांगा है। सेवकराम के वकील नितिन मिश्रा ने बताया कि दिव्यांग होने के कारण सेवकराम को भरण पोषण की आवश्यकता है। कोर्ट से नोटिस मिलने पर देंगे जवाब इस मामले पर सोना बाई का कहना है कि वे कोर्ट से नोटिस मिलने पर ही जवाब देंगी। सोना बाई और सेवकराम के तीन बच्चे हैं। सौरव, नीरज और प्रवीण. तीनों बच्चे अपनी मां सोना बाई के साथ रहते हैं। उनका एक बेटा डॉक्टर है और मकरोनिया के सरकारी अस्पताल में कार्यरत है। सोना बाई अभी भी BJP में हैं, लेकिन उनके पास कोई पद नहीं है। पहले सेवकराम करते थे ठेकेदारी पहले सेवकराम ठेकेदारी करते थे, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने यह काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि पत्नी के MLA बनने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आया। बड़े-बड़े नेताओं से संपर्क होने के कारण उनमें गुरूर आ गया। सेवकराम का आरोप है कि सोना बाई को उनके साथ रहने में शर्मिंदगी महसूस होती थी।

नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी :CM साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

थाना रामनगर पुलिस ने गुमशुदा को 06 दिवस के भीतर दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा

रामनगर पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी कोतमा के मार्गदर्शन में  गुमशुदा दस्तयाबी के अभियान के अंतर्गत थाना रामनगर पुलिस द्वारा गुमशुदा व्यक्ति को मात्र 06 दिवस के भीतर तलाश कर सकुशल परिजनों को सुपुर्द किया गया।          दिनांक 30/06/2025 को फरियादी श्रीमती सीमा राठौर(परिवर्तित नाम), उम्र 35 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 6/6 खदान रोड द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उनके पति राजेश राठौर उम्र 40 वर्ष दिनांक 28/06/2025 से अपने घर से कहीं चले गए हैं और वापस नहीं लौटे।         गुम इंसान क्रमांक 31/25 गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कर गुमशुदा की तलाश की जा रही थी। ने मुखबिरों की सहायता से लगातार प्रयास किए। अंततः दिनांक 06/07/2025 को गुमशुदा राजेश राठौर(परिवर्तित नाम) को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों को सौंपा गया। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक सुमित कौशिक, एएसआई संतोष पट्टा , प्र आर. राजेंद्र अहिरवार की भूमिका सराहनीय रही है ।

राजा भोज इंटरनेशनल विमानतल को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मचा

 भोपाल  राजधानी भोपाल के राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। यह धमकी एक ईमेल के जरिए एयरपोर्ट डायरेक्टर को भेजी गई, जिसमें दावा किया गया कि एयरपोर्ट परिसर में विस्फोटक उपकरण लगाए गए हैं और किसी भी वक्त विस्फोट कर एयरपोर्ट को उड़ा दिया जा सकता है। इस धमकी भरे ईमेल ने एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट मोड पर ला दिया।   जांच में जुटी पुलिस  इधर सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रबंधन ने भोपाल के गांधीनगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। गांधीनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और विमानन सुरक्षा नियमों के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को तुरंत मौके पर बुलाया गया, और पूरे एयरपोर्ट परिसर, टर्मिनल, बैगेज एरिया और आसपास के इलाकों की गहन तलाशी ली गई।  एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से धमकी की सूचना गांधीनगर थाने को भी दी गई, जिसके चलते अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और विमानन सुरक्षा नियमों के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया गया है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को तुरंत मौके पर पहुंची और एयरपोर्ट परिसर, टर्मिनल, बैगेज एरिया समेत आसपास के इलाकों की गहन तलाशी ली जा रही है। फिलहाल, अबतक कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस और साइबर सेल की टीमें इस धमकी भरे संदेश के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। पहले भी मिल चुकी है ऐसी धमकी ये पहली बार नहीं, जब राजा भोज एयरपोर्ट को ऐसी धमकी मिली हो। बीते कुछ महीनों में भोपाल में यह चौथी ऐसी घटना है, जहां एयरपोर्ट सहित अन्य स्थानों जैसे निजी लैब और स्कूलों को भी बम की धमकियां मिल चुकी हैं, जो बाद में फर्जी साबित हुई थीं। खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि, क्या ये धमकियां किसी बड़े आतंकी साजिश का हिस्सा हैं या महज शरारत। हाल के महीनों में देश के कई अन्य हवाई अड्डों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, और कोलकाता को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं, जो जांच में फर्जी पाई गई थीं। पहले भी कई बार मिल चुकी है धमकियां  पुलिस और साइबर सेल की टीमें अब इस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। यह पहली बार नहीं है जब राजा भोज एयरपोर्ट को ऐसी धमकी मिली हो। बीते कुछ महीनों में भोपाल में यह चौथी ऐसी घटना है, जहां एयरपोर्ट सहित अन्य स्थानों जैसे निजी लैब और स्कूलों को भी बम की धमकियां मिल चुकी हैं, जो बाद में फर्जी साबित हुई थीं। खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या ये धमकियां किसी बड़े आतंकी साजिश का हिस्सा हैं या महज शरारत। हाल के महीनों में देश के कई अन्य हवाई अड्डों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, और कोलकाता को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं, जो जांच में फर्जी पाई गई थीं।