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सदन में खाद संकट की गूंज: विपक्ष ने घेरा सरकार को, धरना देकर लगाए ‘इस्तीफा दो’ के नारे

रायपुर  विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन खाद संकट पर विपक्ष ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को घेरा. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल के सदस्यों ने पहले गर्भगृह में पहुंचकर ‘खाद की कालाबाजारी बंद करो’ जैसे नारे लगाए, इसके बाद सदन से वॉकआउट किया. कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने सदन ने प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश खाद की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने खाद का पूछा कि जून तक करीब आधा भंडारण हुआ है आपूर्ति का क्या प्लान है? कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि भारत सरकार से लगातार संपर्क में है, किसी तरह की कोई कमी खाद की नहीं हो इसपर नजर है, डीएपी की जहां कमी थी वहां दूसरे खाद को प्रमोट कर रहे हैं, डीएपी नैनो को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं. बहुत से रैक प्वाइंट पर खाद पहुंचने वाला है. 20 जुलाई तक 18850 मैट्रिक टन खाद यानि कुल 24 रैक अभी मिलने वाला है, जिसमें एनपीके और डीएपी खाद भी रहेगा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि डीएपी की कालाबाजारी क्यों हो रही है? इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अभी तक 1 लाख 72 हजार मैट्रिक टन डीएपी आ गया है, 18 हजार मैट्रिक टन अगले 5 दिन में और आ जाएगा, कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी.

ग्राम प्रधान से लेकर मुख्यमंत्री तक बनेगा एकीकृत सिस्टम, यूपी में डिजिटल प्रशासन का नया मॉडल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जल्द ऐसी तकनीकी व्यवस्था लागू करने जा रही है जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर ग्राम प्रधान तक और सभी विभाग एक ही नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। वन स्टेट वन नेटवर्क योजना आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग तैयार कर रहा है। जिससे प्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। यह जानकारी बुधवार को आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने दी। अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालय और ग्राम सभा स्तर तक सभी संस्थाएं मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी। विभागों में बेहतर तालमेल होगा और कामकाज में तेजी के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डेटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लागू की जा रही इस योजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों के साथ मंथन किया जा रहा है। राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही है। जमीन आवंटन का कार्य किया जा रहा है और जल्द दूसरे शहरों में भी एआई सिटी स्थापित की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्री ने बताया कि योजना को अमली जामा पहनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। डाटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। मंत्री ने जानकारी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए लखनऊ में एआइ सिटी की स्थापना की जा रही है। इसके लिए जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी एआइ सिटी विकसित की जाएगी। प्रदेश में जल्द ही इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वार्ता के दौरान सरकारी स्कूलों के विलय और धर्मांतरण से जुड़े सवालों पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष अच्छे कार्यों में भी बाधा डालता है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण मामले में सिर्फ छांगुर नाम का एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है, जिसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सपा को परिवारवाद की पार्टी बताया और कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित लोकतांत्रिक पार्टी है, जो राष्ट्रहित में निर्णय लेती है। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सपा पर हमला बोला उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के कार्य में सिर्फ छांगुर ही नहीं बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। स्कूल मर्जर और अन्य मुद्दों पर उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया और कहां की वह हर अच्छे कार्य में अवरोध पैदा करता है। सपा परिवारवादी पार्टी है और भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है ।

प्रोटोकॉल में भारी चूक: दूषित डीजल से सीएम काफिले की कारें बंद, पेट्रोल पंप संचालक पर कार्रवाई

रतलाम  रतलाम में मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल से जुड़ी गाड़ियों में मिलावटी डीजल भरने का मामला अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है। 27 जून को एमपी राइज 2025 कार्यक्रम के दौरान सीएम के प्रोटोकॉल में शामिल 19 इनोवा कारें डोसीगांव स्थित भारत पेट्रोलियम के मेसर्स से रिफ्लिंग कराई गई थी।  रतलाम जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील कर तीन डीजल सैंपल लिए, जिन्हें BPCL लैब मांगलिया भेजा गया। अब आई जांच रिपोर्ट में डीजल में पानी की मिलावट की पुष्टि हुई है। पंप संचालक शक्ति बुंदेल और पंप मैनेजर अमरजीत डाबर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में पाया गया कि पंप के डीजल टैंक में 197.43 लीटर पानी मौजूद था, और स्टॉक में 720 लीटर का अंतर मिला। घटना के बाद से पेट्रोल पंप अब तक बंद है और आगे की कार्रवाई पुलिस के हाथों में है। बता दें कि 26, जून की रात सीएम के काफिले में शामिल होने के लिए प्राइवेट गाड़ियां इंदौर से रतलाम आई थीं। डोसीगांव में स्थित भारत पेट्रोलियम के मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पाईंट पर 19 इनोवा कारों में एक साथ डीजल भराया। डीजल भराने के बाद कारे कुछ दूरी तक ही चली और बंद हो गई। इन सभी को धक्का मारकर पेट्रोल पंप पर लाकर खड़ा किया था। जब प्रशासन को इस बारे में जानकारी लगी तो हड़कंप मच गया। अधिकारी पेट्रोल पंप पहुंचे। गाड़ियों के टैंक खुलवाकर डीजल खाली कराया तो उसमें डीजल के साथ पानी निकला। मामला सीएम से जुड़ा होने के कारण उसी रात पेट्रोल पंप को सील कर दिया। रात में ही प्रशासन ने इंदौर से अन्य गाड़ियों का इंतजाम किया। दूसरी गाड़िया इंदौर से रतलाम पहुंची। 27 जून को 3 सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट आई मामला सामने आने के बाद 27 जून को जिला आपूर्ति विभाग ने डीजल के 3 सैंपल लेकर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के मांगलिया लेब में टेस्ट के लिए भेजे गए। करीब एक पखवाड़ा बाद लेब से टेस्ट रिपोर्ट मिल गई है। जिला आपूर्ति विभाग ने आगे की कार्रवाई को लेकर थाना औद्योगिक क्षेत्र को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले की रिपोर्ट पर 27 जून को थाना औद्योगिक क्षेत्र ने पेट्रोल पंप संचालक शक्ति बुंदेल पति हेमराज बुंदेल और पंप मैनेजर अमरजीत पिता बल्लू डाबर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज किया था। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार जांच में पाया कि पंप संचालक ने लापरवाही बरतते हुए वाहनों में अपमिश्रित डीजल भरा गया, जो कि उन्हें नहीं करना चाहिए था। तब से लेकर आज तक पेट्रोल पंप बंद है। पेट्रोल पंप संचालक जनसुनवाई में कलेक्टर के पास भी पहुंचे थे, ताकि पेट्रोल पंप को चालू कराया जा सके। जिला आपूर्ति अधिकारी ने टाली जवाबदेही जांच रिपोर्ट के संबंध में जब दैनिक भास्कर ने जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले से जानकारी मांगी, तो वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने शुरुआत में कहा कि रिपोर्ट सीधे पुलिस को भेज दी गई है। जब रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी मांगी गई तो उन्होंने मामले को पुलिस की जांच से जोड़ते हुए कहा कि उनका काम केवल सैंपल लेकर जांच के लिए भेजना था। विभागीय जिम्मेदारी की बात उठाने पर उन्होंने कैमरे के सामने आने से बचते हुए स्वीकार किया कि जांच में डीजल में पानी की मिलावट पाई गई है। लेकिन जब आगे की कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे पुलिस का मामला बताकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। विशेष रूप से चिंताजनक यह है कि मामला मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़ा होने के बावजूद जिला आपूर्ति अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यहां तक कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। प्रशासन का दावा: गाड़ियां सीएम काफिले की नहीं मामले में ड्राइवरों और प्रशासन के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। जहां ड्राइवरों ने गाड़ियां बंद होने पर बताया कि वे इंदौर से सीएम के काफिले में शामिल होने के लिए आए थे, वहीं जिला प्रशासन ने अगले दिन स्पष्ट किया कि ये केवल प्रोटोकॉल के लिए आई वीआईपी गाड़ियां थीं। प्रशासन के अनुसार, इन गाड़ियों के लिए मेसर्स इम्पेक्ट ट्रेवल्स इंदौर अधिकृत एजेंसी है। एजेंसी को शर्तों के तहत अपडेटेड कंडीशन में गाड़ियां, डीजल और ड्राइवर सहित प्रोटोकॉल के लिए उपलब्ध करानी थीं। गाड़ियों में ईंधन भरवाने की जिम्मेदारी भी ट्रेवल एजेंसी की थी, न कि जिला प्रशासन की। जानकारी के अनुसार, इम्पेक्ट ट्रेवल्स इंदौर ने इनोवा गाड़ियां रतलाम भेजीं और उन्हीं के द्वारा मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पाइंट डोसीगांव रतलाम से डीजल भरवाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ये गाड़ियां मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि अन्य प्रोटोकॉल के लिए थीं। डीजल भरवाने के बाद ये गाड़ियां कुछ दूरी तय करने के बाद बंद हो गईं। स्टॉक में मिला अंतर – जांच रिपोर्ट अधिकारियों ने पंप के डेंसिटी और स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान डीजल के विक्रय के बाद शेष स्टॉक एवं डीप स्टॉक में 720 लीटर का अंतर पाया गया। यह मान्य छूट सीमा 426 लीटर से अधिक था। ऑटोमेशन डिस्प्ले में डीजल टैंक में वाटर लेवल 6.63 सेंटीमीटर तथा पानी की मात्रा 197.43 लीटर दिखाई दे रही थी, जो स्पष्ट करता है कि डीजल टैंक में पानी मिल रहा था। अधिकारियों ने पंप से 5995 लीटर पेट्रोल एवं 10657 लीटर डीजल जप्त किया। 184 में से मात्र 50 पंपों की जांच रतलाम जिले में कुल 184 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन आपूर्ति विभाग अब तक केवल 50 पेट्रोल पंप की ही जांच कर पाया है। मुख्यमंत्री से मामला जुड़ा होने के कारण भोपाल स्तर से प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप की जांच के आदेश दिए गए थे। कलेक्टर द्वारा हर तीन माह में पेट्रोल पंप की जांच का रोस्टर भी बनाया गया है। भारत पेट्रोलियम कंपनी के एरिया मैनेजर श्रीधर ने जांच रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्होंने आपूर्ति अधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है और इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। कलेक्टर राजेश बाथम ने कहा-पेट्रोल कंपनी को भेजेंगे रिपोर्ट प्रोटोकॉल की अधिकृत वैंडर की गाड़िया थीं। डीजल में पानी मिलने की … Read more

सिवनी में दिल दहला देने वाला कांड: अपहरण के बाद 6 और 9 साल के बच्चों की गला रेतकर हत्या

सिवनी  सिवनी जिले में मंगलवार शाम से लापता दो मासूम भाइयों की गला रेतकर हत्या कर दी गई।  दोपहर को दोनों के शव अंबा माई के जंगल में बरामद हुए। मृतकों की पहचान मयंक ढाकरिया (9) और दिव्यांश ढाकरिया (6) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। कोतवाली थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने बताया कि सुभाष वार्ड निवासी पूजा ढाकरिया (30) ने मंगलवार रात अपने दोनों बेटों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि शाम करीब 5 बजे वह घरों में काम करने गई थी, इस दौरान दोनों बच्चे घर पर ही थे। रात करीब आठ बजे वह वापस लौटी तो बच्चे घर में नहीं मिले। रात 11 बजे तक भी उनका कोई पता नहीं चला तो उसने पुलिस को सूचना दी।  पुलिस ने बच्चों की तलाश शुरू की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बच्चों के शव अंबा माई के जंगल में मिले जो घर से करीब 13 किलोमीटर दूर है। दोनों बच्चों की बेरहमी से गला रेतकर हत्या की गई है। आरोपियों ने शवों को पत्थरों से ढंक दिया था।  पुलिस को शुरुआती जांच में वारदाम में किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। डूंडा सिवनी और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। घटनास्थल से डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए हैं। बच्चों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।   

छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा

उत्तर प्रदेश ATS ने छांगुर और नसरीन पर ले सकती है बड़ा फैसला, कई राज खुलने बाकी मास्टरमाइंड छांगुर बाबा का भतीजा सोहराब गिरफ्तार, आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा मेरठ उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट से जुड़े हाई-प्रोफाइल केस में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है. मामले की तह तक पहुंचने के लिए यूपी एटीएस अब मुख्य आरोपी छांगुर बाबा और उसकी साथी नसरीन का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार, दोनों से हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. लेकिन कुछ अहम सवालों के जवाब अब तक अधूरे हैं, जिनकी गुत्थी सुलझाने के लिए यह टेस्ट जरूरी माना जा रहा है. एटीएस सूत्रों का कहना है कि छांगुर, नसरीन और उनके सहयोगी नवीन रोहरा ने पूछताछ में कई राज खोले हैं, लेकिन कई जानकारियां या तो अधूरी हैं या जानबूझकर भ्रम फैलाने वाली. ऐसे में एजेंसियों को शक है कि ये आरोपी सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक चार गिरफ्तार यूपी धर्मांतरण के मामले में एटीएस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है , जिसमें 5 जुलाई को छांगुर और उसकी कारखास नीतू को गिरफ्तार किया था. उसके बाद उनकी रिमांड मांगी गई थी. कोर्ट ने Ats को नीतू और छांगुर की 7 दिनों की PCR दी थी, जिसमें ये दोनों 10 जुलाई से लेकर 16 जुलाई तक ATS के पास थे. इस दौरान Ats ने इनसे तमाम अलग-अलग तरीके से पूछताछ भी है. इस पूछताछ में नीतू और छांगुर के बताए गए तथ्यों के अलावा नीतू के पति नवीन उर्फ जमालुद्दीन के बताए तथ्यों को भी खंगाला गया है जिसमें कई पहलू सामने है. तो वहीं कुछ पहलू भ्रमित करने वाले हैं , जिस कारण अब एटीएस उनका नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट करने की लिए सोच रही है. दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने छांगुर के कई देशी और विदेशी खातों की जांच भी शुरू कर दी है. ईडी ने इस मामले में छापेमारी भी की है. मास्टरमाइंड छांगुर बाबा का भतीजा सोहराब गिरफ्तार, आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से छांगुर बाबा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई। अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टर माइंड छांगुर बाबा के भतीजे सोहराब को आजमगढ़ से गिरफ्तार कियाहै। ये कार्रवाई बुधवार देर रात यूपी एसटीेफ ने उतरौला से की है। सोहराब पर आजमगढ़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है। बता दें कि इससे पहले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को यूपी एटीएस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में मामले में अब तक 5 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा दिल्ली और वेस्ट यूपी में धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा और उसके करीबी बदर अख्तर सिद्दीकी के नेटवर्क की पोल अब खुलती जा रही है। इस गैंग का मेरठ से भी पुराना कनेक्शन सामने आया है। मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के भूनी गांव की रहने वाली प्रिया त्यागी वर्ष 2019 में इसी गिरोह का शिकार बनी थी। वह दिल्ली में एयर होस्टेस का कोर्स कर रही थी, तभी इस्लामाबाद, लिसाड़ीगेट मेरठ निवासी बदर अख्तर सिद्दीकी के संपर्क में आई। बदर ने उसे मॉडलिंग और बेहतर जीवनशैली का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। कुछ ही समय बाद प्रिया लापता हो गई, जिसके बाद परिजनों ने सरूरपुर थाने में अपहरण की धारा में रिपोर्ट (मुकदमा संख्या 223/2019) दर्ज कराई। हालांकि, प्रिया बालिग थी, इसलिए कोर्ट ने उसे अपनी मर्जी से कहीं भी रहने की छूट दी। लेकिन 18 अक्टूबर 2019 को जब वह वापस घर लौटी, तो परिजनों और पुलिस को चौंका देने वाले खुलासे किए। प्रिया ने बताई बदर की हैवानियत प्रिया ने बताया कि बदर ने उसे जबरन नशे की लत लगवाई, कई बार सिगरेट से जलाया, भूखा रखा और धर्मांतरण का लगातार दबाव बनाया। यह वही तरीका था, जिसे अब छांगुर बाबा और बदर पर लगे ताजा आरोपों में दोहराया जा रहा है। उस समय भी प्रिया के पिता दर्शन त्यागी ने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी नोएडा की गौर सिटी में पढ़ाई कर रही थी, तभी बदर ने उसे निशाना बनाया। कई लड़कियों के गायब होने का आरोप प्रिया की वापसी के बाद, उसके परिजनों ने बदर अख्तर के खिलाफ कई अन्य युवतियों को गायब करने के भी आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया था कि असिया नाज पुत्री कमर हुसैन निवासी चुड़ीवालान, दिल्ली भी बदर के संपर्क में आने के बाद लापता हो गई थी। पुलिस उसे आज तक तलाश नहीं सकी। इसके अलावा एक आशा नाम की लड़की भी लापता बताई गई थी, जिसका कोई सुराग नहीं मिला। वहीं अंतरा शर्मा नाम की युवती ने बदर से शादी की थी, लेकिन 2019 में कोर्ट से तलाक हो गया था। इन सभी मामलों में पुलिस की जांच उस वक्त निष्क्रिय रही, जिससे धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश छह साल पहले ही हो सकता था। ड्रग्स और ब्रेनवॉश का नेटवर्क छांगुर बाबा और बदर के नेटवर्क को लेकर अब जो खुलासे हो रहे हैं, वो साल 2019 की प्रिया कांड से मेल खाते हैं। युवतियों को पहले नशा देकर मानसिक रूप से कमजोर किया जाता था और फिर ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता था। प्रिया और उसके पिता पहले ही इन तरीकों की जानकारी पुलिस को दे चुके थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जब छांगुर और बदर के खिलाफ कई राज्यों में शिकंजा कस रहा है, तो मेरठ की यह पुरानी घटना इस नेटवर्क की गहराई और तैयारी को उजागर करती है। यह सवाल भी खड़ा होता है कि अगर 2019 में ही इस मामले को गंभीरता से लिया जाता, तो कितनी ही बेटियां बच सकती थीं।    

ब्रिटेन की संसद में धीरेंद्र शास्त्री सम्मानित, बागेश्वर धाम आने का दिया निमंत्रण

लंदन  कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किया गया. उन्हें सांसदों के एक समूह द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जहां संसद परिसर के एक विशेष कक्ष में यह सम्मान समारोह आयोजित हुआ. यह सम्मान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को मानवता के लिए उनके कार्यों, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया.कार्यक्रम में यूके की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो सिटी की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन और हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बारोनेस वर्मा मौजूद थीं. मानवता के कार्यों के लिए सांसद समूह ने किया शास्त्री का सम्मान लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित इस विशेष समारोह में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भारत में गरीब कन्याओं के विवाह समारोह, हर दिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों की सराहना की गई. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उनके सभी कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जो नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश देती है. उन्होंने लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया. धीरेंद्र शास्त्री के कार्यों की सराहना की कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यों की सराहना की गई। उनके द्वारा भारत में गरीब बेटियों के विवाह, हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल बनाने जैसे कार्यों की चर्चा हुई। इस मौके पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्हें यह प्रेरणा अपने शास्त्रों और भारतीय संस्कृति से मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में 'नर को ही नारायण मानकर सेवा' का संदेश दिया गया है।   बागेश्वर धाम आने का न्यौता इस कार्यक्रम में ब्रिटेन की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो शहर की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन, हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बैरोनेस वर्मा मौजूद थीं. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन सभी कार्यों की प्रेरणा उनके धर्मग्रंथों और भारतीय संस्कृति से मिलती है जिसमें नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश दिया जाता है. लंदन में इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने सभी भारतीयों और लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण भी दिया. उन्होंने आगे कहा कि 'भारतीय जीवन पद्धति और सनातन का मार्ग ही विश्व शांति का सर्वोत्तम मार्ग है. एक सनातनी ही पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और उसके कल्याण की कामना करता है. हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और अपनाने की आवश्यकता है'.  बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया उन्होंने लंदन में एक भाषण दिया और सभी भारतवंशियों और लंदन के लोगों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म सबसे अच्छा रास्ता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सनातनी पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और सबके कल्याण की कामना करता है। हमें अपनी संस्कृति को समझने और अपनाने की जरूरत है। हनुमान चालीसा का हुआ पाठ ब्रिटेन की संसद में हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। कभी यहाँ भारत की बात नहीं सुनी जाती थी, लेकिन आज यहां हनुमान चालीसा गूंज रही है। बागेश्वर महाराज की मौजूदगी में सांसदों और अन्य लोगों ने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। महाराज ने कहा कि सुभाष शुक्ला ने जो संदेश दिया, उसे सबको याद रखना चाहिए। गीता पढ़कर हिंदू हो गए ब्रिटेन की संसद में पाकिस्तानी मूल के मोहम्मद आरिफ ने कहा कि उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन भगवत गीता पढ़कर वे हिंदू हो गए हैं। उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री से पूछा कि क्या हिंदू होने के लिए नाम बदलना जरूरी है? क्या बिना नाम बदले हिंदू नहीं हो सकते?पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब दिया कि हिंदू धर्म एक मानवता की विचारधारा है। यदि आप भागवत गीता पढ़ रहे हैं, तो आपका इतना ही परिचय काफी है। दिल में विचार बदल गए तो आप सनातनी हो गए। बागेश्वर धाम में ली जाएंगी सेवाएं एक सवाल के जवाब में बागेश्वर महाराज ने कहा कि जो लोग भी दुनिया में मानवता के लिए काम कर रहे हैं, उनकी सेवाएं बागेश्वर धाम में ली जाएंगी। इससे गरीबों की समस्याएं हल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर अस्पताल बनने के बाद डॉक्टरों का दल उसे चलाएगा। साथ ही, दुनिया के विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेमिनार के माध्यम से बागेश्वर धाम बुलाकर गरीबों की सेवा का मौका दिया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर लंदन में विश्व शांति के लिए रोजाना हवन पूजन कर रहे हैं. इससे विश्व में शांति और सद्भावना बनी रहे. बाबा बागेश्वर ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हम भारत से इतनी दूर हैं, लेकिन दिल के बहुत करीब हैं। उन्होंने कहा कि वे लोगों को देखकर समझ रहे हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा अंग्रेजी नहीं आती है। उन्होंने कहा कि अगर लंदन लोगों की कर्मभूमि है, तो दोनों देशों का प्रेम बना रहे।

CM साय की बड़ी पहल: गांव-गांव पहुंचेगी चिकित्सा सुविधा, 151 वाहन किए रवाना

रायपुर  प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा. यह ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है. पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं. यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा. इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी. यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे. प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए और 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं. उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है. उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं. इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण और गणमान्यजन उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विश्व विख्यात खेल अधोसंरचना डिज़ाइन कंपनी ‘पॉपुलस’ के प्रतिनिधियों ने भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विश्व विख्यात खेल अधोसंरचना डिज़ाइन कंपनी ‘पॉपुलस’ के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी जॉर्ज बेटनकौर ने मध्यप्रदेश में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के विकास के लिए अपने विज़न का प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में राज्य के उभरते खेल अधोसंरचना सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों और साझेदारी की दिशा में सार्थक चर्चा हुई। पॉपुलस एक अग्रणी वैश्विक वास्तुकला एवं डिज़ाइन कंपनी है, जो खेल, मनोरंजन और सार्वजनिक स्थलों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। पिछले तीन दशकों में कंपनी ने छह महाद्वीपों में 3,000 से अधिक परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इसका मुख्यालय अमेरिका के कैनसस सिटी में स्थित है, जबकि लंदन, ब्रिसबेन और अन्य प्रमुख वैश्विक शहरों में इसके कार्यालय हैं। पॉपुलस का डिज़ाइन दर्शन नवाचार, पर्यावरणीय स्थायित्व और उपयोगकर्ता अनुभव की उत्कृष्टता पर आधारित है। कंपनी स्टेडियम, एरीना, कन्वेंशन सेंटर, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों की मास्टर प्लानिंग, ई-स्पोर्ट्स और सामुदायिक खेल सुविधाओं के डिज़ाइन में दक्ष है। इसकी कुछ प्रतिष्ठित परियोजनाओं में लंदन का वेम्बली और टॉटनहैम हॉटस्पर स्टेडियम, भारत का नरेन्द्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद), और हांगकांग का काई तक स्पोर्ट्स पार्क शामिल हैं। पॉपुलस पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत सजग है और बीआईएम, पैरामीट्रिक मॉडलिंग व मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर ऐसे स्थल विकसित करती है, जो दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य सृजित करते हैं।  

स्वच्छता रैंकिंग में अंबिकापुर की बड़ी छलांग, देशभर में दूसरा स्थान मिला

अंबिकापुर  अंबिकापुर नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी पहचान बना ली है। उसे सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया है। 17 जुलाई को दिल्ली में अंबिकापुर को एलीट क्लब में शामिल शहरों के बीच सुपर स्वच्छ लीग के परिणाम के बाद सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव को यह सम्मान दिया। अंबिकापुर नगर निगम ने शहर को सुंदर बनाने के लिए काम किया और पिछली बार के सर्वे में जो कमियां थीं, उन्हें दूर किया। अंबिकापुर नगर निगम ने पहले भी स्वच्छता के लिए बहुत काम किया है। लेकिन कुछ समय से उसकी रैंकिंग गिर गई थी। इस बार नगर निगम ने और भी ज्यादा मेहनत की। शहर को साफ रखने के साथ-साथ उसे सुंदर भी बनाया। लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया। जिसके फलस्वरूप उसे सुपर स्वच्छ लीग में टॉप जगह मिल गई है। सर्वे के बाद आए नतीजे स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम शहर में दो बार आई। पहली बार उन्होंने सामान्य स्वच्छता का सर्वे किया। दूसरी बार स्टार रेटिंग के लिए टीम आई और फिर ओडीएफ प्लस प्लस के लिए टीम आई। ओडीएफ प्लस प्लस का मतलब है कि शहर में शौचालय की अच्छी व्यवस्था है और उनका सही इस्तेमाल हो रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद अब नतीजे घोषित किए गए। इस कैटेगरी में मिला अवार्ड इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में कुछ नए नियम भी जोड़े गए थे। इनके आधार पर शहरों का मूल्यांकन किया गया। 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले शहरों में अंबिकापुर को पहला स्थान मिला है। यह अंबिकापुर के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। स्वच्छता छत्तीसगढ़ की संस्कृति- डेप्युटी सीएम छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव ने इस खुशी के पल को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि स्वच्छता छत्तीसगढ़ की संस्कृति का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ की अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ के अपने 3 करोड़ परिवारजनों के प्रतिनिधि के रूप में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में सम्मिलित हो रहा हूं। कर्मचारियों की तारीफ उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के निकायों को जो सम्मान मिल रहा है, वह बहुत खुशी की बात है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत की तारीफ की। कचरा बेचकर निगम को होती है आमदनी नगर निगम अंबिकापुर कचरा बेचकर कमाई करता है। इसके लिए प्रॉपर कचरे को छांटा जाता है। सेनिटेशन सेंटर में इस पूरे कचरे को गीला, ठोस के रूप में अलग करता है। हर महीने इसकी बिक्री होती है। करीब तीन साल में अंबिकापुर नगर निगम में करीब दो करोड़ की आमदनी कचरा बेचने से हो चुकी। इसके अलावा कंपोस्ट खाद से भी आय हो रही है।

नारायण शैक्षणिक संस्थान ने नारायण शैक्षणिक योग्यता परीक्षा 2025 का 20वां संस्करण शुरू

भोपाल  नारायण शैक्षणिक संस्थान ने नारायण शैक्षणिक योग्यता परीक्षा (NSAT)-2025 का 20वां संस्करण शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश नारायण आईआईटी-जेईई/नीट/फाउंडेशन अकादमी के डीजीएम श्री सलाम सर ने बताया कि NSAT एक बहुप्रतीक्षित वार्षिक शैक्षणिक योग्यता परीक्षा है, जो कक्षा 5 से 11 (विज्ञान) तक के छात्रों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है। इसमें उत्कृष्टता के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक का नकद पुरस्कार दिया जाता है। योग्य उम्मीदवार अपनी शैक्षिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए 100% वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आयोजित की जाएगी। ऑफलाइन परीक्षा 5 और 12 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जबकि ऑनलाइन परीक्षा के लिए छात्र 19 और 20 अक्टूबर को परीक्षा दे सकते हैं। NSAT 2025 देश भर के 300 से अधिक शहरों के 5000 से अधिक स्कूलों के छात्रों तक पहुँचेगा। यह परीक्षा विज्ञान, गणित और बौद्धिक क्षमता जैसे विषयों पर आधारित होगी, जिसमें चिंतन कौशल को प्रोत्साहित करने वाले प्रश्न होंगे। चार दशकों से अधिक की विरासत के साथ, नारायण शैक्षणिक संस्थान लगातार नए मानक स्थापित करके शैक्षणिक उत्कृष्टता के स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं। अपने विश्वास – "आपके सपने हमारे सपने हैं" के अनुरूप, नारायण शैक्षणिक और व्यक्तिगत सफलता की खोज में छात्रों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एनएसएटी-2025 का शुभारंभ नारायण भोपाल केंद्र, एम.पी. नगर, जोन-॥ में मुख्य अतिथि डॉ. डी. किशन, पीएचडी, प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल द्वारा किया गया। विशिष्ट अतिथि श्री पी.के. पाठक (एनटीए) राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, भोपाल और जोनल समन्वयक एवं सहोदय ग्रुप ऑफ़ सीबीएसई स्कूल्स और संस्कार इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य थे। एनएसएटी के बारे में परिचय और विवरण केंद्र प्रमुख कमल बलानी और शाखा प्रबंधक योगेश दंडोतिया द्वारा दिया गया। नारायण के बारे में परिचय संकाय दिव्यप्रकाश मिश्रा द्वारा दिया गया और मुकाती सर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन। अधिक जानकारी के लिए ! संपर्क करें या पोर्टल – www.nsatnarayanagroup.com