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रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद

रायपुर : मुख्यमंत्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री साय से भूमि संसाधन सचिव की सौजन्य भेंट, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद भू-अभिलेख सुधार, डिजिटल सर्वे और राजस्व न्यायालयों में मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें। केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है। जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, कीर्तन राठौर, अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।

राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने रायपुर जिले के ग्राम कुंवरगढ़ में बुनकरों द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी और उन कार्यो का अवलोेकन करने का अनुरोध राज्यपाल से किया।

श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में बड़ा खुलासा: छात्राओं के यौन उत्पीड़न पर सीनियर डॉक्टर पर गिरी गाज

रीवा  रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 नर्सिंग छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न और अभद्रता करने के मामले में ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ को सस्पेंड कर दिया गया। उन्हें सस्पेंड करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मेडिकल कालेज में जमकर हंगामा किया गया था और उन पर कार्रवाई की मांग की थी। हाल ही में रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 छात्राओं ने मेडिकल कालेज से संबद्ध गांधी स्मृति चिकित्सालय के ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ पर यौन उत्पीड़न और अभद्रता सहित कई आरोप लगाए थे। बीएससी नर्सिंग की 80 छात्राओं ने यौन दुर्व्यवहार और असहज व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि डॉक्टर के व्यवहार से वे खुद को असुरक्षित और मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हैं। इसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया। नर्सिंग काॉलेज के प्राचार्य ने छात्राओं के विभाग में जाने पर रोक लगा दी थी। इस मामले की जांच के लिए नेत्र रोग विभागाध्यक्ष शशि जैन के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी छात्राओं के समर्थन में उतर आया था और डाक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर मेडिकल कालेज में हंगामा किया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें 10 दिनों का आश्वासन दिया गया था। अब डॉक्टर अशरफ पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन पत्र में बताया गया है कि डॉक्टर अशरफ द्वारा प्रस्तुत जवाब संतुष्ट नहीं पाए जाने पर उन पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।

रेलवे Reservation चार्टिंग प्रक्रिया में हुआ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन,वेटिंग में अटका टिकट कंफर्म हुआ या नहीं 8 घंटे पहले हो जाएगी खबर

भोपाल  पैसेंजर्स की सुविधा और ट्रेन सिस्टम में रिफॉर्म के लिए रेलवे लगातार ताबड़तोड़ कदम उठा रही है. OTP से टिकट बुकिंग हो या नया रेलवे सुपर ऐप, रेलवे ने पिछले कुछ दिन में कई सारे बड़े कदम उठाए हैं. इसी कड़ी में रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट के नियमों में भी बड़ा परिवर्तन कर दिया है. रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, अब लोगों को एक दिन पहले ही पता चल जाएगा कि उनका टिकट कंफर्म हुआ या नहीं.  यह नई व्यवस्था 15-16 जुलाई 2025 की मध्यरात्रि से लागू होगी और भोपाल मंडल सहित देशभर में एकसाथ प्रभावी होगी। अब तक यह चार्टिंग प्रक्रिया ट्रेन चलने के 4 घंटे पहले की जाती थी, लेकिन नई प्रणाली में यह समय सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है। इससे वेटिंग और आरएसी यात्रियों को उनकी सीट की स्थिति पहले ही पता चल सकेगी, जिससे वे वैकल्पिक योजना बना सकेंगे। चार्टिंग का नया समय इस तरह होगा     ट्रेन प्रस्थान सुबह 5:00 से दोपहर 2 के बीच: पहला चार्ट पिछली रात 10 बजे तक तैयार होगा।     ट्रेन प्रस्थान दोपहर 2 से अगली सुबह 5 के बीच: पहला चार्ट प्रस्थान से 8 घंटे पूर्व बनेगा।     दूसरा चार्ट: वर्तमान समयानुसार प्रस्थान से 30 मिनट पहले ही तैयार किया जाएगा।     रिमोट लोकेशन (दूरस्थ स्टेशनों): इन पर भी यह नियम समान रूप से लागू होगा। भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि, अब इमरजेंसी कोटे के आवेदन भी एक दिन पहले ही स्वीकार किए जाएंगे। जिससे आवंटन में पारदर्शिता और समय प्रबंधन बेहतर होगा। उनके अनुसार, "इस बदलाव से यात्रियों की यात्रा योजना बेहतर होगी और सीट कन्फर्मेशन की स्थिति समय से पता चलने पर उनकी असुविधाएं कम होंगी। यह नवाचार रेलवे की यात्री हितैषी नीतियों की दिशा में एक बड़ा कदम है।" कब बन जाएगा टिकट रिजर्वेशन चार्ट रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, अब ट्रेन के प्रस्थान (departure) समय के अनुसार चार्टिंग के नियम इस प्रकार होंगे- 1. सुबह 5:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनें इन ट्रेनों का पहला आरक्षण चार्ट पिछली रात 9:00 बजे (21:00) तक तैयार कर लिया जाएगा. 2. दोपहर 2:00 बजे से रात 11:59 बजे और रात 12:00 से सुबह 5:00 बजे तक जाने वाली ट्रेनें इनका पहला आरक्षण चार्ट ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. पैसेंजर्स को होगा क्या फायदा बुकिंग स्टेटस पहले ही क्लियर हो जाएगा जिससे वेटलिस्ट या RAC वाले यात्रियों को समय रहते यात्रा की योजना बनाने में सुविधा होगी और अधिक सीटों की उपलब्धता करंट बुकिंग में बढ़ेगी. रात में सफर करने वालों को पहले चार्ट मिल जाने से ट्रैवल की पुख्ता तैयारी हो सकेगी. ट्रेनों में बेहतर सीट अलॉटमेंट संभव होगा जिससे अंतिम समय की गड़बड़ियों से बचा जा सकेगा. रेलवे ने क्यों बदल दिए ये नियम रेलवे ने यह बदलाव यात्रियों को बेटर कस्टमर एक्सपीरियंस, अधिकतम सीट यूटिलाइजेशन और डिजिटल चार्टिंग सिस्टम के तहत ट्रेनों की समय से चार्टिंग के लिए किया है. इससे करंट बुकिंग से मिलने वाला रेवेन्यू भी बढ़ेगा और यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले ही अपने टिकट स्टेटस की जानकारी मिल जाएगी.

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सह आरोपी लोकेंद्र तोमर और बलबीर अहिरवार को मिली जमानत

 इंदौर/शिलांग  राजा रघुवंशी हत्या में शिलांग की निचली अदालत में केस चल रहा है। हर तरफ एक ही सवाल है कि क्या सोनम रघुवंशी को सजा मिली और मिलेगी तो भी कैसी? राज कुशवाह का क्या होगा? वहीं कुछ लोगों को तो अब भी भरोसा नहीं हो रहा है कि सोनम ही इतने बड़े कांड की मास्टरमाइंड है। इस बीच, मामले में सह अभियुक्त लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को जमानत मिल गई है। पिछले दिनों की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ दोनों को जमानत दी।     शिलांग कोर्ट ने लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार की जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। हालांकि, इन शर्तों के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों ने जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग किया था और वे वास्तविक अपराध में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। दोनों से अनजान में और डर के कारण गलतियां हुईं। लोकेंद्र ने प्रॉपर्टी ब्रोकर शिलोम जेम्स की मदद से अपनी बिल्डिंग का एक फ्लैट सोनम को किराए पर दिया था। राजा की हत्या के बाद सोनम यहां रुकी थी। राज कुशवाह भी यहां कई बार आया। मामले सामने आने के बाद लोकेंद्र ने शिलोम पर फ्लैट खाली करने का दबाव डाला। फ्लैट खोला तो रुपयो से भरा बैग मिला, जिले लोकेंद्र अपने साथ ले गया। फिर शिलोम ने बिल्डिंग के चौकीदार बलबीर से फ्लैट की सफाई करवा कर सबूत नष्ट कर दिए। शिलोम भी शिलांग जेल में कैद है। वह भी जमानत के लिए कोशिश कर रहा है। अभी 14 दिन की रिमांड पर है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में उसे भी जमानत मिल जाएगी। Sonam Raghuvanshi को वकील मिलेगा या नहीं सोनम रघुवंशी का केस कौन लड़ेगा, इस पर अभी संदेह है। सोनम का परिवार अपना रुख साफ कर चुका है। उसके पिता और भाई कह चुके हैं कि पहले हम सोनम से मिलेंगे, उसके बाद तय करेंगे। भाई गोविंद का कहना है कि यदि Sonam Raghuvanshi कहती है कि उसने राजा की हत्या नहीं की है, तो वह उसके लिए वकील करेंगे और रिहा करने का पूरा प्रयास करेंगे। लेकिन यदि हत्याकांड कबूलती है, तो वकील नहीं करेंगे। इस बीच, Sonam Raghuvanshi के परिवार ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि सोनम को जेल से फोन करने की अनुमति मिली, तो उससे पहला फोन परिवार को किया।

इंदौर-देवास बायपास मामले में याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही दिया फैसला

इंदौर  इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर मार्ग की जर्जर हालत को लेकर दायर जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में निराकृत कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इसी विषय पर पूर्व से ही एक जनहित याचिका विचाराधीन है, ऐसे में नई याचिका की आवश्यकता नहीं है। यदि याचिकाकर्ता चाहें तो अपनी बात पूर्व याचिका में रख सकते हैं। यह याचिका नरेंद्र जैन द्वारा एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने बायपास की खराब हालत, लगातार लग रहे जाम और फ्लाइओवर निर्माण के चलते उत्पन्न ट्रैफिक समस्या को आधार बनाया था। याचिका में उठाए गए मुख्य मुद्दे इंदौर-देवास बायपास पर हाल ही में लगातार 36 घंटे लंबा ट्रैफिक जाम लगा, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। याचिकाकर्ता के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पहले से इस संभावित स्थिति की जानकारी थी, फिर भी कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया। अर्जुन बड़ौद क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाइओवर के चलते सड़क पर लंबे जाम की स्थिति पैदा हो रही है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसें और आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कोर्ट की टिप्पणी सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर पहले से ही एक जनहित याचिका लंबित है। शासन की ओर से यह जानकारी अदालत को दी गई। इस पर न्यायालय ने नई याचिका को निरस्त कर दिया और याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे अपनी बात पहले से लंबित याचिका में ही रखें। बायपास की हालत बनी चिंता का विषय इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर रोड की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। बारिश के मौसम में गड्ढों और निर्माण कार्य के कारण हालात और बिगड़ जाते हैं। हालिया जाम की स्थिति ने प्रशासन और NHAI की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया पर सक्रिय समूहों की मांग है कि- निर्माण कार्य की स्पष्ट टाइमलाइन जारी की जाए। वैकल्पिक मार्गों की ठोस योजना बनाई जाए। NHAI और जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूर्ण करें।  

बरेली में 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराने का आरोपी गिरफ्तार

बरेली बरेली जिले की फरीदपुर थाना पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर उनका धर्मांतरण कराने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।बरेली दक्षिणी क्षेत्र की अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की  पहचान लालजी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मऊ जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि लालजी के पास से जो कागजात व पुस्तकें मिली हैं, उनसे लग रहा है कि वह लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहा था। एएसपी ने कहा कि आरोपी के संपर्कों और आर्थिक स्रोत की जानकारी के लिए पुलिस सघन जांच कर रही है और जल्द सच्चाई सामने आएगी। पुलिस के अनुसार लालजी योजनाबद्ध तरीके से अब तक 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करा चुका था, जिनके नाम उसने डायरी में नोट किए थे। इसके अलावा पुलिस ने उसके कमरे से बाइबिल और चार डायरी आदि भी बरामद की है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल पर लोगों से हुई बातचीत की भी जानकारी हासिल कर रही है। एएसपी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार लालजी पर आरोप है कि वह हिंदू धर्म के आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को रुपये, नौकरी, मकान और विवाह जैसे प्रलोभन देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सुनील कुमार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने खुद आरोपी की सभा में जाकर इसकी पुष्टि की और पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से मिली चार डायरी से और भी राज सामने आने की संभावना है। इन डायरियों में क्षेत्र के तमाम लोगों के नाम लिखे हैं और हर नाम के आगे लिखा है, ‘‘उपदेश दे दिया गया।'' फरीदपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राधेश्याम ने बताया कि इससे पुलिस अनुमान लगा रही है कि डायरी में जितने भी नाम लिखे गए हैं, आरोपी ने उन सभी का धर्मांतरण करा दिया है। लालजी 2002 में फरीदपुर रहने आया था। वह मूल रूप से मऊ जिले के मुंगेश्वरी गांव का निवासी है। उसने पुलिस को बताया कि पहले वह इधर-उधर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था, लेकिन 2008 में 'ब्रेन हेमरेज' होने पर वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुआ, जहां के एक डॉक्टर और नर्स (ईसाई) से वह काफी प्रभावित हुआ।  

मध्यप्रदेश में जुलाई में बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 17 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है. जुलाई के महीने में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, अब तक प्रदेश में 18 इंच बारिश हो चुकी है. सोमवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. मंगलवार को भी प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बारिश के कारण नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रदेश में 16 जून से मानसून एंटर हुआ था। तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में तो 103% तक पानी गिर चुका है। मंडला, टीकमगढ़ में भी बारिश का कोटा 75% तक फुल हो गया है। अगले 4 दिन यानी 18 जुलाई तक तेज बारिश का दौर चलेगा। शिवपुरी में अटल सागर डैम के 6 गेट खोले, श्योपुर में बाढ़ सोमवार को मंडला में 9 घंटे में 2 इंच बारिश हो गई। वहीं, खरगोन में डेढ़ इंच पानी गिरा। टीकमगढ़-उमरिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी के चलते सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे बांध के 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। वहीं, बड़ौदा में बाढ़ जैसे हालात रहे। यहां दुकानों-मकानों के अलावा अस्पताल में भी पानी भर गया। शिवपुरी जिले के रन्नौद क्षेत्र में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां कई लोगों के घरों में पानी भर गया। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। इससे 3 भैंसों की मौत हो गई। मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया। रायसेन में उफनते नालों के बीच मड रैली हुई। जिसमें गाड़ियां दौड़ाई गई। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश का दौर चला। लगातार बारिश का दौर जारी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में हफ्तेभर से बारिश का दौर जारी है. इन जिलों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हैं. लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.  17 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार को 17 जिलों में भारी बारिश अलर्ट जारी किया है. नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है. प्रदेश में हल्की बारिश वहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के बाकी बचे जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है. इन जिलों में सामान्य बारिश हो सकती है, या फिर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं.  अगले चार दिन होगी बारिश मौसम विभाग की माने तो एमपी से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है. इसके साथ ही कम दबाव का क्षेत्र भी एक्टिव है. यही वजह है कि लगातार बारिश का दौरा जारी है. अगले चार दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है. कई जिलों में चार दिन का बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  सोमवार को हुई बारिश सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश हुई.  अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर बढ़ने से अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए. वहीं श्योपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो गया. मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया. भोपाल में तेज बारिस का दौर जारी रहा. 

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट स्वच्छ भारत मिशन में 100 करोड़ रूपये निवेश की योजना भोपाल  प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिशन पिंक टॉयलेट प्रारंभ किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मिशन में 100 करोड़ रूपये के निवेश की कार्ययोजना तैयार की है। मिशन के माध्यम से प्रदेश के सभी निकायों में मिशन पिंक टॉयलेट तैयार किये जायेंगे।