samacharsecretary.com

ठंड से बचना पड़ा भारी: कांग्रेस नेता की अलाव से लगी आग में दर्दनाक मौत

भानुप्रतापपुर पूर्व जनपद सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पुसऊ राम दुग्गा की जलने से मौत हो गई. आशंका जताई जा रही है कि उन्हें हार्टअटैक आया होगा, जिसके बाद तड़पने से पास में जल रहे अलाव से बिस्तर में आग लगी गई, जिससे बिस्तर में ही उनकी मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, पुसऊ राम दुग्गा को बीती रात सीने में दर्द महसूस होने पर उन्होंने परिजनों से मालिश करवाई थी. रात में ठंड से बचाव के लिए बिस्तर के समीप अलाव जलाया गया था. देर रात अचानक घर में सामान जलने की आवाज आने पर अन्य कमरों में सो रहे परिजन मृतक के कमरे में पहुंचे. सामने जो नजारा देखने को मिला उससे सबके होश उड़ गए. पुसऊ राम पूरी तरह से जल चुके थे, और मौत भी हो चुकी थी. परिजनों ने कमरे में लगी आग को आनन-फानन में बुझाया, और उसके बाद शव को कमरे से बाहर निकालकर भानुप्रतापपुर पुलिस को सूचना दी. मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा. पुसऊ राम दुग्गा के परिजनों के अलावा जिले में कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता की मौत पर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पुसऊ राम दुग्गा की मौत कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है.

बंदूक की गूंज से फलों और फूलों की महक तक का सफर

बस्तर में साग-सब्जी, फलों की खेती से चमत्कारिक बदलाव         रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नक्सल उन्मूलन की नीतियों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं ने बस्तर में विकास की नई इबारत लिख दी है। बस्तर के किसानों ने पारंपरिक धान, सरसों की खेती के साथ-साथ अब साग-सब्जी, फल, फूल की खेती से भी फायदा लेना शुरू कर दिया है। अब बस्तर में गोलियों की गूंज की जगह फलों और फूलों की खुशनुमा महक बिखर रही है। बस्तर में यह बदलाव कोई संयोग नहीं, बल्कि मेहनत, नवाचार और दूरदर्शिता का परिणाम है। वर्ष 2001-02 में सब्जियों की खेती महज 1,839 हेक्टेयर में सिमटी थी और उत्पादन केवल 18,543 मीट्रिक टन था। आज वही इसमें लगातार वृद्धि हुई है जिसका परिणाम है की अब सब्जियों का रकबा 12,340 हेक्टेयर चुका है और उत्पादन 1.90 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है।     बस्तर विश्व पटल पर एक ऐसा नाम जो कभी नक्सल की काली छाया और पिछड़ेपन की गहरी खाई में डूबा माना जाता था, आज वह बस्तर कृषि के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी बहुल इलाके में अब पारम्परिक खेती के स्थान पर टमाटर और मिर्च की खेती न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही है, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बाजारों तक अपनी पहुंच भी बना रही है। अब बस्तर की मिट्टी में ड्रैगन फ्रूट की लालिमा, अमरूद की मिठास, चकोतरा की ताजगी, पपीते का रस और मिर्च की तीखापन खेतों में लहलहा रहे हैं। वे फल एवं मसाले जो कभी यहां उत्पादित नहीं हुए अनुकूल वातावरण और वैज्ञानिक सलाह से विकास की नई गाथा लिख रहे हैं।     बस्तर में फलों की बगिया 643 हेक्टेयर से बढ़कर 14,420 हेक्टेयर तक पहुंच गई है एवं उत्पादन 4,457 मीट्रिक टन से बढ़कर 64,712 मीट्रिक टन हो गया। यहां के किसानों द्वारा राज्य निर्माण के पूर्व कभी व्यापारिक स्तर पर फूलों की खेती नहीं की गयी थी आज वहां 207 हेक्टेयर में 13 सौ मीट्रिक टन फूलों का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार मसाले इस क्षेत्र में सीमित मात्रा में उत्पादित होते थे अब 11 सौ  हेक्टेयर से 9,327 मीट्रिक टन मसालों का उत्पादन यहां हो रहा है। औषधीय एवं सुगंधित पौधे जो कभी सीमित मात्रा में होते थे उनका भी किसानों द्वारा 66 सौ मीट्रिक टन से अधिक का उत्पादन किया जा रहा है।         इस हरित क्रांति में शासन की योजनाओं एवं आधुनिक तकनीक से आमूल चूल परिवर्तन दिखाई दिए हैं। एक ओर जहां किसानों को रियायती दरों पर आदान समाग्री प्राप्त हुई है वहीं शेडनेट योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागबानी मिशन से किसानों का उद्यानिकी फसलों की ओर रुझान बढ़ा है। जिसका मुख्य कारण लगातार तकनीकी मार्गदर्शन और सहायतासे है। जिससे किसानों ने लाभ लेकर जिले में 3.80 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस लगाए गए हैं, करीब 19 हजार वर्गमीटर में पॉली हाउस, शेडनेट द्वारा 1.47 लाख वर्गमीटर में हाईब्रिड बीज भी तैयार किए जा रहे हैं जिनके लिए उन्हें शासन द्वारा अनुदान भी प्राप्त हुआ है।जगदलपुर के आसना में प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग यूनिट भी स्थापित है जो रोग-मुक्त पौधे न्यूनतम कीमत पर किसानों को मुहैय्या करवा रहे हैं।         सिंचाई के क्षेत्र में भी लगभग 3.5 हजार हेक्टेयर में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम बिछाकर पानी की हर बूंद को सोना बनाया जा रहा है। ऑयल पाम योजना के तहत 735 हेक्टेयर में 499 किसानों द्वारा आधुनिक तरीकों से पाम की खेती की जा रही है वहीं बास्तानार में 58.64 हेक्टेयर में विशेष रूप से कॉफी एवं 20 हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की कृषि की जा रही है।     बस्तर की यह यात्रा आंकड़ों से कहीं आगे है, यह उन सैकड़ों किसानों की मुस्कान है, जो कभी बादलों के रहम पर जीते थे और आज तकनीक, प्रशिक्षण और सरकार की योजनाओं के सहारे अपने सपने बुन रहे हैं। माओवादियों की बंदूकें अब खामोश हैं, और खेतों में नई फसलें गुनगुना रही है। बस्तर के लोग अब आजीविका के समुचित साधनों के जरिए जीवन-यापन को बेहतर करने सहित खिलखिला रह रहे हैं।

खेल प्रतियोगिता में जा रही छात्राओं का ऑटो दुर्घटनाग्रस्त, सात छात्राएं घायल

गौरेला-पेंड्रा मरवाही पेंड्रा थाना क्षेत्र के अड़भार मुख्य सड़क मार्ग पर तेज रफ्तार ऑटो पलटने से 6-7 स्कूली छात्राएं घायल हो गईं। छात्राएं खेलकूद कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पेंड्रा जा रही थीं। हादसे में दो छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, छात्राओं से भरी ऑटो सड़क पर अचानक मवेशी से टकरा गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायल छात्राओं को इलाज के बाद सुरक्षित घर भेज दिया गया। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने खेल प्रबंधन की लापरवाही पर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि खेल आयोजनों में छात्राओं को ऑटो में भर-भर कर लाया जा रहा है, जबकि जिले में खेल प्रबंधन की ओर से छात्राओं को भेजने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। वहीं हादसे की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।

सीएम योगी की अगुवाई में बही देशभक्ति की बयार, गूंजा एकता का उद्घोष

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने किया एकता यात्रा का शुभारंभ रास्ते भर पुष्पवर्षा के बीच हुआ मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत अगणित हाथों में लहराता रहा तिरंगा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी हुई प्रस्तुति रानी लक्ष्मीबाई, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और भारत माता व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर सीएम ने अर्पित की पुष्पांजलि गोरखपुर, “राष्ट्र प्रथम” की भावना में उत्साह, उमंग और उल्लास से सराबोर जनसमूह, अगणित हाथों में लहराता तिरंगा, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के गूंजते स्वर, तथा पुष्पवर्षा की निर्बाध श्रृंखला—इन सभी ने सोमवार को गोरखपुर को देशभक्ति के एक अद्भुत दृश्य का साक्षी बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यह दृश्य लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में निकाली गई एकता यात्रा के दौरान देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर शहर से इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ किया। नगर निगम परिसर से गीता वाटिका के पास स्थित विश्वंभर पाठक पार्क तक निकली इस यात्रा में एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना पूरी तरह उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री योगी गोलघर काली मंदिर के पास सरदार पटेल चौराहे तक स्वयं पदयात्रा में भी सम्मिलित हुए। यात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने नगर निगम परिसर में अपने गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात नगर निगम पार्क में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रथम स्वातंत्र्य समर की वीरांगना को नमन किया। मंच पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने भारत माता और “वंदे मातरम्” के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।      मंच से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल और “वंदे मातरम्” से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से जनसमूह का मार्गदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम के बाहर टाउनहाल स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एकता यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया।     यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जलशक्ति मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। अपार जनसमूह इस यात्रा में शामिल हुआ। लोग तिरंगा झंडा हाथों में लिए “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष कर रहे थे। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, पूरा मार्ग राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रंग गया। टाउनहाल से लेकर पटेल चौराहा (गोलघर काली मंदिर) तक सड़कों के किनारे खड़े हर उम्र वर्ग के लोगों तथा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान गांधी आश्रम के पास एक बालक सरदार पटेल का चित्र लिए खड़ा था। जिसे मुख्यमंत्री ने बुलाकर उसके हटीं से सरदार पटेल की तस्वीर ली और आशीर्वाद दिया।       यात्रा मार्ग पर जलकल बिल्डिंग, गांधी आश्रम, बलदेव प्लाजा और काली मंदिर के समीप कलाकारों के दलों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। यात्रा के काली मंदिर पहुंचने पर सीएम योगी ने मां काली और अन्य देव विग्रहों का दर्शन-पूजन किया तथा मंदिर के सामने स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा को गंतव्य की ओर रवाना किया।

निकाय चुनाव नियमों में राहत: दो से अधिक बच्चों वाले प्रत्याशियों को भी मौका

 जयपुर  राजस्थान सरकार अब पंचायत, नगरपालिका और नगर निकाय चुनावों में दो बच्चों की शर्त खत्म करने जा रही है. 1994 में लागू किए गए इस कानून के तहत दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी. अब सरकार इस नियम को हटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. सूत्रों के अनुसार, आरएसएस के दबाव के बाद सरकार ने इस कानून पर पुनर्विचार शुरू किया है. विभाग ने अध्यादेश का मसौदा तैयार कर लिया है और उसे कैबिनेट के पास भेजने की तैयारी चल रही है. संभावना है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार इसे मंजूरी के लिए पेश करेगी. नियम हटाने की दिशा में सरकार ने बढ़ाया कदम  शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने संकेत दिए हैं कि सरकार को इस नियम को लेकर कई ज्ञापन मिले हैं. उन्होंने कहा कि जब लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है, तो सिर्फ स्थानीय चुनावों में यह भेदभाव क्यों हो. अगर यह शर्त हटा दी जाती है, तो ग्रामीण इलाकों की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. हजारों लोग जो अब तक दो से अधिक बच्चों के कारण चुनाव नहीं लड़ पाते थे, वे अब उम्मीदवार बन सकेंगे. सरकार ने कानून पर पुनर्विचार शुरू किया इस नियम को 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया था. अब तीन दशक बाद सरकार इसे खत्म करने की तैयारी में है.

ग्राहकों से वसूली की रकम खुद पर उड़ाई, फाइनेंस कंपनी के छह कर्मचारी भेजे गए जेल

दुर्ग ग्राहकों से वसूली गई 85 लाख रुपए की बड़ी रकम का गबन करने वाले ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक की दुर्ग शाखा के छह कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मामले में 10 संग्रह कर्मचारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध किया गया है. जानकारी के अनुसार, ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक की दुर्ग शाखा के संग्रह कर्मचारियों ने ग्राहकों को लोन में दी गई रकम की वसूली करने के बाद खुद के उपयोग के लिए खर्च कर लिया. मामले में ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित देशमुख पुलगांव थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसमें बताया गया कि ग्राम चन्द्रखुरी निवासी हिरन बाई साहू अन्य 239 ग्राहकों से ईसाफ बैंक के लोन के रूप में सम्पूर्ण धनराशि लगभग 85 लाख रुपए ली गई थी. लेकिन वो रकम ईसाफ बैंक में जमा नहीं की गई. ऋण लेने वाले ग्राहकों से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि वे रकम जमा कर चुके हैं. बैंक के रकम को संग्रह कर्मचारियों ने स्वयं के निजी उपयोग में कर लिया है. आरोपियों ने 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के मध्य कुल 84,98,940 रुपए खर्च कर गबन किया. प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलगांव थाना में अप.क्र. 546/2025, थारा 420, 409, 120-बी भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया. जांच के दौरान पाया गया कि बैंक में काम करने वाले संग्रह कर्मचारी 240 ग्राहकों को दी गई लोन की राशि लगभग 85 लाख रुपए ग्राहकों से एकत्रित कर बैंक में जमा नहीं कर धोखाधड़ी किया है. प्रकरण के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें लोरमी, जिला मुंगेली निवासी टीकाराम पाटले (35 वर्ष), बसना जिला महासमुंद निवासी आकाश नायक (30 वर्ष), उरला, जिला दुर्ग निवासी ओम प्रकाश कोसरे (21 वर्ष), दल्लीराजहरा जिला बालोद निवासी आर्या गोस्वामी (25 वर्ष), आदित्य नगर, जिला दुर्ग निवासी रेशमा वर्मा (25 वर्ष) और कोसा नगर, सुपेला निवासी अंकिता पासवान (22 वर्ष) शामिल हैं. अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी शीघ्र की जाएगी.

सरदार पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सीएम योगी ने किया एकता यात्रा का शुभारंभ

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न से विभूषित एवं लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को प्रदेशभर के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एकता यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जहां सरदार पटेल के राष्ट्र के प्रति योगदान को श्रद्धा भाव से याद किया तो वहीं वंदे मातरम में संशोधन और विरोध को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राष्ट्र गीत, वंदे मातरम ने आजादी के आंदोलन में भारत की सोयी हुई चेतना को जागृत किया, उसमें पहले कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए संशोधन किया और आज फिर कुछ लोग वंदे मातरम का विरोध कर रहे हैं।           मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, मत या मजहब राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। व्यक्तिगत आस्था यदि राष्ट्र के आड़े आए तो उसे एक छोर पर रख देना चाहिए। पर, कुछ लोगों के लिए आज भी उनका व्यक्तिगत मत और मजहब बड़ा है। सपा के एक सासंद द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग जिन्ना को सम्मान देने के लिए होने वाले कार्यक्रम में तो शामिल होते हैं लेकिन लौह सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होते। वंदे मातरम भारत की सोयी चेतना को जगाने वाला गीत नगर निगम परिसर के रानी लक्ष्मीबाई पार्क से निकली एकता यात्रा के पूर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद अवसर है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रम तो प्रारंभ हुए ही हैं, साथ ही राष्ट्रगीत वंदे मातरम के भी 150वें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान वंदे मातरम भारत की सोयी चेतना को जगाने वाला गीत था। 1876 के बाद हर क्रांतिकारी, बच्चे, विद्यार्थी, युवा, अधेड़, बुजुर्ग, महिला, पुरुष ने इसका उद्घोष किया और आजादी आंदोलन में कूद पड़ा था। तब हर उम्र के व्यक्ति के लिए वंदे मातरम उसके जीवन का मंत्र बन गया था। देखते ही देखते वंदे मातरम का यही उद्घोष विदेशी दासता से भारत को मुक्त करने का मंत्र बन गया। कांग्रेस ने किया संशोधन का प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का जो मंत्र भारत की आजादी का कारण बना हो, उस मंत्र को भी सांप्रदायिक बताकर कांग्रेस ने उसमें संशोधन करने का प्रयास किया। कांग्रेस ने कहा यह पांच और छह छंद का क्यों पढ़ना है, दो छंद में ही हो इसे पूरा किया जाए। जिस वंदे मातरम को कांग्रेस के 1896-97 के अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने अपने स्वर में गाया था, उसका 1923 के अधिवेशन में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद अली जौहर ने विरोध किया। वंदे मातरम का गान शुरू होते ही जौहर अध्यक्ष के पद से उठकर के चले गए। उन्होंने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। वंदे मातरम का इस प्रकार का विरोध भारत के विभाजन का दुर्भाग्यपूर्ण कारण बना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अगर उस समय मोहम्मद अली जौहर को अध्यक्ष पद से बेदखल करके वंदे मातरम के माध्यम से भारत की राष्ट्रीयता का सम्मान किया होता तो भारत का विभाजन नहीं हुआ होता। धरती माता की उपासना का गीत है वंदे मातरम मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में कांग्रेस ने वंदे मातरम में संशोधन के लिए एक कमेटी बनाई। 1937 में उसकी रिपोर्ट आईम कांग्रेस ने कहा कि इसमें कुछ ऐसे शब्द हैं जो भारत माता को मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में प्रस्तुत करते हैं। इनका संशोधन कर दिया जाए। सीएम योगी ने कहा कि यह गीत धरती माता की उपासना का गीत है। भारत का ऋषि तो हमेशा सबका आह्वान करता रहा है कि धरती हमारी माता है और हम इसके पुत्र हैं। पुत्र होने के नाते अगर मां के सम्मान में कहीं कोई चुनौती आती है हमारा दायित्व बनता है कि हम उसके खिलाफ खड़े हों। राष्ट्रीय एकता में बाधक आस्था को रख दें एक ओर सीएम योगी ने कहा कि मेरा यह मानना है कोई व्यक्ति हो, कोई जाति, मत या मजहब हो, वह किसी राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकता है। हम सब भारतवासियों को इस बारे में ध्यान रखना होगा कि हमारी आस्था अपनी जगह है। अगर हमारी आस्था, हमारी राष्ट्रीय एकता और एक अखंडता में बाधक बन रही है तो हमें उस आस्था को एक ओर करना होगा। सबसे पहले अपनी राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्राणपण से जूझने के लिए तैयार होना होगा। भारत के एक नागरिक के रूप में यह हमारा दायित्व है। कुछ लोगों के लिए मत और मजहब भारत की एकता व अखंडता से बढ़कर सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए आज भी भारत की एकता और अखंडता से बढ़कर उनका मत और मजहब बड़ा हो जाता है। उनकी व्यक्तिगत निष्ठा महत्वपूर्ण हो जाती है। वास्तव में ऐसे ही इस तरह के लोग संदेह के दायरे में नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के विरोध का कोई औचित्य नहीं है। जिन्ना के सम्मान के कार्यक्रम में शर्मनाक तरीके से शामिल होते हैं वंदे मातरम का विरोध करने वाले मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से 1947 में देश के विभाजन का कारण बनी। और, आज भी हम सब यह मानते थे कि जो लोग भारत के अंदर हैं, सभी भारत के प्रति निष्ठावान होकर के भारत की एकता और अखंडता के लिए कार्य करेंगे। पर, जब अखिल भारतीय स्तर पर वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजन प्रारंभ हुए तो फिर वही विरोध के स्वर फूटना प्रारंभ हो गए। समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने फिर से विरोध करना प्रारंभ कर दिया। सीएम ने कहा कि यह वही लोग हैं जो भारत की अखंडता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती के कार्यक्रम में शामिल में नहीं होते लेकिन जिन्ना को सम्मान देने के किसी कार्यक्रम में शर्मनाक तरीके से शामिल होते हैं। हम सबको याद रखना होगा अगर राष्ट्र के महापुरुषों को सम्मान न मिला तो हमारा … Read more

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

लोगों से बोले सीएम, हर समस्या का कराएंगे पारदर्शिता के साथ निस्तारण गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को आवास दिलाने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के उपचार में आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं और पारदर्शिता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। जनता दर्शन में एक वृद्ध महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। एक महिला ने बिटिया की शादी के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई तो सीएम ने तुरंत मौके पर मौजूद अधिकारियों को विवाह अनुदान योजना का लाभ दिलाने के लिए निर्देशित किया। एक अन्य महिला ने बिजली कनेक्शन में आ रही अड़चन की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को बिजली कनेक्शन दिलाने के लिए निर्देशित किया। जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें चॉकलेट भी दिया।

कॉमर्शियल बिजली बिल पर 1.21 रुपए का सरचार्ज, हरियाणा में उपभोक्ताओं को महंगा पड़ेगा ओपन एक्सेस

रोहतक  हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। अब बिजली उपभोक्ताओं के एक वर्ग को अधिक भुगतान करना होगा, क्योंकि बिजली विभाग ने बिजली वितरण कंपनियों के अलावा बिजली उत्पादकों या व्यापारियों से सीधे बिजली आपूर्ति प्राप्त करने वाले थोक उपभोक्ताओं पर एडिशनल सरचार्ज लगा दिया है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के चीफ इंजीनियर (कॉमर्शियल) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निगम ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के नियमों के अनुसार ओपन एक्सेस सिस्टम के तहत बिजली का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं से 1.21 रुपए प्रति किलोवाट घंटा (KWH) का एडिशनल सरचार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अधिभार सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा और यह केवल उन थोक उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो डिस्कॉम के अलावा अन्य स्रोतों से बिजली खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि ये थोक उपभोक्ता अपने खुदरा बिजली उपभोक्ताओं पर अधिभार का बोझ डाल सकते हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के चीफ इंजीनियर (कॉमर्शियल) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निगम ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के नियमों के अनुसार ओपन एक्सेस सिस्टम के तहत बिजली का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं से 1.21 रुपए प्रति किलोवाट घंटा (KWH) का एडिशनल सरचार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। 6 अगस्त से लागू होगा ये फैसला दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संशोधित अधिभार 6 अगस्त, 2025 से लागू होगा, जिस दिन एचईआरसी ने आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि नया अधिभार तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य सरकार द्वारा इसे संशोधित नहीं किया जाता। हालांकि सरकार की ओर से इसको लेकर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अधिभार सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा, और यह केवल उन थोक उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो डिस्कॉम के अलावा अन्य स्रोतों से बिजली खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि ये थोक उपभोक्ता अपने खुदरा बिजली उपभोक्ताओं पर अधिभार का बोझ डाल सकते हैं। ओपन एक्सेस सिस्टम का लेते हैं लाभ ओपन एक्सेस सिस्टम पात्र उपभोक्ताओं को, आम तौर पर 1 मेगावाट (MW) या उससे अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को, अपनी स्थानीय वितरण कंपनी तक सीमित रहने के बजाय सीधे जनरेटर या व्यापारियों से बिजली खरीदने की अनुमति देती है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रणाली उपभोक्ताओं को अपना बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने में सक्षम बनाकर प्रतिस्पर्धा और लचीलेपन को बढ़ावा देती है, जिससे लागत कम करने या नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। ओपन एक्सेस सिस्टम क्या है? ओपन एक्सेस सिस्टम, पात्र उपभोक्ताओं, विशेष रूप से मिनिमम 1 मेगावाट (MW) भार वाले उपभोक्ताओं को, अपनी स्थानीय वितरण कंपनी तक सीमित रहने के बजाय सीधे बिजली उत्पादकों या व्यापारियों से बिजली खरीदने की अनुमति देती है। यह प्रणाली उपभोक्ताओं को अपना बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने में सक्षम बनाकर प्रतिस्पर्धा और लचीलेपन को बढ़ावा देती है, जिससे लागत कम करने या नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। इस सिस्टम में विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से तीसरे पक्ष से खरीदी गई बिजली को ट्रांसमिटेड करने के लिए मौजूदा ट्रांसमिशन और सप्लाई नेटवर्क का उपयोग करना शामिल है, जिसमें उपभोक्ता पावर ग्रिड का उपयोग करने के लिए लागू शुल्क का भुगतान करते हैं।

तेज प्रताप यादव बोले: 10-15 सीटें पक्की, सरकार बने तो भी हमारा रुख साफ

पटना बिहार में सियासी बोल जब गलियों में गूंज रहे हैं, उसी बीच तेज प्रताप यादव ने एक ऐसा दावा कर दिया जिसने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि जनशक्ति जनता दल इस बार 10-15 सीटें जीतकर बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला देगी। बिहार चुनाव 2025 में हर पार्टी अपनी जीत के दावे कर रही है, लेकिन इस बार सुर्खियों में हैं जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और महुआ सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप यादव। उन्होंने खुलकर ऐलान किया है कि उनकी नवगठित पार्टी राज्य की सियासत में चौंकाने वाली एंट्री करने जा रही है। मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा, “हम 10-15 सीटें जीतेंगे… जनता का रुझान हमारे पक्ष में है। हवा बदल चुकी है।” राहुल गांधी के बयान पर बोले इससे पहले जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और एसआईआर को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वह इस चुनावी माहौल को कितना प्रभावित करेंगे, तो तेज प्रताप ने पलटवार में कहा, “इन बयानों का कोई फायदा नहीं… जनता सब जानती है। इस तरह की बातें हवा नहीं बदलने वाली।” उनका मानना है कि इस चुनाव में जनता मुद्दों से ज्यादा भरोसे और बदलाव वाली राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। और इसी भरोसे की वजह से वह अपनी पार्टी के लिए डबल डिजिट सीटों की उम्मीद कर रहे हैं। तेज प्रताप के सुरक्षा का मुद्दा भी छाया सीटों के दावे के साथ-साथ तेज प्रताप एक और वजह से सुर्खियों में रहे हैं वह है उनकी सुरक्षा। उन्होंने दावा किया कि वह खतरे में हैं और बोले, “मेरे दुश्मन मुझे मरवा भी सकते हैं… अब तो हर कोई दुश्मन जैसा लगने लगा है।” भले उन्होंने यह नहीं बताया कि दुश्मन कौन हैं, लेकिन इस बयान ने उनके सीट-दावे को और ज्यादा अखबारों और चैनलों की लाइमलाइट में ला दिया।