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मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अपडेट: राशि बढ़ी, अब मिलेगा 1500 रुपए

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण की पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति खण्डवा की तहसील मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए 7 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है। मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि किए जाने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा। आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अ‌द्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे। इसके लिए जून 2025 में 2195 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। मंत्रि-परिषद ने पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले के सभी शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी। भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के उ‌द्देश्य से प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाएंगे। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों ‌द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए रेस्को विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। यह दर डिस्कॉम की दरों से कम होना अपेक्षित हैं, जिससे शासकीय संस्थानों को बचत होगी। रेस्को मोड में शासकीय विभागों/ संस्थाओं के भवन पर विकासक इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिए सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफटॉप संयंत्र का रख-रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा। रेस्को परियोजना में ऊर्जा विकास निगम ‌द्वारा प्रत्येक जिले के समस्त शासकीय भवनों जिनकी विद्‌युत् संयोजन की कांट्रेक्ट क्षमता 20 किलोवाट या अधिक है, को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के लिए जिलेवार पृथक-पृथक निविदा का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद द्वारा पृथक-पृथक के स्थान पर एक ही निविदा संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। 20 किलोवाट कांट्रेक्ट क्षमता से कम के संयत्रों की स्थापना रेस्को व्यवस्था के माध्यम से की जायेगी। वन्य क्षेत्रों एवं ऑफ ग्रिड क्षेत्रों में कैपेक्स मोड पर सोलर रूफटॉप संयत्र स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार भोपाल में 211 साइट्स पर कुल 15 हजार 695 किलोवॉट, बुरहानपूर में 14 साइट्स पर कुल 348 किलोवॉट, छिंदवाड़ा में 31 साइट्स पर कुल 1661 किलोवॉट, देवास में 14 साइट्स पर कुल 284 किलोवॉट, ग्वालियर में 97 साइट्स पर कुल 5267 किलोवॉट, इंदौर में 106 साइट्स पर कुल 3128 किलोवॉट, जबलपुर में 49 साइट्स पर कुल 1432 किलोवॉट, कटनी में 14 साइट्स पर कुल 383 किलोवॉट, खंडवा में 16 साइट्स पर कुल 311 किलोवॉट, मुरैना में 14 साइट्स पर कुल 364 किलोवॉट, रतलाम में 29 साइट्स पर कुल 1229 किलोवॉट, रीवा में 20 साइट्स पर कुल 535 किलोवॉट, सागर में 35 साइट्स पर कुल 847 किलोवॉट, सतना में 11 साइट्स पर कुल 444 किलोवॉट, सिंगरौली में 15 साइट्स पर कुल 413 किलोवॉट और उज्जैन में 24 साइट्स पर 714 किलोवॉट कि क्षमता वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा खण्डवा की मांधाता तहसील में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड श्रेणी का एक नवीन पद तथा अमले अतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद, इस तरह कुल 7 नवीन पदों के सृजन एवं अनुमानित वित्तीय भार 52 लाख 76 हजार रूपये प्रतिवर्ष की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गायन के साथ शुरू हुई।    

‘चुनाव आयोग BJP का पाप धो रहा’ — तेजस्वी का तीखा हमला, कहा बिहार बदलेगा अब की बार

पटना दूसरे चरण के मतदान से पहले तेजस्वी यादव ने एनडीए और डबल इंजन सरकार पर जोरदार हमला किया है। सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। कल दूसरे चरण का मतदान होगा। हमने 171 जनसभा की। हर जगह लोगों में बदलाव का मूड दिखा। बेरोजगारी, पलायन से लोग परेशान हैं। 20 साल राज करने पर भी एनडीए ने बिहार को अंतिम पायदान पर कर दिया। अब बिहार के लोगों को बिहार में ही सुविधा चाहिए। कोई छठ और दीपावली में ही घर न आये, हमेशा साथ रहे। उन्होंने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी पर बिहार की जनता को पीछे रखने का आरोप लगाया और कहा कि 14 नवम्बर के बाद सब बदल जाएगा। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार इस बार इतिहास रचेंगे। कलम राज ला रहे हैं। विकसित राज्य बनेगा। बीस सालों में मुख्यमंत्री केवल सुर्खियों में रहे। लेकिन अब बिहार केवल सुर्खियों में नहीं रहेगा। पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई की सुविधा होगी। दूसरे राज्य न जाना पड़े, ऐसा बिहार बनाएंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभार आरोप लगाया। कहा कि बीजेपी पाप करती है और इलेक्शन कमीशन उसे धोने का काम करता है। नाव आयोग पहले चरण के मतदान के 4 दिन बाद भी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किये कि कितने महिला और पुरुषों ने मतदान किया। यह मजाक है। तकनीक के इस युग में ये हाल है। भाजपा के पाप को आयोग धो रहा है। आयोग मर चुका है। चुनाव आयोग बताए कि समस्तीपुर में इतनी वीवीपैट परचियां कहाँ से आई। कहा कि सत्ता में बैठे लोग घबराये हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह पटना में अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। यह बता रहे हैं कि किन किन को उठाना है। जिला को रिटायर्ड अधिकारी निर्देश दे रहे हैं। लेकिन हमारी पैनी नजर है। तेजस्वी यादव ने का कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में उद्योग-धंधों की बात नहीं करते,बस नकारात्मक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी अपराधियों के साथ मंच साझा कर रहे हैं, जिनमें आनंद मोहन, अनंत सिंह और हुलास पांडे जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग कोई संत हैं क्या। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में शामिल हो जाने पर किसी के भी सारे पाप धुल जाते हैं।  

गोरखपुर की एकता यात्रा में बोले सीएम योगी: जिन्ना के विचारों को जन्म से पहले ही खत्म करना होगा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेताओं मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद अली जौहर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" का विरोध करते हैं, वे भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' और सामूहिक "वंदे मातरम" गायन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज भी, हम उम्मीद करते हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति वफादार रहेगा और इसकी एकता के लिए काम करेगा।" उन्होंने कहा, "अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन सभी तत्वों की पहचान करें और उनका विरोध करें जो समाज को विभाजित करते हैं, चाहे वह जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर हो। ये विभाजन नए जिन्ना पैदा करने की साजिश का हिस्सा हैं।" 'भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे…' सीएम योगी ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे, और अगर कोई देश की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो "हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना चाहिए।"   मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य के लिए एकजुट होना चाहिए।" मोहम्मद अली जिन्ना 1913 से 14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद, एक साल बाद 1948 में अपनी मृत्यु तक वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने। मोहम्मद अली जौहर अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के सह-संस्थापक थे।  

बनते-बनते बदली ओवरब्रिज की दिशा, SDM ने ब्रिज कॉरपोरेशन से मांगी रिपोर्ट

सीहोर सीहोर शहर में पुराने इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास रेलवे गेट क्रमांक-104 पर बन रहा ओवरब्रिज अब विवादों में है। जब इस अधूरे ब्रिज की तस्वीर ड्रोन कैमरे से ली गई, तो यह भोपाल की तरह 90 डिग्री के तीखे मोड़ में नजर आया। दृश्य देखकर स्थानीय नागरिकों में रोष फैल गया। उनका कहना है कि ब्रिज की डिजाइन में बदलाव कर मनमानी की गई है, जिससे अब दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। 28 करोड़ की लागत, पर अधूरी योजना जानकारी के अनुसार यह ओवरब्रिज 28 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। इसकी लंबाई 700 मीटर और चौड़ाई 15 मीटर रखी गई है। इसके लिए 24 पिलर तैयार हो रहे हैं। दस मीटर ट्रैक के ऊपर 7.30 मीटर ऊंचाई तय की गई है। निर्माण शुरू होने के साथ ही तकनीकी खामियां उजागर होने लगीं। रहवासियों का कहना है कि अधिकारियों ने सर्वेक्षण किए बिना ही कार्य शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप अब ब्रिज की दिशा बदलनी पड़ी, जिससे यह 90 डिग्री एंगल का हो गया। दोनों तरफ एप्रोच रोड न बनने से गुस्सा यह ब्रिज शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर बन रहा है, जहां रोज हजारों वाहन और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। इसके बावजूद दोनों तरफ एप्रोच रोड नहीं बनाई जा रही। इस कारण लोग असुरक्षित रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों घनश्याम गुप्ता, मनोज गुजराती का कहना है कि हम विकास के खिलाफ नहीं, गलत डिजाइन के खिलाफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया, तो वे लोकायुक्त, मानव अधिकार आयोग और आखिरकार हाई कोर्ट तक जाएंगे। डिजाइन में गंभीर खामियां, जिम्मेदारी तय नहीं ब्रिज के डिजाइन को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कई इंजीनियरिंग गलतियां हैं। जहां ब्रिज उतरता है, वह भूमि निजी स्वामित्व की है। इस गलती के कारण मजबूरन निर्माण एजेंसी को ब्रिज को मोड़ना पड़ा और सिर्फ एक ओर सर्विस रोड दी गई। यही कारण है कि अब यह ब्रिज प्रदेश का शायद पहला ऐसा लहराता ओवरब्रिज बन गया है, जो सुरक्षा की बजाय जोखिम का प्रतीक बन गया है। स्थानीय विरोध तेज, प्रशासन हरकत में जैसे-जैसे विरोध बढ़ा, वैसे-वैसे प्रशासन भी हरकत में आया। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि ब्रिज कारपोरेशन के ईई ए.आर. मोरे को जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि है, जो भी त्रुटि मिलेगी, उसे सुधारा जाएगा। वहीं नागरिकों का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए। लोगों में रोष स्थानीय कांग्रेस नेताओं और रहवासियों ने कहा कि यह ब्रिज विकास की बजाय प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बन गया है। जिस शहर से होकर सीएम का गृह जिला मार्ग निकलता है, वहां ऐसा अधूरा और खतरनाक ब्रिज बनना शर्मनाक है। लोगों का कहना है कि सीहोर में विकास की रफ्तार नहीं, दुर्घटनाओं की तैयारी चल रही है। अब हर आंख इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या यह 90 डिग्री का ब्रिज सीधा होगा या जनता का विरोध और बढ़ेगा।

तरनतारन में उपचुनाव प्रचार तेज, प्रत्याशी घर-घर जाकर करेंगे संपर्क; कल रहेगें स्कूल और ऑफिस बंद

 चंडीगढ़/तरनतारन विधानसभा के हलका तरनतारन-21 में 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर पार्टियों का चुनाव प्रचार रविवार को समाप्त हो गया। आयोग ने सभी बाहरी लोगों को विधानसभा क्षेत्र छोड़ने को कहा है। इसी बीच चुनाव आयोग ने शांतिपूर्वक मतदान करवाने के लिए केंद्रीय बल की 12 कंपनियों को तैनात कर दिया है। यह पहली बार है कि जब राज्य में किसी उपचुनाव के दौरान इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बल को तैनात किया गया हो। हालांकि चुनाव आयोग ने इसका कारण जिले का पाकिस्तान की सीमा से सटा होना बताया है। इसकी पुष्टि मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने की है। उन्होंने बताया कि 222 पोलिंग स्टेशनों को कवर करते हुए सभी 114 पोलिंग केंद्रों पर केंद्रीय बल के जवान तैनात रहेंगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जिनकी निगरानी रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर चुनाव आयोग की देखरेख में की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील मतदान केंद्र स्थलों की निगरानी के लिए 46 माइक्रो आब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। वहीं, जिला चुनाव अधिकारी एस राहुल ने बताया कि अब प्रत्याशी केवल डोर टू डोर प्रचार कर सकेंगे। दस नवंबर की दोपहर को सभी पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी जाएंगी। मतदान के बाद ईवीएम को इंटरनेशनल कालेज आफ नर्सिंग (पिद्दी) में बनाए गए स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। विधानसभा में मतदाताओं की स्थिति     कुल मतदाता : 1,92,838     पुरुष : 1,00,933     महिलाएं : 91,897     थर्ड जैंडर : 8     सर्विस मतदाता : 1,357     85 वर्ष से अधिक आयु वाले मतदाता : 1,657     18 से 19 वर्षीय मतदाता : 3,333     एनआरआइ मतदाता : 306     दिव्यांग मतदाता : 1,488  

केंद्र ने पंजाब में दी 30 हजार घरों की हरी झंडी, पीएम आवास योजना 2.0 में भारी रुचि

जालंधर  अपने घर का सपना आखिर किसका नहीं होता? पंजाब के हजारों परिवारों के चेहरे इन दिनों उम्मीद की नई चमक से भरे दिखाई दे रहे हैं। वजह है प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत राज्य में 30 हजार नए मकानों को मिली मंजूरी। पिछले सात महीनों में 60 हजार से ज्यादा लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किए, जो बताता है कि लोग इस योजना को लेकर कितना भरोसा जता रहे हैं। सरकार की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त 2022 से अब तक 70,568 परिवारों को अपने घरों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। इनमें से बड़ी संख्या उन परिवारों की है जो अपने सपनों का घर बनाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे थे। एक लाख रुपये सब्सिडी दे रहा केंद्र राज्य सरकार योजना के लिए अपने हिस्से से एक लाख रुपये सब्सिडी दे रही है जबकि पहले यह राशि सिर्फ 75 हजार रुपये थी। इसी तरह डेढ़ लाख रुपये केंद्र सरकार की तरफ से भी दिए जा रहे हैं। केंद्र की मंजूरी के साथ ही लोगों को आवेदन राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। मकानों की नींव का काम पूरा होने के बाद कुल 50 हजार रुपये मिलेंगे जिसमें केंद्र का शेयर 30 और राज्य का 20 हजार रुपये होगा। इसी तरह बीम (लिंटेल) का काम पूरा होने के बाद एक लाख रुपये जारी किए जाएंगे। इसमें केंद्र 60 हजार और राज्य की तरफ से 40 हजार रुपये जारी किए जाएंगे। इसी तरह छत डालने का काम पूरा होने पर कुल 50 हजार रुपये जारी होंगे। मकान का पूरा होने के बाद 50 हजार रुपये रशि जारी की जाएगी। तीन लाख रुपये होनी चाहिए वार्षिक आय  योजना के तहत लाभार्थी को दो कमरे, एक बाथरूम, किचन बनाने के लिए राशि दी जाती है। लाभार्थी की वार्षिक आय तीन लाख रुपये होनी चाहिए। साथ ही उसके पास 45 वर्ग गज जमीन भी होनी चाहिए। जिन लोगों ने पिछले पांच साल में केंद्र व राज्य की किसी योजना का लाभ नहीं लिया, उनको यह राशि दी जाती है। स्थानीय निकाय विभाग का सर्वे जारी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से उन लोगों का सर्वे किया जा रहा है, जो योजना के तहत मकान बनाने चाहते हैं। इससे अधिक लाभार्थियों की पहचान करने में भी मदद मिल रही है। विभाग आवेदन में भी लोगों की सहायता कर रहा है। केंद्र ने अगस्त 2024 में पीएम आवास योजना 2.0 को मंजूरी दी थी। वहीं पीएम आवास योजना-1 वर्ष 2015 में जारी की गई थी ताकि पंजाब में उन गरीब लोगों को पक्का घर प्रदान किया जा सके, जो कच्चे घरों में रह रहे हैं। प्रदेश में पहले धीमी गति से योजना पर काम चल रहा था। इस कारण केंद्र ने पिछले साल निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार की तरफ से या तो तय समय के अंदर इन मकानों का काम पूरा किया जाए या फिर लंबित मकानों और राशि को सरेंडर कर दिया जाए।  कैसे मिलेगा घर बनाने का लाभ? योजना के तहत लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। ऐसे परिवारों को मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये और राज्य सरकार की तरफ से 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। बाकी राशि लाभार्थी स्वयं जुटाएगा। इसके अलावा, 75 हजार रुपये मकान तैयार होने की अवस्था अनुसार किस्तों में दिए जाएंगे। यह रकम सीधे उनके खाते में जाएगी, ताकि कोई दलाल या बिचौलिया बीच में न आए। स्थानीय निकाय विभाग कर रहा है सर्वे स्थानीय निकाय विभाग उन लोगों का सर्वे कर रहा है जो इस योजना के तहत घर बनाना चाहते हैं।     •    विभाग आवेदन में हुई गलतियों को भी ठीक कराने में मदद करेगा     •    सर्वे के बाद पात्र लोगों की सूची अंतिम रूप से तैयार होगी     •    अगस्त 2024 तक योजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जाएगा क्यों है यह योजना खास?     •    गरीब और मध्यम आय वर्ग के लिए बड़ी राहत     •    बिना बिचौलियों के सीधे लाभार्थी के खाते में पैसे     •    मकान निर्माण में पारदर्शिता     •    शहरों में झुग्गियों और असुरक्षित आवासों की संख्या कम होने की उम्मीद

फरीदाबाद में पुलिस का बड़ा खुलासा — डॉक्टर के ठिकाने से 2550 किलो विस्फोटक मिला

फरीदाबाद जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉक्टर मुज्जमिल शकील के दूसरे घर से भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। डॉक्टर मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातार यहां छापेमारी कर रही है। इसी छापेमारी के दौरान एक इमाम को गिरफ्तार करने की सूचना है। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल इस इमाम के सम्पर्क में था। रिपोर्ट के मुताबिक अब पुलिस को 2563 किलोग्राम विस्फोटक मिला है। ये घर भी डॉ मुज्जमिल ने किराय पर लिया हुआ था जो धोज से 4 किलोमीटर दूर फतेहपुर तागा गांव में स्थित है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक बरामद की गई सामग्री शायद अमोनियम नाइट्रेट है। फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस सुबह से ही इस घर पर छापेमारी कर रही है।फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज औरअस्पताल में कार्यरत शकील को हाल ही में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। 2 डॉक्टरों समेत 7 लोग गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएस) संगठनों के एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो डॉक्टरों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए इस अभियान में आईईडी बनाने की 2,900 किलोग्राम सामग्री के अलावा अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो डॉक्टर शामिल हैं। उनके पास से पहले हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। इनमें से एक चिकित्सक फरीदाबाद का है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने यहां कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह मॉड्यूल प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और एजीयूएच से जुड़ा था। इस अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में समन्वित छापेमारी के दौरान आतंकवादियों की गिरफ्तारी की गई और हथियारों, गोला-बारूद एवं विस्फोटकों का भारी जखीरा बरामद किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि 19 अक्टूबर को शहर के बनपोरा नौगाम इलाके में विभिन्न स्थानों पर जैश-ए-मोहम्मद के कई पोस्टर चिपके हुए पाए गए, जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकाने एवं डराने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि इसी के अनुसार पुलिस थाना नौगाम में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम) अधिनियम , बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। प्रवक्ता ने कहा, जांच से एक सफेदपोश आतंकवादी तंत्र का पता चला है जिसमें कट्टरपंथी पेशेवर और छात्र शामिल हैं। ये पाकिस्तान और अन्य देशों से काम कर रहे विदेशी आकाओं के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि यह समूह विचारधारा का प्रसार करने, समन्वय करने, धन का लेन देन करने और साजो-सामान की व्यवस्था के लिए ‘एन्क्रिप्टेड’ (गुप्त) माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक/धर्मार्थ कार्यों की आड़ में पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के जरिए धन जुटाया गया। आरोपी व्यक्ति लोगों को कट्टरपंथी बनाने, आतंकवादी संगठनों में भर्ती करने, धन जुटाने, साजो-सामान की व्यवस्था करने, हथियार/गोला-बारूद और आईईडी तैयार करने की सामग्री जुटाने में शामिल पाए गए। जांच के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवक्ता ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान श्रीनगर के नौगाम निवासियों आरिफ निसार डार उर्फ ​​साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ ​​शाहिद, शोपियां निवासी मौलवी इरफान अहमद (एक मस्जिद के इमाम), गंदेरबल में वकुरा इलाके के निवासी जमीर अहमद अहंगर उर्फ ​​मुतलशा, पुलवामा के कोइल इलाके के निवासी डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी उर्फ ​​मुसैब और कुलगाम में वानपोरा इलाके के निवासी डॉ. आदिल के रूप में की गई है। डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी के पास से लगभग 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया है। इस विस्फोटक के अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है। फरीदाबाद स्थित उसके किराए के मकान से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। गनी अल फलाह विश्वविद्यालय में शिक्षक है। इससे पहले, फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने चिकित्सक को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि यह चिकित्सक श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में भी वांछित था। श्रीनगर में पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कुछ और लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनका पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गंदेरबल और शोपियां जिलों में कई जगहों पर छापे मारे। उन्होंने बताया कि इसी तरह जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर सहारनपुर में भी छापे मारे। अब तक की जांच में आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, हथियार/गोला-बारूद और आईईडी बनाने की सामग्री बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि जो सामान बरामद हुआ है उनमें कारतूस के साथ एक चीनी स्टार पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, एके 56 राइफल, एके क्रिंकोव राइफल के अलावा विस्फोटक, रसायन, ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर और धातु की चादरों समेत आईईडी बनाने की 2,900 किलोग्राम सामग्री शामिल है। प्रवक्ता ने बताया कि धन के प्रवाह के संबंध में वित्तीय जांच जारी है और यह पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि इससे और कौन जुड़ा है।

गोरखपुर से सीएम योगी का बड़ा फैसला — हर स्कूल में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एकता पदयात्रा के दौरान बड़ा एलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित और जरूरी गायन किया जाएगा। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम नागरिकों में भारत माता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और गौरव की भावना को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। हम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल और शिक्षण संस्थान में इसका गायन अनिवार्य करेंगे।" सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बांटने वाले तत्वों की पहचान करना हमारा कर्तव्य है। ये नए जिन्ना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में फिर कभी कोई नया जिन्ना न उभरे; विभाजनकारी इरादे को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना होगा। गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एकता यात्रा' और 'वंदे मातरम' सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर को देशभर के हर जिले में 'रन फ़ॉर यूनिटी' के रूप में राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौरान, भाजपा ने भी महान वल्लभभाई पटेल के जीवन और कार्यों पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया। सरकारी स्तर पर भी कई कार्यक्रम शुरू किए गए। चाहे स्वदेशी की बात हो या आत्मनिर्भरता के कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता के मुद्दों को संबोधित करने वाली पहल को आगे बढ़ाया गया है, साथ ही देश भर में व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाए गए हैं…"  

आज से रीवा-दिल्ली फ्लाइट शुरू, सीएम बोले – विंध्य की प्रगति अब आसमान छू रही है

रीवा  विंध्यवासियों का लंबे समय से इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। सोमवार से रीवा से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से वर्चुअली जुड़कर 72 सीटर विमान सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही रीवा अब सीधे राजधानी दिल्ली से हवाई मार्ग से जुड़ गया है। इसके पहले गत 28 अक्टूबर को रीवा एयरपोर्ट पर एटीआर-72 विमान का सफल ट्रायल हुआ था, जिसे रीवा के पायलट राघव मिश्रा ने उड़ाया था। ट्रायल की सफलता के बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई और नियमित उड़ानों का मार्ग प्रशस्त हो गया। जल्द ही इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा शुरू की जाएगी। पीएम मोदी ने संदेश प्रेषित कर दी शुभकामनाएं एयरपोर्ट पर आयोजित उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्र, सांसद गणेश सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक रीति पाठक, नरेन्द्र प्रजापति समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पत्र के माध्यम से रीवा वासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। पहले यहां ट्रेन से सफर भी मुश्किल था : सीएम इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विंध्यवासियों को बधाई दी और कहा कि एक समय था जब विंध्य क्षेत्र में कोई हवाई की कल्पना भी नहीं करता था। यहां बड़े-बड़े नेता सीएम तक रहे, लेकिन रेल का सफर भी मुश्किल था। मैं अपनी बात करता हूं कि कभी रीवा ट्रेन से आने के लिए भी सोचना पड़ता था। लेकिन एक आज का दौर है कि रीवा वायु सेवा से पूरी तरह जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक क्षेत्र में तो अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ही लेकिन इसके साथ ही मैहर, चित्रकूट, खजुराहो और अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थल से भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। जल्द ही हेलीकॉप्टर की सुविधा भी प्रदान करेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले से ही एयर एम्बुलेंस की सुविधाएं प्रदेश भर में पहुंचाई जा रही हैं। 'रीवा के विकास को पंख लगेंगे' डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि अब रीवा रीवा से दिल्ली के लिए उड़ान संचालित होगी। जिसकी हम कभी कल्पना किया करते थे। आज वह सपना साकार हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपना संदेश भेजकर रीवावासियों की खुशियों में चार चांद लगा दिए हैं। हम सब उनके इस संदेश और प्यार के लिए उनके आभारी हैं। रीवा एयरपोर्ट से अब यात्री मात्र दो घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे। आम लोगों के साथ व्यापारियों को सुविधा मिलेगी और आने वाले समय में रीवा के विकास को पंख लगेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि आज का दिन विंध्य के लिए ऐतिहासिक है। हवाई सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। रीवा के जलप्रपातों, मंदिरों और नेशनल पार्कों तक देश-विदेश के पर्यटक आसानी से पहुंच पाएंगे।उन्होंने बताया कि रीवा से दिल्ली और इंदौर की सीधी उड़ानें क्षेत्र के व्यापार को नई दिशा देंगी। पहले व्यापारियों को प्रयागराज या बनारस जाना पड़ता था, लेकिन अब डायरेक्ट कनेक्टिविटी से समय और संसाधन दोनों बचेंगे। सीएम मोहन यादव ने कहा कि एक समय था जब विंध्य क्षेत्र में कोई हवाई की कल्पना भी नहीं करता था। यहां बड़े-बड़े नेता सीएम तक रहे लेकिन रेल का सफर भी मुश्किल था। मैं अपनी बात करता हूं कि कभी रीवा ट्रेन से आने के लिए भी सोचना पड़ता था। लेकिन एक आज का दौर है कि रीवा वायु सेवा से पूरी तरह जुड़ चुका है। यह औद्योगिक क्षेत्र में तो अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ही लेकिन इसके साथ ही मैहर, चित्रकूट, खजुराहो और अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थल से भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। जल्द ही हेलीकॉप्टर की सुविधा भी प्रदान करेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले से ही एयर एम्बुलेंस की सुविधाएं प्रदेश भर में पहुंचाई जा रही हैं। मैं विंध्य क्षेत्र के सभी जन प्रतिनिधियों को भी बधाई देना चाहता हूं। एक नजर एयरपोर्ट के सफर पर रीवा एयरपोर्ट के विकास के साथ आज का दिन विन्ध्य के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हो गया है। विन्ध्यवासियों की हवाई सेवा का सपना तो पिछले साल ही पूरा हो गया था। अब 72 सीटर हवाई जहाज से सीधे नई दिल्ली जाने आने की सुविधा मिल गई। शीघ्र ही इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा शुरू होने वाली है। रीवा एयरपोर्ट का शिलान्यास गत 15 फरवरी 2023 को तत्कालयीन केन्द्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा तत्कालीयन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था।   आज का दिन ऐतिहासिक : डिप्टी सीएम इस मौके पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। हवाई सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। रीवा के जलप्रपातों, मंदिरों और नेशनल पार्कों तक देश-विदेश के पर्यटक आसानी से पहुंच पाएंगे।उन्होंने बताया कि रीवा से दिल्ली और इंदौर की सीधी उड़ानें क्षेत्र के व्यापार को नई दिशा देंगी। पहले व्यापारियों को प्रयागराज या बनारस जाना पड़ता था, लेकिन अब डायरेक्ट कनेक्टिविटी से समय और संसाधन दोनों बचेंगे। रीवा एयरपोर्ट के विकास पर एक नजर रीवा एयरपोर्ट का शिलान्यास 15 फरवरी 2023 को तत्कालीन केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। इसके लिए 65 एकड़ मौजूदा हवाई पट्टी के साथ 258 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2024 को वर्चुअली एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था, जिसके बाद रीवा से जबलपुर, भोपाल, खजुराहो और सिंगरौली के लिए एयर टैक्सी सेवा शुरू हुई थी।  

4000 मौतों के बाद हरियाणा पुलिस ने कसा शिकंजा, शराब पीने वाले जाएंगे जेल

चंडीगढ़  हरियाणा के DGP ओपी सिंह चार्ज संभालने के बाद लगातार एक्शन मोड में हैं और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं। जिससे उनकी चर्चा भी खूब हो रही है। वहीं इसी के साथ ही अब DGP ने प्रदेश में सड़कों पर हादसों की वजह बनने वाले लोगों पर भी अपनी नजर गड़ा ली है। DGP ओपी सिंह ने हरियाणा पुलिस के सभी चौकी इंचार्ज, एसएचओ एवं डीएसपी और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों व कर्मियों को निर्देशित करते हुए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में डीजीपी ने प्रदेश में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 15 से 20 दिन जेल भेजने की बात कही है। साथ ही जो टक्कर मारकर भाग जाते हैं ऐसे गाड़ी चालकों को साल- 2 साल जेल की हवा खिलाने को कहा है। साथ ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल करने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि ओवरस्पीडिंग करने वालों को नाके लगाकर दबोचें और बेदर्दी से उनका चालान ठोंके। क्योंकि ऐसे सिरफिरों की वजह से सड़कें फायरिंग रेंज से भी ज़्यादा खतरनाक हो जाती हैं। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में हर साल हत्याओं से ज्यादा हादसों में लोग मारे जा रहे हैं और यह संख्या बहुत ज्यादा है। हरियाणा पुलिस को एडवाइजरी जारी करते हुए DGP ने लिखा है, ''इस साल जनवरी-अक्टूबर की अवधि में हरियाणा में लगभग 4,000 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। ये राज्य में इस अवधि में हत्या में हुईं 800 मौतों से पांच गुना ज्यादा हैं। मरने वाले ज्यादातर बीस-तीस साल के होते हैं, घर की रोटी कमा रहे होते हैं। इसके अलावा घायलों की संख्या इसे कहीं ज़्यादा है। उनके इलाज में लाखों खर्च होते हैं। कई तो पूरी उम्र के लिए अपाहिज हो जाते हैं।'' DGP ने आगे लिखा, ''मैं चाहूँगा कि हरियाणा पुलिस इसे एक मानव-निर्मित आपदा समझे जिसे प्रयास से कम किया जा सकता है। अपेक्षा है कि अपने इलाके में ब्लाइंडस्पॉट/एक्सीडेंट हॉटस्पॉट की पहचान की जाये। वहां हो रहे हादसे के कारणों का पता करें और यह तय करें कि वहां हादसों को रोका जा सके। साथ ही ये सुनिश्चित करें कि सड़क पर ख़राब होकर कोई गाड़ी खड़ी ना रहे। उसे सड़क से फौरन हटवायें। जब तक गाड़ी नहीं हटती, तब तक रिफ्लेक्टिव टैप वाले कोन लगायें, जिससे कि खड़ी गाड़ी दूर से दिखाई दे।'' DGP ओपी सिंह के नये आदेश में क्‍या-क्‍या कहा गया है, आइये जानते हैं… डीजीपी ने अपने संदेश में बताया कि जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच हरियाणा में करीब 4,000 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई, जो इसी अवधि में हुई हत्या की घटनाओं (लगभग 800 मौतें) से 5 गुना ज्यादा हैं. इनमें से ज्यादातर मृतक 20 से 30 वर्ष के युवाजन हैं- यानी वही लोग जो घर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान करें, शराबियों को जेल भेजें डीजीपी ओपी सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ब्लाइंड स्पॉट और एक्सीडेंट हॉटस्पॉट्स की पहचान करें और हादसों के कारणों को चिन्हित कर उन्हें दूर कराएं. उन्होंने कहा कि सड़क पर खराब वाहन नहीं रुकने चाहिए. अगर मजबूरी में कोई वाहन खड़ा है तो उसके आगे रिफ्लेक्टिव कोन लगाकर सुरक्षा सुनिश्चित करें. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 15 से 20 दिन जेल भेजें. ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए प्रभावी नाके लगाएं और बेदर्दी से चालान ठोंकें. ऐसे सिरफिरे सड़क को फायरिंग रेंज से भी ज्यादा खतरनाक बना देते हैं. डीजीपी ने आदेश दिया कि हाईवे के किनारे मौजूद शराब के ठेकों पर शाम के समय पुलिस ड्यूटी लगाई जाए, ताकि कोई भी ड्राइवर शराब पीकर वाहन न चलाए. ठेका संचालकों को आदेश दिया गया है कि वे “ड्रिंक एंड ड्राइव” के खिलाफ हिंदी में चेतावनी संदेश चलाएं. ट्रक ऑपरेटरों को चेतावनी, टू-व्हीलर और पैदल चलने वालों के लिए क्‍या कहा.. ओपी सिंह ने ट्रक ऑपरेटरों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कई ड्राइवर लगातार बिना आराम किए लंबी दूरी तय करते हैं, जिससे हादसे की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने आदेश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ड्राइवर प्रशिक्षित हों और पर्याप्त विश्राम लें. डीजीपी ने बताया कि हादसों में मरने वालों में अधिकांश पैदल यात्री और दोपहिया चालक हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे इलाकों में विशेष पुलिस ड्यूटी लगाई जाए और टक्कर मारकर भागने वाले ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई की जाए. दो साल तक की जेल और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए. सड़क निर्माण विभाग को भी जिम्मेदार ठहराया सड़क निर्माण विभाग को भी कटघरे में रखते हुए उन्होंने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करे कि सही साइनेज, रोड डिजाइन, और कट्स तय मानकों के अनुसार हों. किसी बड़ी दुर्घटना में अगर इंजीनियरिंग डिज़ाइन में गलती पाई गई, तो विभागीय इंजीनियरों की आपराधिक जिम्मेदारी तय की जाएगी. धुंध के मौसम को लेकर एक्टिव हो जाएं सर्दियों में बढ़ती धुंध को देखते हुए डीजीपी ने कहा कि सड़क पर खड़े वाहन मौत के जाल साबित हो सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर किसी क्षेत्र में ऐसी वजह से हादसा हुआ तो इसे पुलिस की लापरवाही माना जाएगा. उन्होंने पुलिस से अपेक्षा की कि किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आधे घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचाया जाए और अस्पतालों से लगातार संपर्क में रहकर सही इलाज सुनिश्चित किया जाए. डीजीपी ने कहा कि नवंबर-दिसंबर में पिछले वर्ष के मुकाबले सड़क हादसों की संख्या कम करने वालों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा और बड़ा खाना समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा. वहीं डीजीपी ने आगे कहा, ''शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पंद्रह-बीस दिन के लिए जेल जरूर भेजें। जहां ओवरस्पीडिंग की संभावना है वहां इफेक्टिव नाके लगायें, बेदर्दी से चालान ठोंके। ऐसे सिरफिरों की वजह से सड़कें फायरिंग रेंज से भी ज़्यादा खतरनाक हो जाती है। साथ ही ट्रक ऑपरेटरों से मिलकर ये तय करायें कि उनके ड्राइवर प्रशिक्षित हैं और उनके यहाँ ड्राइवरों को जरूरी आराम देने की प्रथा है। टारगेट टाइम पूरा करने के चक्कर में गाड़ियाँ चौबीसो घंटे चलती रहती है। ऐसे में दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्हें बतायें कि जाँच की आँच उन … Read more